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डबरी, मछली पालन और बहुफसली खेती से बदली तकदीर—सगनू बने गांव के प्रेरणास्रोत

रायपुर. ग्रामीण विकास की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) एक प्रभावी माध्यम के रूप में उभरकर सामने आया है। यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहकर स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। इसका जीवंत उदाहरण अरौद डुबान क्षेत्र के ग्राम कलारबाहरा निवासी सगनू राम की प्रेरक सफलता कहानी है। सगनू राम एक छोटे कृषक परिवार से हैं। सीमित भूमि और वर्षा आधारित खेती के कारण उनकी आय अस्थिर रहती थी। सिंचाई की सुविधा न होने से वे वर्ष में केवल एक ही फसल ले पाते थे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती थी। परिस्थितियों में बदलाव तब आया जब उन्हें ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा योजना की जानकारी मिली। उन्होंने वर्ष 2023-24 में अपने खेत में 25×25 मीटर की डबरी निर्माण के लिए आवेदन किया, जिसे स्वीकृति मिली। लगभग 2.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी ने उनके खेत में स्थायी जल स्रोत उपलब्ध करा दिया। डबरी बनने के बाद उनकी खेती में उल्लेखनीय परिवर्तन आया। अब वे नियमित सिंचाई कर पा रहे हैं, जिससे 2 एकड़ में धान की खेती का उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बढ़े हैं। इसके साथ ही कृषि विभाग के सहयोग से उन्होंने 1.5 एकड़ में माड़िया (रागी) की खेती शुरू की, जिससे उन्हें लगभग 60 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई। सगनू राम ने डबरी का उपयोग मछली पालन के लिए भी किया, जिससे उन्हें करीब 30 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आमदनी होने लगी। इस तरह जल संरक्षण, बहुफसली खेती और मछली पालन को जोड़कर उन्होंने एक सशक्त और टिकाऊ आजीविका मॉडल विकसित किया है। उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों—जैसे फसल चक्र, जैविक खाद का उपयोग और बेहतर जल प्रबंधन तकनीकों—को भी अपनाया है, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ लागत में कमी आई है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन और ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने की योजना बना रहे हैं। आज सगनू राम न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर अन्य ग्रामीण भी मनरेगा के तहत डबरी निर्माण और उन्नत कृषि गतिविधियों की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इस सफलता के पीछे ग्राम पंचायत, मनरेगा योजना और कृषि विभाग का समन्वित प्रयास रहा है। समय पर मार्गदर्शन और सहायता ने सगनू राम के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। सगनू राम की यह कहानी साबित करती है कि योजनाओं का सही उपयोग और नवाचार के साथ किया गया परिश्रम सीमित संसाधनों में भी आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। यह ग्रामीण भारत के लिए आशा, प्रेरणा और विकास का सशक्त संदेश है।

बेटियों की पूजा व नारियों के सम्मान से ही देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बेटियों की पूजा व नारियों के सम्मान से ही देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिलाओं को संसद में आरक्षण देने के संबंध में जो विधेयक प्रस्तुत किया गया है। उससे भारत की आधी आवादी को देश हित के निर्णय में उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी। शुक्ल ने नारी शक्ति पथ संचलन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री जी ने स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने के उपरांत अब संसद में भी प्रतिनिधित्व देने का जो संकल्प लिया है वह अभिनंदनीय है जिसके माध्यम से नारी शक्ति को समुचित सम्मान मिलेगा। शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के हित में अनेक योजनाएँ व कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं जिसके माध्यम से महिलाएँ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ नारी की पूजा व सम्मान होता है वहां देवता भी वास करते हैं अत: नारी शक्ति का सम्मान करते हुए मजबूत इच्छा शक्ति के साथ उनके हक के लिये कार्य किये जा रहे हैं। शुक्ल ने कहा कि विन्ध्य की महिलाएँ किसी से पीछे नहीं हैं देश की पहली महिला फाइटर पायलट हमारे यहाँ की हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हम महिलाओं के हित में हमेशा ही कार्य किया है। उनका संकल्प है कि हर घर की महिला जागरूक हो, आगे आये और बराबरी के साथ चले। लखपती दीदी, स्वसहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी के साथ ही स्थानीय निकायों में हमें प्रतिनिधित्व मिला और अब नई राह खुल रही है। कार्यक्रम में महिला विदुषी ज्ञानवती अवस्थी ने कहा कि हमारी संस्कृति में मातृ वंदना होती है। मातृ शक्ति को ही सृष्टि की रचना का श्रेय दिया गया है इसलिए वह वंदनीय है। नारी अपने चरित्र से पुरूषों को प्रेरणा देती है इस लिए उसका स्थान सर्वोपरी हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह ने बताया कि नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा में 10 से 25 अप्रैल तक महिलाओं के सम्मान में अनेक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी कड़ी में संभाग स्तर का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने मोबाइल फोन से मिस्डकाल कर महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया। अवसर पर मातृ शक्तियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक पन्नाबाई प्रजापति, जिला पंचायत सदस्य पूर्णिमा तिवारी, गीता माझी, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र कुमार प्रजापति, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास शशिश्याम उइके, दर्शना वाकड़े, आशीष द्विवेदी, जीवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी व मातृ शक्तियाँ उपस्थित रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरती तिवारी ने किया।

मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सुपर 100 प्रवेश परीक्षा का परिणाम किया घोषित

भोपाल.  मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सुपर-100 प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। विद्यार्थी परीक्षा परिणाम ओपन स्कूल की बेवसाइड mpsos.nic.in पर देख सकते हैं। बोर्ड द्वारा यह परिणाम बीते 15 अप्रैल को घोषित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संचालित की जा रही है। विभाग की यह एक महत्वपूर्ण योजना हैं। मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए सुपर-1०० प्रवेश परीक्षा का 22 मार्च 2026 को आयोजन किया गया था। यह परीक्षा प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर हुई थी। अब 15 अप्रैल को बोर्ड द्वारा इसका रिजल्ट भी जारी कर दिया गया हैं। परीक्षा में प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी ही हिस्सा ले सकते हैं। परीक्षा के आधार पर चयनित बच्चों को प्रदेश के दो विद्यालयों शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल एवं शासकीय मल्हार आश्रम उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इंदौर में कक्षा 11वीं में प्रवेश दिया जाता है। जहां पर विद्यार्थी अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ JEE एवं NEET की कोचिंग करते हैं, जो ख्याती प्राप्त चयनित संस्थानों के द्वारा दी जाती है। दोनों संस्थाओं में JEE एवं NEET के लिए 76-76 सीटें उपलब्ध होती है। इस वर्ष JEE में 5152 एवं NEET परीक्षा के लिए 5011 विद्यार्थियों ने अपने आवेदन फार्म जमा किये थे।  

फर्जी शादी के तहत फंसी NRI महिला की हत्या, पंजाब में रची गई खौफनाक साजिश

अमृतसर  अमेरिका के सिएटल में रहने वाली 69 साल की रूपिंदर कौर लंबे समय से अकेली थीं और अपने जीवन में प्यार की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात इंटरनेट के जरिए चरणजीत सिंह ग्रेवाल नाम के एक व्यक्ति से हुई, जिसने उनसे शादी करने का वादा किया। चरणजीत ने खुद को अमीर और अच्छा इंसान बताया, जिससे रूपिंदर कौर उस पर भरोसा कर बैठीं और शादी के लिए भारत आ गईं, लेकिन भारत पहुंचने के बाद कहानी बदल गई। एयरपोर्ट पर चरणजीत नहीं आया। उसकी जगह उसके दो साथी सुखजीत सिंह ग्रेवाल और मनवीर सिंह ग्रेवाल उन्हें अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि दूल्हा बाद में आएगा और तब तक वे उनका ख्याल रखेंगे। उन्होंने रूपिंदर कौर को “मां” कहकर भरोसा दिलाया, लेकिन असल में वे उन्हें ठग रहे थे। उन्होंने डराया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है और केस सुलझाने के नाम पर उनसे करीब 40 लाख रुपये और 40 तोला सोना ले लिया। कुछ दिनों बाद, 12-13 जुलाई की रात, इन लोगों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। फिर सबूत मिटाने के लिए उनके शव के टुकड़े किए, जलाया और नाले में फेंक दिया। इस पूरे मामले का खुलासा उनकी बड़ी बहन कमलजीत कौर ने किया। उन्हें शक हुआ जब उनकी बहन का फोन बंद हो गया। उन्होंने सारे चैट और सबूत इकट्ठा कर पुलिस को दिए। पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी सुखजीत को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी चरणजीत अभी फरार है। अब इस केस में डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साबित होगा कि जो अवशेष मिले हैं, वे रूपिंदर कौर के ही हैं। उनकी बहन आज भी न्याय का इंतजार कर रही हैं।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में कुटीर एवं ग्रामोद्योग की उल्लेखनीय भूमिका : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल.  कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के संकल्प को साकार करने में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की भूमिका अत्यंत उल्लेखनीय है। विभाग के प्रयासों से प्रदेश के लाखों कारीगर, बुनकर, शिल्पी और ग्रामीण उद्यमी स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं। राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि विभाग द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कारीगर समृद्धि योजना और एक जिला-एक उत्पाद जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। पिछले तीन वर्षों में विभाग के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए। प्रमुख उपलब्धियां हथकरघा एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा : चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट और गोंड पेंटिंग जैसे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिला। ‘एमपी हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम’ के माध्यम से 1800 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया गया। माटी कला एवं बांस शिल्प का पुनरुद्धार : कुम्हारों और बांस शिल्पियों को आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराया गया। इससे 35 हजार से अधिक परिवारों को सीधा लाभ मिला। महिला सशक्तिकरण : स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 1.2 लाख महिलाओं को अगरबत्ती, मसाले, अचार, दोना-पत्तल और सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से जोड़ा गया। डिजिटल मार्केटिंग : ‘मृगनयनी’ और ‘ओडीओपी’ उत्पादों को एमेजॉन, फ्लिपकार्ट और जीईएम पोर्टल से जोड़कर कारीगरों को देशभर का बाजार उपलब्ध कराया गया। राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के विजन को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग जमीन पर उतार रहा है। हमारा लक्ष्य है कि हर गांव का हुनर, हर हाथ को काम मिले। उन्होंने कहा कि विभाग जिला स्तरीय क्लस्टर विकास, कारीगरों के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर और निर्यात प्रोत्साहन पर विशेष फोकस करेगा, जिससे मध्यप्रदेश के पारंपरिक हुनर को वैश्विक पहचान बनाए रखने में मदद मिलेगी।  

किशनगंज में पुलिस अफसरों की जोड़ी पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति का आरोप

किशनगंज बिहार के किशनगंज में तैनात रहे निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार और लाइन हाजिर किए गए थानेदार अभिषेक कुमार रंजन की जोड़ी पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के बीच तालमेल इतना मजबूत था कि अवैध वसूली से लेकर उसके बंटवारे तक एक संगठित तंत्र के तहत काम किया जाता था। ईओयू की जांच में यह भी सामने आया है कि कई संपत्तियां बेनामी हो सकती हैं और इन्हें छिपाने के लिए तीसरे पक्ष के नाम का इस्तेमाल किया गया। डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच में सामने आया है कि दोनों अधिकारियों ने बालू, पशु, लॉटरी, कोयला और तथाकथित ‘एंट्री’ माफिया से साठगांठ कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। इन अवैध गतिविधियों के जरिए न केवल नियमित उगाही की जाती थी, बल्कि क्षेत्र में संचालित विभिन्न गैर कानूनी धंधों को संरक्षण भी दिया जाता था। ईओयू के अनुसार दोनों घूसखोर पुलिस अधिकारी के बीच बीते तीन महीने में 2000 बार मोबाइल कॉल पर बातचीत हुई है।आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं। बेनामी संपत्तियों का सत्यापन कर रही ईओयू ईओयू को मुजफ्फरपुर के कांटी सहित पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर सहित कई जगहों पर थानाध्यक्ष की नामी-बेनामी संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। अलग-अलग टीम के माध्यम से इन संपत्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। सिलीगुड़ी स्थित फ्लैट से लेकर दार्जिलिंग रोड में खरीदी गयी जमीन के भुगतान स्त्रोत आदि को लेकर जांच चल रही है। थानेदार से ईओयू कार्यालय में बुला कर पूछताछ होगी आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपित किशनगंज नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर लगे आरोपों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) उनसे पूछताछ करेगी। उनको नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पटना स्थित ईओयू कार्यालय बुलाया जाएगा। ईओयू सूत्रों के मुताबिक आरोपित थानाध्यक्ष को अगले हफ्ते सोमवार को उपस्थित होने की नोटिस दी जा सकती है। पूछताछ के दौरान उनको अपने पक्ष में बयान व दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाएगा। थानाध्यक्ष पर अपने सेवाकाल में करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां बनाने का आरोप है। अभिषेक निलंबित एसडीपीओ का राजदार किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले की छानबीन के दौरान ही अभिषेक रंजन ईओयू के निशाने पर आये। छानबीन में सामने आया कि अभिषेक निलंबित एसडीपीओ के राजदार हैं। उनका स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया व तस्करों से गहरे संबंध हैं। उनके व्यापार को प्रश्रय देने के एवज में उनको नियमित रूप से कमीशन की राशि मिलती थी। यह राशि जमीन, मकान सहित अन्य नामी-बेनामी संपत्तियां जमा करने में निवेश की जाती थी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे तरक्की का खोलेगा नया मार्ग

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज का दिन भारत के लोकतंत्र के इतिहास का बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 21वीं शताब्दी के सबसे बड़े निर्णय नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत हुई है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बहनों के राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। नारी केवल सृष्टि की जननी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन्नति की वास्तविक सूत्रधार है। जब हम विकसित भारत की कल्पना करते हैं, तो उसकी नींव में आधी आबादी के सामर्थ्य, संघर्ष और सफलता की कहानियां स्पष्ट दिखाई देती हैं। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी सामर्थ्य को संवैधानिक मान्यता देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं के लिए नेतृत्व के नए द्वार खोलने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री मोदी देशवासियों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी समान रूप से ध्यान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य के भूमि-पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री और नर्मदापुरम के प्रभारी राकेश सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही स्थानीय निकाय और नगरीय निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत पद बहनों के लिए आरक्षित हैं। राज्य सरकार बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, राज्य सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है। प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को अब तक 55 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि दी जा चुकी है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत से लेकर अब तक प्रति बहन 40 हजार 500 रुपए से अधिक राशि बहनों के बैंक खातों में आई है। बहनें चिंता न करें, योजना की राशि बढ़कर 1500 रुपए करने के साथ आगे भी जो संभव होगा वह किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्कूलों के बच्चों को "माता यशोदा योजना" के अंतर्गत नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटे जाएंगे। हमारे बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनेंगे। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने और गौपालन को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए "डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना" की शुरू की है। इससे हमारे भाई-बहनों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने कठिन समय में सड़क पर घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना शुरू की है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को 25 हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप देने की व्यवस्था है। मुश्किल वक्त में गरीब-जरूरतमंदों की मदद के लिए एयर एम्बुलेंस भी संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पर्यटन, उद्योग, वन्य जीव और जनजातीय क्षेत्रों को समेटे नर्मदापुरम जिला विविधता से परिपूर्ण है। पचमढ़ी में राजा भभूत सिंह के नाम पर कैबिनेट बैठक आयोजित की गई थी। नर्मदापुरम में नर्मदा लोक भी बन रहा है। नर्मदापुरम में उद्योग और कृषि के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सड़कें विकास का आधार हैं, इस तथ्य को दृष्टिगत रख नर्मदापुरम जिले में अनेक सड़क परियोजनाओं का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि सिवनी मालवा को लगभग 1000 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इसमें 972 करोड़ से अधिक लागत के 72 किलोमीटर लंबे नर्मदापुरम-टिमरनी स्टेट हाईवे-67 का उन्नयन एवं पुनर्निर्माण कार्य का भूमि-पूजन शामिल है। यह केवल सड़क नहीं है, इससे सीधे इंदौर-उज्जैन तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इस स्टेट हाईवे के माध्यम से सिवनी-मालवा नए दौर में प्रवेश करेगा और कनेक्टिविटी का लाभ पूरे क्षेत्र को मिलेगा। सिवनी-मालवा में इस सड़क के साथ विकास का सूर्योदय हुआ है। स्टेट हाईवे के साथ सिवनी-मालवा को 106 करोड़ 30 लाख लागत के 96 विकास कार्यों की सौगात मिली है। जिसमें 48 करोड़ 61 लाख की लागत के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण और 57 करोड़ 69 लाख की लागत के 51 विकास कार्यों का भूमि-पूजन संपन्न हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा नदी आंवली घाट के हथनापुर गांव में सिंचाई परियोजना के विकसित करने की घोषणा की। इस परियोजना का लाभ क्षेत्र के 40 गांवों के 10 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने नगर पालिका सिवनी-मालवा में सड़क, सीवेज, बिजली-पानी की मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विशेष निधि से राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी-मालवा-शिवपुर बावरी मुख्य मार्ग की मंजूरी, पीपलपुरा पुल निर्माण और बनापुरा के शासकीय स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही शिवपुर और डोलपुर में सांदीपनि विद्यालय के लिए सर्वे कराने और एक विद्यालय की मंजूरी देने की घोषणा की। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में विकास की अनेक सौगातें दी हैं। सिवनी-मालवा कृषि से समृद्ध क्षेत्र है। पिछले दो साल में ही 984 करोड़ की लागत की सड़कों की सौगात सिवनी-मालवा को मिली है। राज्य सरकार ने नर्मदापुरम जिले में ऐतिहासिक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की है, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ। लोक निर्माण विभाग गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कर रहा है। उन्होंने विभाग के लोकपथ ऐप की जानकारी दी। विधायक प्रेमशंकर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिवनी-मालवा को लगातार विकास कार्यों की सौगातें मिल रही हैं। इस क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने और सिंचाई सुविधाओं के विकास से किसानों को लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल के परिणामस्वरूप इंडियन ऑयल द्वारा डोलरिया में नया प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इससे नर्मदापुरम के युवाओं को रोजगार मिलेगा। विधायक वर्मा ने आंवली घाट पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधा के विकास कार्य और सिवनी-मालवा शहर का सीवेज नदी में मिलने से रोकने के लिए योजना तैयार करने का अनुरोध किया। कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, विधायक विजयपाल सिंह, विधायक ठाकुर दास नागवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राधा पटेल, जिलाध्यक्ष सुप्रीति शुक्ला तथा बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सिवनी … Read more

बड़े लोगों को निशाना बनाकर फर्जी सोना बेचने वाला गिरोह पकड़ा गया

गुरुग्राम गुरुग्राम पुलिस ने सस्ते दाम पर सोने के सिक्के बेचने का झांसा देकर देशभर में ठगी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह वही गिरोह है जिसने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के पिता सलीम खान और अभिनेता आदित्य पंचोली जैसे नामचीन लोगों को भी अपना शिकार बनाया था. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से करोड़ों रुपये नकद और भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया है. यह गिरोह पढ़े‑लिखे और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को बड़े ही शातिराना तरीके से जाल में फंसाता था. गुरुग्राम पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, सस्ते सोने के सिक्के बेचने के नाम पर ठगी करने वाले इस अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गुजरात और गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 2 करोड़ 30 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने नकली सोने के सिक्कों के जरिए करीब 2.49 करोड़ रुपये नकद और 50 तोला सोने की ठगी को अंजाम दिया था. ऐसे जीतते थे भरोसा, फिर करते थे वारदात पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे. सबसे पहले वे पीड़ित को कुछ असली सोने और चांदी के सिक्के दिखाते थे, जिससे उसका भरोसा जीत लिया जाता था. जब पीड़ित को यह यकीन हो जाता कि सिक्के असली हैं, तो आरोपी उसे अधिक मात्रा में सस्ते दाम पर सोना बेचने का झांसा देते थे. इसी लालच में आकर लोग बड़ी रकम दे देते थे और बदले में उन्हें पीतल के नकली सिक्के थमा दिए जाते थे. हाईवे पर करते थे रेकी, बड़ी गाड़ियों को बनाते थे निशाना आरोपी पहले बड़े एक्सप्रेसवे और हाईवे पर रेकी करते थे. जहां से बड़ी और लग्जरी गाड़ियां गुजरती थीं, वहां ये गिरोह सक्रिय रहता था. जैसे ही उन्हें कोई बड़ी गाड़ी नजर आती, वे उसे किसी बहाने से रोक लेते और फिर अपने ठगी के जाल में फंसा लेते थे. पुलिस के मुताबिक, गिरोह खासतौर पर अमीर, पढ़े‑लिखे और प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता था. मजदूर बनकर सुनाते थे ‘खुदाई में सोना मिलने' की कहानी पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य खुद को गरीब मजदूर के रूप में पेश करते थे. वे यह कहानी गढ़ते थे कि खुदाई के दौरान उन्हें सोना मिला है और वे उसे सस्ते में बेचना चाहते हैं. इस कहानी से लोगों में लालच पैदा कर वे ठगी को अंजाम देते और फिर मौके से फरार हो जाते थे. 25 साल से ठगी कर रहा था सरगना प्रभुभाई इस गिरोह का सरगना प्रभुभाई बताया जा रहा है, जो पिछले 25 वर्षों से इस तरह की ठगी की वारदातों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं. इतना ही नहीं, ठगी के पैसों से उसने एक होटल खरीदा और “लव यू” नाम की एक गुजराती फिल्म का निर्माण भी किया. गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला पुलिस के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क देश के अलग‑अलग राज्यों में फैला हुआ था. इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही और भी गिरफ्तारियां की जाएंगी. गुरुग्राम पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है, ताकि इस तरह की ठगी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके.

सुवर्णरेखा नदी किनारे बम मिलने से हड़कंप, सेना से मदद मांगी गई

 सिंहभूम पूर्वी सिंहभूम जिले में बहरागोड़ा में सुवर्णरेख नदी किनारे एक बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यह बम वर्ल्ड वॉर-2 के दौरान का हो सकता है। बम की खबर मिलते ही लोगों में भय और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए तुरंत दूरी बना ली। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी है। इसी साल मार्च में भारतीय सेना के जवानों ने बहरागोड़ा में दो एक्टिव बमों को निष्क्रिय किया था। इन दो बम को लेकर भी आशंका थी कि यह वर्ल्ड वॉर-2 के दौरान के हो सकते हैं। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने छानबीन में पाया था कि दोनों बम एक्टिव थे और वजन में काफी भारी थे। 50-100 मीटर की दूरी पर ही फिर मिला एसपी (ग्रामीण) ऋषभ गर्ग ने कहा ने कहा ‘बम को पानीपाड़ा गांव के निवासियों ने बुधवार की रात को बम को देखा था। यह हम सुवर्णरेख नदी किनारे पर पड़ा था। बम उस जगह से लगभग 50-100 मीटर की दूरी पर है जहां पहले दो बम मिले थे। हम निरीक्षण करने और जरूरी कार्रवाई शुरू करने के लिए भारतीय सेना के साथ बातचीत कर रहे हैं।’ इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई बहरागोड़ा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि बम जैसी दिखने वाली धातु से बनी ठोस वस्तु का आकार और वजन मार्च में बरामद किए गए दो बमों के के जैसा ही है। एहितयात के तौर पर इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 25 मार्च को किया था डिफ्यूज पानीपड़ा-नागसुड़ाई में स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले विशाल सिलेंडरनुमा मिसाइल बम को भारतीय सेना ने आस-पास के इलाके को खाली करवाकर डिफ्यूज कर दिया था। बम का वजन करीब 200 किलोग्राम था। ये बम मजदूर को रेत की खुदाई के दौरान मिला था। 30 मिनट के अंतराल में डिफ्यूज इसके बाद, जब मौके की जांच की गई तो पास के ही एक ग्रामीण के घर में भी उसी आकार का दूसरा बम बरामद हुआ। दोनों बमों को डिफ्यूज कम करने के लिए इन विस्फोटकों को घटना स्थल के पास ही खोदे गए 25-30 फीट गहरे गड्ढे में रखा गया और चारों तरफ से रेत की बोरियों से ढक दिया गया ताकि किसी भी तरह के नुकसान को रोका जा सके। दोनों बमों को एक के बाद एक 30 मिनट के अंतराल में डिफ्यूज कर दिया गया था। साथ ही एहतियात के तौर पर लोगों को अगले 24 घंटों तक उस स्थान के आसपास न जाने की सलाह दी गई थी।  

राज्यमंत्री गौर ने किया 6.20 करोड़ की लागत के सड़क निर्माण कार्य का भूमि-पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरुवार को 3 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया। खेजड़ा बरामद मार्ग के इस विकास कार्य से विदिशा रोड से अयोध्या बायपास रोड की कनेक्टिविटी और ज्यादा सुलभ होगी। इस सड़क निर्माण कार्य पर करीब 6 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत आएगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी और भविष्य में व्यापारिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी। राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सड़क क्षेत्र के यातायात को सुलभ और सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस मार्ग के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा, साथ ही स्थानीय नागरिकों को राहत भी मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय नागरिकों ने इस पहल पर खुशी व्यक्त करते हुए राज्यमंत्री गौर का आभार व्यक्त किया। रहवासियों ने कहा कि यह निर्माण कार्य क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है। कार्यक्रम में पार्षद शकुन लोधी, राजू लोधी, राजू राठौड़ सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी शामिल हुए।