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डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल और विशेष कार्गो रूट से उद्योगों को सीधा लाभ, सप्लाई चेन होगी मजबूत

कार्गो हब बनाएगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ग्लोबल ट्रेड गेटवे, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल और विशेष कार्गो रूट से उद्योगों को सीधा लाभ, सप्लाई चेन होगी मजबूत 20 लाख से 80 लाख मीट्रिक टन तक कार्गो क्षमता विस्तार का लक्ष्य मल्टी मोडल कार्गो हब से निर्यात-आयात को मिलेगा बड़ा बूस्ट इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेमचेंजर बनेगा एयरपोर्ट जेवर  उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश के सबसे बड़े कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी उभरने जा रहा है। एयरपोर्ट के पास निर्मित डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और विशेष कार्गो रूट इस क्षेत्र को ग्लोबल ट्रेड गेटवे बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल यह परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है। डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल से बढ़ेगी क्षमता एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल विकसित किया गया है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता लगभग 20 लाख मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, शुरुआती चरण में लगभग 2.5 लाख टन प्रति वर्ष कार्गो संचालन की क्षमता विकसित की गई है, जिसे आगे बढ़ाकर करीब 15 लाख टन प्रति वर्ष तक विस्तारित किया जाएगा। लगभग 80 हजार वर्गमीटर में फैले इस कार्गो क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। मल्टी मॉडल कार्गो हब का हो रहा विकास नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक मल्टी मॉडल कार्गो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां वायु मार्ग, सड़क और संभावित रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। डेडिकेटेड कार्गो रूट का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे औद्योगिक इकाइयों से सीधे एयरपोर्ट तक माल की तेज और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स, वेयरहाउसिंग और फार्मा सेक्टर को इस कार्गो हब से सीधा लाभ मिलेगा। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास स्थापित उद्योगों के उत्पाद अब तेजी से अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे निर्यात को नई गति मिलेगी और उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। सप्लाई चेन होगी मजबूत, समय और लागत में कमी डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल और विशेष रूट के कारण लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया अधिक सुगम और समयबद्ध हो जाएगी। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और उद्योगों को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस तरह की सुविधाओं से उत्तर प्रदेश “जस्ट-इन-टाइम” सप्लाई मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे वैश्विक कंपनियों का भरोसा भी बढ़ेगा। ग्लोबल ट्रेड गेटवे के रूप में उभरता उत्तर प्रदेश नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह कार्गो हब उत्तर प्रदेश को ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति से बाहर निकालते हुए सीधे वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे न केवल निर्यात-आयात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

योगी सरकार ने प्राप्त की एक और बड़ी सफलता, स्कॉच अवार्ड से हुई सम्मानित

योगी सरकार ने हासिल की एक और बड़ी उपलब्धि, फिर मिला प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड सिंचाई विभाग की ओर से महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार को मिला अवार्ड  वैज्ञानिक प्रबंधन से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सुगम हुआ था अमृत स्नान, ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेशन एरिया से सुरक्षा और व्यवस्था को मिला था नया आयाम लखनऊ योगी सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी साख को और मजबूत किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को नई दिल्ली में आयोजित 106वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (स्कॉच समिट) में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो प्रमुख कार्यों महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा की धाराओं के सफल चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार के लिए प्रदान किया गया है। प्रतिष्ठित पुरस्कार सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने प्राप्त किया। महाकुम्भ-25 के दौरान किया गया गंगा की धाराओं का चैनलाइजेशन सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुम्भ- 25 में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराने के लिए गंगा की धाराओं के चैनलाइजेशन के निर्देश दिए गये थे। उन्होंने बताया कि गंगा की धाराओं का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे सिंचाई विभाग ने सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसने प्रदेश की कार्यकुशलता और बड़े आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।  उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तीन धाराओं को सफलतापूर्वक एक धारा में विलीन करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सका। यह कार्य न केवल भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानकों को भी नया आयाम मिला। रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर स्थापित ऑटोमैटिक गेट के लिए भी मिली सराहना  मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने बताया कि रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर ऑटोमैटिक गेट की स्थापना को भी विशेष सराहना मिली है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था से जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ मिल सके। बता दें कि स्कॉच अवार्ड को देश के प्रमुख स्वतंत्र सम्मानों में गिना जाता है, जिसके लिए देशभर से हजारों प्रविष्टियां आती हैं। इनमें से चयन एक कठोर और बहुस्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कार्यों को तकनीकी दक्षता, नवाचार और प्रभावशीलता के आधार पर चुना गया, जो प्रदेश की बढ़ती प्रशासनिक क्षमता को दर्शाता है।

केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचा यूपी

सीएम योगी के नेतृत्व में सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य बना उत्तर प्रदेश  केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पछाड़कर शीर्ष पर पहुंचा यूपी  उत्तर प्रदेश में जेवर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या व कुशीनगर की शान बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट  जेवर समेत यूपी में कुल 17 एयरपोर्ट संचालित, अब 24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश लखनऊ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश के खाते में बड़ी उपलब्धि शामिल हो गई। अब उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की संख्या 05 हो गई है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होते ही अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के मामले में उत्तर प्रदेश ने केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कुल एयरपोर्ट की बात करें तो अब यह संख्या बढ़कर 17 हो गई है।  बजट में कई गुना बढ़ोतरी एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने खजाना खोल दिया है। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच नागरिक उड्डयन का बजट उत्तर प्रदेश में कई गुना बढ़ चुका है। यही वजह है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यूपी एयर-कनेक्टिविटी के मामले में देश का सिरमौर बन गया। योगी सरकार ने हालिया बजट में नागरिक उड्ड्यन के लिए 2111 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है।  24 एयरपोर्ट वाला राज्य बनने की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश प्रदेश में संचालित एयरपोर्ट – 17 *घरेलू एयरपोर्ट 12 – आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट, सहारनपुर *अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट 05 – नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर, चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट लखनऊ, लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा वाराणसी, महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या, कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कुशीनगर *प्रक्रियाधीन एयरपोर्ट परियोजनाएं 07 – म्योरपुर (सोनभद्र), ललितपुर, मेरठ, पलिया (लखीमपुर) फुरसतगंज (अमेठी), गाजीपुर व झांसी।

डाटा सेंटर, फिल्म सिटी और मैन्युफैक्चरिंग हब से यीडा क्षेत्र बन रहा मल्टी-इंडस्ट्री कॉरिडोर

एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और मेगा प्रोजेक्ट्स से बदल रही जेवर-यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर डाटा सेंटर, फिल्म सिटी और मैन्युफैक्चरिंग हब से यीडा क्षेत्र बन रहा मल्टी-इंडस्ट्री कॉरिडोर एयरपोर्ट के चलते जमीन की मांग और कीमतों में उछाल, रियल एस्टेट निवेशकों के लिए उभर रहा हॉटस्पॉट गौतमबुद्धनगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक और रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहा है। बड़े पैमाने पर निवेश, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेगा प्रोजेक्ट्स के चलते यह क्षेत्र अब देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होने की ओर अग्रसर है। डाटा सेंटर से फिल्म सिटी तक, मल्टी-सेक्टर ग्रोथ यमुना औद्योगिक क्षेत्र में डाटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। इसके साथ ही नोएडा फिल्म सिटी इस क्षेत्र को मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का भी बड़ा केंद्र बनाने जा रही है। फिल्म सिटी का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और जल्द ही यहां 'मॉम 2'  फिल्म की शूटिंग भी शुरू होने वाली है। फिल्म सिटी में फिल्म इंस्टीट्यूट के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिसका लाभ हजारों युवाओं को मिलेगा जो इस क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं। इसी तरह, डाटा सेंटर हब बनने से इस क्षेत्र में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है।  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना सबसे बड़ा गेमचेंजर इस पूरे क्षेत्र के विकास में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यह क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा। एयरपोर्ट के कारण आसपास के इलाकों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है और प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त उछाल यमुना औद्योगिक क्षेत्र में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बड़े डेवलपर्स टाउनशिप, प्लॉटिंग स्कीम और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र “फ्यूचर ग्रोथ जोन” बन चुका है, जहां बेहतर रिटर्न की संभावनाएं जताई जा रही हैं। खासकर एयरपोर्ट और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के आसपास के क्षेत्रों में निवेश की मांग सबसे अधिक है। बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी रफ्तार यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली, नोएडा, आगरा और अन्य प्रमुख शहरों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इसके अलावा प्रस्तावित मेट्रो विस्तार, नई सड़क परियोजनाएं और फ्रेट कॉरिडोर इस क्षेत्र को और अधिक सुगम और निवेश के अनुकूल बना रहे हैं। सरकारी नीतियों का मिल रहा पूरा लाभ प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक नीतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेशकों को दी जा रही रियायतें इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित कर रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, पानी, सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिल रहा है। रोजगार और शहरीकरण का नया केंद्र डाटा सेंटर, फिल्म सिटी, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और एयरपोर्ट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स के चलते लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। तेजी से हो रहा शहरीकरण इस क्षेत्र को आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक और रीयल एस्टेट हब बना सकता है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा भारत का प्रमुख एमआरओ हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा देश का बड़ा एमआरओ हब पीएम मोदी ने एमआरओ सुविधा का किया शिलान्यास, विमान रखरखाव में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम अभी मेंटेनेंस के लिए 85% विमान भेजने पड़ते हैं विदेश, जेवर में एमआरओ हब से रोजगार, निवेश व तकनीकी कौशल को भी मिलेगा बूस्ट जेवर उत्तर प्रदेश का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के एविएशन सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) हब विकसित किया जा रहा है, जिसका शिलान्यास शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। यह परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश को विमान रखरखाव के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। एमआरओ में आत्मनिर्भरता जरूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर बताया कि भारत अभी विमान रखरखाव के मामले में काफी हद तक विदेश पर निर्भर है। देश के लगभग 85% विमान अभी मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल के लिए विदेश भेजे जाते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। उन्होंने इस स्थिति को बदलने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को एमआरओ सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है और इसके लिए देशभर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अकासा एयर के साथ रणनीतिक साझेदारी नोएडा एयरपोर्ट परिसर में अकासा एयर के सहयोग से पहली एमआरओ सुविधा स्थापित की जाएगी। यह अत्याधुनिक केंद्र विमान रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी सेवाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार करेगा, जिससे देश की एविएशन इंडस्ट्री को नई मजबूती मिलेगी। इस एमआरओ हब के विकसित होने से एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने विमानों को विदेश भेजने की आवश्यकता कम होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिचालन लागत में भी भारी कमी आएगी। भारत में ही विश्वस्तरीय मेंटेनेंस सुविधाएं उपलब्ध होने से देश वैश्विक एविएशन सर्विस मार्केट में प्रतिस्पर्धी बन सकेगा। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा यह परियोजना स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगी। युवाओं को एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, एविएशन टेक्नोलॉजी और तकनीकी सेवाओं में प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों के चलते प्रदेश में इस तरह की हाईटेक परियोजनाओं का तेजी से विकास हो रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश युवाओं के लिए अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में बड़ा कदम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि एक समग्र एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। एमआरओ सुविधा इस विजन का अहम हिस्सा है, जो प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एमआरओ सेक्टर को “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत न केवल अपने विमानों की सर्विसिंग करेगा, बल्कि दुनिया के अन्य देशों को भी सेवाएं प्रदान कर सकेगा। भारत में तेजी से उभर रहा है एमआरओ सेक्टर नोएडा एयरपोर्ट में यह सुविधा स्थापित होने के साथ ही भारत में एमआरओ सेक्टर तेजी से विकास करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार 2030 तक इसका बाजार 5.7 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत सरकार की एमआरओ नीति 2021 के तहत करों में रियायत और भूमि पट्टे में छूट देकर घरेलू क्षमताओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत को वैश्विक एमआरओ हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी आई है। यूएसए है अग्रणी देश वैश्विक स्तर पर एमआरओ सुविधाएं प्रमुख विमानन हब का अहम हिस्सा हैं, जहां अमेरिका सबसे अधिक एमआरओ कंपनियों के साथ अग्रणी है, जबकि यूके, फ्रांस व जर्मनी यूरोप के प्रमुख केंद्र हैं। एशिया-प्रशांत में सिंगापुर, चीन, भारत और फिलीपींस, जबकि मध्य पूर्व में यूएई महत्वपूर्ण एमआरओ हब के रूप में उभर रहे हैं।

बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट

दिग्गज बोलेः जेवर बना यूपी का गहना, वैश्विक हब बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लोकार्पण और एमआरओ सुविधा के शिलान्यास कार्यक्रम में दिग्गजों ने रखी राय बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस कदम से दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव घटेगा, नए अवसरों के द्वार खुलेंगे फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स और एविएशन के बड़े केंद्र के तौर पर उभरेगा जेवर क्षेत्र जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा का शिलान्यास कई मायनों में खास बन गया। शनिवार को इस आयोजन में शामिल देश-विदेश के उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने इसे ऐतिहासिक परियोजना बताया है। सिंगापुर की कंपनी सैट्स लिमिटेड के सीईओ बॉब ची और फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने इसे भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि व्यापक विकास का मॉडल है जो देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता भारत: बॉब ची सैट्स लिमिटेड के गेटवे सर्विसेज के सीईओ बॉब ची ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना नोएडा व उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का माध्यम बनेगी। सिंगापुर की कंपनी होने के नाते इस ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश और वैश्विक उत्साह का केंद्र बन रहा है। फिल्म सिटी से जुड़ेगा विकास का नया आयाम: बोनी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि मैं केवल विकास में सहयोग नहीं कर रहा, बल्कि उसका हिस्सा बन रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करने की दिशा में हम सभी प्रयास कर रहे हैं। मैं यहां इंटरनेशनल फिल्म सिटी विकसित कर रहा हूं। एयरपोर्ट और फिल्म सिटी मिलकर इस क्षेत्र को नए आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे। हाईटेक ईंधन सुविधा से तैयार एयरपोर्ट: टीएस दुपारे इंडियन ऑयल स्काईटैंकिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ टीएस दुपारे ने बताया कि उनकी कंपनी को 2022 में ईंधन फार्म और इन प्लेन फ्यूलिंग सेवाएं विकसित करने का ठेका मिला था। कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद यह जिम्मेदारी मिली और अब देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार है। कंपनी पूरी तरह से विमानों को ईंधन देने के लिए तैयार है। निर्यात व उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा: ललित ठुकराल नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन नोएडा और पूरे देश के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। यह एयरपोर्ट बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा और विमान मरम्मत केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। इससे निर्यात उद्योग को नई गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। 24 घंटे बैंकिंग और फॉरेक्स सुविधा: देबाशीष मेश्राम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम देबाशीष मेश्राम ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर में दो शाखाएं स्थापित की गई हैं। एक एयरपोर्ट ऑफिस में और दूसरी कार्गो सेंटर में। यहां एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, ई लॉबी और योनो ऐप की सुविधा उपलब्ध होगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24 घंटे फॉरेक्स काउंटर और 18 से अधिक मुद्राओं को सपोर्ट करने वाला ट्रैवल कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। तेजी से हुआ भूमि अधिग्रहण: बृजेश नारायण सिंह गौतम बुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण देश में सबसे तेज और किफायती रहा। किसानों की सहमति से यह प्रक्रिया पूरी हुई है जो अपने आप में एक अनूठी उपलब्धि है। शुरुआती मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय से किसानों ने इस परियोजना का समर्थन किया और वे इसके प्रमुख भागीदार हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम: सुभाष गोयल एविएशन और टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्लॉट की कमी के कारण नई एयरलाइन्स को परेशानी हो रही है। जेवर एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान करेगा और दिल्ली के साथ-साथ आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगा। दिल्ली और जेवर के बीच तेज मेट्रो या एक्सप्रेस लाइन, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास होटल सुविधाओं का विकास जरूरी है। रोजगार और निवेश के नए अवसरः मैमुल्लाह अंसारी परियोजना से जुड़े सुरक्षा अधिकारी मैमुल्लाह अंसारी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने इस परियोजना में बड़ा बदलाव देखा है और इसका हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में निवेश करने की अपील की, खासकर फिल्म सिटी जैसी आगामी परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए। समग्र विकास का नया केंद्र बनेगा जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है। उद्योग, निर्यात, पर्यटन, फिल्म, बैंकिंग और रोजगार हर क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ मान रहे हैं। ऐसे में, दिग्गजों की राय यह स्पष्ट संकेत देती है कि जेवर आने वाले समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक हब में से एक बनने की ओर सशक्त कदम बढ़ा चुका है।

ग्रेटर नोएडा में होगा कौशल का महाकुंभ, 2025-26 इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन का आगाज

ग्रेटर नोएडा में सजेगा कौशल का महाकुंभ: इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26 का होगा आगाज देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 650 से अधिक प्रतिभागी दिखाएंगे अपना हुनर 63 विभिन्न कौशलों में विश्व स्तरीय मानकों पर होगी प्रतियोगिता रोबोटिक्स और ग्रीन स्किल्स जैसे भविष्य के विषयों पर दिग्गज कंपनियां साझा करेंगी अनुभव लखनऊ  भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के तत्वावधान में आयोजित होने वाली देश की सबसे बड़ी कौशल प्रतियोगिता, 'इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26', का भव्य आयोजन रविवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में होगा। उत्तर प्रदेश में इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में योगी सरकार का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार प्रदेश को स्किल डेवलपमेंट का हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है और इस तरह के आयोजनों से युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। यह द्विवार्षिक प्रतियोगिता देश के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी दक्षता प्रदर्शित करने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने का एक अद्वितीय मंच प्रदान करती है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पहले असम, गुजरात, तेलंगाना, ओडिशा और उत्तर प्रदेश की रीजनल प्रतियोगिता हो चुकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 40 प्रतिभागियों ने हुनर दिखाया था। इनमें से 16 प्रतिभागियों ने अलग-अलग मेडल अपने नाम किए थे। इंडियास्किल्स नेशनल कॉम्पिटिशन 2025-26 के अंतर्गत उद्घाटन समारोह 29 मार्च 2026 को दोपहर 3 से 5 बजे तक गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद प्रतियोगिता 30 मार्च से 1 अप्रैल 2026 तक इंडिया एक्सपो मार्ट के हॉल 9 से 12 में आयोजित होगी, जहां देशभर के प्रतिभागी अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम का समापन समारोह 2 अप्रैल 2026 को दोपहर 3 से 5 बजे तक हॉल 9, इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 650 से अधिक युवा प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जो कुल 63 विभिन्न कौशलों (Skills) में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। प्रतियोगिता के साथ-साथ रोबोटिक्स, 'ग्रीन स्किल्स' और भविष्य के रोजगार जैसे समसामयिक विषयों पर विशेष ज्ञान-सत्र और चर्चाएं भी आयोजित होंगी। इसमें FANUC, FESTO, AutoDesk और DMG Mori जैसी वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियां अपने अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा करेंगी। भारत सरकार और कौशल विकास मिशन ने इस आयोजन के माध्यम से समाज के सभी वर्गों से इसमें सहयोग और सहभागिता की अपील की है, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त हों और वे राष्ट्र निर्माण में अपना प्रभावी योगदान दे सकें।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन पर खुशी से झूम उठे लोग

जेवर में उमड़ा जन-सैलाब, मोदी-योगी के नारों की गूंज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के उद्घाटन पर खुशी से झूम उठे लोग ’सबका साथ-सबका विकास’ का विजन उतरा धरातल पर जेवर गौतमबुद्ध नगर में जेवर अब सिर्फ जमीन नहीं, उत्तर प्रदेश के सपनों की उड़ान का प्रतीक बन गया है। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण के उद्घाटन के साथ ही शनिवार को उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। एयरपोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह से ही उत्साह व उम्मीद का मिला-जुला माहौल दिखाई दिया। जनसभा में आए हजारों लोग, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने इस पल को एक विराट राष्ट्रीय आयोजन का रूप दे दिया। पीएम मोदी-सीएम योगी के पोस्टर लेकर पहुंचे लोग जैसे ही पीएम मोदी के साथ सीएम योगी मंच पर पहुंचे, पूरा परिसर अपार जनसमूह की तालियों और नारों से गुंजायमान हो उठा। युवाओं व महिलाओं के हाथों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाले पोस्टर लहरा रहे थे। भारी संख्या में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर भी पहुंचे थे। पीएम और सीएम की तस्वीरों के कटआउट जनसभा को जीवंत बना रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर पंडाल में हजारों मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट मानो उत्तर प्रदेश के चमकते भविष्य की झलक दिखा रही थी। सीएम योगी का जताया आभार एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के चेहरों पर भविष्य की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। स्थानीय युवाओं के बीच रोजगार को लेकर जबरदस्त उत्साह था। जनसभा में उपस्थित स्थानीय निवासी आशीष भाटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि एयरपोर्ट बनने से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। एक दौर था, जब स्थानीय युवा रोजगार के लिए बाहर जाते थे, लेकिन अब दूसरे राज्यों के लोग भी यहां आकर नौकरी कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल के रहने वाले पप्पू देवनाथ एयरपोर्ट में प्लांट ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के लोग नौकरी की तलाश में पश्चिम बंगाल आते थे, लेकिन अब मैं वहां से नौकरी करने यूपी आया हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के नये कीर्तिमान बना रहा है। किसान-व्यापारी भी उत्साहित जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन जाने से किसानों व व्यापारियों को निर्यात और लॉजिस्टिक्स में नई संभावनाएं दिख रही हैं। जेवर निवासी किसान भरत सिंह ने बताया कि हम लोगों के उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो सकेगा। हमारे उत्पाद काफी कम लागत में विदेश में निर्यात हो सकेंगे। हमारे स्थानीय व्यापारी भी एयरपोर्ट बनने से काफी उत्साहित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों व नौजवानों के लिए जितना करते हैं, सोचते हैं, उतना आज तक किसी ने नहीं सोचा था।  अब दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. ललिता जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से बहुत उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि पहले इन्हें फ्लाइट लेने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था, जिसमें तीन से चार घंटे लग जाते थे लेकिन अब वो आधे से एक घंटे के अंदर यहीं से फ्लाइट पकड़ सकेंगी।

रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूपी में निवेश को मिलेगा बड़ा बूस्ट रोजगार और इंडस्ट्रियल ग्रोथ का मेगा हब बनेगा यूपी का जेवर निर्यात को मिलेगी रफ्तार, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र बनेगा ग्लोबल निवेश और मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में उभर रहा जेवर, तेजी से बढ़ रहे निवेश प्रस्ताव 1 लाख से अधिक रोजगार, हजारों करोड़ की आर्थिक गतिविधि का अनुमान जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में निवेश, उद्योग और व्यापार के नए युग की शुरुआत का संकेत दे रहा है। यह एयरपोर्ट न केवल प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि यह परियोजना निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगी। यमुना एक्सप्रेसवे बना निवेश का नया इंजन यमुना एक्सप्रेसवे और इसके आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव आने शुरू हो चुके हैं। एयरपोर्ट के कारण यह क्षेत्र तेजी से एक औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है, जहां देश-विदेश की कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहीं हैं। एयरपोर्ट के आसपास मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, अपैरल और टॉय पार्क जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखे जाने से हाईटेक इंडस्ट्री को बढ़ावा मिला है। भविष्य में यहां फिनटेक सिटी जैसे अत्याधुनिक प्रोजेक्ट भी विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र टेक्नोलॉजी और उद्योग का प्रमुख केंद्र बनेगा। निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार मल्टी मोडल कार्गो हब बनने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति से बाहर निकालकर वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ देगा। इससे प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक तेजी से पहुंच सकेंगे और निर्यात को नई गति मिलेगी। इस एयरपोर्ट परियोजना से लगभग 1 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही करीब 60,000 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधि उत्पन्न होने का अनुमान है। सरकार को इससे लगभग 2000 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हो सकता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा। दीर्घकालिक विकास का मजबूत आधार इस परियोजना का कंसेशन पीरियड 40 वर्षों का है। अनुमान है कि वर्ष 2061-62 तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त होगी, जो इसकी दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। कुल मिलाकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग, निर्यात और रोजगार का एक समग्र विकास मॉडल बनकर उभर रहा है। आने वाले समय में यह परियोजना प्रदेश को आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम करेंगे नियुक्ति पत्र का वितरण

लोहिया संस्थान में 665 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति, आज सीएम देंगे नियुक्ति पत्र लोक भवन में 20 अभ्यर्थियों को सीधे सौंपे जाएंगे नियुक्ति पत्र शेष को जिलों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधि करेंगे वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बल 345 पुरुष व 320 महिला अभ्यर्थी चयनित लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। संस्थान में कुल 665 नर्सिंग अधिकारियों का चयन किया गया है, जिनमें 345 पुरुष एवं 320 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। सीएम खुद देंगे नियुक्ति पत्र इनमें से 20 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में सीधे नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे, जबकि शेष अभ्यर्थियों को उनके संबंधित जनपदों में ऑनलाइन माध्यम से जनप्रतिनिधियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इनको मिलेगा नियुक्ति प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इन नियुक्तियों से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीजों को उपचार में सहूलियत मिलेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रियंका सिंह, मनीष कुमार, लक्ष्मण राम चौधरी, मोहम्मद आलम, तनु, संध्या जोशी, देवराज गुर्जर, देवेश कुमार, जय प्रकाश सिंह, धर्मेंद्र काजला, कुमारी अनामिका यादव, दीप्ति देवी, प्रतिमा कश्यप, आकांक्षा, ऋषि राज गौतम, आराध्या सिंह, प्रियंका चौधरी, विवेक कुमार गोंड, संध्या सिंह व शरिमा सिद्दीकी शामिल हैं।