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सीएम योगी का बड़ा बयान: यूपी में जनजातीय संरक्षण को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातियों के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए मिशन मोड में काम कर रही है। पहले नौकरी में उनको उचित भागीदारी नहीं मिल पाती थी। उनके कोटे की पूरी सीटें नहीं भर पाती थीं। हमने पुलिस की 60244 भर्तियां की तो इसमें आरक्षित कोटे की सभी सीटें अनुसूचित जातियों और जनजातियों से ही भरी। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं में उनको उचित भागीदारी मिल रही है। उनकी शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है।   उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन सबके लिए प्रेरणादायी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को पूरा देश जान सके, यह अवसर जनजातीय गौरव पखवाड़ा के माध्यम से पूरे देश को उपलब्ध कराया है। मुख्यमंत्री इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जनजातीय भागीदारी महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मौके पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव के रंगों में सराबोर रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ करते हुए न सिर्फ ढोलक की थाप से कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि कहा कि जनजातीय समाज भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जिसने हजारों वर्षों तक प्रकृति और परंपरा के संतुलन को बनाए रखा। यह विशेष उत्सव भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो 13 से 18 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समूहों के लोक कलाकार, कारीगर, छात्र और प्रतिनिधि अपनी कला, संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन करेंगे।  

उत्तर प्रदेश होगा साझीदार राज्य, 343 ओडीओपी स्टॉल एवं 2750 प्रतिभागी लेंगे भाग

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 उत्तर प्रदेश की विश्व पटल पर नई आर्थिक उड़ान उत्तर प्रदेश होगा साझीदार राज्य, 343 ओडीओपी स्टॉल एवं 2750 प्रतिभागी लेंगे भाग  आगरा का पेठा, बनारसी हस्तशिल्प, भदोही की कार्पेट और मेरठ के खेल सामान जैसे राज्य के ओडीओपी उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार 150 से अधिक युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमी अतंर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में करेंगे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश के ग्रामीण व स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच, निर्यात को मिलेगा बढ़ावा  लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की थीम पर आधारित 44वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले 2025 का आयोजन भारत मंडपम, नई दिल्ली में 14 से 27 नवंबर तक किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजित किये जा रहे अतंर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के साथ "साझेदार राज्य" के रूप में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश 44वें अतंर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में अपनी “लोकल टू ग्लोबल” की आर्थिक रणनीति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा। जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक व्यापर के केंद्र के तौर पर विकसित करना, साथ ही प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा इस मेले को राज्य की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना, युवा स्टार्टअप्स और बढ़ती हुई महिला उद्यमिता को प्रदर्शित करने के लिये भी की जाएगी।  भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश एक साझीदार राज्य के रूप में शामिल हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “लोकल टू ग्लोबल” की मुहीम को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के उद्देश्य से राज्य के 2,750 से अधिक प्रदर्शक भागीदारी करेंगे। साथ ही इस मेले में 343 स्टॉल ओडीओपी योजना के अंतर्गत स्थापित किए जायेंगे। व्यापार मेले में राज्य की ओर से लगाये जा रहे ओडीओपी स्टॉल्स में आगरा का पेठा, बनारसी हस्तशिल्प, भदोही की कार्पेट, मेरठ के खेल सामान, कानपुर के चमड़े के उत्पाद, फिरोजाबाद के ग्लासवेयर और सहारनपुर की लकड़ी की कलाकृतियों जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज के साथ पेश किए जा रहे ये उत्पाद अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में प्रवेश करने की क्षमता रखते हैं। मेले के दौरान विदेशी निवेशकों एवं प्रतिनिधिमंडलों के साथ ओडीओपी उत्पादकों की बी टू बी मीटिंगस का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। यूपी सरकार विशेष तौर पर राज्य के युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दे रही है। उत्तर प्रदेश से लगभग 150 से अधिक युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमी भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में अपनी नवोन्मेषी पहल पेश करने के लिये भेजे जाएगें। ये स्टार्टअप्स न केवल रोजगार सृजन कर रहे हैं, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। महिला उद्यमियों की भागीदारी न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी प्रतीक हैं, ये महिलाएं गांवों से निकलकर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। मेले में उनके लिए विशेष वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग सेशन आयोजित किये जाएंगे, जहां वे  निवेशकों और खरीदारों से प्रत्यक्ष जुड़ेंगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 के दौरान ओडीओपी उत्पादों के लिए विशेष 'ग्लोबल मार्केट एक्सेस' सेमिनार किए जाएगें साथ ही डिजिटल शोरूम भी निर्मित किये जाएगें , जो भविष्य में निर्यातकों को राज्य की ओर आकर्षित करेंगे। साथ ही ओडीओपी उत्पादों को लेकर विदेशी दूतावासों और व्यापार मंडलों के साथ समझौतों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 के माध्यम से उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी कर रहा है, जहां राज्य के स्थानीय उत्पाद वैश्विक ब्रांड बनेंगे और राज्य की ग्रामीण इकाईयां वैश्विक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेंगी।

517 जनजातीय बहुल गांवों में सैचुरेशन आधारित विकास, धरती आबा अभियान बना बदलाव की धुरी

जनजातीय गौरव को नई पहचान, योगी सरकार ने बदली वंचित समाज की तस्वीर 517 जनजातीय बहुल गांवों में सैचुरेशन आधारित विकास, धरती आबा अभियान बना बदलाव की धुरी थारू, बुक्सा और अन्य जनजातियों के लिए योगी सरकार का सुरक्षा कवच, आवास से आजीविका तक बड़ा विस्तार थारू हस्तशिल्प कंपनी ने खोले राष्ट्रीय बाजार के दरवाजे, 371 समूहों को मिला आर्थिक संबल एकलव्य मॉडल स्कूलों और सर्वोदय छात्रावासों से जनजातीय बच्चों के लिए शिक्षा बनी नई ताकत पीएम जनमन से वन क्षेत्रों में बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल की सीधी पहुंच, बुक्सा जनजाति के 815 परिवार हुए संतृप्त परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना से युवाओं को बड़ा लाभ, सैकड़ों की प्रशासनिक सेवाओं में एंट्री विमुक्त और घुमंतू समुदायों के लिए योगी सरकार का बड़ा हस्तक्षेप, शिक्षा और निवास योजनाओं से जीवन में आया स्थायित्व लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जनजातीय समाज के जीवन में जो बदलाव आया है, वह सिर्फ योजनाओं का विस्तार नहीं बल्कि सम्मान और अधिकारों की पुनर्स्थापना की एक बड़ी कहानी है। लंबे समय तक उपेक्षित रहे इन समुदायों को योगी सरकार ने न केवल मुख्य धारा में जगह दिलाई बल्कि उनकी परंपराओं, जरूरतों और सपनों को शासन की प्राथमिकता बनाया। मुख्यमंत्री की सोच हमेशा यही रही है कि विकास तभी सार्थक है जब वंचितों को वरीयता मिले और अंत्योदय से सर्वोदय का रास्ता खुले। प्रदेश में थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी, राजी, गोंड, बैगा, सहरिया, मुसहर और चेरो जैसी जनजातियों के 11 लाख से अधिक लोगों के जीवन को बदलने के लिए सरकार ने योजनाएं जमीन पर उतारीं। वनाधिकार अधिनियम के तहत आवासीय अधिकार दिए गए, मुख्यमंत्री आवास योजना से वनवासियों को पक्के घर मिले और पीएम जनमन योजना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाओं को सीधे उनके द्वार तक पहुंचाया गया। खास तौर पर बुक्सा जनजाति के 815 परिवारों को हर सुविधा से संतृप्त कर एक नई मिसाल पेश की गई। 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' और 'धरती आबा जनभागीदारी अभियान' ने जनजातीय इलाकों में विकास की असली तस्वीर बदली। 26 जिलों के 517 गांवों तक पहुंचकर सरकार ने कनेक्टिविटी से लेकर आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला, जनधन, किसान सम्मान निधि और विश्वकर्मा जैसी योजनाओं का सैचुरेशन कराया। सोनभद्र, ललितपुर, कुशीनगर, बलरामपुर से लेकर बिजनौर तक इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर लगातार बढ़े हैं। जनजातीय संस्कृति को संजोने पर भी भरपूर जोर दिया गया। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू संग्रहालय स्थापित हुआ और मिर्जापुर, सोनभद्र, महराजगंज में नए संग्रहालयों पर तेजी से काम चल रहा है। थारू समुदाय की कला और कौशल को राष्ट्रीय बाजार दिलाने के लिए लखीमपुर खीरी में थारू हस्तशिल्प कंपनी बनाई गई। इसमें जुड़े 371 समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड देकर आत्मनिर्भरता की राह दिखाई गई। शिक्षा को जनजातीय उन्नति का आधार बनाते हुए एकलव्य मॉडल स्कूल, सर्वोदय छात्रावास और आश्रम पद्धति विद्यालयों में बच्चों को पूरी सुविधा मिल रही है। लखीमपुर खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर के एकलव्य विद्यालयों ने दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को नई दिशा दी है। ये पहलें साफ बताती हैं कि योगी सरकार जनजातीय बच्चों की शिक्षा को भविष्य निर्माण का सबसे मजबूत आधार मानती है। मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि विकास की असली कसौटी भागीदारी है। पुलिस भर्ती में आरक्षित सभी सीटें पूरी तरह भरना इसी परिवर्तन का संकेत है। परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र योजना से 700 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन, साढ़े 06 हजार युवाओं को प्रशिक्षण और आठ उच्चस्तरीय केंद्रों की स्थापना ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए नई संभावनाएं खोली हैं। विमुक्त और घुमंतू समुदायों को भी सरकार ने बराबर महत्व दिया। नट, बंजारा, सांसी, कंजर, कालबेलिया जैसे समुदायों के लिए 101 आश्रम पद्धति विद्यालय, 9 सर्वोदय विद्यालय और अनेक छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इन समुदायों को सामाजिक सुरक्षा, आवास और आजीविका से जोड़कर सरकार ने उन्हें सम्मानजनक जीवन की राह दी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ढोल-नगाड़ों की थाप से जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया

भारत की स्वाधीनता के पक्षधर थे भगवान बिरसा मुंडाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ढोल-नगाड़ों की थाप से जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया भगवान बिरसा मुंडा ने दिया नारा, देश हमारा है तो राज भी हमारा ही होना चाहिए, विदेशी हुकूमत भारत में राज न करेः मुख्यमंत्री उत्सव में उत्तर प्रदेश आकर 22 राज्यों के कलाकार बन रहे सहभागी बोले सीएम- जनजातियों को दिया जा रहा विकास की योजनाओं का लाभ सीएम योगी ने विकास कार्यों को भी गिनाया लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा भारत की स्वाधीनता के पक्षधर थे। इसके लिए उन्होंने अभियान चलाया, जिस पर तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार किया। मात्र 25 वर्ष की आयु में उन्होंने रांची की जेल में अंतिम सांस ली। उन्होंने जनजाति समुदाय को नारा दिया कि अपना देश-अपना राज। देश हमारा है तो राज भी हमारा ही होना चाहिए, विदेशी हुकूमत भारत में राज न करे। धरती आबा को श्रद्धांजलि देते हुए पीएम मोदी ने 15 नवंबर को जनजाति दिवस के रूप में आयोजित करने की प्रेरणा दी। सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गुरुवार को ढोल-नगाड़ों की थाप से जनजाति भागीदारी उत्सव का शुभारंभ किया। सीएम ने यहां लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान मेजबान उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के जनजाति कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति भी दी। सीएम योगी ने इस वर्ष की विशेषता बताते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पहली से 15 नवंबर तक देश में जनजाति गौरव पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। सरकार द्वारा जनजाति समुदाय को समाज व राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने व सम्मान के साथ आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। 22 राज्यों के कलाकार उत्तर प्रदेश आकर बन रहे सहभागी सीएम योगी ने कहा कि सांस्कृतिक समागम में 22 राज्यों के कलाकारों को जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। कलाकार सहभागिता की दृष्टि से अरुणाचल प्रदेश पार्टनर स्टेट है। गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, सिक्किम, उड़ीसा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, मिजोरम, गोवा, केरल, पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, झारखंड व पंजाब के कलाकार उत्तर प्रदेश में आकर जनजाति भागीदारी उत्सव में सहभागी बन रहे हैं। यहां हस्तशिल्प व कला प्रदर्शनी, व्यंजन मेला और जनजाति साहित्य को समर्पित साहित्यिक व विकास मंच भी है। जनजाति समुदाय की शिक्षा का बढ़ा स्तर, मिल रहा शासन की योजनाओं का लाभ सीएम योगी ने कहा कि जनजातीय समुदाय की आबादी यूपी में कम है। पहले सरकारी नौकरी के विज्ञापन निकालते थे तो अनुसूचित जाति की पूरी सीटें नहीं भरी पाती थीं। अभी हाल में 60,244 पुलिस की भर्ती की गई तो इसमें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें उसी समाज के युवाओं से भरी गईं। यह चीजें दिखाती हैं कि उनके शिक्षा का स्तर, भागीदारी बढ़ी है। शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। जनजातियों को दिया जा रहा विकास की योजनाओं का लाभ सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने तय किया कि उत्तर प्रदेश में जितनी भी जनजातियां हैं, उन्हें अधिकार प्राप्त हो और उन्हें सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने की दिशा में कार्य हो। थारू, मुसहर, चेरो, बुक्सा, सहरिया, कोल, गौड़ आदि जनजातियों को शासन की सभी योजनाओं से आच्छादित करने के लिए सरकार ने मिशन मोड पर अभियान चलाया। परिणामस्वरूप ज्यादातर जनजातियों को विकास की योजनाओं (कनेक्टिविटी, पेयजल, बिजली, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत) का लाभ दिया जा रहा है। सीएम ने की प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महाभियान की चर्चा सीएम ने कहाकि जनजाति समुदाय के लिए पीएम जनमन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान के माध्यम से अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। बिजनौर में बुक्सा जनजाति को सूची में श्रेणीबद्ध किया गया है। इसके तहत 815 परिवारों को, इसमें बुक्सा जनजाति के 145 पीएम आवास व समस्त घरों के विद्युतीकरण, पेयजल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी सेंटर, पांच बसावटों में मोबाइल टावर, पांच मल्टीपर्पज सेंटर व पांच वनधन केंद्र स्वीकृत किए जा चुके हैं। जनजातीय बाहुल्य 517 गांवों को सभी योजनाओं से जोड़ने का किया गया कार्य मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जितनी भी अनुसूचित जनजाति की बस्तियां हैं, धरतीआबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत उन्हें सभी सुविधाओं से आच्छादित किया जा रहा है। इसके लिए 26 जनपदों के 47 ब्लॉक व 517 ग्रामों को चिह्नित किया है। इनमें सोनभद्र में सर्वाधिक 176 गांव, बलिया के 61, ललितपुर के 36, देवरिया, लखीमपुर खीरी व कुशीनगर के 34-34, गाजीपुर के 26, मीरजापुर के 20, गोरखपुर के 18, चंदौली के 17, बलरामपुर के 16, पीलीभीत, प्रयागराज व सिद्धार्थनगर के 7-7, बिजनौर के 5, बहराइच व बस्ती के तीन-तीन, बाराबंकी, भदोही, महराजगंज, श्रावस्ती के दो-दो, अंबडेकरनगर, महोबा, संतकबीरनगर, जौनपुर, सीतापुर के एक-एक गांव को आच्छादित करने का कार्य किया गया है। जनजातीय बाहुल्य 517 गांवों की कनेक्टिविटी से लेकर सभी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया गया है। इनका आधार, आयुष्मान कार्ड, पीएम उज्ज्वला योजना, जाति-निवास प्रमाण पत्र, मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम विश्वकर्मा योजना, राशन कार्ड आदि की व्यवस्था के साथ ही यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को डबल इंजन सरकार ने आच्छादित करने की स्वीकृति दी। जनजाति गौरव की पुनर्स्थापना के साथ ही समाज को बढ़ा रही डबल इंजन सरकार सीएम योगी ने अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति का जिक्र किया। कहा कि हम लोगों ने अब तक 1.50 लाख छात्रों को इन योजनाओं से लाभान्वित किया है। 9 आश्रम पद्धति विद्यालय लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, बहराइच, महराजगंज, श्रावस्ती, बिजनौर में संचालित हैं। इनके माध्यम से 2026 जनजाति छात्र-छात्राओं को शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। जनजाति छात्रों के लिए दो निःशुल्क छात्रावास का संचालन किया जा रहा है। 8 छात्रावास (लखीमपुर खीरी, चंदौली में दो-दो, बलिया, गोरखपुर, मीरजापुर, सोनभद्र में एक-एक) निर्माणाधीन हैं। जनजाति छात्रों के लिए लखीमपुर खीरी, बहराइच व सोनभद्र में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित है और ललितपुर में निर्माणाधीन है। कक्षा छह, 9 व 11 की वे छात्राएं, जो आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत नहीं हैं, उन्हें यूनिफॉर्म, साइकिल योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सीएम ने वनाधिकार अधिनियम की … Read more

टिकट रद्द होने से रेलगाड़ियाँ दिल्ली के लिए हुईं खाली, यात्रियों में निराशा

 प्रयागराज दिल्ली में हुए धमाके के बाद गुरुवार को भी रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता नजर आई। जहां स्टेशनों पर जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली रूट की ट्रेनों में यात्रियों की संख्या घटने लगी है। बीते दो दिनों में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में 30 हजार से अधिक आरक्षित टिकट रद्द किए गए हैं। अकेले प्रयागराज जंक्शन पर 8100 से ज्यादा टिकट निरस्त हुए हैं। इनमें दिल्ली के यात्री भी शामिल है। विस्फोट की घटना के बाद प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में टिकट निरस्त कराने का आंकड़ा बढ़ा है। इसका असर यह हुआ है कि अब वंदे भारत और हमसफर जैसी वीआईपी ट्रेनों में भी बर्थ आसानी से मिल रही है। गुरुवार को वाराणसी नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (22415) में रात साढ़े सात बजे तक चेयर कार की 230 सीटें खाली थीं, जबकि नई दिल्ली हमसफर एक्सप्रेस के एसी-थ्री में 165 बर्थ तत्काल कोटे में उपलब्ध थीं जो सामान्य दिनों में संभव नहीं होता। वहीं, 15 नवंबर के लिए 532 सीटें खाली हैं। इसी तरह 14 नवंबर की यात्रा के लिए वंदे भारत (22435) के चेयरकार में 444 सीटें खाली हैं। प्रयागराज मंडल के आंकड़ों के अनुसार, 10 और 11 नवंबर को प्रयागराज मंडल में कुल 30,909 आरक्षित टिकट निरस्त हुए। इसमें प्रयागराज जंक्शन पर 8,106, जबकि केवल 11 नवंबर को 4,022 टिकट कैंसिल हुए।

स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ साथ प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 जनपदों का पर्यवेक्षण भी करेंगे संयुक्त निदेशक

आपदा से सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठा रही योगी सरकार संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र (वाराणसी जोन) की होगी नियुक्ति स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ साथ प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 जनपदों का पर्यवेक्षण भी करेंगे संयुक्त निदेशक  आपात स्थिति को तुरंत काबू करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित रेस्क्यू ग्रुप तैयार किया जाएगा, फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर करेगा रेस्क्यू कार्य  ग्रुप के जरिए दैवीय आपदाओं, अग्निकांड, रासायनिक, जैविक, आपात स्थितियों और अन्य खतरों से निपटने के लिए मिलेगी फौरी मदद  सरकार ने यूपी अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली 2024 के तहत इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है  योगी सरकार के निर्णय से वाराणसी जोन के 10 जनपदों की सुरक्षा को मिलेगा नया आयाम  अभी तक वाराणसी में चीफ फायर ऑफिसर की देखरेख में चल रही व्यवस्था  वाराणसी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी को विकास का मॉडल बनाने वाली योगी आदित्यनाथ सरकार आपदाओं से जनमानस को सुरक्षित रखने के लिए और बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अग्निशमन विभाग को आधुनिक रूप देने के निर्देश दिए थे। दैवीय आपदाओं, अग्निकांड, रासायनिक, जैविक व ऊंची इमारतों की आपात स्थितियों और अन्य खतरों से निपटने के लिए विशेष इकाइयों का गठन होगा। इसके साथ ही संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र (वाराणसी जोन) की नियुक्ति होगी।  संयुक्त निदेशक स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के साथ साथ प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 10 जनपदों का पर्यवेक्षण भी करेंगे। वाराणसी जोन में किसी भी आपात स्थिति को तुरंत काबू करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित रेस्क्यू ग्रुप तैयार किया जाएगा, जो फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर रेस्क्यू कार्य करेगा। सरकार ने यूपी अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली 2024 के तहत इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है, जिससे वाराणसी जोन की सुरक्षा में नया आयाम जुड़ेगा। विशेष रेस्क्यू ग्रुप: फर्स्ट रिस्पांडर की मजबूत टीम प्रदेश में विकास केवल अवसंरचना तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के आधुनिक दृष्टिकोण से भी जुड़ा हुआ है। काशी जैसी प्राचीन नगर में,  जहाँ धार्मिक आयोजन और पर्यटक गतिविधियाँ पूरे वर्ष चलती हैं, ऐसे में यह रेस्क्यू ग्रुप शहर को आपात स्थितियों में अधिक सुरक्षित और सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्य अग्निशमन  अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने बताया कि वाराणसी में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए संयुक्त निदेशक के नियंत्रण में विशेष रेस्क्यू ग्रुप गठित किया जाएगा। रेस्क्यू ग्रुप के सभी सदस्यों को आधुनिक उपकरणों और नवीन तकनीकों के साथ प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वाराणसी सहित पूर्वांचल में किसी भी संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। यह ग्रुप फर्स्ट रिस्पांडर के तौर पर रेस्क्यू कार्य संभालेगा।  संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र- वाराणसी, दस जनपदों की करेंगे निगरानी  संयुक्त निदेशक अग्निशमन प्रक्षेत्र- वाराणसी, दस जनपदों की निगरानी करेंगे। वे वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र का प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण भी करेंगे। आपदा या आकस्मिक स्थितियों में रेस्क्यू दल तुरंत मौके पर पहुँच कर राहत, बचाव और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।  संयुक्त निदेशक के अधीन होगा संचालन अग्निशमन प्रक्षेत्र (वाराणसी जोन) के प्रभारी अधिकारी के रूप में संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी कार्य करेंगे, जो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समकक्ष पद पर होंगे। उनके अधीन यह स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप कार्य करेगा। अभी तक यहां मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के नेतृत्व में कार्य हो रहा है।  स्पेशली ट्रेंड रेस्क्यू ग्रुप के सदस्य का पदनाम और संख्या  अग्निशमन द्वितीय अधिकारी- 01 लीडिंग फायरमैन- 02  फायर सर्विस चालक- 02 फायरमैन- 16  कुक-01

अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र की अवधि 5 साल करने पर उद्यमियों को मिली बड़ी राहत

योगी सरकार का ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में बड़ा फैसला गैर-आवासीय भवनों की अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र (NOC) की वैधता को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र की अवधि 5 साल करने पर उद्यमियों को मिली बड़ी राहत  संवेदनशील हॉस्पिटल एवं हाई हैजार्ड इण्डस्ट्रियल भवनों पर पहले वाले नियम लागू उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली को बनाया गया आसान नए प्रारूप में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन और प्रारूप को किया गया छोटा अधिक तेजी और आसानी से ऑनलाइन आवेदन एवं फायर एन०ओ०सी० प्राप्त होगी निवेश को बढ़ावा मिलेगा,  रोजगार सृजन तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा  लखनऊ योगी सरकार ने उद्यमियों को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली, 2024 को पहले से ज्यादा सरल बना दिया है। वर्तमान समय में अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र (NOC) विभिन्न प्रकार के भवनों के उपयोग के वर्गीकरण के आधार पर दिया जाता है। नेशनल बिल्डिंग कोड (एन०बी०सी०) के अनुसार भवनों को निम्न प्रकार में वर्गीकृत किया गया है- यह हैं रेजिडेंशियल टाइप ऑक्यूपेन्सी, एजुकेशनल टाइप ऑक्यूपेन्सी, इन्स्टीट्यूशनल टाइप ऑक्यूपेन्सी, असेम्बली टाइप ऑक्यूपेन्सी, बिजनेस टाइप ऑक्यूपेन्सी, मर्केन्टाइल टाइप ऑक्यूपेन्सी, इंस्ट्रियल टाइप ऑक्यूपेन्सी, स्टोरेज टाइप ऑक्यूपेन्सी और हैजार्डस टाइप ऑक्यूपेन्सी।  मौजूदा नियमों के अनुसार उपरोक्त भवनों के लिए वर्तमान समय में अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र की अवधि आवासीय भवनों (होटल से भिन्न) के लिये 5 वर्ष और गैर-आवासीय भवनों के लिये के लिये 3 वर्ष  है। वहीं होटलों, अस्पतालों और अत्यधिक संकट वाले औद्योगिक भवनों के लिये 1 वर्ष निर्धारित है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा नियमावली, 2024 के प्रावधानों में बदलाव किया है। अत्यधिक संवेदनशील हॉस्पिटल (इन्स्टीट्यूशनल ऑक्यूपेन्सी) एवं हाई हैजार्ड इण्डस्ट्रियल भवनों को छोड़कर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए शेष समस्त भवनों भवनों/ऑक्यूपेंसी के अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्रों की वैधता 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने का फैसला किया गया है।  योगी सरकार के इन सुधारों से निवेशकों, उद्यमियों एवं आम नागरिकों को काफी लाभ मिलेगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस " की नीति के तहत किया गया है। इससे उत्तर प्रदेश में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा । नए फैसले से रोजगार सृजन तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।  इसी प्रकार बिजनेस को सुविधाजनक बनाने के लिए अग्निशमन तथा आपात सेवा विभाग की एन०ओ०सी० निर्गमन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। पहले ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदकों से अपेक्षित सूचनाओं प्राप्त करने के संबंध में प्रारूप में अपूर्णता थी। क्वालीफाइड एजेंसी, फायर लिफ्ट सुरक्षा प्रमाण पत्र, विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र आदि पूर्व में सम्मलित नहीं थे। नए प्रारूप में आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन एवं फायर एन०ओ०सी० प्राप्त करने में सुगमता, सरलता पारदर्शिता और समयबद्धता रहेगी।  योगी सरकार के नए फैसले से औद्योगिक विकास, नगरीकरण, आपदाओं तथा सम्भावित अग्नि दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी । इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ करने और ईज आफ डूइंग बिजनेस के उद्देश्यों की पूर्ति आसान हो जाएगी। इन सुधारों से आम नागरिकों को त्वरित सेवा प्राप्त होगी तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी।

68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम’ श्रेणी के लिए मिला नामांकन

साउंड्स ऑफ कुंभ’ के माध्यम से  वैश्विक मंच पर प्रयागराज की दमदार दस्तक 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम’ श्रेणी के लिए मिला नामांकन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ न केवल एक आध्यात्मिक महोत्सव के रूप में प्रतिष्ठित हुआ, बल्कि यह एक वैश्विक सांस्कृतिक मील का पत्थर भी बन गया। इसी असाधारण आयोजन को समर्पित एल्बम “साउंड्स ऑफ कुंभ” को अब 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम’ श्रेणी के लिए नामांकित किया गया है। गायक-संगीतकार सिद्धांत भाटिया की परिकल्पना पर आधारित है एल्बम गायक-संगीतकार सिद्धांत भाटिया की परिकल्पना पर आधारित इस एल्बम में 12 ट्रैक सम्मिलित हैं, जिन्हें भारत और विदेशों के लगभग 50 कलाकारों ने मिलकर साकार किया है। यह एल्बम जनवरी–फरवरी में आयोजित 45 दिवसीय महाकुंभ के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भाव को संजोता है, जिसमें विश्व के कोने-कोने से करोड़ों श्रद्धालु आस्था के इस अद्वितीय संगम का हिस्सा बने। प्राचीन मंत्रोच्चारण और बाइनॉरल बीट्स का है समायोजन प्रयागराज के घाटों पर किए गए लाइव रिकॉर्डिंग्स को प्राचीन मंत्रोच्चारण और बाइनॉरल बीट्स के साथ संयोजित करते हुए, “साउंड्स ऑफ कुंभ” महाकुंभ के दृश्यों और ध्वनियों को एक अनूठे श्रवण अनुभव में परिवर्तित करता है। यह एल्बम भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करता है। ऐसे में, यह सम्मान न केवल महाकुंभ की भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा का प्रतीक है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में की गई सुसंगठित योजना, कुशल प्रबंधन और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रयासों का भी प्रमाण है। ‘साउंड्स ऑफ कुंभ’ के माध्यम से प्रयागराज आज श्रद्धा, संस्कृति और नवाचार का वैश्विक प्रतीक बनकर उभरा है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गुजरात के एकता नगर में भारत पर्व समारोह को किया संबोधित

हमेशा से देश को राह दिखाने वाला राज्य रहा है गुजरातः योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गुजरात के एकता नगर में भारत पर्व समारोह को किया संबोधित सीएम योगी, अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल समेत अतिथियों ने विभिन्न राज्यो की संस्कृतियों को भी देखा भारत की एकता की प्रतिमूर्ति है स्टैच्यू ऑफ यूनिटीः सीएम योगी पीएम मोदी ने विरासत, विकास व गरीब कल्याण की परंपरा को बढ़ाकर वर्तमान पीढ़ी को दी नई प्रेरणाः सीएम योगी नया भारत सुरक्षा, संप्रभुता व अखंडता से समझौता नहीं करताः मुख्यमंत्री सीएम योगी ने विभिन्न पवेलियन व स्टॉल का किया अवलोकन सरदार पटेल ने भारत को एक भारत रखा तो पीएम मोदी के नेतृत्व में 11 वर्ष में देश बन रहा श्रेष्ठ भारतः सीएम योगी एकता नगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुजरात सदैव से देश को राह दिखाने वाला राज्य रहा है। भगवान श्रीकृष्ण उप्र से इस धरा पर आए और द्वारिकाधीश बनकर धर्म की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ाया। स्वामी दयानंद सरस्वती ने इसी धरा से आर्यसमाज के बड़े आंदोलन को बढ़ाने का कार्य प्रारंभ किया था। इस धरा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को स्वाधीनता के अगुआ के रूप में देकर आजादी का मार्ग प्रशस्त किया था। यह भारत की अखंडता के शिल्पी लौहपुरुष सरदार पटेल की भी पावन धरा है। गुजरात भगवान सोमनाथ, नागेश्वर नाथ की पावन धरा है। यह भारत की आध्यात्मिक और विरासत की भूमि है। स्वाधीनता आंदोलन को स्वदेशी से स्वावलंबन की ओर अग्रसर करने वाली धरा है। इस पावन धरा को हर भारतीय नमन करता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को गुजरात के एकता नगर के दौरे पर रहे। वे यहाँ भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘भारत पर्व-2025’ में भी सम्मिलित हुए। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी देखा। सीएम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी पहुंचे और लौहपुरुष को नमन किया। भारत की एकता की प्रतिमूर्ति है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सीएम योगी ने कहा कि 2018 में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के दर्शन का अवसर मिला था। उस समय कुछ दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया था। पिछले सात वर्ष में यहां परिवर्तन हुआ है। विरान जगह को विश्व पर्यटन के व्यस्त डेस्टिनेशन के रूप में कैसे स्थापित किया जा सकता है, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर के तट पर हुआ विकास का यह कार्य दिखाता है। आज दूसरी बार इसके दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत की एकता की प्रतिमूर्ति है। यह पीएम मोदी के विजन का परिणाम है। उनकी विजनरी लीडरशिप में भारत विरासत को सम्मान दे रहा है और विराट व्यक्तित्व के अनुरूप महापुरुषों के गौरवशाली कार्यों को भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्रबिंदु बना रहा है। पीएम मोदी ने देश को विकसित भारत के रूप में स्थापित करने का विजन दिया सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने देश में विरासत, विकास व गरीब कल्याण की परंपरा को बढ़ाकर वर्तमान पीढ़ी को न केवल नई प्रेरणा दी, बल्कि देश को विकसित भारत के रूप में स्थापित करने का विजन भी दिया है। पीएम मोदी काशी से संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं। काशी में काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद वहां प्रतिवर्ष 11 से 12 करोड़ श्रद्धालु आ रहे हैं। अयोध्या में कई पीढ़ियां राम मंदिर बनने की आस लेकर चली गईं, लेकिन उसे मोदी जी ने संभव करके दिखाया और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो गया। आज अयोध्या सुंदरतम नगरियों में से एक हो गई। वहां प्रतिवर्ष छह से 8 करोड़ श्रद्धालु-पर्यटक आकर दर्शन कर रहे हैं। मथुरा-वृंदावन हो या उत्तराखंड में केदारनाथ पुरी व बद्रीनाथ का पुनरोद्धार, मध्य प्रदेश में महालोक हो या देश के अंदर अलग-अलग स्थानों पर भारत की विरासत को सम्मान, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य भी तेजी से हो रहे हैं। किसानों, युवाओं, श्रमिकों, आधी आबादी की आकांक्षाओं के अनुरूप भारत का समग्र विकास हो रहा है। भारत आज तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आस्था के साथ विरासत के सम्मान का महत्वपूर्ण उदाहरण है। हर भारतवासी इसके लिए पीएम मोदी का आभार प्रकट करता है। भारत की अखंडता के शिल्पी थे सरदार वल्लभ भाई पटेल सीएम योगी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत की अखंडता के शिल्पी थे। ब्रिटिशर नहीं चाहते थे कि भारत एक रहे। उन्होंने शरारतपूर्ण तरीके से केवल भारत और पाकिस्तान के नाम पर ही देश का विभाजन ही नहीं किया था, बल्कि उनकी शरारत थी कि देश को इतने टुकड़ों में बांट डालो कि भारत एक न रह सके, लेकिन लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जहां अपनी दूरदर्शिता के कारण 563 देसी रियासतों को भी भारत गणराज्य का हिस्सा बनाकर वर्तमान भारत को एक भारत के रूप में रखा, वहीं पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्ष से भारत को श्रेष्ठ भारत बनाने के कार्य हो रहे हैं। नया भारत सुरक्षा, संप्रभुता व अखंडता से समझौता नहीं करता सीएम योगी ने कहा कि जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद का निजाम भारत गणराज्य में आने में आनाकानी कर रहा था, लेकिन सरदार पटेल ने कहा कि प्यार से मानोगे तो ठीक, वरना और भी तरीके हैं। अंततः उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा। नया भारत देश की सुरक्षा, संप्रभुता व अखंडता से कोई समझौता नहीं करता है। भारत और उसके नागरिकों की सुरक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस करने वाले को कीमत चुकानी ही पड़ेगी। 11 वर्ष में सभी ने देखा कि नया भारत समय आने पर जवाब देता है। सीएम योगी ने गुजरात सरकार व आयोजन से जुड़े लोगों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल कैवल्य त्रिविक्रम परनायक, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, जयवीर सिंह, गुजरात के मंत्री व पोरबंदर विधायक अर्जुन मोधवाडिया आदि मौजूद रहे। गुजरात में उतरा उत्तर प्रदेश, अतिथियों ने देखी सांस्कृतिक प्रस्तुति गुजरात में बुधवार को उत्तर प्रदेश उमड़ पड़ा। यहां के कलाकारों ने भारत पर्व में अपनी अद्भुत प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। उत्तर प्रदेश के साथ ही गुजरात का गरबा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय आदि राज्यों के कलाकारों के लोकनृत्य समेत अनेक सांस्कृतिक … Read more

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश होगा साझीदार राज्य, 343 ओडीओपी स्टॉल एवं 2750 प्रतिभागी लेंगे भाग

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025, उत्तर प्रदेश की लोकल टू ग्लोबल  की आर्थिक रणनीति का वैश्विक प्रदर्शन भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश होगा साझीदार राज्य, 343 ओडीओपी स्टॉल एवं 2750 प्रतिभागी लेंगे भाग  उत्तर प्रदेश अपने युवा स्टार्टअप्स और बढ़ती हुई महिला उद्यमिता का वैश्विक मंच पर करेगा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच    लखनऊ  44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला) का आयोजन इस वर्ष 14 से 27 नवंबर को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की थीम पर आधारित 44वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले 2025 का आयोजन भारत मंडपम नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजित किये जा रहे अतंर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के साथ "साझेदार राज्य" के रूप में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश इस अतंर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी “लोकल टू ग्लोबल” की आर्थिक रणनीति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा। जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक व्यापर के केंद्र के तौर पर विकसित करना, साथ ही प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा इस मेले को राज्य की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना, युवा स्टार्टअप्स और बढ़ती हुई महिला उद्यमिता को प्रदर्शित करने के लिये भी की जाएगी। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वार इसी वर्ष 25 से 29 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 भी “लोकल से ग्लोबल” की थीम पर आधारित था। भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश का पवेलियन राज्य की व्यापारिक प्रगति को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश एक साझीदार राज्य के रूप में शामिल हो रहा है, जिसमें राज्य से 2,750 से अधिक प्रदर्शक भागीदारी करेंगे। जो व्यापार मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “लोकल टू ग्लोबल” की मुहीम को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेंगे। इस मेले में 343 स्टॉल ओडीओपी योजना के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं। व्यापार मेले में राज्य की ओर से लगाये जा रहे ओडीओपी स्टॉल्स में आगरा का पेठा, भदोही की कार्पेट, मेरठ के खेल सामान, कानपुर के चमड़े के उत्पाद, फिरोजाबाद के ग्लासवेयर और सहारनपुर की लकड़ी की कलाकृतियों जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। ये स्टॉल्स न केवल उत्पादों की गुणवत्ता और शिल्पकला को उजागर करेंगे, बल्कि स्थानीय कारीगरों की कहानियों को भी वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करेंगे। आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज के साथ पेश किए जा रहे ये उत्पाद अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में प्रवेश करने की क्षमता रखते हैं। मेले के दौरान आयोजित बी टू बी मीटिंग्स में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने ओडीओपी उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में यूपी सरकार विशेष तौर पर राज्य के युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दे रही है। उत्तर प्रदेश से लगभग 150 से अधिक युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमी मेले में अपनी नवोन्मेषी पहल पेश करने के लिये भेजे जाएगें। राज्य की 'स्टार्टअप पॉलिसी 2020' और 'महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना' के तहत प्रशिक्षित ये उद्यमी कृषि-आधारित तकनीक, हर्बल कॉस्मेटिक्स, हैंडलूम प्रोडक्ट्स और ईको-फ्रेंडली सामग्री पर काम करते हैं। ये स्टार्टअप्स न केवल रोजगार सृजन कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल युग से जोड़ रहे हैं। महिला उद्यमियों की भागीदारी सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है—ये महिलाएं गांवों से निकलकर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। मेले में उनके लिए विशेष वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग सेशन आयोजित किये जाएंगे, जहां वे निवेशकों और खरीदारों से प्रत्यक्ष जुड़ेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'लोकल टू ग्लोबल' रणनीति का मूल आधार निर्यात वृद्धि है। पिछले आठ वर्षों में राज्य ने इस नीति के तहत व्यापार में 132 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2 लाख करोड़ के निर्यात का लक्ष्य प्राप्त किया है। जो कि राज्य की ओडीओपी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों जैसी दूरगामी नीतियों का परिणाम हैं। वर्तमान में राज्य में लगभग 12,000 से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 35 फीसदी से अधिक स्टार्ट अप का संचालन महिलाएं करेंगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 के दौरान ओडीओपी उत्पादों के लिए विशेष 'ग्लोबल मार्केट एक्सेस' सेमिनार किए जाएगें साथ ही डिजिटल शोरूम भी निर्मित किये जाएगें , जो भविष्य में निर्यात को और बढ़ावा देंगे। साथ ही ओडीओपी उत्पादों को लेकर विदेशी दूतावासों और व्यापार मंडलों के साथ समझौतों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 के माध्यम से उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी कर रहा है—जहां राज्य के स्थानीय उत्पाद वैश्विक ब्रांड बनेंगे और ग्रामीण भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेगा।