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65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी

गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी  65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी 20 जिलों के विकास भवनों में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर रखी जा रही सतत नजर ठंड, भोजन, उपचार और आश्रय की समुचित व्यवस्था, गोवंश संरक्षण को मिली रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों पर लगातार निगरानी, प्रबंधन और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों के कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थलों में से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। बाकी जनपदों में भी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रिया में है। साथ ही प्रदेश के हरदोई, आगरा, जालौन सहित 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत निगरानी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिसके माध्यम से आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर सतत नजर रखी जा रही है। गो-आश्रय स्थलों को यूपी सरकार दे रही है मूलभूत सुविधाएं योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए शेड, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था, खड़ंजा, भूसा भंडार गृह, उपचार कक्ष, प्रकाश और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा रहा है। 20 जनपदों में स्थापित निगरानी कंट्रोल रूम पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गौ-आश्रय स्थलों की बेहतर निगरानी एवं व्यवस्था के समन्वय के लिए राज्य के 20 जनपदों के विकास भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। शेष जनपदों में भी चरणबद्ध ढंग से यह व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र मजबूत होने से गौवंश की देखभाल अधिक व्यवस्थित और जिम्मेदाराना ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है। ठंड से किसी गोवंश की मृत्यु न हो गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के साथ-साथ ठंड से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थलों पर हरा चारा, तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ठंड अथवा अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो।

योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू

यूपी के एमएसएमई को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा वालमार्ट वृद्धि कार्यक्रम योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल, ई-कॉमर्स और निर्यात प्रतिस्पर्धा के लिए किया जाएगा तैयार एमओयू तीन साल तक होगा प्रभावी, आपसी सहमति से बढ़ेगा कार्यकाल डिजिटल ऑनबोर्डिंग, ई-कॉमर्स और ग्लोबल वैल्यू चेन में जोड़ा जाएगा एमएसएमई लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो (EPB), MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और वॉलमार्ट इंक के बीच, वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत, आइडियाज टू इंपैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से एक रणनीतिक, गैर-वित्तीय एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस सहयोग के तहत प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल सशक्तिकरण, ई-कॉमर्स रेडीनेस, पैकेजिंग, क्वालिटी, सर्टिफिकेशन और मार्केट एक्सेस के क्षेत्रों में क्षमता-वृद्धि प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यमियों को मिलेगा फ्री-ऑफ-कॉस्ट प्रशिक्षण एवं मेंटरशिप इस एमओयू का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को राष्ट्रीय एवं वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़कर निर्यात में वृद्धि और रोजगार सृजन को गति देना है। वॉलमार्ट वृद्धि के तहत उद्यमियों को फ्री-ऑफ-कॉस्ट प्रशिक्षण एवं मेंटरशिप प्रदान की जाएगी और उन्हें घरेलू तथा सीमा-पार ई-कॉमर्स व्यापार में भागीदारी हेतु तैयार किया जाएगा। प्रदेश के निर्यातकों की वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी योगी सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 में ई-कॉमर्स निर्यात पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त 75% शुल्क, अधिकतम तीन लाख रुपए तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इससे प्रदेश के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी। नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी साझेदारी हस्ताक्षर समारोह में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई विभाग आलोक कुमार सहित वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और EPB के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश का उभरता हुआ निर्यात और ई-कॉमर्स हब बन रहा है। MSME हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस कार्यक्रम के साथ यह साझेदारी उनके लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी।

मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया

दुनिया में जिसे भी लोकतंत्र को जानना है उसे भारत से सीखना होगा : योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया सिक्कों के प्रमाण से भारत की एकता और लोकतांत्रिक परंपरा को मुख्यमंत्री योगी ने किया रेखांकित पश्चिमी दुष्प्रचार को तथ्य और साक्ष्य से चुनौती देने वाला ग्रंथ है प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत ने हमेशा सनातन संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रमाणों को प्रमुखता से रखा है। उन्होंने कहा कि ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक भारत की लोकतांत्रिक चेतना, ऐतिहासिक एकता और हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो वर्षों से किए जा रहे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के बारे में यदि किसी को जानना है तो उसे भारत से सीखना होगा। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 समिट के दौरान कहा था कि भारत केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है बल्कि भारत लोकतंत्र की जननी भी है। इसका प्रमाण वैशाली है जो दुनिया के प्रारंभिक गणराज्यों में से एक था।             मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास के सभागार में हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने फाउंडेशन द्वारा संग्रहित दुर्लभ और प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में हिंदुजा फाउंडेशन के जनकल्याणकारी कार्यों को दर्शाती लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। भारत ने सभी को दिया समान अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की कौन सी ऐसी जाति, मत व संप्रदाय हैं जिसकी भारत ने मदद नहीं की और शरण देकर फलने-फूलने का अवसर नहीं दिया। दुनिया के अंदर क्या कोई और देश या मत, मजहब है जो इस बात की घोषणा करता हो "अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्", ये केवल भारत ही कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने “दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में जन्म लेना सौभाग्य है और मनुष्य के रूप में जन्म लेना उससे भी अधिक दुर्लभ। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विद्वानों द्वारा लंबे समय तक यह प्रचार किया गया कि भारत कभी एक इकाई नहीं था, जबकि वर्ष 1947 का विभाजन स्वयं ब्रिटिश साजिश का परिणाम था। उन्होंने “उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्। वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः॥” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि यही भारतवर्ष है, जिसमें ऐतिहासिक रूप से आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश भी सम्मिलित रहे हैं। हजारों वर्षों की इस विरासत को भुलाने वाले ही भारत की अखंडता पर प्रश्न उठाते हैं। सिक्कों में सुरक्षित भारत का प्रामाणिक इतिहास मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, कौशाम्बी, काशी और पांचाल सहित अनेक क्षेत्रों के तांबे, चांदी और मिश्रित धातुओं से बने सिक्के उस समय की ऐतिहासिक, भौगोलिक और व्यापारिक स्थिति को प्रमाणित करते हैं। भारत ने सदैव तथ्य और साक्ष्य के साथ अपनी बात रखी है, जबकि पश्चिमी देशों ने लोकतंत्र को अपना योगदान बताकर इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया।  मापन, मुद्रा और विज्ञान की सनातन परंपरा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत ने सबसे पहले मापन और तोल की वैज्ञानिक व्यवस्था दी। माशा, तोला जैसी इकाइयां आज भी प्रचलन में हैं, विशेषकर धातुओं और सोने की तोल में। प्राचीन सिक्कों के मापक भी उसी वैज्ञानिक प्रणाली पर आधारित थे, जो भारत की उन्नत बौद्धिक परंपरा को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने मौर्य शासनकाल को भारत का स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत थी। 15वीं सदी तक यह 24 प्रतिशत रही, लेकिन विदेशी शासकों के दोहन के कारण स्वतंत्रता के समय यह घटकर डेढ़ से दो प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विजन-2047 और विरासत पर गौरव मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन-2047 पंच प्रण और 11 संकल्पों के साथ हर भारतीय को जोड़ता है। इसका पहला प्रण ही विरासत पर गौरव की अनुभूति करना है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का पुनरोद्धार और सनातन धरोहरों का संरक्षण इसी विजन का साकार रूप है। सावित्री-सत्यवान ऐतिहासिक प्रमाणों से पुष्ट कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित एक सिक्के पर ‘सावित्री पुत्र जनपदस’ अंकित है। इससे सिद्ध होता है कि सावित्री-सत्यवान की कथा केवल कल्पना नहीं, बल्कि सनातन इतिहास की वास्तविक घटनाओं से जुड़ी है। उन्होंने मद्र राज तथा पोरस के वंशजों के सिक्कों का भी उल्लेख किया, जो प्रचलित ऐतिहासिक धारणाओं को चुनौती देते हैं। हिंदुजा फाउंडेशन का शोधपरक प्रयास हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत अपनी सनातन संस्कृति को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखे। यह पुस्तक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश में आगे भी निवेश का भरोसा जताया। कार्यक्रम में हिंदुजा समूह के ट्रस्टी पीपी हिंदुजा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा तथा हिंदुजा परिवार के वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

UP राजनीति में हलचल: SIR ड्राफ्ट लिस्ट जारी होते ही BJP एक्टिव, 4 करोड़ वोटर बनाने की तैयारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद भारतीय जनता पार्टी बेहद गंभीर हो गई है। भाजपा ने एक महीने में चार करोड़ नए मतदाता बनाने का लक्ष्य रखा है और मुख्यमंत्री इस अभियान को लेकर खासे सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को एसआईआर के तहत जारी ड्राफ्ट लिस्ट में बड़ी संख्या में वोटर कम होने के बाद भाजपा अब वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की मुहिम में लगी है। ड्राफ्ट लिस्ट में 2.89 करोड़ वोटर के नाम कटे हैं। भाजपा एक महीने में चार करोड़ नए वोटर बनाने की कोशिश में है।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पूरे मंत्रिमंडल को दी वोटर लिस्ट में नए सदस्य जुड़वाने की जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में मोर्चे पर जम जाने की जिम्मेदारी दी है। मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में जमीनी हकीकत जाननी होगी और ड्राफ्ट लिस्ट में मतदाताओं के नाम जुड़वाने का प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल में सहयोगियों को जमीन पर उतरने के साथ पात्र और अपात्र लोगों की पड़ताल करने का निर्देश दिया है। मानना है कि सूची में अपात्र लोगों को पात्र बनने की प्रक्रिया से भी अवगत कराना सरकार की जिम्मेदारी है। पात्र लोगों की पड़ताल कर उनका नाम भी सूची में जारी कराया जाए। मंत्रियों को उनके प्रभार के जिलों में जिम्मा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीर बताते हुए संगठन को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने विधायकों और सांसदों से वोटर लिस्ट सुधार पर पूरा ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और कहा कि एक महीने में हर विधानसभा में कम से कम एक लाख वोट बढ़ाया जाए, इस तरह कम से कम चार करोड़ नए वोटर बन जाएंगे। मीटिंग में कहा गया कि नई ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक, यूपी में 46.23 लाख वोटर की मृत्यु हो चुकी है। पार्टी के मंत्री, विधायक, नेता, कार्यकर्ता इन सभी की दुबारा जांच करें और देखें कि इस लिस्ट में कोई गड़बड़ी तो नहीं है। वर्चुअल मीटिंग में सभी मंत्रियों को भी बूथ में बैठने को कहा गया है। उनके साथ इस बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी के सभी राज्य मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के बैठक में निर्देश दिया है कि वे पूरी तरह वोटर लिस्ट के काम में जुटें।  विधानसभा की सभी कमेटियों की बैठकें रद करने को कहा गया है, जिससे कि सभी मतदाता बनाने के काम में लगें। पार्टी का फोकस तीन प्रमुख वर्गों पर रखा गया है। पहला तो नए युवा मतदाता जो उम्र पूरी होने के बावजूद अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं हो पाए हैं। दूसरा, वे वे मतदाता जिनके नाम दस्तावेजों की कमी या तकनीकी त्रुटियों के कारण सूची से हट गए हैं। तीसरा, ऐसे मतदाता जिनका पता सत्यापन के दौरान नहीं मिल पाया या जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी। लखनऊ में सबसे ज्यादा कटे वोट लखनऊ में सबसे ज्यादा 30 फीसदी वोट कम हुआ है। यहां 12 लाख से अधिक वोट कटे हैं। लखनऊ में सभी नौ विधानसभा सीट पर वोटर ड्राफ्ट लिस्ट की फोटो कॉपी निकाली गई है और पार्टी के कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों की तलाश कर रहे हैं। जिला अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी का कहना है कि जो लोग लखनऊ में रहते हैं, लेकिन वोटर लिस्ट में गांव में नाम लिखवाया है, उन्हें समझाया जा रहा है। बहुत सारे लोगों ने लापरवाही में फॉर्म जमा नहीं किए हैं। उनसे फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है। लखनऊ कैंट क्षेत्र में पार्षद अपनी टीम के साथ घर-घर जाकर नए वोटरों को जोड़ने में जुटे हैं। उनकी टीम के पास ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की कॉपी है। ये घर-घर जाकर छूटे हुए वोटरों की तलाश कर रहे हैं। प्रदेश के कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में एसआइआर के तहत दो करोड़ 88 लाख 75 हजार 230 ऐसे हैं जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट हैं। 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनके रिकार्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं मिले हैं। अब इनको मतदाता बनाने का प्रयास होगा। चुनाव आयोग अब इन्हें नोटिस जारी करेगा।  

सीएम योगी ने किया पंचायती राज विभाग के मासिक न्यूजलेटर का शुभारंभ

“पंचायतों की प्रगति गाथा” से एक मंच पर आएंगी गांवों की विकास कहानियां महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष कैलेंडर भी जारी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को पंचायती राज विभाग के मासिक न्यूजलेटर “पंचायतों की प्रगति गाथा” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर आधारित विभाग का वार्षिक कैलेंडर “नारी शक्ति की नई उड़ान, गांव बदल रही महिला प्रधान” मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई हैं और इनके सशक्तिकरण से ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मासिक न्यूजलेटर ग्राम पंचायतों में हो रहे सकारात्मक बदलावों, नवाचारों और जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इसके जरिए गांवों की सफल विकास कहानियां एक मंच पर सामने आएंगी और अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिलेगी। न्यूजलेटर में प्रत्येक माह एक वंदनीय ग्राम पंचायत का चयन कर उसके उत्कृष्ट विकास कार्यों, पारदर्शी प्रशासन और जनभागीदारी को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही पंचायती राज विभाग की किसी एक प्रमुख योजना, प्रदेशभर में चलाए गए अभियानों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण भी शामिल रहेगा। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह न्यूजलेटर पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायी दस्तावेज सिद्ध होगा। प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने इसे सूचना साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वहीं, निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह न्यूजलेटर पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।

मौसम की मार: कोहरे से वाराणसी और प्रयागराज एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन प्रभावित

वाराणसी देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम कुछ ज्यादा ही खराब है। खासकर वाराणसी और प्रयागराज में घने कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ रहा है। इंडिगो ने गुरुवार को यात्रियों को सतर्क रहने के लिए अपनी तरफ से ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। वाराणसी में कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स थोड़ी धीरे चल रही हैं। इससे उड़ानों में थोड़ा बदलाव हो सकता है, यानी कुछ फ्लाइट्स लेट हो सकती हैं और कुछ रद्द भी हो सकती हैं। एयरलाइन ने सभी यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस वेबसाइट या ऐप पर चेक कर लें। इससे किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सकेगा। इंडिगो ने ये भी कहा है कि उनकी टीम मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए है और जैसे ही हालात सुधरेंगे, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी। यात्रियों से भी धैर्य रखने और समझदारी दिखाने की अपील की गई है। एयरलाइन का भरोसा है कि जल्द ही आसमान साफ होगा और यात्रा फिर से आरामदायक और समय पर हो पाएगी। प्रयागराज में भी दृश्यता कम होने और कोहरे की वजह से उड़ानों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइन ने कहा कि वे मौसम को लगातार मॉनिटर कर रहे हैं और पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यात्रियों की यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे फ्लाइट का स्टेटस अपडेट चेक करते रहें और किसी भी मदद के लिए एयरलाइन की टीम से संपर्क कर सकते हैं। इंडिगो ने कहा कि उनका स्टाफ हर कदम पर यात्रियों की मदद के लिए तैयार है। चाहे वह फ्लाइट में बदलाव हो, देरी हो या रद्द हो जाए, एयरलाइन अपनी पूरी कोशिश करती है कि किसी को परेशानी न हो। इंडिगो ने यात्रियों से निवेदन किया है कि थोड़ा धैर्य रखें और समझें कि मौसम की वजह से ये परिस्थितियां अस्थायी हैं। जैसे ही मौसम साफ होगा, फ्लाइट्स सामान्य समय पर उड़ने लगेंगी और यात्रा फिर से सुचारू रूप से हो पाएगी।

माघ मेला 2026: दूसरे स्नान की तिथि क्या है? यहां देखें शुभ समय

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के तट पर माघ मेला लगा हुआ है, जहां बड़ी संख्या में कल्पवासी और देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं और आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. माघ मेले का पहला स्नान पौष पूर्णिमा पर किया गया था. अब दूसरा स्नान मकर संक्रांति के पावन पर्व पर किया जाएगा. साल की सभी संक्रांति में मकर संक्रांति बड़ी विशेष मानी जाती है. मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव की राशि मकर में प्रवेश करते हैं. साथ ही उत्तरायण होते हैं. यह देवताओं का समय, शुभ काल माना जाता है. माघ मेले में हर साल मकर संक्रांति का पावन स्नान किया जाता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, प्रयागराज के माघ मेले में मकर संक्रांति पर गंगा और त्रिवेणी संगम में स्नान करने से हजारों यज्ञ करने के समान पुण्य मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल मकर संक्रांति का स्नान कब किया जाएगा? साथ ही जानते हैं कि स्नान का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? मकर संक्रांति पर होगा दूसरा स्नान मकर संक्रांति इस बार 14 जनवरी को है. इसी दिन माघ मेले में दूसरा पावन स्नान किया जाएगा. इस दिन षटतिला एकादशी का व्रत भी पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का संयोग 23 सालों बाद हो रहा है. ऐसे में मकर संक्रांति पर माघ मेले में स्नान का महत्व दोगुना माना जा रहा है. मकर संक्रांति पर माघ मेले में 1 करोड़ लोगों के स्नान का अनुमान लगाया जा रहा है. मकर संक्रांति स्नान का मुहूर्त मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 5 बजकर 45 मिनट तक यानी कुल 2 घंटे 32 मिनट रहेगा. वहीं इस दिन महा पुण्य काल दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू होगा. ये 4 बजकर 58 मिनट तक यानी कुल 1 घंटे 45 मिनट रहेगा. इस समय माघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान किया जा सकता है. मकर संक्रांति ब्रह्म मुहूर्त स्नान शास्त्रों के अनुसार, माघ मेले के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से बहुत पुण्य फल प्राप्त होते हैं. वहीं इस बार मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगा. ये शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 44 मिनट तक रहेगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले – ‘यूपी दिवस’ केवल उत्सव नहीं, प्रदेश की पहचान और सामर्थ्य का वैश्विक मंच बनेगा

  हर जिले में होंगे आयोजन, उत्कृष्ट नागरिक होंगे सम्मानित, जनपद की विकास यात्रा पर विशेष फिल्में प्रदर्शित होंगी गांव-कस्बों की प्रतिभा को मिलेगा राज्य मंच, जनपद से राजधानी तक सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं उद्यमी, किसान, खिलाड़ी, वैज्ञानिक और महिलाएं होंगे सम्मानित, यूपी गौरव' बनेगा प्रेरणा का प्रतीक लखनऊ, उत्तर प्रदेश की स्थापना की स्मृति में आयोजित होने वाला उत्तर प्रदेश दिवस-2026 इस वर्ष और अधिक व्यापक, भव्य एवं वैश्विक स्वरूप में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि 24 से 26 जनवरी, 2026 तक प्रस्तावित तीन दिवसीय समारोह के अंतर्गत राजधानी लखनऊ में मुख्य आयोजन के साथ-साथ प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों, देश के सभी राजभवनों तथा विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी यूपी दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। गुरुवार को तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नागरिक आज देश-दुनिया के अनेक हिस्सों में अपनी पहचान बना चुके हैं। यूपी दिवस ऐसा अवसर बने, जो प्रवासी उत्तर प्रदेशवासियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े। इसके लिए सभी राजभवनों में संवाद स्थापित कर आयोजन सुनिश्चित किए जाएं। इन आयोजनों में प्रदेश सरकार के माननीय मंत्रीगण उपस्थित रहकर प्रवासी यूपीवासियों से संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री ने विदेशों में भारतीय दूतावासों के माध्यम से भी यूपी दिवस आयोजन के लिए संवाद बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना, आर्थिक शक्ति और विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का माध्यम है। आयोजन गरिमामय, सुव्यवस्थित, नवाचारयुक्त और व्यापक जनभागीदारी से युक्त हों। मुख्यमंत्री ने जनपद, मंडल और राज्य स्तर पर गायन, नृत्य, वादन और नाट्य प्रतियोगिताओं के आयोजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय समारोहों में जिले की विकास यात्रा पर केंद्रित विशेष फ़िल्म भी प्रदर्शित की जाये।यूपी दिवस के अवसर पर 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान', 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' और 'माटी कला बोर्ड सम्मान' प्रदान किए जाएंगे। उद्यमियों, खिलाड़ियों, महिलाओं, चिकित्सकों, वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित कर प्रदेश की प्रतिभा और परिश्रम को सम्मान दिया जाएगा। इसके साथ ही, प्रदेश की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को जनमानस से जोड़ने के लिए धरती आबा बिरसा मुंडा, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, सरदार वल्लभभाई पटेल, वंदे मातरम्-आनंद मठ और पुण्य श्लोका अहिल्याबाई होल्कर से जुड़े नाट्य मंचनों का आयोजन किया जाएगा। भारतेंदु नाट्य अकादमी द्वारा वंदे मातरम् रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आनंद मठ आधारित विशेष प्रस्तुति होगी। युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र वंदे मातरम्' तथा विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि इस वर्ष आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश की संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए 3-डी और फाइबर मॉडल, वर्चुअल रियलिटी, 360 डिग्री टूर, लघु फिल्में, क्विज प्रतियोगिताएं और छायाचित्र प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यूपी दिवस' को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए ओपन माइक, नुक्कड़ नाटक, कठपुतली थियेटर, रंगोली, पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता, पाक-कला प्रतियोगिता और कला ग्राम जैसे आयोजन होंगे। आगरा, किराना, बनारस, हरिहरपुर, लखनऊ और रामपुर, हरिहरपुर और बदायूं जैसे प्रतिष्ठित संगीत घरानों की विशेष प्रस्तुतियां भी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी दिवस-2026 प्रदेश की पहचान, आत्मगौरव और विकास यात्रा का प्रभावशाली प्रतीक बने। सभी कार्यक्रम समयबद्ध, समन्वित और उच्च गुणवत्ता के हों, ताकि यह आयोजन स्मरणीय और प्रेरणादायी जनउत्सव के रूप में स्थापित हो सके।

यूपी में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को रफ्तार, लखनऊ में अशोक लेलैंड की ईवी फैक्टरी का शुक्रवार को उद्घाटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी व एच.डी. कुमारस्वामी की उपस्थिति में होगा नई फैक्टरी का शुभारंभ कानपुर रोड स्थित सरोजिनी नगर एक्सटेंशन में होगा कार्यक्रम, राज्य के उप मुख्य मंत्रियों समेत प्रमुख मंत्री भी रहेंगे उपस्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर केंद्रित फैक्टरी बनेगी प्रदेश में निवेश, रोजगार व हरित परिवहन को बढ़ावा देने का माध्यम लखनऊ,  प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन इकोनामी के लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की वजह से यूपी अब निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा होता जा रहा है। सहज और सुचारु नीतियों और राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों की वजह से यहां निवेशकों के आने का क्रम बढ़ता जा रहा है। इस क्रम में एक और बड़ा नाम जुड़ा है देश की अग्रणी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड का जो लखनऊ में इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण पर केंद्रित अपनी नई फैक्टरी का शुक्रवार 9 जनवरी को उद्घाटन करने जा रही है। इस फैक्टरी को राज्य की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा हरित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही भारत सरकार के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। लखनऊ के कानपुर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-1 में आयोजित उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक तथा राज्य सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत सरोजनीनगर के विधायक राजेश्वर सिंह भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही, अशोक लेलैंड प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन धीरज हिन्दुजा तथा प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शेनू अग्रवाल भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का होगा उत्पादन यह संयंत्र लखनऊ के औद्योगिक क्षेत्र सरोजिनी नगर एक्सटेंशन-1 में स्थापित किया गया है, जिसे पहले स्कूटर्स इंडिया साइट के नाम से जाना जाता था। यह इकाई विशेष रूप से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के उत्पादन पर केंद्रित होगी और राज्य में स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, यह इकाई इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में अशोक लेलैंड की क्षमताओं को और मजबूत करेगी।   हरित भविष्य की ओर एक अहम कदम अशोक लेलैंड की यह नई फैक्टरी न केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादन को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी। इसे राज्य के औद्योगिक और पर्यावरणीय भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, यह लखनऊ समेत प्रदेश की औद्योगिक उन्नति को परिलक्षित करने का माध्यम बनेगा।

ग्राम पंचायतों में भी बनेगा आधार, 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य आरंभ

हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में बन रहा आधार सेवा केंद्र नया आधार बनवाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण की सुविधा होगी सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ेंगे ग्रामीण, ग्राम पंचायत सहायक करेंगे संचालन आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर उत्तर प्रदेश का एक बड़ा कदम लखनऊ,  ग्रामीणों को आधार सेवाओं के लिए अब ब्लॉक और शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए योगी सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए आवश्यक उपकरण लगाए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नया आधार बनवाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण तक की सुविधाएं सीधे गांव में ही मिल सकेंगी। अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा संचालन पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायक करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी (ईए) आईडी भी निर्गत कर दी है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन पूरी तरह अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। आधार से जुड़ी सेवाओं में होने वाली परेशानियां समाप्त होंगी इस नई व्यवस्था से आधार नामांकन, अपडेट और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सरल और सुगम होगी। इससे ग्रामीणों का सीधा जुड़ाव सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित होगा। साथ ही आधार से जुड़ी सेवाओं में होने वाली परेशानियां समाप्त होंगी। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू करने की योजना है। गांव-गांव विकास की सोच होगी साकार पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल न केवल डिजिटल सशक्तिकरण को मजबूती देगी, बल्कि गांवों में ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर शासन की गांव-गांव विकास की सोच को भी साकार करेगी। अभी 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आधार सेवा केंद्रों की स्थापना शुरू की जा रही है, जिसे हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किया जाएगा। यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद ग्राम सचिवालय में ही नया आधार बनवाने और अपडेट करवाने की हर सुविधा मिलने लगेगी।