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मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प विषयक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को किया संबोधित

2047 में विकसित होगा भारत, स्वदेशी व आत्मनिर्भर संकल्प अभियान के माध्यम से बढ़ेगा इसका रास्ताः सीएम योगी  2017 के पहले बीमारू था यूपी, यदि 8 वर्ष में बीमारी हट सकती है तो 22 वर्ष में यूपी विकसित भी हो सकता हैः मुख्यमंत्री  स्वदेशी व आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है यूपीआईटीएस, यहां होगा यूपी की ताकत का अहसासः योगी अयोध्या दीपोत्सव में प्रज्ज्वलित होंगे रिकॉर्डतोड़ दीप, दीप भी भारत का स्वदेशी मॉडलः सीएम  योगी की अपीलः देश का पैसा भारत के कारीगरों, हस्तशिल्पियों व युवाओं के हाथों में ही जाए, यह भारत के अंदर लगेगा तो समृद्धि का कारण बनेगा  बोले-जिन लोगों ने वाद के आधार पर बांटा, वे आज भी समाज को बांट और काट रहे हैं लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपदों में स्वदेशी मेले लगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें एमएसएमई विभाग सहयोग करेगा। दीपावली के पहले हर जनपद में 10 से 18 के बीच एक सप्ताह तक ओडीओपी व स्थानीय उत्पादों का मेला लगे। यह कार्यक्रम बहुत अच्छा हो सकता है। इससे स्थानीय उद्यमियों व व्यापारियों को बहुत लाभ होता है और लोग विदेशी उत्पाद खरीदने से भी बचते हैं। सीएम ने कहा कि 2017 से पहले चीन का झालर बाजार में छा जाता था, लेकिन अब लोग मिट्टी के दीप जला रहे हैं। 2017 में दीपोत्सव के आयोजन में 51 हजार दीप अयोध्या मंडल में नहीं मिल पाए थे। इसे पूरे प्रदेश से जुटाना पड़ा था परंतु गत वर्ष जितने दीप प्रज्ज्वलित कराए गए थे, यह सभी अयोध्या में बने थे। इस बार भी दीपोत्सव में रिकॉर्डतोड़ दीप प्रज्ज्वलित होंगे और यह मिट्टी व गाय के गोबर से बनेंगे। लोकल लोगों को तैयार करना होगा। हर घऱ में दीप जले,  दीप भी भारत का स्वदेशी मॉडल है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी संकल्प विषयक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित किया।  स्वदेशी व आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है यूपीआईटीएस सीएम योगी ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में यूपीआईटीएस का आयोजन होगा। 25 को इसके तीसरे चरण का शुभारंभ सुबह 9.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह स्वदेशी और आत्मनिर्भर का सबसे अच्छा मॉडल है। यूपी के अंदर बने उत्पाद को केवल शोकेस ही नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे बड़ा भी मंच मिलेगा। 500 विदेशी समेत पूरे देश से व्यापारी भी खरीदारी करने आ रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, ग्रेनो, यमुना अथॉरिटी समेत आसपास के सभी होटल फुल हो चुके हैं। पिछले साल चार दिन में 2200 करोड़ की बिक्री हुई थी। इस सफलतम आयोजन से यूपी के कारीगरों, उद्यमियों व हस्तशिल्पियों को प्लेटफॉर्म मिलता है। सभी से अनुरोध किया कि एक दिन आईटीएस का अवलोकन करें। यहां यूपी की ताकत का अहसास होगा। स्वदेशी विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने और उसकी आधारशिला को सुदृढ़ करने का अभियान  सीएम ने कहा कि स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत के अभियान का हिस्सा बनने वाला है। यह विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने और उसकी आधारशिला को सुदृढ़ करने का अभियान है। स्वदेशी केवल नारा नहीं है और न ही यह खादी वस्त्रों तक सीमित है। भाजपा नेतृत्व की सरकार देश में सुई से लेकर समुद्री मालवाहक जहाजों और फाउंटेन पेन से लेकर एरोप्लेन का निर्माण कर रही है। पीएम मोदी ने स्वदेशी की इस अवधारणा को व्यापक व विराट रूप दिया है। जो भारत में निर्मित हो, जिसमें भारत के श्रमिकों का पसीना और यहां के युवा शक्ति की प्रतिभा लगी हो। वह स्वदेशी है। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड यानी दुनिया के लिए भारत के द्वारा बनाया गया उत्पाद हमारे लिए स्वदेशी है। हम स्वदेशी को जीवन का हिस्सा बनाएं।   भारत का कोई सानी नहीं था सीएम योगी ने सीपी जोशी के वक्तव्य की चर्चा की और कहा कि दो हजार वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 40 फीसदी था। आज से 300 वर्ष पहले दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत का योगदान 25 फीसदी था। औद्योगिकीकरण से होने वाले उत्पादन में भारत का योगदान नंबर एक (अकेले 25 फीसदी) था। वृहत्तर भारत मतलब आज का भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश। 300 वर्ष तक भारत दुनिया की नंबर एक की आर्थिक ताकत और नंबर एक का उत्पादक राष्ट्र था और कृषि में भारत का कोई सानी नहीं था।  विदेशी शासकों ने स्वार्थ के लिए बंगाल के कारीगरों के हाथ काट दिए थे  मुख्यमंत्री ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से भारत दुनिया में सातवें नंबर पर है। बृहत्तर भारत से पहले रूस, चीन, अमेरिका, कनाडा, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया है। भारत, पाकिस्तान व बांग्लादेश के पास कुल भूभाग साढ़े 42 करोड़ हेक्टेयर का भौगोलिक क्षेत्रफल था, जबकि रूसी संघ के पास 1 अरब 70 करोड़ हेक्टेयर लैंड है। इन देशों में केवल 20 फीसदी भूमि पर कृषि हो सकती है, लेकिन भारत अकेले 60 फीसदी भूभाग पर कृषि करता है। भारत के पास सबसे उर्वरा भूमि और सबसे अच्छा जल संसाधन है। भारत कपड़े का सबसे बड़ा उत्पादक था। भारत दुनिया में कपड़ा बेचता था। मुख्यमंत्री ने बंगाल के इतिहास का जिक्र किया और कहा कि विदेशी शासकों ने स्वार्थ के लिए वहां के कारीगरों के हाथ काट दिए थे। सीएम ने कहा कि होली से दीवाली के बीच हर गांव में गाय, बकरी, भैंस खेतों में बांधे जाते थे। वह उसी हिसाब से खेती को उर्वरक को बनाते थे। हम जितनी खेती का दोहन करते थे, उससे दोगुना रिटर्न करते थे। पीएम मोदी जिसे नेचुरल फॉर्मिंग और सुभाष पालेकर जीरो बजट खेती कहते हैं। हमारा किसान जीरो बजट खेती ही करता था। गाय का गोबर, मूत्र व उससे जुड़े उत्पाद, खुर धऱती को मुलायम करते थे और उर्वरकता को बढ़ाए रखते थे। इससे खूब अन्न उत्पादन होता था।  जिन लोगों ने वाद के आधार पर बांटा, वे आज भी समाज को बांट और काट रहे हैं  सीएम योगी ने कहा कि भारत पर इस्लाम के पहले हमले का जिक्र किया और कहा कि सन 1100 तक भारत में हिंदुओं की आबादी 60 करोड़ थी, लेकिन आजादी के समय 1947 तक यह घटकर सिर्फ 30 करोड़ रह गई। 800-900 वर्ष में हमारी आबादी घटी और खेती के उत्पादन को भी कम कर दिया गया। सिर्फ आक्रांताओं ने ही नहीं मारा, बल्कि भूख, बीमारी, यातनाओं से भी … Read more

सभी 75 जिलों से सरकार को मिल रहे बहुमूल्य सुझाव, ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी भागीदारी

प्रदेशवासियों के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा, स्वास्थ्य और कृषि समेत कई सेक्टर्स में मिल रहे सुझाव प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ, कानपुर नगर, बस्ती समेत कई जिलों से भारी संख्या में मिले सुझाव प्रदेश में कम्प्यूटर संग्रहालय की स्थापना से लेकर गांव-शहर तक हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग  सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा ऐप व त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स के साथ महिलाओं के कौशल प्रशिक्षण पर जोर  जनता से मिलने वाले अच्छे सुझावों को विजन डॉक्युमेंट में शामिल करेगी योगी सरकार  लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार के “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” के तहत राज्य के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों व प्रबुद्ध जनों द्वारा छात्रों, शिक्षकों, उद्यमियों, कृषकों, मीडिया, श्रमिक संघठनों और आमजन से संवाद किया जा रहा है। विगत 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही पूरे प्रदेश के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर सुझाव लिए जा रहे हैं। मंगलवार तक अभियान में करीब पांच लाख सुझाव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों से करीब 4 लाख और नगरीय क्षेत्रों से करीब एक लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। सबसे अधिक भागीदारी 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग की दिख रही है, जबकि जेन-ज़ी और वरिष्ठ नागरिकों ने भी सक्रियता दिखाई है।  शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि समेत हर सेक्टर के लिए उपयोगी सुझाव सुझावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, नगरीय एवं ग्रामीण विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों पर जनता का ज्यादा जोर है। खासकर शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होने वाली नीतियों में पारदर्शिता को लेकर नागरिकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।  ये हैं कुछ प्रमुख सुझाव गाजियाबाद के ऋतिक शर्मा ने उत्तर प्रदेश में भारत का सबसे बड़ा कम्प्यूटर संग्रहालय स्थापित करने का सुझाव दिया। इसमें एनालॉग यंत्रों से लेकर आधुनिक मेनफ्रेम तक की यात्रा प्रदर्शित हो। यह तकनीकी पर्यटन और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। बलिया के आशुतोष पटेल ने हर गांव-नगर तक हाई-स्पीड इंटरनेट व यूनिवर्सल डिजिटल-आईडी की व्यवस्था, स्कूलों में एआई/एआर/वीआर शिक्षा, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक और स्मार्ट सिटी समाधान लागू करने का सुझाव दिया। वाराणसी की आकांक्षा ने सार्वजनिक स्थानों की रोशनी और डिजाइन सुधारने, सीसीटीवी नेटवर्क, सुरक्षा ऐप व त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स की व्यवस्था पर बल दिया। साथ ही महिलाओं के लिए कौशल, वित्तीय पहुंच और फास्ट ट्रैक न्यायालयों की सिफारिश की। लखनऊ की महिमा सिंह ने शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, समान वेतन, स्वास्थ्य व प्रजनन अधिकार, नेतृत्व में भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने बाल विवाह उन्मूलन, घरेलू कार्य की मान्यता और सहायता प्रणालियों की मजबूती को भी जरूरी बताया। अभियान में अब तक फिरोजाबाद, बस्ती, जौनपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, गोरखपुर, सहारनपुर, शामली, एटा, मेरठ, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, महाराजगंज और प्रयागराज से ही 2 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए। सरकार का कहना है कि जनता की इन सुझावों को विकास रोडमैप में शामिल कर उत्तर प्रदेश को 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगाया रोक: यूपी के 558 मदरसों की जांच पर सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी में 558 मदरसों की जांच पर रोक लगा दी है. हाई कोर्ट ने मदरसों को अंतरिम राहत देते हुए आर्थिक अपराध शाखा की ओर से की जा रही जांच पर स्टे कर दिया है.इन इस्लामी धार्मिक शिक्षण संस्थान सरकारी और अनुदान प्राप्त हैं. कोर्ट ने इस मामले में सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर राज्य के 558 सरकारी मदरसों की जांच करने का आदेश आर्थिक अपराध शाखा को दिया था. लेकिन हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए 558 अनुदानित मदरसों के खिलाफ चल रही ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) की जांच पर रोक लगा दी है. आयोग के निर्देश को रद्द करने की मांग मामले के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने याचिका में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28 फरवरी 2025, 23 अप्रैल 2025 और 11 जून, 2025 के आदेशों को चुनौती दी है. इन आदेशों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से आपराधिक जांच शाखा को जांच करने का निर्देश दिया गया था. याचिका में आयोग के इस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है. कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को चार हफ्तों के अंदर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इस मामले को 17 नवंबर 2025 को उपयुक्त बेंच के सामने लिस्ट करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगले आदेश तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सरकार के आदेश के प्रभाव और संचालन पर रोक रहेगी. जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की डबल बेंच ने वाराणसी के टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया और अन्य दो की याचिका पर दिया आदेश. जांच की वजह क्या? राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से मदरसों में अवैध फंडिंग और नियुक्ति को लेकर EOW को निर्देश दिए गए थे. यहां पर कोविड के समय में 308 शिक्षकों की भर्ती को लेकर ये जांच की जानी थी, जिस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. मदरसे और मस्जिद की जमीन को दिए जाने वाले अनुदान की भी जांच के आदेश दिए गए थे. ऐसे आरोप लगाए गए कि यूपी में कोरोना काल के बाद से न सिर्फ नियुक्तियां बढ़ी हैं बल्कि मदरसे भी बढ़े हैं. ऐसे में क्या इन नियुक्तियों में गड़बड़ी हुई है? या फिर ये फर्जी नहीं हैं, इसको लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से जांच के निर्देश दिए गए थे. 

सस्ते में अपना घर पाएं: लखनऊ के फ्लैटों पर 2 लाख रुपये तक की अद्भुत छूट

लखनऊ  लखनऊ विकास प्राधिकरण इस फेस्टिव सीजन लोगों के लिए बंपर ऑफर लेकर आया है. इसके तहत पहले आओ पहले पाओ योजना में उपलब्ध फ्लैटों पर 1 लाख से लेकर 2 लाख रुपए तक सीधी छूट मिलेगी. यह ऑफर 22 सितंबर से 22 अक्टूबर, 2025 तक एक माह के लिए वैध रहेगा. इसके साथ पूर्व में दी जा रही सभी प्रकार की छूट भी प्रभावी रहेंगी. एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर यह विशेष ऑफर खोला जा रहा है. ऐसे में इस फेस्टिव सीजन पर लखनऊ में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों को बड़ी सौगात मिलेगी. ‘पहले आओ-पहले पाओ योजना’ प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में रिक्त फ्लैटों को ‘पहले आओ-पहले पाओ योजना’ के तहत बेचा जा रहा है. इसमें खरीददारों को कई प्रकार की सहूलियत व छूट मिलती है. इसके तहत 45 से 90 दिनों के अंदर फ्लैट की पूरी धनराशि जमा करने पर 06 से 03 प्रतिशत की छूट दी जाती है. अब नवरात्रि, दशहरा व दीपावली के उपलक्ष्य में पहले आओ पहले-पाओ योजना में उपलब्ध फ्लैटों पर बंपर ऑफर निकाला जा रहा है. इन फ्लैटों पर मिल रही इतनी छूट इसके अनुसार 20 लाख से 50 लाख रुपये कीमत के फ्लैटों का पंजीकरण/आवंटन कराने पर 01 लाख की छूट, 50 लाख से 75 लाख रुपये कीमत के फ्लैटों पर 1.50 लाख रुपये की छूट और 75 लाख रुपये से अधिक कीमत के फ्लैटों पर 2 लाख रुपये की छूट दी जाएगी. यह बंपर ऑफर 22 सितंबर, 2025 से एक महीने के लिए ही मान्य रहेगा. 500 से 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल के फ्लैट उपलब्ध एलडीए की विभिन्न योजनाओं में 500 से 1900 वर्गफिट क्षेत्रफल के 1 बीएचके, 2 बीएचके व 3 बीएचके फ्लैट उपलब्ध हैं. जिनकी कीमत लगभग 22 लाख रुपये से 1.08 करोड़ रुपये तक है. इसमें सरकारी कर्मचारियों को फ्लैट की कीमत का 25 प्रतिशत व सामान्य नागरिकों को 35 प्रतिशत भुगतान करने पर हायर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत फ्लैट का कब्जा भी दिया जा रहा है. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति किसी भी बहुमंजिला आवासीय योजना (सुलभ आवास एवं ईडब्ल्यूएस को छोड़कर) में एक से अधिक फ्लैट खरीद सकेगा.  नैमिष नगर के लिए एलडीए ने शुरू किया जमीन का अधिग्रहण लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सीतापुर रोड पर एक नई टाउनशिप लेकर आ रही है. इस टाउशिप को नैमिष नगर नाम से विकसित करने की तैयारी है. इस आवासीय योजना के तरह 3 लाख लोगों का घर का सपना पूरा हो जाएगा. एलडीए इसके लिए बीकेटी तहसील के 18 गांवों की करीब 1084 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है. इसमें ग्राम-भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फरूखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी व दुग्गौर शामिल हैं. योजना के लिए जमीन जुटाने में लगभग 4,785 करोड़ रुपये का खर्च होने की बात कही जा रही है. इसके लिए प्राधिकरण बोर्ड की स्वीकृति भी दी जा चुकी है.  

राम मंदिर के बदले मिलने वाली जमीन पर मस्जिद निर्माण की योजना रद्द, RTI में खुलासा

अयोध्या  अयोध्या में सदियों पुराने मंदिर-मस्जिद विवाद खत्म हो चुका है। विवादित स्थल पर राम मंदिर बन चुका है, जिसे लगातार भव्य रूप दिया जा रहा है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में मुस्लिम पक्ष को जहां मस्जिद के लिए जमीन दी गई, वहां विकास की एक ईंट तक नहीं रखी गई है। और अब तो आरटीआई आवेदन के तहत निर्माण योजना ही खारिज होने की जानकारी मिली है, जो चौंकाने वाली है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक RTI (सूचना का अधिकार) के जवाब से पता चला है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में बनने वाले मस्जिद के लेआउट प्लान को खारिज कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अनिवार्य अनापत्ति प्रमाणपत्र (NoC) जारी नहीं किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर, 2019 को अयोध्या के अहम फैसले में मस्जिद और अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का आदेश दिया था। 3 अगस्त, 2020 को तत्कालीन अयोध्या डीएम अनुज कुमार झा ने अयोध्या के पास धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित कर दी। मस्जिद ट्रस्ट ने 23 जून, 2021 को योजना की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। तब से, मंजूरी पर कोई अपडेट नहीं आया है। विभाग ने बताया ये है दिक्कत अखबार ने आरटीआई कार्यकर्ता के हवाले से लिखा है कि मस्जिद के लेआउट प्लान को मंजूरी न मिलने का कारण विभिन्न सरकारी विभागों से आवश्यक एनओसी का नहीं मिलना है. इन प्रमाणपत्रों के बिना प्राधिकरण ने योजना को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया. यह खुलासा उस समय हुआ है जब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के उसी फैसले के तहत मंजूरी दी गई थी. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और मस्जिद ट्रस्ट की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस मामले में आगे की प्रक्रिया या समयसीमा के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है. यह स्थिति तब और जटिल हो जाती है, जब यह देखा जाता है कि राम मंदिर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि मस्जिद परियोजना अभी तक प्रारंभिक चरण में ही अटकी हुई है. इस खुलासे के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और संबंधित पक्ष इस मामले में आवश्यक कदम उठाएंगे ताकि परियोजना को गति मिल सके. मस्जिद ट्रस्ट ने कही ये बात अखबार ने मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन के हवाले से लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जमीन आवंटित करने का आदेश दिया था और उत्तर प्रदेश सरकार ने हमें वह भूखंड आवंटित किया. मैं हैरान हूं कि सरकारी विभागों ने एनओसी क्यों नहीं दी और प्राधिकरण ने मस्जिद के लेआउट प्लान को क्यों खारिज कर दिया. उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, अग्निशमन विभाग द्वारा की गई साइट जांच के दौरान यह पाया गया कि मस्जिद और अस्पताल भवन की ऊंचाई के अनुसार अप्रोच रोड की चौड़ाई 12 मीटर होनी चाहिए. लेकिन मौके पर दोनों अप्रोच मार्ग 6 मीटर से अधिक नहीं थे और मुख्य अप्रोच मार्ग की चौड़ाई केवल लगभग 4 मीटर थी. ट्रस्ट सचिव ने बताया कि उन्हें एनओसी या खारिज किए जाने के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. अग्निशमन विभाग की आपत्ति के अलावा मुझे किसी अन्य विभाग द्वारा उठाई गई किसी भी आपत्ति की जानकारी नहीं है. NOC आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं मिली? 16 सितंबर 2025 को स्थानीय पत्रकार ओम प्रकाश सिंह की तरफ से दायर आरटीआई आवेदन के जवाब में एडीए ने स्वीकार किया कि मस्जिद ट्रस्ट ने आवेदन और जांच शुल्क के रूप में 4 लाख रुपये का भुगतान किया था। एडीए की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार- पीडब्ल्यूडी, प्रदूषण नियंत्रण, नागरिक उड्डयन, सिंचाई और राजस्व विभाग और नगर निगम, जिला मजिस्ट्रेट और अग्निशमन सेवा से एनओसी मांगी गई थी। मस्जिद ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद के लिए जमीन अनिवार्य कर दी है और उत्तर प्रदेश सरकार ने हमें भूखंड आवंटित किया है। मैं इस बात से अवाक हूं कि सरकारी विभागों ने अपनी एनओसी क्यों नहीं दी और प्राधिकरण ने मस्जिद के लेआउट प्लान को क्यों खारिज कर दिया।" उन्होंने बताया कि "हालांकि अग्निशमन विभाग द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया कि मस्जिद और अस्पताल की इमारत की ऊंचाई के अनुसार यह जरूरी था कि पहुंच मार्ग 12 मीटर चौड़ा होना चाहिए। जबकि मौके पर दोनों पहुंच मार्ग छह मीटर से अधिक नहीं थे। और मुख्य पहुंच मार्ग की चौड़ाई केवल चार मीटर थी। ट्रस्ट सचिव ने कहा कि उन्हें किसी एनओसी या अस्वीकृति के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "अग्निशमन विभाग की आपत्ति के अलावा, मुझे किसी अन्य विभाग की आपत्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं है।" उन्होंने कहा, "अब जब आरटीआई जवाब से हमें स्थिति स्पष्ट हो गई है, तो हम अपनी आगे की कार्रवाई तय करेंगे।"

मौलाना शहाबुद्दीन बोले: आजम खान को राजनीति में नई राह अपनानी चाहिए, अखिलेश यादव पर तीखा हमला

बरेली  आजम खान 23 महीने के बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आजम खान की रिहाई से हमारे समाज के लोगों में खुशी है, लेकिन अखिलेश यादव के साथ न देने का गम भी उन्हें सताता है। मौलाना ने आजम खान को नई पार्टी बनाने की सलाह दी है। मौलाना रजवी ने कहा कि आजम खां ने समाजवादी पार्टी को खून-पसीने से सींचा। मास्टर मुलायम सिंह यादव को जनता के बीच मुल्ला मुलायम बनवाने में आजम खां की बड़ी भूमिका रही। उनके संघर्षों की बदौलत मुलायम और अखिलेश कई बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन मुश्किल घड़ी में अखिलेश यादव ने आज़म खान का साथ छोड़कर एहसान फरामोशी की। उन्होंने सलाह दी कि जेल से बाहर आने के बाद आजम खान को अपने बिखरे हुए साथियों को जोड़ना चाहिए और एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान करना चाहिए। मौलाना का दावा है कि अगर आज़म खान 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से प्रत्याशी उतारते हैं, तो उत्तर प्रदेश का मुसलमान उनके साथ खड़ा होगा और अखिलेश यादव को उनकी असली हैसियत का एहसास होगा। 23 महीने चार दिन से सीतापुर जिला जेल में बंद सपा के कद्दावर नेता आजम खान दोपहर 12.15 बजे जेल से रिहा हो गए। सफेद रंग की इनोवा कार से वह बेटे अदीब व करीबियों के साथ 12.25 पर उनकी गाड़ी रामपुर को रवाना हो गए। रिहाई का समय सुबह का था लेकिन रामपुर कोर्ट में एक मामले का चालान न जमा होने के चलते रिहाई नहीं हो सकी। हालांकि बेटा अदीब सुबह ही जेल पहुंच गया था लेकिन चालान न जमा होने की जानकारी मिलते ही उसने रामपुर संपर्क किया और प्रक्रिया को पूरा किया।  

सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ

मिशन शक्ति – 5  योगी सरकार के मिशन शक्ति से महिलाओं के सशक्तिकरण को मिल रही नई राह सीएम योगी के निर्देश पर महिला सुरक्षा के लिए नई योजनाओं का हुआ शुभारंभ मिशन के तहत महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता पर दिया जाएगा विशेष बल स्वास्थ्य और रोजगार से बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी आत्मरक्षा और जीवन कौशल प्रशिक्षण होंगे आयोजित प्रत्येक जिले में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को दी जाएगी सर्वोच्च प्राथमिकता लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति का पांचवां चरण 22 सितंबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। इस एक महीने तक चलने वाले अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। इस चरण में सबसे ज्यादा फोकस महिला सुरक्षा पर है। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर, महिला थाने और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पिंक बूथ और पेट्रोलिंग स्क्वॉड को और अधिक सशक्त किया जा रहा है, ताकि महिलाएं निर्भीक होकर समाज में अपनी भूमिका निभा सकें। मिशन शक्ति का पांचवां चरण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई दिशा तय कर रहा है। यह चरण उन्हें सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूती दे रहा है। योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सुरक्षित, सशक्त और अवसरों से भरपूर राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।  शिक्षा से खुलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी पद्मजा चौहान ने बताया कि मिशन शक्ति के पांचवें चरण में शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे मजबूत हथियार माना गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं और डिजिटल शिक्षा कार्यक्रमों को और विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि शिक्षा ही महिलाओं को समान अवसर और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर सकती है। मिशन शक्ति के तहत चलने वाले ये कार्यक्रम न केवल महिलाओं को ज्ञान देंगे, बल्कि उन्हें रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरों से भी जोड़ेंगे। स्वास्थ्य और रोजगार पर दोहरा फोकस महिला स्वास्थ्य को लेकर इस चरण में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वच्छता, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित वर्कशॉप और हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने पर जोर है। इसके साथ ही, महिला उद्यमिता और स्वरोजगार योजनाओं को गति दी जा रही है। छोटे उद्योग, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के लिए सरकार वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र होकर परिवार और समाज में अपनी स्थिति मजबूत कर सकें। प्रशिक्षण से आत्मविश्वास और सुरक्षा मिशन शक्ति के पांचवे चरण में आत्मरक्षा, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना है। आत्मरक्षा के विशेष प्रशिक्षण से महिलाएं खुद को और दूसरों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम हो रही हैं। जीवन कौशल कार्यक्रम उन्हें वित्तीय प्रबंधन, स्वास्थ्य संबंधी निर्णय और सामाजिक दायित्वों में सक्रिय बनाएंगे। कानूनी सुरक्षा और अपराध पर सख्त कार्रवाई नोडल अधिकारी ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानूनी कदम भी इस चरण में शामिल हैं। प्रत्येक जिले में विशेष निगरानी और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स को सक्रिय किया गया है ताकि अपराधियों को त्वरित सजा मिल सके। पुलिस प्रशासन को यह निर्देश दिए गए हैं कि महिला संबंधित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि महिलाओं की गरिमा और अधिकारों से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण की ओर ठोस कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के चार स्तंभों पर आधारित यह पहल उत्तर प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का ठोस प्रयास साबित हो रही है।  

इज़्ज़त के नाम पर खौफ़नाक वारदात: प्रेमी की हत्या, लड़की के दो भाई पुलिस हिरासत में

लखनऊ  लखनऊ में सआदतगंज इलाके के लकड़मंडी में सोमवार देर रात हुई सनसनीखेज वारदात में 26 वर्षीय अली अब्बास को प्रेमिका के परिवारीजनों ने घर बुलाकर हत्या कर दी। अली अब्बास का क्षेत्र में रहने वाली युवती से प्रेम प्रसंग था। दोनों शादी करना चाह रहे थे। चूंकि प्रेमी मुस्लिम था इस लिए लड़की के परिवारीजन विरोध कर रहे थे। पुलिस ने युवती के दो भाइयों को हिरासत में में लिया है। उनसे पूछताछ रही है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक अलीअब्बास लकड़मंडी में रहता था। वह प्राइवेट नौकरी करता था। मोहल्ले में रहने वाली एक हिंदू युवती से उसके प्रेम प्रसंग थे। दोनों शादी की जिद कर रहे थे। युवती के घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। सोमवार रात सोची समझी साजिश के तहत घरवालों ने युवती से फोन कराकर अली अब्बास को मिलने के लिए बुलाया। युवती ने फोन कर कहा कि घरावालों को शादी की बात करनी है आ जाओ। अली अब्बास युवती के घर हातानूर बेग पहुंचा। वहां युवती के पिता हिमालय प्रजापति ने बेटे सोनू और सौरभ के साथ अली अब्बास क लाठी डंडों से जमकर पीटा। सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। अली अब्बास खून से लथपथ हो गया तो घर के बाहर गलियारे में फेंककर चले गए। घायल अली अब्बास को उसके परिवारीजन ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे,जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डीसीपी ने बताया कि अली अब्बास के पिता आरिफ जमीर की तहरीर पर आरोपित हिमालय प्रजापति, सौरभ प्रजापति और सोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ की जा रही है।  

जेल से रिहाई के बाद आजम खान का पहला कदम – चुपचाप बेटों संग लौटे रामपुर

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा, काली जैकेट और आंखों पर काला चश्मा पहने आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आए तो कार में बैठकर बेटों के साथ रामपुर रवाना हो गए। इस दौरान मीडिया ने उसने बात करने की काफी कोशिशें कीं लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। यहां तक कि उन्होंने कार का शीशा तक नीचे नहीं किया। जेल से आजम खान की रिहाई पर खुशी जाहिर करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि आज उनके साथ न्याय हुआ है। उन्होंने आजम खान को समाजवादी पार्टी परिवार का वरिष्ठ सदस्य बताया और कहा कि सपा की सरकार बनते ही उन पर लगे सभी झूठे मुकदमे खत्म किए जाएंगे। उधर, आजम खान की रिहाई से कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव का भी बयान आया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें गलत सजाएं दी थीं। अदालत ने मुकदमों में राहत दी है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी पूरी तरह से उनकी मदद कर रही है। उधर, आजम खान की रिहाई के मौके पर उन्हें रिसीव करने के लिए मंगलवार की सुबह सीतापुर जेल पर सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा की सांसद रुचि वीरा भी पहुंची थीं। सीतापुर जेल पर सुबह से मीडिया का भी जमावड़ा था। आजम खान की रिहाई मंगलवार की सुबह सात बजे होने की संभावना थी लेकिन चालान जमा नहीं होने के कारण इसमें थोड़ी देर हुई। आजम खान 12 बजे के आसपास जेल से रिहा हुए। जेल से बाहर आते वक्त आजम खान सफेद-कुर्ता पायजामा में थे। कुर्ते के ऊपर हमेशा की तरह आजम खान ने जैकेट पहन रखी थी। आंखों पर काला चश्मा भी था। मीडिया कर्मियों ने आजम खान से बात करने की काफी कोशिश की लेकिन आजम खान ने किसी से बात नहीं की। वह अपने बेटों (अब्दुल्ला आजम और अदीब आजम) के साथ रामपुर के लिए रवाना हो गए। रास्ते में आजम खान से बात होने की उम्मीद में कई मीडियाकर्मियों की गाड़ियां भी उनके काफिले के पीछे-पीछे चल रही हैं। रामपुर के रास्ते और रामपुर में भी जगह-जगह समर्थकों ने आजम खान के स्वागत की तैयारी की है।  

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के एग्री कल्चर के होंगे दर्शन, 1000 वर्ग मीटर में प्रदर्शनी लगाएगा कृषि विभाग  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विश्वविद्यालय, बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में एफपीओ के कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मिलेगा मंच  उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति से रूबरू होंगे आगंतुक, प्रदेश के प्रगतिशील किसान व कंपनियां भी होंगी शामिल  कृषि विभाग ने प्रदर्शनी की सफलता व देखरेख के लिए नोडल अधिकारियों को भी किया नामित सीएम योगी के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपीआईटीएस 2025  5 दिवसीय यूपीआईटीएस का गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे शुभारंभ लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का तृतीय संस्करण होगा। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आईटीएस का शुभारंभ करेंगे। इसमें एक तरफ देश- विदेश से आए प्रतिनिधि जहां यूपी की समृद्ध विरासत का दीदार करेंगे तो वहीं यूपी के एग्री 'कल्चर' के भी दर्शन करेंगे। ट्रेड शो के दौरान पांच कृषि विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी हिस्सा लेंगे। एफपीओ के कृषि संबधी उत्पादों, उपकरणों, बीज, उर्वरक व कृषि रक्षा रसायन निर्माताओं को मंच मिलेगा तो आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा। यहां प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 में कृषि विभाग को एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल आवंटित किया गया है। इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी।  पांच कृषि विश्वविद्यालय की भी रहेगी सहभागिता ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के पांच कृषि विश्वविद्यालयों की भी सहभागिता रहेगी। इसमें चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या, सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मोदीपुरम मेरठ, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा, सैम हिंगिंग बॉटम कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (शियाट्स) नैनी प्रयागराज की भी सहभागिता रहेगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी हिस्सा लेगा।  कृषि विभाग के संवाद-समन्वय से 15 से अधिक एफपीओ करेंगे प्रतिभाग  इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन में कृषि विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है। कृषि विभाग के संवाद व समन्वय से इसमें लगभग 15 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) हिस्सा लेंगे। इसमें बुलंदशहर के तीन एफपीओ समेत की प्रयागराज, एटा, झांसी, मेरठ, महोबा, सहारनपुर, बाराबंकी, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, सिद्धार्थनगर समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी। कृषि विभाग की तरफ से लगने वाली प्रदर्शनी में सीड्स, फर्टिलाइजर, कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियां भी प्रतिभाग करेंगी। इसमें 17 कृषि यंत्रीकरण कंपनी, 9 बीज कंपनियां, 8 उर्वरक कंपनी, 8 कृषि रक्षा कंपनी भी प्रतिभाग करेंगी।  कृषि विभाग ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी  सीएम योगी के नेतृत्व में इंटरनेशनल ट्रेड शो में कृषि विभाग महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखेगा। कृषि विभाग की ओर से संवाद, समन्वय व देखरेख के लिए नोडल अधिकारी नामित किए गए हैं। कृषि- कृषि शिक्षा व बीज विकास निगम से संवाद-समन्वय के लिए अपर कृषि निदेशक प्रसार को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। मंडी परिषद व कृषि विपणन के लिए राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक द्वारा नामित अपर निदेशक स्तर के अधिकारी या उप निदेशक कृषि विपणन नोडल अधिकारी की भूमिका में होंगे। बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों के लिए डॉ. अमरनाथ मिश्र अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) तथा ट्रेड शो में आमंत्रित उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कृषि उपकरण व ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) नरेंद्र कुमार तथा कीटनाशक कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) टीएम त्रिपाठी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग व उससे संबंधित स्टार्टअप के लिए आईआईटी कानपुर में अलग विंग संचालित है। आईआईटी कानपुर से समन्वय बनाने के लिए अपर कृषि निदेशक (प्रसार) नोडल अधिकारी होंगे।  उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तृतीय संस्करण (25 से 29  सितंबर) के आयोजन में कृषि विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में कृषि विश्वविद्यालय, एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी।