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अपनी मां संग सीएम के पास पहुंची कानपुर की बच्ची

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एडमिशन कराने का दिया निर्देश  इसके पहले सीएम के जनता दर्शन में पहुंचीं मुरादाबाद की वाची का भी हुआ प्रवेश, प्रतिष्ठित विद्यालय में ग्रहण कर रहीं शिक्षा आर्थिक कारणों से गोरखपुर की पंखुड़ी को शिक्षा में आ रही थी दिक्कत, सीएम से मिलकर बताई समस्या तो निर्बाध गति से चलने लगी पढ़ाई  लखनऊ कानपुर की मायरा सोमवार को अपनी मां नेहा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बच्चे के एडमिशन की गुहार लगाई। मासूम मायरा को देख मुस्कुराते हुए सीएम ने पहले हालचाल जाना, फिर पूछा कि क्या बनना चाहती हो। इस पर मायरा ने जवाब दिया- डॉक्टर। यह सुन सीएम ने पहले उसे चॉकलेट दी, फिर अधिकारियों को एडमिशन कराने का निर्देश। गौरतलब है कि मुरादाबाद की वाची ने एडमिशन और गोरखपुर की पंखुड़ी ने फीसमाफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। जिसके तत्काल बाद दोनों की समस्याओं का हल हो गया। अब दोनों बच्चियां अपने शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं।  सीएम ने मायरा से पूछा- स्कूल जाओगी, क्या बनोगी- दिया जवाब- डॉक्टर 'जनता दर्शन' में आते ही सीएम ने मायरा की मां से पूछा कि कहां से आए हैं, कहां एडमिशन कराना है। जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इसके बाद मायरा से मुखातिब सीएम ने पूछा कि स्कूल जाओगी, किस क्लास में पढ़ोगी। अभी तक तो स्कूल गई नहीं है। क्या बनेगी- जिस पर उसने तपाक से जवाब दिया-डॉक्टर। बच्ची की मासूमियत पर सीएम मुस्कुरा उठे। सीएम ने अफसरों को एडमिशन के लिए निर्देश दिया।  मुख्यमंत्री के व्यवहार से प्रसन्नचित्त हुआ मायरा का परिवार कानपुर की नेहा सोमवार को बेटी मायरा को लेकर 'जनता दर्शन' में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह बच्ची के एडमिशन के लिए 'जनता दर्शन' में पहुंचीं थीं। उन्होंने कानपुर के एक विद्यालय में एडमिशन का अनुरोध किया। मायरा का परिवार मुख्यमंत्री की सहृदयता का कायल हो गया। मीडिया से बातचीत में मायरा की मां ने कहा कि सीएम ने काफी अच्छे तरीके से हमारे परिवार की बात भी सुनीं और एडमिशन का आश्वासन दिया।  सीएम से एक मुलाकात में ही पूरे हुए थे वाची और पंखुड़ी के सपने  यह पहली बार नहीं है, जब कोई बच्ची अपने एडमिशन को लेकर मुख्यमंत्री से मिली। इसके पहले मुरादाबाद की वाची ने अपने माता-पिता के साथ जून में मुख्यमंत्री से 'जनता दर्शन' में मुलाकात की और अपने प्रवेश की गुहार लगाई। बेटी के प्रवेश को लेकर महीनों से परेशान वाची के माता-पिता जब मुख्यमंत्री के पास पहुंचे तो तीन घंटे के अंदर ही आरटीई के तहत वाची का मुरादाबाद के प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रवेश हो गया। अब वाची वहां शिक्षारत हैं।  यही नहीं, जुलाई में गोरखपुर के पुर्दिलपुर निवासी पंखुड़ी त्रिपाठी ने भी परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फीस माफी को लेकर मुख्यमंत्री से गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिया था कि उनकी पढ़ाई नहीं रुकेगी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विद्यालय ने उनकी फीस माफ कर दी। पंखुड़ी अब गोरखपुर के प्रतिष्ठित स्कूल में फिर से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 

मौर्य का हमला: अखिलेश यादव की ‘वोट अधिकार यात्रा’ बेअसर, नतीजा शून्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वोट अधिकार यात्रा’ में यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही। मौर्य ने एक प्रचलित मुहावरे का प्रयोग करते हुए सोमवार को “एक्स” पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार में नितांत असफल ‘वोट अधिकार यात्रा’ में सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की हालत ‘न तीन में न तेरह में’ जैसी ही रही।” “न तीन में न तेरह में” मुहावरे का मतलब जिसका कोई लेना-देना न हो, या जो किसी बात से बिलकुल ही अप्रासंगिक हो। मौर्य ने पोस्ट में कहा, “जिस पार्टी का बिहार की धरती पर न कोई अतीत है, न वर्तमान और न कोई भविष्य। उनका बिहार से संबंध केवल श्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से नातेदारी तक सीमित है। बिहार की जनता इनकी ख़ातिरदारी का बेसब्री से इंतजार कर रही है। इसकी बानगी आने वाले चुनाव में मिलेगी।” समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए थे और बिहार की जनता का आह्वान किया कि वह ‘मगध’ (बिहार) में भी उसी तरह भारतीय जनता पार्टी को हराये, जैसे पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने उसे ‘अवध’ (फैजाबाद-अयोध्या) में हराया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन आयोग को ‘जुगाड़ आयोग’ बना दिया है। यादव ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत आरा (भोजपुर) में आयोजित एक सभा में उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हम लोगों ने मिलकर अवध में हराया था, इस बार मगध में भारतीय जनता पार्टी को हराने की जिम्मेदारी आपकी है।’’ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव सारण से इस यात्रा का हिस्सा बने।  

राहुल गांधी केस अपडेट: सुनवाई की नई तारीख 3 सितंबर तय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के लिए तीन सितंबर की तिथि सोमवार को तय की। राहुल गांधी ने वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) ने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका नए सिरे से सुनवाई करने के लिए एसीजेएम की अदालत के पास भेज दिया जिसके खिलाफ राहुल गांधी ने इस उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह मामला अमेरिका में सिखों के संबंध में 2024 में दिए गए एक बयान से जुड़ा है। शिकायतकर्ता नागेश्वर मिश्रा के वकील के अनुरोध पर न्यायमूर्ति समीर जैन ने सोमवार को सुनवाई टाल दी और अगली तिथि तीन सितंबर तय की। वाराणसी के नागेश्वर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति ने वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) के समक्ष एक आवेदन किया था जिसने 28 नवंबर, 2024 को इस मामले में सुनवाई के बाद राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग वाले आवेदन को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उक्त भाषण अमेरिका में दिया गया, इसलिए यह मामला उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। अदालत द्वारा मामला खारिज किए जाने को राव ने पुनरीक्षण अदालत के समक्ष चुनौती दी जिसने उनकी पुनरीक्षण याचिका स्वीकार कर ली और एसीजेएम को इस मामले में नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया। यह मामला सितंबर, 2024 का है। अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है। उनके इस बयान को लेकर विरोध हुआ था और इसे भड़काऊ और विभाजनकारी बताया गया था। वाराणसी के निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ वाराणसी के सारनाथ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन जब वह सफल नहीं हुए तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत में एक आवेदन दाखिल किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 28 नवंबर, 2024 को यह कहते हुए उनका आवेदन खारिज कर दिया था कि यह मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है और यह उनके न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है। इसके बाद, नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की जिसे अदालत द्वारा 21 जुलाई, 2025 को स्वीकार कर लिया गया। अब राहुल गांधी ने इस निर्णय के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है जिसमें दलील दी गई है कि वाराणसी की अदालत का आदेश गलत, अवैध और न्यायिक क्षेत्र से बाहर का है।  

बीमार कैदियों की रिहाई पर बड़ा फैसला, योगी सरकार बनाएगी नियम आसान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित बंदियों की समयपूर्व रिहाई से संबंधित नियमों को अधिक सरल, स्पष्ट तथा मानवीय दृष्टिकोण से परिभाषित किए जाने की आवश्यकता जताई। सोमवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए प्रदेश की नीति को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पात्र बंदियों की रिहाई स्वतः विचाराधीन होनी चाहिए और इसके लिए उन्हें अलग से आवेदन न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्राणघातक रोग से पीड़ित होने की आशंका वाले सिद्धदोष बंदी, जिसे मुक्त करने पर उसके स्वस्थ होने की उपयुक्त संभावना है तथा वृद्धावस्था, अशक्तता या बीमारी के कारण भविष्य में ऐसा अपराध करने में स्थायी रूप से असमर्थ बंदी, जिसके लिए वह दोषी ठहराया गया हो, के साथ-साथ घातक बीमारी या किसी प्रकार की अशक्तता से पीड़ित सिद्धदोष बंदी जिसकी मृत्यु निकट भविष्य में होने की संभावना हो, के संबंध में प्रदेश के सभी कारागारों में सर्वेक्षण कर वास्तविक संख्या का आकलन किया जाए। इनमें महिलाओं, बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर रिहा करने की व्यवस्था हो।   मुख्यमंत्री ने कैदियों को कृषि, गोसेवा आदि कार्यों से जोड़कर उनकी जेल अवधि के सदुपयोग करने के लिए व्यवस्था बनाने की भी आवश्यकता बताई। सीएम योगी ने कहा कि जेल मैनुअल में यह भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया जाना आवश्यक है कि किन बीमारियों को असाध्य रोग की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए समयपूर्व रिहाई उन्हीं मामलों में की जानी चाहिए, जहां से सामाजिक जोखिम न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हत्या, आतंकवाद, देशद्रोह, महिला और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध जैसे मामलों में रिहाई कतई नहीं की जानी चाहिए। नियमों में बदलाव पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष तीन बार जनवरी, मई और सितंबर में पात्र बंदियों के मामलों की स्वतः समीक्षा की व्यवस्था हो। यदि किसी बंदी को रिहाई न दी जाए तो उसके कारण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं और उसे यह अधिकार मिले कि वह उस निर्णय को चुनौती दे सके। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सुझाई गई प्रणाली को उत्तर प्रदेश में अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि बंदियों को न्यायिक अधिकारों का लाभ सुचारू रूप से मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, त्वरित और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित होनी चाहिए तथा जल्द ही नई नीति का प्रारूप तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।

मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी में 48 घंटे बारिश से तबाही, कई जिलों में खतरे की चेतावनी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में रुक रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  2 सितंबर को भी होगी भारी बारिश  मौसम विभाग ने 15 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 2 सितंबर तक भारी बारिश की आशंका है। लखनऊ सहित कई जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसूनी रेखा उत्तर की ओर खिसकी है। इस कारण दो सितंबर तक कहीं भारी तो कहीं अत्यधिक भारी बारिश होगी।  इन जिलों में अलर्ट जारी विभाग के अनुसार, राज्य के लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं व आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, भदोही, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी व आसपास के इलाकों में भी अधिक बारिश के आसार हैं। 

यूपी में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए जरूरी नया नियम, CM योगी ने किया सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक करने के मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अगर आप बाइक या स्कूटी पर बिना हेलमेट पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, तो आपको पेट्रोल नहीं मिलेगा। कब से शुरू हुआ ये नियम? सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक, 1 सितंबर यानी आज (1 सितम्बर) सोमवार से पूरे उत्तर प्रदेश में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' अभियान की शुरुआत हो गई है। यह अभियान 30 सितंबर 2025 तक चलेगा। अभियान का मकसद क्या है? इस अभियान का उद्देश्य किसी को सजा देना नहीं है, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि हेलमेट पहनना जरूरी है और यह आपकी जान बचा सकता है। यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लोग लापरवाही ना करें और हेलमेट पहनने की आदत डालें। कौन-कौन देखेगा अभियान की निगरानी? हर जिले में जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, पुलिस, जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं। सूचना विभाग लोगों को इस बारे में जागरूक करेगा। लखनऊ में आज पहला दिन? लखनऊ के पेट्रोल पंपों पर पहले ही पोस्टर और बोर्ड लगा दिए गए थे। पंप कर्मियों ने लोगों से कहा कि 'हेलमेट पहनिए, तभी पेट्रोल मिलेगा।' बहुत से लोग नियम मानते नजर आए, लेकिन जो बिना हेलमेट पहुंचे उन्हें वापस लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील सीएम योगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि 'पहले हेलमेट, फिर ईंधन।' इसका मकसद सिर्फ आपकी सुरक्षा है। हेलमेट से आपकी जान बच सकती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया ‘जनता दर्शन’

शिकायत लेकर पहुंचे, मुस्कान लेकर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को किया 'जनता दर्शन' प्रदेश भर से आए हर फरियादी के पास पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने सभी की समस्याएं सुनीं, अफसरों को निराकरण का दिया निर्देश छोटे बच्चों से भी आत्मीयता से मिले मुख्यमंत्री लखनऊ  अपनी फरियाद लेकर सितंबर की पहली सुबह मुख्यमंत्री आवास पहुंचे फरियादी मुस्कान लेकर लौटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। प्रदेश भर से 50 से अधिक फरियादी आए। मुख्यमंत्री सभी के पास पहुंचे, उनकी समस्या जानी और प्रार्थना पत्र लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी की समस्याओं का निराकरण हो और हर पीड़ित से फीडबैक भी लिया जाय। अभिभावकों के साथ आये छोटे बच्चों से भी मुख्यमंत्री आत्मीयता से मिले। हालचाल जाना और चॉकलेट भी दी।  निश्चिंत होकर घर जाइये, आपकी हर समस्या का होगा समाधान   मुख्यमंत्री हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचे, समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि निश्चिंत होकर घर जाइये, आपकी समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक की समस्याओं का समाधान कर खुशहाल उत्तर प्रदेश बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है।  अधिकारियों को निर्देश-निस्तारण करें और फीडबैक लें सीएम ने 'जनता दर्शन' में आए लोगों की बात सुनी। पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले आए, जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। 15 मामले जमीन, छह पुलिस, 4 मामले नाली, सड़क, खड़ंजे तथा 4 मामले आर्थिक सहायता से जुड़े भी आये। वहीं बेटी की शिक्षा, स्थानांतरण, आवास आदि के लिए भी सीएम के समक्ष लोगों ने गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने सभी को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। बच्चों को कराया अपनत्व का अहसास  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा-पुचकारा। नन्हे-मुन्नों के सिर पर हाथ फेर अपनत्व का अहसास कराया। कुछ बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान किया और पढ़-लिखकर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य बनाने का आशीर्वाद दिया।

सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी

महिलाओं-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही स्वीकार नहीं: मुख्यमंत्री सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी कुछ जिलों की अप्रिय घटनाओं पर सीएम सख्त, पुलिस कप्तानों से ली कार्रवाई की जानकारी मुख्यमंत्री योगी ने शारदीय नवरात्र से मिशन शक्ति का नया चरण, जिलों को अभी से तैयारी के निर्देश लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उदासीनता या ढिलाई मिली तो कठोर कार्रवाई तय है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में एंटी रोमियो स्क्वॉड की गतिविधियाँ और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाई जाएं। प्रत्येक संवेदनशील स्थल, बाजार, शिक्षण संस्थान और सार्वजनिक स्थान पर उनकी उपस्थिति और गश्त निरंतर दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं को निर्भय वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की जिम्मेदारी है, इस पर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने हाल के दिनों में कुछ जिलों से प्राप्त अप्रिय घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित पुलिस कप्तानों से मामले में अब तक हुई कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएँ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित व कठोर कार्रवाई अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी शारदीय नवरात्र से ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण प्रारंभ किया जाएगा। इस अभियान को और व्यापक स्वरूप देने के लिए अभी से सभी जिलों को तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता, सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान को सुनिश्चित करना है।

राधारानी अभिषेक दर्शन के दौरान अफरा-तफरी, बैरियर टूटने से श्रद्धालु घायल

बरसाना  राधारानी के जन्म के दौरान पुलिस प्रशासन ने बैरियर लगाकर भीड़ को रोक रखा था, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ ने पुलिस का बैरियर तोड़कर भागने लगे। इस दौरान तीन लोग चुटैल हुए। गनीमत रही है कि बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मियों से किसी बड़े हादसे को नहीं होने दिया। तुरंत गिरे लोहे के बैरियर को हटा दिया। वृषभान दुलारी के अभिषेक दर्शनों के लिए रात्रि दो बजे से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा। इस दौरान पीली कोठी से लेकर कटारा पार्क तक जगह जगह पुलिस प्रशासन ने बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं की भीड़ को रोक रखा था।   श्रद्धालुओं की भीड़ ने बैरियर तोड़ दिया अभिषेक दर्शनों के लिए सुबह करीब तीन बजे कस्बे के कटारा पार्क पर श्रद्धालुओं की भीड़ ने बैरियर तोड़ दिया। इस दौरान कुछ श्रद्धालु बैरियर कूदते नजर भी आए। बैरियर गिरने से अचानक श्रद्धालु भागने लगे। इस दौरान एक युवती सहित तीन लोग चुटैल हो गए। गनीमत यह रही कि बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों ने गिरे लोहे के बैरियर को तुरंत हटा दिया। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। पुलिस द्वारा कस्बे में लगाए गए जगह जगह बैरियर रविवार सुबह से लेकर शाम तक भीड़ का दबाव बनता रहा।

मायावती ने तेज की बिहार चुनावी तैयारियां, बसपा कार्यकर्ताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार इकाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा बिहार में अकेले चुनाव लड़ेगी और पूरे कार्यक्रम का दिशा निर्देशन वह खुद करेंगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बिहार विधानसभा के लिए जल्द अगले कुछ महीनों में ही होने वाले चुनाव में बसपा उम्मीदवारों के चयन समेत पार्टी के हर स्तर की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ पिछले दो दिनों की बैठक में गहन चर्चा और समीक्षा की गई। इस दौरान अकेले अपने बल पर चुनाव लड़ने के फैसले के मद्देनजर आने वाले दिनों में पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों की रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया गया।" मायावती ने बैठक में पार्टी पदाधिकारियों को कमियों को दूर करके पूरी मुस्तैदी और तन-मन-धन से आगे बढ़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने से बिहार में बसपा की यात्रा और जनसभाएं शुरू हो जाएंगी। इस संबंध में भी मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं। बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट कहा है कि सभी कार्यक्रम उनके दिशा-निर्देशन में होंगे। इसकी विशेष जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद और केंद्रीय कोआर्डिनेटर व राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ-साथ बिहा इकाई को सौंपी गई है। अपने पोस्ट में मायावती ने लिखा, "बिहार एक बड़ा राज्य है और इसलिए वहां की जरूरतों को देखते हुए सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटा गया है। इसी हिसाब से पार्टी के वरिष्ठ लोगों को अलग-अलग से उनकी जिम्मेदारी सौंपने का फैसला भी बैठक में लिया गया।" बसपा की बैठक में राज्य इकाई ने चुनावी तैयारियों और रणनीति के बाद मायावती को भी बेहतर परिणाम लाने की भरोसा दिया है। इससे पहले मायावती ने ओडिशा और तेलंगाना राज्य में भी संगठन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बसपा सुप्रीमो ने पोस्ट में लिखा, "उन्होंने उत्तर प्रदेश पैटर्न पर ओडिशा और तेलंगाना में जिला-बूथ कमेटी बनाने के अलावा पार्टी का जनाधार बढ़ाने के टारगेट को लेकर समीक्षा बैठक की।"