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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस की सुनवाई तेज, अदालत ने अगली तारीख 7 नवंबर तय की

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुरुवार को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि -शाही ईदगाह मस्जिद विवाद की करीब डेढ़ घंटे सुनवाई चली और अगली तारीख सात नवंबर नियत कर दी गई। न्यायमूर्ति अवनीश कुमार सक्सेना की पीठ के समक्ष वादकारियों की तरफ से वाद की पृष्ठभूमि और अब तक विभिन्न तिथियों में हुए आदेशों के बारे में जानकारी दी गई। अर्जी में क्या कहा? मंदिर पक्ष से वाद संख्या नौ में अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद निर्देश दिया कि पूर्व में प्रतिनिधि रूप के रूप में चयनित वाद संख्या 17 पर शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के आवेदन को लेकर जिन्होंने आपत्ति नहीं दायर की है, वह आगामी तारीख से पहले दे दें। शाही ईदगाह मस्जिद ने अपनी अर्जी में कहा है कि अन्य वाद निरस्त कर केवल वाद संख्या 17 ही सुना जाए। रजिस्ट्री से कहा है कि फाइलों को व्यवस्थित किया जाए।  मामले में पक्षकार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने वाद संख्या तीन में आर्कियोलॉजी सर्वे आफ इंडिया (एएसआइ) से जवाब नहीं मिलने की बात कही। उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी अर्जियों (प्रार्थना पत्रों) को एक साथ करने का आदेश दिया है।  

मोदी-योगी के नेतृत्व में विश्व पटल पर दिव्य स्वरूप में उभर रही अयोध्या : माणिक साहा

-त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने किए रामलला व हनुमानगढ़ी के दर्शन -अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत -बोले, यह परिवर्तन भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण अयोध्या त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा अयोध्या पहुंचे। उन्होंने श्रीरामलला के दरबार में हाजिरी लगाई और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दर्शन कर देश-प्रदेश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर संकटमोचक बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। अयोध्या आगमन पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। साहा ने अयोध्या के तीर्थक्षेत्र के बदलते स्वरूप और तीव्र विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या आज एक नए, भव्य और दिव्य स्वरूप में विश्व पटल पर उभर रही है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का पुनर्जागरण भी है। नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री माणिक साहा का अयोध्या आगमन हम सभी के लिए गौरव का विषय है। अयोध्या आज विश्व के आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है और यह श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में लिया गया निर्णय, मिलेगा सम्मानजनक नया दर्जा

प्रत्येक विद्यालय में स्थापित होगी इनोवेशन लैब, विद्यार्थियों में बढ़ेगा वैज्ञानिक दृष्टिकोण सभी छात्रों को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ, मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बनेगा अटल विद्यालय लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर संवेदनशील निर्णय लेते हुए समाज के वंचित वर्गों के बच्चों को सम्मानजनक पहचान देने का कार्य किया है। लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू) कार्यालय में आयोजित अटल आवासीय विद्यालय समिति की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया कि अब तक "निराश्रित/अनाथ" कहे जाने वाले विद्यार्थी भविष्य में "राज्याश्रित" कहलाएंगे। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम्, द्वारा की गई। बैठक में श्रमायुक्त मार्कण्डेय शाही,  महानिदेशक, अटल आवासीय विद्यालय पूजा यादव, नवोदय विद्यालय समिति के बी.के. सिन्हा सहित वित्त, कार्मिक एवं शिक्षा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे। "राज्याश्रित" शब्द का होगा उपयोग बैठक में लिए गए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के तहत अब अटल आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत कोविड-19 काल में निराश्रित हुए अथवा मुख्यमंत्री बाल सेवायोजना (सामान्य) के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को “राज्याश्रित” कहा जाएगा। यह निर्णय विद्यार्थियों को आत्मगौरव और सम्मानजनक सामाजिक पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप यह कदम उन बच्चों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास से भरने की दिशा में एक नई शुरुआत है, जो अब "निराश्रित" नहीं बल्कि "राज्याश्रित" कहलाएंगे। CBSE के माध्यम से केंद्रीकृत प्रवेश परीक्षा एक अन्य निर्णय में अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश परीक्षा सेंट्रलाइज एंट्रेंस टेस्ट (सीबीएसई) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, ताकि सभी विद्यालयों में चयन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे। इनोवेशन लैब की होगी स्थापना इसके साथ ही, प्रत्येक विद्यालय में इनोवेशन लैब भी बनाई जाएगी जिससे विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी दक्षता का विकास हो। इस निर्णय से विद्यार्थियों का सर्वागीण विकास सुनिश्चित हो सकेगा।  सभी छात्रों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा इसके अलावा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए समिति ने सभी छात्र-छात्राओं को हेल्थ इंशयोरेंस के दायरे में लाने का निर्णय लिया है, ताकि हर विद्यार्थी को स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सर्वांगीण विकास पर जोर बैठक में छात्रों के सर्वागीण विकास पर जोर दिया गया। हॉस्टल व्यवस्था, पोषण, खेलकूद और सह-पाठयक्रम गतिविधियों से संबंधित सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के अंत में प्रमुख सचिव डॉ. शन्मुगा सुन्दरम् ने निर्देश दिए कि सभी विभाग मिलकर अटल आवासीय विद्यालयों को देश के मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित करें।

धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

अयोध्या दीपोत्सव 2025 -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

योध्या दीपोत्सव 2025: धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग

योध्या दीपोत्सव 2025:  धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग डिजिटल आभा से दमकेगी अयोध्या, दीपोत्सव 2025 बनेगा तकनीक और आस्था का संगम धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, दिखेंगे रामायण के दिव्य प्रसंग -राम की पैड़ी पर 26 लाख दीप जलाकर अयोध्या रचेगी नया विश्व रिकॉर्ड -सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव बनेगा ‘नवभारत की नई अयोध्या’ का प्रतीक -डिजिटल लाइट शो से नहाएंगे अयोध्या के प्रमुख स्थल, विश्व के लिए बनेगी प्रेरणा अयोध्या नौवें दीपोत्सव 2025 में इस बार अयोध्या केवल दीपों से ही नहीं, बल्कि डिजिटल आभा से भी जगमगाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर डिजिटल और आध्यात्मिक नगरी के रूप में स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है। रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद तकनीक और संस्कृति का अद्भुत संगम पेश करेगा। धर्मपथ से लेकर लता चौक, रामकथा पार्क और सरयू घाट तक हर कोना रोशनी की अद्भुत छटा से नहाया रहेगा। धर्मपथ पर लगेंगे 30 डिजिटल स्तंभ, रामायण के प्रसंग होंगे प्रदर्शित Aduex Design कंपनी के साइट इंचार्ज व डिज़ाइन मैनेजर नितिन कुमार ने बताया कि उन्हें प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। धर्मपथ पर नेशनल हाईवे से प्रवेश द्वार तक दोनों ओर 18-18 फीट ऊंचे 30 डिजिटल पिलर लगाए जा रहे हैं। इन स्तंभों पर रामायण के प्रसंगों की झलकियां और डिजिटल लाइट शो प्रदर्शित होंगे। यह डिजिटल प्रस्तुति 18 से 20 अक्टूबर तक चलेगी, जिससे श्रद्धालु स्वयं को त्रेता युग के दिव्य अनुभव में महसूस करेंगे। अयोध्या के प्रमुख स्थलों पर होगी भव्य लाइटिंग रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, हनुमानगढ़ी, बिरला मंदिर, तुलसी उद्यान, भजन संध्या स्थल और सरयू ब्रिज तक को सजाने-संवारने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। Aduex Design द्वारा लगाए जा रहे आर्च गेट्स और डिजिटल पिलर्स अयोध्या की सड़कों को आधुनिक स्वरूप देंगे, वहीं धार्मिक भावना को भी जीवंत रखेंगे। 26 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड इस बार राम की पैड़ी समेत 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों से दीपोत्सव का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है। हर दीप भगवान राम के आदर्शों और अयोध्या की दिव्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में होगा ऐतिहासिक दीपोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं दीपोत्सव की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि इस बार दीपोत्सव ऐसा हो जो अयोध्या की परंपरा, पर्यटन और तकनीक तीनों का संदेश विश्वभर में दे सके। सीएम योगी के नेतृत्व में दीपोत्सव न केवल धर्म और संस्कृति का उत्सव बनेगा, बल्कि यह “नवभारत की नई अयोध्या” का परिचायक भी होगा। अयोध्या की डिजिटल छटा बनेगी विश्व के लिए प्रेरणा दीपों की रोशनी और डिजिटल तकनीक का यह संगम अयोध्या को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाएगा। श्रद्धालु जहां दिव्य राममंदिर का दर्शन करेंगे, वहीं डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से रामायण के अद्भुत प्रसंगों का अनुभव करेंगे। अयोध्या का दीपोत्सव अब सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक बन चुका है।

56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी

अयोध्या दीपोत्सव 2025 जय श्रीराम के उद्घोष के साथ राम की पैड़ी के लिए रवाना हुए वालंटियर 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य, 28 लाख दीपों की तैयारी आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित, वालंटियर को मिलेगी टी-शर्ट व कैप -योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दीपोत्सव रचेगा नया इतिहास अयोध्या में अयोध्या  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन और मार्गदर्शन में नौवें दीपोत्सव 2025 को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चरम पर है। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय प्रशासन दीपोत्सव को भव्य और दिव्य स्वरूप देने में अपनी पूरी क्षमता के साथ जुटा हुआ है। गुरुवार को कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी पहुंचकर घाटों की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “दीपोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह हमारी आस्था, परंपरा और समर्पण का प्रतीक है। इसे भव्य व दिव्य रूप देना हम सभी का सौभाग्य है। जय श्रीराम के उद्घोष के साथ रवाना हुए वालंटियर विश्वविद्यालय परिसर से गुरुवार प्रातः 10 बजे सात बसों में सवार होकर वालंटियर “जय श्रीराम” के उद्घोष के साथ दीपोत्सव स्थल के लिए रवाना हुए। दीपोत्सव यातायात समिति के संयोजक प्रो. अनूप कुमार की देखरेख में राम की पैड़ी के घाटों पर दीए बिछाने का कार्य प्रारंभ हुआ। घाटों पर वालंटियरों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दीपों को सजा रहे युवा जय श्रीराम के जयघोष के साथ दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए जुटे दिखे। 56 घाटों पर शुरू हुआ दीप सजाने का कार्य दीपोत्सव नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव की तैयारी अब अंतिम चरण में है। 56 घाटों पर दीयों की खेप पहुंच चुकी है और युद्धस्तर पर बिछाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि “घाटों पर दीए बिछाने का कार्य 18 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। दीपोत्सव के दिन 19 अक्टूबर को वालंटियर दीपों में तेल डालने, बाती लगाने और उन्हें प्रज्वलित करने का कार्य करेंगे। आईकार्ड के बिना घाटों पर प्रवेश वर्जित विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी वालंटियरों के लिए पहचान पत्र (आईकार्ड) अनिवार्य कर दिया है। बिना आईकार्ड घाटों पर प्रवेश वर्जित रहेगा। शुक्रवार तक सभी वालंटियरों को आईकार्ड, टी-शर्ट और कैप वितरित की जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका स्पष्ट निर्देश है कि यह दीपोत्सव केवल अयोध्या की नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वैश्विक प्रदर्शन बने। कुलपति ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस तरह दीपोत्सव को विश्व स्तर पर पहचान दिला रही है, वह अभूतपूर्व है। इस बार 56 घाटों पर 26 लाख 11 हजार 101 दीपों को प्रज्वलित कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इसके लिए 28 लाख से अधिक दीपों को घाटों पर बिछाया जा रहा है। दीपोत्सव 2025: आस्था, सेवा और समर्पण का पर्व अवध विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालयों, इंटर कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं के वालंटियर दीपोत्सव की सफलता में अपना योगदान दे रहे हैं। घाटों पर कार्य करते युवाओं की ऊर्जा और समर्पण इस बात का प्रमाण है कि दीपोत्सव अब केवल आयोजन नहीं, बल्कि “राममय अयोध्या” की आत्मा बन चुका है।

पांचों तहसीलों में 5 एसडीएम, दो नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट और एक टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व में बनी

दीपोत्सव 2025 दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की सेहत पर प्रशासन की पैनी नजर, 08 टीमें तैनात पांचों तहसीलों में 5 एसडीएम, दो नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट और एक टीम सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के नेतृत्व में बनी सीएम योगी के निर्देश पर जिलाधिकारी ने गठित की टीम, रखी जाएगी चप्पे चप्पे पर नजर दीपोत्सव को लेकर टोटल 54 निरीक्षण, 34 जगह छापे पड़े, 76 नमूने लिए गए 19657 किलो सामग्री बरामद की गई है, जिनकी कीमत 33 लाख रुपए से ज्यादा है 35 हजार से अधिक की 167 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई प्रदेश के अन्य जिलों से खाद्यान्न सुरक्षा  अधिकारियों की अयोध्या में तैनाती 19 और 20 अक्तूबर को अयोध्या में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिहाज से खाद्य सामग्री की जांच करेंगे अयोध्या दीपोत्सव 2025 को लेकर अयोध्या प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 08 विशेष टीमें गठित की हैं। इन टीमों का उद्देश्य है कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो। पांच तहसीलों और दो नगर क्षेत्रों में निगरानी तंत्र सक्रिय अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे के आदेश पर पांचों तहसीलों में पांच एसडीएम के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जबकि नगर क्षेत्र में सिटी मजिस्ट्रेट की दो टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। इसके अलावा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम मुख्यालय स्तर पर गठित की गई है, जो जिलेभर में सक्रिय है। 54 निरीक्षण, 34 जगह छापे और 76 नमूने लिए गए दीपोत्सव से पहले खाद्य विभाग ने बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया है। अब तक कुल 54 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 34 स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान खाद्य सामग्री के 76 नमूने लिए गए हैं, ताकि कोई भी मिलावटी या खराब खाद्य पदार्थ श्रद्धालुओं तक न पहुंच सके। 33 लाख की खाद्य सामग्री बरामद, 167 किलो नष्ट सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य विभाग की टीमों ने 19,657 किलो खाद्य सामग्री बरामद की है, जिसकी कीमत 33 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। इनमें से 167 किलो खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जिसका मूल्य 35 हजार रुपये से अधिक है। उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के मद्देनजर यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य जिलों से भी आईं टीमें, 19-20 अक्तूबर को सघन जांच सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मानिक चन्द्र सिंह ने बताया कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए अन्य जिलों से भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी अयोध्या में विभिन्न स्थलों पर पहुंचकर खाद्य सामग्री की जांच करेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की खाद्य अनियमितता की गुंजाइश न रहे। 19 और 20 अक्तूबर को बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालुओं के लिहाज से सघन जांच की जाएगी। सख्ती और सतर्कता दोनों का संतुलन बनाएगा प्रशासन जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि दीपोत्सव जैसे विशाल आयोजन में खाद्य सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए जहां एक ओर विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है, वहीं व्यापारियों और भोजनालय संचालकों को भी साफ-सफाई और शुद्धता बनाए रखने की लगातार अपील की जा रही है।

लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या

दीपोत्सव-2025 योगी सरकार का दीपोत्सव-25 जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का बना प्रतीक लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीयों से जगमगाएगी रामनगरी अयोध्या महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने संभाली दीपोत्सव-25 की कमान सीएम योगी के इको-फ्रेंडली दीपोत्सव संकल्प को जनआंदोलन बना रहीं प्रदेश की महिलाएं प्रति दीया ₹5 की आय से महिलाओं ने अर्जित किए ₹1.25 लाख, दीपोत्सव बना आत्मनिर्भरता का अवसर दीपोत्सव-2025 से लौटा त्रेतायुगीन वैभव, मिट्टी और खुशबू से सजेगी रामनगरी गोबर और मिट्टी से बने प्राकृतिक दीये बिखेरेंगे रोशनी के साथ सकारात्मक ऊर्जा की खुशबू लखनऊ योगी सरकार के अयोध्या दीपोत्सव से न केवल भगवान श्रीराम की नगरी का त्रेतायुगीन वैभव पुनर्जीवित हुआ है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक भी बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘इको-फ्रेंडली दीपोत्सव’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश की आधी आबादी ने आगे आकर अपनी भूमिका निभाई है। अयोध्या में होने वाले नौवें दीपोत्सव-2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों की दीदियों ने अहम योगदान दिया है। इस वर्ष लखीमपुर खीरी की माटी से बने 25 हजार इको-फ्रेंडली दीये अयोध्या धाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। ये दीये खीरी की माटी और जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू से तैयार किए गए हैं, जो रामनगरी की फिजाओं में प्रकाश के साथ सकारात्मक सुगंध भी फैलाएंगे। इसके अलावा, प्रदेश के कई अन्य जिलों की महिलाओं ने भी दीपोत्सव-25 के लिए हजारों की संख्या में दीये भेजे हैं। 3 स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने बनाए 25 हजार दीये लखीमपुर खीरी की जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत उदाहरण बन गया है। इसी के तहत लखीमपुर की तीन स्वयं सहायता समूहों की 44 महिलाओं ने प्रभु श्रीराम की नगरी को आलोकित करने के लिए 25 हजार दीये तैयार किए। उन्होंने बताया कि “लखीमपुर की रौशनी से समृद्धि की दिवाली” की थीम पर अयोध्या में दीये भेजने की तैयारी जुलाई माह से ही प्रारंभ कर दी गई थी। इन दीयों को बनाने में महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। मुख्यमंत्री योगी की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर इस पहल को आगे बढ़ाया गया। महिलाओं को प्रति दीया 5 रुपये का भुगतान किया गया, जिससे उन्होंने कुल ₹1.25 लाख की आय अर्जित की। “मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं, जो मुझे दीपोत्सव के लिए दीये बनाने का अवसर मिला” खीरी के धौरहरा ब्लॉक की ज्योति प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य ग्राम पंचायत गुदरिया की संजू देवी ने बताया कि उन्होंने पहली बार दीपोत्सव के लिए दीये तैयार किए हैं और वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि दीये बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आधुनिक चाक उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत हरदी की सुंदर प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की सदस्य बिट्टू देवी ने बताया कि उन्हें आधुनिक इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराई गई, जिससे न केवल उत्पादन में तेजी आई, बल्कि दीयों की गुणवत्ता भी बेहतर हुई। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दीये बनाने की यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल है। ग्राम पंचायत हरदी की सीता प्रेरणा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी फूलमती ने कहा कि “रामनगरी के दीपोत्सव के लिए दीये तैयार करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। इससे जहां एक ओर सांस्कृतिक परंपराएं पुनर्जीवित हुई हैं, वहीं आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हुई है।” ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल अब पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय बन गई है।

भयानक सड़क हादसा: ऑटो रिक्शा में भिड़ा पिकअप, चार महिलाएं समेत सात घायल

रामनगर(बाराबंकी)  यूपी के बाराबंकी में हादसा हो गया। गोंडा-बहराइच हाईवे पर गुरुवार को महिलाहमऊ गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप चालक ने विपरीत दिशा से आ रहे ऑटो रिक्शा में टक्कर दी। जिसमें ऑटो चालक की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। क्षेत्र के ग्राम धौखरिया निवासी ऑटो चालक संजीत कुमार (30) पुत्र अनूप लाल ऑटो में सवारी बैठाकर बाराबंकी से रामनगर की ओर आ रहे थे। बताते हैं थाना क्षेत्र के गोंडा-बहराइच हाईवे पर स्थित ग्राम मलिहामऊ के निकट पहुंचे तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। जिसके चलते चालक की मौके पर ही मौत हो गई। आटो में बैठीं चार महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला मुन्नी देवी पत्नी जय प्रकाश व सात वर्षीय पुत्र रितेश निवासी भौका जवारीपुर, रीना पत्नी बृजेश ग्राम हजतपुर, शिवदेवी पत्नी आलोक ग्राम कटियारा को सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जबकि गम्भीर रूप से घायल पिंकू यादव पुत्र मनोहर ग्राम कुतलुपुर को सीएचसी बड़ागांव मे भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपयार के बाद पांचों की हालत गंभीर होने के चलते चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जबकि दो अज्ञात लोगों ने निजी अस्पताल में इलाज कराया है। पुलिस ने मृत ऑटो चालक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद पीएम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।  

मुख्यमंत्री ने शिव शांति आश्रम पहुंचकर किया नमन, अनुयायियों के प्रति जताई संवेदना

सीएम योगी ने किए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन, अर्पित की श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने शिव शांति आश्रम पहुंचकर किया नमन, अनुयायियों के प्रति जताई संवेदना सीएम योगी बोले— सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु का निधन आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ स्थित शिव शांति आश्रम पहुंचे और आश्रम के पीठाधीश्वर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने संत शिरोमणि के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित शोकाकुल श्रद्धालुओं के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के पार्थिव शरीर पर केसरिया अंग वस्त्र ओढ़ाया और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। गौरतलब है कि संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी बुधवार को ब्रह्मलीन हो गए थे।  मुख्यमंत्री योगी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बुधवार को ही अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा था,“सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, पूज्य श्री शांति आश्रम के पीठाधीश्वर, संत शिरोमणि श्री सांईं चांडूराम साहिब जी का निधन अत्यंत दु:खद और आध्यात्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है। मेरी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त अनुयायियों के साथ हैं। भगवान झूलेलाल से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और अनुयायियों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!” मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संत शिरोमणि साईं चांडूराम जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुजन और अनुयायी संत शिरोमणि के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की बात करते दिखे।