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रायपुर: कोरबा के बदलते रूप का हिस्सा, उद्योग मंत्री ने कहा- कोरबा रायफल शूटिंग रेंज है एक नई पहचान

रायपुर : बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है कोरबा रायफल शूटिंग रेंज – उद्योग मंत्री उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने स्टेडियम के पीछे निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का किया शुभारंभ  रायपुर प्रदेश के वाणिज्य उद्योग,  श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने शानिवार को कहा कि हमारा कोरबा शहर तेजी के साथ बदल रहा है, तेजी के साथ संवर रहा है तथा शहर को नित नई उपलब्धियॉं प्राप्त हो रही है। उन्होने कहा कि नगर निगम द्वारा स्थापित कोरबा रायफल शूटिंग रेंज बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है, एक और प्रमाण है, उन्होने कहा कि कोरबा के खिलाडि़यों, रायफल शूटिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने वाले यहॉं के युवाओं, बच्चों व शूटिंग प्रेमियों को रायफल शूटिंग रेंज की यह बड़ी सौगात देने के लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय व सभापति नूतन सिंह ठाकुर को बधाई एवं साधुवाद देता हूॅं।  बदलते कोरबा – संवरते कोरबा की एक और निशानी है कोरबा रायफल शूटिंग रेंज – उद्योग मंत्री     नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा टीपीनगर स्थित प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई है, यहॉं उल्लेखनीय है कि निगम के सभापति नूतन सिंह ठाकुर जो कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव भी हैं, के द्वारा आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के समक्ष प्रस्ताव रखा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया जाये, इस प्रस्ताव पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सहर्ष सहमति दी तथा कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज स्थापित किया। शनिवार को आयोजित एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य व महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में कोरबा रायफल शूटिंग रेंज का विधिवत शुभारंभ किया गया, उद्योग मंत्री देवांगन ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया एवं फीता काटा तथा रायफल्स की पूजा अर्चना की एवं रायफल से शूटिंग कर शूटिंग रंेज का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खेलों के विकास व खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये विशेष रूचि ले रहे हैं तथा हमारा देश खेलों के क्षेत्र में नित नई उपलब्धियॉं अर्जित कर रहा है, उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक में जनजातीय बालक एवं बालिका क्रीड़ा परिषद के निर्माण हेतु 10-10 करोड़ रूपये की स्वीकृत दी है। उन्होने आगे कहा कि जहॉं तक नगर निगम कोरबा का प्रश्न है तो निगम ने अपने मूलभूत दायित्वों के सफल निर्वहन एवं निगम क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ कोरबा में खेल सुविधायें बढ़ाने के लिये व्यापक पैमाने पर कार्य किये हैं, जिससे हर कोई परिचित है। उन्हेाने कहा कि जब मैं महापौर था तो हाकी के जादूगर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की प्रतिमा स्थापित की गई है तथा उस चौक का नाम मेजर ध्यानचंद चौक किया गया था, स्टेडियम के समीप स्वीमिंग पूल निर्मित हुआ था तथा ओपन थियेटर घंटाघर मैदान को संरक्षित किया गया, जहॉं पर नित नई क्रीडा गतिविधियॉं आज संचालित हो रहा है। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना से रायफल शूटिंग के खिलाडि़यों को एक बड़ी सुविधा मिल चुकी है, वे यहॉं पर प्रेक्टिस कर सकेंगे तथा नेशनल व इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुये कोरबा जिला व छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेगे। उन्होने कहा कि कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी को शूटिंग रेंज के विकास के लिये, यहॉं पर आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के लिये, जो भी आवश्यक होगा वह सहयोग निश्चित रूप से दिया जायेगा।  हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण   इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में रायफल शूटिंग रेंज की स्थापना की गई, आज उद्योग मंत्री देवांगन ने इसका शुभारंभ किया, यह हम सबके लिये प्रसन्नता व गर्व का क्षण है, हमें इस बात की विशेष खुशी है कि हमारे आयुक्त आशुतोष पाण्डेय खेलों में विशेष रूचि रखते हैं तथा खेलों के विकास हेतु जो भी सुझाव उनके समक्ष रखें जाते हैं, उस पर वे पूरी इच्छाशक्ति के साथ कार्य करते हैं। महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि कोरबा में खेल सुविधाओं की वृद्धि हेतु निगम ने उल्लेखनीय कार्य किये हैं, कोरबा रायफल शूटिंग रेंज के विकास हेतु एवं यहॉं पर बेहतर व अत्याधुनिक सुविधायें मुहैया कराने के लिये जो भी प्रस्ताव सामने लाया जायेगा, उस पर निश्चित रूप से काम होगा।  इस अवसर पर सभापति एवं कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी के सचिव नूतन सिंह ठाकुर  एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने  भी अपने विचार व्यक्त किये. कोरबा शहर के खिलाडि़यों शूटिंग प्रेमियों के लिये बड़ा तोहफा  कोरबा में खेलों के विकास में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका   इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नौशाद खान ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा में खेलों के विकास एवं खेल सुविधायें मुहैया कराने में नगर पालिक निगम कोरबा की सदैव महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसी कड़ी में आज कोरबा रायफल शूटिंग रंेज की यह सौगात भी शहर को मिल चुकी है, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री देवांगन, महापौर श्रीमती राजपूत व आयुक्त पाण्डेय को साधुवाद देता हूॅं। उन्होने कहा कि रायफल शूटिंग के खिलाड़ी यहॉं पर प्रेक्टिस करेंगे. बर्षो से उपेक्षित स्थल आज सुव्यवस्थित शूटिंग रेंज से हुआ सुसज्जित   टी.पी.नगर स्थित इंदिरा प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम के पीछे जिस स्थल पर शूटिंग रेंज स्थापित किया गया, वह स्थान बर्षो से उपेक्षित पड़ा था, कचरे का ढेर लगा था, वहॉं पर असामाजिक गतिविधियों की संभावना भी रहती थी, वह उपेक्षित पड़ा स्थल निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के प्रयास से आज सुव्यवस्थित रायफल शूटिंग रेंज के रूप में सुसज्जित हो चुका है, स्टेडियम के पीछे कबाड़ से भरा हाल कोरबा रायफल शूटिंग एकेडमी व इंडोर शूटिंग रेंज में तब्दील हो चुका है।  उत्कृष्ट खिलाडि़यों का हुआ सम्मान   इस मौके पर उद्योग मंत्री देवंागन, महापौर श्रीमती राजपूत व अन्य अतिथियों ने विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों का सम्मान किया। रायफल शूटिंग में श्रुति यादव, यामिनी बोर्डे, पीयूष सिंह, अजीत आनंद, आकाश सराफ व कोच नीरज निखिल, बास्केट बाल में  आयुष्मान तनोजिया, … Read more

भोपाल में लव जिहाद नेटवर्क का पर्दाफाश: हिंदू युवतियों का ब्रेनवाश कर किया जा रहा मतांतरण

भोपाल  भोपाल में तीन नाबालिग हिंदू किशोरियों के मतांतरण का मामला सामने आने के बाद फिर से राजधानी में मुस्लिम युवाओं के संगठित नेटवर्क का जिहादी चेहरा उजागर हुआ है। इस नेटवर्क से जुड़े लोग हिंदू युवतियों को झांसे में लेने के लिए हर स्तर पर अपराध करते हैं। पिछले दिनों स्पा और ब्यूटी पार्लर में भी इस नेटवर्क की करतूत उजागर हो चुकी है। इनमें नौकरी के बहाने हिंदू युवतियों से लव जिहाद को दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मतांतरण के माध्यम से सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया। दो मुस्लिम बहनें इस नेटवर्क की अहम किरदार थीं। कुछ पीड़िताओं की शिकायत पर जब दोनों बहनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उनका नेटवर्क अहमदाबाद से भी जुड़ा पाया गया। पूछताछ में ब्यूटी पार्लर संचालिका बहनों- अमरीन और आफरीन ने जो सच स्वीकारा वो बेहद इस जिहादी नेटवर्क की गहरी सुनियोजित साजिशों को बेनकाब करता है। अब तक सामने आ चुके मामलों में पाया गया है कि जरूरतमंद हिंदू युवतियों को पहले काम पर रखा जाता है, फिर ब्रेनवाश करके उन्हें मतांतरण के लिए बाध्य किया जाता है। इस नेटवर्क में मुस्लिम युवतियां भी शामिल रहती हैं। वे निम्न-मध्यम वर्गीय हिंदू युवतियों को अपने जाल में फंसाकर मुस्लिम युवाओं से दुष्कर्म कराती थी फिर मतांतरण के लिए बाध्य करती हैं। देह व्यापार के धंधे में धकेलाअमरीन और आफरीन ने ब्यूटी पार्लर कम स्पा सेंटर में नौकरी का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक ¨हदू युवती और उसकी सहेली को घर में रखा और फिर अपने मुस्लिम भाइयों व प्रेमी के सामने भेज दिया। दोनों हिंदू युवतियों को उन्होंने देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया। उनका भोपाल से लेकर अहमदाबाद तक शारीरिक शोषण कराया। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने बहुत सारी लड़कियों को निशाना बनाया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कई तो सामने ही नहीं आईं। दोस्ती के बाद किया दुष्कर्म, फिर ब्लैकमेल अशोकनगर जिले की जिन तीन नाबालिग लड़कियों को हाल ही में मतांतरित कराया गया है। उनमें से एक कक्षा 11 की छात्रा है। उसको उसकी मुस्लिम सहेली के माध्यम से फंसाया गया फिर घुमाने के बहाने दुष्कर्म किया गया। इसके बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। एक लाख रुपये ऐंठने के साथ ही मतांतरण कराया। पुलिस नए मामलों की जांच कर रही है। इस मामले मे दो नाम सामने आ चुके हैं। दोनों आरोपित फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। ब्रेनवाश करने में माहिर इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों में भोली-भाली हिंदू लड़कियों का ब्रेनवाश भी किया जाता है। भोपाल में लगभग हर सप्ताह धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत पुलिस केस दर्ज किए जा रहे हैं, जिनमें कई केसों में इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हालांकि अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। दो सगी बहनों को बनाया था शिकार  पिछले वर्ष टीआईटी कॉलेज के बहुचर्चित दुष्कर्म, मतांतरण कांड में पीड़िताओं ने इसी तरह के नेटवर्क की शिकायत की थी। आरोपितों ने दो सगी बहनों को निशाना बनाकर उनसे दुष्कर्म कर मतांतरण का दबाव बनाया था। दोनों बहनें अनाथ थीं और कालेज में पढ़ाई के साथ नौकरी करती थीं। मुख्य आरोपित फरहान, उसके दोस्त अली और साद ने मिलकर कॉलेज में उनसे दोस्ती की। अपने मुस्लिम दोस्तों के गिरोह में शामिल किया। फिर फरहान ने बड़ी बहन से दुष्कर्म कर उसका वीडिया बनाया। बाद में छोटी बहन से संबंध बनाए। इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्त के सामने भी पीड़िता को परोस दिया। कुछ समय बाद दोनों बहनों को फरहान की करतूत पता चली। डरकर पीड़िताओं ने लंबे समय तक मामले को छुपाकर रखा। वहीं अन्य पीड़िताओं के सामने आने के बाद उन्होंने शिकायत की थी। जिहादी सिस्टर्स की करतूत बेनकाब बागसेवनिया क्षेत्र में अमरीन और आफरीन नामक दो जिहादी बहनों ने स्पा सेंटर में नौकरी दिलवाने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की एक हिंदू युवती और उसकी सहेली को घर में रखा और फिर अपने मुस्लिम भाइयों व प्रेमी के सामने परोस दिया। इतना ही नहीं, दोनों हिंदू युवतियों को उन्होंने देह व्यापार में धकेल दिया और उसके रुपये भी नहीं देती थीं। आरोपित मुस्लिम बहनों का यह नेटवर्क भोपाल से अहमदाबाद तक फैला हुआ था। जिसमें कई हिंदू युवतियों को फंसाया जा चुका है। क्लासमेट निकला लव जिहादी  राजधानी के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में पढ़ने वाली 11वीं की हिंदू छात्रा को उसके मुस्लिम क्लासमेट ने दोस्ती कर फंसाया और फिर घुमाने के बहाने दुष्कर्म किया। साथ ही ब्लैकमेलिंग कर उससे एक लाख रुपये ऐंठे और मतांतरण का दबाव बनाया। पीड़ित छात्रा का क्लासमेट आरोपित ओसाफ भी एक संभ्रांत परिवार से संबंध रखता है। हालांकि फिर भी वह कट्टरपंथी विचारधारा अपनाकर पीड़िता का शोषण करता था।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का अनुकरणीय माध्यम

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समानता, सादगी और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक अनुकरणीय माध्यम है। “आज अक्षय तृतीया का पावन अवसर है। इस मौके पर किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल अक्षय होता है। आज का यह दिन सभी नव-विवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत शुभ और मंगलकारी सिद्ध हो।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विवाह संस्कार हमारी संस्कृति में सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है। सामूहिक विवाह से न केवल धन की बचत होती है, बल्कि सभी को एक साथ अपनी खुशियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश देते हैं।उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिनसे शहर की नई छवि उभरेगी और यह समृद्धि का प्रतीक बनेगा। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि यहां के हर घर में सुख, शांति और वैभव बना रहे।  रविवार को अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हामूखेड़ी देवास रोड में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर पहुंचकर सभी नव-दंपतियों को व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद दिया, उनके सिर पर पुष्प वर्षा की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नव-विवाहित कन्याओं को दोपहिया वाहन (टू-व्हीलर) भी भेंट किए गए। राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, महंत श्री रामेश्वर दास, महंत श्री रामदास जी महाराज, महंत श्री बालकनाथ जी महाराज, श्री बालकृष्ण दास जी महाराज, श्री रवि सोलंकी, श्री नरेश शर्मा, ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के गादीपति श्री महावीर नाथ जी महाराज, श्री नारायण यादव, श्री कल्याण यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने नव-दंपतियों को माला और स्मृति चिन्ह भेंट किए। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजनकर्ता श्री प्रकाश यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री शैलेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्री परेश कुलकर्णी द्वारा किया गया। प्रमुख आचार्य पंडित सोहन भट्ट के सानिध्य में सामूहिक विवाह संपन्न कराये गये।

यूपी में स्मार्ट मीटर परियोजना पर ब्रेक, UPPCL का बड़ा फैसला, टेक्निकल रिपोर्ट की होगी समीक्षा

लखनऊ उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ते विवाद और विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी है. यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक तकनीकी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती।  पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने इस संबंध में सभी डिस्कॉम (डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों) को निर्देश जारी कर दिए हैं. आदेश में साफ कहा गया है कि अगली सूचना तक पुराने मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरी तरह बंद रखा जाए।  दरअसल, पिछले कुछ समय से प्रदेश के कई जिलों में बिजली उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा था. उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना उनकी सहमति के पुराने मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं. कई जगहों पर लोगों ने इसे जबरन कार्रवाई बताते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया।  इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने 12 अप्रैल को एक तकनीकी कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी को स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों, तकनीकी खामियों और उपभोक्ताओं की समस्याओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. अब इस पूरे मामले में आगे की रणनीति कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।  प्रदेश में 70.50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर लग चुके आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. इनमें करीब 70.50 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं. हालांकि, मौजूदा फैसले के तहत पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है, लेकिन नए बिजली कनेक्शन केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।  इसके अलावा बिजली विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन रोका नहीं जाएगा. यानी जो लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें स्मार्ट मीटर के साथ ही बिजली मिलेगी, लेकिन पहले से लगे मीटरों को बदलने की कार्रवाई फिलहाल बंद रहेगी. यदि कमेटी की रिपोर्ट में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो सरकार आगे इस पर फैसला लेगी। 

उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी के सहयोग से जूडो खिलाड़ी रंजीता को मिलेगी मदद

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव से छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है । डॉ वर्णिका शर्मा ने माननीय अरुण साव जी को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है । अरुण साव उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की । उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए । डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अट्ठारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है ।  डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से उपमुख्यमंत्री की इस सार्थक और संवेदनशील  पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है । इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने ,आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की । उपमुख्यमंत्री जी ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

आयुर्वेद में मर्म चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका — किशन सूर्यवंशी

भोपाल. नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी जी ने मानस भवन में विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश द्वारा आयोजित “आयुर्वेद कौशलम्” अंतर्गत “मर्म चिकित्सा कार्यशाला” के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की एवं कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर सूर्यवंशी जी ने आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मर्म चिकित्सा की उपयोगिता एवं उसके व्यापक प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद न केवल उपचार की प्राचीन पद्धति है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। मर्म चिकित्सा जैसी विधाएं आज के समय में लोगों को प्राकृतिक एवं प्रभावी उपचार प्रदान कर रही हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित वैद्यजनों एवं प्रतिभागियों के साथ संवाद कर उनके अनुभवों को जाना तथा इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार को और अधिक गति देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ सुनील कुमार जोशी जी (पूर्व कुलपति, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय) , प्रोफेसर ए.एस यादव जी ( कुलगुरु मानसरोवर ग्लोबल ),  प्रोफेसर महेश व्यास जी (डीन, All India Institute of Ayurveda, नई दिल्ली), प्रोफेसर आरके गुप्ता जी(अध्यक्ष, विश्व आयुर्वेद परिषद, मध्यप्रदेश), डॉक्टर उमेश शुक्ला जी (पं. खंडीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल), गोपालदास मेहता जी (विश्व आयुर्वेद परिषद) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 में सनातन का वैभव दुनिया को दिखेगा

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सिंहस्थ-2028 में दुनिया हमारे सनातन के वैभव को देखेगी। हमारा प्रयास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ के विश्व स्तरीय आयोजन में श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएँ मिले और पूर्ण सनातन वैभव के साथ सिंहस्थ महापर्व-2028 का सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन सम्पन्न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के अंतर्गत एक करोड़ 20 लाख की लागत से निर्मित हेलीपैड विश्राम गृह के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस विश्राम गृह में ऑफिस कक्ष, आमजन से भेंट के लिए हॉल और पायलट के लिए भी कक्ष बनाए गए है। यह हेलीपैड उज्जैन सिंहस्थ 2028 में अतिथियों और जनप्रतिनिधियों के साथ आम जन और विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर भेंट करने के लिए बनाया गया है। हेलीपेड एवं विश्राम गृह का निर्माण हो जाने से मुख्यमंत्री के उज्जैन आगमन पर अतिथि सत्कार के लिए आने वाले विशिष्ट  अतिथियों को एक वातानुकूलित परिसर मय बैठक व्यवस्था उपलब्ध होगी। सिंहस्‍थ 2028 का आयोजन ग्रीन एंड क्लिन की थीम पर होगा मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने उज्‍जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ- 2028 महापर्व को हरित एवं स्वच्छ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नगर निगम को 2.25 करोड़ रुपए की लागत की इलेक्ट्रिक व्‍हील लोडर मशीन की चाबी प्रदान की। सिंहस्थ के विशाल धार्मिक आयोजन में विशाल संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होगा।  स्वच्छता एवं प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती से निपटने के लिए आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में एक निजी कम्पनी द्वारा  अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत उज्जैन नगर निगम को ₹2.25 करोड़ मूल्य की 820TE इलेक्ट्रिक व्हील लोडर मशीन (3 इकाइयाँ) स्वीपिंग अटैचमेंट सहित प्रदान की गई है। ये मशीनें पूरी तरह बैटरी संचालित हैं और शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) के साथ कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से लिया आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन प्रवास के दौरान चिमनगंज कृषि उपज मंडी पहुंचकर जैन संत जिनेन्द्र जी महाराज से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर जैन समाज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत-अभिननंदन किया। संत जिनेन्द्र जी महाराज धर्मदास गण के वर्तमान प्रवर्तक है। डूंगर, मालवा, राजस्थान इनका विचरण क्षेत्र रहता है। स्थानकवासी परंपरा के संत हैं। वर्तमान में अक्षय तृतीया महोत्सव के उपलक्ष में संत महाराज का प्रवास के दौरान कृषि उपज मंडी चिमनगंज में वर्षीतप पारणा महोत्सव पर आयोजित किया गया है। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर किया पूजन-अर्चन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन सर्किट हाउस पर भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के साथ भगवान परशुराम की प्रतिमा का पूजन-अर्चन कर आरती की और प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा भगवान परशुराम का चित्र और फरसा भेंट किया गया।

सिवनी में परशुराम जन्मोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, डॉ. नरोत्तम मिश्रा हुए शामिल

सिवनी. भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सिवनी में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पूरा शहर “जय परशुराम” के गगनभेदी जयघोष और केसरिया ध्वजों से भक्तिमय रंग में रंगा नजर आया। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में विप्र समाज के लोग और नगरवासी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा, झांकियों और धार्मिक ध्वजों के साथ निकली इस यात्रा ने शहर में आस्था और ऊर्जा का अद्भुत माहौल बना दिया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सभी को जन्मोत्सव की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर पूर्व सांसद नीता पटेरिया और कार्यक्रम के आयोजक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे सिवनी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

बिहार में सख्ती: Bhagalpur के 1.03 लाख वाहन प्रदूषण टेस्ट में फेल, HSRP अनिवार्य

भागलपुर. राज्य में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के लंबित मामलों को लेकर परिवहन विभाग सख्त हो गया है। देश भर में 16 अप्रैल से नया नियम लागू हो गया है। अब बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा। जिले में 16 अप्रैल तक के रिकॉर्ड के मुताबिक एक लाख 3028 वाहनों का पॉल्यूशन फेल है। जबकि जनवरी से 16 अप्रैल तक इस साल 240 वाहनों का पॉल्यूशन फेल हुआ है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अब भी 40 से 45000 ओन रोड वाहन ऐसे हैं, जिनमें हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। इसमें 80% से अधिक 2019 से पहले के वाहन हैं। 20 प्रतिशत ऐसे वाहन है जो 2019 के बाद के हैं। एचएसआरपी लेजर कोड अपडेट में भी भागलपुर पीछे विभागीय समीक्षा में पूरे बिहार में 63 हजार से अधिक वाहन ऐसे पाए गए हैं, जिनका एचएसआरपी लेजर कोड अब तक अपडेट नहीं हुआ है। इस सूची में भागलपुर जिले में 1796 मामले लंबित हैं। इसे गंभीर मानते हुए विभाग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित मामलों को जल्द समाप्त करने का निर्देश दिया है। भागलपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) जनार्दन कुमार ने बताया कि विभाग के निर्देश पर जिले में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। संबंधित एजेंसियों को पेंडिंग कार्य जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। सड़कों पर चलेगा विशेष जांच अभियान डीटीओ ने बताया कि जिले में एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर वाहनों की जांच करेगी। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी हो। इसके अलावा जो साधारण तौर पर नंबर बनाते हैं, उन पर भी कार्रवाई होगी। बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया है कि कोई भी नया वाहन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के एजेंसी या शोरूम से बाहर नहीं निकलना चाहिए। यदि ऐसा पाया गया तो एजेंसी संचालक और वाहन स्वामी दोनों पर कार्रवाई होगी। जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 16 जिलों के प्रदर्शन पर विशेष नजर परिवहन विभाग ने जिन 16 जिलों में एचएसआरपी लेजर कोड अपडेट की लंबित मामलों की संख्या अधिक पाई है, उनमें पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान, सीतामढ़ी, गया, भागलपुर, पूर्णिया, गोपालगंज, छपरा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल और बेगूसराय शामिल हैं। इन जिलों के अधिकारियों को अलग से चेतावनी देते हुए अभियान मोड में काम करने को कहा गया है।

कांग्रेस और सपा समेत समूचे इंडी गठबंधन का आचरण उजागर करता है नारी-विरोधी मानसिकता को: सीएम

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित नहीं होने देने पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नारी सम्मान के खिलाफ है, बल्कि “अक्षम्य पाप” है, जिसके लिए देश की नारी शक्ति उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। विधेयक गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा जिस प्रकार जश्न मनाया गया और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां की गईं, उसने भारतीय इतिहास के उस पीड़ादायक प्रसंग की याद दिला दी, जब भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ था। सीएम ने इसे लोकतंत्र और महिला सम्मान, दोनों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह आचरण विपक्ष की नारी-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में सत्ता संभालने पर एक बात बहुत स्पष्ट रूप से कही थी कि देश के अंदर चार ही जातियां हैं- गरीब, युवा, किसान व नारी। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने परिवार का भरण-पोषण किया और देश को लूटा, स्वाभाविक रूप से उनके लिए यह एक बड़ी चुनौती थी और चेतावनी भी। इसीलिए जब भी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में कोई प्रगतिशील कदम उठाया गया, कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों ने हमेशा उस प्रगतिशील सोच और देशहित में उठाए जाने वाले कदमों का विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में विपक्ष के नारी-विरोधी आचरण के प्रति आधी आबादी के मन में भारी आक्रोश है। यह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, टीएमसी, डीएमके और अन्य उन दलों के प्रति है, जो इस पाप में भागीदार थे। आधी आबादी में यह आक्रोश साफ देखा जा रहा है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाए गए एक-एक कदम, जो समाज के हर वर्ग और देशहित में थे, इंडी गठबंधन ने कैसे बैरियर की तरह खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए षड्यंत्र किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ था। जब महिला संगठनों और सामाजिक संगठनों ने इस बात की मांग की कि यह अधिनियम 2034 के बजाय 2029 में लागू हो, तो उनकी मांग के अनुरूप प्रधानमंत्री जी ने सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने के उपरांत नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में जरूरी संशोधन लेकर संसद के विशेष अधिवेशन में इसे पेश किया। कुछ राज्यों ने इस बात की मांग उठाई थी कि कहीं ऐसा न हो कि इसके माध्यम से उनके हक को कम कर दिया जाए। प्रधानमंत्री जी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होते समय स्पष्ट किया था कि किसी का भी हक नहीं लिया जाएगा। इस 33 प्रतिशत आरक्षण को माता-बहनों को उपलब्ध कराने के लिए हम लोकसभा और विधानसभाओं में अतिरिक्त सीटें बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह चर्चा में आया कि दक्षिण भारत के राज्य मांग उठा रहे हैं कि उनका हक कम हो जाएगा, तो प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि 2011 की जनगणना के अनुसार जो व्यवस्था है, उसी के तहत जैसे उत्तर और पूर्व के राज्यों में सीटें बढ़ेंगी, वैसे ही दक्षिण के राज्यों में भी उसी अनुपात में सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी का हक कम नहीं होगा। सरकार की एकमात्र इच्छा थी कि पूरा सदन मिलकर भारत की नारियों को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को इस संशोधन के साथ पारित कर दे, ताकि 2029 में ही उन्हें उनका अधिकार मिल जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेकिन सदन में इंडी गठबंधन, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके का जो व्यवहार रहा, वह पूरी तरह से भरी सभा में द्रोपदी के चीर-हरण जैसा दृश्य था। किस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां विपक्ष द्वारा की गईं, किस प्रकार का आचरण किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है। यदि सर्वसम्मति से यह कार्य होता, तो स्वाभाविक रूप से पूरे सदन को इसका श्रेय मिलता। नारियों के सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए जो कदम उठाए जा रहे थे,  उससे महिलाओं को वह हक मिलता जो उनका स्वाभाविक अधिकार है। सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुद्दा छेड़ा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल पा रहा है। ये संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भावनाओं के प्रतिकूल आचरण यहां भी देखने को मिला। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था, उस समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी। तब सभी पक्षों ने इसका विरोध किया था। बाबा साहेब ने इस पर बहुत तीखी टिप्पणी की थी कि एक बार विभाजन हो गया है, अब भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नहीं हो सकता। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी इसका पुरजोर विरोध किया। उस समय संविधान निर्माण समिति से जुड़े सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं, वे तब कहां जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को पूरी तरह वंचित करने का प्रयास किया था? जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस के पाप का परिमार्जन कर ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया,  तय किया कि भारत का कानून शादी-विवाह के मामले में प्रत्येक नागरिक पर समान रूप से लागू होगा,  तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बने कानून का भी कांग्रेस व इंडी गठबंधन के सभी दलों, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, डीएमके ने कड़ा विरोध किया था। यह उनके दोहरे आचरण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर मिला। लेकिन जिन चार जातियों का उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया, नारी (भारत की आधी आबादी), गरीब, अन्नदाता किसान और युवा, उनके लिए कांग्रेस व इंडी गठबंधन कभी कोई अच्छी सोच, अच्छा कार्यक्रम या प्रगतिशील पहल आगे नहीं बढ़ा पाए। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जब 2014 में देश की सत्ता संभाली, तब उन्होंने प्रत्येक तबके के लिए बिना किसी भेदभाव के कार्य आगे बढ़ाए। उनका स्लोगन न … Read more