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योगी सरकार नवंबर में लाएगी नई आयुष पॉलिसी-26, PPP मॉडल से मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

योगी सरकार नवंबर में लाएगी नई आयुष पॉलिसी-26   – सीएम योगी के निर्देश पर नई आयुष पॉलिसी-26 का ड्राफ्ट तैयार, पीपीपी मोड से आयुष इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती  – नई पॉलिसी में आयुष रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, तैयार किया जाएगा मजबूत ढांचा  – निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दी जाएंगी विशेष सुविधाएं, आयुष की पारंपरिक पद्धतियों पर विशेष फोकस – प्रदेश में होगा कारोबार का विस्तार, नई आयुष पॉलिसी से स्वास्थ्य सेवाओं में होगा व्यापक सुधार लखनऊ,  योगी सरकार देश के आयुष सेक्टर में अपनी धाक जमाने के लिए नवंबर माह में होने वाली कैबिनटे में नई आयुष पॉलिसी-26 पर मुहर लगाने जा रही है। प्रदेश में आयुष उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी में निवेशकों को विभिन्न तरह की सहूलियतें दी जाएंगी। पॉलिसी में आयुष रिसर्च को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है ताकि प्रदेश को आयुष रिसर्च का हब बनाया जाए। पॉलिसी का उद्देश्य प्रदेश में आयुष दवाओं की जांच और भर्ती के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना है। नई आयुष पॉलिसी-26 के तहत प्रदेश में आयुष अस्पतालों में मरीजों के इलाज की व्यवस्था को और भी बेहतर बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में आयुष विभाग को लगातार विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।     नई आयुष पॉलिसी में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी। इसमें कैपिटल सब्सिडी के साथ-साथ लैंड परचेज में स्टांप ड्यूटी में छूट और ग्रीन फील्ड पर विशेष छूट देने की योजना है। इसका उद्देश्य आयुष उद्योग के विस्तार में तेजी लाना और इसे एक वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करना है। आयुष की पारंपरिक और प्राचीन पद्धति पर किया जा रहा फोकस प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयुष कारोबार को बढ़ाने के निर्देश दिये थे ताकि पूरे देश में आयुष क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की धाक बन सके और आयुष के क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्योगपति उत्तर प्रदेश का रुख कर सकें। ऐसे में नई आयुष पॉलिसी-26 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इसे कैबिनेट के सामने समक्ष रखने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में कैबिनेट नई आयुष पॉलिसी-26 पर अपनी मुहर लगा सकती है। नई पॉलिसी में प्राचीन पद्धति पंचकर्म, नेचरोपैथी और वेलनेस सेंटर पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे प्रदेश में आयुष कारोबार को और बढ़ावा मिलेगा। नई पॉलिसी से न केवल आयुष कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के एक और स्तर तक पहुंचाने में भी सहायक होगी। नई आयुष पॉलिसी में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर अस्पतालों का निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, आयुष अस्पतालों के निर्माण के लिए नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिनमें आयुर्वेद, योग और होम्योपैथी से संबंधित कोर्स शामिल होंगे। इससे न केवल आयुष शिक्षा में वृद्धि होगी, बल्कि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। आयुष स्वास्थ्य सेवाओं में होगा विस्तार, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर नई पॉलिसी का उद्देश्य रोगियों के उपचार के लिए सुगम स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना, औषधि गुणों को बेहतर करना और स्टाफ की भर्ती को ध्यान में रखते हुए इसे एक समग्र रूप से विकसित करना है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए नए विचारों को समाहित किया जाएगा, जो राज्य सरकार की मंशा को सही दिशा में बढ़ावा देंगे। इस नई पॉलिसी के तहत, आयुष चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहित करने और उन्हें आयुष वेलनेस सेंटर के रूप में पेश करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही, योग और पंचकर्म जैसे क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत, स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में और भी व्यापक सुधार किए जाएंगे और प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में आयुष कारोबार का विस्तार होगा और इसके साथ ही दुनिया भर में फैले इस उद्योग के कारोबार पर उत्तर प्रदेश की धाक जमाने का सपना भी पूरा होगा। आयुष के क्षेत्र में यह नीति न केवल प्रदेश के विकास में योगदान करेगी, बल्कि देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगी।

नमो घाट पर आम लोगों की आवाजाही बंद, एयर शो में जुटेंगे 30 लाख दर्शक

वाराणसी  वाराणसी के नमो घाट को अति संवेदनशील घोषित करते हुए शुक्रवार से आम लोगों की आवाजाही को यहां प्रतिबंधित कर दिया गया। पुलिस की तैनाती के साथ ही घाट की ओर बने गेट को बंद कर दिया गया है। वहां निजी गार्ड भी तैनात कर दिए गए हैं। पूरी कवायद अगले हफ्ते होने वाले एयरशो को लेकर हो रही है। इस एयरशो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही कई वीवीआईपी का आगमन होगा। वायुसेना और सेना यहां एयरशो की तैयारियों में जुटी है। वीआईपी के लिए खास ग्रीन रूम और स्टेज बनाए जा रहे हैं। नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्तूबर को एयर शो होने वाला है। इसकी तैयारियों के बीच ही वायु सेना ने नमो घाट के फेज-2 को अपनी निगरानी में ले लिया है। यहां वायु सेना का कम्युनिकेशन सेटअप स्थापित किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से इस क्षेत्र को अति संवेदनशील घोषित करते हुए आम लोगों के प्रवेश और आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यहां पुलिस फोर्स भी तैनात कर दी गई है। नमो घाट के फेज-2 में वायु सेना के संचार उपकरणों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को मुस्तैद किया गया है। एयर शो के दौरान वायु सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने में कम्युनिकेशन सेटअप की अहम भूमिका होगी। बताया जा रहा है कि नमो घाट पर आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध एयर शो के समापन के तत्काल बाद नहीं हटाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत कार्यक्रम समाप्त होने के एक दिन बाद तक यहां आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां अपने उपकरणों, संचार व्यवस्था और अन्य संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी। वायु सेना की निगरानी वाले इस क्षेत्र में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पतंगबाजी पर 26 अक्तूबर तक रोक एयर शो के मद्देनजर नगर निगम ने 26 अक्तूबर तक गंगा किनारे और आसपास के क्षेत्रों में पतंगबाजी पर रोक लगाई है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि पतंगबाजी करते हुए कोई मिला तो कार्रवाई की जाएगी। 22 के पहले भी गरजेंगे जंगी जहाज ट्रायल के तौर पर 22 अक्तूबर के पहले ही जंगी जहाज करतब दिखाते नजर आ सकते हैं। हालांकि इस बारे में सेना की ओर से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। ट्रायल के तौर पर जंगी जहाजों के वाराणसी से गुजरने के दौरान करतब दिखाने की तैयारी है। सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए जा रहे हैं। प्रशासन कोई चांस लेने के मूड में नहीं है। एयर शो को ऐतिहासिक बनाने के लिए वह प्रतिबद्ध है। तीन दिन के शो में 30 लाख लोगों के जुटने का अनुमा तीन दिन के एयर शो में करीब 30 लाख लोगों के जुटने का अनुमान है। लोगों के बैठने के लिए गंगा किनारे पाथ-वे और समतलीकरण का काम शुरू है। बैरिकेडिंग भी कराई जा रही है। गंगा किनारे एक साथ भीड़ न बढ़े, इसके मद्देनजर दर्शकों के लिए क्षेत्र बढ़ाया जा रहा है। सारनाथ के सराय मोहाना और गंगापार चंदौली के बलुआ क्षेत्र के कुछ हिस्सों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। रामनगर में पुलिस अफसरों ने स्थलीय निरीक्षण किया। भीड़ प्रबंधन और लोगों की सहूलियत के मद्देनजर व्यापक इंतजाम किये जा रहे हैं। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त होंगे ताकि कोई चूक न होने पाए। तैयारी में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो-इसके लिए अधिकारी रोज समीक्षा बैठक कर रहे हैं। मातहतों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि तैयारी में चूक न होने पाए। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। शहर को सजाने-संवारने का काम भी युद्धस्तर पर जारी है। खासकर, गंगाघाटों को आकर्षक लुक दिया जा रहा है।

सीएम योगी का सपा पर निशाना, बोले- शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है समाजवादी पार्टी

शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   गाजियाबाद में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी ने भाजपा के दोनों एमएलसी प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन   सपा सरकार होती तो रामलीलाओं की जगह दंगे और कर्फ्यू होते, मुख्यमंत्री योगी ने धार्मिक आयोजनों के बदले माहौल का किया उल्लेख   शिक्षकों के लिए संस्थान का भेद नहीं, बेसिक से तकनीकी और स्ववित्तपोषित शिक्षकों तक चिकित्सा सुविधा देने का भरोसा   सपा राज में आजम खान के विश्वविद्यालय के लिए अलग मानक, दूसरे विश्वविद्यालयों की मान्यता में खड़ी की जाती थीं बाधाएं   जिन मंडलों में नहीं थे विश्वविद्यालय, वहां खोले नए विश्वविद्यालय, मेरठ को मिला मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय   नौकरी से खिलवाड़ करने वालों को जेल और संपत्ति जब्ती की चेतावनी, 24 हजार से अधिक स्टार्टअप से रोजगार के नए अवसर   गाजियाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि सपा शिक्षा पर कितना भी उपदेश दे, उसका भरोसा नदी किनारे बैठे उस मगरमच्छ जैसा है, जो किसी को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराने की बात करता है। सपा शिक्षा की नैया पार लगाने वाली नहीं, उसे डुबोने वाली पार्टी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की चार सरकारों में शिक्षा, रोजगार और विकास के सामने संकट खड़ा हुआ। उस समय दंगे, कर्फ्यू और अराजकता प्रदेश की पहचान बन गए थे।   मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को गाजियाबाद में मेरठ-सहारनपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी दिनेश गोयल के समर्थन में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शिक्षकों के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, विश्वविद्यालयों की स्थापना और सरकारी भर्तियों का उल्लेख किया। साथ ही दोनों प्रत्याशियों को फिर विधान परिषद भेजने की अपील की।   रामलीलाओं के आयोजन को लेकर सपा पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद आते समय रास्ते में कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी रामलीलाएं होती दिखाई दीं। सपा सरकार होती तो अब तक दंगे शुरू हो चुके होते और कर्फ्यू लगा होता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नवरात्रि के दौरान दुर्गा पूजा के पंडाल और अन्य धार्मिक आयोजन भी नहीं हो पाते थे। आज गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु कांवड़ लेकर निकलते हैं। श्रद्धालु बाबा औघड़नाथ, दुग्धेश्वरनाथ और पुरा महादेव सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को बिना भेदभाव अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिलना चाहिए।   शिक्षक का संस्थान नहीं, राष्ट्र निर्माण में योगदान महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक बेसिक शिक्षा का हो या माध्यमिक, उच्च, तकनीकी अथवा चिकित्सा शिक्षा का, सभी को चिकित्सा सुविधा मिलेगी। वित्तपोषित, प्रबंधकीय व्यवस्था और स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक युग निर्माता और राष्ट्र निर्माता है। वह ऐसी पीढ़ियां तैयार करता है, जिनकी ऊर्जा प्रदेश की प्रगति में काम आती है। श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल जब भी शिक्षकों तथा स्नातकों की समस्याएं लेकर आए, उनका समाधान किया गया।   विश्वविद्यालयों की मान्यता में भेदभाव का आरोप मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार में शिक्षा संस्थानों के लिए समान मानक नहीं थे। आजम खान विश्वविद्यालय बनाएं तो उनके लिए अलग नियम होते थे, जबकि ग्लोबल यूनिवर्सिटी को मान्यता नहीं दी जाती थी। भाजपा सरकार ने सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू की। सहारनपुर में मां शाकंभरी, अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह, मुरादाबाद में गुरु जंभेश्वर, आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव, बलरामपुर में मां पाटेश्वरी और मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय बनाया गया। लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय और कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण भी कराया गया।   नौकरी के नाम पर गड़बड़ी करने वालों के लिए जेल मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। युवाओं की नौकरी से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजने और उनकी संपत्ति जब्त करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने दावा किया कि साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। यूपी पुलिस में 32,600 से अधिक अभ्यर्थियों के परिणाम जारी हुए हैं। 42 हजार से अधिक होमगार्ड की भर्ती के परिणाम भी आ चुके हैं। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।   उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे। अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बने हैं।   पीडीए के नाम पर टिकट वितरण को लेकर कटाक्ष मुख्यमंत्री ने विधान परिषद चुनाव में सपा के प्रत्याशी चयन पर सवाल उठाए। कहा कि सपा के पीडीए का मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी है। पहले अपने चाचा को टिकट दिया और फिर मुंबई के एक धनकुबेर के हाथ टिकट गिरवी रख दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा टिकट वितरण में भी अपने घोषित सिद्धांतों पर नहीं चल रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन पिछले राज्यसभा चुनाव से बेहतर होगा।   पश्चिमी यूपी में सड़क और रेल परियोजनाओं का उल्लेख मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच 12 लेन एक्सप्रेसवे और नमो भारत रैपिड रेल से क्षेत्र में आवागमन सुगम हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय घटेगा। उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मेट्रो विस्तार और वाराणसी रोपवे परियोजना का भी उल्लेख किया। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यवासिनी धाम, अयोध्या में श्रीराम मंदिर, ब्रज क्षेत्र, शुकतीर्थ और मां शाकंभरी शक्तिपीठ के विकास को विरासत और विकास का उदाहरण बताया।   23 अक्टूबर को मतदान के लिए अवकाश मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदाताओं के लिए अवकाश रहेगा। उन्होंने मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराई जाने वाली कलम से मतपत्र पर वरीयता अंकित करने की अपील की।   शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक के शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा … Read more

‘पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया’… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब

'पश्चिम ही नहीं, पूरे यूपी में सपा की हालत खराब'… राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला 'पूरब में साइकिल की हवा निकाल रहे राजभर, निषाद और अनुप्रिया'… अखिलेश को ओपी राजभर का जवाब 'अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं'… गन्ना किसानों के भुगतान पर राजभर ने दिलाई सपा शासन की याद 'सपा राज में गन्ना किसान आत्महत्या को मजबूर थे'… अखिलेश पर बरसे राजभर 'अखिलेश ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया, दलितों पर गुंडागर्दी की'… राजभर ने पूछा- सपा के साथ क्यों जाएंगे दलित? '2027 में सपा का सफाया तय, हताश हो गए हैं अखिलेश'… ओम प्रकाश राजभर का तीखा प्रहार 'सपा के फर्जी वोटरों का खेल खत्म हुआ इसलिए SIR पर झूठ फैला रहे अखिलेश', राजभर का बड़ा हमला लखनऊ,   यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गन्ना किसानों का मुद्दा उठाया था और पश्चिमी यूपी में सपा को मजबूत करने की बात कही थी। इस पर तंज कसते हुए राजभर ने कहा कि पश्चिम ही नहीं, पूरब समेत पूरे प्रदेश में सपा की हालत खराब है। गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और अखिलेश यादव के शासनकाल में किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। सपा राज में महीनों तक नहीं होता था गन्ना किसानों का भुगतान ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव झूठ की दुकान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान गन्ना किसानों के साथ जितना अन्याय हुआ, उतना कभी नहीं हुआ। किसानों को महीनों तक भुगतान नहीं मिलता था और वे आत्महत्या करने को मजबूर थे। राजभर ने कहा कि योगी सरकार में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान हुआ है और अब 14 दिनों के भीतर भुगतान किया जा रहा है। पूरे यूपी में सपा की हालत खराब: राजभर राजभर ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सपा की हालत खराब है। उन्होंने कहा, 'पूरब में ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जी साइकिल की हवा निकाल रहे हैं।' उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी यूपी में सपा का ऐसा हाल होगा, जिसकी उसने उम्मीद भी नहीं की होगी। दलित-पिछड़ों के सपा से जुड़ने के दावे पर उठाए सवाल अखिलेश यादव के दलित और पिछड़े नेताओं के समाजवादी पार्टी से जुड़ने के दावे पर राजभर ने सपा के पुराने कार्यकाल का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि दलित सपा के साथ क्यों जुड़ेंगे? राजभर ने कहा कि सपा सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया। सपा सरकार के दौरान दलितों के साथ तानाशाही और गुंडागर्दी हुई। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर के नाम पर बने जिलों और पार्कों के नाम बदल दिए गए। राजभर ने सवाल किया कि क्या दलित इन बातों को भूल जाएंगे? गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि मायावती की हत्या की योजना समाजवादी पार्टी के लोगों ने बनाई थी। '2027 में सपा का सफाया तय' राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव हताश हो गए हैं और उन्हें पता है कि 2027 में सपा का सफाया तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सपा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है, जबकि उसका इतिहास फर्जी मतदान कराने का रहा है। राजभर ने कहा कि SIR से अखिलेश यादव को इसलिए दिक्कत हो रही है, क्योंकि उन्हें पता है कि अब सपा के फर्जी वोटर मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे।

यूपी विधान परिषद चुनाव में आधार-पैन समेत इन दस्तावेजों से कर सकेंगे पहचान प्रमाणित

अलीगढ़  यूपी विधान परिषद चुनाव में मतदाता की पहचान सुनिश्चित करने और फर्जी मतदान पर अंकुश लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने पहचान संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। 23 अक्टूबर को होने वाले उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव में मतदाताओं को मतदान से पहले अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि जिन मतदाताओं को फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र जारी किया गया है, उन्हें मतदान के समय इसे प्रस्तुत करना होगा। पहचान पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में आयोग द्वारा निर्धारित वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दिखाकर मतदान किया जा सकता है। इन दस्तावेजों से भी कर सकेंगे पहचान प्रमाणित वैकल्पिक दस्तावेजों में आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी एवं निर्धारित संस्थानों द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र और सांसद, विधायक एवं पार्षदों को जारी सरकारी पहचान-पत्र शामिल हैं। संबंधित स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता अपने शैक्षिक संस्थान द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र, विश्वविद्यालय की डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अथवा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूडीआईडी कार्ड से भी निर्धारित नियमों के तहत पहचान प्रमाणित कर सकेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की है कि मतदान के दिन निर्धारित पहचान दस्तावेज अवश्य साथ लाएं। इससे पहचान सत्यापन में सुविधा होगी, मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित रहेगी और पात्र मतदाता बिना अनावश्यक परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने को चलाया सम्पर्क अभियान आगरा खंड शिक्षक क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य पद के भाजपा प्रत्याशी प्रत्याशी इंजी. हरि कशोर तिवारी के लिए गुरूवार को रामघाट रोड स्थित ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल और लेफ्टिनेंट नाहर सिंह इंटर कॉलेज, टीकाराम कन्या महाविद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों में भाजपा महानगर अध्यक्ष इंजी. राजीव शर्मा और एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह ने शिक्षकों से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में अधिक से अधिक मतदान कर विजयी बनाने की अपील की। महानगर अध्यक्ष ने कहा भाजपा ने हमेशा शिक्षकों को सम्मान दिया है और शिक्षकों के लिए सरकार द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाऐं शुरू की हैं। जिनसे वो लाभान्वित हो रहे हैं और भविष्य में भी सरकार शिक्षकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने जा रही है। एमएलसी ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षकों के हित के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और उनके हितों को सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए संकल्पित है।

नवरात्र में देवी दर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी, भाजपा सांसद प्रकाश पाल ने अखिलेश पर साधा निशाना

नवरात्र में देवी मंदिरों से अखिलेश ने बनाई दूरी, यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा: प्रकाश पाल ​ सपा मुखिया पर बरसे भाजपा के राज्यसभा सांसद – 'मस्जिद ले जाकर पत्नी का अपमान करा सकते हैं, सम्मान से देवी दर्शन से है परहेज' नवरात्र में देवी मंदिरों से विपक्ष की दूरी पर भाजपा का राहुल-अखिलेश पर प्रहार, कहा- सनातन विरोधी चेहरे फिर बेनकाब, शक्ति पर भारी पड़ेगा अहंकार लखनऊ  राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ इंडी गठबंधन पर सनातन धर्म के प्रति दुर्भावना रखने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को कानपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि नवरात्र के पावन पर्व पर पूरा देश देवी भक्ति में लीन है। विपक्षी नेता जानबूझकर सनातन की आस्था के केंद्रों से दूरी बनाए हुए हैं। नवरात्र में देवी मंदिरों से अखिलेश ने बनाई दूरी भाजपा सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि मौजूदा समय में पूरा सनातन समाज शारदीय नवरात्र का महापर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव से मना रहा है। नवरात्र के पहले दिन से ही सभी देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है और लोग आस्था के साथ दर्शन-पूजन कर रहे हैं। इसके विपरीत इंडी गठबंधन के प्रमुख नेता चाहे वह अखिलेश यादव हों या राहुल गांधी… अब तक किसी भी देवी मंदिर में नजर नहीं आए हैं। विशेष रूप से अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी देवी मंदिर में उनको अब तक नहीं देखा गया है। तुष्टिकरण की पराकाष्ठा पर सपा और उसके सहयोगी दल प्रकाश पाल ने तीखे शब्दों में कहा कि सपा और उसके सहयोगी अन्य विपक्षी दलों के नेता सनातन धर्म से दूरी बनाने की होड़ में इस कदर आगे बढ़ चुके हैं कि वे तुष्टिकरण में पूरी तरह व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी को अपने साथ लेकर दिल्ली की मस्जिद में जाकर अपमान तो करवा सकते हैं, लेकिन सम्मान के साथ किसी देवी मंदिर में जाना उन्हें गवारा नहीं है। पूरा सनातन समाज उनकी इस तुष्टिकरण की नीति को बहुत ध्यान से देख रहा है। राहुल गांधी के शक्ति वाले बयान पर किया पलटवार कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने कहा था कि हिंदू धर्म में जो शक्ति है, मैं उसे खत्म करना चाहता हूं। पाल ने कहा कि हमारे सनातन धर्म में शक्ति का स्वरूप ही देवी शक्ति और नारी शक्ति है, जिसे खत्म करने की बात विपक्षी नेता करते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिस शक्ति को महिषासुर, चंड और मुंड जैसे असुर खत्म नहीं कर पाए, उसे ये राजनीतिक दल क्या खाक खत्म करेंगे। शक्ति की महिमा न्यारी है और वह चंड-मुंड पर सदैव भारी है।

योगी सरकार में खिलाड़ियों को सम्मान और नौकरी, ‘पदक लाओ, पद पाओ’ योजना का किया जिक्र

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की प्रदेशवासियों को बधाई दी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर और बलरामपुर के देवी पाटन धाम में कलश स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शारदीय और चैत्र नवरात्रि में व्रत रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुरक्षा व प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की प्रदेशवासियों को बधाई दी। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर और बलरामपुर के देवी पाटन धाम में कलश स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शारदीय और चैत्र नवरात्रि में व्रत रखते हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आस्था, विकास व विरासत के जरिए राज्य में आए बदलाव से अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश में अब ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो रही है। 2017 से पहले चारदीवारी में कैद थे बेटियों के सपने मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेश में पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय और अराजकता का ऐसा माहौल था, जहां बेटियों के सपनों पर पहरे थे, हौसलों पर बंदिशें थीं और प्रतिभा अवसर के अभाव में दम तोड़ने को मजबूर थी। खेल के मैदान माफिया के कब्जे में थे, संसाधन नदारद थे और बेटियों की उड़ान को पंख देने के बजाय, उनके सपनों को चारदीवारी में कैद कर दिया गया था। प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा सीएम योगी आदित्यनाथ ने ने बताया कि ओलंपिक, कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को लाखों-करोड़ों के पुरस्कार और ‘पदक लाओ, पद पाओ’ के तहत सीधी भर्ती जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को प्रोत्साहन, उपलब्धियों को सम्मान और भविष्य को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इस परिवर्तन की गूंज अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर भी सुनाई दे रही है। एथलेटिक्स में पारुल चौधरी, प्रियंका गोस्वामी, प्राची चौधरी और अन्नू रानी, जूडो में अस्मिता डे, क्रिकेट में दीप्ति शर्मा और मेघना सिंह, हॉकी में वंदना कटारिया, कुश्ती में दिव्या काकरान ने कॉमनवेल्थ एवं एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुरक्षा व प्रोत्साहन से लिखी जा रही बदलाव की नई गाथा मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलाव को भी इंगित किया। कहा कि विगत साढ़े 9 वर्षों में प्रदेश में बदलाव की नई गाथा लिखी गई है। भय का स्थान सुरक्षा ने लिया है, उपेक्षा का स्थान प्रोत्साहन ने लिया है और संसाधनों के अभाव का स्थान खेल सुविधाओं के विस्तार ने लिया है। गांव के खेल मैदानों और ब्लॉक स्तरीय मिनी स्टेडियम से लेकर जिला स्तरीय स्टेडियम, मंडल स्तरीय स्पोर्ट्स कॉलेज तथा मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय तक, बेटियों को अपनी प्रतिभा निखारने का सशक्त आधार मिल रहा है।

अयोध्या-चित्रकूट हाईवे में मिलीं गंभीर खामियां, अधिशासी अभियंता निलंबित

प्रयागराज   अयोध्या को चित्रकूट से जोड़ने वाले राम वन गमन मार्ग के निर्माण में लापरवाही पर शासन ने सख्ती दिखाते हुए अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया था और अधीक्षण अभियंता पर प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। निलंबन की कार्रवाई दैनिक जागरण में प्रकाशित खबरों पर 12 सितंबर को की गई थी। गुरुवार को कार्रदायी संस्था को एक साल के लिए डिबार कर दिया गया है। हाईवे की सड़क और सुरक्षात्मक कार्यों में खामियां मिलने पर अधिशासी अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय मार्ग) प्रयागराज ओंकार भारतीय के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने दिल्ली की ठेकेदार फर्म एसएंडपी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को एक महीने के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया था। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731ए के राम वन गमन मार्ग ग्रीनफील्ड हाईवे के पैकेज-दो के निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आई थीं। फ्लाईओवर के एप्रोच और गैप में गड़बड़ी मिली थी। इसके अलावा करीब डेढ़ किलोमीटर तक सड़क के किनारे की पटरी में दरारें थीं, जबकि लगभग 500 मीटर लंबाई में हाईवे के किनारे किए गए सुरक्षात्मक कार्य भी क्षतिग्रस्त पाए गए थे। निरीक्षण टीम ने माना कि अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता ने परियोजना के कार्यों की निगरानी में लापरवाही बरती और अपने पर्यवेक्षणीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। इसके बाद सचिव लोक निर्माण विभाग दिव्य प्रकाश गिरि ने अधिशासी अभियंता को निलंबित करने और अधीक्षण अभियंता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।  

नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड, सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे सौरभ के परिजन

मेरठ  नीला ड्रम केस यानी सौरभ हत्याकांड में मृत्युदंड पाने वाली मुस्कान ने हाईकोर्ट में अपील की तैयारी शुरू कर दी है। कोर्ट ने बुधवार को हत्या के दोषी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को सजा सुनाई थी। जेल सूत्रों के अनुसार बुधवार को सजा सुनाए जाने के बाद रात को मुस्कान अपनी 11 माह की बेटी राधा को सीने से लगाकर रोती रही। गुरुवार सुबह मुस्कान उठी और नाश्ते के बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से हाईकोर्ट में अपील का रास्ता पूछा। पूरी प्रक्रिया बताने की मांग कर कानूनी मदद मांगी। दूसरी ओर, मुस्कान के परिजनों ने उससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मुस्कान को उसके जुर्म की सजा मिली है। वहीं, सौरभ के परिजनों ने भी कहा कि वे दोनों का पीछा सुप्रीम कोर्ट तक नहीं छोड़ने वाले। वहीं जेल प्रशासन शुक्रवार को इस मामले में कोर्ट को पत्र भेजकर सजा के आदेश की कॉपी मांगेगा। सजा के खिलाफ एक माह के अंदर हाईकोर्ट में अपील करना जरूरी होता है। वहीं साहिल और मुस्कान की समाज में वापसी की संभावना नहीं है। उन्होंने जिस तरह से अपराध किया, उसके बाद कई ऐसी घटनाएं हुई। नीला ड्रम पारिवारिक रिश्ते में आतंक का पर्याय बन गया। कोर्ट ने माना कि दोनों आरोपियों का परिवार से कोई खास ताल्लुक नहीं है और न ही उनमें सुधार की संभावना है। ऐसे में अपराध को विरल से विरलतम श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड को सही ठहराया। कोर्ट ने माना कि मुस्कान ने अपने पति सौरभ के विश्वास और प्रेम को बड़ी बेरहमी से कुचला। सौरभ राजपूत को एक क्रूर मौत का शिकार बनना पड़ा। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक रिश्ते में यह कुरूपता घटना को विरलतम बनाती है। कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि साहिल और मुस्कान की अभी तक की जेल में रहने की अवधि से यह पता किया जा सकता कि दोषियों में सुधार की संभावना है। साहिल द्वारा पिता से मिलने में कोई रूचि नहीं दिखाई गई और न ही मुस्कान ने बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जताई। डेढ़ साल में मुस्कान से मिलने उसके परिवार का कोई सदस्य जेल नहीं गया। ऐसे में साफ है कि दोनो का व्यवहार सामान्य नहीं है। यह मानना मुश्किल है कि आरोपी ऐसा काम नहीं करेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान भी दोषियों में कोई अपराध बोध नहीं दिखाई दिया। ऐसे में साहिल और मुस्कान के सुधार और समाज में वापसी की संभावना का अभाव है। कोर्ट ने माना कि नीला ड्रम परिवारजनों के एकांत के क्षणों और स्थानों में भय व आशंका का प्रवेश हुआ। युवा मन में विवाद के प्रति एक अज्ञात भय जन्मा है। कोर्ट ने कहा कि सौरभ की हत्या के बाद शव और साक्ष्य को छिपाने का तरीका भी चौकाने वाला था, जिसने समाज की अंतरात्मा को हिला दिया। कातिलों को अपने अपराध का कोई पछतावा या अपराध बोध नहीं है। साहिल और मुस्कान को सजा के आदेश में महाभारत के एक अन्य श्लोक का भी हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया कि जिस राज्य में राजा दंड में रूचि रखता है, वहां धर्म बचा रहता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शुक्रवार को गाजियाबाद दौरा

शुक्रवार को गाजियाबाद आएंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ -इंदिरापुरम स्थित 40 एमएलडी क्षमता वाले टीएसटीपी का करेंगे निरीक्षण – डासना के सुंदरदीप कॉलेज में शिक्षक और स्नातक मतदाता सम्मेलन को करेंगे संबोधित – 23 अक्टूबर को प्रस्तावित एमएलसी चुनाव के मद्देनजर मेरठ-सहारनपुर खंड के मतदाताओं से करेंगे संवाद गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गाजियाबाद के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह इंदिरापुरम स्थित टर्शियरी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद डासना स्थित सुंदरदीप इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित भाजपा के शिक्षक और स्नातक मतदाता सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे। 320 करोड़ की परियोजना से उद्योगों को मिल रहा शोधित जल मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:10 बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह इंदिरापुरम स्थित टीएसटीपी का निरीक्षण करने जाएंगे। करीब 320 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस प्लांट की क्षमता 40 एमएलडी है। यहां सीवेज के पानी को शोधित कर औद्योगिक उपयोग के योग्य बनाया जाता है। परियोजना से करीब 1,200 औद्योगिक इकाइयों को पानी की आपूर्ति की जाती है। शिक्षक-स्नातक मतदाताओं को करेंगे संबोधित टीएसटीपी के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:45 बजे डासना स्थित सुंदरदीप इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचेंगे। यहां भाजपा की ओर से मेरठ-सहारनपुर खंड के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्मेलन को संबोधित करेंगे।