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योगी सरकार का बेहतरीन मॉडल, टैक्स से सीधे जनहित तक हर रुपये का उद्देश्य तय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में एक स्पष्ट और व्यावहारिक बदलाव किया है। अब टैक्स को केवल राजस्व इकट्ठा करने का माध्यम नहीं माना जा रहा, बल्कि उसे सीधे किसी खास उद्देश्य से जोड़कर खर्च किया जा रहा है। सरल शब्दों में समझें तो कौन सा पैसा कहां से आया और कहां खर्च हुआ, यह अब स्पष्ट दिख रहा है। यह मॉडल इसलिए खास है क्योंकि आम नागरिक अब आसानी से समझ सकता है कि उसका दिया हुआ टैक्स किस काम में लग रहा है। इस पूरी नीति का सीधा मतलब है कि टैक्स अब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि विकास का साधन बन चुका है। उत्तर प्रदेश ने दिखाया है कि अगर योजना स्पष्ट हो, तो हर रुपये का सही उपयोग करके समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति तीनों को एक साथ मजबूत किया जा सकता है। गो कल्याण सेस: छोटा टैक्स, बड़ा असर राज्य सरकार ने आबकारी से जुड़े राजस्व पर 0.5% का गो कल्याण सेस लगाया है। यह टैक्स शराब की बिक्री से जुड़ा है। आम उपभोक्ता पर इसका बहुत कम असर पड़ता है, लेकिन पूरे राज्य से यह मिलकर सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाता है। इस पैसे को सीधे आवारा गोवंश की देखभाल में खर्च किया जाता है। प्रदेश में बने गोवंश आश्रय स्थल में हजारों पशुओं को रहने, खाने और इलाज की सुविधा मिल रही है। दरअसल, कृषि में मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण किसानों की पशुओं पर निर्भरता कम हुई है, जिससे आवारा पशुओं की समस्या बढ़ी। अब इस सेस के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान तैयार किया गया है। हर सेक्टर का पैसा उसी सेक्टर में लग रहा उत्तर प्रदेश ने एक और स्पष्ट नीति अपनाई है और वो ये कि जिस सेक्टर से राजस्व आता है, उसी सेक्टर के विकास में उसका उपयोग किया जाता है। इसे आसान भाषा में ऐसे समझें: 1. रियल एस्टेट: धार्मिक और पर्यटन विकास संपत्ति की खरीद-फरोख्त से मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी का उपयोग काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट में किया जा रहा है। इससे पर्यटन बढ़ रहा है, रोजगार मिल रहा है और विरासत सुरक्षित हो रही है। 2. खनन: सिंचाई और पानी की व्यवस्था खनन से मिलने वाला पैसा गांवों में सिंचाई और जल प्रबंधन सुधारने में लगाया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। 3. एक्सप्रेसवे: गांवों तक सड़क कनेक्टिविटी पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से मिलने वाला टोल छोटी सड़कों (फीडर रोड) के निर्माण में खर्च हो रहा है, जिससे दूर-दराज के गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ रहे हैं। 4. मंडी शुल्क: किसानों की सुरक्षा मंडी से मिलने वाली फीस का उपयोग फसल सुरक्षा और किसान योजनाओं में किया जा रहा है। अब टैक्स का उपयोग साफ दिख रहा इस नई नीति की सबसे बड़ी ताकत है, स्पष्टता। अब लोगों को साफ दिखता है कि शराब की बिक्री से मिला पैसा गो कल्याण में लग रहा है। टोल टैक्स का पैसा सड़क और कनेक्टिविटी में, प्रॉपर्टी टैक्स का पैसा धार्मिक और पर्यटन विकास में निवेश हो रहा है। इससे सरकार पर भरोसा बढ़ता है, क्योंकि टैक्स अब “कहां गया” का सवाल नहीं, बल्कि “यहीं लगा” का जवाब देता है। तेजी से विकास की मजबूत तैयारी उत्तर प्रदेश का लक्ष्य है 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए सरकार लगातार सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और खेती, लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्री, पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। राज्य के बजट में पूंजीगत खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे रोजगार, व्यापार और कनेक्टिविटी तीनों में तेजी आ रही है। दूसरे राज्यों के लिए भी उदाहरण उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक स्पष्ट रास्ता दिखाता है। मतलब साफ है कि जो राज्य जिस क्षेत्र में मजबूत है, वह उसी से मिलने वाले टैक्स को उसी क्षेत्र के विकास में लगा सकता है। जैसे, जहां पर्यटन ज्यादा है, वहां पर्यटन से मिलने वाले टैक्स को पर्यटन सुविधाएं बेहतर करने में खर्च किया जा सकता है। औद्योगिक राज्यों में उद्योगों से जुड़े शुल्क को पर्यावरण सुधार पर लगाया जा सकता है। वहीं कृषि प्रधान राज्यों में मंडी से मिलने वाली फीस को खेती और किसानों को मजबूत बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, हर राज्य अपनी जरूरत और स्थिति के अनुसार टैक्स को विकास से जोड़कर ज्यादा प्रभावी परिणाम हासिल कर सकता है।

सीएम ने की स्वस्थ-समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना

लखनऊ/मीरजापुर  गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए। मां की आरती उतारी और सुखी, स्वस्थ व समृद्ध उत्तर प्रदेश की कामना की। मुख्यमंत्री ने मां को लाल चुनरी अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की और मंदिर की परिक्रमा भी की। मुख्यमंत्री ने चैत्र नवरात्रि की तैयारियों का जायजा लिया, प्रशासन को चैत्र नवरात्रि व रामनवमी में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने और मंदिर प्रांगण के साथ ही आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  इसके बाद मुख्यमंत्री ने विंध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन और स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को बच्चे भी दिखाई दिए। उन्होंने बच्चों के पास पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल पूछा और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने की सीख दी और उन्हें चॉकलेट भी दी।  इस दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, विधायक रत्नाकर मिश्र, विधान परिषद सदस्य विनीत सिंह समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से युवाओं को मिल रहा स्वरोजगार का अवसर

लखनऊ 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के माध्यम से योगी सरकार ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण प्रदान कर युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को नए पंख देने का काम कर रही है। इसी योजना का लाभ लेकर योगी सरकार के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को लखनऊ की रहने वाली खुशी गुप्ता ने धरातल पर उतारकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया है। उन्होंने न सिर्फ ब्यूटी बिजनेस में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुकीं हैं। लखनऊ की खुशी बनीं महिला उद्यमिता की नई पहचान खुशी गुप्ता ने बताया कि वे लखनऊ में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रहीं हैं। उनकी मेकअप और ब्यूटी पार्लर में रुचि है। इसके लिए उन्होंने प्रोफेशनल कोर्स भी किया। उनको 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' योजना के बारे में जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने बैंक जाकर योजना की जानकारी ली और एक हफ्ते का उद्यमिता प्रशिक्षण भी लिया। इस योजना के तहत उनको 4.5 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। यह पूरी तरह ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त था। मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने से सैलून का इंटीरियर और वेंडर्स का भुगतान किया। लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके में 2025 में ‘ग्लैम हाउस’ के नाम से यूनिसेक्स सैलून, स्टूडियो और एकेडमी की शुरुआत की। खुशी आज न सिर्फ हर महीने लाखों रुपए कमा रहीं है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रहीं हैं।   ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण से प्रदेश के युवा बन रहे उद्यमी  योगी सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत प्रदेश के 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को व्यापार जगत में मुख्यधारा से जोड़ रही है। योजना के तहत ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त 5 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध करवाती है। आज खुशी जैसी प्रदेश की हजारों महिलाएं सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में अपना योगदान दे रहीं हैं। खुशी की कहानी उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी पहचान बनाना चाहती हैं।

बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को प्रदान की नई ऊंचाइयां: सीएम योगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूर्व सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। सीएम योगी ने स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताया। सीएम ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के निरंतर प्रयास किए बहुगुणा जी ने सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म तत्कालीन उत्तर प्रदेश (वर्तमान उत्तराखंड) के जनपद पौढ़ी के एक छोटे से गांव में हुआ था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही अर्जित की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने प्रयागराज की भूमि को चुना। वहीं उच्च शिक्षा ग्रहण करने के दौरान वह छात्रनेता के रूप में देश के स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता व राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए।  समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए किए अनेक कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में 1942 में छात्रनेता के रूप में उनकी गिरफ्तारी हुई। स्वतंत्र भारत में जनप्रतिनिधि, प्रदेश सरकार के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने प्रयागराज को नई पहचान दी। हेमवती नंदन बहुगुणा द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में जो भी कार्य किए गए, वे समाज के प्रत्येक तबके, देश की समृद्धि व आमजन के कल्याण के लिए थे।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक जय देवी, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, डॉ. अम्मार रिजवी, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया आदि ने भी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

रहस्यमयी हालात में दो मौतें: एक खेत में, दूसरा घर में मिला शव, गांव में मचा हड़कंप

सीतापुर   उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महोली के एक गांव में तीन बच्चों की मां की लाश खेत में मिली। पुलिस अभी जांच-पड़ताल कर ही रही थी कि पता चला कि एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटक रहा है। एक ही दिन दो-दो मौतों से गांव में हर कोई स्तब्ध रह गया। इन मौतों को लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। उधर, पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के बारे में महिला के परिवार वालों का आरोप है कि मरने वाले पुरुष ने पहले महिला की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर जान दे दी। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी थ्योरी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस, दोनों की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की कोशिशों में जुटी हे। मारी गई 40 वर्षीय महिला की 20 साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। काफी समय से वह अपने पति से अलग मायके में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक गांव के ही 41 वर्षीय शख्स और महिला के बीच नजदीकियां थीं। हालांकि वह शख्स भी पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। महिला के परिवार वालों के मुताबिक वह सोमवार की शाम को घर से निकली थी। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। महिला का शव मंगलवार सुबह गांव के पास खेत में पड़ा मिला। उसकी आंख के पास और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के निशान मिले हैं। सूचना पर कुछ ही देर में महोली सीओ नागेन्द्र चौबे टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम जांच पड़ताल कर ही रही थी कि तभी गांव में ही एक दूसरी मौत की खबर आई। महिला के करीब रहे एक पुरुष का शव उसके घर में फंदे से लटकता मिला। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों के बीच बीते चार साल से नजदीकियां थीं। सीओ नागेन्द्र चौबे के मुताबिक महिला के परिवारवालों का आरोप है कि मरने वाले शख्स ने पहले महिला की हत्या की इसके बाद घर आकर फांसी लगा कर अपनी जान दे दी। सीओ के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

सीएम योगी का ऐलान: यूपी में टीचर्स, वकील और पत्रकारों को मिलेंगे फ्लैट

 लखनऊ सीएम योगी ने प्रदेश में शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों के लिए भी आवासीय योजनाएं विकसित करने की बात कही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ किया है कि जिन लोगों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए बहुमंजिला मकान  तैयार किए जाएंगे. सीएम योगी ने कहा कि माफियाओं ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रखा था, जिन्हें अब मुक्त कराकर उपयोग में लाया जा रहा है. जहां ऐसी जमीन शेष है, उसे भी खाली कराया जाएगा और मकान बनवाकर शिक्षकों, वकीलों और पत्रकारों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने  कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बड़ी मात्रा में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे थे. इन जमीनों को अब मुक्त कराया गया है और उनका उपयोग आम लोगों के हित में किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी ऐसी जमीनें अब भी कब्जे में हैं, उन्हें प्राथमिकता से खाली कराया जाए. इन जमीनों पर हाईराइज मकान विकसित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके. मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर माफिया की जब्त की गई संपत्तियों का इस्तेमाल भी इसी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। अब सिर्फ गरीब ही नहीं, हर वर्ग पर फोकस अधिकारियों का कहना है कि अब तक आवास योजनाएं मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए केंद्रित थीं, लेकिन इस बार सरकार ने दायरा बढ़ाने की बात कही है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत 90 हजार लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई. यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई, जिससे वे अपने घर के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकें. सरकार का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस तरह की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके। जो हक छीना, अब वही लौटेगा मुख्यमंत्री ने सख्त शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक गरीबों का हक छीना और जमीनों पर कब्जा किया, अब समय आ गया है कि वही संसाधन समाज के हित में वापस आएं. उनका कहना था कि यह केवल योजना नहीं, बल्कि एक तरह से सामाजिक न्याय की प्रक्रिया है, जिसमें छिने हुए अधिकार वापस दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. सरकार के अनुसार, प्रदेश में अब तक करीब 62 लाख परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना घर हो. यह केवल एक भौतिक जरूरत नहीं, बल्कि सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय भी है. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय को दिया। 25 करोड़ जनता ही परिवार  मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले योजनाएं होने के बावजूद उनका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता था. अब सरकार 25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार हैं” की सोच के साथ काम कर रही है. इसी कारण बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना था कि जब शासन का नजरिया व्यापक होता है, तभी योजनाओं का असर जमीन पर दिखता है। बीमारू से ग्रोथ इंजन तक का दावा मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती छवि का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने इसे विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे में सुधार और जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम बताया. सरकार का कहना है कि अब केवल घर देना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उसके साथ सभी जरूरी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं. लाभार्थियों को शौचालय, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है. जैसे कि उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं।

इफ्तार पार्टी पड़ी भारी: नाव पर बिरयानी खाने के बाद गंगा में हड्डी फेंकने पर 14 अरेस्ट

वाराणसी धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में गंगा की लहरों पर एक बेहद विवादास्पद मामला सामने आया है। पवित्र गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने और उसमें मांसाहार (चिकन बिरयानी) का सेवन कर उसके अवशेषों (हड्डियों) को गंगा में फेंकने के आरोप में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।   भाजयुमो ने दी तहरीर, वीडियो से हुआ खुलासा इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में कुछ लोग गंगा के बीच नाव पर बैठकर इफ्तार करते और मांसाहार का सेवन करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो का संज्ञान लेते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने सोमवार रात कोतवाली थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। तहरीर के साथ साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी उपलब्ध कराया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने (धारा 295A व अन्य) और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। भाजयुमो नेता रजत जायसवाल का कहना है कि मां गंगा सनातन धर्म के करोड़ों अनुयायियों की आस्था का केंद्र हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां गंगा जल के आचमन और पूजन के लिए आते हैं। ऐसे में गंगा की गोद में मांसाहार परोसना और उसकी हड्डियां पानी में फेंकना न केवल पर्यावरणीय अपराध है, बल्कि यह जानबूझकर हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कुत्सित प्रयास है। नाविक और बजड़ा मालिक पर भी गिरेगी गाज हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। पुलिस ने न केवल बिरयानी खाने वाले 14 लोगों को दबोचा है, बल्कि उस नाव की भी पहचान कर ली गई है जिस पर यह आयोजन हुआ था। पुलिस अब नाव मालिक और उसके चालक के खिलाफ भी लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। संगठनों की मांग है कि नाविकों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे नावों पर किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि न होने दें जिससे काशी की गरिमा धूमिल हो। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार भाजयुमो नेता की तरफ से शिकायत मिली थी कि गंगा जी में नाव पर इफ्तार पार्टी हो रही है और चिकन बिरयानी का सेवन किया जा रहा है। इस बारे में इंस्टाग्राम पर वीडियो भी वायरल हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुुए तत्काल केस दर्ज किया गया। इसके बाद जगह जगह दबिश दी गई और 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में सजेगी राम नगरी, एयरपोर्ट से राम मंदिर तक 20 सांस्कृतिक मंच सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां राम नगरी में राष्ट्रपति का पारंपरिक स्वागत, अवधी लोकनृत्य और भजन से गूंजेगा अयोध्या मार्ग -राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अयोध्या में सांस्कृतिक उत्सव, रामायण आधारित कार्यक्रमों से होगा अभिनंदन अयोध्या राम नगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 19 मार्च के प्रस्तावित दौरे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर तैयारियां जोरों पर हैं। प्रशासन, संस्कृति विभाग और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पूरे शहर को भव्य और सांस्कृतिक स्वरूप में सजाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति का पारंपरिक और गरिमामय स्वागत किया जा सके। एयरपोर्ट से राम मंदिर तक होगा भव्य स्वागत सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग के प्रयास से एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक भव्य स्वागत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शहर की सड़कों पर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए जाएंगे, जहां लगभग ढाई सौ कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। 250 कलाकार देंगे रामायण आधारित प्रस्तुतियां उन्होंने बताया कि इन मंचों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकार रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रमों में स्वागत गीत, भजन, बधावा, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य और राम भक्ति से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम शामिल होंगे। राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर रोड के दोनों ओर इन मंचों को स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरा रास्ता भक्ति और संस्कृति की ध्वनि से गूंज उठेगा। अयोध्या की परंपरागत संस्कृति की झलक अयोध्या की परंपरागत संस्कृति को दर्शाने के लिए रामलीला अंश प्रस्तुति, अवधी लोकनृत्य, झांकी, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन संकीर्तन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन धार्मिक, वैदिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक दिखाई जाएगी। शहर के प्रमुख स्थानों पर सजेंगे मंच प्रमुख स्थानों पर मंच लगाए जाएंगे, जिनमें एयरपोर्ट रोड, नाका, देवकाली, चूड़ामणि चौराहा, निषाद राज चौराहा, बृहस्पति कुंड के पास और राम मंदिर गेट के निकट के क्षेत्र शामिल हैं। छोटे मंचों पर लगभग 7 कलाकारों की टीम प्रस्तुति देगी, जबकि बड़े मंचों पर करीब 15 कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी। अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा वैश्विक मंच सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सभी टीमें राम भक्ति, अवधी संस्कृति और वैदिक परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रपति का पारंपरिक और हृदयस्पर्शी स्वागत करना है, जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को देश और विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित किया जा सके।

एलपीजी कालाबाजारी पर सरकार का सख्त एक्शन, छापों में 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार

एलपीजी कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अब तक 4,816 छापे, 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार कालाबाजारी पर प्रदेशभर में योगी सरकार की सख्ती, वितरकों पर रखी जा रही नजर सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रदेशभर में प्रवर्तन तेज, 67 पर अभियोजन, अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई 4,108 वितरकों पर डिलीवरी की निगरानी बढ़ाई गई, वाणिज्यिक सिलेंडरों के 20% आवंटन पर भी सख्ती खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय, जिलों में भी बने कंट्रोल रूम, अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय लखनऊ प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर योगी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं और कालाबाजारी व अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत, 12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 60 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 67 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।  स्टॉक की नियमित समीक्षा योगी सरकार द्वारा 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार रिफिल की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। यही नहीं, केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दिए जाने के बाद इसके क्रियान्वयन पर भी सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय अधिकारी फील्ड में सक्रिय खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही, जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उपभोक्ताओं तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।

सीएम योगी की बड़ी पहल, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, सीएम योगी प्रदान करेंगे श्रद्धालुओं को वित्तीय सहायता लोकभवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को वितरित करेंगे एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता लखनऊ कैलाश मानसरोवर तीर्थ के दर्शनार्थियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मंगलवार को एक बड़ी पहल करने जा रही है। 17 मार्च को लोकभवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता राशि वितरित करेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश सरकार तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से यह सहायता प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। यात्रियों के लिए बड़ी राहत सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता को भी दर्शाती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और यह यात्रा कठिन एवं खर्चीली होती है। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही आर्थिक सहायता यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। प्रदेश सरकार लगातार धार्मिक स्थलों के विकास, तीर्थ यात्राओं को सुविधाजनक बनाने और श्रद्धालुओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में कार्य कर रही है। यह कार्यक्रम उसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ ही अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।  आस्था का सम्मान कैलाश मानसरोवर जैसी कठिन तीर्थ यात्रा को उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए ₹1 लाख तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जो यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत सीधे लाभार्थियों के खाते में अंतरित की जाती है। इसके साथ ही, देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों के ट्रांजिट स्टे की सुविधा के लिए गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी कराया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर ठहराव और सुविधाएं मिल सकें। यह पहल न केवल आस्था का सम्मान है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश को और प्रगतिमान बनाने का प्रयास भी है।