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इंजीनियर को जूते से पीटने का मामला: बलिया में BJP नेता की गिरफ्तारी पर बवाल

बलिया उत्तर प्रदेश के बलिया में बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर सिंह द्वारा दफ्तर में घुसकर बिजली विभाग के इंजीनियर को जूते से पीटने के मामले में नया मोड़ आ गया है. जब पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई, तो वहां हंगामा खड़ा हो गया. मुन्ना बहादुर ने पुलिस की गाड़ी में बैठने से मना कर दिया और उनके समर्थकों ने भी मौके पर जमकर बवाल काटा. हालांकि, पुलिसकर्मियों ने घसीट कर मुन्ना को गाड़ी में बैठा लिया और वहां से निकल गई.  पुलिस और बीजेपी समर्थकों में झड़प यह घटना बलिया में बीते रविवार को हुई. बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर, जिन्हें पुलिस ने इंजीनियर को पीटने के आरोप में हिरासत में लिया था, सीने में दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल ले जाए गए. मेडिकल जांच के बाद जब पुलिस उन्हें वापस गाड़ी में बिठाने लगी, तो उन्होंने इसका विरोध किया. इसी बीच, सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. ऐसे में पुलिस को मुन्ना को जबरन गाड़ी तक घसीटकर ले जाना पड़ा, जिसके बाद ही वह बैठने को राजी हुए.  हालांकि, पुलिस वाहन में बैठने से पहले मुन्ना बहादुर सिंह ने खूब ड्रामा किया. उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. साथ ही कहा कि उन्होंने लोगों की समस्या उठाई थी, लेकिन इंजीनियर के लोगों ने उनपर हमला किया. अब पुलिस उन्हें ही अरेस्ट कर रही है.  क्या था पूरा मामला? पूरा विवाद शनिवार को बिजली कटौती की शिकायत को लेकर शुरू हुआ. बीजेपी नेता मुन्ना बहादुर बिजली विभाग के इंजीनियर श्रीलाल सिंह के ऑफिस पहुंचे थे. बातचीत के दौरान दोनों में बहस हुई और मुन्ना ने इंजीनियर को जूते से पीट दिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. देखें वीडियो-  इंजीनियर श्रीलाल सिंह ने आरोप लगाया कि मुन्ना ने उनके साथ जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट की. वहीं, मुन्ना बहादुर का आरोप है कि इंजीनियर ने उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदतमीजी की और कर्मचारियों ने उन पर हमला किया.  पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा सीओ सिटी श्यामाकांत ने बताया कि इंजीनियर की तहरीर पर मुन्ना बहादुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पीड़ित इंजीनियर का मेडिकल भी कराया गया है. बीते दिन मुन्ना बहादुर को जिला अस्पताल से गिरफ्तार किया गया. अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा. इस घटना ने बलिया में सियासी माहौल गरमा दिया है. 

कानपुर में कांग्रेस नेता के होटल से सेक्स रैकेट पकड़ा गया, पुलिस बनी ग्राहक, 7 लड़कियां-4 युवक हिरासत में

कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में कांग्रेस नेता राजेश सिंह के होटल में सेक्स रैकेट पकड़ने से हड़कंप मच गया है। पुलिस यहां खुद ग्राहक बनकर पहुंची है। उसे इसके बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद पुलिस की टीम ने होटल में छापा मारकर कमरों से सात युवतियों, चार युवकों और मैनेजर को पकड़ा है। इस मामले पर कांग्रेस नेता राजेश सिंह ने बताया कि होटल उनका है, लेकिन उन्होंने उसे दो लोगों को किराये पर दे रखा है। पुलिस को लगातार मिल रही थीं शिकायतें सैक्स रैकेट को लेकर पुलिस को लगातार शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद उसने यह एक्शन लिया। एसीपी आकांक्षा पांडेय ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक पुलिसकर्मी को भेजा था। होटल पहुंचने पर पुलिसकर्मी को कई लड़कियां व लड़के दिखे। इस दौरान रिसेप्शन पर एक युवक उनसे मिला और उसने होटल में रुकने और लड़कियों के बारे में इशारे किए। उसने लड़कियों के एक हजार से 20 हजार रुपये तक के रेट बताए।   पुलिस ने होटल का मैनेजर भी पकड़ा इसके बाद ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी और छापेमारी की। एसीपी ने छापेमारी के बाद बताया कि होटल का मैनेजर हर्ष गुप्ता भी पकड़ा गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि इसी होटल में वर्ष 2023 में भी क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर युवक-युवतियों को पकड़ा था। कांग्रेस नेता की बात करें तो वह रतनलाल नगर में रहते हैं और रेल बाजार में राजेन्द्रा पैलेस के नाम से उनका होटल है। 

किसी परियोजना में खामी मिली तो संबंधित लोगों के खिलाफ होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

सीएम योगी ने गोरखपुर में की विकास परियोजनाओं की समीक्षा गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि हर विकास परियोजना को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना सुनिश्चित करें। हर परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया जाए जो कार्य की नियमित निगरानी करें। यदि किसी परियोजना में ठेकेदार की लापरवाही मिले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। किसी विकास परियोजना में कोई खामी मिली, गुणवत्ता से समझौता किया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय है। हर परियोजना के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।  मुख्यमंत्री, रविवार को दोपहर बाद गोरखपुर के एनेक्सी भवन में जिले में जारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। गोरखपुर में चल रही विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी लेते हुए सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों से गोरखपुर के प्रति पूरे देश में मजबूत सकारात्मक धारणा बनी है। विकास कार्यों में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वह हर विकास परियोजना की प्रगति की जानकारी उस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी से खुद लेते रहें। सीएम ने पीएसी महिला बटालियन, खजांची बाजार, पादरी बाजार, बरगदवा, गोरखनाथ, पैडलेगंज-नौसढ़ फ्लाईओवर, भोपा बाजार ओवरब्रिज सहित सभी बड़ी विकास परियोजनाओं में तेजी लाते हुए निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।  बीमारियों से बचाव को चलाएं जागरूकता अभियान समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी पूर्वांचल के लिए अभिशाप रहे इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस)को नियंत्रित कर लिया गया है। पर, सतत सावधानी की जरूरत है। इसी तरह डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए जनता को जागरूक करते रहना होगा। इसके लिए लोगों के बीच जागरूकता और स्वच्छता से जुड़े अभियान चलाए जाएं। जागरूकता को लेकर प्रचार-प्रसार को बढ़ाया जाए। यह कार्य सभी नगर निकायों में हो। पनपने न दें मेडिकल माफिया मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में माफियाराज को ध्वस्त कर दिया गया है। मेडिकल पेशे में कभी-कभी एम्बुलेंस माफिया या मरीजों को भर्ती कराने में बिचौलियों के खेल की शिकायतें आती हैं। इस पर सतत सख्ती जरूरी है। ऐसी कार्रवाई की जाए जिससे मेडिकल फील्ड में कोई माफिया पनपने न पाए।  न लगने पाए जाम, स्ट्रीट वेंडर्स का करें व्यवस्थित पुनर्वास सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिस्पर्धा बड़े स्मार्ट शहरों से हो रही है। ऐसे में सुगम यातायात अपरिहार्य है। यातायात पुलिस और नगर निगम मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाए जिससे शहर में कहीं जाम न लगने पाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि सड़क पर ठेले-खोमचे न लगें। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर्स का व्यवस्थित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए।  यूनिफॉर्म में ही आएं सरकारी स्कूलों के बच्चे मुख्यमंत्री ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के यूनिफॉर्म, बैग, जूता-मोजा आदि के लिए सरकार उनके अभिभावकों के बैंक खातों में धनराशि भेजती है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखा जाए कि यह धनराशि इसी के लिए खर्च हो। विद्यालयों की जांच कर यह व्यवस्था बनाई जाए कि बच्चे यूनिफॉर्म में ही स्कूल आएं। इससे बच्चों के बीच समन्वय और सकारात्मक, अनुशासित माहौल बनेगा।  जनप्रतिनिधियों को कराएं बाल वाटिका का भ्रमण मुख्यमंत्री ने जिले में बच्चों के लिए प्री स्कूलिंग से पहले खोले गए बाल वाटिका की जानकारी ली। बताया कि यह एक शानदार पहल है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों को भी बाल वाटिका का भ्रमण कराएं और जरूरत पड़ने पर बाल वाटिका के लिए उनका सहयोग प्राप्त करें। उन्होंने माध्यमिक विद्यालयों के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार की भी समीक्षा की और कहा कि इसके तहत हो रहे निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाए।  गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट में तेजी से हो काम सीएम योगी ने शहर में जलजमाव दूर करने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गोड़धोइया नाला की भी समीक्षा की। कहा कि इसके निर्माण में और तेजी लाने की आवश्यकता है। बरसात से अगर काम प्रभावित हो रहा हो तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर काम को सुचारू तरीके से आगे बढ़ाया जाए।  एसटीपी बनाने वाली फर्म ही करे दस साल अनुरक्षण मुख्यमंत्री ने शहर में अमृत योजना के तहत एसटीपी निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्माण के बाद मेंटीनेंस भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कराने वाली फर्म से अगले दस साल के अनुरक्षण के लिए भी एग्रीमेंट होना चाहिए।  कहीं पेड़ काटना पड़े तो नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी विकास परियोजना को आगे बढ़ाने में यदि कहीं पेड़ काटना पड़े तो उसके एवज में नया पौधा लगाना भी सुनिश्चित किया जाए। पौधे की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी जरूर लगाया जाए।  समीक्षा बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री एवं बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, सीपी चंद और प्रशासन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आईएसएस से लौटे शुभांशु का लखनऊ में होगा भव्य स्वागत और सम्मान

Axiom-4 मिशन पूरा कर हाल ही में भारत लौटे हैं शुभांशु शुक्ला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है सम्मान समारोह का आयोजन अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले देश के पहले अंतरिक्ष यात्री हैं शुभांशु लखनऊ, लखनऊ के बेटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को नागरिक अभिनंदन करेंगे। शुभांशु शुक्ला हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से सफल मिशन पूरा कर लौटे हैं। मिशन पूरा कर वह हाल ही में भारत आए हैं और अब पहली बार वह सोमवार को लखनऊ आ रहे हैं। इसी क्रम में योगी सरकार ने देश के नायक को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इस मौके पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई बड़े नेता भी मौजूद रहेंगे। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। मिशन पूरा कर वापस लौटे हैं शुभांशु लखनऊ में जन्मे शुभांशु भारतीय वायुसेना के अनुभवी पायलट हैं। वे एक्सिओम-4 मिशन में शामिल होकर पहले भारतीय बने जिन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखा। मिशन के दौरान उन्होंने 60 से ज्यादा वैज्ञानिक प्रयोग किए और दुनिया भर के छात्रों से जुड़े। भारत लौटने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अंतरिक्ष से लाया हुआ तिरंगा और मिशन पैच भेंट किया था, जो पूरे देश के लिए भावुक क्षण था। अब इसी क्रम में सोमवार को शुभांशु लखनऊ पहुंच रहे हैं और योगी सरकार ने इस अवसर पर उनके सम्मान का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। साहस, समर्पण और विज्ञान के प्रति संकल्प का गौरवपूर्ण प्रतीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभांशु शुक्ला को उत्तर प्रदेश और पूरे भारत का गौरव बताया है। मिशन पूरा कर वापस धरती पर लौटने पर उन्होंने कहा था कि अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराना हर देशवासी के लिए गर्व का विषय है। आपकी उपलब्धि साहस, समर्पण और विज्ञान के प्रति संकल्प का गौरवपूर्ण प्रतीक है। आज हर भारतीय, विशेषकर उत्तर प्रदेश वासी गौरवान्वित है। सीएम ने यह भी कहा कि शुभांशु की सफलता यह साबित करती है कि अब उत्तर प्रदेश का युवा हर क्षेत्र में, चाहे वह विज्ञान हो या तकनीक, दुनिया के मंच पर अपनी छाप छोड़ रहा है। ऐसे में शुभांशु का स्वागत कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने की प्रेरणा देगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने अयोध्या राजसदन के मुखिया के निधन पर जताया शोक मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दी श्रद्धांजलि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी और अयोध्या राज परिवार के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का शनिवार रात हुआ था निधन सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिखा, ''प्रभु श्रीराम परिजनों को प्रदान करें दु:ख सहन करने की शक्ति'' अयोध्या,  अयोध्या राजसदन के मुखिया और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (राजा साहब) का शनिवार की रात 11 बजे निधन हो गया। 75 वर्षीय राजा साहब के निधन की खबर से प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा "राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।" पिछले साल ही हुआ था उनकी पत्नी का निधन राजसदन के मुखिया विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के भाई शैलेन्द्र मोहन मिश्र ने बताया कि शनिवार रात अचानक उनका ब्लड प्रेशर गिर गया, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर को तत्काल बुलाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। राजा साहब ने अपने निवास राजसदन में अंतिम सांस ली। पिछले वर्ष ही उनकी पत्नी का निधन हुआ था। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से गहरा जुड़ाव विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र न केवल अयोध्या के राजघराने के सम्मानित मुखिया थे, बल्कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से भी गहराई से जुड़े रहे। उन्हें अयोध्या की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता था। राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में गम राजा साहब के निधन से न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में गम का माहौल है। कई मंत्री व जनप्रतिनिधियों के अयोध्या पहुंचने की सूचना है।

सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री

  – गुरुओं की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा हमारा दायित्व – सीएम योगी – सीएम योगी ने कहा- इतिहास में वही जाति और कोम जीवित रही है जो अपने पूर्वजों के शौर्य और पराक्रम को जीवन का हिस्सा बनाती है – गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान की सराहना की गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इतिहास में वही जाति और कौम जीवित रहती है, जो अपने पूर्वजों के शौर्य, पराक्रम और बलिदान को जीवन का हिस्सा बनाती है। सिख गुरुओं ने सदैव सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी वीरता, त्याग और बलिदान देश की आत्मा में आज भी जीवित है। सीएम योगी रविवार को गोरखपुर के पैडलेगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पर्यटन विकास कार्यों, गुरुद्वारा भवन के नए स्वरूप और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार कार्यों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के प्रथम प्रकाश पर्व पर आयोजित समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुवाणी सुनी और संगत के बीच शामिल हुए। गुरुद्वारा समिति की ओर से उन्हें प्रतीक चिन्ह और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं की परंपरा अनुपम और अटूट रही है। गुरु नानक देव जी से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी महाराज तक, हर गुरु ने सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि  जब भी भारतीय संस्कृति पर संकट आया, सिख गुरुओं ने आगे बढ़कर अपने बलिदान से उसे बचाया। सीएम योगी ने विशेष रूप से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान के 350वें वर्ष में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कुछ ही समय पूर्व मुख्यमंत्री आवास से नगर कीर्तन और कीर्तन पाठ के जरिए इस आयोजन की शुरुआत हुई। इसी तरह गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व पर भी मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरुवाणी का आयोजन हुआ था। चार साहिबजादों का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है- सीएम योगी सीएम योगी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। उन्होंने कहाकि जब उन्हें लालच दिया गया कि इस्लाम स्वीकार कर लो, तो जीवन और रियासत दोनों सुरक्षित रहेंगे, लेकिन उन्होंने झुकने के बजाय बलिदान का मार्ग चुना। छोटे साहिबजादों को दीवार में चुनवाकर शहीद कर दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए दृढ़ निष्ठा दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बलिदान आज हम सभी को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 26 दिसंबर को पूरे देश में ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धांजलि देने का एक ऐतिहासिक निर्णय है। गुरुद्वारों में सुविधाओं का हुआ विस्तार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पैडलेगंज का यह गुरुद्वारा वर्षों से सिख संगत का आस्था केंद्र रहा है। पहले यहां सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब पर्यटन विभाग और सरकार की मदद से इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। अब यहां श्रद्धालुओं के लिए गुरुवाणी पाठ, लंगर और अन्य धार्मिक कार्यक्रम और बेहतर सुविधाओं के साथ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा केवल किसी जाति या समुदाय तक सीमित नहीं होता। यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत होता है। यही सिख परंपरा और गुरुवाणी का वास्तविक संदेश है। सीएम योगी ने सिख परंपरा के प्रति जताई कृतज्ञता सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर के प्रमुख तीन गुरुद्वारों जटा शंकर, मोहद्दीपुर और पैडलेगंज को बेहतर स्वरूप देने का कार्य किया गया है। यह सिख गुरु परंपरा के प्रति हमारी कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि  आज का दिन हमारे लिए पवित्र इसलिए भी है कि 421 वर्ष पूर्व इसी दिन गुरु ग्रंथ साहिब जी को हरमंदिर साहिब में स्थापित कर उन्हें गुरु के रूप में स्वीकार किया गया। यह परंपरा आज भी पूरे विश्व में आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने अपने जीवन का हर क्षण देश, धर्म और मानवता के कल्याण के लिए समर्पित किया। आज हमारा दायित्व है कि उनकी शिक्षाओं और बलिदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें। सीएम योगी ने गोरखपुर में सिख समुदाय के योगदान को सराहा सीएम ने गोरखपुर में सिख समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिख समुदाय को एकजुट करने का अवसर है। उन्होंने लखनऊ में अपने नियमित गुरुपर्व आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर में इस तरह के आयोजन में शामिल होना उनके लिए विशेष सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि गुरु परंपरा ने देश और सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनकी प्रेरणा से हमें देश और धर्म के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करना है।  इस दौरान सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, कालीबाड़ी के महंत रविंद्र दास समेत गुरुद्वारा कमेटी के वरिष्ठ सदस्य व सिख समुदाय के कई गणमान्य मौजूद रहे।

कमजोरों के हक छीनने वालों पर योगी सरकार का डंडा, किसी को नहीं मिलेगी ढील

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। 'सरकार हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है' सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘समस्याओं के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सरकार जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मिले और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। 'सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी' सीएम योगी ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और सभी को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले या कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।  

यूपी की सियासत में गरमाहट, प्रयागराज की होर्डिंग से तेज हुई पूजा पाल के भविष्य की अटकलें

लखनऊ  अपने पति राजू पाल की हत्या के सालों बाद मिले ‘न्याय’ के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करके यूपी की सियासत में हलचल मचा देने वाली विधायक पूजा पाल का अगला कदम क्या होगा? यह सवाल इस समय उनसे जुड़े या फिर यूपी की राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर शख्स की जुबान पर है। पूजा पाल ने पिछले दिनों सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने से लेकर मंत्री बनने तक की अटकलें लगनी शुरू हो गईं। यह भी कहा जाने लगा कि पूजा को 2027 में भाजपा अपना उम्मीदवार भी बना सकती है। जानकार उन्हें समाजवादी पार्टी के पीडीए नारे की काट और चुनाव से पहले भाजपा के हाथ आया हथियार बताने लगे। इस बीच प्रयागराज के धूमनगंज के सुलेम सराय इलाके में लगी एक होर्डिंग ने लोगों को चौंका दिया है। दधिकांदो मेले को लेकर लगाए गए नीले रंग के इस होर्डिंग को देखकर लोग उनके बसपा के पाले में जाने के भी कयास लगाने लगे। दरअसल, विधायक पूजा पाल अतीत में बसपा में रह भी चुकी हैं। 2007 से 2012 तक वह प्रयागराज पश्चिमी सीट से बसपा की ही विधायक थीं। 2019 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई थीं और सपा के ही टिकट पर उन्होंने कौशांबी की चायल सीट से 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि राज्यसभा चुनाव में उनका सपा से अलग रुख देखने को मिला। क्रॉस वोटिंग के बाद उनके और सपा के रिश्ते बिगड़ते चले गए। फिर हाल में जब पूजा पाल ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की तो यूपी के सियासी गलियारों में हलचल मच गई। हर कोई अपने-अपने ढंग से इसकी व्याख्या करने लगा। समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए निष्कासित कर दिया। इसके बाद सपा मुखिया अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पूजा पाल के बयान आने लगे। सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात करने के बाद पूजा पाल ने अखिलेश यादव को एक पत्र लिखकर कई चुभते सवाल पूछे और उन्हें खूब सुनाया। यहां तक कह दिया कि यदि मेरी हत्या होती है तो वास्तविक दोषी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही माना जाए। पूजा पाल को लेकर यूपी में जबरदस्त सियासी घमासान के बीच उनके समर्थन में भाजपा नेताओं के भी बयान आने लगे। कुल मिलाकर जानकारों को लगने लगा कि जल्द ही पूजा पाल भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं लेकिन इसी बीच प्रयागराज में नीले रंग की होर्डिंग लगी तो उनके बसपा में जाने को लेकर भी अटकलें तेज हो गईं। इस होर्डिंग ने कई लोगों को चौंकाया भी। पूजा पाल ने अभी साफ नहीं किया है रुख एक तरफ यूपी की सियासत में पूजा पाल को लेकर कयासबाजियों का सिलसिला तेज है तो दूसरी तरफ उन्होंने खुद अभी तक इस बारे में अधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है। सपा से निष्कासन के बाद उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर उनके समर्थकों और विरोधियों सबकी नजर है।  

ट्रेन हादसे से टली बड़ी दुर्घटना, डॉक्टर की मां को RPF ने सुरक्षित निकाला

कानपुर  यूपी के फर्रुखाबाद की एक 60 वर्षीय महिला महिमा गंगवार के लिए कहावत 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय' सच साबित हुई, जब वह शनिवार देर रात कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर एक चलती ट्रेन से गिर गईं। आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) के जवानों की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से उनकी जान बच गई। महिला का बेटा कानपुर के हैलट अस्पताल में डॉक्टर है। महिमा अपने पति राजवीर सिंह के साथ कानपुर से भोपाल जाने के लिए 12593 गरीब रथ एक्सप्रेस में सवार होने की कोशिश कर रही थीं। ट्रेन आधी रात 12:35 बजे स्टेशन पर आई और उन्हें अपना कोच ढूंढने में देर हो गई। जब तक वे कोच तक पहुंचे, ट्रेन चल पड़ी थी। जल्दबाजी में चढ़ने की कोशिश में महिमा का पैर फिसल गया और वह ट्रेन के पायदान और प्लेटफॉर्म के बीच की जगह में गिर गईं। आसपास के लोग शोर मचाने लगे। यह देखकर, वहां मौजूद आरपीएफ के एएसआई सीपी सिंह तुरंत हरकत में आए। उन्होंने महिमा को प्लेटफॉर्म की तरफ खिसकने की हिदायत दी और अपने साथी सिपाहियों अनिल कुमार और श्रवण कुमार को तुरंत ट्रेन की चेन खींचने का आदेश दिया। सिपाहियों ने बिना एक पल की भी देरी किए चेन खींची और ट्रेन रुक गई। इसके बाद, आरपीएफ टीम ने महिमा को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए स्टेशन पर ही बनी मोटर कार से प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ले गए। शुरुआती इलाज के बाद, उन्हें आगे के उपचार के लिए हैलट अस्पताल रेफर किया गया। आरपीएफ ने बताया कि महिमा का बेटा हैलट अस्पताल में डॉक्टर है। इस घटना के कारण ट्रेन को 15 मिनट की देरी हुई, लेकिन महिमा की जान बच गई। इस घटना प्रत्यक्षदर्शी आरपीएफ की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि यह घटना आरपीएफ कर्मियों की तत्परता और उनके सेवाभाव का शानदार उदाहरण है। थोड़ी देर तक स्तब्ध रहे लोग चलती ट्रेन से महिमा गंगवार के फिसलने और प्लेटफार्म-सीढ़ियों के बीच उनके फंस जाने की घटना जिसने भी देखी वो कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गया। आरपीएफ की चुस्ती और त्वरित ऐक्शन से ट्रेन रोक दी गई और महिमा गंगवार की जान बच गई। इसके बाद ही लोगों की जान में जान आई।  

दहेज में जलाई गई निक्की, पिता ने सीएम योगी से की सख्त कार्रवाई की मांग

नई दिल्ली  ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में दहेज के लालच में एक महिला को उसी के बेटे के सामने जिंदा जला दिया गया। महिला की पहचान निक्की के तौर पर हुई है जिसे उसी के पति ने मारपीट पर जिंदा जला दिया। पुलिस ने बहन कंचन की शिकायत पर पति के साथ-साथ महिला की सास, ससुर और देवर के खिलाफ केज दर्ज किया है। पति को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्यों की तलाश जारी है। घटना गुरुवार रात की है जब पति विपिन ने पहले पत्नी निक्की को मारा, इसके बाद उसे लाइटर से जला दिया। इस खौफनाक घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस बीच निक्की के पिता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपी के एनकाउंटर की मांग की है और उनके घर पर बुलडोजर ऐक्शन की भी मांग की है। मीडिया से बात करके हुए निक्की के पिता भिकारी सिंह पायला ने कहा, वे हत्यारे हैं, उन्हें गोली मार देनी चाहिए और उनका घर तहस-नहस कर देना चाहिए। मेरी बेटी पार्लर चलाकर अपने बेटे का पालन-पोषण कर रही थी। उन्होंने उसे प्रताड़ित किया। पूरा परिवार इस साजिश में शामिल था और उन्होंने मेरी बेटी को मार डाला। उन्होंने बताया कि निक्की अपने ससुराल वालों से अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा बात नहीं करती थी। वह नहीं चाहती थी कि मैं परेशान होऊं, इसलिए उसने शादी को कामयाब बनाने की पूरी कोशिश की। लेकिन वे हत्यारे हैं। निक्की के पिता सीएम योगी आदित्यनाथ से ऐक्शन की मांग करते हुए कहा, वे जेबकतरों के पैर में गोली मार देते हैं और इन हत्यारों को नहीं मारते? यह भाजपा सरकार है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपिन किसी और के साथ रिश्ते में था और निक्की को रास्ते से हटाना चाहता था। निक्की ने कहा, बेटे और मां को फांसी होनी चाहिए। मेरी बेटी बहुत दर्द में मरी। शिकायत में क्या-क्या आरोप? निक्की और उसकी बहन कंचन की साल 2016 में एक ही घर में शादी हुई थी। निक्की की शादी विपिन से और कंचन की शादी उसके भाई रोहित से हुई थी। कंचन की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक गुरुवार की शाम को पति विपिन और सास दया ने निक्की पर हमला किया। कंचन बचाने आई तो उसे भी मारा गया। इसके बाद विपिन ने पेट्रोल डालकर निक्की को जिंदा जला दिया। निक्की के 8 साल के बेटे का भी एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह पता रहा है कि पापा ने पहले मम्मी को चाटा मारा फिर कुछ डालकर लाइटर से आग लगा दी। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आया है जिसमें विपिन निक्की के बाल पकड़कर उसे खींचता नजर आ रहा है। कंचन ने बताया था कि शादी में ससुरालवालों को एसयूवी दी गई थी लेकिन उनकी मांग बढ़ती जा रही थी जिसके चलते वह निक्की को प्रताड़ित करते थे। उसके मायके वालों ने एसयूवी के अलावा एक और गाड़ी भी उन्हें दी थी लेकिन इसके बावजूद वह और 35 लाख रुपए मांग रहे थे।