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अलीगढ़ में शादी का तामझाम और डांसर के साथ फरार हुआ दूल्हा, कहानी में नया मोड़

अलीगढ़  अलीगढ़ के सराय इंतजाम अली इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक शादी में डांस करने आई सोनी उर्फ शबनम नाम की युवती लड़की के भाई बिलाल के साथ फरार हो गई. लड़के के परिजनों का कहना है कि युवती सोनी विवाह और पार्टियों में डांस करने के दौरान युवकों से संपर्क बढ़ाती है, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लेती है. इसके बाद पैसों की मांग और दबाव का सिलसिला शुरू हो जाता है. परिवार का आरोप है कि युवती अपने पहले प्रेमी की भी हत्या कर चुकी है. परिवार ने युवक बिलाल के गायब होने की पुलिस में शिकायत दी है जिस पर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है. दरअसल, गांधी पार्क थाना इलाके के सराय इंतजाम अली के रहने वाले बिलाल की शादी 3 दिसंबर 2025 को मुस्लिम रीति रिवाज से गुलिस्ता से हुई थी. 5 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी थी उससे पहले 4 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी के मेहंदी कार्यक्रम में नाच गाने के लिए 2 डांसर को बुलवाया गया था जिसमें से एक डांसर सोनी उर्फ शबनम निवासी शाह जमाल भी थी.  कार्यक्रम के बाद जब सोनी को वापस छोड़ने की बात आई तो बिलाल भी उसको छोड़ने के लिए गया. वहां न जाने ऐसा क्या हुआ कि बिलाल और सोनी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. दोनों ने एक दूसरे के नंबर ले लिए और अक्सर बातचीत करते थे.  परिवार में अक्सर गृहक्लेश करने लगा. बिलाल की पत्नी गुलिस्ता ने जब उसका फोन चेक किया तो पता चला कि वह सोनी से ही घंटों घंटों बात करता था और एक दिन ऐसा आया कि बिलाल कहीं चला गया.  मामले में नया मोड़ तब आया जब 11 फरवरी की शाम जयपुर के एक होटल से जुड़ा एक वीडियो सामने आया. वीडियो में सोनी और युवक बिलाल साथ दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद युवक की पत्नी गुलिस्ता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.  परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीते वर्ष डांसर सोनी के एक कथित प्रेमी का शव कब्रिस्तान में दबा हुआ मिला था, जिसे लेकर भी कई सवाल उठे थे. हालांकि उस मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. गुलिस्ता का कहना है कि उसके परिवार को तोड़ने की साजिश रची गई है और उसे इंसाफ चाहिए. वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. उसे डर है कि सोनी उसके पति के साथ कुछ कर ना दे. उसका पति घर आ जाये. परिवार के सभी लोग सहमे हुए हैं और वह चाहते हैं कि उनका बेटा बिलाल सही सलामत घर आ जाए. पुलिस ने गुलिस्तां की शिकायत पर मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है.  

उत्तर प्रदेश सरकार का तंबाकू विरोधी फैसला: सरकारी दफ्तर होंगे तंबाकू मुक्त, स्कूलों में एंटी-टोबैको पाठ्यक्रम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि:     दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।     बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है:     प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।     सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।     किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे 'तंबाकू निषेध केंद्र' स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं:     चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।     सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।     तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

यूपी के किसानों को राहत: Yogi Adityanath सरकार ने बांटे 285 करोड़ रुपये, 2.51 लाख लाभार्थी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 2.51 लाख से अधिक किसानों को फसल मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये प्रदान किए और कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न अनिश्चितताओं से बचाया जाए।  कृषक दुर्घटना योजना के तहत सहायता प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान अपनी फसलों का बीमा कराते हैं, वे आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में वित्तीय सहायता के हकदार हैं। 'राज्य के 2.51 लाख किसानों को लाभ योगी ने कहा, ''राज्य के 2.51 लाख किसान परिवारों को फसल क्षति मुआवजे के रूप में 285 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। फसल बीमा यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को विपत्ति के समय में आर्थिक सहायता मिले। यह राशि हमारे 'अन्नदाता' के लिए एक सहारा है।'' प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से बचाया मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को चेक वितरित किए और कल्याणकारी योजनाओं और समय पर वित्तीय सहायता के माध्यम से किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से उत्पन्न अनिश्चितताओं से बचाया जाए और कल्याणकारी पहल पारदर्शी तरीके से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।

सरकारी नौकरी का अवसर: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें अप्लाई

चित्रकूट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर आई है। जिला प्रोग्राम कार्यालय चित्रकूट ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 86 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती संविदा आधारित होगी और इसमें स्थानीय महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिलने की संभावना है। आवेदन प्रक्रिया 19 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 22 फरवरी 2026 अंतिम तिथि तय की गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी पूरी प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी निर्देश नोटिफिकेशन में दिए गए हैं, जिसे आवेदन से पहले ध्यान से पढ़ना जरूरी बताया गया है। जिले के अलग-अलग परियोजनाओं में होंगी नियुक्तियां यह भर्ती चित्रकूट जिले की विभिन्न ग्रामीण और शहरी परियोजनाओं के लिए की जा रही है। अलग-अलग विकासखंडों में रिक्त पदों का बंटवारा किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं को मजबूत किया जा सके। करवी परियोजना में 18 पद, रामनगर में 17, माणिकपुर में 20, पहाड़ी में 17 और मऊ क्षेत्र में 12 पद भरे जाएंगे। शहरी क्षेत्र में 2 पद निर्धारित किए गए हैं। इस तरह कुल 86 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा इस भर्ती में आवेदन करने के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट या उसके समकक्ष रखी गई है। हालांकि मेरिट सूची बनाते समय उच्च शैक्षणिक योग्यता, जैसे स्नातक या स्नातकोत्तर, को भी वरीयता दी जा सकती है। आयु सीमा 18 वर्ष से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार मानकर की जाएगी। आवेदन शुल्क नहीं देना होगा इस भर्ती की खास बात यह है कि किसी भी वर्ग के उम्मीदवार से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी सभी अभ्यर्थी निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को भी अवसर मिलेगा। मेरिट के आधार पर होगा चयन चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित रखी गई है। किसी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू का प्रावधान नहीं बताया गया है। अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार चयन किया जाएगा। आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र भरते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और संपर्क जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी। साथ ही फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। अंतिम रूप से जमा किए गए आवेदन का प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उपयोग किया जा सके। महत्वपूर्ण तिथियां इस भर्ती का नोटिफिकेशन 31 जनवरी 2026 को जारी किया गया था। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 है। इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह भर्ती महिला एवं बाल विकास सेवाओं को गांव स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है, जिससे पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सके।

यौन शोषण मामले में बड़ा निर्देश: शंकराचार्य के खिलाफ केस दर्ज होगा

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की एडीजे रेप एवं पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शष्यि स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। एडीजे (पोक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज कर विधिवत विवेचना करने के नर्दिेश दिए हैं।कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, यह अर्जी शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 173(4) के तहत दाखिल की गई थी। आरोप है कि संबंधित आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण हुआ। आवेदक ने अदालत में कथित साक्ष्य के रूप में सीडी भी प्रस्तुत करने का दावा किया है। 13 फरवरी को आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया था और सुनवाई के बाद नर्णिय सुरक्षित रख लिया था। अब आदेश जारी होने के बाद मामले में विधिक कार्रवाई आगे बढ़ेगी। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि उन्हें न्यायालय से न्याय मिला है और वे प्रयागराज से वाराणसी स्थित वद्यिा मठ तक पैदल यात्रा निकाल कर लोगों के सामने तथ्य रखने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह मामला न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया जा रहा है और आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगी।

रामलला के दर्शन को अयोध्या आए गुयाना के उपराष्ट्रपति, तीन घंटे का रहेगा राम मंदिर परिसर में प्रवास

अयोध्या भारत और गुयाना के सांस्कृतिक रिश्तों के बीच एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ने जा रही है। दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना के उप राष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव शनिवार सुबह अयोध्या पहुंचें। उनका निजी विमान सुबह 9:40 बजे वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर उतरा। एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत के बाद उप राष्ट्रपति सड़क मार्ग से सीधे राम मंदिर परिसर के लिए रवाना हुए। वे करीब 11:15 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई है। वे मंदिर निर्माण कार्यों का अवलोकन भी करेंगे। डॉ. जगदेव लगभग तीन घंटे तक राम जन्मभूमि परिसर में रहेंगे। दौरे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा उन्हें निर्माण की प्रगति और भावी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। दर्शन और निरीक्षण के बाद उप राष्ट्रपति सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो जाएंगे।

मिट्टी की महक ने बुलाया वतन: ब्रिटेन के AI मंत्री की 23 साल बाद बिहार वापसी

मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्म और भारत पर लगभग दो सदी तक राज करने वाले देश युनाइटेड किंगडम में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस विभाग के मंत्री। सुनने में ख्वाब जैसा लगता है पर इसे सच कर दिखाया है कनिष्क नारायण ने। दिल्ली में एआई समिट में इंगलैंड का प्रतिनिधित्व करने आए तो बिहार की धरती पटना खींच लाई। शाही लीची और आम की महक के दीवाने कनिष्क नारायण अपनी जन्मस्थली मुजफ्फरपुर आए हैं जहां से अपनी पहचान बनाने वे मात्र 12 साल की उम्र में दिल्ली के रास्ते लंदन रवाना हुए थे। उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की। 23 साल बाद बिहार पहुंचे कनिष्क प्रदेश की तरक्की और बदली हुई सूरत देखकर वे काफी प्रसन्न हैं। पटना में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने मिथिला संस्कृति में उनका स्वागत किया। कनिष्क नारायण मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना अंतर्गत छाता चौक के पास रहता है। उनके चाचा जयंत कुमार एसकेजे लॉ कॉलेज के प्रिंसिपल थे। नवंबर 1989 में मुजफ्फरपुर में जन्मे कनिष्क नारायण ने पढ़ाई की शुरुआत शहर के प्रभात तारा स्कूल से की। उनके पैत्रिक गांव वैशाली ज़िले के गोरौल में है। उनके दादाजी कृष्ण कुमार मुज़फ़्फ़रपुर डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के अध्यक्ष रहे। बाद में परिवार दिल्ली गया और फिर लगभग 12 वर्ष की आयु में वे अपने माता-पिता के साथ इंगलैंड चले गए और वेल्स में जाकर बस गए। ब्रिटेन में उन्होंने कार्डिफ़ के स्कूल में पढ़ाई की और फिर छात्रवृत्ति के आधार पर Eton College में दाख़िला पाया। आगे चलकर उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की। बाद में एमबीए करने अमेरिका चले गए और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ बिजनेश मैनेजमेंट कोर्स किया। कनिष्क बताते हैं कि वह 18 वर्ष की उम्र में लेबर पार्टी से जुड़ गए। राजनीति में आने से पहले कनिष्क ने ब्रिटिश सिविल सर्विस जॉइन किया। वे कैबिनेट ऑफिस में एडवाइजर के तौर पर सेवा देते रहे। पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काफी काम किया। 4 जुलाई 2024 को कनिष्क नारायण वेल्स लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सांसद चुने गए। उनकी गिनती वेल्स से चुने जाने वाले पहले भारतीय-मूल के सांसदों में होती है। सितंबर 2025 में उन्हें ब्रिटेन सरकार में एआई और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री बनाया गया। उन्होंने AI पॉलिसी, ऑनलाइन सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, बौद्धिक संपदा और एमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अहम योगदान दिया। भारत मंडपम दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्होंने भाग लिया। उन्होंने कहा कि 23 साल बाद बिहार आया तो पाया कि यह राज्य बहुत बदल गया है। राज्य में काफी तरक्की हुई है। मुजफ्फरपुर की लीची और आम का स्वाद उन्हें याद है। अभी तो इसका सीजन नहीं है पर घर के लोगों से मिलने मुजफ्फरपुर आए हैं। स्थानीय एसकेजे लॉ कॉलेज में उन्होंने छात्र छात्राओं के साथ संवाद किया।  

मेरठ दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का लेंगे जायजा

मेरठ     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार के मेरठ दौरे को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।  पीएम से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ पहुंचे हैं। वह सभास्थल सहित अन्य इंतजामों का जायजा लेंगे। सीएम की मौजूदगी में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों की समीक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस दौरान वह सभास्थल, मंच व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा घेरा, पार्किंग और वीआईपी मूवमेंट की रूपरेखा का जायजा लेंगे। अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि सभी तैयारियां तय समय सीमा में पूरी कर ली जाएं।   अफसरों के अनुसार मुख्यमंत्री पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं। इसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर रहेगा। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। शहर में प्रमुख मार्गों की बैरिकेडिंग, चेकिंग अभियान और ट्रैफिक डायवर्जन प्लान पर काम तेज कर दिया गया है। सभास्थल पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।   ये बोले डीएम मुख्यमंत्री दोपहर दो बजे मेरठ पहुंचकर प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित तैयारियों का जायजा लेंगे। सुरक्षा और यातायात से जुड़े पहलुओं को परखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से पीएम के दौरे की तैयारी से जुड़े बिंदुओं की सीएम को जानकारी दी जाएगी। –  डॉ. वीके सिंह, डीएम रैपिड रेल के मोदीपुरम तक के कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को मेरठ में रैपिड रेल के मोदीपुरम तक के कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन करेंगे। उनके दौरे को लेकर एसपीजी कमांडो ने पहले ही डेरा डाल लिया है। मोहिउद्दीनपुर में जनसभा स्थल के बाद शताब्दीनगर और मेरठ साउथ मेट्रो स्टेशनों के अलावा हेलिपैड का भी एसपीजी ने निरीक्षण किया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस-प्रशासन भी मुस्तैद है।

योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान

अब दुर्दिन की कहानियां नहीं, विकास की इबारत लिख रहा शाहजहांपुर योगी सरकार ने दिया विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज का उपहार, जरी-जरदोजी को मिली अंतरर्राष्ट्रीय पहचान युवाओं को रोजगार, महिलाएं आत्मनिर्भर,  समावेशी विकास से जिले ने लगाई तरक्की की छलांग शाहजहांपुर  यह वह जिला है जहां के क्रांतिकारी सरफरोशी की तमन्ना लेकर आजादी की लड़ाई में कूदे थे लेकिन वही आजादी मिलने के बाद हुक्मरानों ने इसे पूरी तरह भुला दिया। यह जिला उसके बाद उम्मीदें पालता रहा और निराश होता रहा। लेकिन, अब इस जिले के पास अपनी पहचान के लिए बहुत कुछ है। पिछले नौ सालों में इसने एक मेडिकल कालेज पाया है, इसका अपना एक विश्वविद्यालय होने जा रहा है। सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं और जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भर रहा है। इन सबसे ऊपर है गंगा एक्सप्रेस वे जो पूरे जिले में विकास की नई गाथा लेकर आया है।  जी हां, यह शाहजहांपुर है जो अब परिवर्तन की कहानी का प्रतीक है, सुरक्षा और सुशासन से आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है। यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे योगी आदित्यनाथ सरकार की वह दृढ़ इच्छाशक्ति है जिसने इस जिले का कायापलट कर दिया। अब बातें उनकी जो नई पहचान हैं। जिले का विख्यात और प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा। योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यहां के छात्र और छात्राएं बहुत उत्साहित हैं। इसी कालेज से एमए करने वाली निशा कहती हैं-‘पहले हमें उच्च शिक्षा के लिए बरेली या लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यूनिवर्सिटी बन जाने से यहीं सारी सुविधाएं मिल जाएंगी। यह यहां की बड़ी उपलब्धि है। मां-बाप अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सशंकित नहीं रहेंगे। आज हम बिना भय के शहर में कहीं भी आ जा सकते हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था।’ राजनीति विज्ञान से एम.ए. करने वाले उपेंद्र सिंह कहते हैं-‘योगी सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जितना कर रही है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है। शाहजहांपुर को यूनिवर्सिटी मिलने से हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है।’  जरी जरदोजी ने तो यहां के कारीगरों को जैसे जीवनदान दे दिया है। योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बन गई। ये कला लगभग विलुप्त हो चुकी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इसको दोबारा जीवित किया। इस व्यवसाय से जुड़े मोहम्मद यासीन खान बताते हैं- ‘उनका परिवार कढ़ाई की इस कला से काफी अरसे से जुड़ा है लेकिन मांग कम होने के कारण हताश हो गए थे। लेकिन योगी सरकार ने ओडीओपी के माध्यम से इस कला और हमारे जैसे कारीगरों को जीवनदान दिया है। आज हमारे इस उत्पाद की मांग न केवल देश में है बल्कि दुबई और सऊदी अरब से भी डिमांड आ रही है। पहले हमारे पास 4-5 कारीगर थे अब 50 कारीगर काम कर रहे हैं। हम लोग डिमांड नहीं पूरी कर पा रहे हैं। हमारी कमाई भी सात से आठ गुना बढ़ गई है। यासीन कहते हैं-‘इस सरकार ने वास्तव में पुरानी कलाओं को उसका गौरव वापस किया है। हमारे यहां के कारीगर भी अब हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा लेते हैं।’   सरफरोशी की तमन्ना रखने वाले आजादी की लड़ाई के रणबांकुरे पं. राम प्रसाद बिस्मिल को असली सम्मान अब हासिल हुआ है। योगी सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है। मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं। करोड़ों की लागत से लैब का निर्माण किया गया है। यहां पर राज्य के छात्र तो एमबीबीएस की डिग्री हासिल ही कर रहे हैं बल्कि दूसरे राज्यों के भी छात्र यहां से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बताते हैं-‘100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को अब दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ता। बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज यहां उपलब्ध है।’  शाहजहांपुर के पास आज वो हर सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर हैं जो एक मॉडर्न सिटी के पास होनी चाहिए। जिले से गंगा एक्सप्रेस वे जुड़ रहा है जो यहां के लोगों की पहुंच को आसान बना रहा है। औद्योगिक गलियारा का विकास तेजी से हो रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य फैक्ट्रियों में हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी सुनीता पांडे बताती हैं-‘विश्वकर्मा योजना की वजह से ही आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और स्वावलंबी बनकर अपने परिवार का सहारा बनी हूं।’ सरकार ने सुनीता जैसी अनेक महिलाओं को दर्जी के काम में प्रयोग होने वाला किट दिया है। ड्रोन दीदी के रूप में भी महिलाएं खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव करके बढ़िया धनार्जन कर रही हैं। है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताते हैं-‘जिले में लॉ एंड ऑर्डर का विशेष ध्यान रखा गया है। जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाया जाता है। जिला प्रशासन 24 घंटे एक्शन मोड में रहता है‘’ यही वजह है कि शाहजहांपुर अब विकास की दौड़ में तेजी से फर्राटे भर रहा है। गन्ना और आलू किसानों की परेशानी के दिन बीत चुके हैं।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी सीएम ने

अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी रहेगी डबल इंजन सरकार: मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का किया वितरण मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी सीएम ने सीएम ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो का किया शिलान्यास लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापनाः सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के 3500 लाभार्थी परिवारों को भी 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 शैय्या के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया। सीएम योगी ने होली की शुभकामनाएं देते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि डबल इंजन सरकार मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्नदाता किसान उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में योगदान देते रहेंगे।  460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंचे, बिचौलियों की भूमिका समाप्त  सीएम योगी ने कहा कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट पारित हुआ है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से बजट के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों के लिए ढेर सारी योजनाएं पास कराई गई हैं। जब बजट होता है तो लाभार्थियों के अकाउंट में सीधे पैसा जाता है और उन्हें लाभ प्राप्त होता है। आज एक बटन दबाते ही 460 करोड़ रुपये किसानों के खाते में पहुंच रहे हैं, बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई। लखनऊ समेत प्रदेश के सभी जनपदों में लाभार्थी परिवारों को इन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।  डीएम को निर्देश- कल तक हर हाल में खाते में पहुंच जाए पैसा  सीएम योगी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2.51 लाख किसान परिवारों को मिली 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति को संबल बताया। कहा कि फसल को सूखे-अतिवृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। जब हम फसल का बीमा कराते हैं तो जरूरत पर रिटर्न भी मिलता है। आपदा के कारण नुकसान हुआ तो भरपाई होती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि योजना के तहत पहले केवल किसान कवर होता था, उसके परिवार के सदस्य, बटाईदार, सह किसान कवर नहीं होते थे। हमारी सरकार में 1000 करोड़ से अधिक की धनराशि के जरिए किसान या उसके परिवार के सदस्यों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। किसी मनुष्य की कमी की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार संबल देने के लिए खड़ी हो सकती है। आपदा प्रभावित 3500 पीड़ित किसानों, सह किसानों, पारिवारिक सदस्यों, बटाईदारों आदि को आज लाभान्वित किया गया है। इससे पहले 16 जून 2025 को 11,690 किसानों व आश्रितों को 561.86 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कल तक यह पैसा सभी किसानों या आश्रित परिवारों के खाते में पहुंच जाए।  आपदा मित्रों को मिला तीन साल तक पांच लाख का बीमा कवर सीएम योगी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। पीएम मोदी ने इस संबंध में बड़ा अभियान चलाया है। उत्तर प्रदेश ने पीएम की इस पहल को बढ़ाने का कार्य किया। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है। इन स्वयंसेवकों को सात दिवसीय प्रशिक्षण के साथ भी जोड़ा गया है। इन्हें इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट,  आपदा मित्र ट्रेनिंग, मॉड्यूल आईडी, आईडी कार्ड व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, फर्स्ट-एड बॉक्स, सेफ्टी हेलमेट, चश्मा समेत 15 आइटम हैं। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का तीन वर्ष का जीवन व चिकित्सा बीमा करने का निर्णय लिया है। 10 फरवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया गया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन वर्ष के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में अभी तक 2959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी आगे बढ़ाया जाएगा।  हमारा प्रयास- आपदा के 24 घंटे के भीतर पीड़ितों के खाते में पहुंच जाए पैसा  सीएम ने कहा कि पहले आपदा आने पर वर्षों तक पीड़ितों को कोई पूछता तक नहीं था। उन्हें क्षतिपूर्ति तक नहीं मिल पाती थी। 2015-16 में एक बार किसी किसान के खाते में दो रुपये, किसी के खाते में चार रुपये आए थे। हमारा प्रयास है कि बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी जैसी आपदा आते ही 24 घंटे के भीतर पीड़ित के खाते में पैसा पहुंच जाए। 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान, जनहानि के 5398 पीड़ितों को 216 करोड़, मकान क्षति के 27448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपये सरकार वितरित कर चुकी है।  लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में होगी डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना  सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है।  इस अवसर पर में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, उप्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, प्रमुख सचिव (कृषि) रवींद्र कुमार, प्रमुख सचिव (राजस्व) अपर्णा यू आदि की मौजूदगी रही। होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्र को … Read more