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इस साल आंगनवाड़ी में 5 हजार कार्यकत्रियों व 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य: सीएम योगी

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित आंगनवाड़ी परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में कहा कि इस वर्ष 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और 60,000 से अधिक सहायिकाओं की नियुक्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही 6 वर्ष से छोटे बच्चों की देखभाल करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने के लिए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) का लाभ उपलब्ध कराया गया है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्थाओं पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा, पहले प्रदेश में पोषाहार वितरण पर शराब माफिया का नियंत्रण था। कुपोषित बच्चों व माताओं के हक पर डकैती डाली जाती थी। वर्तमान सरकार ने इस माफिया तंत्र को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बिना सिफारिश नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं, साथ ही स्मार्टफोन और आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण उपलब्ध कराकर पोषण एवं बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल और प्रभावी बनाया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के पास स्मार्टफोन न होने से उनके काम का रियल टाइम डाटा नहीं मिल पाता था। डाटा अपलोड ना होने की वजह से हमारी रैंकिंग कम रहती है। लखनऊ की तरह स्मार्टफोन वितरण का कार्यक्रम सभी जनपदों में होना है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका और बड़ी होने वाली है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में 3 से 5 वर्ष के बच्चों के लिए भी आंगनवाड़ी केंद्र में ही प्री-प्राइमरी स्कूल का संचालन होना है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में बेसिक शिक्षा के तहत चलने वाले 27,000 केंद्र भी आंगनवाड़ी को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। एक बच्चे को छह वर्ष की उम्र तक विकसित करने में आंगनवाड़ी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री व सहायिका को यशोदा मैया की उपाधि दी है। यशोदा मैया ने जिस भूमिका का निर्वहन कृष्ण कन्हैया के लिए किया था, वही भूमिका आज के परिप्रेक्ष्य में आपकी है। यह अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। उस सम्मान की गरिमा की रक्षा करना, उसके अनुरूप देश के भविष्य को गढ़ना, उसको तराशना, आगे बढ़ाना, उसकी नींव को मजबूत करना यह महती जिम्मेदारी आपके ऊपर है। कुपोषण रूपी दुश्मन से लड़ाई में सारथी हैं आप सीएम ने कहा कि अगर नवजात सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त है। इसी के लिए पिछले 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। इन तमाम प्रयासों में और बीमारी या कुपोषण रूपी दुश्मन से लड़ाई में आप सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं सारथी की भूमिका में रही हैं। इसीलिए सफल परिणाम हमारे सामने हैं।  450 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास मुख्यमंत्री ने कहा कि 137 करोड़ की लागत से आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण होना है। बाल विकास परियोजना के कार्यालय भवनों का शिलान्यास भी किया गया है। 313 करोड़ की लागत से प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास कार्यालयों का निर्माण हो चुका है, उसका भी आज एक साथ यहीं से उद्घाटन संपन्न हुआ है। यह अभियान सुपोषित-साक्षर-सशक्त भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, आशा व एएनएम ने महामारी से बचाया सीएम योगी ने कहा कि विपत्ति के समय में भी मैंने आंगनवाड़ी, आशा बहनों और एएनएम द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों को नजदीक से देखा है। कोरोना कालखंड में फ्रंटलाइन के रूप में हमारी ये कार्यकत्रियां स्वयं को बचाते हुए दूसरों को भी सुरक्षित रखने का कार्य कर रही थीं। पीएम मोदी की कोरोना प्रबंधन योजना को धरातल पर उतारते हुए ये कार्यकत्रियां स्क्रीनिंग के साथ-साथ आवश्यक सुविधाएं प्रत्येक घर तक पहुंचा रही थीं। परिणाम यह रहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले राज्य में कोविड का उत्कृष्ट प्रबंधन संभव हुआ और हमने अधिक से अधिक लोगों की जान बचाने में सफलता पाई। 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य स्क्रीनिंग से जोड़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में संभव अभियान के तहत हमने 1 करोड़ 70 लाख से अधिक बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग से जोड़ा। डेढ़ लाख बच्चे कुपोषित पाए गए, इनमें 80 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त किए जा चुके हैं। बौनापन की दर 48% से घटकर 37% हो गई है। यदि यह डाटा मोबाइल फोन के माध्यम से समय पर अपलोड होता रहेगा, तो राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश की स्थिति और बेहतर होगी। फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से प्रतिमाह 1 करोड़ 56 लाख लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार वितरित कराया जा रहा है। ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य उत्तर प्रदेश है। कुपोषित माताओं के पोषाहार पर काबिज था शराब माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज 35 लाख बच्चों को प्रतिदिन प्रोटीन-युक्त, कैलोरी-संतुलित गर्म पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ा है। क्या यह 2017 से पहले संभव था?  नहीं, क्योंकि 2017 से पहले पोषाहार का वितरण कौन करता था?  उत्तर भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया जिसे सरकार ने पैसा लेकर ठेका दे रखा था, वही इसका वितरण तय करता था। मैं भौंचक था, जब 2017 में हमारी सरकार बनी, तो मुझे इस बात की जानकारी मिली कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा शराब माफिया महिला एवं बाल विकास विभाग में भी घुसा हुआ था। सभी काम शराब माफिया ही करता था। राशन भी वही तय करता था। कहीं पहुंचता था, कहीं नहीं। गुणवत्ता इतनी खराब होती थी कि कोई खाने योग्य स्थिति में नहीं होता था। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था। बचपन ही कुपोषित हो जाए, तो राज्य को बीमारू होना ही था। यह पाप कौन करता था? ये वही लोग हैं जो जाति के नाम पर समाज को बांटकर समाज की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं और कुपोषित बच्चों व माताओं के पोषाहार पर डकैती डालते थे। ये वही लोग हैं जो आज नारेबाजी करके अव्यवस्था पैदा करते हैं। 2017 से … Read more

योगी सरकार फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों को बनाएगी धुरंधर

लखनऊ.  योगी सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज (यूपीएसआईएफएस) के विद्यार्थियों को फॉरेंसिक की फील्ड में धुरंधर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए योगी सरकार फॉरेंसिक की दिग्गज यूनिवर्सिटी से एमओयू साइन करने जा रही है। यह एमओयू यूपीएसआईएफएस और चार विभिन्न संस्थानों के बीच होगा। इसमें महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) शामिल हैं। इन संस्थानों के साथ सहयोग से यूपीएसआईएफएस के छात्रों को इंटर्नशिप, रिसर्च और प्रैक्टिकल एक्सपोजर के व्यापक अवसर मिलेंगे। इससे जहां एक ओर छात्रों को व्यावहारिक और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में फॉरेंसिक विशेषज्ञ के रूप में तैयार करना है। केजीएमयू में विद्यार्थी मौत की परिस्थितियों और वैज्ञानिक तरीके से हुए विश्लेषण का करेंगे अध्ययन यूपीएसआईएफएस के डायरेक्टर जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फॉरेंसिक साइंस के छात्रों को ‘जॉब रेडी’ बनाना चाहते हैं। अब तक फॉरेंसिक शिक्षा में थ्योरी का दबदबा ज्यादा था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल पर विशेष फोकस है। इसी के तहत सीएम योगी के निर्देश पर यूपीएसआईएफएस चार विभिन्न संस्थानों महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी गोरखपुर, धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी गांधीनगर, उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमओयू करने जा रहा है। इन एमओयू के जरिए छात्रों को केस स्टडी, पोस्टमार्टम प्रक्रिया, मेडिकल-लीगल पहलुओं और अपराध अनुसंधान के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का मौका मिलेगा। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ होने वाले समझौते के तहत यूपीएसआईएफएस के छात्र फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग में पोस्टमार्टम की बारीकियों को करीब से समझ सकेंगे। इसमें पंचनामा से लेकर पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया का अध्ययन शामिल होगा। इससे छात्रों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी घटना में मौत किन परिस्थितियों में हुई और वैज्ञानिक तरीके से उसका विश्लेषण कैसे किया जाता है। अपराध के पीछे सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारणों को जेल जाकर समझेंगे छात्र यूपीएसआईएफएस के डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं के साथ एमओयू से छात्रों को जेलों में जाकर बंदियों के केस स्टडी करने का मौका मिलेगा। छात्र यह जान सकेंगे कि बंदियों के मामलों में जमानत कैसे होती है, जेल का वातावरण कैसा होता है और अपराध के पीछे सामाजिक व मनोवैज्ञानिक कारण क्या होते हैं। यह अनुभव उन्हें अपराध की जड़ों को समझने में मदद करेगा, जो एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर के साथ एमओयू से दोनों संस्थानों के छात्रों को इंटरशिप के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही दोनों संस्थानों के फैकल्टी मेंबर दोनों संस्थानों में अपने लेक्चर दे सकेंगे। वहीं आगे चलकर, दोनों संस्थान मिलकर फॉरेंसिक साइंस की एक ज्वाइंट लैब भी स्थापित करेंगे। इस लैब में अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए अनुसंधान और परीक्षण किए जाएंगे। इससे न केवल छात्रों को नई तकनीकों का ज्ञान मिलेगा, बल्कि राज्य में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा।  फैकल्टी मेंबर एक दूसरे के संस्थानों में देंगे लेक्चर धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी, गांधीनगर के साथ एमओयू से दोनों संस्थानों के बीच छात्र और फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम चलाए जाएंगे। यूपीएसआईएफएस के छात्र वहां जाकर इंटर्नशिप कर सकेंगे, जबकि धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी के छात्र लखनऊ आकर फॉरेंसिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे राष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान होगा। इस पहल की एक खास बात यह भी है कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि फैकल्टी मेंबर्स भी एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर लेक्चर दे सकेंगे। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को विविध विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। यह पहल डिजिटल क्राइम, साइबर फ्रॉड और जटिल आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक जांच ही सटीक निष्कर्ष तक पहुंचने का सबसे विश्वसनीय माध्यम होगा।

नोएडा का किस्सा सुनाकर Yogi Adityanath बोले— सत्ता से मोह छोड़ो, कुर्सी स्थायी नहीं

नोएडा नोएडा को इंटरनेशल एयरपोर्ट का तोहफा देने के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर याद किया कि कैसे इस शहर को अपशगुन मान लिया गया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि किस तरह उन्हें भी नोएडा जाने से रोकने की कोशिश की गई और उन्होंने इसे अस्वीकार करते हुए चार लाख घर खरीददारों को उनका हक दिलवाया। योगी ने इस दौरान कहा कि उनसे कहा गया था कि नोएडा जाने पर कुर्सी चली जाती है तो उन्होंने कहा कि इसे एक दिन जाना ही है तो मोह में क्यों पड़ना? लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने उनकी सरकार के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने उस अंधविश्वास का जिक्र करते हुए अपना अनुभव साझा किया जिसमें कहा जाता था कि नोएडा जाने वाले सीएम की कुर्सी चली जाती है। यही वजह थी कि कुछ मुख्यमंत्रियों ने पूरे कार्यकाल में एक बार नोएडा आने का साहस नहीं जुटाया। लेकिन सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने इस अंधविश्वास को तोड़ा। पहले कार्यकाल में कई बार वह नोएडा आए। ना सिर्फ उन्होंने पहला कार्यकाल पूरा किया, बल्कि दोबारा यूपी के सीएम बने। योगी ने पूरी कहानी साझा करते हुए कहा, 'मैं आस्था में विश्वास करता हूं, सबकी आस्था का भी सम्मान करता हूं, लेकिन अंधविश्वास को कतई नहीं मानता। एक दम नहीं मानता। मुझे बोला गया था कि नोएडा नहीं जाना। मैंने कहा क्यों तो कहा कि वहां सीएम नहीं जाते। मैंने कहा कि क्या नोएडा यूपी से बाहर है। कहा कि यह मान्यता है कि सीएम उतर जाएंगे कुर्सी से। मैंने कहा कि एक दिन कुर्सी को जाना ही है तो हम कुर्सी के मोह में क्यों पड़ें। मैं जाऊंगा जरूर और मैं गया वहां पर। जब मैं गया तो देखा कि क्यों ये लोग बोलते थे, गया तो पता चला कि वहां 4 लाख मामले थे बायर्स और बिल्डर के। आप सोचो 15 साल, 10 साल, 20 साल पहले लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई बिल्डर को दे दी और बिल्डर पैसा दबाए बैठा है। मकान नहीं दे रहा है। कई हाईराज बिल्डिंग खंडहर में बदल गई थी। 4 लाख लोगों को मकान दिलाए, मुनाफे में अथॉरिटी: योगी मैंने बैठक की नोएडा अथॉरिटी की, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की। सीईओ आए उन्होंने कहा कि साहब हमारे ऊपर 6 हजार करोड़ का कर्जा है, दूसरी अथॉरिटी ने कहा कि हमारे ऊपर 3 हजार करोड़ का कर्जा है। मैंने कहा कि मैं कहां फंस गया हूं, सब भीखमंगे हैं। अब मैं इन भीखमंगों से कहूं कि 4 लाख लोगों को मकान दूं, तो मैं फंस गया वहां पर। मैंने कहा कि मेरी स्थिति बहुत अजीब सी है। मैंने बायर्स से बात की, वे रो रहे थे। कह रहे थे कि जीवनभर की कमाई लगा दी, मकान नहीं मिला। बैंक का कर्ज भर रहे हैं। मैं बिल्डर से मिला तो वे भी रोए, कि हमने पैसा लगाया लेकिन उस समय की सरकारों ने हमें पूरी तरह निचोड़ दिया, हमारी सामर्थ्य नहीं है। मैंने कहा कि सामर्थ्य हो या नहीं इनको मकान तो देना पड़ेगा। आप मकान दीजिए मैं पॉलिसी बनाता हूं। फिर हमने रिफॉर्म किए। भ्रष्ट तत्वों को बाहर किया। आज मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि 4 लाख लोगों को मकान दे चुके हैं। जो अथॉरिटी कहती थी कि कर्ज में हैं, वह 6 हजार करोड़ के सरप्लस में हैं। आज दुनिया का सबसे अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश वहीं पर है।' अखिलेश यादव पर कसा तंज जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अगले ही दिन दादरी पहुंचे अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वे विकास में बाधाएं खड़ी करते थे। उन्होंने कहा, 'ये उस अंधविश्वास को मानने वाले लोग कौन थे, जो भारत की आस्था पर अंगुली उठाते हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए वहां नहीं गए लेकिन अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए फिर आज नोएडा, ग्रेटर नोएडा पहुंच गए। भाइयों-बहनों इनके चेहरे को देखो तो। उस समय वहां के विकास के लिए ये लोग बॉटलनेक थे, विकास में बाधाएं खड़ी कीं। आज किस मुंह से विकास की बात करते हैं।'

समाजवादी पार्टी की राजनीति का मूल चरित्र बांटो और राज करो की नीति का – डिप्टी सीएम केशव मौर्या

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने समाजवादी पार्टी की दादारी की रैली को पूरी तरह फ्लॉप शो बताया समाजवादी पार्टी की राजनीति का मूल चरित्र बांटो और राज करो की नीति का – डिप्टी सीएम केशव मौर्या सपा की रैली में दंगाइयों, भू-माफियाओं और अपराधियों का बोलबाला रहा, जो उनकी पार्टी की कार्यशैली को बताता है- डिप्टी सीएम केशव मौर्या लखनऊ गौतम बुद्ध नगर, नोएडा के दादरी में आयोजित समाजवादी पार्टी की पीडीए रैली में पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाषण पर तीखा प्रहार करते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी की रैली को पूरी तरह फ्लॉप शो बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति का मूल चरित्र बांटो और राज करो की नीति का है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 तक जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सरकार थी, तब उत्तर प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी और कानून-व्यवस्था चरमरा गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में “त्राहि-त्राहि” की स्थिति बनी हुई थी और उद्योगपति राज्य छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो गए थे। नोएडा में गुर्जर समाज को लेकर आयोजित रैली पर भी डिप्टी सीएम ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस रैली में दंगाइयों, भू-माफियाओं और अपराधियों का बोलबाला रहा, जो बताता है कि समाजवादी पार्टी की कार्यशैली क्या है। मौर्य ने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का ‘पीडीए’ का नारा फर्जी है, वो  पिछड़ों, दलितों के जन्मजात विरोधी हैं। अखिलेश यादव, अंधविश्वास के कारण कभी नोएडा नहीं गये, आज उसी धरती पर डबल इंजन सरकार ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर चुकी है। विकास के कार्यों से समाजवादी पार्टी को कोई सरकोर नहीं है। उनके सम्मेलन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सपा आएगी तो मुसीबत को लाएगी, सपा आएगी अपराधियों का शासन लाएगी, गुंडाराज लाएगी, सपा आएगी तो जमीनों पर कब्जे करेगी, सपा व्यवसायियों का शोषण लाएगी, सपा आएगी तो पिछड़ो विशेषकर अति पिछड़ो का शोषण करेगी।

सीएम योगी का दावा: नौ वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन

नौ वर्षों में 9 लाख सरकारी नौकरियां, यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन: सीएम योगी  -लोकभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित – सीएम योगी ने की अफवाहबाजों से सावधान रहने की अपील, दुष्प्रचार से माहौल बिगाड़ने की कोशिश, सतर्क रहने की जरूरत – वर्ष 2017 के पहले प्रदेश और देश में क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाने वाला नोएडा आज दुनिया का इन्वेस्टमेंट का बेस्ट डेस्टिनेशन  – अफवाहबाज देश का नुकसान कर रहे, जनता के कार्य में किसी प्रकार की रुकावट नहीं, सब कुछ सहजता से चल रहा- सीएम  – बोले, मेरे कपड़े को देख लोग मानते होंगे कि अंधविश्वास को मानता हूंगा, मैं आस्था में विश्वास करता हूं, अंधविश्वास को कतई नहीं मानता – जो मुख्यमंत्री रहते नोएडा नहीं गए, आज अपनी विभाजनकारी राजनीति के लिए पहुंच गए – सीएम लखनऊ पिछले नौ वर्षों में नौ लाख मैनपावर सरकारी सेवाओं में जुड़ी है। ये सभी प्रतिभाशाली और युवा ऊर्जा से भरपूर हैं। इसी का नतीजा है कि जो राज्य पहले बीमारू था, वह आज भारत की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बन गया है। पहले वेतन देने के लिए पैसे नहीं होते थे, आज यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज यूपी देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्था में एक है। वर्ष 2016 की तुलना में आज प्रति व्यक्ति आय तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोकभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 665 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कही। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने 20 नवचयनित नर्सिंग ऑफिसर को नियुक्ति पत्र वितरित किये। इससे पहले नवचयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किये।  पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा को क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था, आज दुनिया भर में इन्वेस्टमेंट के बेस्ट डेस्टिनेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रतिभा जब भी सम्मानित होगी और उसे प्लेटफार्म मिलेगा, उसका लाभ देश और राज्य को मिलेगा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए एक-एक स्टेजेस पर शासन द्वारा निगरानी की जाती है। हमारी तीसरी आंख उन सबको वॉच करती है, जो भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे लोगों को हम पहले ही खींच कर बाहर निकाल लाते हैं और उनका कैसे इलाज किया जाता है, यह किसी से छिपा नहीं है। इसी का परिणाम है कि प्रत्येक सेक्टर में यूपी ने विकास किया है। यूपी के नौजवानों के सामने जो पहचान का संकट था, उस पहचान के संकट से वह मुक्त हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का लोकार्पण किया। इसे प्रदेश सरकार ने बनाया, जिस प्रदेश की आबादी सबसे बड़ी है, हम कार्य भी सबसे बड़ा करेंगे। इसे हम लोगों ने जेवर में करके दिखाया है। इससे 1 लाख नौजवानों को सीधे-सीधे नौकरी मिलेगी। वर्ष 2017 के पहले यह क्षेत्र प्रदेश के साथ देश के क्राइम कैपिटल के रूप में जाना जाता था। शाम को 5 बजे के बाद गतिविधियां शून्य हो जाती थीं। प्रातः 10 बजे के पहले तक कर्फ्यू जैसा माहौल रहता था। आज यह डबल इंजन सरकार की स्पीड और दृढ़ इच्छाशक्ति है कि केवल प्रदेश नहीं बल्कि देश और दुनिया का इन्वेस्टमेंट का बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में उभर कर सामने आया है।  कुछ लोग अफवाहें और दुष्प्रचार कर माहौल खराब करना चाहते हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश और दुनिया का हर बड़ा संस्थान ग्रेटर नोएडा आना चाहता है। आज वहां मेडिकल डिवाइस पार्क, इंटरनेशनल फिल्म सिटी, वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटीज, टॉय पार्क और अपैरल पार्क बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सेमीकंडक्टर की सबसे बड़ी यूनिट का शिलान्यास किया। इस युग में सेमीकंडक्टर के बगैर पूरी दुनिया एकदम लाचार है, जैसे एक समय तेल के बगैर दुनिया लाचार हो जाती थी, ऐसे ही सेमीकंडक्टर के बगैर दुनिया लाचार हो जाती है, वह अब यूपी के अंदर बनेगा। इसे वर्ष 2017 के पहले सोचा नहीं जा सकता था क्योंकि उस दौरान इच्छाशक्ति और नीयत साफ नहीं थी। वे लोग पहले भी कुछ नहीं करना चाहते थे, आज भी करने की इच्छाशक्ति नहीं है, जो कार्य हो रहा है उस कार्य को डिस्टर्ब कर रहे हैं। इतना ही नहीं, दुष्प्रचार और अफवाह फैला करके माहौल को खराब करने का काम कर रहे हैं। दुनिया संकट में है और उथल-पुथल चल रही है। तमाम देशों में इमरजेंसी लागू हो गई है। लोगों में वहां संशय का माहौल बना हुआ है। गल्फ वार के नाते अस्थिरता का माहौल है। तमाम देशों ने अपने यहां लोगों की सर्विस को कम करना प्रारंभ कर दिया है। कार्य के घंटे और वेतन को कम करना प्रारंभ कर दिया है, क्योंकि अब उनकी इकॉनामी जवाब दे रही है। अमेरिका जैसा देश, जिसकी खाड़ी के देशों पर निर्भरता कम है, वहां पर भी पेट्रोलियम उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत के अगल-बगल के देशों में पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, इंडोनेशिया सबकी हालत खराब है। अघोषित इमरजेंसी जैसी स्थितियां चल रही हैं, लेकिन इन सब में बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके भारत दुनिया के अंदर एकमात्र देश है, जो लगातार अपनी यात्रा की ओर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, इसलिए क्योंकि भारत के पास प्रधानमंत्री मोदी जैसी विजनरी लीडरशिप है। सीएम की अपील, अफवाहबाजों से सावधान और सतर्क रहना है मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र ने आपूर्ति को स्मूथ बनाने के साथ पेट्रोलियम उत्पादों के दाम को नियंत्रित करने के लिए एक्साइज ड्यूटी को कम कर देश की 145 करोड़ की जनता को राहत दी है। यह अकेले भारत के अंदर हुआ है, दुनिया के अंदर कहीं नहीं हुआ है। इसका लाभ केवल भाजपा और एक वर्ग विशेष नहीं ले रहा है बल्कि पूरा देश लाभ ले रहा है। सरकार का निर्णय इसी प्रकार का यूनिफॉर्म होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है, तो उन्हे रोकने के लिए किस-किस प्रकार के निम्न स्तरीय प्रयास प्रारंभ हुए हैं। अफवाह फैलाई जा रही है। … Read more

मुख्यमंत्री का बयान: पीड़ितों की समस्याओं का उचित समाधान सरकार की प्राथमिकता है

जनता दर्शन पीड़ितों की समस्याओं का उचित समाधान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री  सीएम योगी ने जन समस्याओं का लिया संज्ञान, एक-एक फरियादी से खुद मिले मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं, सभी के प्रार्थना पत्र लिए और अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें। सीएम ने कहा कि सरकार हर पीड़ित की उचित समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत है। मंदिर पर कब्जे की शिकायत  उन्नाव के बांगरमऊ से आईं ममता तिवारी ने सीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए कुछ लोगों पर मंदिर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि कब्जा करने वाले लोग मंदिर में पूजा भी नहीं करने दे रहे हैं। सीएम योगी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक को उचित कार्रवाई के लिए निर्देश दिया। बदायूं से आए एक किसान ने बताया कि कुछ लोगों ने उनकी फसल नष्ट कर दी, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। दोषी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बलरामपुर से आए एक फरियादी ने बताया कि गांव की सड़क बहुत खराब है। ग्राम प्रधान कई वर्षों से इसका निर्माण नहीं होने दे रहे हैं, जिससे आवागमन में काफी परेशानी होती है। इस पर सीएम ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव में जाकर ग्रामीणों से बातचीत करें। स्थिति का खुद आकलन करें और सड़क निर्माण कराएं। खिलाड़ी हमारी धरोहर, इनकी समस्या का जल्द निस्तारण कराएं  ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे फर्रुखाबाद निवासी एक खिलाड़ी ने भी सीएम के समक्ष अपनी बात रखी। बताया कि वह निशानेबाज हैं और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक भी जीत चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से लाइसेंस दिलाने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खिलाड़ी हमारी धरोहर हैं। इनके प्रार्थना पत्र का संज्ञान लें और उचित कार्रवाई कराएं। जमीन व पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए   ‘जनता दर्शन’ में जमीन व पारिवारिक विवाद से जुड़े मामले भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों से जुड़े प्रार्थना पत्रों का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को यथोचित कार्रवाई का आदेश दिया। लखनऊ से आए एक फरियादी ने अवैध कॉलोनी से जुड़ा मुद्दा उठाया, जिस पर सीएम ने आवास आयुक्त को संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। कुछ जनपदों से आए फरियादियों ने सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत की तो कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। सीएम योगी ने ऐसे तमाम मामलों पर कार्रवाई का निर्देश देते हुए पीड़ितों की संतुष्टि पर विशेष जोर दिया। सरोजिनी नगर से आए एक फरियादी ने जमीन कब्जाने व बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम सरोजिनी नगर को मामले के निस्तारण का निर्देश दिया गया।

सपा की नोएडा रैली फ्लॉप, मिनी सीएम और वसूली मॉडल को जनता ने किया खारिज: ब्रजेश पाठक

नोएडा में सपा की रैली फ्लॉप, मिनी सीएम और वसूली मॉडल को जनता ने किया खारिज: ब्रजेश पाठक खाली कुर्सियों ने खोली सपा की जमीनी हकीकत अंधविश्वास छोड़ सत्ता की चाह में पहुंचे अखिलेश, नहीं मिला जनसमर्थन मोदी-योगी के नेतृत्व में बदला नोएडा-दादरी का चेहरा सपा राज में अराजकता, अब निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बना दादरी बीमारू छवि से बाहर निकल तेज़ी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश लखनऊ  नोएडा में अखिलेश यादव की हालिया रैली फ्लॉप साबित हुई, जहां खाली पड़ी कुर्सियों ने सपा की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिस नोएडा को समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में कई मिनी सीएम देकर ठेका, पट्टा और वसूली का अड्डा बना दिया था, उसी नोएडा की जनता ने आज सपा को पूरी तरह नकार दिया है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि रैली में अपेक्षित भीड़ का न जुटना यह साफ संकेत है कि सपा अब जमीन से कट चुकी है। जनसभा में खाली कुर्सियां यह बता रही हैं कि जनता अब जातिवादी और अवसरवादी राजनीति से दूर जा चुकी है और विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्षों तक अपशकुन और अंधविश्वास के कारण नोएडा से दूरी बनाए रखने वाले अखिलेश यादव अब सत्ता की लालसा में वहां पहुंचे, लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। “यह वही नोएडा है, जहां सपा सरकार के दौरान कानून व्यवस्था बदहाल थी और आम लोग असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर थे,” उन्होंने कहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा शासन में नोएडा और दादरी क्षेत्र गुंडागर्दी और अराजकता का केंद्र बन गए थे। माताएं, बहनें, व्यापारी और युवा तक वहां जाने से कतराते थे। आज वही क्षेत्र विकास, निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बन चुका है। यह बदलाव सरकार की नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नोएडा-दादरी क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है। जेवर में बना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश को वैश्विक पहचान दिला रहा है और आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े निवेश केंद्रों में शामिल होगा। ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा तय की है। प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और प्रदेश तेजी से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने कहा कि सपा आज भी समाज को जाति में बांटने और संकीर्ण राजनीति में उलझी हुई है, जबकि भाजपा विकास, सुशासन और सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। जनता अब काम और परिणाम देख रही है, यही कारण है कि सपा की राजनीति अब असरहीन होती जा रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और आने वाले वर्षों में यह देश की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनकर उभरेगा।

सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पाकर भावुक हुए अभ्यर्थी, कहा- मेहनत को मिला सम्मान’

665 नर्सिंग अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र,  बोले-पारदर्शी चयन प्रक्रिया से मिला हक सीएम योगी के हाथों नियुक्ति पाकर भावुक हुए अभ्यर्थी, कहा- मेहनत को मिला सम्मान’ जाति-धर्म और क्षेत्रवाद से परे सभी को मिला समान अवसर-सीएम योगी छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की लखनऊ राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित 665 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर इन अभ्यर्थियों की खुशी देखते ही बन रही थी। मंच से एक-एक कर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता व निष्पक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जाति-धर्म और क्षेत्रवाद से परे सभी को समान अवसर मिल रहा है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया : प्रियंका सिंह मोहनलालगंज, लखनऊ की प्रियंका सिंह ने कहा कि पारदर्शी परीक्षा के कारण मुझे प्रथम रैंक हासिल करने का गर्व मिला। उन्होंने बताया कि कैसे सकारात्मक बदलाव कर परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाया गया। प्रियंका ने मुख्यमंत्री से मिलने को अपना सपना पूरा होना बताया। भावुक होकर परिवार व अपने बड़े भाई के सहयोग को याद किया। योग्यता को मिला सम्मान : संध्या सिंह सुल्तानपुर की संध्या सिंह ने कहा कि दो चरणों में हुई परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी रही। इसकी सबसे खास बात यह रही कि जो योग्य थे, वही चयनित हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अधिकारियों का आभार जताते हुए इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। योगी सरकार की ईमानदारी के कारण नहीं हो सकती कहीं गड़बड़ी : अनामिका यादव मैनपुरी की अनामिका यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने परीक्षा केंद्रों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी सख्ती थी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई आशंका नहीं थी। उन्होंने इसे योगी सरकार की ईमानदारी और मेरिट आधारित चयन का उदाहरण बताया। पहले मेरे मन में यूपी को लेकर गलत धारणा थी, लेकिन सीएम योगी के आने से यह राज्य बहुत शानदार ढंग से विकसित हो रहा : शरिमा सिद्दीकी शरिमा सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि मैं वास्तव में आपकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैं पहले सेना में थी और वहां से सेवानिवृत्त होने के बाद मेरी उत्तर प्रदेश में बसने की कोई योजना नहीं थी। पहले मेरे मन में इस राज्य को लेकर एक गलत धारणा थी, लेकिन आपके नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में यह राज्य बहुत ही खूबसूरत और शानदार ढंग से विकसित हुआ है। हम बहुत तरक्की कर रहे हैं। इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद।  गर्व और खुशी का पल : आकांक्षा आकांक्षा ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने को जीवन का गर्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा से योग्य उम्मीदवारों को ही अवसर मिला है। पारदर्शी चयन बना भरोसे की नींव कार्यक्रम में शामिल अभ्यर्थियों ने एक स्वर में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता की सराहना की। इस चयन प्रक्रिया ने यह संदेश दिया कि अब सरकारी भर्तियों में मेहनत और योग्यता ही सफलता का आधार बन रही है। सिस्टम पर भरोसा बढ़ा नियुक्ति पत्र वितरण का यह कार्यक्रम केवल नौकरी देने का अवसर नहीं था, बल्कि युवाओं के विश्वास को मजबूत करने वाला क्षण भी बना। चयनित नर्सिंग अधिकारियों की आवाज में साफ झलक रहा था कि अब मेहनत का हक मिल रहा है और सिस्टम पर भरोसा बढ़ा है।

सीएम योगी करेंगे 3350 करोड़ से अधिक की धनराशि का डीबीटी अंतरण

3350 करोड़ से अधिक की धनराशि का डीबीटी अंतरण करेंगे सीएम योगी करीब 28 लाख  विद्यार्थियों को होगा लाभ पिछड़ा वर्ग के 13.52 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा 1838 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को छात्रवृत्ति एवं पारिवारिक लाभ योजनाओं के अंतर्गत धनराशि का डीबीटी के माध्यम से अंतरण करेंगे। यह कार्यक्रम लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने  बताया कि इस अवसर पर कक्षा 9-10 एवं दशमोत्तर के कुल 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में लगभग 3350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि मुख्यमंत्री के हाथों जारी की जाएगी।  उन्होंने बताया कि लाभान्वित छात्रों में अनुसूचित जाति के 6,68,707 विद्यार्थियों को 467.94 करोड़ रुपये, सामान्य वर्ग के 4,95,793 विद्यार्थियों को 779.10 करोड़ रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग के 13,52,357 विद्यार्थियों को 1838.59 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग के 2,75,889 विद्यार्थियों को 252.76 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जनजाति के 7,236 विद्यार्थियों को 11.61 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जाएगी।   मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार “वंचितों को वरीयता – कमजोर को प्राथमिकता” के संकल्प के साथ कार्य करते हुए शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल कर रही है। छात्रवृत्ति योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रणाली का ऑटोमेशन किया जा रहा है तथा आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मोबाइल ऐप भी विकसित किया जा रहा है।

राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम का ग्राम्य विकास आयुक्त व डीएम एवं सीडीओ ने किया शुभारंभ

अयोध्या में सरस मेले के साथ साकेत संध्या का आगाज राम की पैड़ी पर आयोजित कार्यक्रम का ग्राम्य विकास आयुक्त व डीएम एवं सीडीओ ने किया शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्रामीण विकास को नई दिशा राम की पैड़ी पर सजा ग्रामीण विकास और संस्कृति का अनूठा संगम अयोध्या राम की नगरी अयोध्या में ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से ग्राम्य विकास विभाग द्वारा राम की पैड़ी पर 30 मार्च तक आयोजित होने वाले सरस मेले व साकेत संध्या अयोध्या का रविवार की शाम स्थानी कलाकारों को मंच देने का मंच देने का मौका भी मिलेगा।   उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी व जिलाधिकारी निखिल टीकाराम और मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने शुभारंभ किया। इसी के साथ साकेत संध्या का भी आगाज हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और ग्रामीण विकास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उत्तर प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम एवं मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह उपाध्यक्ष आकांक्षा समिति अयोध्या की प्रियंका ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके उपरांत स्वर सती जी के चित्र पर दीपप्रज्वलित व माल्यार्पण कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। सरस मेला साबित होगा बड़ा मंच  मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सरस मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। इन उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की आय, आत्मविश्वास और आजीविका में वृद्धि होगी। साथ ही, उन्हें आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्राप्त होंगे। सरयू आरती के बाद सप्ताह के हर शनिवार व रविवार को साकेत संध्या का आयोजन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच के तहत ऐसे मेले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिलाओं को सशक्त बनाने का माध्यम बन रहे हैं। विभिन्न जनपदों के लगे लगभग 47 स्टॉल अयोध्या सहित देवीपाटन मंडल के विभिन्न जनपदों से लगभग 47 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विविध उत्पाद प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। आकर्षण का केंद्र बने उत्पादों में अचार, राम मंदिर के मॉडल, गोलगप्पे, गाय के गोबर से निर्मित धूपबत्ती, टोकरी एवं सजावटी सामान, जैविक खाद, पापड़, फर्नीचर, सिलाई-कढ़ाई के उत्पाद तथा दुग्ध उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद न केवल स्थानीय कौशल को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सुदृढ़ करते हैं। मंडल के सभी जनपदों से उत्कृष्ट स्वयं सहायता समूहों को मेले में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। मेले में लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था मेले में व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। मंच, टेंटेज, साउंड सिस्टम, मैनपावर, लाइटिंग और साउंड शो की समुचित व्यवस्था की गई है। राम की पैड़ी का वातावरण सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुंजायमान है, जहां साकेत संध्या के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक झलकियां प्रस्तुत की जा रही हैं। मेले का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण कारीगरों और महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना तथा पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराना भी है। स्थानीय कलाकारों द्वारा ‘साकेत संध्या’ में भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी गई, साथ ही उन्हें अपनी कला को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण यह मेला महिलाओं की आजीविका संवर्धन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण है। हजारों श्रद्धालु और पर्यटक राम की पैड़ी पर पहुंचकर इन उत्पादों को देख रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं। सरस मेला न केवल आर्थिक रूप से उपयोगी साबित हो रहा है, बल्कि अयोध्या को सांस्कृतिक और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण भारत के सामर्थ्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक मेले के दौरान सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें और स्वदेशी को बढ़ावा दें। यह आयोजन राम मंदिर की पावन भूमि पर ग्रामीण भारत के सामर्थ्य और महिलाओं की मेहनत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रतीक बन गया है। इस मौके पर में विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अनुराज जैन,नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार, श्रीमती सरिता वर्मा, उपायुक्त रोजगार सरिता गुप्ता, जिला मिशन प्रबन्धक सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहें।