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प्रदेश में 8 वन स्टॉप सेंटर, UCC के लिए बनेगी विशेष कमेटी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और कानूनी सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। महिला सुरक्षा हेतु 8 नए वन स्टॉप सेंटर हिंसा से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए राज्य में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने की मंजूरी दी गई है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार के मनावर व पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया व सांवेर और झाबुआ के पेटलावद में स्थापित किए जाएंगे। यहां पीड़ितों को एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थाई आश्रय जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला हेल्पलाइन-181 जैसी योजनाओं के लिए वर्ष 2031 तक ₹240 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए समिति का गठन उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। कैबिनेट ने इसके लिए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी, कानून विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। समिति 60 दिनों के भीतर उत्तराखंड और गुजरात के मॉडलों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बुनियादी ढांचे और सिंचाई के लिए भारी निवेश राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए लोक कल्याणकारी कार्यों हेतु ₹19,810 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा, लगभग ₹10,801 करोड़, सड़क और पुल निर्माण के लिए रखा गया है। इसमें एन्यूटी भुगतान और 'बनाओ, चलाओ और सौंपो' (BOT) मॉडल के तहत सड़कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सागर जिले की मिडवासा सिंचाई परियोजना को ₹286.26 करोड़ की मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्रीय किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी

दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का राष्ट्र को समर्पण पश्चिम यूपी के लिए गेमचेंजर होगा दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की यात्रा अब बेहद कम समय में होगी पूरी इकोनॉमिक कॉरिडोर देने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया सीएम ने, कॉरिडोर के दायरे में आने वाले जनपदों के लोगों को दी बधाई इकोनॉमिक कॉरिडोर से वुडवर्क, स्पोर्ट्स गुड्स और कृषि उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार, उद्योग व रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री सीएम ने कहा, ‘डबल इंजन’ सरकार की इंफ्रास्ट्रक्चर नीति का दिख रहा असर, क्षेत्रीय विकास को मिली नई रफ्तार जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, उनसे विकास और रोजगार की उम्मीद करना एक दिवास्वप्न: सीएम सहारनपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि अब सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून की दूरी काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। सीएम ने कॉरिडोर के लोकार्पण को प्रदेश के विकास का ऐतिहासिक क्षण बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि सहारनपुर के वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और क्षेत्रीय किसानों के उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी से होते हुए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार की विकास दृष्टि को साकार करती है। कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कर-कमलों से दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून कॉरिडोर का लोकार्पण होना प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी जनपदवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया तथा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व एनएचएआई के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सहारनपुर से दिल्ली व देहरादून तक का सफर तेजी से पूरा किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। प्रदेश के उत्पादों की वैश्विक बाजारों तक होगी पहुंच मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से सहारनपुर के वुडवर्क समेत शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ व बागपत में बनने वाले विभिन्न उत्पादों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। जैसे मेरठ स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण का केंद्र है, यह क्षेत्र मेहनती अन्नदाता किसानों का है। सरकार इस क्षेत्र में गन्ना, फल-सब्जी व विभिन्न खाद्यान्न उत्पादन को आगे बढ़ा रही है। अब इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में इन सभी उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने का एक उत्कृष्ट माध्यम प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नया भारत विकास, सुशासन और सेवा का जो मॉडल स्थापित कर रहा है, उसे हम इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के माध्यम से भी देख सकते हैं। महापुरुषों के सम्मान में होंगे विशेष कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह अवसर हम सबके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में सामाजिक न्याय को धरातल पर उतारने वाले संविधान शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की आज 135वीं पावन जयंती है। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को चाहे वह किसी जाति का हो, किसी संप्रदाय का हो, किसी क्षेत्र का रहने वाला हो, महिला हो, पुरुष हो, बुजुर्ग हो या नौजवान, सभी को समान अधिकार देकर एक सशक्त भारत की नींव रखी। बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए प्रधानमंत्री जी ने देश में ‘पंचतीर्थ’ का निर्माण कराया। उनकी प्रेरणा से हमारी सरकार ने भी तय किया है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि समेत सामाजिक न्याय के प्रणेता महापुरुषों की जहां-जहां मूर्तियां स्थापित हैं, वहां यदि बाउंड्री वॉल या मूर्ति के ऊपर छत नहीं है तो सरकार आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराकर इन कार्यों को पूर्ण कराएगी। इस कार्य की शुरुआत होने जा रही है। यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को एक सूत्र में जोड़ते हुए प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाता है। बड़े से बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षा, सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनकर उभरा है। ‘डबल इंजन’ सरकार की ताकत क्या होती है, यह आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। चाहे उत्तराखंड हो, उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, अब बड़े से बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कोई दुविधा नहीं है। आज सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित हो चुका है। सरसावा में सिविल टर्मिनल समेत एयरपोर्ट का निर्माण हो रहा है। अब सहारनपुर का कोई नौजवान यदि फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहता है तो जेवर में फिल्म सिटी का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह क्षेत्र भी अपनी प्रतिभा को समाज के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है। समाज को बांटने वाले विकास के बारे में नहीं सोच सकते मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विकास होता है, तो उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। मैं देख रहा था कि मां शाकुंभरी कॉरिडोर कितना भव्य बन रहा है। नवरात्रि से ठीक पहले मैं उसका निरीक्षण करने के लिए आया था। यह तभी संभव होता है, जब ऐसी सरकार हो जो विरासत का संरक्षण भी करती हो और विकास कार्यों को बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके आगे बढ़ाती हो। जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, जाति के नाम पर, परिवारवाद के नाम पर, जो वैमनस्यता फैलाते हैं, वे कभी विकास के बारे में नहीं सोच सकते। जिन लोगों ने समाज को विभाजित किया, जो अराजकता में विश्वास रखते हैं, जिन्होंने प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया, माफियाओं को प्रश्रय दिया और दंगों-कर्फ्यू को बढ़ावा दिया, उनसे यह उम्मीद करना कि वे विकास करेंगे, नौजवानों को रोजगार देंगे या किसानों के लिए काम करेंगे, अपने आप में एक दिवास्वप्न है। क्लस्टर विकसित करने पर जोर सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सहारनपुर, मेरठ और बागपत में सुदृढ़ इंडस्ट्रियल व हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के … Read more

मुख्यमंत्री ने सपा पर किया हमला, स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बरता को बताया असली चरित्र

स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार कर सपा ने दिखाया वास्तविक चरित्रः मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने सपा व कांग्रेस को आड़े हाथ लिया सीएम ने किया स्मारिका का विमोचन और 75 जनपदों में स्थापित बाबा साहेब की 75 मूर्तियों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ हजरतगंज चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर भी सीएम ने माल्यार्पण कर संविधान निर्माता को किया नमन मुख्यमंत्री ने समाज को बांटने वाली ताकतों से पूछा, जब बांग्लादेश में दलित नौजवान को जलाया जा रहा था तब क्यों सिल गया था मुंह वंचितों को वरीयता, अति पिछड़ों को प्राथमिकता और दलितों को सम्मान दे रही यूपी की डबल इंजन सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने स्टेट गेस्ट हाउस में महिलाओं के साथ बर्बर व्यवहार कर अपना वास्तविक चरित्र दिखाया था। कांग्रेस ने बाबा साहेब को चुनाव से वंचित रखने का प्रयास किया। उन्हें भारत रत्न न मिले, इसके लिए षडयंत्र रचे। कांग्रेस आज भले ही संविधान की प्रति लेकर घूम रही है, लेकिन उसकी असलियत को समझने की आवश्यकता है।  मुख्यमंत्री ने मंगलवार को डॉ. आंबेडकर महासभा कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में स्मारिका का विमोचन किया और 75 जनपदों में स्थापित बाबा साहेब की 75 मूर्तियों के सौंदर्यीकरण व संरक्षण कार्य का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके पहले सीएम योगी ने हजरतगंज चौक स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।  विपक्ष पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा, दलितों के लिए घड़ियाली आंसू बहाने वाले गिनाएं कि बाबा साहेब के नाम पर उन्होंने क्या किया और उनके दर्शन से क्या प्रेरणा ली? सब जानते हैं कि कौन मुख्यमंत्री बनने पर दलित महापुरुषों के स्मारक तोड़ने की धमकी देता था। कड़वा-कड़वा थू, मीठा-मीठा गप, नहीं चलेगा और समाज यह स्वीकार भी नहीं करेगा, क्योंकि समाज असलियत जानता है। जाति के नाम पर समाज को बांटने वाली ताकतें बताएं कि जब बांग्लादेश में दलित नौजवान को जलाया जा रहा था तो उनका मुंह क्यों सिला था।  बाबा साहेब ने दिखाई थी न्याय की रोशनी मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने, दलितों, वंचितों, गरीबों को न्याय प्रदान करने के लिए समर्पित था। हर दलित-वंचित, गरीब, महिला जब न्याय की अपेक्षा रखती है और उसे जो रोशनी दिखाई देती है, वह रोशनी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने ही दिखाई थी। बाबा साहेब का जो प्रकाश फैला है, उसे हड़पने के लिए कुछ स्वार्थी ताकतें फिर से उनके नाम का स्मरण करने का नाटक कर रही हैं।  केजीएमयू, भाषा विवि व कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदला सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जिन लोगों को दलितों, वंचितों, गरीबों व महिलाओं से नफरत रही। जिन्होंने सामाजिक न्याय के पुरोधाओं का अपमान किया, सामाजिक न्याय के लिए पूरा जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के लिए सदैव रास्ते बंद किए, आज वे झुनझुना पकड़ाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे लोगों से पूछा जाना चाहिए कि दलित महापुरुषों के नाम पर बने जनपदों, केजीएमयू, भाषा विश्वविद्यालय व कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम क्यों बदल गया? दलितों-वंचितों व  गरीबों के हक पर किसने डकैती डाली, किसने दलितों-वंचितों को भूमि पट्टे के अधिकार से वंचित किया? किसने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय योजना पर ब्रेक लगाया और प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू नहीं होने दिया? बाबा साहेब के मूर्तिस्थलों पर बाउंड्रीवाल व छत्र लगाने का शुभारंभ सीएम ने कहा ये लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए। इन्होंने दलितों, वंचितों, गरीबों की पीड़ा कभी नहीं देखी। कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहेब के नाम पर हो, इसके लिए मंत्री असीम अरुण ने मेरा कार्यक्रम लगाकर वहां घोषणा करवाई। बाबा साहेब की 135वीं जयंती पर यूपी सरकार ने बड़े कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। पहले चरण में सभी 75 जनपदों में एक-एक, फिर सभी उन स्थानों पर, जहां सार्वजनिक भूमि पर बाबा साहेब की प्रतिमाएं हैं, वहां बाउंड्रीवाल व मूर्ति का छत्र बनाने के कार्यों का शिलान्यास किया गया है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मंत्री असीम अरुण को दी गई है। बाबा साहेब, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि, बिजली पासी, सातन पासी समेत सामाजिक न्याय के लिए कार्य करने वाले हर महापुरुष को हम सम्मान देंगे, जिनके कारण समाज मजबूती से टिका है। यह कार्यक्रम इसलिए हो रहा है कि महापुरुषों की मूर्तियां सुरक्षित रहें, गरीब-वंचित-दलित समाज का व्यक्ति जाकर सम्मान व्यक्त कर सके और कोई उपद्रवी मूर्तियों को नुकसान न पहुंचा सके। हमारी सरकार ने गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी, बदायूं में अवंती बाई लोधी और लखनऊ में ऊदा देवी पासी के नाम पर पीएसी बटालियन का निर्माण किया।  हमारी सरकार ने संत रविदास के प्रति ज्ञापित की कृतज्ञता सीएम ने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि वाराणसी के सीरगोवर्धन में माघ पूर्णिमा पर लाखों लोग एकत्र होते हैं। वहां पर्याप्त जगह नहीं थी। सपा के लोग कार्यक्रम नहीं होने देते थे। हमारी सरकार आई तो दो लाख लोगों के कार्यक्रम के लिए पार्क का निर्माण कराया, रविदास जी की भव्य प्रतिमा, फोरलेन, अतिथि भवन भी बना दिया। जिस महापुरुष ने अनुयायियों को कंठी देकर भक्ति परंपरा को ऊंचाई दी, हमारी सरकार उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रही है। सपा के लोग महर्षि वाल्मीकि की पावनस्थली लालापुर चित्रकूट में कब्जा कर रहे थे। वहां के साधु बार-बार मेरे पास आते थे। हमने प्रशासन को गुंडों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। आज वहां रोपवे, सड़क भी बना दी है। पीएम मोदी ने अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा, क्योंकि इन महापुरुषों ने समाज के लिए सब कुछ किया।  हमारी सरकार बना रही डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक व शोध केंद्र सीएम ने कहा कि लखनऊ में हमारी सरकार ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को बुलाकर डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक व शोध केंद्र के कार्य को बढ़ाया। इसके प्रथम चरण का काम लगभग पूरा हो चुका है, जुलाई तक द्वितीय चरण का कार्य कराने का निर्देश दिया … Read more

सोलर दीदी अभियान से यूपी में स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रही महिलाएं

यूपी में ‘सोलर दीदी’ अभियान को मिली रफ्तार, महिलाएं कर रहीं स्वच्छ ऊर्जा क्रांति की अगुवाई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने में महिलाओं की अहम भूमिका वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148  ‘सोलर दीदी’ सक्रिय 7 दिवसीय प्रशिक्षण के जरिए तकनीकी रूप से सक्षम बनाई जा रहीं महिलाएं एसएचजी नेटवर्क के माध्यम से गांव-शहर तक तेजी से बढ़ेगी सोलर इंस्टॉलेशन की पहुंच लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को गति देने के लिए एक अभिनव पहल के रूप में “सोलर दीदी” अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए महिलाओं को केंद्र में रखकर यह मॉडल तैयार किया है, जो अब प्रभावी परिणाम देने लगा है। इस अभियान के तहत वाराणसी में 111 और अयोध्या में 148 महिलाएं ‘सोलर दीदी’ के रूप में सक्रिय होकर रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा दे रहीं हैं। इन महिलाओं को शहरी स्थानीय निकायों द्वारा प्रति माह 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। राज्य के प्रमुख शहरों, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी में शहरी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में चिन्हित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के समन्वय से लागू की जा रही है। इस अभियान की खास बात यह है कि चयनित ‘सोलर दीदी’ घर-घर जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के लाभों के बारे में जागरूक करतीं हैं। साथ ही वे उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग देने से लेकर इंस्टॉलेशन और रखरखाव तक पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभातीं हैं। इस प्रकार वे सरकार और आम जनता के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रहीं हैं। महिलाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए 7 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं सहायक के रूप में कार्य कर सकतीं हैं, जबकि प्रशिक्षित एवं प्रमाणित सदस्य तकनीशियन की भूमिका निभाने में सक्षम होंगी। इसके अलावा सिटी लेवल फेडरेशन और एरिया लेवल फेडरेशन को भी विक्रेता के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे वे मांग सृजन, इंस्टॉलेशन समन्वय और सेवा वितरण में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। प्रदेश में पहले से मौजूद मजबूत स्वयं सहायता समूह नेटवर्क इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हजारों सक्रिय समूहों के माध्यम से यह पहल तेजी से जमीनी स्तर तक पहुंच रही है, जिससे सोलर ऊर्जा के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता दोनों बढ़ रही हैं। यूपी नेडा के अधिकारियों के अनुसार, ‘सोलर दीदी’ मॉडल न केवल योजना के लक्ष्यों को शीघ्रता से हासिल करने में मदद करेगा, बल्कि सामाजिक विश्वास, जनभागीदारी और महिला सशक्तीकरण को भी नई दिशा देगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

सक्ती हादसा: CM साय ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार की राहत राशि की घोषणा की

CM साय ने सक्ती हादसे में मृतकों के परिजन को 5 – 5 लाख और घायलों को 50 – 50 हजार रुपए सहायता राशि की घोषणा की  कमिश्नर बिलासपुर को जांच के  दिए आदेश रायपुर सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताते हुए हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 – 5  लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। साथ ही, हादसे में घायल हुए श्रमिकों को 50 – 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बिलासपुर को जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस हादसे के लिए जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी बनाए हुए है और राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

वेदांता पावर प्लांट हादसे पर उद्योग मंत्री ने जताया गहरा शोक

रायपुर  वाणिज्य, उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना में जानमाल के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मंत्री देवांगन ने इस घटना को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट कीं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में श्रमिकों की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। उद्योग मंत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही  कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर चर्चा कर जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है तथा घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मंत्री देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध श्रम क़ानून के अंतर्गत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मध्य प्रदेश में राशन वितरण के लिए चेहरा पहचानने की नई व्यवस्था, जल्द लागू होगा फेस रिकग्निशन

सागर   अब तक राशन के पात्र परिवारों को बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन मिलता है, लेकिन साल के अंत तक राशन फेस रिकग्निशन की व्यवस्था के तहत मिलेगा. खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि साल के अंत तक पात्र परिवारों को उचित मूल्य दुकानों से फेस रिकग्निशन के माध्यम से राशन वितरण की योजना है. ये व्यवस्था दिसंबर 2026 तक प्रदेश भर में लागू कर दी जाएगी।  अभी तक लागू है बाॅयोमैट्रिक वेरिफिकेशन व्यवस्था सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए बाॅयोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पात्र परिवारों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के आधार पर राशन वितरित किया जा रहा है. व्यवस्था के तहत पीओएस मशीन में फिंगर और थंब इंप्रेशन सही पाए जाने पर राशन मिलता है. ऐसे में जो वृद्ध और दिव्यांगजन राशन दुकान तक नहीं पहुंच पाते हैं और उनका बाॅयोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो सकता है या विफल रहता है. ऐसे हितग्राहियों को उनके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर राशन दिया जाता है।  ऐसे प्रदेश में 44 हजार 671 राशन हितग्राही हैं, जिनके परिवार के सदस्यों को नॉमिनी बनाकर राशन दिया जा रहा है. अब दिसंबर 2026 से फेस रिकग्निशन व्यवस्था के तहत राशन मिलेगा, जिसमें हितग्राही के फेस पैटर्न को एआई टूल्स के जरिए पहचानकर राशन वितरण किया जाएगा।  15 अप्रैल तक होगा राशन वितरण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, '' मार्च 2026 में 2 लाख 72 हजार मीट्रिक टन राशन एक करोड़ 24 लाख 34 हजार परिवारों को वितरित किया जा चुका है. जो परिवार या हितग्राही अब तक राशन नहीं ले पाए हैं, उनको 15 अप्रैल तक राशन वितरण किया जाएगा.'' मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने आगे बताया, '' मध्यप्रदेश के 36 हजार 486 परिवार अन्य राज्यों में राशन लेते हैं. वहीं, अन्य राज्यों के 7 हजार 252 परिवार मध्यप्रदेश में राशन लेते हैं. वहीं अंतर जिला पोर्टेबिलिटी के तहत 18 लाख 55 हजार 554 परिवारों द्वारा अन्य जिले/अन्य दुकान से राशन लिया है. इस प्रकार तय दुकान से राशन लेने की बाध्यता न होकर अपनी पसंद और पास की दुकान से राशन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सभी पात्र परिवारों को सुविधाजनक तरीके से राशन वितरण किया जा रहा है। 

पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश, 14 दिन में प्रारंभिक जांच पूरी नहीं की तो होगी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने राज्यभर के पुलिस अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि यदि किसी मामले में प्रारंभिक जांच (Preliminary Enquiry-PE) आवश्यक समझी जाती है, तो उसे अधिकतम 14 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।   पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के भीतर यह तय करना जरूरी होगा कि मामले में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। दरअसल अक्सर देखने में आता है कि कुछ मामलों को जांच के नाम पर लंबित रखा जाता है और इस दौरान अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए मुख्यालय ने सख्ती दिखाई है। जारी निर्देश के अनुसार, थाना प्रभारी केवल उन्हीं मामलों में प्रारंभिक जांच शुरू कर सकते हैं, जिनमें सजा तीन से सात साल के बीच निर्धारित हो, और इसके लिए भी उन्हें पहले डीएसपी स्तर के अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।  हाल ही में एक मामले में जिला पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कर उसे केवल जांच के दायरे में रखा गया था, जिस पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के पुलिस आयुक्तों सहित सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य’ का हवाला देते हुए दोहराया गया है कि संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। प्रारंभिक जांच केवल सीमित परिस्थितियों में ही की जा सकती है और उसे तय समयसीमा में पूरा करना होगा।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 11 बजे घोषित करेंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा के परिणाम

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को समत्व भवन, भोपाल से एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं एवं विद्यालय पूर्व शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) मुख्य परीक्षा 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे। यह परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे जारी किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर परिणाम देखने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट मोबाइल ऐप, डिजिलॉकर के माध्यम से भी अपना परीक्षा परिणाम आसानी से देख सकेंगे। विद्यार्थी इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे परीक्षा परिणाम https://mpbse.mponline.gov.in https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers https://www.jagranjosh.com https://education.indianexpress.com https://www.fastresult.in https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com https://toi.in/mpbseresult_class12 https://toi.in/mpbseresult class10 https://www.tv9hindi.com/education https://www.news9live.com https://www.ndtv.in https://arivihan.com/search-mp-board-result मोबाइल ऐप पर भी देख सकेंगे परिणाम कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम विद्यार्थी और अभिभावक मोबाइल पर भी देख सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को Google Play Store पर जाकर MPBSE MOBILE App अथवा MP Mobile App Download करना होगा। फिर Know Your Result आप्शन का चयन कर विद्यार्थी को अपना अनुक्रमांक (Roll Number) और आवेदन क्रमांक (Application Number) डालकर (submit) करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी Digilocker के माध्यम से अपना परीक्षा परिणाम देख सकेंगे।  

मंदसौर की महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन के तहत महानगरों में बिखेरी मिठास

नारी शक्ति वंदन: मंदसौर की महिलाओं ने घोल दी महानगरों में मिठास ग्राम पिपल्या कराड़िया महाराणा समूह बना स्व-रोजगार की मिसाल आत्मनिर्भरता का रचा मॉडल, दूसरों को भी दिया रोजगार मंदसौर प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी से ग्रामीण आजीविका मिशन सक्रियता से कार्य कर रहा है। मिशन की प्रभावी पहल से मंदसौर जिले के ग्राम पिपल्या कराड़िया की महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक कहानी लिखी है। ‘महाराणा स्व-सहायता समूह’ आज न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहा है। समूह की महिलाएं प्राकृतिक और स्वादिष्ट जूस एवं शेक निर्माण में दक्ष हो चुकी हैं। इनके उत्पादों में लेमन, जीरा, जिंजर लेमन, कच्ची केरी, आंवला जूस के साथ-साथ मिल्क शेक, बादाम शेक, राजभोग और शाही गुलाब शेक शामिल हैं, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मंदसौर जिले के इस समूह को आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 5 लाख का बैंक ऋण, डेढ़ लाख की सामुदायिक निवेश निधि तथा 10 हजार की चक्रीय राशि प्रदान की गई। इस सहयोग ने समूह को अपने व्यवसाय को मजबूती देने और विस्तार करने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया। दिल्ली और चंडीगढ़ तक पहुँची उत्पादों की गूंज आजीविका मिशन के मार्गदर्शन और सहयोग से समूह ने स्थानीय स्तर से आगे बढ़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उज्जैन, भोपाल, दिल्ली, नोएडा, सूरत, बड़ौदा, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में आयोजित मेलों में सहभागिता कर समूह ने अपने उत्पादों की विशेष पहचान स्थापित की है। ‘महाराणा स्वसहायता समूह’ प्रति माह 25 हजार से 30 हजार की शुद्ध आय अर्जित कर रहा है, जिससे वार्षिक आय लगभग 4 लाख तक पहुंच रही है। यह समूह अपनी 10 महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, वहीं दस अन्य लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है। ‘महाराणा समूह’ आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है, जो यह संदेश देता है कि सही मार्गदर्शन और शासन के सहयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रदेश में इन प्रकल्पों में आगे हैं महिलाएं मध्यप्रदेश में दीदी कैफे संचालन, होम स्टे संचालन, अनेक लघु उद्योगों और व्यवसायों के संचालन के साथ ही टोल टैक्स पर दायित्व निभाकर महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं। लगभग 5 लाख स्व-सहायता समूहों के संचालन में सार्थक भूमिका निभाते हुए 62 लाख से अधिक बहनें आत्मनिर्भर बनी हैं। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के अभियान को अच्छी सफलता मिली है। जहाँ शहरों की बेटियां पायलट बनकर हवाई जहाज उड़ा रही हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों और पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों में शामिल होकर पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रौशन कर रही हैं।