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कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का किया रिव्यू

चंडीगढ़. पंजाब के डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर मिनिस्टर श्री मोहिंदर भगत ने शुक्रवार शाम पंजाब सेक्रेटेरिएट में डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू करने के लिए टॉप अधिकारियों के साथ एक खास मीटिंग की। इस मौके पर डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुमेर सिंह गुर्जर, डायरेक्टर भूपिंदर सिंह ढिल्लों (रिटायर्ड) खास तौर पर मौजूद थे। मीटिंग के दौरान, अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों से जुड़े मामलों में काफी प्रोग्रेस हुई है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग युद्धों के दौरान शहीद हुए ज़्यादातर सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार ने पहले ही मुआवजा दे दिया है। इसके अलावा, बाकी मामलों और उनकी मौजूदा स्थिति पर भी डिटेल में चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि खाली पोस्ट भरने के लिए भी तेज़ी से कार्रवाई की जा रही है। इस मौके पर डिपार्टमेंट के बजट और दूसरे ज़रूरी मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने डिफेंस सर्विसेज़ वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया, पंजाब सरकार एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों की भलाई के लिए कमिटेड है कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने डिफेंस सर्विसेज़ वेलफेयर डिपार्टमेंट के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया, मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, मंत्री श्री भगत ने अधिकारियों को एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों से जुड़े सभी मामलों को प्रायोरिटी के आधार पर लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले बहादुर सैनिकों का पूरा सम्मान और सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक्स-सर्विसमैन और उनके परिवारों की भलाई के लिए पूरी तरह से कमिटेड है और उन्हें हर मुमकिन मदद देने की लगातार कोशिश की जा रही है।

उमरिया की पूजा सिंह बनी मिसाल, आत्मनिर्भरता की अनोखी कहानी

भोपाल उमरिया जिले के घंघरी ग्राम की पूजा सिंह ने अपनी वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी रची है। आज उनकी इकाई द्वारा निर्मित वस्त्र प्रदेश के विभिन्न जिलों तक जा रहे हैं। उनकी यह सफलता अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा बन रही है। पूजा सिंह ने इस सफलता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में मिले ऋण की मदद से साकार किया है। सीमित संसाधनों के कारण लंबे समय तक स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में असमर्थ रहीं पूजा सिंह को जब मुद्रा योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बैंक में आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें मुद्रा योजना के तहत 8 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने “हीरा फैब्रिक” नाम से अपनी वस्त्र निर्माण इकाई स्थापित की। आज उनकी यूनिट में स्कूल ड्रेस, शर्ट, पैंट, ट्रैक सूट, टी-शर्ट और लोअर जैसे परिधानों का निर्माण किया जा रहा है। उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति के कारण उन्हें होशंगाबाद, सीधी, मैहर, सतना, कटनी, इटारसी और बुधनी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से निरंतर ऑर्डर मिल रहे हैं। इससे उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ रहा है और पहचान भी बन रही है। पूजा सिंह आज न केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से मजबूत सहारा बनी हैं, बल्कि अपने उद्यम के माध्यम से 8 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। पूजा सिंह के पति धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि सही जानकारी और मार्गदर्शन मिल जाए, तो कोई भी व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुद्रा योजना ने उनके जीवन को नई दिशा और पहचान दी है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना आज ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार को नई दिशा दे रही है। वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई इस योजना का उद्देश्य छोटे उद्यमियों, युवाओं, महिलाओं और स्टार्टअप्स को बिना गारंटी के सरल ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के अंतर्गत शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख) और तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख) श्रेणियों में ऋण प्रदान किया जाता है।  

बड़ी कार्रवाई: नोएडा हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता तमिलनाडु से पकड़ा गया, STF ने की ताबड़तोड़ रेड

नोएडा नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक हिंसा मामले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद को गिरफ्तार कर लिया है। नोएडा पुलिस के अनुसार, आरोपी को तमिलनाडु के त्रिचपल्ली से गिरफ्तार किया गया, जहां वह छिपकर रह रहा था। हिंसा की घटना के बाद से ही आदित्य आनंद फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। जानकारी के अनुसार, आदित्य आनंद इस पूरे श्रमिक हिंसा कांड का मास्टर माइंड है और उसकी गिरफ्तारी से मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा की साजिश कैसे रची गई और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही। दूसरी तरफ, हिंसा मामले में एसटीएफ नोएडा यूनिट और पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान भी शुरू किया है। यह कार्रवाई श्रमिक आंदोलन के नाम पर हिंसा, आगजनी और उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ की जा रही है। एसटीएफ के मुताबिक, अर्बन नक्सल से जुड़े संदिग्ध लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। दिल्ली और नोएडा के अलग-अलग इलाकों में यह अभियान लगातार जारी है। नोएडा के अरुण विहार, दिल्ली के आदर्श नगर और शाहबाद डेरी समेत कई स्थानों पर दबिश दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान एसटीएफ अब तक करीब आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। श्रमिक आंदोलन की आड़ में साजिश रचने आगजनी उपद्रव मचाने वालो की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटनाएं केवल अचानक भड़की हिंसा नहीं थीं, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए षडयंत्र के एंगल पर भी गहन पड़ताल शुरू कर दी है। जांच टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों से सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त की गई है, जिनके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

पर्यटन को बढ़ावा: डॉ. मोहन यादव लॉन्च करेंगे हेली सेवा, ओरछा-चंदेरी सफर होगा आसान

भोपाल अब हवाई मार्ग से जुड़ेगा ओरछा और चंदेरी से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को सुगम, सुरक्षित और आनंददायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए रविवार, 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे, राजधानी के स्टेट हैंगर से "पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा" के अंतर्गत नए सेक्टर (भोपाल-चंदेरी-ओरछा) का विधिवत शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर हेलीकॉप्टर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और यात्रियों को बोर्डिंग पास भी प्रदान करेंगे। धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा यह नया सेक्टर भोपाल को भगवान श्रीराम की राजनगरी ओरछा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध चंदेरी से जोड़ेगी। इससे श्रद्धालु श्रीरामराजा मंदिर में सुगमता से दर्शन के लिये पहुँच सकेंगे और चंदेरी की सांस्कृतिक विरासत व प्रसिद्ध हस्तशिल्प (चंदेरी साड़ी) का अनुभव ले सकेंगे। एंड टू एंड सेवा का सप्ताह में 5 दिन होगा संचालन सेक्टर-2 अंतर्गत यह सेवा सप्ताह में 5 दिन (बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार) संचालित होगी। यात्रियों के लिए भोपाल से चंदेरी का किराया ₹5,500 और भोपाल से ओरछा का किराया ₹6,500 निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, ₹14,500 के विशेष पैकेज में टैक्सी, वीआईपी दर्शन और प्रसाद जैसी 'एंड-टू-एंड' सुविधाएं भी शामिल हैं। चंदेरी और ओरछा में पर्यटकों के लिए ₹3,500 में 'जॉय राइड' की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि पीपीपी मॉडल पर संचालित इस सेवा में पर्यटकों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा के लिए 6 सीटों वाले आधुनिक हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जा रहा है। गंतव्य पर होटल, भोजन और स्थानीय भ्रमण के लिए गाइड की व्यवस्था भी पूर्व निर्धारित रहेगी। बुकिंग के लिए पर्यटक www.flyola.in और IRCTC पोर्टल पर बुकिंग कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर 2025 के अवसर पर पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया था। यह सेवा वर्तमान में आध्यात्मिक सेक्टर इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के साथ वाइल्डलाइफ सेक्टर जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, चित्रकूट और मैहर के बीच सफलतापूर्वक संचालित है। इस सेवा का अब तक 2 हजार 648 पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने लाभ लिया है।  

प्रदेशभर में सख्त निगरानी के बीच परीक्षा सकुशल सम्पन्न

6 जनपदों में दो पालियों में शांतिपूर्ण व नकलविहीन परीक्षा लखनऊ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के अंतर्गत 17 विषयों की लिखित पुनर्परीक्षा प्रदेश के 53 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, नकलविहीन और निर्धारित समय पर आयोजित की गई। इस पुनर्परीक्षा में कुल 19,718 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें 41.35% महिला और 58.65% पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो परीक्षा के प्रति अभ्यर्थियों की गंभीरता और उत्साह को दर्शाता है। 6 प्रमुख जनपदों में दो पालियों में आयोजन यह परीक्षा प्रदेश के 6 प्रमुख जनपदों, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी में आयोजित की गई। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें अभ्यर्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। 17 विषयों की हुई परीक्षा पुनर्परीक्षा में एशियन कल्चर, म्यूजिक तबला, फिजिकल एजुकेशन, उर्दू, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, केमिस्ट्री, एजुकेशन, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, हिंदी, लॉ, एनिमल हसबेंड्री एंड डेयरींग, म्यूजिक वोकल, फिलॉसफी और एंथ्रोपोलॉजी सहित कुल 17 विषय शामिल रहे। एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सघन निगरानी परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव की मौजूदगी में एआई कैमरों के जरिए परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। एआई आधारित निगरानी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के चलते यह परीक्षा पारदर्शिता और निष्पक्षता का उदाहरण बनी है। आयोग द्वारा अपनाई गई तकनीकी व्यवस्था भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है। लखनऊ केंद्र पर आग की घटना, त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रित लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रथम पाली से पहले प्राचार्य कक्ष में एसी वायरिंग में आग लगने की सूचना मिली। हालांकि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और नोडल अधिकारी व आयोग के प्रेक्षक की मौजूदगी में परीक्षा केंद्र को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित कर परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराई गई। नकलविहीन और व्यवस्थित परीक्षा संचालन प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। इसमें संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों का सक्रिय सहयोग भी देखने को मिला।

लैंडिंग में गड़बड़ी से हादसा: यूपी में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट रनवे से भटका, पायलट सुरक्षित

अलीगढ़ अलीगढ़ एयरपोर्ट पर शनिवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। फ्लाइंग एकेडमी का विमान रनवे पर सेंटर लाइन से हटने पर दुघर्टनाग्रस्त हो गया। हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ। विमान को महिला ट्रेनी पायलट लैंडिंग करा रही थीं। हादसे में पायलट भी बाल-बाल बचीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसर मामले की जांच कर रहे हैं। धनीपुर स्थित अलीगढ़ एयरपोर्ट पर दो फ्लाइंग एकेडमी चेतक व पायनियर संचालित है। इनके द्वारा पायलटों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। देशभर के बच्चे यहां ट्रेनिंग ले रहे हैं। शनिवार को भी रोजाना की तरह ही पायनियर एकेडमी के विद्यार्थी विमान उड़ा रहे थे। करीब साढ़े नौ बजे सेशना-152 विमान को उड़ाकर वापसी करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर की महिला ट्रेनी पायलट लैंडिंग कर रही थीं। इसी दौरान रनवे के सेंटर लाइन से विमान करीब एक मीटर तक हटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में महिला ट्रेनी पायलट भी बाल-बाल बची। हादसे की जानकारी मिलते ही पायनिर कंपनी के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए। कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर सत्यव्रत सारस्वत ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए महिला ट्रेनी पायल से बात की। क्या होता है सोलो पायलट सोलो पायलट वह पायलट है, जो विमान को अकेले उड़ाता है, बिना किसी अन्य पायलट या यात्री के यह एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण चरण है, जो पायलट को विमान संचालन में आत्मनिर्भर बनाता है और खुद को तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने में मदद करता है। 12 एयरक्राफ्ट से 100 प्रशिक्षु ले रहे ट्रेनिंग धनीपुर एयर पोर्ट पर पायनियर के अलावा चेतक फ्लाइंग क्लब रजिस्टर्ड हैं। फिलहाल चेतक और पायनियर फ्लाइंग क्लब में 100 प्रशिक्षु हैं। दोनों क्लब के पास 12 एयर क्राफ्ट हैं। पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे ​अलीगढ़ एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पायनियर एविएशन कंपनी के विमान यहां हादसों का शिकार हो चुके हैं। मई 2025 में भी पायनियर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। क्या बोले जिम्मेदार एयरपोर्ट अथॉरिटी डायरेक्टर सत्यव्रत सारस्वत ने बताया, सुबह के समय सूचना आई थी कि एयरपोर्ट के रनवे पर कुछ हुआ है। मौके पर जाकर देखा गया था एक ट्रेनी विमान रनवे की सेंटर लाइन से अलग गया था। हालांकि विमान व पायलट दोनों सुरक्षित हैं। प्रभारी एयरपोर्ट अतुल गुप्ता का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी दी गई थी। विमान व ट्रेनी पायलट दोनों ही सुरक्षित बताए गए हैं। प्रशासन द्वारा मामले में जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं पायनियर फ्लाइंग क्लब अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि बताया, रनवे पर ही विमान रहा था। सेन्टर लाइन से दो-तीन मीटर तक इधर-उधर ट्रेनी विमान रह सकता है। सबकुछ सामान्य है।  

गोपालपुर औद्योगिक क्षेत्र से कोरबा के विकास को मिलेगी नई दिशा, निवेश और रोजगार के बढ़ेंगे अवसर बढ़ेंगे : मंत्री लखन लाल

रायपुर.  वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन समारोह का आयोजन हुआ। मंत्री देवांगन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। यह औद्योगिक क्षेत्र लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, विधायक कटघोरा प्रेमचंद्र पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, कलेक्टर कुणाल दुदावत, प्रबंध निदेशक सीएसआईडीसी रायपुर विश्वेश कुमार, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गोपालपुर में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि कोरबा के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। कोरबा के लिए गर्व की बात है, वर्ष 1980 के बाद आज जिले में नवीन औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। लगभग 10.900 हेक्टेयर (27 एकड़) भूमि पर 10.59 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्षेत्र कोरबा जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा।   इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में उद्योगों के विस्तार और अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।  मंत्री देवांगन ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति निवेशकों और आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई हैं, जिससे निवेशकों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। भूमि आबंटन की प्रक्रिया को पूर्णतः ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए मात्र 1 रुपये में भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, ताकि वे भी आत्मनिर्भर बन सकें और औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। इसी संकल्प के साथ “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” और “विकसित कोरबा 2047” का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। सीएसआईडीसी के अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति युवाओं और नवोदित उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जिससे नए उद्योग स्थापित हों और व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हों। गोपालपुर के इस नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 44 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे। इससे यहां औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को यहीं पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि नीति के अंतर्गत उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, पात्र इकाइयों को विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से कुल निवेश का लगभग 65 प्रतिशत तक सहायता/अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा अब केवल कोयला और विद्युत उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे विविध उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। अंत में उन्होंने सभी उद्यमियों को शुभकामनाएँ दीं। एमडी कुमार ने लगभग 11 हेक्टेयर क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा करते हुए सभी को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने बताया नवीन औद्योगिक एरिया विकास की प्रस्तावना से लेकर टेंडर कार्य प्रक्रिया में है। कार्यों को पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। नई औद्योगिक नीति के तहत एमएसएमई, नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे विभिन्न प्रकार के उद्योगों को स्थापित करने में सहायता मिलेगी और रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। साथ ही, “वन क्लिक सिंगल विंडो” प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल, तेज और सुगम बनाया गया है,  ताकि निवेशकों और उद्यमियों को एक ही मंच पर सभी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

RTE प्रवेश पर बड़ा अपडेट—25 अप्रैल तक बढ़ी डेडलाइन, प्रदेश के कई निजी स्कूल खाली

भोपाल शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत प्रदेश में प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 25 अप्रैल कर दी गई है। पहले यह प्रक्रिया 15 अप्रैल तक पूरी होनी थी, लेकिन अपेक्षित संख्या में प्रवेश नहीं होने के कारण राज्य शिक्षा केंद्र ने यह निर्णय लिया है। पहले चरण में इतने पात्र इस वर्ष आरटीई के पहले चरण में 1 लाख 78 हजार 714 बच्चे पात्र पाए गए थे, जिनमें से 83 हजार 483 बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश आवंटित किया गया है। इनमें 72 हजार 812 बच्चों को उनकी पहली पसंद के स्कूल मिले हैं। इसके बावजूद कई स्कूलों में सीटें खाली पड़ी हैं।   कई जिलों में हालात गंभीर स्थिति यह है कि प्रदेशभर में 320 निजी स्कूल ऐसे चिन्हित किए गए हैं, जहां 20 प्रतिशत से भी कम प्रवेश हुए हैं। कई जिलों में तो हालात और गंभीर हैं, जहां कुछ स्कूलों में एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। भोपाल में 19, इंदौर में 27, ग्वालियर में 13, जबलपुर में 14, देवास में 12 और दमोह में 11 निजी स्कूलों में अब तक शून्य प्रवेश दर्ज किए गए हैं। प्रवेश लेने नहीं पहुंचे बच्चे निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि जिन बच्चों को आवंटन मिला है, वे अभी तक प्रवेश लेने नहीं पहुंचे हैं। राजधानी के कई प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूलों में भी आरटीई के तहत अपेक्षित प्रवेश नहीं हो पाए हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार, जिन बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं, उन्हें पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जा चुकी है। अभिभावक अब 25 अप्रैल तक संबंधित स्कूल में जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इन बच्चों की फीस सरकार द्वारा सीधे स्कूलों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी। अधिकारियों का क्या कहना राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने कहा कि यदि किसी अभिभावक को प्रवेश में परेशानी होती है या स्कूल द्वारा इनकार किया जाता है, तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी और संबंधित संस्थान के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।

नोएडा बवाल के बाद सख्ती: 203 ठेकेदारों पर गिरी गाज, लाइसेंस निरस्तीकरण और 1.16 करोड़ की पेनल्टी नोटिस

नोएडा नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने, राशि की वसूली करने और एजेंसियों को काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि श्रमिकों के उपद्रव में कई ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वहीं, श्रम कानूनों का पालन नहीं करने पर ठेकेदारों के खिलाफ 1.16 करोड़ रुपये की पेनल्टी के नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य ठेकेदारों की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बताया गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 फीसदी की वृद्धि की गई है। कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अतिरिक्त कोई अन्य कटौती का मामला सामने आता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वेतन भुगतान में देरी या कम भुगतान पर ठेकेदारों की भी जवाबदेही तय की जाएगी। नोएडा बवाल की साजिश में शहर के चार युवकों पर शक की सुई नोएडा में हुए बवाल, आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे साजिश की आशंका है। पुलिस के साथ एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, त्रिपुरा समेत कई राज्यों के युवकों के शामिल होने का शक है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और घटना के दौरान बनाए गए वीडियो खंगाले जा रहे हैं। शहर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। शुक्रवार को नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से कुछ लोगों को इसी सिलसिले में उठाया गया है।   नोएडा और ग्रेटर नोएडा की फैक्टि्रयों में तोड़फोड़, आगजनी, पुलिस व अन्य सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटना हुई थी। पुलिस ने बवाल करने वालों को मशक्कत कर शांत कराया। अलग-अलग इकाइयों में एकदम से भीड़ उग्र हुई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस के साथ प्रतिष्ठानों पर पथराव हुआ। पुलिस और प्रशासन ने खुफिया, इंटेलीजेंस, एलआईयू आदि से जांच कराई जिनकी प्रारंभिक जांच में बवाल के पीछे साजिश की आशंका जताई गई।   सूत्रों के मुताबिक कुछ प्रतिष्ठानों में फेस रिकग्नाइजेशन (चेहरे पहचानने वाले) कैमरे लगे हुए हैं। उनमें संदिग्धों के वीडियो मिले हैं। कुछ युवक पत्थर, तेल के गैलन, सब्बल लिए नजर आ रहे हैं। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। कानपुर के चार से पांच युवकों पर भी शक है। इनमें से दो वहां रहने के साथ सब्जी व फल का कारोबार करते हैं। उनके बारे में नौबस्ता और बादशाहीनाका क्षेत्र से जानकारी जुटाई गई है। कुछ लोगों को उठाया गया है। अब तक किसी जांच एजेंसी ने कोई संपर्क नहीं किया है। एसटीएफ अपने स्तर पर जांच कर रही है। अगर जांच में कोई सहयोग मांगा जाता है तो कमिश्नरी पुलिस उनकी मदद करेगी।   श्रमिक आंदोलन को लेकर शुक्रवार को भी क्षेत्र में पुलिस अलर्ट पर रही। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी कंपनियों में पुलिस फोर्स के जवान भी तैनात रहे। यमुना सिटी के सेक्टर-24ए स्थित वीवो कंपनी में बृहस्पतिवार सुबह वेतन को लेकर कंपनी कर्मियों ने हंगामा किया था। इस दौरान कर्मचरियों ने वेतन बढ़ाने की मांग करते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर कर्मियों को समझाया था।  

बंगाल की धरती पर गरजे सीएम योगी- ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है

कूच बिहार/जलपाईगुड़ी.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में फिर गरजे। माथाभांगा व धुपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर लोकसभा में विपक्षी दलों के रुख की भर्त्सना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के पैरोकारों ने यह संशोधन विधेयक पास नहीं होने दिया। यह देश की आधी आबादी का अपमान है, माता-बहनें इसे किसी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगी। सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा अराजक स्थिति के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दोषी ठहराते हुए ऐलान किया कि ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है। अब बंगालवासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। आधी आबादी को हक नहीं देना चाहते विपक्षी दल  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहन-बेटियों के लिए लोकसभा व विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण 2029 में लागू करने का संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत किया, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा व वामपंथियों ने इसे पास नहीं होने दिया। ये लोग आधी आबादी को उसका हक नहीं देना चाहते, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों की पैरोकारी करते हैं। बंगाल में मुसलमानों का नाम मतदाता सूची में चढ़े और वे गरीबों के हक पर डकैती डाल सकें,  तृणमूल सरकार का यही काम है। आखिर यह कब तक चलेगा। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को गिराने से आधी आबादी का अपमान हुआ है। देश की बहन-बेटियां इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकती हैं।  देश ने संसद में देखा मां के साथ तृणमूल का व्यवहार  सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मां, माटी व मानुष की बात करती थी। देश-दुनिया ने संसद में मां के साथ उनके व्यवहार को देखा। बंगाल में माटी की स्थिति यह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा यहां के राजवंशियों व नागरिकों का हक छीना जा रहा है। मानुष टीएमसी की गुंडागर्दी से भयभीत है। उपज का दाम नहीं मिलने से किसान पलायन करने को विवश है। यूपी में आलू का दाम 15 से 20 रुपए है और यहां एक से डेढ़ रुपए। टीएमसी के 15 वर्ष के कार्यकाल में 7000 से अधिक बड़े कारखाने बंद हुए। यूपी में हमने तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार दिया, लेकिन बंगाल में 30 लाख नौजवान बेरोजगार हुए। धान व मछली उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। केंद्र सरकार विकास के लिए जो पैसा देती है, वह जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता। यह पैसा तृणमूल के गुंडे व बांग्लादेशी घुसपैठिए खा जाते हैं। सैंड माफिया, बागान माफिया सभी आपके हक पर डकैती डाल रहे हैं। ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम से चिढ़ टीएमसी प्रमुख पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम के उद्घोष से चिढ़ है। जिस तरह उन्होंने संसद में आधी आबादी को मिलने वाले हक का विरोध किया। ऐसे ही उन्होंने सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के दौरान भी किया था। इस एक्ट में मोदी जी ने बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में प्रताड़ित होकर भारत आने वाले हिंदू, जैन, सिख आदि को भारत की नागरिकता देने व जमीन का अधिकार देने का प्रावधान किया है। अभी पिछले सप्ताह ही उत्तर प्रदेश के अंदर 1056 ऐसे परिवारों को भूमि अधिकार दिया गया है, नागरिकता दी गई है, जिन्हें पूर्वी बंगाल से निकाला गया था। कांग्रेस, कम्युनिस्ट दलों व टीएमसी ने सीएए का विरोध किया, लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी भी कोने में हिंदुओं के साथ मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। उनकी सुरक्षा करेगी। मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती टीएमसी मुख्यमंत्री ने टीएमसी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसे मुस्लिम तुष्टिकरण से फुर्सत ही नहीं है। वह मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती। बंगाल में आज ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगा सकते, क्योंकि सरकार आप पर अत्याचार करेगी, टीएमसी के गुंडे हमला बोल देते हैं। दुर्गापूजा से पहले उपद्रव हो जाता है। सरकार दुर्गापूजा व विसर्जन की अनुमति नहीं देती, गोहत्या कराती है और आमजन को प्रताड़ित करती है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां भी त्योहारों से पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। जय श्रीराम बोलने पर टीएमसी की पार्टनर सपा व कांग्रेस हमला कराती थीं और पुलिस से पिटवाती थीं। जुमे के दिन सड़कें जाम हो जाती थीं। सुबह 5 बजे से लोग मस्जिदों की आवाज से परेशान रहते थे। अब यूपी में अजान की आवाज केवल मस्जिद तक  सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में डबल इंजन सरकार के कारण ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा’ है। कोई माफिया या दंगाई दिखता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर एक्सप्रेसवे बना देता है। यूपी में माफियाओं की संपत्ति को कब्जे में लेकर गरीबों के आवास बना दिए गए हैं। शुक्रवार या किसी अन्य मौके पर भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। अजान की आवाज सिर्फ मस्जिद में सुनाई देती है। लव-लैंड जेहाद नहीं हो सकता। बंगाल के पास भी यह अंतिम अवसर है। हम उद्घोष करते हैं- गो माता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल को मौलाना, मौलवियों के फतवों की धरती नहीं बनने देना है। इसे घुसपैठियों या काबा की नहीं, बल्कि मां काली, मां दुर्गा और मां सिद्धेश्वरी की धरती के रूप में स्थापित करना होगा। हमने यूपी में यह कर के दिखाया है, डबल इंजन सरकार आने पर बंगाल में भी कर के दिखाएंगे। कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और दुर्गापूजा भी होगी सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले रामभक्तों पर गोली और डंडे चलते थे, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने से नहीं रोक पाए। डबल इंजन की स्पीड बुलेट की तरह है और इसके आगे ये सब पंक्चर हो गए। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। यूपी में गाजियाबाद से हरिद्वार, प्रयागराज से काशी, अयोध्या से गोरखपुर, बरेली समेत अनेक स्थानों पर ‘हर-हर महादेव’ उद्घोष के साथ निकलने वाली कांवड़ यात्राओं में चार-चार करोड़ शिवभक्त आते हैं। 2017 के पहले यह यात्रा नहीं निकलते दी जाती थी। सपा, कांग्रेस व टीएमसी वाले कहते थे कि इससे धर्म निरपेक्षता खतरे में पड़ जाएगी, दंगे हो जाएंगे। 2017 में भी इन्होंने यही कहा था, तब मैंने कहा कि यहां दुर्गापूजा होगी और कांवड़ … Read more