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एडवोकेट धामी ने रेनोवेशन के बाद गुरुद्वारा प्रिंटिंग प्रेस का उद्घाटन किया

अमृतसर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजमेंट में चल रहे गुरुद्वारा प्रिंटिंग प्रेस के रेनोवेशन के बाद, SGPC प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह ने आज जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में इसका उद्घाटन किया। इससे पहले, श्री सुखमणि साहिब का पाठ हुआ और हजूरी रागी जत्थे ने गुरबानी कीर्तन किया। इस मौके पर SGPC प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि SGPC द्वारा मैनेज किए जाने वाले गुरुद्वारा साहिबों की पूरी स्टेशनरी गुरुद्वारा प्रिंटिंग प्रेस के ज़रिए ही प्रिंट होती है। उन्होंने कहा कि समय की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए प्रिंटिंग के काम को और बेहतर बनाने के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी वाली मशीनें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रिंटिंग प्रेस के रेनोवेशन के काम की सेवा बाबा सतनाम सिंह कारसेवा किला आनंदगढ़ साहिब वाले ने की है। इस मौके पर SGPC प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बाबा सतनाम सिंह को सम्मानित भी किया। इस मौके पर बाबा सतनाम सिंह कारसेवा किला आनंदगढ़ साहिब वाले, SGPC मेंबर गुरमीत सिंह बूह, भाई अजैब सिंह अभयशी, OSD सतबीर सिंह, सेक्रेटरी बलविंदर सिंह काहलवां, पर्सनल सेक्रेटरी शाहबाज सिंह, डिप्टी सेक्रेटरी हरभजन सिंह वक्ता, मनजीत सिंह तलवंडी, एक्स-एजेंसी जतिंदरपाल सिंह और सुखजिंदर सिंह, इंचार्ज ओंकार सिंह, गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब मैनेजर जतिंदरपाल सिंह, गोल्डन ऑफसेट प्रेस मैनेजर संदीप सिंह, इंचार्ज मलकीत सिंह, गुरुद्वारा प्रिंटिंग प्रेस मैनेजर हरमिंदर सिंह माहिया, JE शमशेर सिंह और दूसरे लोग मौजूद थे।

राजेश अग्रवाल ने रायपुर में ‘अग्रोहा पैलेस’ का भूमिपूजन किया, पर्यटन क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन 150 अत्याधुनिक कमरों सहित भव्य परिसर से मध्य भारत में बनेगी नई पहचान सेवा और सामाजिक चेतना का बनेगा नया केंद्र रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में प्रस्तावित ‘अग्रोहा पैलेस’ का विधिवत भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परम पूज्य महाराजा अग्रसेन जी के वंशज होने का गौरव केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एक पुनीत उत्तरदायित्व भी है। सेवा, त्याग और लोकमंगल की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह परियोजना समाज के सामूहिक संकल्प और सहभागिता का प्रतीक बनेगी। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि किसी भी भवन की सार्थकता केवल उसके भौतिक स्वरूप में नहीं, बल्कि उसमें निहित सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण में होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि समस्त समाज के सहयोग से निर्मित ‘अग्रोहा पैलेस’ आने वाले समय में जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह भव्य परिसर 150 अत्याधुनिक कमरों, विशाल हॉल तथा सर्वसुविधायुक्त लॉन से सुसज्जित होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अग्र समाज का इतिहास सेवा, समर्पण और लोककल्याण की गौरवशाली परंपरा से परिपूर्ण रहा है। हमारे पूर्वजों ने धर्मशालाएं, बावड़ियां और अन्न क्षेत्र बनाकर मानवता की सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी भवन केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि उसमें समाहित भावना, सहभागिता और सेवा के भाव से जीवंत बनता है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने ‘अग्रोहा पैलेस’ का किया भूमिपूजन सांसद अग्रवाल ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे इस प्रकल्प को सफल बनाने के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति को भी जोड़ें। साथ ही उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा, जरूरतमंद मरीजों के उपचार और बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देने का संकल्प लेने की अपील की, ताकि ‘अग्रोहा पैलेस’ वास्तव में समाज सेवा का जीवंत केंद्र बन सके। कार्यक्रम में अग्रवाल सभा अंबिकापुर के अध्यक्ष संजय मित्तल, अजय अग्रवाल, बाबूलाल गोयल, योगेश अग्रवाल, विनोद, कृष्ण कुमार, मनोज जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

कुपोषण पर प्रभावी अंकुश के लिए पोषण 2.0 का सफल क्रियान्वयन जरूरी: डॉ. रेणुका श्रीवास्तव

 पोषण 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन से ही कुपोषण पर लगेगा निर्णायक अंकुश : संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता, फंड उपयोग और कुपोषण मुक्ति पर विशेष फोकस रायपुर महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने आईसीडीएस अंतर्गत “सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0” कार्यक्रमों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रगति तथा जमीनी स्तर की चुनौतियों की विस्तार से समीक्षा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक बैठक में सुपोषण अभियान के तहत जारी फंड एवं उससे संबंधित समस्याओं पर विशेष चर्चा करते हुए  आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन तथा मानदेय भुगतान की स्थिति की जानकारी ली गई। संचालक ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आवंटित राशि का समयबद्ध एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। संचालक डॉ श्रीवास्तव ने 100 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों हेतु जारी आवंटन एवं व्यय की समीक्षा करते हुए निर्माण और संचालन कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए। बैठक में सेक्टर पर्यवेक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,सहायिकाओं के यात्रा भत्ता भुगतान की स्थिति पर भी चर्चा की गई। संचालक ने भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आवंटित राशि के उपयोग की समीक्षा करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कुपोषण उन्मूलन के लिए सभी जिलों को लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा। बैठक में सुपोषण योजना के तहत पोर्टल एंट्री कार्य की समीक्षा करते हुए डेटा एंट्री को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सैनिटरी वेंडिंग मशीन एवं इंसिनरेटर मशीन के स्थापना एवं सुधार कार्यों के लिए आवंटित राशि के उपयोग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।  वजन मशीनों की मरम्मत एवं रखरखाव हेतु प्राप्त आवंटन एवं व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी जिलों को आवश्यक उपकरणों को सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए गए। संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम हितग्राही तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और फील्ड स्तर पर सक्रियता बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारी  और संचालनालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

2938 स्थानों पर जांच, 4547 गैस सिलेंडर जब्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन

अब तक 2938 स्थानों पर हुई जाँच, 4547 गैस सिलेण्डर किये गये जब्त भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2938 स्थानों पर जांच की गई, 4547 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 12 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 765 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 2 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। इससे उन्हें गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गैस की सतत आपूर्ति होगी। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि किसी तरह का भ्रम नहीं पालें। पीएनजी पूरी तरह से सुरक्षित है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माइग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन, सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को उनके यहां रजिस्‍टर्ड 44 कम्‍प्रेस्‍ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्‍ट को चालू करने के निर्देश दिये गये हैं। इसी प्रकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 44 जिलों में 136 बायोगैस प्‍लांट संचालित होना बताया गया है। इन बायोगैस प्‍लांटों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिये गये हैं। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस का प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कॉमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत् रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाइप लाइन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्त नहीं कर रहे है, ऐसे घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस के लिये सभी सीजीडी संस्था एवं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगाए जाएं, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिका‍री को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाइन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाइन डालकर कनेक्श‍न का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य् के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशानुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाइन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कॉमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइप लाइन बिछाने की आरओयू स्वी्कृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्यं प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाइप लाइन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाइप लाइन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये हैं।  

नेशनल लोक अदालत के लिए डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज मोहाली की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए मीटिंग

मोहाली, नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, नई दिल्ली के जारी शेड्यूल के मुताबिक, 9 मई को अतुल कसाना, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज, SAS नगर की लीडरशिप में डिस्ट्रिक्ट SAS नगर की सभी कोर्ट में नेशनल लोक अदालत लगाई जाएगी। इस लोक अदालत में राजीनामा लायक क्रिमिनल केस, चेक बाउंस केस, बैंक रिकवरी केस, शादी के झगड़े, MACT केस, लेबर झगड़े, ज़मीन खरीदने के केस, बिजली और पानी के बिल से जुड़े केस, रेवेन्यू डिपार्टमेंट के केस और दूसरे सभी सिविल केस सुने जाएंगे। इस बारे में, अतुल कसाना, डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, SAS नगर समय-समय पर सेंट्रल और पंजाब गवर्नमेंट के अलग-अलग डिपार्टमेंट जैसे टेलीकॉम डिपार्टमेंट, बैंक, इंश्योरेंस कंपनी, बिजली डिपार्टमेंट और वाटर सप्लाई और सैनिटेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। उन अधिकारियों से अपील की गई है कि वे अपने डिपार्टमेंट से जुड़े पेंडिंग केस 09.05.2026 को होने वाली नेशनल लोक अदालत के ज़रिए हल करवा लें। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे केस जो अभी तक किसी कोर्ट में फाइल नहीं हुए हैं, लेकिन ऊपर बताई गई कैटेगरी में आते हैं, उन्हें भी लोक अदालत में पेश करके हल करवाया जा सकता है। इस मौके पर, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, SAS नगर की सेक्रेटरी अमनदीप कौर ने लोक अदालतों के फ़ायदों के बारे में बताया और कहा कि लोक अदालत में केस के निपटारे के बाद दी गई कोर्ट फ़ीस वापस कर दी जाती है और इन फ़ैसलों के ख़िलाफ़ कोई अपील नहीं होती।  

केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से कहा जस्टिस का मिसकैरिज होगा, जज ने नियम का हवाला देते हुए टाला फैसला

नई दिल्ली जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को कथित शराब घोटाले से जुड़े केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए, इसके लिए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को एक बार फिर हाई कोर्ट में पेश हुए और सीबीआई के लिखित जवाब को लेकर अपना रिजॉइंडर स्वीकार किए जाने की गुजारिश की। अदालत ने केजरीवाल को प्रक्रिया की याद दिलाई पर उनके जवाब को स्वीकार कर लिया है और फैसले को दो घंटे के लिए टाल दिया। केजरीवाल ने कहा, ‘आपने अनुमति दी थी मैम की रिजॉइंडर फाइल कर दो। रजिस्ट्री स्वीकार नहीं कर रही है। वह आदेश में नहीं आया। अगर हमारे रिजॉइंटर को रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया। ’मिसकैरिज ऑफ जस्टिस' हो जाएगा।' जज ने इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा, 'बार बार ये नहीं बोलना चाहिए कि 'मिसकैरिज ऑफ जस्टिस' हो जाएगा, क्योंकि अदालत ने प्रक्रिया से बाहर जाकर आपका हलफनामा रिकॉर्ड पर लिया। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल को नियमों की याद दिलाते हुए कहा, 'रजिस्ट्री आपकी याचिका इसलिए स्वीकार नहीं करती क्योंकि खुद आप अपनी पैरवी कर रहे हैं। इसलिए आपको ही पेश होना पड़ेगा। रिजस्ट्री का एक नियम है और आपको फॉलो करना पड़ेगा। आपको पहले यहां से मंजूरी लेनी पड़ेगी। यह कोई असाधारण केस नहीं है। हमने आपको लिखित जवाब की कॉपी दी। रिजॉइंडर कभी उसका फाइल नहीं होता है। जिस दिन आप कोर्ट से गए थे अनुमति लेकर गए थे। आपने कहा कि आप मेरा सम्मान करते हैं। मैं हर वादी का सम्मान करती हूं। मैं इसे लिखित जवाब के रूप में रिकॉर्ड पर लूंगी। चूंकि फैसला 2:30 तक सुरक्षित है, मैं उसमें विचार करूंगी।' दो घंटे के लिए टला फैसला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, 'मैं इसे लिखित दलीलों के रूप में रिकॉर्ड पर ले रही हूं। केजरीवाल द्वारा पक्षपात का आरोप लगाने के कारण उन्हें यह छूट दी जा रही है। चूंकि फैसला 2:30 बजे सुनाया जाना है, और उनके द्वारा हलफनामा दिए जाने के मद्देनजर, फैसला अब 4:30 बजे सुनाया जाएगा।' केजरीवाल ने रिजॉइंडर में क्या कहा है? अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई की ओर से दाखिल जवाब के प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) में कहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने अटकलों, डर फैलने वाले बयानों और अपमानजनक आरोपों का सहारा लिया लेकिन जस्टिस शर्मा के बच्चों के सरकारी पैनल में होने को लेकर पक्षपात के आरोपों पर कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीबीआई इस मामले की सुनवाई केवल एक माननीय जज से करवाकर पूरी न्यायपालिका को बदनाम करना चाहती है।' केजरीवाल ने सीबीआई के उन आरोपों का विरोध किया कि वह 'दबाव बनाना चाहते हैं' और 'मामलों को लंबित रखना चाहते हैं' और 'बदनाम करने के लिए कैंपेन चला रहे हैं।'उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया है। केजरीवाल ने अपने रिजॉइंडर में कहा है कि सीबीआई ने खुद स्वीकार किया है कि केंद्र सरकार की कानूनी व्यवस्था और जस्टिस शर्मा के परिवार के बीच सक्रिय व्यावसायिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि खुद सीबीआई के मुताबिक, जस्टिस शर्मा के बच्चे पैनल में निष्क्रिय नाम नहीं है बल्कि सरकार से कानूनी काम हासिल कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने सीबीआई की उन दलीलों का भी विरोध किया कि जिसमें एजेंसी ने कहा कि केजरीवाल की दलीलों के आधार पर तो 'सभी जज अयोग्य हो जाएंगे।' उन्होंने कहा, 'तथ्यों पर जवाब देने के बजाय सीबीआई ने कहा कि 'देश के सभी जज अयोग्य हो जाएंगे' यह विवाद को बढ़ाने और पूरी न्यायपालिका को घसीटने की कोशिश है।'

Panipat Crisis: फायर ब्रिगेड कर्मी हड़ताल पर, सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे होमगार्ड

पानीपत. जिले में इन दिनों आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खेतों से लेकर खाली प्लॉट और अन्य स्थानों तक, रोजाना तीन से चार जगह आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को भी कृषि विज्ञान केंद्र के पीछे गेहूं के खेत में आग लगने से फसल जलकर राख हो गई, जबकि शहर और आसपास के क्षेत्रों में तीन से अधिक स्थानों पर अज्ञात कारणों से आगजनी की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं के बीच अग्निशमन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी असर साफ दिख रहा है। विभाग के 105 अस्थायी कर्मचारी पिछले 12 दिनों से हड़ताल पर हैं, जिसके चलते आग बुझाने का जिम्मा काफी हद तक होमगार्ड के भरोसे चल रहा है। हालांकि होमगार्ड के जवान पूरी तरह प्रशिक्षित न होने के कारण आग पर काबू पाने में अपेक्षित दक्षता नहीं दिखा पा रहे हैं। रविवार को कृषि विज्ञान केंद्र के पीछे गेहूं के खेत में लगी आग को बुझाने में दमकल विभाग को करीब एक घंटा लगा। इस दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ। वहीं, अन्य स्थानों पर लगी आग की सूचनाएं मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन सीमित स्टाफ के चलते हर घटना से निपटना चुनौती बना हुआ है। हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष रणवीर नांदल के अनुसार, कर्मचारियों को रिस्क एलाउंस न मिलने और सुरक्षा की कमी के कारण यह हड़ताल जारी है। उन्होंने फरीदाबाद की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि आग बुझाते समय दो फायरमैन की मृत्यु हो गई थी, लेकिन उनके परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के दौरान कर्मचारियों की जान जोखिम में रहती है, लेकिन हादसे की स्थिति में सरकार की ओर से पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। उधर, जिला अग्निशमन अधिकारी गुरमेल सिंह का कहना है कि आग की सूचना मिलते ही तुरंत दमकल गाड़ियां भेजी जा रही हैं और स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए होमगार्ड की मदद ली जा रही है। बावजूद इसके, लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाएं और सीमित संसाधन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

Patiala Police Under Scanner: CCTV न लगाने पर हाईकोर्ट सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

पटियाला. थाने में सी.सी.टी.वी. कैमरे न लगाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में दायर एक कंटेम्प्ट पटीशन के चलते पंजाब पुलिस घिरती नजर आ रही है। हाई कोर्ट ने इस मामले में पंजाब पुलिस के डी.जी.पी. सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस संबंध में पटियाला जेल में बंद कैदी अमन प्रजापत ने अपने वकील एडवोकेट मयूर करकड़ा के माध्यम से पटीशन दायर की थी। नोटिस जारी होने के बाद एडवोकेट मयूर करकड़ा ने बताया कि उनके क्लाइंट अमन प्रजापत ने पंजाब पुलिस के खिलाफ पटीशन दायर कर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पटीशन में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के हर पुलिस थाने और चौकी में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना अनिवार्य किया था, लेकिन पटियाला पुलिस ने इन आदेशों की अवहेलना करते हुए कैमरे नहीं लगाए। पटीशनर की ओर से वकील मयूर करकड़ा ने अदालत में पक्ष रखा। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने नोटिस ऑफ मोशन जारी करते हुए पंजाब पुलिस को 30 अप्रैल 2026 तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। करकड़ा ने बताया कि यह मामला एफआईआर नंबर 28 दिनांक 28.03.2024 से संबंधित है, जो एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत थाना सदर पटियाला में दर्ज हुई थी। पटीशनर का आरोप है कि पुलिस पोस्ट बहादुरगढ़ में सी.सी.टी.वी. कैमरे नहीं लगे थे, जिसके कारण उसके केस से जुड़े अहम सबूत उपलब्ध नहीं हो सके। ट्रायल के दौरान पुलिस गवाहों ने भी स्वीकार किया कि संबंधित पुलिस पोस्ट पर सी.सी.टी.वी. कैमरे मौजूद नहीं थे, जिससे कंप्लायंस रिपोर्ट पर सवाल खड़े होते हैं। पटीशनर ने इसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताते हुए पटियाला जिले में सी.सी.टी.वी. व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की है। यह भी उल्लेखनीय है कि इस केस की पैरवी पटियाला की अदालत में आपराधिक मामलों के वरिष्ठ वकील सतीश करकड़ा कर रहे हैं और मामला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरजीत सिंह की अदालत में विचाराधीन है।

Chess Rising Stars: नक्सलगढ़ के मयंक और अयांश ने अंडर-15 और अंडर-11 में मारी बाजी

बस्तर. जगदलपुर के निर्मल विद्यालय में आयोजित द चेस नेशन शतरंज चैम्पियनशिप 2026 का भव्य समापन हुआ, जहां प्रदेशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर बस्तर की बदलती तस्वीर को नई पहचान दी। ओपन वर्ग में रायपुर के सालिक नवाज मणिहार ने पहला स्थान हासिल कर ₹11 हजार जीते। बिलासपुर के रूपेश कुमार मिश्रा दूसरे और दुर्ग के यशद बंबेश्वर तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में अलंक्रुता मोहराना ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनकर बाजी मारी। अंडर-15 वर्ग में कोंडागांव के मयंक श्रीवास्तव विजेता रहे, जबकि जगदलपुर के एजीकियल सर्विन एक्का दूसरे और अथर्व मेश्राम तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में आयुषी राठी सर्वश्रेष्ठ रहीं। अंडर-11 वर्ग में जगदलपुर के अयांश दीक्षित ने पहला स्थान पाया। वेदांत शुक्ला दूसरे और सिद्धार्थ राव तीसरे स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में बृष्टि साहा ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बस्तर अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन साबित करता है कि बस्तर की नई पीढ़ी अब बंदूक नहीं, बुद्धि की ताकत से पहचान बना रही है।

मोनालिसा गर्भवती, केरल से खाली हाथ लौटी MP पुलिस, पेशी की संभावना नहीं

खंडवा  प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान वायरल हुई मोनालिसा भोंसले और उसके पति मोहम्मद फरमान को हिरासत में लेने के लिए कुछ दिन पहले केरल के कोच्चि पहुंची मध्य प्रदेश पुलिस की एक टीम को वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार फरमान ने पुलिस को बताया कि मोनालिसा गर्भवती है इसलिए वह पुलिस के सामने तुरंत पेश होने में असमर्थ है। जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस फिलहाल वहां से लौट गई। इस टीम में एक महिला अधिकारी सहित कुल पांच सदस्य थे। मनोरमा न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार MP पुलिस की टीम 17 मार्च को यहां पहुंची थी और इस जोड़े का पता लगाने में नाकाम रही। इसके अलावा पुलिस को फरमान के एक दोस्त जोशुआ की तलाश थी, हालांकि उसे खोज पाने में भी पुलिस नाकाम रही। जोशुआ पर आरोप है कि उसने शादी कराने से लेकर वहां रहने का इंतजाम करने तक में इस जोड़े की मदद की। फरमान ने दी MP पुलिस को जानकारी रिपोर्ट के अनुसार MP से आई महेश्वर पुलिस एक महिला सब-इंस्पेक्टर को मोहम्मद फरमान ने अपनी पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी दी। इस जोड़े ने 11 मार्च को तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में शादी की थी। इसके तुरंत बाद, लड़की के पिता ने मध्य प्रदेश में एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि लड़की की उम्र सिर्फ 16 साल है। इसके बाद मोहम्मद फरमान के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, लड़की का दावा है कि वह बालिग है। मोनालिसा ने सरकार से की थी सुरक्षा की मांग मध्य प्रदेश पुलिस के कोच्चि पहुंचने के बाद मोनालिसा ने केरल के मुख्यमंत्री और कोच्चि शहर के पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की थी। वहीं मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा जारी फरमान के गिरफ्तारी वारंट पर केरल हाई कोर्ट ने पहले ही आगे की कार्यवाही तक रोक लगा दी थी। यह रोक 20 मई तक के लिए लगाई गई है। ST आयोग की जांच में नाबालिग निकली थी मोनालिसा मध्य प्रदेश की रहने वाली मोनालिसा भोसले ने पिछले महीने तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में यूपी के पालरा के रहने वाले फरमान खान से शादी कर ली थी। इस मामले ने उस वक्त तूल पकड़ लिया था, जब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में मोनालिसा को नाबालिग पाया गया था। उधर लड़की के माता-पिता ने भी दावा किया था कि उनकी बेटी की उम्र अभी सिर्फ 16 साल है, जिसके बाद फरमान के खिलाफ महेश्वर पुलिस ने मोनालिसा के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। मोनालिसा खुद को बता रही 18 साल का MP पुलिस के कोच्चि पहुंचने पर मोनालिसा ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और कोच्चि के पुलिस कमिश्नर को एक आवेदन सौंपकर सुरक्षा की मांग की थी। उस आवेदन में मोनालिसा ने दावा किया है कि उसकी उम्र 18 साल है और आरोप लगाया था कि उसे जबरन मध्य प्रदेश ले जाने की कोशिशें की जा सकती हैं। ऐसे में उसने ऐसी किसी भी कोशिश को रोकने के लिए अपने और फरमान के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। इससे पहले लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 25 मार्च को मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में खान के खिलाफ कथित अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।