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रामनवमी झड़पों से भड़के संत, केंद्र से बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की अपील

अयोध्या शुक्रवार को रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कुछ हिस्सों में दो समुदायों के बीच झड़प हुई। हिंसा में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मामले को शांत करते हुए पुलिस ने प्रभावित जांगीपुर और रघुनाथगंज इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है। इस घटना को लेकर अब अयोध्या के संतों ने विरोध दर्ज कराया है और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा है। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने शोभा यात्रा पर हुई पत्थरबाजी की घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा, "ममता बनर्जी कट्टर समुदाय को पाल कर रखती हैं और एक ही समुदाय को खुश करने की कोशिश करती हैं, लेकिन अब उनकी सत्ता जाने वाली है क्योंकि उन्होंने हमारे भगवान श्री राम की शोभा यात्रा पर पथराव किया है। इन्होंने गैंग बना रखी है, जिसका काम सिर्फ पथराव करना और हमारे समुदाय को नुकसान पहुंचाना है। ममता जैसे लोग ही हैं, जो भारत में रहकर शरिया कानून लाना चाहते हैं।" उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जैसे हालात हैं, जहां हिंदुओं पर अत्याचार होता रहा है, और इसके पीछे ममता सरकार का बड़ा हाथ है, लेकिन अब समय आ गया है कि वहां के हिंदू और सनातनी लोग उन्हें जवाब देने वाले हैं और सत्ता से बेदखल करने वाले हैं। वहीं, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भी रामनवमी के दिन पश्चिम बंगाल में हुई घटना को पीड़ादायक बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत है क्योंकि अब बात हाथ से निकल चुकी है। ममता बनर्जी आतंकवादियों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल को भारत से अलग करना चाहती हैं। जैसा हाल पहले बांग्लादेश का हुआ था, अब उसी नक्शेकदम पर पश्चिम बंगाल पहुंच चुका है। वहां भी हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है और अगर स्थिति को संभाला नहीं गया तो हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं।" जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि बंगाल की पुलिस भी सरकार और आतंकियों के इशारे पर काम करती है और हिंदूओं की किसी मामले में सुनवाई नहीं होती है।

अगले 3 दिन यूपी में मौसम की करवटें जारी, बारिश का सिलसिला रहेगा बरकरार

लखनऊ मौसम का मिजाज हर दिन करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव की वजह से एक बार फिर से 29 मार्च से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर एक अप्रैल तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है जो 30 और 31 मार्च को प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अपना प्रभाव डालेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च को 3 से 5 डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है और देर शाम या रात को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश हो सकती है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बारिश का यह क्रम 30 व 31 मार्च को तीव्र हो सकता है और लखनऊ समेत बाकी हिस्सों में भी प्रभाव डाल सकता है। इस वजह से कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। बारिश की वजह से 31 मार्च तक तापमान में 3 से 5 डिग्री की ही गिरावट के बाद फिर से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है। रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 30 मार्च को हवा के झोंकों की रफ्तार बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक होने के भी आसार जताए जा रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 मार्च को कोई खास परिवर्तन नहीं होगा लेकिन 30 मार्च को संभाग में कहीं-कहीं मेघगर्जन के साथ झोंकेदार हवा 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के आसार हैं। शनिवार को झांसी में अधिकतम तापमान सबसे अधिक 38.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पूरी दुनिया चिंतित, अफवाहों से बचने की सलाह दी PM मोदी ने

 नोएडा लंबे समय से जिस पल का इंतजार था अब वो घड़ी आ गई है. आज जेवर ने नया इतिहास रच दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. हालांकि, अभी यहां केवल दिन में ही फ्लाइट्स का संचालन होगा और बाद में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से घरेलू सहित इंटरनेशनल उड़ानें शुरू की जाएंगी. फ्लाइट्स का संचालन पूरी तरह से शुरू होने के बाद जेवर एयरपोर्ट भारत का ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाएगा है. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के पहले चरण का उद्घाटन किया है. यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगा।  सुबह करीब 11:30 बजे पीएम मोदी एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण किया. करीब 12:20 बजे उद्घाटन हुआ, उसके बाद जनसभा को संबोधित किया. इस चरण में एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल कर सकेगा. भविष्य में इसे और बड़ा बनाया जाएगा।  100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से हवाई एयरपोर्ट की संख्या 17 कर दी है. भाजपा सरकार का निरंतर प्रयास रही है कि एयरपोर्ट भी रहे और किराया-भाड़ा भी सामान्य परिवारों की पहुंच में रहे. इस कारण उड़ान योजना शुरू की. इसकी वजह से 1.60 करोड़ लोगों ने सस्ती दरों पर यात्रा की. हाल ही में उड़ान योजना को और विस्तार दिया गया है. इसके लिए 29000 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. इससे छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाने की योजना है. यूपी को इससे बहुत बड़ा लाभ मिलेगा।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण चिंतित है. कई देशों में खाने-पीने की चीजों, पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी हो रही है. उन्होंने कहा कि भारत भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे आम परिवारों और किसानों पर इस संकट का असर कम से कम पड़े. उन्होंने कहा कि देशवासी मिलकर इस चुनौती का सामना कर रहे हैं. लोगों को अफवाहों से बस दूर रहना है।  प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र अब देश के दो बड़े फ्रेट कॉरिडोर का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है. इन कॉरिडोर्स से उत्तर भारत की कनेक्टिविटी बंगाल और गुजरात के समुद्री तटों से बेहतर हुई है. दादरी वह स्थान है जहां ये दोनों कॉरिडोर आपस में मिलते हैं।  उन्होंने कहा कि इससे किसानों और उद्योगों को बड़ा फायदा होगा. यहां उगाए गए कृषि उत्पाद और यहां बने औद्योगिक सामान अब जमीन, रेल और हवाई मार्ग से तेजी से दुनिया के बाजारों तक पहुंच सकेंगे।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसी मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र निवेश का बड़ा केंद्र बन रहा है।  नरेंद्र मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में भी भारत ने अपने विकास की रफ्तार को थमने नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाल के कुछ हफ्तों में ही कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है।  उन्होंने कहा कि नोएडा में एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैक्ट्री की नींव रखी गई, दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन ने गति पकड़ी, मेरठ मेट्रो का विस्तार हुआ और अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो गया. उन्होंने इसे “डबल इंजन सरकार” के विकास मॉडल का उदाहरण बताया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी प्रोजेक्ट्स मिलकर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाई दे रहे हैं. सेमीकंडक्टर फैक्ट्री देश को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बना रही है, मेट्रो और नमो भारत ट्रेन बेहतर कनेक्टिविटी दे रही हैं, और जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का काम करेगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट भविष्य में इतना बड़ा बनेगा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरेगा, जो इसकी क्षमता और महत्व को दिखाता है।  प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारों ने नोएडा को “लूट का एटीएम” बना दिया था, लेकिन आज वही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का इंजन बन रहा है।  उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट “डबल इंजन सरकार” की कार्य संस्कृति का उदाहरण है. उन्होंने याद दिलाया कि इस एयरपोर्ट को 2003 में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में दबा रहा. केंद्र और राज्य की पुरानी सरकारों ने इस पर काम आगे नहीं बढ़ाया।  प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद जब केंद्र में उनकी सरकार आई और बाद में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनी, तब इस प्रोजेक्ट को गति मिली. उन्होंने कहा कि अब यह एयरपोर्ट बनकर तैयार है और शुरू हो चुका है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सभी गणमान्य अतिथियों और उपस्थित लोगों का अभिवादन करते हुए की. उन्होंने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों का उल्लेख किया और कार्यक्रम में मौजूद लोगों, खासकर युवाओं के उत्साह की सराहना की।  उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि यह एयरपोर्ट न केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, बल्कि नए भारत के भविष्य की उड़ान का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें इस एयरपोर्ट का शिलान्यास करने का भी अवसर मिला था और आज उद्घाटन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों – जैसे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा और बुलंदशहर – के लिए बड़े आर्थिक और विकास के अवसर लेकर आएगा।  उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट किसानों, छोटे और लघु उद्योगों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा. यहां से न केवल विमान उड़ेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा।   योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को विकास में बाधा के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब “डबल इंजन सरकार” के कारण प्रदेश ने तेजी से विकास की गति पकड़ी … Read more

पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5000 पुलिसकर्मी तैनात

5 स्तरीय सुरक्षा घेरे में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हाईटेक निगरानी से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5000 पुलिसकर्मी तैनात  एंटी-ड्रोन, सीसीटीवी और इंटेलिजेंस नेटवर्क से कड़ी निगरानी 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर स्थापित एंटी-सैबोटाज चेक, बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-माइंस चेकिंग और स्निफर डॉग्स की तैनाती नोएडा/जेवर नवनिर्मित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह और प्रस्तावित जनसभा को लेकर पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर पूरे क्षेत्र को 5-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, खुफिया समन्वय और व्यापक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप यह पूरी व्यवस्था पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में संचालित की जा रही है।  5-स्तरीय सुरक्षा घेरा, एसपीजी के साथ समन्वय नोएडा के जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कार्यक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में मल्टी लेयर सिक्योरिटी आर्किटेक्चर के तहत 5 सुरक्षा रिंग बनाईं गईं। एसपीजी के साथ निरंतर समन्वय रखते हुए सभी एंट्री प्वाइंट्स पर सघन चेकिंग, बैगेज स्क्रीनिंग और पहचान सत्यापन किया जा रहा है। 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए, जबकि महिलाओं के लिए अलग चेकिंग एन्क्लोजर की व्यवस्था की गई। 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, कई एजेंसियों की तैनाती सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के करीब 5000 राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों की तैनाती की गई। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, एटीएस और सीआईएसएफ की संयुक्त तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया। एयरपोर्ट परिसर और आसपास पहले से स्थापित पुलिस चौकियों पर भी अतिरिक्त बल तैनात किया गया। एंटी-ड्रोन, बीडीडीएस और स्निफर डॉग से निगरानी कार्यक्रम स्थल पर एंटी-सैबोटाज चेक, बीडीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड), एंटी-माइंस चेकिंग और स्निफर डॉग्स की तैनाती की गई। एंटी-ड्रोन टीमों द्वारा आसमान से निगरानी रखी गई, जबकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए क्विक रिएक्शन टीम्स को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया। इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर आईबी और स्टेट इंटेलिजेंस यूनिट्स के साथ रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन स्थापित किया गया है। नोएडा के जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए अफवाहों और संभावित खतरों को लेकर नजर रखी गई, जिससे किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। सीसीटीवी कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की व्यवस्था पूरे कार्यक्रम स्थल और एयरपोर्ट परिसर में सीसीटीवी निगरानी के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। साथ ही आमजन की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, जिससे लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। आपदा प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाएं अलर्ट मोड पर आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। फायर ब्रिगेड और फायर टेंडर स्टैंडबाय पर रहे, जबकि मेडिकल डेस्क, एम्बुलेंस और विशेष एम्बुलेंस कॉरिडोर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। यही नहीं, एवैक्यूएशन रूट और असेंबली प्वाइंट पहले से तय कर मॉक ड्रिल भी कराई गई है।  ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग का विशेष प्लान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए रियल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग के साथ विस्तृत डायवर्जन प्लान लागू किया गया। करीब 15 निर्धारित पार्किंग स्थलों पर 20,000 से अधिक वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।  हाईटेक कम्युनिकेशन और कंट्रोल सिस्टम सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डेडिकेटेड वायरलेस नेटवर्क और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल डैशबोर्ड के जरिए सभी व्यवस्थाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई। नदी क्षेत्र में भी सुरक्षा, ड्रोन पर प्रतिबंध यमुना नदी के नजदीक होने के कारण उस क्षेत्र में भी पेट्रोलिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही कार्यक्रम क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित कर एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय रखा गया।

उत्तर भारत के लिए यूपी लाएगा नई उड़ान, पीएम मोदी करेंगे नोएडा एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन

पीएम मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का लोकार्पण, उत्तर भारत को नई उड़ान देगा यूपी कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और मेंटिनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास भी करेंगे प्रधानमंत्री मोदी जेवर बनेगा देश का एविएशन हब, यूपी होगा 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला पहला राज्य यूपी, एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगा बूस्ट रोजगार, निर्यात और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, अधिक सुगम होगा हवाई यातायात जेवर/लखनऊ  देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लोकार्पण के लिए तैयार है। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके फेज-1 का लोकार्पण करने के साथ ही एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे और मेंटिनेंस, रिपेयर एवं ओवरहालिंग (एमआरओ) सुविधा का शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे, जिनके नेतृत्व व मार्गदर्शन में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है। यह परियोजना न केवल यूपी, एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी। प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारत सरकार से मई 2018 में सैद्धान्तिक मंजूरी मिली थी। यह परियोजना चार चरणों में विकसित की जा रही है, जिस पर कुल 29,560 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एयरपोर्ट को आधुनिक, डिजिटल और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के साथ विकसित किया जा रहा है। पीएम मोदी द्वारा जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किए जाने के साथ ही उत्तर प्रदेश 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी क्षमता फेज-1 में एयरपोर्ट के विकास में कंसेशनायर द्वारा 6,876 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण पर 4,406 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। इस तरह फेज-1 की कुल लागत लगभग 11,282 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 12 मिलियन (1.2 करोड़) पैसेंजर प्रति वर्ष की प्रारंभिक क्षमता विकसित की गई है। मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से मिलेगा बड़ा फायदा यह एयरपोर्ट देश का एक अत्याधुनिक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब होगा, जहां सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय ट्रांजिट सिस्टम का सहज एकीकरण किया गया है। इससे यात्रियों और कार्गो परिवहन दोनों के लिए समय और लागत में भारी कमी आएगी। कार्गो हब व एमआरओ से मिलेगा इंडस्ट्री को बूस्ट प्रधानमंत्री मोदी एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और एमआरओ सुविधा का भी शिलान्यास करेंगे। एयरपोर्ट पर विकसित मल्टी-मोडल कार्गो हब की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा। साथ ही, 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली एमआरओ सुविधा से विमानों का मेंटिनेंस, रिपेयर और ओवरहॉलिंग देश में ही संभव होगी। इससे एविएशन सेक्टर में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक व सर्विस सेक्टर का बनेगा नया केंद्र यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट आसपास के औद्योगिक सेक्टरों को नई गति देगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, हवाई यातायात अधिक सुगम होगा और पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इस तरह यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत देने वाला साबित होगा। इस अवसर पर भारत सरकार के नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित होंगे।

कौशाम्बी दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मृतकों के परिवारों को मिलेगा 2 लाख रुपये का मुआवजा

कौशाम्बी हादसा: मुख्यमंत्री ने जताया शोक,  मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये देने की घोषणा की सीएम ने घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का निर्देश दिया स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश: घायलों का कराया जाय समुचित इलाज लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कौशाम्बी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना की कि परिजनों को दुःख सहने की क्षमता प्रदान करें।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन से कौशांबी में हुए हादसे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद देने की  घोषणा की।  मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन के आलाधिकारियों को राहत-बचाव तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घायलों का समुचित तरीके से इलाज कराया जाय। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

योगी सरकार का बिल्डरों पर बड़ा एक्शन, घर खरीदारों को मिलेंगी कानूनी राहतें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार करते हुए गैर-पंजीकृत (Unregistered) प्रमोटरों को भी अपने दायरे में ले लिया है। रेरा अधिनियम 2016 की धारा 85 के तहत किए गए इस 10वें संशोधन के बाद, अब उन हजारों खरीदारों को न्याय मिल सकेगा जिन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश किया था जो रेरा में पंजीकृत नहीं हैं। यह नई व्यवस्था 25 मार्च 2026 से प्रभावी हो गई है। संशोधन के मुख्य बिंदु न्याय के लिए समान मंच: अब अपंजीकृत परियोजनाओं के आवंटी भी पोर्टल पर 'फार्म-एम' के माध्यम से प्रतिपूर्ति (Refund), कब्जा (Possession) और अन्य राहतों के लिए शिकायत दर्ज कर सकेंगे। पहले केवल पंजीकृत प्रोजेक्ट्स के मामलों की ही सुनवाई होती थी। पारदर्शी प्रक्रिया: यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के अनुसार, यदि जांच में पाया जाता है कि किसी प्रोजेक्ट का पंजीकरण अनिवार्य था और प्रमोटर ने नहीं कराया, तो प्राधिकरण सचिव को उस पर कड़ी कार्रवाई के लिए निर्देश देगा। मनमाने शुल्क पर लगाम: प्रमोटर अब आवंटियों से मनमाना शुल्क नहीं वसूल सकेंगे। आवंटी की मृत्यु पर उत्तराधिकारी के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने के लिए अधिकतम 1,000 रुपये और परिवार के बाहर ट्रांसफर करने पर अधिकतम 25,000 रुपये ही प्रोसेसिंग फीस ली जा सकेगी। विधिक सुधार: यह कदम सुप्रीम कोर्ट की उस तल्ख टिप्पणी के बाद आया है जिसमें संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए थे। अब एक ही बेंच के बजाय सभी बेंचों में इन मामलों की सुनवाई गुण-दोष के आधार पर होगी। फैसले रियल एस्टेट में बढ़ेगी पारदर्शिता इस निर्णय से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और उन प्रमोटरों की जवाबदेही तय होगी जो पंजीकरण से बचकर ग्राहकों को ठग रहे थे। हालांकि, यूपी रेरा पर काम का बोझ बढ़ेगा क्योंकि पहले से ही 50 हजार से अधिक मामले लंबित हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के लिए यह एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगा।

मुख्यमंत्री ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान, शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त

मुख्यमंत्री ने लिया प्रयागराज हादसे का संज्ञान, शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना की व्यक्त प्रयागराज में बामपुर गंगा घाट में डूबने से 4 बच्चों की हुई मौत लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह प्रयागराज में हुए हादसे का संज्ञान लिया। गौरतलब है कि प्रयागराज में बामपुर गंगा घाट पर शुक्रवार सुबह स्नान करने गए चार बच्चों की मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव करने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री ने रामनवमी पर हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

28 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, जानें 10 महत्वपूर्ण बातें

 नोएडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मार्च 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन करेंगे. यूपी सरकार ने कहा है कि जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होगा. यह एयरपोर्ट कृषि, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक असर डालेगा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन काल यानी 28 मार्च को हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के इस सबसे बड़े हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इससे न केवल हवाई सफर करने वालों को फायदा होगा बल्कि दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर को भी बूस्ट मिलेगा। जेवर हवाई अड्डा एनसीआर के विकास में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके शुरू होने से यहां के इलाकों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अभी तक ज्यादातर लोग दिल्ली उसके आसपास रहना ज्यादा पसंद करते थे। इस हवाई अड्डे के शुरू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और जेवर जैसे इलाकों में रहने का ट्रेंड बढ़ सकता है। यहां के इलाकों में सड़कें बेहतर की जा रही, मेट्रो और रैपिड रेल जैसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे यहां रहना और ज्यादा आसान हो जाएगा। जेवर एयरपोर्ट शुरू में (फेज-1) प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों (12 मिलियन पैसेंजर्स) को हैंडल करने की क्षमता रखता है. पूरी तरह विकसित होने के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष (70 मिलियन पैसेंजर्स) तक की जा सकेगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत विकसित यह एयरपोर्ट राज्य की भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर वैश्विक बाजार से जोड़ेगा. इससे कृषि उत्पादों, छोटे उद्योगों (MSMEs), पर्यटन और अन्य क्षेत्रों को सीधा फायदा होगा. जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, मेडिकल सुविधाएं और सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है. वीवीआईपी मूवमेंट और आम लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।  इन्वेस्ट करने वालों को एक्सपर्ट की सलाह एक्सपर्ट की मानना है कि बेशक नोएडा एयरपोर्ट शुरू हो गया है और इसके आसपास कई बड़े हाउसिंग और बिजनेस प्रोजेक्ट्स शुरू हो रहे हैं या शुरू हो चुके हैं लेकिन फिर भी आपको इन्वेस्ट के मामले में सतर्क रहना चाहिए। कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें। यह जरूर चेक करें कि वो प्रोजेक्ट RERA एक्ट 2016 के तहत रजिस्टर् है या नहीं। केवल लोकेशन के आधार पर फैसला न लें बल्कि वहां हो रहे वास्तविक विकास और सुविधाओं को भी समझें। ताज से लेकर कुंभ तक… सफर होगा आसान ये हवाई अड्डा एक बड़े ‘गेटवे’ यानी प्रवेश द्वार का काम करेगा. भारत अपनी संस्कृति और अध्यात्म के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है. अब तक विदेशी या घरेलू पर्यटकों को आगरा का ताजमहल देखने, मथुरा और वृंदावन के दर्शन करने, प्रयागराज के कुंभ मेले में जाने या फिर श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों तक पहुंचने के लिए काफी हद तक दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था. जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से इन सभी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थलों की दूरी काफी कम हो जाएगी. जिससे पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलेगी और यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी।  यूपी की इकॉनमी के लिए गेम चेंजर है जेवर एयरपोर्ट मनोज गौड़, सीएमडी, गौड़ ग्रुप के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के पूरे इकॉनोमिक सिस्टम के लिए एक बड़ा कदम है। इसके शुरू होने से इस पूरी बेल्ट पर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे। कनेक्टिविटी और इंडस्ट्री बढ़ने से सीधे तौर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जाहिर है यहां जॉब करने वालों को किफायती घरों की जरूरत होगी जिससे हाउसिंग की डिमांड बढ़ेगी। यह एयरपोर्ट सिर्फ नोएडा या ग्रेटर नोएडा ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक मजबूत 'गेटवे' का काम करेगा।   आइए जानते हैं जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी 10 खास बातें… – नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनकर यह क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।  – यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, जो दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर बढ़ते बोझ को कम करेगा. एक रनवे के साथ शुरू होने वाला यह एयरपोर्ट 3900 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक टर्मिनल और कार्गो सुविधाओं से लैस है।  – शुरू में (फेज-1) यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को हैंडल करेगा. पूरा विकसित होने पर क्षमता 7 करोड़ यात्रियों और लगभग 10 लाख टन कार्गो तक पहुंच जाएगी।  – 3900 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, ऑल-वेदर ऑपरेशन और 40 एकड़ का एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर) फेसिलिटी है. कार्गो टर्मिनल 2.5 लाख टन से शुरू होकर 18 लाख टन तक बढ़ाया जा सकेगा। – एयरपोर्ट को नेट-जीरो एमिशन बनाने का लक्ष्य है. भारतीय विरासत से प्रेरित डिजाइन (घाट और हवेली जैसी शैली) में बनाया गया है।  – यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित यह एयरपोर्ट सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन से जुड़ेगा. इससे यात्रियों और कार्गो की सुविधा बढ़ेगी।  – फल, सब्जी, डेयरी उत्पाद और फूल जैसे जल्द खराब होने वाले सामान आसानी से अंतरराष्ट्रीय बाजार पहुंचेंगे. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और 'फार्म टू ग्लोबल मार्केट' मॉडल मजबूत होगा।  – राज्य के करीब 1 करोड़ छोटे-मध्यम उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी. निर्यात बढ़ेगा, लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।  – एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, होटल, कृषि और सप्लाई चेन सेक्टर में लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे. आसपास के इलाकों में औद्योगिक विकास तेज होगा।  – फेज-1 पर करीब 11,200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. यह पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।  वास्तुकला में दिखेगी यूपी, उत्तराखंड और राजस्थान की झलक अक्सर एयरपोर्ट का मतलब कांच और कंक्रीट की बड़ी और नीरस इमारतें माना जाता है. लेकिन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के डिजाइन को बेहद खास तरीके से तैयार किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, इसकी वास्तुकला में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की साफ झलक देखने को मिलेगी।  टर्मिनल की छत को एक सफेद रंग के पारदर्शी कैनोपी (छतरी) का आकार दिया गया है, जो गंगा, यमुना और हिंडन नदियों की उठती-गिरती लहरों का अहसास … Read more

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा पुरुष का लिव-इन में रहना नहीं है अपराध

 प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि एक शादीशुदा पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं है. कोर्ट ने कहा कि सामाजिक नैतिकता नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के कोर्ट के कर्तव्य पर हावी नहीं हो सकती।  आपको बता दें कि याचिका दाखिल कर लिव इन में रह रहे शादीशुदा कपल ने लिए सुरक्षा की मांग की थी. इस याचिका में कहा गया था कि कपल को महिला के परिवार से धमकियां मिल रही हैं. महिला के परिवार के वकील ने दलील दी कि चूंकि वह व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा है, इसलिए किसी दूसरी महिला के साथ रहना उसके लिए एक अपराध है. हालांकि, कोर्ट ने टिप्पणी की कि कानून को सामाजिक नैतिकता से अलग रखा जाना चाहिए।  हाईकोर्ट के मुताबिक, 'ऐसा कोई अपराध नहीं है जिसके तहत कोई शादीशुदा व्यक्ति, किसी वयस्क के साथ आपसी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है. ऐसे व्यक्ति को किसी भी तरह के अपराध के लिए अभियोजित किया जा सके. कोर्ट ने कहा कि नैतिकता और कानून को अलग-अलग रखा जाना चाहिए. नैतिकता और कानून को अलग-अलग रखा जाना चाहिए।  कोर्ट ने कहा कि यदि कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता है, तो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट की कार्रवाई को सामाजिक राय और नैतिकता निर्देशित नहीं करेगी।  हाईकोर्ट ने कहा कि महिला ने एसएसपी शाहजहांपुर को पहले ही एक एप्लीकेशन दी है, जिसमें कहा गया है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से उस आदमी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि उसके माता-पिता और परिवार के दूसरे सदस्य उनके रिश्ते के खिलाफ हैं. उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी है और दोनों को ऑनर किलिंग का डर है।  कोर्ट ने कहा कि एसएसपी ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है. साथ रहने वाले दो वयस्कों की सुरक्षा करना पुलिस का कर्तव्य है. इस संबंध में पुलिस अधीक्षक पर विशेष दायित्व है. जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने शक्ति वाहिनी बनाम भारत संघ और अन्य, (2018) 7 SCC 192 मामले में कहा था।   इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस याचिका के साथ दोनों याचिकाकर्ताओं का संयुक्त हलफनामा भी लगा है. कोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 8 अप्रैल के लिए नोटिस जारी किया. कोर्ट ने उस जोड़े को अपहरण के एक मामले में भी सुरक्षा प्रदान की, जो महिला के परिवार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पंजीकृत किया गया था. फिलहाल, हाईकोर्ट के अगले आदेशों तक याचिकाकर्ताओं अनामिका और नेत्रपाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है. याचियों के खिलाफ शाह जहांपुर के जैतीपुर थाने में केस क्राइम नंबर 4/2026 में एफआईआर दर्ज है. उनपर बीएनएस, 2023 की धारा 87 के तहत एफआईआर दर्ज है।  कोर्ट ने ने महिला के परिवार को इस जोड़े को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाने से रोक दिया. उन्हें उनके घर में प्रवेश करने या उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क करने से भी प्रतिबंधित किया गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि एसएसपी शाहजहांपुर के कपल की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए पर्सनली ज़िम्मेदार होंगे।  बता दें कि याचियों की तरफ से एडवोकेट शहंशाह अख्तर खान ने केस लड़ा. एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट घन श्याम कुमार स्टेट की तरफ से पेश हुए. वहीं, एडवोकेट अजय कुमार मिश्रा एक प्राइवेट रेस्पोंडेंट की तरफ से पेश हुए, जबकि जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।