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दशहरा शस्त्र पूजन केस में पुलिस की जांच पूरी, राजा भैया के हथियारों पर उठा बड़ा सवाल

प्रतापगढ़  यूपी के प्रतापगढ़ की कुंडा से विधायक बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का दशहरे के मौके पर हथियारों के जखीरे के साथ किए गए शस्त्र पूजन की जांच रिपोर्ट आ गई है। इस शस्त्र पूजन की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए थे। इसी के बाद पूर्व आईजी और अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने शिकायत करते हुए हथियारों की जांच की मांग की थी। पुलिस की रिपोर्ट में राजा भैया के बेंती आवास पर हुए इस शस्त्र पूजन को पारंपरिक कार्यक्रम बताया गया है। हालांकि अधिकारियों ने पुलिस टीम को आगे भी मामले पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए हैं।   राजा भैया के शस्त्र पूजन का वीडियो अमिताभ ठाकुर ने पुलिस अधिकारियों को भेजा था। कहा था कि वीडियो में एक साथ सैकड़ो शस्त्र देखे जा सकते हैं। राजा भैया के लोगों ने इन्हें वैध हथियार होने की बात कही है लेकिन इसके बाद भी एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में शस्त्रों के सार्वजनिक प्रदर्शन के मामले की जांच होनी चाहिए। अमिताभ ठाकुर की शिकायत के बाद प्रतापगढ़ एडिशनल एसपी बृजनंदन राय ने सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता से जांच कराई। इसी की जांच रिपोर्ट अब सामने आई है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि राजा भैया द्वारा विजयादशमी के अवसर पर बेंती आवास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर प्रांगण में 30 वर्षों से शस्त्र पूजन कार्यक्रम किया जा रहा है। राजा भैया के दादा स्वर्गीय राय बजरंग बहादुर सिंह और पिता उदय प्रताप सिंह द्वारा भी यह कार्यक्रम किया जाता था। इस अवसर पर किसी प्रकार के शस्त्र प्रदर्शन, अभ्यास, नारेबाजी, अवैध शस्त्र होने या विधि विरुद्ध कार्य के कोई तथ्य सामने नहीं आए हैं। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आयोजन निजी आवास परिसर की चाहरदीवारी के भीतर शांतिपूर्ण ढंग से पारम्परिक रूप से संपन्न होता है। स्थानीय जनता द्वारा भी इस कार्यक्रम के प्रति किसी प्रकार की आपत्ति या विरोध नहीं व्यक्त किया गया है, और न ही कोई शिकायत प्राप्त हुई जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हुई हो। एडिशनल एसपी ने सीओ कुंडा और इंस्पेक्टर हथीगंवा को मामले पर निरंतर सतर्क दृष्टि रखने और कोई तथ्य प्रकाश में आने पर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।  

पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले सीएम योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे से पहले मुख्यमंत्री ने बनारस रेलवे स्टेशन पर की तैयारियों की समीक्षा  पीएम मोदी के कार्यक्रम से पहले सीएम योगी ने तैयारियों का लिया जायजा रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दी प्रगति की जानकारी  सीएम ने अफसरों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश   सीएम ने स्टेशन पर सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश  7 नवंबर को वाराणसी आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  8 नवंबर को पीएम करेंगे बनारस से खजुराहो वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी प्रवास के दूसरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के उपरांत गुरुवार को बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे की तैयारियों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने रेलवे और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को स्टेशन परिसर के सुंदरीकरण, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल से जुड़ी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारु और व्यवस्थित रहें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्टेशन पर साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 7 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। अगले दिन, 8 नवंबर को वह बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत और तीन अन्य ट्रेनों का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व मुख्यमंत्री का यह निरीक्षण दौरा तैयारियों को अंतिम रूप देने के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीएम योगी ने षोडशोपचार विधि से संपन्न किया भगवान विश्वनाथ का पूजन-अर्चन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकाशी विश्वनाथ और काल भैरव के किए दर्शन, सतुआ बाबा आश्रम में संतों से की भेंट  सीएम योगी ने षोडशोपचार विधि से संपन्न किया भगवान विश्वनाथ का पूजन-अर्चन  मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की  मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री योगी – मुख्यमंत्री को देख जनता ने लगाया हर-हर महादेव का जयघोष   वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय वाराणसी प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार की सुबह बाबा काल भैरव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने शहर के कोतवाल माने जाने वाले भगवान काल भैरव का विधिवत दर्शन-पूजन किया। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सीधे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने षोडशोपचार विधि से बाबा विश्वनाथ का पूजन-अर्चन किया और देश एवं प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, कल्याण तथा शांति की कामना की। पूजन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ ने 'हर हर महादेव' के जयकारों से वातावरण को गूंजायमान कर दिया। मुख्यमंत्री ने विधिवत अभिषेक के बाद गर्भगृह में विशेष पूजा संपन्न की। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने आश्रम परिसर स्थित शिव मंदिर में दर्शन-पूजन किया और सतुआ बाबा के शिष्य महंत संतोष दास जी महाराज से भेंट की। मुख्यमंत्री ने संतों का आशीर्वाद लिया और वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव तथा सुशील सिंह भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बुधवार की शाम वाराणसी पहुंचे थे। आगमन के बाद उन्होंने नमो घाट पर दीप प्रज्ज्वलित कर देव दीपावली महोत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने क्रूज से गंगा तटों पर जलते दीपों के मनमोहक और भव्य दृश्य का अवलोकन किया। देव दीपावली के अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी आज आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का जीवंत प्रतीक बन चुकी है।

UP को मिली नई वंदे भारत एक्सप्रेस: लखनऊ से सहारनपुर तक सफर होगा और तेज, जारी हुआ पूरा शेड्यूल

मुरादाबाद आठ नवंबर को हाइ स्पीड ट्रेन लखनऊ से सहारनपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ हो रहा है। इसको लेकर बुधवार को डीआरएम कार्यालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। अवकाश के दिन भी अधिकारी प्लेटफार्म, स्वागत मंच, अतिथियों की सूची, सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा और सुरक्षा प्रबंधों पर अहम चर्चा हुई। सांसद रुचि वीरा व क्षेत्रीय विधायकगण को आमंत्रित किया गया है।लखनऊ में उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली हिस्सा लेंगे। यह ट्रेन लखनऊ से सुबह 5 बजे रवाना होगी और मुरादाबाद में सुबह 9:27 बजे प्रवेश करेगी, इसके बाद दोपहर 12:45 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। लखनऊ से मुरादाबाद तक का मार्ग लगभग 325 किमी है। इस ट्रैक पर वंदे भारत ट्रेन को मुरादाबाद तक पहुंचने में लगभग 4 घंटे 37 मिनट का समय लगेगा। इस वजह से सामान्य ट्रेनों की तुलना में मुरादाबाद तक पहुंचने में करीब एक घंटे की बचत होगी। यह ट्रेन सप्ताह में सोमवार को छोड़कर छह दिन चलेगी और इसमें कुल सात स्टेशन पर ठहराव होगा। लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर,बरेली, मुरादाबाद,नजीबाबाद, रुड़की, सहारनपुर। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि लखनऊ से मुरादाबाद आगमन पर आठ नवंबर को वंदे भारत एक्सप्रेस का स्वागत किया जाएगा। इसकी तैयारियां तेजी पर हैं। जिम्मेदारियों सौंप दी गई हैं।  लखनऊ से सहारनपुर के बीच समय सारिणी लखनऊ (प्रस्थान) सुबह 05:00 बजे सीतापुर सुबह 05:55 बजे शाहजहाँपुर जंक्शन सुबह 07:10 बजे बरेली जंक्शन सुबह 08:08 बजे मुरादाबाद जंक्शन सुबह 09:27 बजे नजीबाबाद जंक्शन सुबह 10:45 बजे रुड़की दोपहर 11:40 बजे सहारनपुर (अंतिम) दोपहर 12:45 बजे वापसी रूट सहारनपुर से 15:00 बजे रवाना, रुड़की 15:35, नजीबाबाद 16:40, मुरादाबाद 18:10, बरेली 19:33, शाहजहाँपुर 20:38, सीतापुर 21:50, लखनऊ 23:00।   मंडल को मिली चौथी वंदेभारत एक्सप्रेस मुरादाबाद रेल मंडल को चौथी वंदेभारत एक्सप्रेस मिली है। मेरठ से वाराणसी, देहरादून से लखनऊ, दिल्ली से देहरादून अब चौथी लखनऊ से मुरादाबाद होकर सहारनपुर के लिए वंदेभारत एक्सप्रेस मिली है।  

राजनीति में गरमाहट: योगी बोले- हिंदुओं को नजरअंदाज करने वालों को सत्ता से दूर रखें

गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2005 के पहले बिहार में अपराध, जातीय संघर्ष, माओवाद, नक्सलवाद था। यूपी-बिहार के नाम पर देश-दुनिया में सम्मान नहीं मिलता था। बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार, 30 हजार से अधिक अपहरण हुए। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, संभ्रांत व्यक्ति सुरक्षित नहीं थे। बिहार के 30-40 फीसदी लोगों की आबादी गोरखपुर व वाराणसी में है, क्योंकि उस समय जंगलराज था, लेकिन नीतीश बाबू के नेतृत्व में 20 वर्ष में सुशासन की सुदृढ़ नींव रखी गई। उत्तर प्रदेश में तमाम व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे। उन्होंने पहली रैली वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में की। सीएम ने यहां भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया तो राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। मुख्यमंत्री ने गया को ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा बताते हुए यहां की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला। बोले कि गया की धरती बहुत पवित्र है, सनातन धर्म की परंपरा है कि स्वर्ग लोक के पितर भी इसी धरती पर आकर तृप्त होते हैं। सीएम योगी ने कहा कि हर सच्चा भारतीय राम को पूर्वज मानता है। कांग्रेस, सपा व राजद जब राम मंदिर का विरोध कर रही थी तब भी रामभक्त नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा था कि राम हुए ही नहीं, जैसे लगता है कि कांग्रेस का ही खानदान पैदा हुआ है, बाकी हुए ही नहीं। उन्होंने कहा, "यह लोग राम-कृष्ण, विष्णु को नकारने लगते हैं। यह हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए। राजद ने राम मंदिर के रथ रोक दिया था। सपा ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान कर दिया। यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद हमने संकल्प पूरा किया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया। मथुरा-वृंदावन में कार्य कर रहे हैं। हर तीर्थ को सजा रहे हैं, जबकि सपा के लोग हमारे पैसे को कब्रिस्तान की बाउंड्री के लिए देते थे। हमने कहा कि यह पैसा मंदिरों-तीर्थों के सुंदरीकरण, हिंदू श्रद्धालुओं की सुविधा और गरीब हित में खर्च होगा।" सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज एनआईटी, आईआईएम, एम्स, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की लंबी श्रृंखला है। बिहार का नौजवान दुनिया में फिर से अपनी मेधा की छाप छोड़ रहा है और बिहार के विकास में भी योगदान दे रहा है। 11 वर्ष में मोदी जी ने विकास व विरासत का सम्मान किया है। सीएम ने केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को भी गिनाया। बोले कि कांग्रेस व राजद झूठे वायदे कर रहे हैं। पहले यह पशुओं का चारा खाए, अब अवसर दिया तो गरीबों का राशन खा जाएंगे। उन्होंने अपील की कि कांग्रेस-राजद की घोषणा पर विश्वास न करना, क्योंकि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। जो 'रामद्रोही' है, वह हमारा भी विरोधी है। 'रामद्रोही' रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा। सीएम योगी ने कहा कि जिस बिहार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया, वह बिहार पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ। पहले कांग्रेस, फिर राजद ने बिहार को लूटा, नौजवानों के रोजगार को छीना, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया। पैसा परिवार के विकास में लगा दिया, जिससे सब कुछ चौपट हो गया और नक्सलवाद, माओवाद, माफियावाद फैलता गया। बेटी-बहन पर सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई। कांग्रेस व राजद ने बिहार के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। जब भी कानून व्यवस्था खराब होती है तो युवा रोजगार, बेटी सुरक्षा के लिए परेशान होती है। कोई निवेशक नहीं आता है, जिससे विकास बाधित हो जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद व कांग्रेस की पार्टनर यूपी में समाजवादी पार्टी है। लखनऊ में सपा सरकार के समय एक माफिया ने गरीबों और सरकारी जमीन पर चार किलेनुमे मकान बना डाले थे। हमारी सरकार बनते ही मैंने पूछा कि यह किसने बनवाए हैं। लोगों ने जब नाम बताया तो मैंने कहा कि यह तो कुख्यात माफिया है। फिर हमारी सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई की। हमने उस जमीन को प्लेन किया, फिर हाईराइज बिल्डिंग बनाकर गरीबों के आवास बनाए। कार्तिक पूर्णिमा पर आज सुबह मैं लखनऊ में गरीबों को आवास उपलब्ध करा रहा था। यूपी में जो काम सपा करती थी, वही काम बिहार में राजद व कांग्रेस करती थी। इनका उपचार केवल एनडीए है। यह लोग जाति सेना खड़ी करके लड़ाते थे। सीएम ने फिर चेताया- 'जब भी बंटेंगे तो कटेंगे'। सीएम ने कहा कि सपा, राजद व कांग्रेस को परेशानी होती है कि भाजपा की डबल इंजन सरकार नाम क्यों बदल देती है। हम इसलिए नाम बदलते हैं क्योंकि नाम के अनुरूप काम किया जा सके। हमने फैजाबाद का नाम अयोध्या किया, क्योंकि अयोध्या ही पौराणिक नाम था। भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। फैजाबाद विदेशी आक्रांताओं का प्रतीक था। गंगा-यमुना का संगम जहां होता है, उसका नाम प्रयागराज था। मुगलकाल में इलाहाबाद कर दिया गया था, हमने फिर से प्रयागराज कर दिया। परेशान सपा वाले कहते हैं कि इसका नाम अयोध्या व प्रयागराज क्यों कर दिया। यहां भी कांग्रेस को परेशानी होगी कि कहीं वजीरगंज का नाम न बदल दिया जाए। हमें आगे बढ़ने के लिए विरासत का सम्मान और पूर्वजों पर गौरव की अनुभूति करनी होगी।

आस्था का महापर्व: हनुमान गढ़ी मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर भक्तों की भारी भीड़

अयोध्या हिंदू धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक कार्तिक पूर्णिमा 5 नवंबर यानी बुधवार को मनाई जा रही है। प्रयागराज, हरिद्वार, रायबरेली और कई धार्मिक स्थलों पर भक्त आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। प्रयागराज के घाटों पर तो श्रद्धालुओं का तांता लगा ही हुआ है, स्नान के बाद भक्त हनुमान गढ़ी मंदिर में भी पहुंच रहे हैं और पुलिस प्रशासन भक्तों पर पुष्प वर्षा कर रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर हनुमान गढ़ी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों का आगमन हुआ है। बाबा हनुमान जी के दर्शन के लिए मंदिर के बाहर तक लाइन लगी है और पुलिस प्रशासन भक्तों को अलग-अलग कतारों के जरिए मंदिर के भीतर प्रवेश दे रहे हैं। भले ही मंदिर में भीड़ है, लेकिन भक्त लंबा इंतजार करने के साथ-साथ भगवान हनुमान के जयकारे भी लगा रहे हैं। मंदिर में दर्शन करने के लिए आई महिला भक्त ने बताया कि “भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, सभी भक्तों को अच्छे से दर्शन कराया जा रहा है, भले ही भीड़ ज्यादा है लेकिन पुलिस-प्रशासन ने सब संभाल रखा है और दर्शन के समय किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। सीएम योगी के नेतृत्व में मंदिर प्रशासन और पुलिस प्रशासन मिलकर सब कुछ कर रहे हैं।” एक अन्य महिला श्रद्धालु ने बताया कि दर्शन करके बहुत अच्छा लगा और दर्शन करने आए भक्तों पर फूलों की वर्षा भी की गई। सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने के लिए बहुत भीड़ आ रही है और इसलिए दर्शन के लिए दो रास्तों को खोला गया है। कोई अनहोनी न हो, उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है और दर्शन करने के बाद तुरंत भक्तों को मंदिर से बाहर की तरफ भेजा जा रहा है, जिससे बाकी श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें। सुबह लगातार 3 बजे ही भक्त मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और ऐसा शाम तक चलने वाला है। बता दें कि अयोध्या के बाकी मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद श्रद्धालु भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिरों की तरफ बढ़ रहे हैं।  

यूपी के मुख्यमंत्री ने सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में की जनसभा

सासाराम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को पांडव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 के बीच राजद ने बिहार में जंगलराज लाया था, लेकिन पीएम मोदी व नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार का विकास कर रही है। देश का उत्थान करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पांच पांडव (मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान) के नेतृत्व में मजबूत गठबंधन एनडीए के रूप में संकल्प लेकर बढ़ा है कि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है। सीएम ने बिहार वासियों से अपील की कि जंगलराज के खिलाफ सुशासन की सुदृढ़ नींव पर मजबूत व समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है। उत्तर प्रदेश की व्यस्तताओं के बीच बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार किया। दूसरी रैली में सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में रैली की।सीएम ने यहां भी राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। योगी का तंज- ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं महागठबंधन वाले सीएम ने वाराणसी के देव दीपावली का जिक्र करते हुए मिट्टी से बनने वाले दीप से प्रजापति समाज को लाभ होगा। इसमें लगे तेल का पैसा किसानों के पास जाएगा। पुजारी, माली,  कुम्हार समेत हर व्यक्ति इससे जुड़कर आस्था का सम्मान व रोजगार का सृजन कर रहा है। सीएम योगी ने मां जानकी के साथ ही बिहार के अनेक महापुरुषों का भी स्मरण किया। सीएम ने कहा कि बिहार की तरह सासाराम व रोहतास जनपद का भी गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कांग्रेस व राजद ने नागरिकों के सामने पहचान,  बहन-बेटियों, व्यापारियों व उद्यमियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया था तो किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। आज जो लोग घोषणाएं कर रहे हैं, वह लोग महागठबंधन बनाकर ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं, इन्हें फिर से नहीं आने देना है। सीएम ने दिलाया विश्वास- वाराणसी में हुई घटना की कर रहे जांच, दोषियों पर करेंगे कड़ी कार्रवाई सीएम योगी ने कहा कि साल भर पहले यहां की बेटी परीक्षा की तैयारी की कोचिंग के लिए वाराणसी गई थी। उसके साथ दुखद घटना हुई,  हम उसकी जांच कर रहे हैं। एसआईटी गठित करेंगे और दोषियों को सख्त सजा देंगे। बेटी की सुरक्षा व सम्मान होगा। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का यमराज के घर का टिकट कटवा देंगे। बिहार को भी त्रस्त करने वाले माफिया के आतंक को समाप्त किया और उसकी हवेली को धराशायी कराया सीएम योगी ने कहा कि एक माफिया ने बिहार को भी त्रस्त किया था। आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, लखनऊ तक उसका आतंक था। वह सपा और राजद का शागिर्द था। उसने लखनऊ में डीजीपी आवास के सामने गरीबों व सरकारी जमीन पर कब्जा कर महलनुमा आवास बना लिया था। सरकार बनी तो हमने पूछा कि सरकारी जमीन पर किसने कब्जा किया है। लोग नाम लेने से डरते थे। हमने जमीन कब्जा मुक्त कराई, उसकी हवेली को धराशायी कराया और वहां गरीबों के आवास बनवाए। आज सुबह वहां गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। यह कार्य केवल एनडीए कर सकती है। यूपी में नौजवान मस्त और माफिया पस्त है सीएम योगी ने कहा कि एनडीए गठबंधन स्वर्णिम बिहार के लिए आप सभी का समर्थन मांगने आई है। यूपी व बिहार सांझी विरासत को लेकर बढ़ता है। श्रीराम व मां जानकी के अटूट संबंध जैसा ही यूपी व बिहार का संबंध इसी पवित्रता के साथ जुड़ा हुआ है। यूपी में कानून का राज, सबको सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। विकास, रोजगार सृजन, निवेश हो रहा है। यूपी में नौजवान मस्त है, माफिया पस्त है। यही बिहार के अंदर भी करना है।   11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान सीएम योगी ने केंद्र सरकार की योजनाएं भी गिनाईं। फिर कहाकि पिछले 20 वर्ष में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ते देखा है। आज रेल,  एयर, मेट्रो कनेक्टिविटी समेत इनलैंड वॉटरवे की कनेक्टिविटी बिहार होते हुए यूपी के काशी व प्रयागराज तक होने जा रही है। बिहार में अब विकास की हर योजनाएं हैं। 11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिला दी। बिहार का व्यक्ति देश में कहीं भी चला जाए, यदि उसके पास राशन-आयुष्मान कार्ड है तो वह यूपी-एमपी, गुजरात में भी लाभ ले सकता है। यूपी में बनी भाजपा सरकार तो हमने कराया राम मंदिर का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाया तो विरासत का सम्मान भी किया है। योगी ने राजद व कांग्रेस के पार्टनर समाजवादी पार्टी के कारनामे पर भी चर्चा की। बोले कि कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं,  राजद ने राम मंदिर के रथ को रोक दिया और समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान किया था। हम तब भी बोलते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद राममंदिर बनने से कोई नहीं रोक पाया। सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर भी बन रहा है। अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए 6155 करोड़ रुपये से कॉरिडोर बन रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया।

यूपी के मुख्यमंत्री ने वजीरगंज विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित

लालू यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार और 30 हजार से अधिक अपहरण हुएः योगी बिहार विधानसभा चुनाव यूपी के मुख्यमंत्री ने वजीरगंज विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित राजद व कांग्रेस वाले हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिएः योगी योगी ने ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा गया से राजद व कांग्रेस नेताओं को खूब धोया सीएम योगी का तंज- पहले पशुओं का चारा खाया, अब आए तो गरीबों का राशन खा जाएंगे कांग्रेस व राजद के समय सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई थीः सीएम बोले- रामद्रोही रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा यूपी में सपा सरकार में माफिया ने बनाए थे चार किलेनुमा मकान, हमने आज सुबह उस जमीन पर गरीबों को आवास दे दियाः मुख्यमंत्री गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2005 के पहले बिहार में अपराध, जातीय संघर्ष, माओवाद, नक्सलवाद था। यूपी-बिहार के नाम पर देश-दुनिया में सम्मान नहीं मिलता था। बिहार में लालू प्रसाद यादव के शासन में 60 से अधिक जातीय नरसंहार, 30 हजार से अधिक अपहरण हुए। व्यापारी, डॉक्टर, इंजीनियर, संभ्रांत व्यक्ति सुरक्षित नहीं थे। बिहार के 30-40 फीसदी लोगों की आबादी गोरखपुर व वाराणसी में है, क्योंकि उस समय जंगलराज था, लेकिन नीतीश बाबू के नेतृत्व में 20 वर्ष में सुशासन की सुदृढ़ नींव रखी गई। बिहार में रोड, रेल, एयर कनेक्टिविटी के साथ अब वाटरवे की कनेक्टिविटी बिहार से होते हुए यूपी को जोड़ रही है। किसानों के उत्पाद हों या बिहार का मखाना, जल मार्ग से दुनिया के बाजारों में पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में तमाम व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने पहुंचे। उन्होंने पहली रैली वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक व भाजपा प्रत्याशी बीरेंद्र सिंह के पक्ष में की। सीएम ने यहां भाजपा के विकास कार्यों को गिनाया तो राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। सीएम ने गया को ज्ञान, मुक्ति व अध्यात्म की धरा बताते हुए यहां की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाला। बोले कि गया की धरती बहुत पवित्र है, सनातन धर्म की परंपरा है कि स्वर्ग लोक के पितर भी इसी धरती पर आकर तृप्त होते हैं। राजद व कांग्रेस वाले हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए सीएम योगी ने कहा कि हर सच्चा भारतीय राम को पूर्वज मानता है। कांग्रेस, सपा व राजद जब राम मंदिर का विरोध कर रही थी तब भी रामभक्त नारा लगाते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा था कि राम हुए ही नहीं, जैसे लगता है कि कांग्रेस का ही खानदान पैदा हुआ है, बाकी हुए ही नहीं। यह लोग राम-कृष्ण, विष्णु को नकारने लगते हैं। यह हिंदुओं को नकार देंगे, इसलिए हमें भी इन्हें नकार देना चाहिए। राजद ने राम मंदिर के रथ रोक दिया था। सपा ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान कर दिया। यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद हमने संकल्प पूरा किया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया। मथुरा-वृंदावन में कार्य कर रहे हैं। हर तीर्थ को सजा रहे हैं, जबकि सपा के लोग हमारे पैसे को कब्रिस्तान की बाउंड्री के लिए देते थे। हमने कहा कि यह पैसा मंदिरों-तीर्थों के सुंदरीकरण, हिंदू श्रद्धालुओं की सुविधा और गरीब हित में खर्च होगा। पहले पशुओं का चारा खाया, अब आए तो गरीबों का राशन खा जाएंगे सीएम योगी ने कहा कि बिहार में आज एनआईटी, आईआईएम, एम्स, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज आदि की लंबी श्रृंखला है। बिहार का नौजवान दुनिया में फिर से अपनी मेधा की छाप छोड़ रहा है और बिहार के विकास में भी योगदान दे रहा है। 11 वर्ष में मोदी जी ने विकास व विरासत का सम्मान किया है। सीएम ने केंद्र सरकार की विकास योजनाओं को भी गिनाया। बोले कि कांग्रेस व राजद झूठे वायदे कर रहे हैं। पहले यह पशुओं का चारा खाए, अब अवसर दिया तो गरीबों का राशन खा जाएंगे। सीएम ने अपील की कि कांग्रेस-राजद की घोषणा पर विश्वास न करना, क्योंकि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। जो रामद्रोही है, वह हमारा भी विरोधी है। रामद्रोही रामराज्य नहीं ला सकता, वह जंगलराज ही लाएगा। कांग्रेस व राजद के समय सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई सीएम योगी ने कहा कि जिस बिहार ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर को दिया, वह बिहार पहचान के लिए क्यों मोहताज हुआ। पहले कांग्रेस, फिर राजद ने बिहार को लूटा, नौजवानों के रोजगार को छीना, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। गरीबों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया। पैसा परिवार के विकास में लगा दिया, जिससे सब कुछ चौपट हो गया और नक्सलवाद, माओवाद, माफियावाद फैलता गया। बेटी-बहन पर सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया। सत्ता के समानांतर माफिया की सरकार चलने लग गई। कांग्रेस व राजद ने बिहार के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। जब भी कानून व्यवस्था खराब होती है तो युवा रोजगार, बेटी सुरक्षा के लिए परेशान होती है। कोई निवेशक नहीं आता है, जिससे विकास बाधित हो जाता है। सपा सरकार में माफिया ने बनाए थे चार किलेनुमा मकान, हमने आज सुबह उस जमीन पर गरीबों को आवास दे दिया सीएम योगी ने कहा कि राजद व कांग्रेस की पार्टनर यूपी में समाजवादी पार्टी है। लखनऊ में सपा सरकार के समय एक माफिया ने गरीबों और सरकारी जमीन पर चार किलेनुमे मकान बना डाले थे। हमारी सरकार बनते ही मैंने पूछा कि यह किसने बनवाए हैं। लोगों ने जब नाम बताया तो मैंने कहा कि यह तो कुख्यात माफिया है। फिर हमारी सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई की। हमने उस जमीन को प्लेन किया, फिर हाईराइज बिल्डिंग बनाकर गरीबों के आवास बनाए। कार्तिक पूर्णिमा पर आज सुबह मैं लखनऊ में गरीबों को आवास उपलब्ध करा रहा था। यूपी में जो काम सपा करती थी, वही काम बिहार में राजद व कांग्रेस करती थी। इनका उपचार केवल एनडीए है। यह लोग जाति सेना खड़ी करके लड़ाते थे। सीएम ने फिर … Read more

योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

योगी सरकार की बड़ी सौगात, निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह पर अब ₹85,000 तक की सहायता योगी सरकार ने बढ़ाई कन्या विवाह सहायता राशि, श्रमिक परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ सामान्य विवाह पर ₹65,000, अंतर्जातीय विवाह पर ₹75,000, सामूहिक विवाह पर ₹85,000 तक की सहायता आयोजन के लिए मिलेगी अलग से ₹15,000 की राशि, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और निशुल्क बीओसी बोर्ड द्वारा अब तक संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत ₹6336.61 करोड़ वितरित, 1.88 करोड़ पंजीकृत श्रमिक लाभान्वित हर गरीब और श्रमिक परिवार तक विकास का लाभ पहुंचाना ही योगी सरकार का संकल्प लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है।राज्य के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित कन्या विवाह सहायता योजना में आर्थिक सहायता राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। अब सामान्य विवाह के लिए ₹65,000, अन्तर्जातीय विवाह के लिए ₹75,000 और सामूहिक विवाह के लिए ₹85,000 प्रति जोड़े की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ₹15,000 आयोजन के लिए पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा। कन्यादान का फर्ज निभा रहे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि श्रमिक परिवार समाज की रीढ़ हैं। उनकी बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग देना सरकार का मानवीय कर्तव्य है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी श्रमिक बेटी बिना चिंता के अपने जीवन का नया अध्याय शुरू कर सके। इसी क्रम में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की संपूर्ण व्यवस्था श्रम विभाग एवं बोर्ड द्वारा की जाएगी ताकि श्रमिक परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विवाह आयोजन में सुरक्षा, आवास, परिवहन और भोजन की सभी व्यवस्थाएं विभाग द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी। 1.88 करोड़ से अधिक पंजीकृत श्रमिक होंगे लाभान्वित बोर्ड की सचिव पूजा यादव ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का उद्देश्य हर पंजीकृत श्रमिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कन्या विवाह सहायता राशि में वृद्धि से श्रमिक परिवारों को सीधा और ठोस लाभ मिलेगा। वर्तमान में 1.88 करोड़ से अधिक श्रमिक बोर्ड में पंजीकृत हैं।  सुविधाजनक और निःशुल्क आवेदन प्रक्रिया पंजीकृत श्रमिक मात्र ₹20 एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और ₹20 वार्षिक अंशदान देकर योजनाओं के पात्र बन सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन एवं निःशुल्क है — श्रमिक www.upbocwboard.in वेबसाइट या जन सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। श्रमिकों के लिए बोर्ड द्वारा संचालित अन्य कल्याणकारी योजनाएं बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं— ▪️जन्म सहायता: पुत्र जन्म पर ₹20,000, पुत्री जन्म पर ₹25,000 और ₹2.50 लाख की सावधि जमा राशि। ▪️शिक्षा सहायता: कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक ₹2,000 से ₹1,00,000 तक की धनराशि एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पूर्ण शुल्क प्रतिपूर्ति। ▪️गंभीर बीमारी सहायता: चिकित्सा पर आने वाले व्यय की प्रतिपूर्ति। ▪️पेंशन सहायता: पात्रता अनुसार प्रति माह ₹1,000 की आर्थिक सहायता। ▪️दिव्यांगता/मृत्यु सहायता: ₹2,00,000 से ₹5,00,000 तक की आर्थिक मदद श्रमिक के आश्रितों को प्रदान की जाती है। अब तक बोर्ड द्वारा 18,94,797 आवेदनों पर ₹6336.61 करोड़ की धनराशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की जा चुकी है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने माफियाराज की भयावह कहानियां साझा कर सभी को किया स्तब्ध

जहां कभी माफिया मुख्तार अंसारी का था कब्ज़ा, वहीं आज गरीबों को मिला अपना घर — बृजलाल उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने माफियाराज की भयावह कहानियां साझा कर सभी को किया स्तब्ध   लखनऊ में ‘सरदार पटेल आवासीय योजना’ के लोकार्पण पर बोले पूर्व डीजीपी- सपा राज में थी अपराधियों की खुली बादशाहत – सीएम योगी के राज में खत्म हुआ माफियाराज, आज यूपी में कानून का राज कायम – पूर्व की सरकारों में डीजीपी कार्यालय के सामने तक माफियाओं का राज चलता था, प्रशासन अपराधियों के सामने बेबस था- पूर्व डीजीपी – 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की साजिश के पीछे भी मुख्तार अंसारी का था हाथ – कहा- तत्कालीन डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कारतूस समेत जब्त किया था मुख्तार अंसारी की लाइट मशीन गन – बोले- समाजवादी पार्टी की सत्ता के दबाव में डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह को देना पड़ा था इस्तीफा – कृष्णानंद राय की हत्या में 600 गोलियां चलाई गईं, 67 गोलियां उन्हें लगीं, पर सरकार ने कुछ नहीं किया – सपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों ने समानांतर सरकार चला रखी थी, अधिकारी भी करते थे सलाम – मऊ दंगे के दौरान मुख्तार खुलेआम राइफल लेकर खुलीगाड़ी में सड़कों पर घूम रहा था और सरकार आंखें मूंदे बैठी थी – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार शासन का परिणाम है कि आज यूपी से माफियाराज खत्म हो गया है – जहां कभी रंगदारी और अपहरण उद्योग चलता था, वहीं आज 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है- बृजलाल लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राजधानी लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर ‘सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को फ्लैट आवंटन पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने  माफियाराज की भयावह कहानियां साझा कर सभी को स्तब्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि कैसे पूर्व समाजवादी पार्टी सरकार में माफिया खुलेआम गुंडागर्दी करते थे, पुलिस-प्रशासन सलाम ठोकता था और गरीब-व्यापारी असहाय थे। उन्होंने कहा कि आज जो भूमि गरीबों को आवास दे रही है, कभी यहां मुख्तार अंसारी जैसे माफियाओं का कब्ज़ा था। प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कहा कि एक समय था जब डीजीपी कार्यालय के सामने तक माफियाओं का राज चलता था। उन्होंने खुलासा किया कि पूर्व की सरकारों में पुलिस और प्रशासन अपराधियों के सामने बेबस था। मुख्तार अंसारी जैसे माफिया की दहशत ऐसी थी कि बड़े-बड़े पुलिस अधिकारी और आईएएस अधिकारी उसके घर जाकर सलाम करते थे। बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की साजिश के पीछे था मुख्तार अंसारी पूर्व डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या की साजिश के पीछे भी मुख्तार अंसारी का हाथ था। उन्होंने कहा कि जब मैं आईजी कानून-व्यवस्था था, तब जानकारी मिली कि मुख्तार ने कश्मीर से लाइट मशीन गन मंगाई है। हमारे डीएसपी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने वह हथियार कारतूस समेत बरामद किया था, लेकिन सत्ता के दबाव में उन्हें इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने इस्तीफा देना पड़ा।  सपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों ने समानांतर सरकार चला रखी थी बृजलाल ने कहा कि सपा सरकार के संरक्षण में अपराधियों ने समानांतर सरकार चला रखी थी। कृष्णानंद राय की हत्या में 600 गोलियां चलाई गईं, 67 गोलियां उन्हें लगीं, पर किसी ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि मऊ दंगे के दौरान मुख्तार खुलेआम राइफल लेकर खुलीगाड़ी में सड़कों पर घूम रहा था और सरकार आंखें मूंदे बैठी थी। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वह माफियागिरी समाप्त हो चुकी है। कुछ अपराधी मारे जा चुके हैं, कुछ जेल में हैं, कुछ प्रदेश छोड़ भाग गए हैं और कुछ अब माला जप रहे हैं। योगी सरकार में कानून का राज स्थापित हुआ है, इसलिए आज निवेशक भी उत्तर प्रदेश पर भरोसा कर रहे हैं। कभी जहां रंगदारी और अपहरण उद्योग चलता था, वहीं आज 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है। बृजलाल ने सीएम योगी को दिया धन्यवाद, कहा- जब कानून व्यवस्था दुरुस्त होती है, तभी विकास होता है बृजलाल ने गरीब लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जहां कभी माफियाओं के गैंग का अड्डा था, आज वहां 72 गरीब परिवारों के सपनों का घर बस रहा है। यह बदलाव योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार शासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब कानून व्यवस्था दुरुस्त होती है, तभी विकास होता है। योगी सरकार ने यूपी को अपराध और अराजकता से मुक्त कर निवेश, विकास और सुशासन का प्रतीक बना दिया है।