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दीपोत्सव 2025: अयोध्या में तैयारी जोरों पर, नोडल अधिकारी घोषित

अयोध्या उत्तर प्रदेश की रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव 2025 को लेकर तैयारी जोरशोर चल रही है। इसके लिए यूपी सरकार ने अधिकारियों की टीम भी गठित कर दी है। इसे लेकर एक पत्र भी जारी किया गया है। रामनगरी अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव 2025 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने दीपोत्सव आयोजन की निगरानी और समन्वय के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। जारी आदेश के अनुसार, अरविंद कुमार मिश्रा और डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह को दीपोत्सव के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ये दोनों अधिकारी आयोजन से जुड़े सभी कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और मीडिया समन्वय का कार्य संभालेंगे। यह आदेश सूचना निदेशक विशाल सिंह ने जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, अयोध्या में 19 अक्टूबर 2025 को प्रान्तीयकृत दीपोत्सव मेला का आयोजन होगा। बता दें कि पिछले साल 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार भगवान राम के आगमन पर दीपोत्सव का आयोजन हुआ था। इस दौरान 25 लाख 12 हजार 585 दीये जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। इसके साथ 1 हजार 121 लोगों ने एक साथ सरयू आरती कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ पहला दीया जलाकर किया था। सरयू घाट पर लेजर और लाइट शो का आयोजन हुआ था, जिसमें दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता घाट, साउंड-लाइट शो के जरिए रामलीला का वर्णन किया गया। पहली बार 1,121 वेदाचार्यों ने एक साथ सरयू मैया की आरती की थी।

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री

राज्य में जल्द आएगा ’सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक  लखनऊ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम उठाना शुरू कर दिए हैं। राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों के लगभग 99 फीसदी आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी कर रही है। ऐसा होने पर उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहां पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ।  इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है और औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित करना भी जरुरी है। श्री योगी ने गुरुवार को यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों।” मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहाँ पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में बताया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।  

बिहार के दरभंगा के अतरबेल में कांग्रेस-आरजेडी की रैली में दी गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भद्दी-भद्दी गालियां

मातृ शक्ति का अपमान करने पर भड़के योगी, कहा- एक साधारण मां ने संघर्ष से गढ़ा राष्ट्रसेवक, आज मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार के दरभंगा के अतरबेल में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ प्रयोग की गई बेहद अभद्र भाषा की कड़ी निंदा की है। यह कार्यक्रम बिहार यूथ कांग्रेस के नौशाद द्वारा कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा और भारतीय संस्कृति पर सीधा प्रहार बताया।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा न केवल प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। योगी आदित्यनाथ ने लिखा, "कांग्रेस और आरजेडी के मंच से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के लिए प्रयुक्त अभद्र भाषा अत्यंत निंदनीय एवं राजनीतिक मर्यादा का पतन है। यह कृत्य सिर्फ प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों की भावनाओं का अपमान है।" उन्होंने आगे कहा कि एक साधारण मां ने अपने संघर्ष और संस्कारों से ऐसे पुत्र को गढ़ा, जिसने स्वयं को राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित कर दिया और आज वह विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में करोड़ों भारतीयों के हृदय में बसते हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता इस तरह की 'घृणित राजनीति' का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और भारतीय संस्कृति तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करेगी।

2023 और 2024 में मिली अभूतपूर्व सफलता ने बढ़ाया भरोसा, तीसरे संस्करण से और बड़ी उड़ान की तैयारी

निवेश और निर्यात का बड़ा मंच बना यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो  2023 और 2024 में मिली अभूतपूर्व सफलता ने बढ़ाया भरोसा, तीसरे संस्करण से और बड़ी उड़ान की तैयारी 2024 में बी2बी और बी2सी के माध्यम से 2200 करोड़ रुपए से अधिक के मिले निर्यात ऑर्डर अकेले प्रदर्शनी के माध्यम से उद्यमियों ने की 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकॉर्ड सेल प्रदेश के विभिन्न जनपदों से शीर्ष 20 उद्यमियों ने हासिल किया 630 करोड़ से अधिक का निर्यात ऑर्डर 2023 में पहले संस्करण के दौरान भी 1000 करोड़ से अधिक रहा था ओवरऑल बिजनेस वॉल्यूम यूपीआईटीएस 2025 में एक बार फिर‘मेक इन इंडिया’ व ‘लोकल फॉर वोकल’ को मिलेगा वैश्विक मंच लखनऊ  उत्तर प्रदेश का इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) अब राज्य की पहचान को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर स्थापित करने का सशक्त जरिया बन गया है। 2023 और 2024 के सफल आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश न केवल घरेलू बाजार में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। अब तीसरा संस्करण और बड़ी उम्मीदों के साथ आयोजित होने जा रहा है, जहां निवेश और निर्यात के नए रिकॉर्ड बन सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह आयोजन पिछले दोनों संस्करणों से कहीं बड़ा और प्रभावी होगा। न केवल निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे बल्कि उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापार जगत में अपनी मजबूत स्थिति को और पुख्ता करेगा। 2023 में मिली ऐतिहासिक शुरुआत यूपीआईटीएस की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। इस पहले संस्करण में 2000 से अधिक प्रदर्शकों ने प्रदेश की कला, संस्कृति, कृषि और औद्योगिक ताकत को दुनिया के सामने रखा। 60 देशों के 350 विदेशी खरीदारों और करीब 3 लाख विजिटर्स की मौजूदगी में 1000 करोड़ रुपए से अधिक का बिजनेस वॉल्यूम दर्ज हुआ। मुख्यमंत्री के विजन को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदर्शित करने के लिए शुरू किया गया यह आयोजन स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच दिलाने का बड़ा माध्यम साबित हुआ। 2024 ने दी नई ऊंचाई दूसरा संस्करण 2024 में और भी प्रभावशाली साबित हुआ। वियतनाम को सहयोगी देश के रूप में शामिल करने वाले इस आयोजन में 2122 प्रदर्शक, 70 देशों से आए 350 विदेशी खरीदार और लगभग 5 लाख विजिटर्स ने हिस्सा लिया। बी2बी और बी2सी मॉडल के जरिए 2200 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर प्राप्त हुए, वहीं प्रदर्शनी के दौरान 40 करोड़ रुपए से ज्यादा की सीधी बिक्री दर्ज की गई। सबसे खास उपलब्धि यह रही कि शीर्ष 20 उद्यमियों को ही 630 करोड़ रुपए से अधिक के निर्यात ऑर्डर मिले। इनमें मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर, बागपत, बाराबंकी, मिर्जापुर, मथुरा, संभल और ग्रेटर नोएडा जैसे जिलों के उद्यमी शामिल रहे। ग्लोबल ब्रांडिंग का बना प्रतीक यूपीआईटीएस ने केवल कारोबार ही नहीं बढ़ाया बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को वैश्विक पहचान देने का भी काम किया। ओडीओपी, स्टार्टअप, एमएसएमई, रोजगार और निर्यात प्रोत्साहन की राज्य सरकार की नीतियों ने इसमें नई ऊर्जा भर दी है। यूपीआईटीएस 2025 को लेकर इस बार खास रणनीति बनाई जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार न केवल परंपरागत उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा बल्कि हाई-टेक सेक्टर्स में भी निवेश और निर्यात के बड़े मौके पैदा होंगे।    

वैष्णो देवी त्रासदी में यूपी के 11 भक्तों की जान गई, बारिश बनी तबाही की वजह

लखनऊ  जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बीते मंगलवार को एक बड़ा हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। माता वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर भूस्खलन की चपेट में आकर 34 लोगों की जान चली गई, जिनमें उत्तर प्रदेश के 11 श्रद्धालु भी शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताते हुए मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शवों को जल्द से जल्द और सम्मानपूर्वक उनके घर पहुंचाया जाए। कैसे हुआ हादसा? मिली जानकारी के मुताबिक, बीते मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे तेज बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले रास्ते पर अर्धकुंवारी के पास भयानक भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और मलबा श्रद्धालुओं पर गिर गया। इस हादसे में 34 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जम्मू के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं की पहचान प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक आगरा से 3 लोग, मुजफ्फरनगर से 3 लोग, बरेली से 1 और अन्य जिलों से 4 लोग इस हादसे में मारे गए हैं। बागपत की रहने वाली चांदनी (23) और उनकी बड़ी बहन नीरा (36) भी इस हादसे में मारी गईं। चांदनी की शादी इसी साल अप्रैल में खेकड़ा निवासी मयंक गोयल से हुई थी। नीरा की शादी मेरठ के अमित जौहरी से हुई थी। मयंक, अमित और उनकी 10 साल की बेटी विधि हादसे में बुरी तरह घायल हुए हैं और अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार वालों को हादसे की खबर एक अस्पताल कर्मचारी के फोन से मिली। फिर वे तुरंत जम्मू के लिए रवाना हुए। योगी सरकार की मदद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। अधिकारियों को शवों को सम्मानपूर्वक घर भेजने और घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि उत्तर प्रदेश के कितने लोग इस हादसे से प्रभावित हुए हैं, लेकिन 11 मृतकों की पहचान हो चुकी है।   तेज बारिश और राहत-बचाव कार्य जम्मू में पिछले 4 दिनों से लगातार भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटों में 380 मिमी बारिश हुई, जो कि इतिहास में सबसे ज्यादा है। इस बारिश के कारण भूस्खलन, बाढ़ और ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। राहत कार्य में जुटे दल: – NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) – भारतीय सेना – स्थानीय प्रशासन – भारतीय वायुसेना ने C-130 विमान से राहत सामग्री भेजी है। – Mi-17 V5 और चिनूक हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है और यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।  

बनारस में गंगा-वरुणा का प्रकोप, एक मंजिल तक जलमग्न हुए घर

वाराणसी वाराणसी में गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा में आई बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया है। कई घर एक मंजिल तक डूब गए हैं। हालांकि राहत की बात यही है कि कई दिनों के बाद गुरुवार की सुबह गंगा स्थिर हो गई हैं। जलस्तर चेतावनी बिंदु को तो बुधवार की सुबह ही पार कर गया था लेकिन खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर नीचे पानी स्थिर हो गया है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी गंगा के घटने का तो कोई संकेत नहीं मिल रहा है। सरकारी बुलेटिन के अनुसार भी वाराणसी में शुक्रवार को गंगा के लेवल खतरे के निशान को पार करते हुए 71.4 मीटर तक जाने की आशंका जताई गई है। फिलहाल जलस्तर 70.92 मीटर पर स्थिर हुआ है। यहां चेतावनी बिंदु 70.262 और खतरे का निशान 71.262 है। सोमवार को दस सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर बुधवार को तीन सेमी तक गिर गया था। इसके बाद बुधवार की देर रात रफ्तार केवल एक सेमी प्रतिघंटे रह गई। अब स्थिर हो गया है। गंगा में वेग से वरुणा के बेसिन में बने मकान पूरी तरह से पानी में घिर गए हैं। आपदा नियंत्रण कंट्रोल रूम के मुताबिक बाढ़ राहत शिविरों में मंगलवार को वरुणा किनारे के 26 परिवारों के 108 लोग और बुधवार को 483 परिवारों के 2080 लोग पहुंचे। दो दिन में कुल 509 परिवारों के 2188 सदस्य राहत शिविरों में शिफ्ट हुए हैं। बढ़ाव के कारण गंगा का रुख अब तटवर्ती घाटों और किनारों पर बसी कॉलोनियों की ओर होने लगा था। वरुणा के पानी ने आबादी की ओर रुख करते हुए पुरानापुल इलाके के चार दर्जन घरों में बाढ़ को अपनी आगोश में ले लिया था।   वरुणा किनारे रहने वाले सैकड़ों परिवारों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस सीजन में यह तीसरी बार है जब पानी बढ़ने से लोगों को घर खाली करने पड़ रहे हैं। लोग सुरक्षित जगह पलायन कर रहे हैं। अभी अपने घरों में शिफ्ट हुए लोगों को 15 दिन भी नहीं हुए कि उन्हें फिर अपना घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। सिर में गठरी लेकर और गोद में बच्चों को लेकर वह सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर हैं। गंगा में वृद्धि से चिरईगांव के ढाब सहित किनारे बसे गांवों के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि ढाब के किनारे स्थित सोता में पानी अभीं भी दोनों तटों तक सीमित है लेकिन नालों के माध्यम से निचली भूमि पर तेजी से फैल रहा है। बुधवार शाम तक ढाब क्षेत्र में रामपुर की दलित बस्ती पानी से घिर गई। राजस्व कर्मियों के साथ बीडीओ वीरेन्द्र नारायण द्विवेदी मौके पर पहुंचे और प्रभावित आठ परिवारों के 50 सदस्यों को रामपुर प्राथमिक विद्यालय में बने बाढ़ राहत शिविर में पहुंचाया। नाले के रास्ते सोता के इस पार छितौना और जाल्हूपुर के निचले हिस्से में भी पानी भरना शुरू हो गया है। गांव के प्रभावित किसान लालजी यादव, सत्येन्द्र, चन्द्र शेखर, महेंद्र,राम अशीष,कमला, जयगोविंद आदि ने बताया कि पिछली बाढ़ हटने के बाद धान की फसलों में निकल रहे कल्ले भी इस बार चौपट हो जाएंगे। उधर, रोहनिया क्षेत्र के बेटावर गांव में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घुसने लगा है। पहले आई बाढ़ से धान की फसल खराब हो गई थी। अब इसी तरह से बढ़ाव रहा तो धान की फसल व मवेशियों के हरे चारे पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। लेखपाल आलोक पाठक ने बताया कि अभी गांव के निचले हिस्से में पानी है रोड पर नहीं आया है लेकिन बढ़ाव तेजी से हो रहा है गांव का मौका-मुआयना किया गया है। बाढ़ के हालात पर नजर बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अगस्त को दो दिनी दौरे पर वाराणसी आ रहे हैं। वे यहां मॉरीशस प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारी और बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री शाम करीब 4:30 बजे प्रतापगढ़ से हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन आएंगे। यहां से सर्किट हाउस जाएंगे। आधे घंटे विश्राम के बाद सवा पांच बजे से मॉरीशस प्रधानमंत्री के 11 सितंबर की बनारस में प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा करेंगे। बैठक के पश्चात वह काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाएंगे।  

हिंदू प्रेमियों के लिए अपना धर्म छोड़ा, रुखसाना और जास्मीन की नई पहचान

लखीमपुर खीरी  यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में दो मुस्लिम बहनों ने हिंदू लड़कों से मंदिर में शादी रचा ली. हिंदू रीति-रिवाज से जास्मीन और रुखसाना बानो स्थानीय लड़कों रामप्रवेश और सर्वेश के साथ शादी के बंधन में बंध गईं. इनके बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. नाम बदलकर रुखसाना अब रूबी और जास्मीन चांदनी बन गई हैं. ये शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.  दरअसल, सोमवार को पड़ुआ थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में दो मुस्लिम बहनें जास्मीन और रुखसाना बानो अपने प्रेमियों के घर पहुंच गईं. वे दोनों रविवार देर रात से वहीं मौजूद थीं और शादी की जिद पर अड़ी थीं. दोनों का गांव के ही एक ही परिवार के दो लड़कों- रामप्रवेश और सर्वेश से प्रेम संबंध था. दोनों बहनें बालिग हैं, जिसकी पुष्टि उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों से हुई.  जानकारी के मुताबिक, रविवार की देर रात दोनों बहनें अपने घर से चुपचाप निकलीं और सीधे रामप्रवेश और सर्वेश के घर पहुंच गईं. उनके अचानक पहुंचने से पूरे गांव में सनसनी फैल गई. गांव वाले और परिवार के लोग हैरान थे कि आखिर ये कैसे हुआ. खबर फैलते ही दोनों परिवारों में हलचल मच गई और लोग इस मामले को सुलझाने के लिए इकट्ठा हुए. गांव में तनाव का माहौल बन गया था, लेकिन दोनों बहनें अपने फैसले पर अडिग थीं.  सोमवार सुबह इस मामले को सुलझाने के लिए गांव के बुजुर्गों ने पंचायत बुलाई. सभी चाहते थे कि दोनों परिवारों के बीच कोई सहमति बन जाए, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका. क्योंकि, दोनों बहनें अपनी बात पर अड़ी रहीं कि वे अपने प्रेमियों से ही शादी करेंगी. उनकी जिद के सामने पंचायत भी नाकाम रही. जब उनकी उम्र की जांच की गई तो शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर पता चला कि दोनों बहनें बालिग हैं.  जब पंचायत में कोई बात नहीं बनी, तो दोनों बहनों और उनके प्रेमियों की खुशी के लिए हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराने का फैसला लिया गया. जास्मीन और रुखसाना ने अपना धर्म छोड़कर अपने प्यार को चुना. इस फैसले ने न सिर्फ दोनों परिवारों को बल्कि पूरे गांव को चौंका दिया है. 

सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ जल्द होगा पेश, 13 राज्य अधिनियमों के 99% आपराधिक कानून होंगे समाप्त: CM योगी

बड़े औद्योगिक और श्रम सुधारों की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश, आसान होगा व्यापार, श्रमिक हित होगा सुरक्षित: मुख्यमंत्री सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ जल्द होगा पेश, 13 राज्य अधिनियमों के 99% आपराधिक कानून होंगे समाप्त: CM योगी  कारावास की जगह आर्थिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई को मिलेगी वरीयता: CM योगी  देश का पहला राज्य होगा यूपी, जहां इतनी बड़ी संख्या में आपराधिक कानूनों को गैर-आपराधिक श्रेणी में बदला जाएगा श्रम कानून सरलीकरण: फैक्ट्री लाइसेंस अवधि बढ़ाने और महिलाओं को अधिक अवसर देने का प्रस्ताव शीघ्र लांच होगा ‘निवेश मित्र 3.0’, आवेदन-अनुमोदन प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के अनुरूप आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक व श्रम सुधारों की दिशा में बड़े कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य में उद्योग और व्यापार से जुड़े 13 राज्य अधिनियमों में लगभग 99 प्रतिशत आपराधिक प्रावधान समाप्त करने की तैयारी हो रही है। शीघ्र ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जो व्यावहारिकता के दृष्टिकोण से इतने बड़े पैमाने पर आपराधिक प्रावधानों को गैर-आपराधिक श्रेणी में परिवर्तित करेगा। गुरुवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और सशक्त बनाने के लिए नए कदम उठाना समय की मांग है। साथ ही यह भी उतना ही आवश्यक है कि औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी सुनिश्चित हो। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘श्रमेव जयते’ के भाव को आत्मसात करते हुए हमें ऐसे सुधार करने होंगे, जो उद्यमियों और श्रमिकों; दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध हों। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार शीघ्र ही ‘सुगम्य व्यापार (प्राविधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’ लाने जा रही है। इसके अंतर्गत आबकारी अधिनियम, शीरा अधिनियम, वृक्ष संरक्षण अधिनियम, राजस्व संहिता, गन्ना अधिनियम, भूगर्भ जल अधिनियम, नगर निगम अधिनियम, प्लास्टिक कचरा अधिनियम, सिनेमा अधिनियम तथा क्षेत्र व जिला पंचायत अधिनियम सहित कई कानूनों को अधिक व्यावहारिक स्वरूप दिया जाएगा। इनमें जहाँ पहले कारावास की सज़ा का प्रावधान था, वहां अब अधिक आर्थिक दंड व प्रशासनिक कार्रवाई को वरीयता देने की योजना है। नए प्रावधानों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को समाप्त कर, उनकी जगह पारदर्शी और न्यायसंगत व्यवस्था लागू करना समय की मांग है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस विधेयक पर संबंधित 14 विभागों से राय ली गई है। अधिकांश विभाग सहमत हैं, जबकि कुछ ने आपत्तियाँ दर्ज कराई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए विधेयक को ऐसा स्वरूप दिया जाए, जो उद्योग और श्रमिकों के हितों में संतुलित हो। बैठक में श्रम कानूनों के सरलीकरण पर भी चर्चा हुई। प्रस्तावों में फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने, दुकानों व प्रतिष्ठानों के नियमों में व्यावहारिक बदलाव करने और महिलाओं को अधिक अवसर उपलब्ध कराने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरीक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए स्व-सत्यापन और थर्ड पार्टी ऑडिट की प्रणाली अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से जहां उद्योगों का बोझ कम होगा, वहीं श्रमिकों का हित भी सुरक्षित होगा। सुधारों की शृंखला में ‘निवेश मित्र 3.0’ पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत निवेशकों की आवेदन व अनुमोदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा। कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म, पैन-आधारित पहचान, स्मार्ट डैशबोर्ड, बहुभाषी सहायता और एआई चैटबॉट जैसी सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी और निवेशकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल का नया संस्करण शीघ्र ही लॉन्च किया जाए, जिससे ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को नई मजबूती मिलेगी।

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के अनुरोध पर केंद्र ने दी स्वीकृति

लखनऊ  योगी सरकार के मार्गदर्शन में जनहित को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा छोटा व याद रखने में आसान हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इस पर दूरसंचार मंत्रालय भारत सरकार ने शॉर्ट कोड “149” स्वीकृत कर लागू कर दिया है। अब परिवहन विभाग की हेल्पलाइन दोनों नंबरों—पूर्व से संचालित टोल-फ्री 1800-1800-151 और नया “149”—पर 24×7 उपलब्ध रहेगी। इसका उद्देश्य हर नागरिक को एक ही कॉल में त्वरित, विश्वसनीय और पारदर्शी सहायता दिलाना है। इन सेवाओं के लिए करें कॉल ड्राइविंग लाइसेंस (DL), पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC), परमिट, फिटनेस, रोड टैक्स, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), BH-सीरीज़ पंजीकरण, ई-वी सब्सिडी, आरवीएसएफ (स्क्रैप), एटीएस, एडीटीसी, ई-चालान, ई-डीएआर तथा संबंधित ऑनलाइन पोर्टलों/सेवाओं की जानकारी, स्थिति और शिकायत-निवारण “149” या 1800-1800-151 पर कर सकते हैं। नागरिक कैसे उपयोग करें     1.    डायल करें: मोबाइल/लैंडलाइन से “149” (या 1800-1800-151)।     2.    सेवा चुनें: वांछित विषय (DL/RC/परमिट/फिटनेस/टैक्स/PUC/EV/इत्यादि) चुनें और आवश्यक विवरण दें।     3.    तुरंत सहायता: संबंधित जानकारी/लिंक/स्थिति का संदेश आपके मोबाइल पर प्राप्त होगा। शिकायत दर्ज होने पर तुरंत शिकायत संख्या दे दी जाएगी।     4.    ऑनलाइन शिकायत/स्थिति: https://upgov.info/transport पर नई शिकायत दर्ज करें / शिकायत की स्थिति देखें विकल्प उपलब्ध है। सुरक्षा व भुगतान संबंधी सावधानियाँ     (1) ई-चालान अथवा अन्य राशि का भुगतान केवल अधिकृत सरकारी पोर्टलों (जैसे parivahan.gov.in) पर करें।     (2) विभाग का ब्लू-टिक सत्यापित व्हाट्सऐप चैटबॉट: 8005441222 है—इसी नंबर से जानकारी/सहायता लें।     (3) संदिग्ध लिंक/कॉल से सावधान रहें; भुगतान हेतु उपलब्ध सभी मान्य ई-भुगतान माध्यम (जैसे UPI, नेट-बैंकिंग, कार्ड, पीओएस) स्वीकार्य हैं। नागरिक सुविधा को केंद्र में रखकर छोटा और यादगार नंबर ‘149’ उपलब्ध कराने का हमने अनुरोध किया था, जिसे भारत सरकार ने स्वीकृत कर लागू कर दिया है। अब ‘149’ और 1800-1800-151 दोनों पर 24×7 सहायता मिलेगी। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—सुरक्षित सड़कें, सरल सेवाएँ और संतुष्ट नागरिक, हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा से शिकायत-निवारण समयबद्ध और प्रभावी बनाया जाएगा। ब्रजेश नारायण सिंह परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश