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सीएम योगी की अध्यक्षता में होगा एमपीएसपी के संस्थापक सप्ताह समारोह मुख्य महोत्सव

मुख्य अतिथि होंगे उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह बुधवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम परिसर में होगा मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष पर केंद्रित पुस्तक का भी होगा विमोचन श्रेष्ठतम संस्था, परिचारक, कर्मचारी, शिक्षक और विद्यार्थियों के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता होंगे पुरस्कृत गोरखपुर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी)  के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह का मुख्य महोत्सव (समापन कार्यक्रम) बुधवार (10 दिसंबर) को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) आरोग्यधाम, बालापार रोड के परिसर में भव्यतापूर्वक होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरक्षपीठाधीश्वर एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह शामिल होंगे। समारोह में उत्कृष्टता के आधार पर एमपी शिक्षा परिषद की संस्थाओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और संस्थापक सप्ताह समारोह के तहत आयोजित विविध प्रतियोगिताओं के विजेताओं को ट्रॉफी, पदक व नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर एमपी शिक्षा परिषद के स्मृतिशेष अध्यक्ष प्रो. यूपी सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी होगा। मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह बुधवार प्रातः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा।  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह के मुख्य महोत्सव में सप्ताह भर चली विभिन्न प्रतियोगिताओं के मेधावियों को पुरस्कृत किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों पुरस्कृत होंगी। इस दौरान करीब 750 विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। संस्थापक समारोह के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हाथों महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पूर्व अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. यूपी सिंह पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। इस पुस्तक ‘जीवन के साधना पथ का गृहस्थ सन्यासी प्रो. उदय प्रताप सिंह एवं जीवन मूल्य’ का प्रकाशन प्लाक्षा प्रकाशन ने किया है। दिग्विजयनाथ बालिका कन्या इंटर कॉलेज को मिलेगा श्रेष्ठतम संस्था का पुरस्कार महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक समारोह के समापन अवसर पर श्रेष्ठतम संस्था का महायोगी श्री गोरक्षनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ बालिका इंटर कॉलेज चौक बाजार महराजगंज को मिलेगा। श्रेष्ठतम परिचारक के लिए ब्रह्मलीन महंत गोपालनाथ स्वर्ण पदक दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार महराजगंज के रमाकांत को, श्रेष्ठतम कर्मचारी के लिए योगिराज बाबा ब्रह्मनाथ स्वर्ण पदक एमपी कन्या इंटर कॉलेज रमदत्तपुर के अश्वनी कुमार गुप्ता को, श्रेष्ठतम शिक्षक के लिए योगिराज बाबा गंभीरनाथ स्वर्ण पदक महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसढ़ की शिप्रा सिंह को प्राप्त होगा।  श्रेष्ठतम विद्यार्थी और स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में स्नातकोत्तर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के एमएससी बॉयोटेक के शिवम पांडेय को, स्नातक के श्रेष्ठतम विद्यार्थी के रूप में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ स्वर्ण पदक महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की बीएससी बॉयोटेक की आकृति को तथा हाईस्कूल-इंटर के श्रेष्ठतम विद्यार्थी का महाराणा मेवाड़ स्वर्ण पदक एमपी बालिका इंटर कॉलेज सिविल लाइंस की प्रज्ञा कुशवाहा को प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर विविध स्मृति पुरस्कार भी दिए जाएंगे। समारोह में कुल 750 विद्यार्थी पुरस्कृत किए जाएंगे।

चुनाव सुधार पर मायावती की दो टूक: SIR बढ़े, बैलेट पेपर फिर शुरू हों

लखनऊ  संसद में चुनाव सुधार पर जारी चर्चा के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण सुधारों की मांग की है। पार्टी का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वर्तमान समय-सीमा बेहद कम है, जिससे बीएलओ पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है और इससे वैध मतदाताओं, विशेषकर गरीब और प्रवासी मजदूरों, के नाम मतदाता सूची से छूटने का जोखिम बढ़ गया है।  मायावती ने कहा कि जहां करोड़ों मतदाता हैं, वहां एसआईआर प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा करने का प्रयास उचित नहीं है, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां 15.40 करोड़ से अधिक मतदाता हैं और निकट भविष्य में कोई चुनाव भी निर्धारित नहीं है। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि जल्दबाजी के चलते अनेक वैध मतदाता—जो बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक मतदान अधिकार के पात्र हैं—सूची से वंचित हो सकते हैं, जो पूर्णतः अनुचित है, इसलिए एसआईआर की समय-सीमा को अवश्य बढ़ाया जाना चाहिए। मायावती ने आपराधिक मामलों के खुलासे से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार प्रत्याशी को अपने आपराधिक इतिहास का पूरा विवरण हलफनामे और स्थानीय अखबारों में प्रकाशित करना होता है, जबकि पार्टी को भी वही जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रत्याशी अपना आपराधिक इतिहास पार्टी से छुपा लेते हैं और यह जानकारी स्क्रूटनी के दौरान सामने आती है, जिससे अनावश्यक दायित्व पार्टी पर आ जाता है। पार्टी ने सुझाव दिया है कि आपराधिक मामलों के संबंध में सभी औपचारिकताओं की जिम्मेदारी सीधे प्रत्याशी पर ही डाली जानी चाहिए, न कि राजनीतिक दलों पर। अगर कोई प्रत्याशी अपने आपराधिक मामले छुपाता है, तो उससे जुड़ी सभी कानूनी जिम्मेदारियां भी उसी पर तय हों, पार्टी पर नहीं। ईवीएम को लेकर उठने वाले संदेहों पर भी बीएसपी मुखिया ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए अब ईवीएम की जगह फिर से बैलेट पेपर द्वारा मतदान कराया जाना चाहिए। यदि किसी कारणवश यह त्वरित रूप से संभव न हो, तो कम से कम हर बूथ पर वीवीपैट की सभी पर्चियों की गिनती कर उसे ईवीएम के आंकड़ों से मिलान किया जाना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के उस तर्क को भी खारिज किया कि इससे समय अधिक लगेगा। मायावती ने कहा कि जब पूरे चुनाव की प्रक्रिया महीनों चलती है, तो कुछ अतिरिक्त घंटे गिनती में लगने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इससे जनता का चुनाव व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा और चुनावी प्रक्रिया पर उठने वाले संदेहों का अंत होगा, जो देशहित में है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: यूपी में अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए शुरू हुआ सर्वे, प्रयागराज और लखनऊ में हो रही जांच

 लखनऊ यूपी में SIR की कवायद के साथ एक बार फिर घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर करने की कवायद तेज हो गई है. प्रयागराज नगर निगम में काम करने वाले कर्मचारियों के बाद अब लखनऊ में भी अवैध बांग्लादेशियों को चिन्हित कर बाहर करने की शुरुआत हो चुकी है. यूपी एटीएस ने प्रयागराज के बाद अब लखनऊ नगर निगम में भी कूड़ा प्रबंधन के काम में लगे शहर भर के मजदूरों का लखनऊ नगर निगम से ब्यौरा मांगा गया है. एटीएस ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदारों से सफाई श्रमिकों की प्रमाणित सूची जिसमें निवास स्थान, पहचान प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर मांगा गया है. डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की कवायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि एसआईआर सर्वे गहनता से किया जाए घुसपैठियों को चिन्हित कर बाहर किया जाए. डिटेंशन सेंटर बनाए जाने की कवायद भी शुरू हो गई है. ऐसे में इलाहाबाद लखनऊ कानपुर मेरठ जैसे बड़े शहरों में नगर निगम के कचरा प्रबंधन और सफाई के काम में लगे सफाई कर्मियों का ब्यौरा अब यूपी एटीएस भी जुटा रही है. यूपी एटीएस बड़े शहरों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व रोहिंग्यायो की मौजूदगी की जांच में जुट गई है. यूपी एटीएस ने प्रयागराज के बाद अब लखनऊ नगर निगम से भी शहर के कचरा प्रबंधन व सफाई कार्य में जुटे मजदूरों का ब्यौरा मांगा है. यूपी एटीएस को इनपुट मिले हैं कि लखनऊ नगर निगम में भी कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से शहर के कचरा प्रबंधन व सफाई के काम में अधिकतर बांग्लादेशी व रोहिंग्या लगे हैं. नगर निगम या प्रशासन के अफ़सर जब किसी संदिग्ध से पूछताछ करते हैं तो वह आधार कार्ड से खुद को असम का बताते हैं. ऐसे में किसी आतंकी संगठन के मददगार या संगठन के नेटवर्क से सीधा जुड़ा कोई शख्स भी छिपा हो सकता है लिहाजा यूपी एटीएस ने नगर निगम के सभी ठेकेदारों से उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों का नाम पता मोबाइल नंबर समेत पूरी जानकारी मांगी है.

तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

देश को विभाजित करने वाले जयचंद व मीरजाफर जैसे पापी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तात्कालिक लॉलीपॉप से नहीं हो सकता समाज और देश का कल्याण : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सत्ता में मौका मिलने पर सिर्फ परिवार के बारे में ही सोचते हैं देश तोड़क तत्व : सीएम योगी सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ऑडिटोरियम का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन जनरल रावत की प्रतिमा का अनावरण कर मुख्यमंत्री ने अर्पित किए श्रद्धा सुमन, प्रदर्शनी का किया अवलोकन पीएम मोदी के पंच प्रण को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाएं नागरिक : मुख्यमंत्री गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज और देश को विभाजित करने वालों से सावधान रहने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे लोग जयचंद और मीरजाफर जैसा पाप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि की तोड़ने के लिए बहुत से लोग हैं। कोई जाति के नाम पर, कोई क्षेत्र और कोई भाषा के नाम पर बांट रहा है। समाज और देश तोड़क इन तत्वों को जब सत्ता में आने मौका मिलता है तो वे सिर्फ अपने और परिवार के बारे में सोचते हैं। परिवार के लिए प्रॉपर्टी, विदेश में होटल और द्वीप खरीदते हैं। ऐसे लोग देश को दरिद्र करने का षड्यंत्र करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा जाति, क्षेत्र आदि के नाम के तात्कालिक लॉलीपॉप से समाज और देश का कल्याण नहीं हो सकता। देश का कल्याण तभी होगा जब भेदभाव नहीं होगा, सबमें एकता होगी।  सीएम योगी मंगलवार को सैनिक स्कूल गोरखपुर में देश के पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत के नाम पर बने एक हजार से अधिक की क्षमता के ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा का भी अनावरण किया और महान सैन्य नायक को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया की तरफ से कराई गई है। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के जीवन पर आधारित एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत के व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को याद किया तथा देश के समसामयिक हालात पर भी चर्चा करते हुए विकसित भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिलाए गए पंच प्रणों को अपनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने जनरल बिपिन रावत को पंच प्रण के प्रति समर्पित योद्धा बताते हुए कहा कि हम सभी को पंच प्रणों को जीवन के शाश्वत मंत्र के रूप में अपनाना होगा।  सीएम योगी ने कहा कि आजादी के अमृत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री मोदी ने आह्वान किया था कि आजादी के शताब्दी वर्ष तक हमें कैसा भारत चाहिए, इसके लिए एक कार्ययोजना  बनाकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई सच्चा भारतीय गरीब, असुरक्षित या कमजोर भारत चाहता होगा? इसका जवाब भी उन्होंने खुद दिया और कहा कि एक सच्चा भारतीय मजबूत, विकसित और आत्मनिर्भर भारत ही चाहेगा। अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है तो वह सच्चा भारतीय हो ही नहीं सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अगर विकसित और सुरक्षित बनाना है तो पीएम मोदी द्वारा दिए गए पंच प्रणों को जीवन का हिस्सा बनाना होगा।  विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके प्रगति नहीं कर सकता समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी के पहले प्रण ‘विरासत पर गौरव की अनुभूति’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने वीर सैनिकों, महापुरुषों को का सम्मान करना होगा। श्रीराम, श्रीकृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति वीर शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और परंपरा पर गर्व करना होगा। अपनी विरासत और परंपरा को नजरअंदाज करके समाज प्रगति नहीं कर सकता। इसमें किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए। विदेशी आक्रांता नहीं हो सकता महान सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के दूसरे प्रण ‘गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमें गुलामी की मानसिकता को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। देश में बनी चीज खराब और विदेशी विदेशी ही अच्छा है, इस सोच को तिलांजलि देनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम अपने बल पर सबकुछ देश में ही खड़ा करके दिखाएंगे, हमें इस मानसिकता के साथ आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि देश और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़े हैं। पीएम मोदी के दूसरे प्रण को और विस्तार से समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिकंदर को महान क्यों कहें? हमारे लिए महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, जनरल बिपिन रावत और परमवीर चक्र विजेता सैनिक महान हैं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए विदेशी आक्रांता महान नहीं हो सकता।  सेना के जवानों की वजह से मिलती है चैन की नींद मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के तीसरे प्रण ‘सैन्यबलों के प्रति सम्मान भाव’ की चर्चा करते हुए कहा कि हम अपने घरों में चैन से इसलिए सो पाते हैं कि सेना के जवान देश की सीमा पर रखवाली करते हैं। अर्धसैनिक बल पैट्रोलिंग करते हैं और पुलिस के जवान मेहनत करते हैं। उन्होंने यह भी समझाया कि एक व्यक्ति की गलती से पूरी फोर्स खराब नहीं हो जाती। हमें जवानों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना होगा।  हर नागरिक के मन में हो भारतीयता का भाव चौथे प्रण ‘सामाजिक एकता’ के सूत्र को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति तभी होगी, कल्याण तभी होगा जब समरस समाज की स्थापना होगी। हर नागरिक के मन में भारतीयता का भाव होगा। जिसके मन में भारतीयता का भाव नहीं है वह देश का नहीं बल्कि पराया है। सीएम ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के एक वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि सबसे पहले और सबसे अंत में भी मेरी पहचान एक भारतीय की है। वही देश महान जहां नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति सजग पांचवें प्रण ‘नागरिक कर्तव्य’ की विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी के बाद अधिकारों के संरक्षण की बात तो खूब हुई लेकिन उसकी तुलना में नागरिक कर्तव्यों की चर्चा नहीं हुई। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों की सजगता को लेकर देश के … Read more

योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर

मिशन शक्ति : उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति को मिली नई उड़ान  योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर  आत्मनिर्भर दीदी बना रहीं समृद्ध उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद से ही आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन पर जोर दिया है। नारी को सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति पर सरकार का जोर है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नारी सम्मान का ऐसा मॉडल बना है, जहां सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से महिलाओं को नई दिशा मिल रही है। मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया मॉडल है।  मिशन शक्ति 5.0- उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति का नया दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश है 'नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है'। 24 दिसंबर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत हर विभाग प्रतिदिन जागरूकता अभियान चला रहा है। पुलिस चौपालों से लेकर सड़क रैलियों तक 'सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार' का उद्घोष गूंज रहा है।  प्रदेश के 1647 थानों में हेल्प डेस्क सक्रिय, अब हर महिला का सहारा ग्रामीण-शहरी हर क्षेत्र में व्यापक महिला बीट प्रणाली और एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से हर महिला को अभूतपूर्व सुरक्षा का कवच प्रदान किया जा रहा है। पिंक पेट्रोल 24×7 उपलब्धता के साथ स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तुरंत पहुंच रहा है। तकनीक का व्यापक उपयोग – 1090, साइबर मॉनिटरिंग सेल और डिजिटल ट्रैकिंग ने स्टॉकिंग, फर्जी अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। कॉलेजों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप से छात्राओं को सशक्त बनाया जा रहा है।  सुरक्षा-सम्मान का यूपी मॉडल, नारी उत्थान से समृद्ध प्रदेश महिला अपराधों में त्वरित जांच से हर पीड़िता को पूर्ण न्याय सुनिश्चित, अभूतपूर्व निस्तारण दर के साथ कठोर सजाएं दी जा रही हैं। मिशन शक्ति केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी 3-5 वर्ष तक तैनात रहेंगे। आर्थिक सशक्तिकरण में भी क्रांति आ रही है। ग्राम पंचायतों में बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन ने बेटियों को नई उड़ान दी है। हर नारी को मिलेगा सम्मान और अपराधियों पर होगी दो-गुनी तेजी से कार्रवाई  मिशन शक्ति के साथ ही उज्ज्वला और स्वामित्व योजना ने घर-घर तक सशक्तिकरण पहुंचाया है। पोषण अभियान, रानी लक्ष्मीबाई कोष ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत किया।  मिशन शक्ति 5.0 सशक्त नारी से समृद्ध प्रदेश का आधार बन गया है।

दूल्हे-दुल्हन का प्यार टोल प्लाजा पर, CCTV वीडियो से मैनेजर ने शुरू की ब्लैकमेलिंग की कोशिश

सुल्तानपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हलियापुर स्थित टोल प्लाजा पर ‘एंट्री ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (एटीएमएस) पर सीसीटीवी का दुरुपयोग कर अश्लील वीडियो बनाए जाने की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है। शिकायतकर्ता ने टोल के मैनेजर पर इस मामले संलिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है। बताया कि सीसीटीवी से लोगों की निजी गतिविधियों की अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। इस शिकायत के बाद ऐसे कई मामले सोशल मीडिया में चर्चा में हैं। ऐसा ही एक मामला एक नवविवाहित जोड़े से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि शादी के कुछ दिन बाद यह जोड़ा लखनऊ जा रहा था। टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस कर लिया। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी को जूम कर इसका वीडियो बना लिया गया और फिर ब्लैकमेलिंग की गई। रुपए लेने के बाद भी आरोपियों ने वीडियो वायरल कर दिया। हालांकि ‘लाइव हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस बारे में पूछे जाने पर टोल प्लाजा मैनेजर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मैनेजर का कहना कि यह मामला उसके संज्ञान में है। टोल पर सात कर्मचारी हैं। जांच की जा रही कि वीडियो बनाकर किसने ओछी हरकत की है। शौच के लिए निकली महिलाओं के भी बनाए वीडियो शिकायत करने वाले लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में बताया है कि पूर्वाचल एक्सप्रेस वे पर हलियापुर टोल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की दिशा आसपास मौजूद गांवों की तरफ कर दी जाती है। टोल के आसपास जरईकला, हलियापुर और गौहनियां गांव हैं, यहां कैमरे को शौच आदि करने के लिए निकलने वाली महिलाओं की तरफ कर अश्लील वीडियो बनाया जाता है। इसके अलावा घर के बाहर निकलने वाली लड़कियों की गतिविधियों को भी कैमरे में कैद किया जाता है। बाद में उनसे संपर्क कर उन्हें ब्लैकमेल कर धन की उगाही की जाती है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दो महीने पहले मिल्कीपुर (अयोध्या) के एक युवक से वीडियो दिखकर उससे 10,000 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर 144 किमी पर एक ट्रक चालक और महिला के मामले में भी वसूली की गई। इसके अलावा 25 अक्तूबर को भी एक नवविवाहिता जोड़े का अश्लील वीडियो बनाया गया। युवक आजमगढ़ का रहने वाला है, वह अपनी पत्नी को लेकर लखनऊ जा रहा था। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा से कुछ पहले गाड़ी रुकने के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को किस किया। सीसीटीवी जूम कर इसका वीडियो बनाया गया है और ब्लैकमेलिंग की गई। यह वीडियो बल्दीराय थाने के माइल्ड स्टोन 93 के पास बनाई गई। इस मामले में युवक से 32,000 रुपये की वसूली की गई। इसके बाद भी आरोपियों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। क्या बोला मैनेजर आरोपों के बारे में टोल प्लाजा मैनेजर ने कहा कि हमारे स्टाफ में 7 कर्मचारी हैं। यह वीडियो हमारे स्टाफ के किसी कर्मचारी ने बनाकर वायरल किया है। इसकी जांच की जा रही है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है, मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है, मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत हैं। जांच चल रही है जल्द आरोपी को पकड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का सामाजिक सुरक्षा मॉडल बना मिसाल

अंत्योदय से सर्वोदय की भावना के साथ योजनाओं को दिया जा रहा व्यापक विस्तार गरीब, वंचित, अल्पसंख्यक और युवा बने योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकता लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं “अंत्योदय से सर्वोदय” की अवधारणा को जमीन पर साकार करती दिख रही हैं। युवाओं के भविष्य निर्माण से लेकर निराश्रित महिलाओं, बुज़ुर्गों, दिव्यांगों, अल्पसंख्यकों और गरीब परिवारों तक सरकारी सहायता सीधे पहुंच रही है। करोड़ों लाभार्थियों को पेंशन, छात्रवृत्ति, निःशुल्क राशन, गैस कनेक्शन, सामूहिक विवाह अनुदान और शैक्षिक सहयोग प्रदान कर सरकार ने सामाजिक सुरक्षा का मजबूत ढांचा खड़ा किया है। योगी आदित्यनाथ की सरकार की नीतियों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुंचाने वाला राज्य बन चुका है। युवाओं, छात्रों और बेटियों के लिए मजबूत आधार प्रदेश के सभी जनपदों में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना लागू कर सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को नई दिशा दी है।  सभी योजनाओं में अल्पसंख्यकों को सर्वाधिक लाभान्वित करने पर फोकस किया जा रहा है। विगत तीन वर्षों में 743 से अधिक युवा विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। वहीं कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों और किशोरों के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना ने उनके जीवन को नया सहारा दिया। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के छात्रों को पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत हजारों करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के छात्रों को सीधे छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। यह आंकड़े साबित करते हैं कि योगी सरकार शिक्षा को सामाजिक न्याय का सबसे मजबूत माध्यम बना रही है। बेटियों और गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अब तक 4.77 लाख से अधिक जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। इस योजना में प्रति जोड़ा सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ।  राशन, पेंशन और गैस से हर घर तक राहत प्रदेश के लगभग करोड़ों पात्र नागरिकों को प्रतिमाह 5 किलोग्राम निःशुल्क खाद्यान्न और अंत्योदय परिवारों को 35 किलोग्राम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। अंत्योदय कार्डधारकों को त्रैमासिक आधार पर 3 किलोग्राम चीनी भी रियायती दर पर दी जा रही है। कोविड काल में सरकार ने चना, खाद्य तेल और नमक भी निःशुल्क वितरित कर संवेदनशील प्रशासन की मिसाल कायम की। निराश्रित महिला, वृद्धावस्था और दिव्यांगजन पेंशन, उज्जवला योजना के लाभार्थियों में अल्पसंख्यकों व वंचित वर्ग के लोगों की संख्या सर्वाधिक है जो ये साबित करता है सरकार बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों तक लाभ पहुंचा रही है। यह व्यापक सामाजिक कल्याण मॉडल अल्पसंख्यकों, वंचितों और कमजोर वर्गों के जीवन में स्थायी बदलाव का आधार बन रहा है और उत्तर प्रदेश को देश में “सबसे बड़ा लाभार्थी राज्य” के रूप में स्थापित कर रहा है।

विभिन्न जनपदों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया विभिन्न जनपदों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ    जनता के लिए हमेशा तत्पर रहें जनप्रतिनिधिः सीएम योगी   लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निरंतर जागरूक रहने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जनपदों के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता आम जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और अपात्र का नाम सूची में दर्ज न हो। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होना एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। जनजागरूकता पर जोर  मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को संदेश दिया कि वे सरकार के कल्याणकारी कार्यों के साथ-साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति भी जनता में जागरूकता फैलाएं। बूथ लेवल संपर्क सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ सहयोग करते हुए प्रत्येक बूथ पर गहन संपर्क स्थापित करें और आम नागरिकों को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। धरातल पर प्रयास उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे संगठन के साथ समन्वय बनाते हुए इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग करें। उनका एकमात्र उद्देश्य यह होना चाहिए कि वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम सूची में दर्ज हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच और जनता के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। सरकार व संगठन के बीच संवाद के जरिए समन्वय बना रहे सीएम योगी  सरकार के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न जनपदों का निरंतर दौरा कर रहे हैं। वे जनपदों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर रहे हैं। सीएम योगी आगामी चुनावों में जीत का मंत्र देने के साथ ही मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी कर रहे हैं।

योगी सरकार ने बिजली, पानी और उपज को बाजार उपलब्ध करा किसानों को किया संपन्न

शामली जनपद के बुच्चाखेड़ी गांव में लगी चौपाल, लगभग 450 किसानों ने लिया हिस्सा  योगी सरकार ने गन्ना के दामों में की वृद्धि, प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा पहली प्राथमिकता  बोले किसान- योगी जी ने बदली यूपी की परिभाषा, निवेश की दृष्टि से उद्यमियों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश  बोले अन्नदाता- किसानों का सम्मान है गन्ना, योगी सरकार ने किसानों के सम्मान में की वृद्धि  शामली कृषि चौपाल का छठवां पड़ाव सोमवार को बुच्चाखेड़ी गांव में रहा। इसमें आसपास के गांवों के लगभग 450 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। यहां कृषि चौपाल में गन्ना किसानों ने जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का जिक्र कर इसका श्रेय योगी आदित्यनाथ सरकार को देते हुए उनके कार्यों को सराहा। किसानों ने गन्ना मूल्य में 30 रुपये की वृद्धि के लिए भी योगी सरकार का आभार जताया और कहा कि बिजली, पानी और उपज को बाजार उपलब्ध कराकर किसानों को संपन्न किया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बिक्री कर रहे हैं और उन्हें 48 घंटे के भीतर ही भुगतान भी किया जा रहा है। योगी सरकार किसानों को सुरक्षा, सुविधा और संसाधन उपलब्ध करा रही है। योगी सरकार ने अपने कार्यों से यूपी की परिभाषा बदल दी है। सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी हर क्षेत्र में अब सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जाना जा रहा है।  फसलों का मिल रहा उचित दाम, खुशहाल हो रहा किसान  किसानों ने कहा कि पहले किसान सरकार की प्राथमिकता में नहीं होते थे। किसान और उनकी फसल का कोई हाल लेने वाला नहीं था, लेकिन 2017 में सत्ता में आने के बाद ही योगी सरकार ने किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का ऋण माफ किया। केंद्र सरकार की योजनाओं का पारदर्शिता से क्रियान्वयन कराया और किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनाएं बनाईं। इसका लाभ मिलने से किसान खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं।  किसानों को उपलब्ध कराई जा रही बिजली  किसान मास्टर गुलाब ने कहा कि योगी सरकार पिछली सरकारों की तरह भेदभाव नहीं करती। अब यूपी के सभी 75 जनपदों में समान रूप से बिजली उपलब्ध कराई जाती है। इस कारण खेती करने वाले किसानों को काफी सहूलियत मिल रही है। कभी किसान आत्महत्या करते थे, लेकिन सरकार के प्रोत्साहन के कारण खेती फायदे का सौदा हो गया है। किसान बेखौफ होकर खेती करते हैं और उनकी फसल भी अब सुरक्षित रहती है।  2017 के पहले घरों से खोल लिए जाते थे मवेशी, अब किसी की हिम्मत नहीं  किसान सादिक हसन ने कहा कि 2017 के पहले घरों से मवेशी खोल लिए जाते थे। किसान खेत व मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी परेशान रहता था। शाम के समय महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल होता था। सरेआम सड़कों पर लूटपाट होती थी, लेकिन पश्चिम उत्तर प्रदेश हो या प्रदेश का कोई भी कोना, अब रात 12 बजे भी लोग कहीं आ जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश में अब अपराधी डरते हैं और आम नागरिक बेफिक्र होकर देर रात भी कहीं आ जा सकते हैं।  किसानों का सम्मान है गन्ना, योगी सरकार ने ‘सम्मान’ में की है वृद्धि  शाहिद चौधरी ने कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का ‘सम्मान’ है। योगी सरकार ने गन्ने के दाम में 30 रुपये की बढ़ोतरी कर किसानों का सम्मान और बढ़ाया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के उपरांत किसानों के संसाधन और सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। हर जनपद में सड़कों का बेहतरीन जाल बिछा है। आवागमन सुगम हुआ है। किसानों की उपज को बाजार मिला है। योगी जी धन्यवाद के पात्र हैं, जिन्होंने किसानों के विकास और समृद्धि के लिए अथक प्रयास जारी रखा है।  कृषि चौपाल में किसान गोवर्धन चौहान, मुनव्वर चौहान, तोप सिंह, डॉ. अजय, अंकुर शर्मा, मास्टर धर्मपाल, वीरेंद्र चेयरमैन, राधा, संजय, नाथी, पंकज, मुकेश शर्मा, दीपक पवार, राशिद चौहान, सर्वेश्वर शर्मा, मास्टर गुलाब, अंकुर आदि मौजूद रहे।  योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में की 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि  योगी सरकार ने बड़ा तोहफा देते हुए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की। योगी सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 में गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये और सामान्य प्रजाति का 360 रुपये से 390 रुपये प्रति क्विंटल किया। इस वृद्धि से गन्ना किसानों को 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हो रहा है। योगी सरकार के कार्यकाल में चौथी बार गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी की गई है। बुधवार और गुरुवार को मुजफ्फरनगर में लगेगी कृषि चौपाल  1 से 11 दिसंबर तक पश्चिम उत्तर प्रदेश के चार जनपदों में कृषि चौपाल का आयोजन हो रहा है। बागपत, हापुड़ और शामली में कृषि चौपाल लग चुकी है। अब बुधवार से मुजफ्फरनगर में किसान संवाद करेंगे। 10 दिसंबर को यहियापुर व 11 दिसंबर को दाहोद गांव में ‘कृषि चौपाल’ लगाई जाएगी।

कोडीन युक्त प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ आईजी स्तर पर एसआईटी टीम का गठनः प्रमुख सचिव गृह

कोडीन युक्त कफ सिरप मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस की नीति’  कोडीन युक्त प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ आईजी स्तर पर एसआईटी टीम का गठनः प्रमुख सचिव गृह 28 जनपदों के 128 दवा प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के खिलाफ एफआईआरः पुलिस महानिदेशक सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज, नियमानुसार कार्रवाई के दिए गए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कोडीन युक्त कफ सिरप के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।  प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोडीन प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर अत्यन्त गंभीर है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि सभी दवाइयां मानक के अनुरूप होनी चाहिए तथा मानक के अनुरूप न पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रमुख सचिव गृह ने यह भी बताया कि कोडीन युक्त कफ सिरप से प्रदेश में किसी की भी मौत नहीं हुई है।  उन्होंने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है, जिसमें एफएसडीए के अफसरों को शामिल करते हुए कोडीन युक्त कफ सिरप की जांच करने हेतु निर्देश दिये गये हैं।  ‘नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के तहत अभियान संचालित उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि ‘नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तर प्रदेश’ के तहत कार्रवाई के दौरन 28 जनपदों के कुल 128 दवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग, जनपदीय पुलिस तथा यूपी एसटीएफ द्वारा समन्वित अभियान पिछले दो महीनों में और एंटी नारकोटिक्स के संयुक्त अभियान में प्रदेश में औषधियों के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ किया गया और बड़ी मात्रा में अवैध कफ सिरप जब्त किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया या अन्य किसी भी तरह से गलत या भ्रामक अफवाह फैलाने पर नियमानुसार कार्रवाही की जा रही है, जिसके तहत वाराणसी में एफआईआर भी दर्ज की गई है।  कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध बिक्री का खुलासा एफएसडीए द्वारा केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (मध्य प्रदेश) से प्राप्त महत्वपूर्ण इनपुट के आधार पर औषधि विभाग के विभिन्न औषधि निरीक्षकों द्वारा हिमाचल प्रदेश स्थित दो, उत्तराखंड राज्य स्थित तीन कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माता फर्मों एवं हरियाणा राज्य स्थित निर्माता फर्म के एक डिपो व झारखंड राज्य के रांची स्थित एक बहुराष्ट्रीय निर्माता फर्म के सुपर स्टॉकिस्ट सैली ट्रेडर्स की गहन जांच कर, कोडीन युक्त कफ सिरप के निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय एवं वितरण संबंधित सूचना व अभिलेखों को प्राप्त किया गया। यूपी के कई जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और गाजियाबाद में बिना पर्चे और बिना लाइसेंस के बड़ी मात्रा में कोडीनयुक्त सिरप की अवैध बिक्री की जा रही थी। कुछ प्रतिष्ठानों ने अवैध तरीके से 1 से 3 लाख कोडीन युक्त कफ सिरप बेंचे। यह स्पष्ट करता है कि अवैध रूप से तैयार माल नशे के रूप में युवाओं को बेचा जा रहा था। कोडीन युक्त कफ सिरप के तार बांग्लादेश और नेपाल से भी जुड़े हैं।  279 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, दोषियों पर बड़ी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग की सचिव रोशन जैकब ने कोडीन युक्त कफ सिरप के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि औषधि विभाग ने पूरे अभियान में 279 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर कोडीन युक्त सिरप को मेडिसिन नहीं बल्कि नशे के रूप में बेचने की पुष्टि हुई। उन्होंने बताया कि अवैध भंडारण, नकली स्टॉक और अवैध बिक्री के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जांच में यह भी पाया गया कि सिरप की अवैध बिक्री का सबसे अधिक उपयोग वाराणसी, गाजियाबाद और जनपद वाराणसी क्षेत्र के आसपास हो रहा था।  128 एफआईआर दर्ज, अभियुक्तों की धर-पकड़ जारी औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 128 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें एनडीपीएस एक्ट  तहत कार्रवाई भी शामिल है। इस अभियान के तहत वाराणसी में 38, अलीगढ़ में 16, कानपुर में 08, गाजियाबाद में 06, महाराजगंज में 04, लखनऊ में 04 और अन्य जिलों में 52 मुकदमें दर्ज हुए।  यूपी एसटीएफ द्वारा की गयी कार्यवाही यूपी एसटीएफ ‌द्वारा उक्त प्रकरण में कुल 09 अभियुक्तो (धर्मेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, पवन गुप्ता, शैलेन्द्र आर्या, विभोर राणा, विशाल सिंह, बिट्टू कुमार, सचिन कुमार, अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा एवं आलोक प्रताप सिंह) को गिरफ्तार किया जा चुका है।  लखनऊ जोन के विभिन्न जनपदों में कुल 11 अभियोग पंजीकृत करते हुए 02 अभियुक्तों (रुपम राय एवं दिवाकर सिंह) को गिरफ्तार किया गया है। बरेली जोन के विभिन्न जनपर्दा में कुल 04 अभियोग पंजीकृत करते हुए 02 अभियुक्तों (अब्दुल कादिर एवं रहमान नूरी) को गिरफ्तार किया गया है। गोरखपुर जोन के विभिन्न जनपदों में कुल 10 अभियोग पंजीकृत करते हुए 03 अभियुक्तों (नीरज कुमार दीक्षित, अली सरीम मेकरानी एवं मोहम्मद आफताब) को गिरफ्तार एवं 02 अभियुक्तों (कल्पना एवं मोहम्मद असद) को नोटिस तामील किया गया है। कमिश्नरेट वाराणसी के विभिन्न जनपर्दा में कुन 02 अभियोग पंजीकृत करते हुए 04 अभियुक्तों (भोला प्रसाद जायसवाल, विशाल जायसवाल, बादल आर्या एवं आजाद सिंह) को गिरफ्तार किया गया है।  सोनभद्र एवं गाजियाबाद पुलिस द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई इस वर्ष 18 अक्टूबर को सोनभद्र पुलिस ने 02 ट्रकों से 1,19,675 बोतलें कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किया और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं 1 नवंबर को रांची (झारखंड) में 13,400 बोतलें बरामद हुईं।  इसके बाद, 4 नवंबर को सोनभद्र व गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 1,57,350 बोतलें पकड़ी गईं। इस दौरान पुलिस ने 8 अभियुक्तों (सौरभ त्यागी, शादाब, शिवकांत उर्फ शिव, संतोष भडाना, अंबुज कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह, दीपू यादव, और सुशील यादव) को गिरफ्तार किया है। उक्त अपराध में शुभम जायसवाल, आसिफ, अभिषेक शर्मा, विशाल उपाध्याय व अन्य 5 अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए। इस प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में कुल 17 अभियुक्तों को नामजद किया गया है।  इस पूरे प्रकरण की व्यापकता को देखते हुए तथा विस्तृत वित्तीय जांच के उ‌द्देश्य से, प्रदेश स्तर पर एक एसआईटी का गठन किया जा रहा है। यह एसआईटी सभी प्रचलित जांचों … Read more