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मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर, आत्मविश्वास से भर रही नई उड़ान

मिशन शक्ति फेज 6 घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, योगी सरकार में महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर, आत्मविश्वास से भर रही नई उड़ान सभी 75 जिलों में जागरूकता अभियान, रैलियों से लेकर साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं तक महिलाओं-बालिकाओं को किया जा रहा जागरूक महिला सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक 15 बिंदुओं पर विभाग कर रहा काम 50 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी, वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से जुड़ीं 1.8 लाख से ज्यादा बालिकाएं लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में महिला कल्याण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। बेटियां एक दिन की अफसर बन समझ रहीं प्रशासनिक कार्यप्रणाली महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेटियों को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का हौसला मिल रहा। सभी 75 जिलों में रैलियां, पदयात्राओं से जन-जन तक पहुंच रहा संदेश लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं। अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ बालिकाओं को सांकेतिक प्रशासनिक दायित्व सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिला सशक्तीकरण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। साइबर सुरक्षा से बाल विवाह उन्मूलन तक 15 गतिविधियों पर जोर महिला कल्याण विभाग अभियान के तहत 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है। इनमें जनजागरूकता रैलियां, महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संबंधी कार्यशालाएं शामिल हैं। साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान एवं सूचना देने संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त वृद्धजन आवासों और आश्रय गृहों में संवेदीकरण, कन्या जन्मोत्सव, नवजात शिशु किट एवं पोषण वितरण, किशोरी स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और सेनेटरी पैड वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए शपथ एवं जनसंवाद तथा महिला नेतृत्व में यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ वित्तीय साक्षरता पर फोकस महिला कल्याण विभाग की टीमें गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर महिलाओं एवं परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दे रही हैं। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर सरकारी सहायता का लाभ दिलाना है। बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं। इसके माध्यम से बालिकाओं में आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं की जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई 17 अक्टूबर-20 को शुरू हुआ मिशन शक्ति पांच चरणों के बाद अब छठवें चरण में पहुंच गया है। अभियान के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास, नारी संरक्षण गृह और अन्य आश्रय सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें। आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दे रही है। संबंधित अधिकारियों को अभियान में प्राथमिकता के आधार पर सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Meerut Snake Bite Case: अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मिली मौत की सजा

 मेरठ  सांप के डसने से मौत का मामला समझे जा रहे अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार देने के बाद यह फैसला सुनाया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों की गवाही हुई। इस हत्याकांड का पर्दाफाश तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा के पोस्टमार्टम कराने के फैसले से हुआ था। परिवार और पत्नी के विरोध के बावजूद कराए गए पोस्टमार्टम में अमित की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। गला दबाकर हत्या, सांप से डसवाने की साजिश मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के सैदपुर निवासी रविता की शादी नौ वर्ष पहले बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं। अमित के साथ काम करने वाला अमरदीप पड़ोस में रहता था और रविता को चाची कहकर बुलाता था। इसी रिश्ते की आड़ में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई वर्ष पहले प्रेम संबंध हो गए। 12 अप्रैल 2025 को अमित पत्नी और बच्चों के साथ शाकंभरी देवी के दर्शन करने गया था। लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित की नजर बचाकर अमरदीप से बात की। इसके बाद दोनों ने अमित की हत्या की साजिश रची। शाम तक सांप की व्यवस्था कर ली गई और अमरदीप ने उसे खेत में छिपा दिया। रात करीब दस बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया। इसके बाद अमरदीप थैले में सांप लेकर पहुंचा। रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद दोनों ने शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया। सांप की पूंछ अमित की कमर के नीचे दबने से उसने पांच बार काटा। इससे शरीर पर बने निशानों के कारण हत्या को सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई। पोस्टमार्टम से खुला हत्या का राज 13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार किया और बेटे को अमित के पास भेजा। चारपाई पर सांप देखकर बेटे ने शोर मचा दिया। परिवार ने अमित की मौत सांप के डसने से होना मान लिया। शव को बुलंदशहर के गुलावटी ले जाकर झाड़-फूंक भी कराई गई। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचीं। परिवार और रविता पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। तीन दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया। 86 तारीखों के बाद सुनाया फैसला अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में सुनवाई के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सात अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या का पर्दाफाश करने वाली अहम कड़ी साबित हुई।  

मिनी नंदिनी योजना में बदले नियम, दूसरे राज्यों के व्यापारियों से गाय मंगाने की मिलेगी सुविधा

सहारनपुर  पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत गायों की खरीद प्रक्रिया में बदलाव किया है। नई व्यवस्था से योजना में चयनित पशुपालकों को साहीवाल और गिर जैसी उन्नत नस्ल की गाय खरीदने के लिए गुजरात, राजस्थान या दूसरे राज्यों में खुद जाने की जरूरत नहीं होगी। वे दूसरे राज्यों के व्यापारियों के माध्यम से भी गाय मंगा सकेंगे। इससे समय और अतिरिक्त खर्च बचने की उम्मीद है। कम होगी खरीद की भागदौड़ अब तक दूसरे राज्यों से गाय खरीदने के लिए पशुपालकों को संबंधित प्रदेशों तक जाना पड़ता था। आने-जाने का खर्च और समय लगने के साथ पशुओं के चयन में भी कई तरह की परेशानियां आती थीं। नई व्यवस्था में पशुपालक दूसरे राज्यों के व्यापारियों से संपर्क कर गाय मंगाने का विकल्प चुन सकेंगे। इससे खरीद के लिए होने वाली भागदौड़ कम होगी और उनके सामने विकल्प भी बढ़ेंगे। योजना के तहत साहीवाल और गिर जैसी उन्नत नस्लों को महत्व दिया जा रहा है। इन नस्लों की गायों में पशुपालकों की रुचि रहती है। बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है। दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा उत्तर प्रदेश सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में खरीद प्रक्रिया सरल बनाने की पहल भी इसी दिशा में है। गाय खरीदने के लिए दूसरे राज्यों तक जाने की जरूरत कम होने से पशुपालकों को आर्थिक और व्यावहारिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एमपी सिंह गौर ने बताया कि नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को योजना के निर्धारित नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इससे गायों की खरीद में आने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं और उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन को प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएम योगी का ऐलान, यूपी में तीन दिन सार्वजनिक अवकाश

लखनऊ सीएम योगी ने यूपी में 19 अक्टूबर को सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। यूपी में अब लगातार तीन दिन तक स्कूल-कॉलेज और सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। इस संबंध में प्रमुख सचिव ने सभी जिलों को आदेश भी जारी कर दिए हैं। यूपी में लगातार तीन दिन तक सार्वजनिक छुट्टी रहेगी। 18 अक्टूबर को रविवार और 20 अक्टूबर को दशहरा के चलते सरकारी ऑफिस और स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। महानवमी के चलते सीएम योगी ने अब 19 अक्टूबर को भी छुट्टी की घोषणा कर दी है। सीएम योगी के इस ऐलान के बाद सरकारी कर्मचारियों और स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब सीधे 21 अक्टूबर यानी बुधवार को ऑफिस और स्कूल खोले जा सकेंगे। सीएम योगी के इस ऐलान के बाद प्रमुख सचिव ने छुट्टी का आदेश सभी जिलों में जारी कर दिया है। बतादें कि शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने सीएम योगी से 19 अक्टूबर को पड़ने वाली महानवमी पर सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की मांग की थी, जिसे सीएम योगी ने मान लिया।   छुट्टी के लिए सीएम योगी को भेजा गया था लेटर 19 अक्टूबर को यूपी में सार्वजनिक छुट्टी करने को लेकर विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने सीएम योगी और मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। पत्र में संगठनों ने कहा था कि 18 अक्टूबर को रविवार और 20 अक्टूबर को दशहरे का अवकाश रहेगा। ऐसे में 19 अक्टूबर को भी छुट्टी मिलने से लगातार तीन दिन अवकाश मिलेगा। यूपी में लगातार तीन दिन रहेगी सार्वजनिक छुट्टी यूपी में त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है। छठ पूजा तक छोटे-बड़े पर्व और त्योहार पड़ेंगे जिसके चलते सरकारी ऑफिसों और स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी रहेगी। नवरात्र से इसकी शुरुआत हो गई है। 18 अक्टूबर के चलते छुट्टी रहेगी। 19 अक्टूबर को सीएम योगी महानवमी को लेकर सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा कर दी है। 20 अक्टूबर को दशहरा के चलते सार्वजनिक छुट्टी है। इस हिसाब से लगातार तीन दिन की छुट्टी का फायदा मिलेगा। छुट्टी को लेकर स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं और सरकारी ऑफिस वालों ने राहत की सांस ली है। लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के बजाय अराजकता के औजार थमाने की कोशिश की जा रही है। चुनाव सुधार का मुखौटा और न्याय का नारा देकर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है। षड्यंत्रों के अंधड़ भारत के लोकतंत्र को नहीं हिला सकते। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं।

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, 2 नवंबर से शुरू होंगी कक्षाएं

बेटियों को शिक्षा के साथ हुनर देकर स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना योगी सरकार की प्राथमिकता मिशन निदेशक ने दिए समयबद्ध तैयारी के निर्देश, प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगी विशेष निगरानी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल, स्वावलंबन और रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल से लैस करने के लिए ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने प्रदेश के 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशिक्षण कक्षाएं आगामी 2 नवंबर से शुरू होंगी। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को पारंपरिक स्कूली शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें। विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित वर्ग की बालिकाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उनके लिए आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। शिक्षा के साथ कौशल, बेटियों के सशक्तीकरण पर जोर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार बेटियों को सशक्त, स्वावलंबी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि बेटियों को शिक्षा के साथ ऐसा व्यावहारिक कौशल भी मिले, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करे और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक बने। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति और कौशल विकास मिशन के समन्वय से महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण को नई दिशा मिल रही है। प्रोजेक्ट प्रवीण इसी सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से छात्राओं को कम उम्र से ही हुनरमंद बनाकर उनके आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत किया जाएगा। एआई से लेकर ग्रीन जॉब्स तक, आधुनिक ट्रेड्स में प्रशिक्षण प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत छात्राओं को हेल्थकेयर, आईटी-आईटीईएस, अपैरल, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और ग्रीन जॉब्स जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कंप्यूटर तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इससे छात्राओं को तकनीकी दक्षता के साथ व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण की अधिकतम अवधि 300 घंटे निर्धारित की गई है। संबंधित पाठ्यक्रमों के साथ मिशन पोर्टल पर उपलब्ध एआई कोर्स अथवा ‘युवा एआई फॉर ऑल’ का अध्ययन अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण शुरू होने के सात कार्यदिवस के भीतर छात्राओं को पाठ्य-पुस्तकें और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके वितरण का प्रमाण मिशन पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा। 2 नवंबर तक कक्षाएं शुरू करने के निर्देश उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने संबंधित प्रशिक्षण प्रदाताओं और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (डीपीएमयू) को सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण केंद्रों की स्वीकृति, छात्राओं का पंजीकरण और बैच निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर प्रत्येक दशा में 2 नवंबर 2026 तक कक्षाएं प्रारंभ करने को कहा गया है। मिशन पोर्टल पर केंद्र और बैच की स्वीकृति के लिए आवेदन प्राप्त होने के बाद अधिकारियों को दो कार्यदिवस के भीतर निर्णय लेना होगा। प्रशिक्षण एनसीवीटी और एनएसक्यूएफ मानकों के अनुरूप संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल के पाठ्यक्रम के आधार पर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद छात्राओं का मूल्यांकन भी संबंधित काउंसिल के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और छात्राओं की दक्षता का आकलन सुनिश्चित किया जा सके। गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए नियमित निगरानी प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयां प्रत्येक 15 दिन में प्रशिक्षण केंद्रों और उपलब्ध उपकरणों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी। मिशन निदेशक ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण निर्धारित समय पर शुरू नहीं करने अथवा गुणवत्ता के मानकों में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत आगरा, अलीगढ़, बरेली, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, एटा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हरदोई, जौनपुर, झांसी, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संभल, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी समेत विभिन्न जनपदों के विद्यालयों को शामिल किया गया है।

‘अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना चाहती हैं कुछ शक्तियां’, मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान

अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने का सपना देख रही शक्तियां: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने एक्स पर पोस्ट कर साधा निशाना, कहा- लोकतंत्र में सत्ता का रास्ता जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वालों पर प्रहार, युवाओं को अराजकता का औजार बनाने की कोशिश चुनाव सुधार और न्याय के नाम पर देश में अस्थिरता के बीज बोने का आरोप, कहा- षड्यंत्रों के अंधड़ से नहीं हिलेगा भारतीय लोकतंत्र सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं, राष्ट्र निर्माण के लिए है युवाशक्ति, अराजकता की सियासी साजिश नहीं होने देंगे सफल राजनीति के मारीचों-कालनेमियों को जनता पहले ही सत्ता से कर चुकी है दूर, अब अराजकता फैलाकर कुर्सी हथियाने की कोशिश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली शक्तियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं को राष्ट्र निर्माण के बजाय अराजकता की ओर धकेलना चाहती हैं। चुनाव सुधार का मुखौटा लगाकर, न्याय का नारा देकर और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने की कोशिश हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की मजबूत जड़ों पर खड़ा है। इसे किसी षड्यंत्र से हिलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री योगी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं। उनका इशारा उन शक्तियों की ओर था, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अराजकता के सहारे सत्ता तक पहुंचने का सपना देख रही हैं। चुनाव सुधार का मुखौटा लगाकर अस्थिरता फैलाने की कोशिश मुख्यमंत्री ने चुनाव सुधार, न्याय और लोकतंत्र के नाम पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र जनविश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है। षड्यंत्रों के अंधड़ उसे हिला नहीं सकते। मुख्यमंत्री का संदेश था कि सत्ता परिवर्तन का एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता जनता का जनादेश है, न कि अराजकता का सहारा लेना। राष्ट्र निर्माण के लिए है युवाशक्ति, सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं को अराजकता की राजनीति में इस्तेमाल करने की कोशिशों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भारत की युवाशक्ति देश का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने उन शक्तियों पर निशाना साधा, जो अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए युवाओं को अराजकता का औजार बनाना चाहती हैं। मारीचों-कालनेमियों को पहचान चुकी है जनता मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में राजनीतिक विरोधियों के लिए मारीच और कालनेमि का उल्लेख करते हुए तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है। अब ये देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ऐसी किसी भी सियासी साजिश को सफल नहीं होने देगा।

योगी सरकार की पहल से बालिकाओं में आत्मसम्मान, स्वास्थ्य जागरूकता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर

सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का दिया गया प्रशिक्षण सरकारी अस्पताल में पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न जांचों की प्रक्रिया से कराया गया परिचित स्वास्थ्य सेवाओं की व्यावहारिक जानकारी से बालिकाओं को जागरूक और सक्षम बनाने की पहल लखनऊ बालिकाओं को आत्मविश्वास से भरने, उनमें आत्मसम्मान की भावना विकसित करने और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) की 1,29,227 बालिकाओं ने सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम पर आधारित प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के तहत छात्राओं को आत्मसम्मान और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी जानकारी देने के साथ सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने की व्यावहारिक प्रक्रिया भी समझाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बालिकाओं की शिक्षा और उनके समग्र विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों के क्रम में यह कार्यक्रम छात्राओं को जीवनोपयोगी जानकारी से जोड़ने की दिशा में अहम है। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के निर्देशन में संचालित विभागीय गतिविधियों के तहत बालिकाओं को शिक्षा के साथ अपने स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जरूरतों के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। आत्मसम्मान और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम का केंद्र बालिकाओं में आत्मसम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं को स्वयं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने और दैनिक जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के महत्व से परिचित कराया गया। इस तरह की गतिविधियां बालिकाओं को केवल शैक्षिक ज्ञान तक सीमित न रखकर व्यावहारिक जीवन की आवश्यकताओं के प्रति भी जागरूक बनाने का अवसर प्रदान करती हैं। अस्पताल भ्रमण से समझीं स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता बालिकाओं को सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना रही। छात्राओं को अस्पताल भ्रमण के दौरान पर्चा बनवाने, संबंधित डॉक्टर को दिखाने और विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय जांच करवाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। इस गतिविधि के जरिए बालिकाओं को समझाया गया कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता होने पर सरकारी अस्पताल में किस प्रकार पंजीकरण कराया जाता है, चिकित्सक से परामर्श कैसे लिया जाता है और जांच की प्रक्रिया किस तरह पूरी होती है। स्वास्थ्य सेवाओं की यह व्यावहारिक जानकारी छात्राओं को जरूरत पड़ने पर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने की प्रक्रिया समझने में मदद कर सकती है। 1.29 लाख से अधिक बालिकाओं की भागीदारी प्रदेश के विभिन्न प्रकार के विद्यालयों की 1,29,227 बालिकाओं की सहभागिता कार्यक्रम के व्यापक दायरे को दर्शाती है। प्राथमिक से लेकर उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों के साथ केजीबीवी की छात्राओं को शामिल कर प्रशिक्षण को विभिन्न शैक्षिक स्तरों तक पहुंचाया गया। बालिकाओं में आत्मसम्मान, स्वास्थ्य जागरूकता और व्यावहारिक जीवन कौशल को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहलें शिक्षा को जीवन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सेल्फ एस्टीम प्रशिक्षण और अस्पताल भ्रमण के माध्यम से छात्राओं को स्वयं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया समझने का अवसर मिला। यह पहल बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास और उन्हें अधिक जागरूक बनाने की दिशा में उपयोगी कदम है। बालिकाओं में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। सेल्फ एस्टीम कार्यक्रम उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए अधिक जागरूक और सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा 1,29,227 बालिकाओं की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम में छात्राओं को आत्मसम्मान के साथ सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न जांचों की प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई, ताकि वे स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक बन सकें। मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

‘मुख्यमंत्री योगी ने बढ़ाया गन्ने का मूल्य, सपा ने किए खोखले वादे’… पंकज चौधरी ने अखिलेश को घेरा

'सपा राज में गन्ना किसानों को भुगतान के लिए करना पड़ता था आंदोलन'… दयाशंकर सिंह का अखिलेश पर हमला '2027 में हार का डर, इसलिए चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे अखिलेश'… दयाशंकर सिंह का सपा पर तीखा प्रहार 'पश्चिम में सनातन धर्म और जाटों के अपमान का खामियाजा भुगतेगी सपा':दयाशंकर सिंह 'पिछड़ों-दलितों का सपा में कोई सम्मान नहीं', संजय निषाद का अखिलेश पर हमला 'किसानों के मुद्दे पर जितना बोलेंगे, उतना फंसेंगे'… संजय निषाद ने अखिलेश को दी नसीहत लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के गन्ना किसानों, PDA और चुनाव आयोग को लेकर दिए गए बयान पर NDA नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह और संजय निषाद ने अलग-अलग मुद्दों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरा। पंकज चौधरी ने कहा कि पूरा प्रदेश सपा की किसान विरोधी सोच से वाकिफ है। दयाशंकर सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव को 2027 में हार का डर सता रहा है, इसीलिए वो अभी से चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। वहीं, संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी में पिछड़ों और दलितों का कोई सम्मान नहीं है। 'सपा राज में गन्ना किसानों को भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ता था' भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने किसानों के लिए काम करके दिखाया है। उन्होंने कई बार गन्ने का मूल्य बढ़ाया है, जबकि सपा सरकार के दौरान किसानों से केवल खोखले वादे किए जाते थे। वहीं, कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गन्ना किसान सबसे ज्यादा परेशान थे और उन्हें भुगतान के लिए आंदोलन करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि आज गन्ना किसानों को समय पर भुगतान मिल रहा है। दयाशंकर सिंह ने कहा कि सपा ने पश्चिमी यूपी में जिस तरह से जाटों का अपमान किया है। हिंदुओं के साथ अत्याचार किया है। उसका खामियाजा उसे 2027 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में मुजफ्फरनगर में हुए दंगे को कोई सनातनी नहीं भूला है। पश्चिम में और पूरे प्रदेश में सपा का सफाया निश्चित है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि आज सपा के नेता किसानों की बात कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि सपा सरकार के समय के लंबित भुगतान भी मौजूदा सरकार में किए गए थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव किसानों के मुद्दे पर जितना अधिक बोलेंगे, उतना ही फंसते जाएंगे। 'पिछड़ों-दलितों का सपा में कोई सम्मान नहीं' संजय निषाद ने कहा कि पिछड़े और दलित पहले सपा के साथ जुड़े थे, लेकिन अखिलेश यादव की नजर में उनका कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा केवल एक ही जाति और धर्म को महत्व देती है। इसी वजह से अब पिछड़े और दलित सपा से दूर हो गए हैं। संजय निषाद ने कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर चलती है।

योगी सरकार का फैसला, सप्तमी से नवमी तक मंदिरों में होंगे देवी गीत और दुर्गा सप्तशती पाठ

योगी सरकार सप्तमी से नवमी तक मंदिरों में कराएगी देवी गीत व दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन प्रदेश के सभी प्रमुख देवी मंदिरों में होंगे सांस्कृतिक आयोजन, महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोर नवरात्र में 78 स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच, हर जगह 3 प्रतिभाओं को अवसर नवरात्र से खुलेगा महिलाओं/स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा व रोजगार का रास्ता: जयवीर सिंह लखनऊ  प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में शक्ति आराधना के साथ आज से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का संदेश गूंजेगा। मिशन शक्ति के तहत योगी सरकार शारदीय नवरात्र की सप्तमी से नवमी तिथि (शनिवार से सोमवार) तक चयनित मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराएगी। इनमें पारंपरिक देवी गीतों पर आधारित गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा।  देवी गायन और दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे मुख्य आकर्षण नवरात्र की सप्तमी, अष्टमी और नवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में देवी गीतों की पारंपरिक गायन शैली को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ भी होगा। इन आयोजनों के जरिए शक्ति आराधना की परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्थानीय कलाकारों को मंच देगी योगी सरकार प्रत्येक मंदिर में तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह कुल 78 कलाकारों को अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। इनमें महिला कलाकारों की संख्या अधिक रहेगी। लखनऊ के चंद्रिका देवी, संकटा देवी मंदिर, प्रयागराज के अलोपी देवी और ललिता देवी मंदिर में  तीन-तीन स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस तरह लखनऊ और प्रयागराज के चार मंदिरों में कुल 12 कलाकारों को अवसर मिलेगा। बाकी 22 मंदिरों में तीन-तीन कलाकार कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।  सामाजिक बदलाव का माध्यम बनेंगे आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्र आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व है। हमारा प्रयास है कि धार्मिक आयोजन सामाजिक बदलाव का माध्यम बनें और महिलाओं व बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करें। इन कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय कलाकारों, विशेषकर महिला कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक देवी गीतों और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ कलाकारों की आजीविका को सहारा मिलेगा। बॉक्स योगी सरकार इन मंदिरों में कराएगी त्रिदिवसीय आयोजन  मां विंध्यवासिनी देवी- मीरजापुर  विशालाक्षी मंदिर- वाराणसी ज्वाला देवी-सोनभद्र सीता समाहित स्थल- सीतामढ़ी (भदोही) अलोपशंकरी देवी-प्रयागराज ललिता देवी- प्रयागराज कड़ावासिनी- कौशांबी देवीपाटन- बलरामपुर  ललिता देवी- नैमिषारण्य (सीतापुर) शाकुंभरी देवी- सहारनपुर  कात्यायनी देवी- मथुरा मां शीतला चौकिया धाम- जौनपुर  बेल्हा देवी- प्रतापगढ़  महालक्ष्मी देवी मंदिर- वाराणसी चंद्रिका देवी- उन्नाव देवकाली मंदिर- औरैया मां तरकुलहा देवी धाम- गोरखपुर  मां शीतला माता स्थल-मऊ मां सिंह वाहिनी काली देवी- चित्रकूट  गायत्री शक्तिपीठ- हमीरपुर  बैरागढ़ माता- कोंच जालौन कुष्मांडा देवी-घाटमपुर  शीतला माता मंदिर- मैनपुरी चामुंडा देवी मंदिर- फिरोजाबाद चंद्रिका देवी मंदिर-लखनऊ संकटा देवी मंदिर- लखनऊ ।

योगी सरकार पांच डॉप्लर रडार लगाने के लिए खर्च कर रही 19.50 करोड़, आमजन और किसानों को मिलेगी राहत

डॉप्लर रडार देगा यूपी में तूफान-अतिवृष्टि की पूर्व सूचना, मौसम की होगी सटीक निगरानी योगी सरकार पांच डॉप्लर रडार लगाने के लिए खर्च कर रही 19.50 करोड़, आमजन और किसानों को मिलेगी राहत आजमगढ़, लखनऊ, झांसी, अलीगढ़ और वाराणसी में लगेंगे, प्रत्येक रडार की 500 किमी. तक होगी रेंज राहत से पहले बचाव पर फोकस, सरकार मौसम संबंधी आपदाओं से नुकसान कम करने के लिए उठा रही कदम लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मौसम संबंधी आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने और लोगों की जान बचाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। इसी दिशा में प्रदेश में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की योजना बनाई गई, जिसमें से दो स्थापित कर दिए गए है। वहीं तीन अन्य शहरों के लिए प्रक्रिया जारी है। इन व्यवस्थाओं से मौसम की निगरानी बेहतर होगी और आपदा से पहले जरूरी कदम उठाने में मदद मिलेगी। पांच शहरों में स्थापित किए जा रहें डॉप्लर वेदर रडार राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक प्रदेश में मौसम की निगरानी को मजबूत करने के लिए आजमगढ़, लखनऊ, झांसी, अलीगढ़ और वाराणसी में पांच डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने की योजना बनाई गई। अब तक आजमगढ़ और वाराणसी में रडार की स्थापना हो चुकी है, जबकि शेष तीन स्थानों पर काम प्रक्रियाधीन है। इन रडार से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर तेज बारिश, आंधी-तूफान और अन्य गंभीर मौसमी घटनाओं की निगरानी व पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी। हर रडार की रेंज लगभग 250 से 500 किलोमीटर तक होती है। आम लोगों से लेकर किसानों को भी फायदा इन रडार का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। मौसम खराब होने की स्थिति में प्रशासन को पहले से तैयारी करने, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए समय मिल सकेगा। किसानों को भी मौसम की गंभीर परिस्थितियों के प्रति सतर्क करने में सहायता मिलेगी। इससे फसलों, पशुओं और कृषि कार्यों को होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में बेहतर तैयारी की जा सकेगी। बॉक्स कुल 22.45 करोड़ होंगे खर्च प्रदेश में पांच शहरों में अत्याधुनिक डॉप्लर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश मौसम के सटीक और अग्रिम पूर्वानुमान को सक्षम बनाएगा। इस पर योगी सरकार लगभग 19.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अतिरिक्त डॉप्लर वेदर रडार  साइट्स पर सिविल कार्यों के लिए 2.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ऐसे में सरकार कुल 22.45 करोड़ रुपये खर्च कर प्रदेश को आपदा मुक्त बनाने का प्रयास करेगी।