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मौसम विभाग की चेतावनी: भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट

लखनऊ यूपी में अगले एक हफ्ते तक झमाझम बारिश होने वाली है। इसे लेकर मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। वैज्ञानिकों की मानें तो आज और कल पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, कई जिलो में यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं, बीते दिनों बारिश से कई स्थानों पर तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक उत्तर प्रदेश के मौसम में सक्रियता बनी रहने की संभावना व्यक्त की है। छह जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इस बीच सोमवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। हालांकि, महज कुछ घंटे की बारिश से ही कई इलाकों में जलभराव हो गया। इससे पहले रविवार को पूरे दिन तेज धूप और उमस के कारण लोग बेहाल रहे, लेकिन सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और शहर के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया, वहीं कई प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक प्रदेश के मौसम में सक्रियता बनी रहने की संभावना है। 6 और 7 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के झोंके (60 किमी प्रति घंटे तक) आने की चेतावनी जारी की गई है। 12 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में बारिश मौसम विभाग ने सात से 12 जुलाई के दौरान पूर्वी यूपी के अनेक स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है। 10 और 11 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी परामर्श का पालन करने की सलाह दी है। आज इन जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना वैज्ञानिकों के मुताबिक 6 जुलाई को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, जालौन, महोबा, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर और आसपास के जिलों में मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना है। 7 जुलाई को इन जिलों में झमाझम बारिश का यलो अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर में झमामझ बारिश के साथ यलो अलर्ट जारी है।

CM योगी आदित्यनाथ का प्रयागराज से संदेश, कहा- श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत, सनातन हमारी पहचान

 लखनऊ एक तरफ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक जारी है. दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में कहा कि भारत की आत्मा सनातन धर्म में बसती है और श्रीराम भारत की आत्मा के मूल स्रोत हैं।  उन्होंने कहा कि राम का मतलब राष्ट्र है. वह भारत की आत्मा के स्रोत हैं. सीएम योगी ने कहा कि आज जो भव्य अयोध्या और श्रीराम मंदिर देश देख रहा है, वह अशोक सिंघल के संकल्प और सपने का परिणाम है. 1980 और 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन के दौरान पूरे देश में एक ही नारा गूंजता था- रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।  सीएम योगी ने कहा कि उस समय एक और नारा युवाओं में जोश भरता था कि मंदिर के काम न आए, ये जवानी बेकार है. उन्होंने कहा कि उस दौर के युवाओं ने अशोक सिंघल के नेतृत्व में पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन का शंखनाद किया. राम मंदिर आंदोलन ने राष्ट्रभावना और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौका एकता रेस को झंडी दिखाई  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार दोपहर बाद लगभग तीन बजे प्रयागराज पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व जनपद के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी हैं। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर संगम के पास परेड मैदान में उतरा। परेड मैदान से मुख्यमंत्री का काफिला यमुना बैंक रोड स्थित नवनिर्मित प्रेरणा पार्क पहुंचे। वहां जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंहल की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इसके बाद नौका एकता रेस को हरी झंडी दिखाई। वह जनसभा को संबोधित करेंगे। यहां से वह प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में लोक निर्माण विभाग के तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ व कौशांबी में कराए गए कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम लगभग छह बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे।  

योगी सरकार ने किसानों और पशुओं के लिए बीमा योजना को मंजूरी दी

लखनऊ यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी। इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा। पशुओं का भी होगा बीमा पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी। गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी। ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है। तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे। अन्य फैसले शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है। -रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। -गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा। -धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है। -लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी

यूपी में खेल संस्कृति को नई रफ्तार, सीएम योगी ने उपलब्धियों और योजनाओं को किया साझा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के नाम पाती लिखी है, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश की बदलती खेल संस्कृति और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को साझा किया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा है कि मैदान की मिट्टी जीत-हार नहीं, बल्कि उठना सिखाती है। उत्तर प्रदेश अब विकास के साथ-साथ खेलों में भी नंबर-1 बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत से देश-विदेश में यूपी का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि चैंपियन एक दिन में नहीं बनते और खेल संस्कृति भी रातों-रात नहीं विकसित होती। खेल अनुशासन, समर्पण, सकारात्मक सोच और टीम भावना का सबसे बड़ा माध्यम है। यह खेल भावना जीवन में सफलता और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का आधार बनेगी। सीएम ने अपील की है कि बच्चों की खेल प्रतिभा को कभी न रोकें, क्योंकि खेल नशे जैसी बुराइयों से बचाने की सबसे बड़ी ताकत है। पाती के माध्यम से सीएम ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों के कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष फोकस है। हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। हर जनपद में आधुनिक स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तैयार है। सीएम योगी ने एलान किया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी नौकरी मिलेगी।

लखनऊ में जनता दर्शन: सीएम ने समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान के दिए निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रत्येक फरियादी से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय भरोसा देते हुए कहा कि हमारी सरकार ‘नर सेवा को नारायण सेवा’ मानकर 25 करोड़ प्रदेशवासियों के हित के लिए कार्य कर रही है। ‘जनता दर्शन’ के दौरान मुख्यमंत्री खुद फरियादियों तक पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी होना चाहिए। इस अवसर पर सीएम ने लोगों से कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाएं। अवैध कब्जा संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामले में समयसीमा के भीतर न्याय दिलाया जाए और मामले का निस्तारण कर पीड़ित की संतुष्टि पर ध्यान दिया जाए।

UP Cabinet Meeting: 27 अहम प्रस्ताव पास, नई स्टार्टअप नीति को हरी झंडी; किसानों के लिए भी बड़ा ऐलान

लखनऊ  यूपी की योगी कैबिनेट ने सोमवार को प्रदेश की नई स्टार्टअप नीति समेत 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब 20 लाख तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में 50 लाख तक दिया जा सकता है। क्लाउड रेंबर्समेंट दो लाख सालाना दिया जाएगा। एक हजार करोड़ का स्टार्टअप फंड रखा गया है। होमगार्ड और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज को भी मंजूरी दे दी गई। अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही पशुओं को लेकर किसानों को बड़ी राहत दी गई है। पशुओं का बीमा होगा और अलग-अलग कारणों से इनकी मौत पर एक महीने में मुआवजा मिलेगा। सीएम योगी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के फैसलों की जानकारी मंत्री सुरेश खन्ना, मंत्री सुनील शर्मा, मंत्री धर्मपाल सिंह, मंत्री अनिल राजभर ने मीडिया को दी। इलेक्ट्रानिक विभाग के तीन प्रस्ताव रखे गए और तीनों पास हो गए हैं। इसके साथ ही उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाएगा। इसकी अलग से बॉडी होगी। अब तक यूपीएलसी इसका काम देखती थी। अब मुख्य सचिव गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष होंगे। डेटा पॉलिसी भी नई आई है। डेटा सुरक्षित रखने और हिन्दुस्तान में ही डेटा रखने पर जोर होगा। पशुओं का भी होगा बीमा पशुओं का भी बीमा होगा। महामारी, बीमारी और दुर्घटना में पशु हानि से किसानों को लाभ होगा। मुर्रा की कीमत 75000 हजार, बाकी की 50 हजार होगी। शाहीवाल की 65 हजार रुपये, गंगागिरी की 60 हजार कीमत होगी। खरगोश जैसे छोटे पशुओं की 6500 रुपये रखा गया है। बैल की कीमत 40 हजार, बछड़ा का 20 हजार रखा गया है। बीमा कंपनी बीमित पशुओं को एक महीने में मुआवजा देगी। केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से योजना चलेगी। इसमें केंद्रांश 51 प्रतिशत और राज्यांश 34 प्रतिशत होगी। गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड का अस्पताल और वाराणसी में ईएसआई का मेडिकल कॉलेज बनेगा। इनके लिए निशुल्क जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गईं। वाराणसी के मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें श्रमिकों के परिवार के लिए आरक्षित होगी। ओलंपिक-पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को सीधी भर्ती ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेताओं को अब सीधी भर्ती दी जाएगी। अब भर्ती को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर किया गया है। इसमें क्रीड़ा अधिकारी के 9 पद, जिला युवा कल्याण 3 पद, उप क्रीड़ा अधिकारी 23 पद पर सीधी भर्ती हो सकेगी। अभी तक समूह ख और ग के पदों पर सीधी भर्ती नहीं हो पाती थी। उनकी व्यवस्था की गई है। तीन निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी दी गई। 2017 तक प्रदेश में केवल 27 विश्वविद्यालय थे। अब राज्य में 56 निजी विश्वविद्यालय हो जाएंगे। अन्य फैसले -शाहजहांपुर में भगवान परशुराम की जन्मस्थली जलालाबाद नगर का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है। -रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय की स्थापना होगी। 20 हेक्टेयर जमीन इसके लिए निशुल्क दी जाएगी। 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। -गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करेगा। गोरखपुर 80 करोड़, मुरादाबाद में 50 करोड़ का बांड जारी होगा। -धुलाई भत्ता और वर्दी का पैसा बढ़ाया जाएगा। वेतन समिति की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। 50% तक बढ़ाया गया है। -लोकसेवा आयोग के चेयरमैन की अधिकतम पेंशन 1 लाख 12 हजार 500 रुपये होगी

खीर में नींद की गोली देकर पति की हत्या, आगरा कांड में पत्नी गिरफ्तार

आगरा आगरा में पति को मारकर बाथरूम में क्यों दफना दिया, इसकी वजह जानने के लिए पुलिस ने विशेषज्ञों की मौजूदगी में हत्यारोपी पत्नी रूबि शर्मा से पूछताछ की। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस को हत्या की एक नहीं कई वजहें मिलीं। जिल्लत की जिंदगी जी रही रूबी के गुस्से को भरतपुर कांड ने ट्रिगर कर दिया था। पुलिस मान रही है कि शराब पीकर आए दिन की मारपीट, भरतपुर में बेइज्जती, बेटियों को गाली देना, सिलाई के रुपये छीन लेना हत्या की वजह बनी। दहतोरा की रेणुका धाम कालोनी में 18 मई से लापता चल रहे 44 वर्षीय सुरेंद्र कुमार शर्मा का कंकाल घर के बाथरूम में दफन मिला था। पुलिस ने उसकी पत्नी रूबी शर्मा को गिरफ्तार करके शनिवार को जेल भेजा था। पत्नी ने खीर में नींद की गोलियां मिलाकर पति की हत्या की थी। इसके बाद शव को बाथरूम में ही दफनाकर ट्रैक्टर से मिट्टी मंगाई और उस पर डाल दिया था। क्या बोले डीसीपी सैयद अली अब्बास डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि ऐसी वारदात में सबसे पहले यही शक जाता है कि अवैध संबंधों का मामला होगा। पुलिस ने गहराई से जांच की। कॉल डिटेल खंगाली। ऐसा कोई एंगल नहीं मिला। अभी तक की जांच में रूबी शर्मा के चरित्र पर शक बेबुनियाद निकला। लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा तो हत्या की वजह उजागर हुई। रूबी शर्मा अपने पति से परेशान थी। वह बेरोजगार के साथ नशेबाज था। पिता की पेंशन भी शराब में उड़ा देता था। किसी भी बात पर पत्नी को कहीं भी पीट दिया करता था। बेटियां बड़ी हो रही थीं उनकी भी शर्म नहीं करता था। उन्हें भी गंदी गालियां दिया करता था। किसी रिश्तेदार से उसकी बनती नहीं थी। रूबी घर का खर्चा चलाने के लिए सिलाई करती थी। उससे भी पैसे छीन लिया करता था। न देने पर बवाल करता था। भरतपुर में मामा के घर किया था बखेड़ा 16 मई को सुरेंद्र कुमार शर्मा ने भरतपुर में अपने मामा के घर बखेड़ा खड़ा किया था। वहां पीटकर आया था। घर आकर उसने गुस्सा पत्नी पर उतारा। उसे जबरन अपने साथ लेकर भरतपुर गया। पत्नी से कहा कि मामा के घर ड्रामा करे, उसका पति गायब है। मामा के घरवालों ने रूबी को धमकाया। उसे बेइज्जत करके भगा दिया। पति को लगा कि पत्नी अच्छा नाटक नहीं कर पाई। भरतपुर में ही उसे पीटा। घर आकर शराब पी। बवाल किया। भरतपुर कांड ने रूबी के गुस्से को ट्रिगर कर दिया। बच्चों को जेठ के घर भेजकर वारदात रूबि को लगा कि पति मर जाएगा तो सब ठीक हो जाएगा। जिंदा भी वह किसी काम का नहीं है। उसने गुस्से में खीर में नींद की गोलियां मिला दीं। 18 मई की सुबह भरतपुर से मामा के घर से फोन आया। धमकाया। कहा कि पुलिस आने वाली है। रूबी को मौका मिल गया उसने सास और बच्चों को जेठ के घर भेज दिया। उसके बाद शव दफना दिया। किसी अन्य के शामिल होने का कोई सुराग नहीं डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि हर किसी को यह सवाल परेशान कर रहा है कि अकेली महिला ने शव कैसे दफना दिया। जबकि अभी तक किसी दूसरे के वारदात में शामिल होने का कोई सुराग नहीं मिला है। रूबी से पूछताछ में कई सवाल दागे गए, हर बार उसने वही जवाब दिया जो पहले बताया था। साफ कहा कि किसी को बचाने से उसे क्या लाभ। उसकी तो जिंदगी बर्बाद हो गई। उसकी बेटियों का अब पता नहीं क्या होगा। उनकी परवरिश कैसे होगी। कई सवालों का जवाब मिलना बाकि पुलिस को अभी कई सवालों का जवाब मिलना बाकि है। इसके लिए क्राइम सीन का दोहराव कर सकती है। इसके लिए बाथरूम को पहले जैसा करना पड़ेगा। ताकि यह पता चल सके कि बाथरूम में कितनी मिट्टी डाली गई थी। इसमें कितना समय लगा होगा। जिस बाल्टी से मिट्टी डाली गई उससे कितने चक्कर लगाने पड़ेंगे। एक अकेले व्यक्ति ने मिट्टी को समतल कैसे किया होगा। शव कितना नीचे दफन था। बाथरूम में इसके लिए ज्यादा खुदाई तो नहीं की गई थी। इन सब सवालों के जवाब पुलिस को क्राइम सीन के दोहराव से मिल जाएंगे। इसके लिए सुरेंद्र कुमार शर्मा की लंबाई और वजन के पुतले को दफन किया जाएगा। उसे पलंग से खींचकर लाने में कितना समय लगा होगा। यह देखा जाएगा। सब कुछ सामने आने के बाद उनका रूबी शर्मा के बयानों से मिलान किया जाएगा। हत्याकांड में कब क्या हुआ 16 मई को सुरेंद्र कुमार शर्मा भरतपुर गया। मामा के घर पिटकर आया। 17 मई को सुरेंद्र अपनी पत्नी रूबी को मामा के घर लेकर गया। खुद दूर रहा। उसके गायब होने का ड्रामा करने को कहा। रात में रूबी ने पति को खीर में नींद की गोलियां दे दीं। 18 मई को सास और बेटियों को जेठ के घर भेज दिया। शव को बाथरूम में मिट्टी के नीचे दफना दिया। 19 मई की सुबह दो मिस्त्री आए 500 रुपये में बाथरूम के फर्श पर सीमेंट करके गए। दोपहर बाद रूबी जेठ के घर चली गई। 22 मई को रूबी अपने घर आई। बाथरूम देखा। 26 मई को रूबी अपने जेठ के साथ प्राक्षी टॉवर चौकी गई। पति की गुमशुदगी दर्ज कराई। 3 जुलाई को पुलिस ने बाथरूम की खुदाई करके कंकाल बरामद किया। रूबी गिरफ्तार। 4 जुलाई को पुलिस ने रूबी शर्मा को जेल भेज दिया।

योगी सरकार की सौगात, 1.60 लाख होमगार्डों को कैशलेस इलाज और शिक्षकों को 1 करोड़ का बीमा

लखनऊ यूपी में अब होमगार्ड और उनके परिवार वालों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ कैबिनेट सरकार इस पर फैसला लेने जा रही है। सोमवार को योगी कैबिनेट की बैठक में नई स्टार्टअप नीति, होमगार्ड को कैशलेज इलाज समेत 21 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। फैसले से यूपी के 1.60 लाख से ज्यादा होमगार्डों और उनके आश्रितों को फायदा होगा। कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रिसमूह की भी बैठक होगी। अगले छह महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्री समूह की बैठक में उन्हें सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक तकरीबन 21 से ज्यादा प्रस्ताव कैबिनेट के सामने चर्चा के लिए रखे जाएंगे। यूपी लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की पेंशन बढ़ाए जाने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। कैबिनेट प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन के लिए नई स्टार्टअप नीति को भी मंजूरी देगी। नए स्टार्टअप के लिए सब्सिडी और कई तरह की रियायतें दी जाएंगी। विधानसभा चुनाव से पहले शाहजहांपुर के जलालाबाद कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी रखे जाने का भी प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा। तीन जिलों में विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रस्ताव है। कैबिनेट मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी फारसी मदरसों में शिक्षकों को सेवानिवृत्ति की आयु से पहले असामयिक मृत्यु की दशा में देय ग्रेच्युटी के भुगतान का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। पांच लाख तक इलाज कैशलेस होमगार्ड को कैशलेस की सुविधा मिलने पर पांच लाख तक का इलाज मुफ्त हो सकेगा। यूपी में अभी करीब 1.18 लाख होमगार्ड हैं। 41 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस तरह इस सुविधा का लाभ करीब 1.60 लाख से अधिक होमगार्ड और उनके परिजनों को इसका लाभ मिलेगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को एक करोड़ का दुर्घटना बीमा यूपी के शिक्षकों और परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक के कर्मचारियों को एक करोड़ रुपये तक दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के साथ एमओयू करेगा। इससे 10 लाख स्थाई व संविदा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयां और अन्य कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। आठ जुलाई को वाराणसी में होने वाले कैशलेस चिकित्सा सुविधा कार्ड व डीबीटी वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में एसबीआई से एमओयू किया जाएगा। इससे 4.50 लाख स्थाई व 5.50 लाख अस्थाई शिक्षक-कर्मियों को इसका लाभ दिलाया जाएगा। जिन स्थाई कर्मियों का वेतन 10 हजार से अधिक है, उन्हें 10 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। वहीं इसके साथ ही एक करोड़ का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर, एक करोड़ का स्थायी दिव्यांगता बीमा कवर और 1.60 करोड़ रुपये तक का एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। अनहोनी पर बच्चों की शिक्षा बेटियों की शादी का इंतजाम इसके साथ ही किसी भी तरह की अनहोनी की स्थिति में कर्मियों के बच्चों की शिक्षा व बेटियों की शादी के लिए एडऑन कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे शिक्षक-कर्मियों के परिवार को भी आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। दूसरी ओर जिन कर्मियों का वेतन खाता पहले ही एसबीआई में खुला है उनका खाता सैलेरी पैकेज में बदला जाएगा। जिनका खाता एसबीआई में नहीं है, उन्हें इसमें खोलने को प्रेरित किया जाएगा, जिससे वह इसका लाभ ले सकें। संविदा कर्मियों का 30 लाख का दुर्घटना बीमा एमओयू के तहत 10 हजार से अधिक मासिक वेतन पाने वाले संविदा कर्मियों को 30 लाख व आंशिक विकलांगता होने पर 15 लाख का बीमा कवर दिया जाएगा। स्थायी विकलांगता की स्थिति में 30 लाख व आंशिक विकलांगता की स्थिति में 15 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। वहीं इसके लिए एयर एक्सीडेंट की स्थिति में 30 लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। किसी भी तरह की अनहोनी होने पर बच्चों की पढ़ाई के लिए व बेटियों की शादी के लिए भी एडऑन कवर दिया जाएगा। 10 हजार से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मियों को जीरो बैलेंस खाते व रुपये डेबिट कार्ड के आधार पर एक लाख का इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा।

पौधरोपण महाभियान-2026: 12 जुलाई को योगी सरकार का मेगा अभियान, हरियाली के नाम बनेगा नया इतिहास

पौधरोपण में 12 जुलाई को फिर नया इतिहास रचेगी योगी सरकार  पौधरोपण महाभियान-2026  जनसहभागिता से रविवार को पूरे प्रदेश में एक दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे अभियान की सफलता के लिए बैठक कर जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री, अधिकारियों को भी देंगे दिशा निर्देश  वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे, ग्राम्य विकास 10 करोड़ पौधरोपण करेगा लखनऊ  योगी सरकार 12 जुलाई (रविवार) को फिर नया इतिहास रचेगी। पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत जनसहभागिता से पूरे प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए नोडल (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग) ने तैयारी शुरू कर दी है। अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री सोमवार से जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और अधिकारियों की भी निरंतर बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। वहीं वन मंत्री भी अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ बैठक कर इसकी सफलता को लेकर विचार-विमर्श करेंगे।  जनसहभागिता से फिर होगा अभूतपूर्व आयोजन मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्र-प्रदेश सरकार के विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूलों-कॉलेजों समेत व्यापक जनसहभागिता से उत्सव के रूप में महाभियान चलेगा। व्यापक जनसहभागिता के साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे। वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़,  कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधे लगाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख पौधे लगेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) होगा। इसे लेकर जिला वृक्षारोपण समिति की नियमित बैठकें भी चल रही हैं।  कई विशिष्ट वनों की होगी शुरुआत, सार्वजनिक स्थलों पर भी लगेंगे छायादार पौधे योगी सरकार प्रत्येक वर्ष नवीन विशिष्ट वन स्थापित करती है। इस थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2026 में इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन तैयार किए जाएंगे। महर्षि चरक औषधि वन की शुरुआत 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) पर की गई है। अभियान का प्रमुख हिस्सा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा, आम भंडारा भी होगा। मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण व 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ भी लगाया जाएगा।  52.44 करोड़ पौधे कराए जा रहे तैयार  वृहद पौधरोपण के लिए वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग निरंतर बैठक व संवाद स्थापित कर रहा है। इसके साथ ही पौधों को लेकर भी विभाग की तैयारी चल रही है। वन विभाग की लगभग दो हजार नर्सरी में इस वर्ष 52.44 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों को भी अब वितरित किया जाएगा।  गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे लगेंगे 5.50 लाख पौधे  प्रदेश के एक्सप्रेसवे के किनारे भी पौधरोपण किया जाएगा। इस बार विशेष रूप से गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों पर वन विभाग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधरोपण करेगा। दोनों पटरी पर हर एक किमी. पर हरिशंकरी रोपा जाएगा, जबकि बीच-बीच में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, चिलबिल, अमलतास, कचनार, जकरकंडा, गुलमोहर आदि प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनकी सुरक्षा के लिए तार से फेंसिंग व सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन सुनिश्चित की जाएगी।  मुख्यमंत्री का निर्देश- जनसहभागिता से मनाया जाए उत्सव  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधरोपण महाभियान-2026 की तैयारी को लेकर निरंतर बैठक करेंगे। वहीं वन मंत्री अन्य विभागों के मंत्रियों, अधिकारियों के साथ ही इसकी सफलता को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री ने जनसहभागिता पर विशेष जोर देते हुए इसे उत्सव के रूप में मनाने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने महाभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक-महिला मंगल दल, रोटरी-लायंस, इको क्लब, एफपीओ, व्यापार मंडल आदि की भी सहभागिता अनिवार्य रूप से करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया है। कृषि विभाग की देखरेख में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीकृत किसान भी महाभियान का हिस्सा बनेंगे।   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 12 जुलाई को पौधरोपण महाभियान-2026 का आयोजन होगा। वन विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। इस बार भी एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण होगा। सभी विभागों, संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठनों आदि के सहयोग से व्यापक जनसहभागिता के साथ इस महाभियान को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। विभागों, मंडलों व जनपदों के लक्ष्य प्रस्तावित किए जा चुके हैं। इस बार भी कई विशिष्ट वनों की शुरुआत होगी।  सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष  वन विभाग, उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बड़ा कदम: गन्ना किसान परिवारों को बीमा और पेंशन योजनाओं से जोड़ने की मुहिम

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार किसानों को लेकर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में बड़ा अभियान चलेगा। 6 से 11 जुलाई तक प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाया जाएगा। अभियान में गांव-गांव अधिकारी जाएंगे। इसके माध्यम से लाखों गन्ना किसान परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) सहित भारत सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। अभियान का उद्देश्य किसानों की आर्थिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन और सामाजिक स्थिरता को मजबूत करना है। योगी सरकार का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किसानों को दुर्घटना, आकस्मिक मृत्यु और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करेगा। इससे किसान परिवारों की आय सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन मजबूत होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता मिलेगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र गन्ना किसान परिवार इन योजनाओं से जुड़ें और प्रत्येक किसान परिवार सुरक्षित, सशक्त तथा आत्मनिर्भर बने। यही अभियान 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को नई गति देने के साथ किसानों के समग्र कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गन्ना समितियां निभाएंगी नई भूमिका प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियां इस अभियान की प्रमुख कड़ी होंगी। वर्षों से किसानों के साथ जुड़े विश्वास को सामाजिक सुरक्षा अभियान से जोड़ा जाएगा। समितियां योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगी, किसानों को जागरूक करेंगी, पात्र लाभार्थियों का नामांकन कराएंगी और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे गन्ना समितियां किसान सेवा के साथ सामाजिक सुरक्षा की प्रभावी संस्थागत व्यवस्था के रूप में भी स्थापित होंगी। समिति परिसरों में लगेंगे सहायता एवं नामांकन केंद्र अभियान के दौरान प्रत्येक सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में बैंकों, इफ्को, चीनी मिलों और अन्य सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त सहयोग से विशेष सहायता एवं नामांकन काउंटर स्थापित किए जाएंगे। किसानों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, पात्रता का सत्यापन, दस्तावेजों की जांच, बैंकिंग सहायता और तत्काल नामांकन की सुविधा मिलेगी। नए सदस्य पंजीकरण, बैंक खाते खोलने तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। महिला और किसानों पर रहेगा फोकस अभियान में महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीण महिला किसानों को बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें वित्तीय निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का प्रयास किया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में जनसंपर्क कर किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के साथ गन्ना विकास विभाग, इफ्को तथा चीनी मिलों द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की भी जानकारी देंगे। अधिक से अधिक पात्र परिवारों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम सभाओं और किसान गोष्ठियों का भी आयोजन किया जाएगा।