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राजधानी में गूंजेगी महिला शक्ति: 986 आरक्षियों की पासिंग आउट परेड में CM योगी लेंगे सलामी

लखनऊ. आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत चयनित 60,244 आरक्षियों में से पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की आरटीसी में प्रशिक्षण प्राप्त 986 महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड 26 अप्रैल को रिजर्व पुलिस लाइंस, महानगर, लखनऊ में आयोजित होगी। परेड का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सलामी लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन महिला आरक्षियों को आधुनिक पुलिसिंग से लेकर साइबर क्राइम तक का प्रशिक्षण दिया गया है। कार्यक्रम सुबह करीब 8 बजे शुरू होगा और इसे प्रदेश के सभी जनपदों के पुलिस लाइंस, पीएसी वाहिनियों व प्रशिक्षण संस्थानों में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इससे एक साथ पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी मजबूत संदेश जाएगा। 2017 के बाद महिलाओं की रिकॉर्ड भर्ती 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार पहुंच गई है। अब प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। फिजिकल ट्रेनिंग के साथ कानून, तकनीक, अनुशासन और व्यावहारिक पुलिसिंग पर फोकस आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिला आरक्षियों को फिजिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ आधुनिक पुलिसिंग के सभी जरूरी पहलुओं में प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण में सोशल पुलिसिंग, साइबर क्राइम की रोकथाम, आधुनिक तकनीक, सीसीटीएनएस, फॉरेंसिक साइंस व मेडिसिन, हथियार संचालन, अपराध नियंत्रण, विवेचना, पुलिस अभियोजन, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन और पुलिस रेडियो संचार प्रणाली जैसे विषय शामिल रहे। आधुनिक, संवेदनशील और सक्षम पुलिस कर्मी के रूप में किया गया तैयार  इसके साथ ही भारतीय संविधान, मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता, पुलिस की कार्यप्रणाली, अनुशासन, नैतिकता और जवाबदेही पर भी विशेष जोर दिया गया। व्यावहारिक प्रशिक्षण के तहत आरक्षियों को गार्ड ड्यूटी, बंदी एस्कॉर्ट, हवालात ड्यूटी, वर्दी पहनने के नियम, अधिकारियों की वर्दी पहचान, सैल्यूट की विधि, योग, खेल और श्रमदान जैसी गतिविधियों में भी दक्ष बनाया गया। यह प्रशिक्षण महिला आरक्षियों को आधुनिक, संवेदनशील और सक्षम पुलिस कर्मी के रूप में तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

योगी सरकार की योजना का असर, डेयरी नेटवर्क से महिलाओं की आय बढ़ी

 लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा शुरू की गई 'महिला सामर्थ्य योजना' आज अवध क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के कायाकल्प का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। अयोध्या से लेकर कानपुर नगर तक के सात जनपदों के डेढ़ हजार से अधिक गांवों में इस योजना ने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। अब इस योजना का सफल विस्तार लखनऊ, उन्नाव और बाराबंकी जैसे जिलों में भी किया जा रहा है, जो प्रदेश की 'आधी आबादी' के सशक्तिकरण के प्रति सरकार के संकल्प को दर्शाता है। मुख्यमंत्री का विजन: सशक्त महिला, समृद्ध समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि जब एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो पूरा परिवार और समाज समृद्ध होता है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए 'महिला सामर्थ्य योजना' के माध्यम से महिलाओं को उत्पादन से लेकर बाजार उपलब्ध कराने और भुगतान की प्रक्रिया तक सीधे जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री के इस फोकस का नतीजा है कि आज अवध की महिलाएं डेयरी नेटवर्क का हिस्सा बनकर अपने परिवारों की मुख्य आर्थिक संरक्षक बन चुकी हैं। डेयरी नेटवर्क से श्वेत क्रांति और 1380 करोड़ का डीबीटी इस योजना की सबसे बड़ी सफलता इसका विशाल डेयरी नेटवर्क है। अवध क्षेत्र के गांवों से आज प्रतिदिन लगभग 4 लाख लीटर दूध का संग्रह किया जा रहा है। यह महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक गतिविधि का प्रमाण है। योजना की पारदर्शिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक महिलाओं के बैंक खातों में 1380 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे भेजी जा चुकी है। इस व्यवस्था ने बिचौलिया तंत्र को जड़ से खत्म कर महिलाओं का भरोसा सरकार और सिस्टम पर मजबूत किया है। शून्य से शिखर तक: एक लाख महिलाओं का जुड़ाव योजना की विकास यात्रा किसी मिसाल से कम नहीं है। मार्च 2023 में महज 340 गांवों और 8000 महिलाओं के साथ शुरू हुआ यह अभियान आज 1550 गांवों तक फैल चुका है, जिसमें एक लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। दुग्ध व्यवसाय का यह तेजी से हुआ विस्तार यह सिद्ध करता है कि योगी सरकार की नीतियां सीधे जमीन पर असर डाल रही हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खोल रही हैं। सफलता की मिसाल: सुल्तानपुर की अनीता वर्मा योजना की कामयाबी को सुल्तानपुर के दूबेपुर ब्लॉक की अनीता वर्मा जैसी हजारों महिलाओं की सफलता से समझा जा सकता है। मुकुंदपुर गांव की रहने वाली अनीता ने केवल दो गायों से अपना काम शुरू किया था और आज वह सफलता का एक वैश्विक मॉडल बन चुकी हैं। गत वर्ष उन्हें लगभग साढ़े छह लाख रुपये का भुगतान हुआ है। अनीता की यह कहानी न केवल आर्थिक बदलाव की गाथा है, बल्कि यह साबित करती है कि यदि ग्रामीण महिलाओं को सही अवसर और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे समाज का भविष्य बदलने की क्षमता रखती हैं।  

योगी सरकार ने बुजुर्गों को दिया सुरक्षा कवच, हर जिले में वृद्धाश्रमों से बेघर और असहाय बुजुर्गों को मिल रहा सहारा

लखनऊ.  योगी सरकार प्रदेश के बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां बेघर, निराश्रित और असहाय बुजुर्गों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा और देखभाल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। इस व्यवस्था से वर्तमान समय में 6055 बुजुर्गों को सुरक्षा और सहारा मिल रहा है। नाश्ते से लेकर भोजन तक पौष्टिक खानपान प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि बुजुर्गों को सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों के लिए सुबह नाश्ते से लेकर दोपहर और रात के भोजन तक पौष्टिक खानपान की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही साफ-सुथरे वस्त्र, स्वच्छ बिस्तर और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। वहीं वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों की चिकित्सा सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाएं, डॉक्टरों की परामर्श सेवा और आपातकालीन स्थिति में तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे उन बुजुर्गों को राहत मिली है, जो आर्थिक तंगी या पारिवारिक उपेक्षा के कारण इलाज नहीं करा पाते थे। सभी जिलों में संचालित हैं वृद्धाश्रम योगी सरकार में यूपी के सभी 75 जिलों में 150 क्षमता वाले वृद्धाश्रम संचालित हैं जहां नाश्ते में चाय, हलवा, चना, नमकीन दलिया, नमकीन पूड़ी, पोहा और मीठी दलिया दी जाती है। वहीं दिन के खाने में अरहर दाल, राजमा, मिक्स वेज, मौसमी सब्जी, कढ़ी, रोटी, सब्जी, चावल और सलाद निर्धारित दिनों के अनुसार दिया जाता है। इसी तरह रात्रि के भोजन में रसेदार सब्जी, तहड़ी, खिचड़ी, पूड़ी, रोटी, चावल और खीर दी जाती है। योगी सरकार में बुजुर्गों को मिला नया जीवन योगी सरकार की इस बेहतर व्यवस्था से कई ऐसे बुजुर्गों को नया जीवन मिला है, जो पहले सड़कों, रेलवे स्टेशनों या सार्वजनिक स्थानों पर बेसहारा जीवन जीने को मजबूर थे। उन्हें सुरक्षित छत, समय पर भोजन और देखभाल मिल रही है। कई वृद्धाश्रमों में मनोरंजन, योग, भजन-कीर्तन और सामूहिक संवाद जैसी गतिविधियां भी कराई जाती हैं, जिससे बुजुर्ग मानसिक रूप से प्रसन्न और सक्रिय बने रहें। 1 हजार रुपए वृद्धापेंशन दे रही सरकार समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर निरीक्षण, समीक्षा और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है। जहां जरूरत है, वहां अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा प्रतिमाह बुजुर्गों को 1 हजार रुपए वृद्धापेंशन और आयुष्मान कार्ड के जरिए 5 लाख तक निशुल्क इलाज दिलवाने का काम भी विभाग के द्वारा किया जा रहा है। सबसे ज्यादा संख्या बरेली में  लखनऊ में 128, मैनपुरी में 116, प्रयागराज में 120, हमीरपुर में 107, मुरादाबाद में 127, बरेली में 134, गोरखपुर में 107, कानपुर देहात में 116, जालौन में 114, गौतमबुद्ध नगर में 104 बुजुर्ग रह रहे हैं।

योगी सरकार की नई नीति लागू, 30 जून तक होगा सर्वे और डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड

 लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी की गई है। इसके तहत गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग गन्ने की फसल का जीपीएस सर्वेक्षण कराएगा। यह जीपीएस सर्वेक्षण 1 मई से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। इसकी सूचना 3 दिन पहले सभी रजिस्टर्ड गन्ना किसानों को मोबाइल एसएमएस के जरिए दी जाएगी। गन्ना सर्वेक्षण टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और एक चीनी मिल कर्मचारी शामिल होंगे। इनको सर्वेक्षण से पहले प्रशिक्षित भी किया जाएगा। सर्वेक्षण के दौरान किसान की मौजूदगी जरूरी होगी। टीम किसान के खेत पर पहुंचकर जीपीएस के जरिए उत्पादन का डाटा सीधे विभाग के सर्वर पर फीड करेगी। वहीं सर्वेक्षण के बाद खेत का क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म समेत अन्य जानकारी भी किसानों को एसएमएस के जरिए दी जाएगी। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग आयुक्त वीना कुमारी मीना ने बताया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी कर दी गई है। सर्वेक्षण कार्य 1 मई से प्रारम्भ कर 30 जून तक पूरा किया जाएगा। साथ ही बताया कि किसी भी गन्ना कृषक के सर्वेक्षित भूमि का सत्यापन राजस्व विभाग की वेबसाइट www.upbhulekh.gov.in से किया जा सकता है। चीनी मिलें गन्ना सर्वेक्षण के अंतिम आंकड़े सीधे विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन पोर्ट करेंगी और अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करेंगी। सर्वेक्षण के दौरान होगा नए किसानों का पंजीकरण विभाग के मुताबिक गन्ना सर्वेक्षण के दौरान नए सदस्यों (किसान) का पंजीकरण भी किया जाएगा। 30 सितम्बर 2026 तक पंजीकृत कृषकों को ही गन्ना आपूर्ति का लाभ मिलेगा। उपज बढ़ोत्तरी के लिए गन्ना सर्वेक्षण से लेकर 30 सितम्बर 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए अनुसूचित जाति व जनजाति के कृषकों, लघु कृषकों और अन्य कृषकों से क्रमशः 10, 100 एवं 200 रुपये प्रति कृषक शुल्क जमा कराया जाएगा।  

मेरठ-करनाल हाईवे पर बाइक से गिरे नोट, पुलिस ने बरामद की बड़ी रकम

शामली उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मेरठ-करनाल हाईवे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क पर अचानक नोटों की बारिश होने लगी। इसकी पुलिस को मिली तो टीम ने तत्काल मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया। नोटों को सड़क के उठवाकर अपने कब्जे में ले लिया। गिनती कराई तो चार लाख रुपए थे। इनमें पांच सौ, दो सौ और सौ के नोट शामिल हैं। बताया जाता है कि यह नोट एक बाइक सवार के बैग से गिर रहे थे और उसे पता नहीं चल पाया। हालांकि वह बाइक सवार अभी तक अपने नोटों पर दावा करने भी नहीं पहुंचा है। नोट पर लगी स्लीप से पता चलता है कि उसे किसी बैंक से निकाला गया था। बाइक चलती रही, नोट बिखरते रहे यह वाकया गुरुवार देर शाम का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बाइक सवार युवक मेरठ-करनाल हाईवे से तेज रफ्तार में गुजर रहा था। उसकी पीठ पर एक काला बैग टंगा था, जिसकी चेन संभवतः सफर के दौरान खुल गई थी। युवक को इस बात की भनक नहीं लगी और बैग में रखी नोटों की गड्डियां सरककर गिरने लगीं। कुछ नोट बिखर गए तो कुछ गड्डी समेत सड़क पर गिर गए। बताया जाता है कि हाईवे पर करीब आधा किलोमीटर तक नोट बिखरते रहे और बाइक सवाल अपनी ही धुन में गाड़ी लेकर चलता रहा। राहगीर की ईमानदारी और पुलिस की फुर्ती उसी समय मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र के गांव खरड निवासी अमित कुमार वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने काबड़ौत पुल के पास जब नोट बिखरते देखे और बाइक सवार को दूर जाते देखा तो तुरंत पास ही चेकिंग कर रहे बलवा चौकी इंचार्ज मुकेश दिनकर को इसकी सूचना दी। पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाल लिया। सड़क पर बिखरी नोटों की गड्डियों को उठाना शुरू किया। पुलिस ने करीब 500 मीटर के दायरे में फैले नोटों को इकट्ठा किया। सड़क से चार लाख बरामद पुलिस ने कुल 4 लाख रुपये बरामद किए हैं। इनमें 500-500 के नोटों की 6 गड्डियां, 200-200 के नोटों की 4 गड्डियां और 100-100 के नोटों की 2 गड्डियां शामिल हैं। खास बात यह है कि इन गड्डियों पर एक बैंक की पर्ची और मोहर भी लगी हुई है, जिससे मालिक तक पहुंचने का रास्ता आसान हो सकता है। मालिक की तलाश में जुटी पुलिस अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुमित शुक्ला ने बताया कि बरामद की गई रकम को फिलहाल थाने के मालखाने में जमा करा दिया गया है। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस बाइक सवार की पहचान की जा सके। साथ ही, संबंधित बैंक से भी संपर्क किया जा रहा है जिसकी पर्ची गड्डियों पर लगी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक जिले के किसी भी थाने में इतनी बड़ी रकम खोने की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने अपील की है कि जिस भी व्यक्ति के ये रुपये खोए हैं, वह उचित प्रमाण और बैंक संबंधी दस्तावेज पेश कर अपनी रकम वापस ले सकता है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन अमित जैसे ईमानदार नागरिक की भी सराहना कर रहे हैं, जिनकी सतर्कता से यह बड़ी रकम सुरक्षित पुलिस तक पहुंच गई।

हनुमान कथा में नीतीश भारद्वाज का संबोधन, कहा– “आज भी चल रही है महाभारत”

प्रयागराज संगम नगरी प्रयागराज में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा में आध्यात्म, संस्कृति और समकालीन मुद्दों का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर टीवी धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज भी शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा, सनातन धर्म, समाज की एकता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर विस्तार से बात की। साथ ही उनके बयान ने कार्यक्रम में खास चर्चा बटोरी, जिसमें उन्होंने कहा, 'प्रेम उसी को देंगे जो हमसे प्रेम करेगा, और जो तलवार लेकर सामने खड़ा होगा, उसके सामने अहिंसा परमो धर्म: नहीं कहेंगे। बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा, आज भी महाभारत चल रही है और हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गुरु-शिष्य परंपरा से की शुरुआत नीतीश भारद्वाज ने अपने उद्बोधन की शुरुआत 'सदाशिवसमारम्भां शंकराचार्यमध्यमाम्…' श्लोक के साथ की और कहा कि भारत की संस्कृति गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित है। उन्होंने प्रयागराज की पावन धरती को ऋषि परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि यह स्थान सदियों से ज्ञान और आध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पहली बार प्रयाग आने का अवसर मिला था और अब धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आमंत्रण पर दोबारा यहां आने का सौभाग्य मिला है। 'आज भी चल रही है महाभारत' उन्होंने वर्तमान समय को महाभारत काल से जोड़ते हुए कहा कि आज भी समाज एक प्रकार के संघर्ष से गुजर रहा है। उनके अनुसार, जैसे द्वापर युग में धर्म की रक्षा की आवश्यकता थी, उसी प्रकार आज कलयुग में भी धर्म और मूल्यों की रक्षा जरूरी हो गई है। आज के समय को देखते हुए कह सकता हूं कि आज भी महाभारत चल रही है, एक अलग तरह की महाभारत। धर्म की रक्षा की आवश्यकता फिर से आन पड़ी है। आज हिंदू धर्म को अलग-थलग करने के लिए कई शक्तियां पीछे लगी हैं। गीता के श्लोक से दिया प्रेरणा संदेश नीतीश भारद्वाज ने गीता का श्लोक 'कुतस्त्वा कश्मलमिदं…' उद्धृत करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में कई तरह की शक्तियां सक्रिय हैं, लेकिन ऐसे समय में धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है। 'सनातन ही मूल आधार' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही इस देश की मूल पहचान है और इसकी सहिष्णुता के कारण ही अन्य धर्म यहां फल-फूल सके। उन्होंने यह भी कहा कि आज इसी सहिष्णुता का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं और सनातन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। समाज में एकता की जरूरत अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज को लंबे समय तक जातियों और वर्गों में बांटा गया, लेकिन अब समय है कि सभी लोग एकजुट हों। उन्होंने गीता के 'चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टम्…' श्लोक का उल्लेख करते हुए बताया कि समाज का संतुलन सभी वर्गों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) के समन्वय से ही संभव है और किसी एक हिस्से के कमजोर होने से पूरा ढांचा प्रभावित होता है। 'प्रेम का उत्तर प्रेम, लेकिन आक्रमण का जवाब भी' अपने संबोधन के अंत में नीतीश भारद्वाज ने स्पष्ट कहा कि प्रेम का उत्तर प्रेम से दिया जाएगा, लेकिन अगर कोई आक्रमण करेगा तो उसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले हैं, लेकिन यदि कोई तलवार लेकर सामने खड़ा होगा तो हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज बनना भी आता है।' उन्होंने इसे धर्म की रक्षा का कर्तव्य बताते हुए कहा कि समय के अनुसार आचरण करना ही सच्चा धर्म है।

योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम, प्रदेश में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम की शुरुआत होगी

योगी सरकार का बड़ा कदम: प्रदेश को जल्द मिलेंगे 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, सम्भल और शामली में जारी है स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण स्टेडियम निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच खेल व खिलाड़ियों को लगातार प्राथमिकता पर प्रोत्साहन दे रही है योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार खेल विभाग के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार विशेष जोर दे रही है। प्रदेश के 71 जिलों में इस समय 84 स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालित हो रहे हैं, जबकि 5 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। जिसमें गाजीपुर में नवीन स्टेडियम का निर्माण (द्वितीय), चंदौली में स्पोर्ट्स स्टेडियम, हापुड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम, संभल में स्पोर्ट्स स्टेडियम, और शामली में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकेगा।  हापुड़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम का कार्य 70% पूरा वहीं निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो गाजीपुर में नया स्टेडियम लगभग 99.9% पूरा हो चुका है, हालांकि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई कुछ कमियों का निस्तारण अभी शेष है। हापुड़ में स्टेडियम का निर्माण करीब 70% पूरा हो चुका है, जबकि संभल में यह कार्य 26% और शामली में कार्य शुरू हो चुका है। चंदौली में स्टेडियम निर्माण के लिए फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है। निर्माण कार्य पूर्ण होने और हैंडओवर के बाद ही इनका लोकार्पण किया जाएगा। गाजीपुर को छोड़कर बाकी चार जनपदों में स्टेडियम निर्माण को वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिली है। यह परियोजनाएं प्रदेश में खेल अवसंरचना को नई दिशा देने का काम करेंगी। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर योगी सरकार का फोकस योगी सरकार का फोकस सिर्फ स्टेडियम निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर भी है। खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के साथ-साथ मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम, हॉकी और फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। नए स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अपने ही जिले में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रहीं हैं। साथ ही प्रदेश में खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने से खिलाड़ियों को अपने ही जनपद में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

शास्त्रीनगर में तनाव: दुकानों को बचाने महिलाएं, पुलिस तैनात

मेरठ मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में दुकानों और मकानों को बचाने के लिए महिलाओं का चल रहा धरना शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी है। गुरुवार को हालांकि शासन के उच्चाधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलनकारियों के तेवर कुछ नरम पड़ते नजर आए। महिलाओं ने सरकार पर भरोसा जताते हुए राहत की उम्मीद जताई है सात टीमों ने शुरू की नोटिस की कार्रवाई शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की सात अलग-अलग टीमों ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले आरटीओ रोड क्षेत्र की कई दुकानों को नोटिस दिए गए। कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए सेक्टर-2 में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। 14वें दिन भी जारी रहा महिलाओं का धरना सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानों और घरों को बचाने के लिए महिलाएं पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठी हुई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। अधिकारियों ने व्यापारियों से जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किए और समाधान का आश्वासन दिया। इसी के बाद धरना स्थल पर आंदोलनकारियों का रुख कुछ नरम दिखाई दिया। वहीं आज सुबह से महिलाएं फिर से धरने पर पहुंच गईं। सांसद अरुण गोविल के पहुंचने की चर्चा नोटिस की कार्रवाई और पुलिस तैनाती के बीच इलाके में अरुण गोविल के मौके पर पहुंचने की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार क्षेत्र में लोग सांसद के आने की संभावना को लेकर चर्चा कर रहे हैं।  

3 लाख के लालच में टारगेट किलिंग की साजिश, नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार

 नोएडा उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह और दिल्ली के समीर खान को हिरासत में लिया है. इन दोनों युवकों को पाकिस्तानी हैंडलर्स और गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बनाया था. गुरुवार को हुई इस गिरफ्तारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना और प्रभावशाली लोगों की हत्या करना था. आरोपियों ने पैसों के लालच में आकर संवेदनशील स्थानों की रेकी शुरू कर दी थी. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद कर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है. सोशल मीडिया पर बुना गया मौत का जाल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे. तुषार चौहान ने भट्टी का भरोसा जीतने के लिए कई आईडी बनाईं और सीधे संपर्क स्थापित किया. इन पाकिस्तानी हैंडलर्स ने युवाओं को उन लोगों को निशाना बनाने के लिए उकसाया जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया था. आरोपियों को आधुनिक हथियार मुहैया कराने और काम पूरा होने के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी वादा किया गया था. 3 लाख का लालच और ग्रेनेड अटैक की तैयारी जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी ने तुषार को टारगेट किलिंग के लिए 3 लाख रुपये का लालच दिया था, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस तय थे. आरोपियों को हैंड ग्रेनेड से हमला करने का निर्देश मिला था। गिरफ्तार समीर खान को दीवारों पर 'TTH' यानी 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' लिखने और नए लड़कों को भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इन लोगों ने पिछले कुछ महीनों में कई लोगों को फोन पर जान से मारने की धमकी दी, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ते थे. यूपी के कई चर्चित चेहरे थे निशाने पर एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि इनके निशाने पर यूपी के कई चर्चित लोग थे. पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट इन्हें टारगेट देने वाले थे. पकड़े गए आरोपियों से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके. पुलिस अब इनकी रिमांड लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि इन्हें हथियारों की सप्लाई कहां से होने वाली थी और इनके अगले निशाने कौन थे. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI के सीधे संपर्क में थे आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के सीधे संपर्क में थे. तुषार ने भट्टी से प्रभावित होकर इस्लाम कबूला और इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा. उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी और प्रभावशाली लोगों पर ग्रेनेड हमले का टास्क मिला था. आरोपी PTT (पुश टू टॉक) और कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से बात करते थे. इनके पास से बरामद पिस्टल और कारतूस भी पाकिस्तान से ही भेजे गए थे.  आरोपियों ने नेटवर्क विस्तार के लिए अन्य लड़कों को भी जोड़ा था.

29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी रूट व पार्किंग व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण मल्टी-लेयर सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन समन्वय और त्रुटिरहित आयोजन का निर्देश आमजन की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश हरियाली के लिए पौधरोपण और आपात सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष फोकस लखनऊ/हरदोई  हरदोई में 29 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के आगमन एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बिलग्राम तहसील के मल्लावां कट स्थित कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभा स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने बैठने की समुचित व्यवस्था, पंडाल की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, स्वच्छता, शौचालय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों। यातायात प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के समय ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने हेलीपैड और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आपातकालीन सेवाओं- एम्बुलेंस, अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी कमी हो, उसे तुरंत दूर किया जाए। इस अवसर पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल और आसपास हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए ‘हरि शंकरी’ प्रजाति के पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी, समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इसका सफल और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें।