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प्रदेश की सुरक्षा के लिए योगी की जनता से अपील, घुसपैठियों की पहचान में मदद करें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी रूप में अवैध घुसपैठ स्वीकार नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि राज्य के संसाधनों पर पहला और एकमात्र अधिकार यहां के मूल नागरिकों का है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई अब एक अनिवार्यता बन गई है। सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पहचान के लिए अभियान सीएम योगी ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सभी नगर निकायों को निर्देश जारी किए हैं। निकायों को अपने क्षेत्रों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। ड्रोन और सैटेलाइट से होगी निगरानी अवैध कब्जों और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक संस्थानों और जमीनों पर अनधिकृत कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए ड्रोन, मल्टीसेन्सर तकनीक और सैटेलाइट सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है। इस हाई-टेक निगरानी से घुसपैठियों और अवैध कब्जों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। हर मंडल में बनेंगे डिटेंशन सेंटर सरकार ने चिन्हित घुसपैठियों के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीएम योगी के अनुसार, पहचान किए गए अवैध नागरिकों को डिटेंशन केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रदेश के हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि अवैध नागरिकों को समाज से अलग रखा जा सके और नियमानुसार कार्रवाई हो। नागरिकों से सत्यापन की अपील मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेश के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी को काम पर रखने या किराए पर मकान देने से पहले उसकी पहचान का सत्यापन अवश्य करे। सरकार का यह कदम न केवल आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मिले।

एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की आबकारी नीति से निवेश को रफ्तार, रोजगार सृजन के खुले नए आयाम एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश राजस्व वृद्धि के साथ निवेश से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में बड़ा योगदान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी और निवेशोन्मुखी आबकारी नीति ने वर्ष 2025 में प्रदेश की राजस्व प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एथेनॉल उत्पादन और बिक्री में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल औद्योगिक गतिविधियों को तेज किया है, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष श्रेणी में स्थापित किया है। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, बिक्री और निवेश प्रस्तावों में तेजी इस बात का संकेत है कि राज्य की अर्थव्यवस्था नए दौर में प्रवेश कर रही है। एथेनॉल उत्पादन ने बनाया नया कीर्तिमान उत्तर प्रदेश में नवंबर 2025 तक 141.8 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। योगी आदित्यनाथ सरकार के संरचनात्मक सुधार, तकनीकी अनुकूलता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से शराब, बीयर, वाइन व एल्कोहल आधारित उद्योगों में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 105.25 करोड़ लीटर और प्रदेश से बाहर 40.96 करोड़ लीटर एथेनॉल बिक्री ने उत्तर प्रदेश को एथेनॉल सप्लाई का भरोसेमंद केंद्र बनाया है। उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी एथेनॉल उत्पादक प्रदेशों में स्थापित हो चुका है। इससे न केवल उद्योगों को प्रोत्साहन मिला, बल्कि ग्रामीण स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं। आबकारी क्षेत्र में निवेश से अर्थव्यवस्था को मजबूती   उत्तर प्रदेश में अल्कोहल आधारित उद्योग के क्षेत्र में बड़े कॉरपोरेट समूहों से लेकर मध्यम सेक्टर उद्योगों तक के निवेशक यूपी में अपने परियोजनाओं को विस्तार दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इंवेस्ट यूपी के अंतर्गत अब तक 125 समझौते साइन हुए हैं, जिसके तहत 3,07,35 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। वहीं 43 रेडी-टू-लॉन्च प्रोजेक्ट हैं जिनके लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। इसके माध्यम से 6898.88 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। इनवेस्ट यूपी के तहत वर्तमान में 19 प्रोजेक्ट संचालित हैं इसमें 2900 करोड़ से ज्यादा का निवेश हो चुका है। इन परियोजनाओं ने 4800 से अधिक रोजगार भी सृजित किए हैं। गैर एमओयू के तहत 28 प्रोजेक्ट संचालित हैं जिसमे 2752 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।  रोजगार सृजन से युवाओं को नया अवसर आबकारी क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों से 9940 से अधिक रोजगार अवसर बनने की संभावना है। यह योगी सरकार की उस नीति का परिणाम है, जिसमें औद्योगिक विकास को सीधे तौर पर रोजगार सृजन से जोड़ा गया है। इससे स्थानीय युवाओं को उनके ही प्रदेश में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और औद्योगिक आधार मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति का यह सशक्त प्रदर्शन योगी आदित्यनाथ सरकार की आर्थिक दृष्टि, राजस्व प्रबंधन क्षमता और औद्योगिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

अनामिका सिंह का बड़ा कदम, यूपी की तेज-तर्रार IAS अफसर ने लिया VRS

लखनऊ  2004 बैच की IAS अफसर अनामिका सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया है. अनामिका सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती थीं, लेकिन NOC न मिलने के कारण उन्होंने VRS का फैसला किया. अनामिका सिंह इससे पहले नीति आयोग में डायरेक्टर पद पर तैनात रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी छवि एक सक्षम और सक्रिय अधिकारी की रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र में प्रतिनियुक्ति नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है. अनामिका सिंह यूपी के तेज तर्रार अफसर मानी जाती थीं. उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में अलग-अलग विभागों में अहम जिम्मेदारी निभाई हैं. अनामिक सिंह साल 2004 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. हाल ही में उनका नाम चर्चा में आया था, जब उन्हें बरेली मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया गया था. लेकिन तबादले के दो दिन बाद भी उनके बरेली आने की कोई जानकारी नहीं मिली थी, इसी बीच शाम को एक और लिस्ट आई जिसमें उनके तबादले को रद्द कर दिया गया था.

खाप पंचायत में बनी सहमति: जाति से ऊपर उठकर करें मतदान

मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर में सर्वजातीय खाप पंचायत में वक्ताओं ने गिरते सामाजिक परिवेश और राजनीतिक स्तर पर चिंता व्यक्त की। लोगों से व्यर्थ खर्च पर रोक लगाकर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में आवश्यक मदद करने का आह्वान किया गया। आधुनिकता की दौड़ से बाहर निकलकर पारिवारिक और सामाजिक स्तर में सुधार के साथ ही प्रस्ताव पास किया गया कि दल कोई भी हो, लेकिन बुरे व्यक्ति को वोट न दिया जाए। पंचायत में इन सहित 14 प्रस्ताव पर सहमति बनी। गांव मुस्तफाबाद पचेंडा कलां के जनता इंटर कॉलेज में समाज सुधारक डॉ. रविराज आर्य की 31वीं पुण्यतिथि पर सर्वजातीय खाप पंचायत का आयोजन किया गया। अध्यक्षता रुहल खाप के चौधरी जयभगवान रुहल ने की। मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल ने कहा कि बड़ी उम्र में हो रहे विवाह चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि विवाह दिन में होना चाहिए। वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान कैमरा, रील पर अधिक ध्यान केंद्रित नहीं होना चाहिए।   ध्यान विवाह संस्कार का रखा जाए, किसी भी सूरत में शराब सेवन न हो। उन्होंने कहा कि रस्म पगड़ी का कार्यक्रम भी सादगी के साथ होना चाहिए। मोबाइल के दुरुपयोग से भावी पीढ़ी को बचाना होगा। वक्ताओं ने भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए बुराई छोडने और अच्छाइयों को ग्रहण करने पर जोर दिया। पंचायत में इन प्रस्तावों पर भी बनी सहमति विवाह उचित युवावस्था में माता-पिता की सहमति से हो। सद्भावना, सर्वसमाज एकता, आपसी भाईचारा कायम हो। दूध बेचने और व्यर्थ पेट्रोल फूंकने से समाज के लोग बचें। बच्चों को व्यायाम, सात्विक भोजन के लिए प्रोत्साहित करें। माता-पिता घर में मोबाइल का प्रयोग बहुत सीमित करें। बच्चों को कहानियों में दी जाने वाली शिक्षाओं से जोड़ें। विपरीत परिस्थितियों में बच्चों से सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें। एकल परिवार की अपेक्षा संयुक्त परिवार को बढ़ावा दें।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य

इंटीग्रेटेड ई-चालान प्रणाली से प्रदेश में रोड एक्सीडेंट में कमी लाने की कवायद तेज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य  वाहन, सारथी एप, ई-डार, आई रैड और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए बनेगा एआई आधारित प्लेटफॉर्म लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट में कमी लाने के उद्देश्य से ई-चालान प्रक्रिया का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। इस क्रम में ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात व परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ई-चालान पोर्टल का विस्तार, दुर्घटना डेटा विश्लेषण और बीमा एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रक्रिया के तहत ई-चालान प्रणाली के वाहन और सारथी एप के इंटीग्रेशन के साथ-साथ एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। साथ ही वाहन बीमा को भी ई-चालान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों से रोड एक्सीडेंट और इस दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयेगी। प्रदेश सरकार के ये कदम राज्य में रोड सेफ्टी को नई दिशा प्रदान करेंगे। प्रदेश के 17 जनपदों में ई-चालान पोर्टल की इंटीग्रेशन प्रक्रिया शुरू  प्रदेश में रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट के दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अमल में लाया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुई मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद यूपी परिवहन विभाग एवं यातायात निदेशाल ने ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त प्रयास से पूरे प्रदेश में ई-चालन प्रक्रिया के इंट्रीग्रेशन का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया है। इस क्रम में सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के चालानों का ई-चालान पोर्टल पर इंटीग्रेशन किया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 17 जनपदों में प्रक्रिया एनआईसी के माध्यम से शुरू की जा चुकी है। शेष जनपदों में भी जल्द ही शुरू की जाएगी। इससे एक ओर तो चालानों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी साथ ही डिफॉल्टर वाहन मालिकों पर त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी।   एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए विकसित होगा ऑनलाइन डैशबोर्ड    यूपी परिवहन विभाग ने सारथी पोर्टल के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी चालानों का एकीकरण पूरा कर लिया है। साथ ही वाहन और सारथी एप, ई-डार, आई रैड ऐप और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म को विकसित किया जा रहा है। एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन और विश्लेषण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने ई-डार और आई रैड ऐप के जरिए सभी जनपदों में रोड एक्सीडेंट और चालानों की डेटा फीडिंग शुरू कर दी है और विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं। ई-चालान और वाहन बीमा को भी किया जाएगा एकीकृत   ई-चालान को वाहन बीमा से जोड़ने और पांच से अधिक चालानों पर प्रीमियम बढ़ाये जाने की भी योजना है। जिससे रोड एक्सीडेंट के मामले में त्वरित इलाज और मुआवजे की व्यवस्था ऑनलाइन प्रक्रिया से की जा सके। नवंबर माह में संपन्न हुई बैठक में बीमा प्रतिनिधियों ने योजाना को सैद्धांतिक सहमति दी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीमियम दरों में बदलाव आईआरडीएआई के माध्यम से ही संभव होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और प्रवर्तन दलों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है जिससे चालान का प्रवर्तन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ये प्रयास उत्तर प्रदेश को रोड सेफ्टी के मामले में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगें।

कानून-व्यवस्था पर फोकस: CM योगी के मेरठ और मुजफ्फरनगर अधिकारियों को सख्त आदेश

 लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में मौजूद 40 भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने SIR के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर में फर्जी वोट जोड़ने की सबसे अधिक शिकायतें आ रही हैं, इसलिए इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. विपक्ष खामोशी से कर रहा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम नहीं जुड़ने दिया जाएगा और किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना भी नहीं चाहिए. उन्होंने संगठन पदाधिकारियों को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि SIR केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला है. योगी ने पदाधिकारियों से कहा कि SIR के दौरान विपक्ष खामोशी से अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम जोड़ने में लगा है, इसलिए कार्यकर्ता लापरवाही न करें. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें मिली हैं. इस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में बूथवार प्रगति, सत्यापन, दावों–आपत्तियों और संवेदनशील इलाकों पर अलग से रिपोर्ट ली गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी में यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से लागू की जाए. सार्वजनिक संदेश किया जारी वहीं दूसरी ओर सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए एक सार्वजनिक संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई शुरू की गई है. जनता से अपील की गई है कि घरेलू या व्यावसायिक कामों में किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें. योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची का शुद्धिकरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.     मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,     उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।

फरियाद लेकर 42 से अधिक लोग पहुंचे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक की सुनीं समस्याएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘जनता दर्शन’ में आये नागरिकों से की मुलाक़ात फरियाद लेकर 42 से अधिक लोग पहुंचे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक-एक की सुनीं समस्याएं  सीएम ने चिकित्सा सहायता, आवास, पुलिस, कब्जे आदि की शिकायत पर अधिकारियों को दिया कार्रवाई का निर्देश  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यस्तताओं के बीच भी सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के हर तबके की खुशहाली के लिए सीएम योगी आमजन से सीधे मुखातिब होकर जनता दर्शन करते हैं। इसके जरिए वे सभी की समस्याएं सुनते और उनका निस्तारण भी कराते हैं। इसी क्रम में सोमवार को भी अपनी फरियाद लेकर ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे हर नागरिक से सीएम योगी ने मुलाकात की। उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी निश्चिंत होकर घर जाइए, हर समस्या का उचित समाधान कराया जाएगा।  आर्थिक सहायता के लिए लगाई गुहार  ‘जनता दर्शन’ में 42 लोग अपनी परेशानी लेकर पहुंचे। इसमें से पांच लोगों ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल से एस्टिमेट बनवाने को कहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार पहले ही दिन से चिकित्सा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। धन के अभाव में किसी का भी इलाज नहीं प्रभावित होगा। प्रदेश में जिस भी जरूरतमंद को इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता होगी तो सरकार सदैव उसके साथ सदैव खड़ी रहेगी।  पुलिस, आवास, अवैध कब्जे की शिकायत पर कार्रवाई का निर्देश  ‘जनता दर्शन’ में लोग पुलिस, अवैध कब्जे की शिकायत लेकर भी पहुंचे। सीएम योगी ने सभी का प्रार्थना पत्र लिया और आदेश दिया कि आमजन से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। इसके बाद शिकायत करने वालों से फीडबैक भी लिया जाए। सरकार हर पीड़ित की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं आवास की मांग को लेकर भी कुछ जरूरतमंदों ने सीएम योगी से निवेदन किया, जिस पर विचार करते हुए उन्होंने पीएम/सीएम आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया।

सीमा पर प्रशासन की सख्ती: यूपी से लाया जा रहा 400 बोरी अवैध धान पकड़ा गया, ट्रक सीज़

बलरामपुर जिला प्रशासन द्वारा अवैध धान परिवहन पर सतत निगरानी रखी जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश की ओर से एक ट्रक में अवैध रूप से धान लाए जाने की जानकारी प्राप्त होते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को पकड़ा। जानकारी के अनुसार ट्रक नंबर सीजी 29 एएफ 0480 में लगभग 400 बोरी अवैध धान लोड था, जिसे बिना वैध दस्तावेजों के जिले की सीमा में लाया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक को रोका, सामग्री की जांच की और धान को कब्जे में लेकर वाहन को संबंधित थाने के सुपुर्द कर दिया है। अवैध गतिविधि पर पुलिस की निगरानी अनुविभागीय अधिकारी नीर नंदेहा ने कहा है कि जिले में धान खरीदी सीजन के दौरान प्रत्येक स्तर पर अवैध गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है। चेक पोस्टों पर निगरानी को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा है कि आगे भी अवैध परिवहन, भंडारण गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी अंतरराज्यीय सीमाओं एवं चेक पोस्टों पर चौकसी को और मजबूत करते हुए 24 घंटे निगरानी की जा रही है। इसके तहत संदिग्ध वाहनों, परिवहन गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक जिले में कुल 76 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 10654.10 क्विंटल अवैध धान एवं 29 चार पहिया वाहन व 10 दोपहिया कुल 39 वाहनों को जब्त किया गया है, जो कि प्रशासन की सतत निगरानी तथा संयुक्त दलों की सक्रियता का परिणाम है। कलेक्टर ने सुबह चेक पोस्ट का किया निरीक्षण कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने रविवार सुबह विकासखण्ड वाड्रफनगर से लगे अंतरराज्यीय चेक पोस्ट धनवार का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने चेक पोस्ट में तैनात कर्मचारियों से जांच प्रक्रिया तथा सुरक्षा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने धान के अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कटारा ने कहा कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अवैध परिवहन पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेक पोस्ट पर वाहनों की जांच प्रक्रिया, सीसीटीवी, वाहनों के प्रवेश-निकास पंजी तथा कर्मचारियों की ड्यूटी सूची का भी अवलोकन किया। उन्होंने चेक पोस्ट में संबंधितों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे हर स्थिति में सतर्क रहें और आने-जाने वाले सभी वाहनों की सघन जांच सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी वाहन में धान या अन्य कृषि उपज परिवहन का संदेह हो, तो उसकी पूरी जांच करें।

पर्यावरण शिक्षा में नया अध्याय: यूपी में 500 करोड़ की लागत से बनेगी पहली फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैंपियरगंज में बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करीब एक वर्ष पहले की थी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) फाइनल हो गई है। इसे करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जल्द ही डीपीआर कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के लिए रखी जाएगी। विश्वविद्यालय के अधिनियम का ड्राफ्ट भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय करीब 125 एकड़ में बनाया जाएगा। यहां वानिकी, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी व औद्यानिकी की पढ़ाई कराई जाएगी। छह सितंबर 2024 को जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन के दौरान ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वानिकी विश्वविद्यालय की घोषणा की थी। बजट में भी 50 करोड़ रुपये की प्रविधान कर दिया गया था। जटायु संरक्षण केंद्र के पास ही 125 एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी है। यहां वानिकी (फारेस्ट्री), कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक (हार्टिकल्चर) जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाएंगे। विश्वविद्यालय में 500 कमरों के छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल का मैदान बनाया जाएगा। शिक्षकों के लिए आवास का भी निर्माण यहां होगा।   इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जैव तकनीक का विकास होगा। वन्यजीवों तथा जलवायु परिवर्तन के संबंध में ज्यादा सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश से विद्यार्थी वन्यजीव एवं उनके संरक्षण पर शोध कर सकेंगे। साथ ही छात्र पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन एवं उद्यानिकी व वानिकी से संबंधित विषयों पर शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। डीपीआर कैबिनेट से पास होने के बाद इसका टेंडर होगा और विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।  

1038.27 मेगावॉट क्षमता ने बढ़ाई ऊर्जा आत्मनिर्भरता की रफ्तार

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और स्पष्ट नीति निर्देशन का ही परिणाम है कि राज्य में सौर ऊर्जा के तीन लाख इंस्टॉलेशन (3,00654) का लक्ष्य पार कर लिया है। उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में जो उपलब्धि हासिल की है वह ऐतिहासिक है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी सौर राज्यों में शामिल करती है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस मामले में गुजरात और महाराष्ट्र ही उत्तर प्रदेश से आगे हैं ।  आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 983915 आवेदनों में से 300654 इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। राज्य में सौर ऊर्जा की कुल इंस्टॉलेशन क्षमता 1038.27 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है जिससे लाखों परिवारों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा प्राप्त हो रही है।  पिछले 8 वर्षों में योगी आदित्यनाथ सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा को अपनी प्राथमिकता में शामिल किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर रूफटॉप की पहुंच बढ़ाने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध इंस्टॉलेशन पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम सूर्यघर योजना और राज्य की नई सौर नीति के जरिए बड़े पैमाने पर अवसंरचना तैयार की गई जिसने ऊर्जा क्षेत्र में विश्वास और सरलता का नया माहौल बनाया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की यह तेज प्रगति आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। मौजूदा 1038.27 मेगावॉट क्षमता न सिर्फ बिजली की मांग को संतुलित कर रही है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। इसका लाभ उद्योगों कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से मिल रहा है जिससे प्रदेश की आर्थिक गति और तेज हो रही है। इस उपलब्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। सोलर इंस्टॉलेशन से गांवों में बिजली बिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। कई परिवार अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को बेचकर सालाना आय भी बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि सौर ऊर्जा के लिए आवेदन संख्या लगातार बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी बाजारों में तेजी से उभर रहा है। सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में गति और पारदर्शिता दोनों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि तीन लाख इंस्टॉलेशन का लक्ष्य पार करना केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि यह उस नए ऊर्जा ढांचे का प्रतीक है जिसकी ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के तीनों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश ने जो उपलब्धि दर्ज की है वह आने वाले वर्षों में देश के नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।