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सीएम योगी का संदेश: वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, राष्ट्रभक्ति का प्रेरणास्रोत है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजादी के आंदोलन का मंत्र बने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने इस दिवस को स्मृति दिवस के रूप में आयोजित करने के लिए देशवासियों को नई प्रेरणा दी। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। उस दौरान विदेशी हुकूमत के द्वारा दी जाने वाली अनेक यातनाओं, प्रताड़नाओं की परवाह किए बिना भारत का हर नागरिक (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी) वन्दे मातरम् गीत के साथ गांव, नगर, प्रभातफेरी के माध्यम से भारत की सामूहिक चेतना के जागरण के अभियान से जुड़ चुका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अपनी बातें रखीं। इस दौरान राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ और स्वदेशी का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोकभवन में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा। सीएम योगी ने कहा कि 1875 में रचा गया यह गीत केवल आजादी का ही गीत नहीं रहा, बल्कि देश के अंदर आजादी के मंत्र को बढ़ाने में भी सफल हुआ। वन्दे मातरम् गीत संस्कृत व बांग्ला की सामूहिक अभिव्यक्ति को भले ही प्रदर्शित करता हो, लेकिन यह संपूर्ण भारत को राष्ट्र माता के भाव के साथ जोड़ने का अमर गीत बन गया। इसने भारत की शाश्वत अभिव्यक्ति को देशवासियों के सामने प्रस्तुत किया था। सीएम ने कहा कि जब विदेशी हुकूमत ने 1905 में बंग-भंग के माध्यम से भारत की भुजाओं को काटने का दुस्साहिक निर्णय लिया था, उस समय भी इस गीत ने पूरे भारतवासियों को एकजुट होकर प्रतीकार करने की प्रेरणा दी। उसके बाद के कालखंड में जब भी किसी क्रांतिकारी ने फांसी के फंदे को चूमा, तब उसके मुख से वंदे मातरम् मंत्र ही निकलता रहा। वन्दे मातरम् ने किया संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व   सीएम योगी ने कहा कि भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भी जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कोई स्लोगन, फ्लैग दिया तो वन्दे मातरम् उसका स्वर बना। वन्दे मातरम् संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला मंत्र बना। इस गीत ने हर भारतीय के मन में यह भाव रचने का प्रयास किया कि व्यक्ति जाति-मत-मजहब से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोच सके और राष्ट्रप्रथम के भाव के साथ राष्ट्रमाता के प्रति सामूहिक अभिव्यक्ति हो। सीएम योगी ने वंदे मातरम् को भारत की भक्ति-शक्ति के सामूहिक शाश्वत अभिव्यक्ति का सामूहिक स्वरूप बताया। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् के अमरगीत के साथ उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हम सभी इसके रचयिता को भी याद कर रहे हैं। संविधान सभा ने इस गीत को 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी। यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने में हुआ है सफल सीएम योगी ने कहा कि यह भले ही बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आनंद मठ के उस अमर उपन्यास पर आधारित है, जिन्होंने भारत व बंगाल में उस दौरान भूख से तड़पती, अकाल-अभाव से ग्रसित जनता के उन स्वरों को, जिसे संन्यासियों ने बाद में आंदोलन का रूप दिया। लेकिन वास्तव में यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने व भारत की सामूहिक चेतना को आगे बढ़ाने में सफल हुआ है। आज इसके 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। यह गीत 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है। कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि हम सब वन्दे मातरम् का हिस्सा हो सकते हैं। वन्दे मातरम् किसी उपासना विधि, किसी जाति-व्यक्ति का महिमा मंडन करने के प्रति नहीं, बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है। सीएम ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान की ड्राफ्टिंग प्रति सौंपने का भी जिक्र किया। सीएम ने पीएम मोदी के उस कथन की चर्चा की औऱ कहा कि हम देश में रहते हैं, अधिकारों की बात करते हैं पर क्या कभी कर्तव्य के बारे में स्मरण किया है। कर्तव्य ऐसा हो, जो वर्तमान व भावी पीढ़ी के भविष्य को भी उज्ज्वल बना सके। वन्दे मातरम् राष्ट्रमाता के प्रति हमारे कर्तव्यों के प्रति हमें आग्रही बनाता है। उत्तर प्रदेश पिछले 8 वर्ष में जिन ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है, यह हमारे कर्तव्यों की ही अभिव्यक्ति है। नागरिक जब स्वार्थ से उठकर कर्तव्य के मार्ग पर बढ़ता है तो सही मायने में वह वन्दे मातरम् का गान कर रहा होता है सीएम योगी ने कहा कि जब एक शिक्षक अपने छात्र को संस्कारवान बनाता है, जब जवान विपरीत परिस्थितियों (सियाचीन ग्लेशियर में जो जवान खड़ा होगा, वहां तापमान माइनस 40 होगा और  मई-जून में राजस्थान के रेगिस्तान में जो जवान सीमाओं की रक्षा कर रहा होगा, वह 55 डिग्री टेंपरेचर में भी गर्मी की परवाह किए बिना सीमाओं की सुरक्षा के लिए जूझता है) का सामना करते हुए भी देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अडिग खड़ा रहता है। जब किसान खेती की उर्वरता को बढ़ाते हुए अन्न उत्पादन करता है और जब भारत का हर नागरिक स्वार्थ से उठकर कर्तव्यों के मार्ग पर बढ़ता है तो सही मायने में वह वन्दे मातरम् का गान कर रहा होता है। इस दौरान मुख्य सचिव एसपी गोयल, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार आदि मौजूद रहे।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित

भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था वन्दे मातरम्ः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित वन्दे मातरम् का किया गया सामूहिक गायन व लिया गया स्वदेशी का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का किया गया लाइव प्रसारण उत्तर प्रदेश पिछले 8 वर्ष में जिन ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हुआ है, यह हमारे कर्तव्यों की ही अभिव्यक्ति हैः सीएम योगी बोले- आजादी के मंत्र को बढ़ाने और भारत को नई दिशा देने में सफल हुआ वंदे मातरम् गीत कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम्ः सीएम योगी 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है यह गीतः योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को किया नमन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आजादी के आंदोलन का मंत्र बने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी ने इस दिवस को स्मृति दिवस के रूप में आयोजित करने के लिए देशवासियों को नई प्रेरणा दी। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की आजादी का अमर मंत्र बन गया था। उस दौरान विदेशी हुकूमत के द्वारा दी जाने वाली अनेक यातनाओं, प्रताड़नाओं की परवाह किए बिना भारत का हर नागरिक (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी) वन्दे मातरम् गीत के साथ गांव, नगर, प्रभातफेरी के माध्यम से भारत की सामूहिक चेतना के जागरण के अभियान से जुड़ चुका था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में अपनी बातें रखीं। इस दौरान राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ और स्वदेशी का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लोकभवन में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा। सीएम ने कोविड प्रबंधन की भी चर्चा की सीएम योगी ने 100 वर्ष पूर्व देश के अंदर आई महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत की आबादी कुल 30 करोड़ थी और इस महामारी से मरने वालों की संख्या भी करोड़ों में थी। गांव के गांव साफ हो गए थे। स्वतंत्र भारत में कोविड जैसी महामारी का संक्रमण भी दुनिया ने झेला है। इस महामारी के दौरान शासन-प्रशासन हो या अल्पवेतन भोगी, जान की परवाह किए बिना सभी के मन में एक ही भाव था कि इसे नियंत्रित करना है और इसके समाधान का रास्ता निकालना है। सीएम योगी ने कहा कि भारत और भारतीयता, नागरिकों के बारे में संवेदनशील तरीके से वह नेतृत्व ही सोच सकता है, जो उस भावना से ओतप्रोत हो। आजादी के मंत्र को बढ़ाने में सफल हुआ वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि 1875 में रचा गया यह गीत केवल आजादी का ही गीत नहीं रहा, बल्कि देश के अंदर आजादी के मंत्र को बढ़ाने में भी सफल हुआ। वन्दे मातरम् गीत संस्कृत व बांग्ला की सामूहिक अभिव्यक्ति को भले ही प्रदर्शित करता हो, लेकिन यह संपूर्ण भारत को राष्ट्र माता के भाव के साथ जोड़ने का अमर गीत बन गया। इसने भारत की शाश्वत अभिव्यक्ति को देशवासियों के सामने प्रस्तुत किया था। सीएम ने कहा कि जब विदेशी हुकूमत ने 1905 में बंग-भंग के माध्यम से भारत की भुजाओं को काटने का दुस्साहिक निर्णय लिया था, उस समय भी इस गीत ने पूरे भारतवासियों को एकजुट होकर प्रतीकार करने की प्रेरणा दी। उसके बाद के कालखंड में जब भी किसी क्रांतिकारी ने फांसी के फंदे को चूमा, तब उसके मुख से वंदे मातरम् मंत्र ही निकलता रहा। वन्दे मातरम् ने किया संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व सीएम योगी ने कहाकि भारत की आजादी के आंदोलन के दौरान भी जब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने कोई स्लोगन, फ्लैग दिया तो वन्दे मातरम् उसका स्वर बना। वन्दे मातरम् संपूर्ण भारत की सामूहिक अभिव्यक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला मंत्र बना। इस गीत ने हर भारतीय के मन में यह भाव रचने का प्रयास किया कि व्यक्ति जाति-मत-मजहब से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोच सके और राष्ट्रप्रथम के भाव के साथ राष्ट्रमाता के प्रति सामूहिक अभिव्यक्ति हो। सीएम योगी ने वंदे मातरम् को भारत की भक्ति-शक्ति के सामूहिक शाश्वत अभिव्यक्ति का सामूहिक स्वरूप बताया। सीएम ने कहा कि वन्दे मातरम् के अमरगीत के साथ उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हम सभी इसके रचयिता को भी याद कर रहे हैं। संविधान सभा ने इस गीत को 24 जनवरी 1950 को भारत के राष्ट्रगीत के रूप में मान्यता दी। यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने में हुआ है सफल सीएम योगी ने कहा कि यह भले ही बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के आनंद मठ के उस अमर उपन्यास पर आधारित है, जिन्होंने भारत व बंगाल में उस दौरान भूख से तड़पती, अकाल-अभाव से ग्रसित जनता के उन स्वरों को, जिसे संन्यासियों ने बाद में आंदोलन का रूप दिया। लेकिन वास्तव में यह अमर गीत भारत को नई दिशा देने व भारत की सामूहिक चेतना को आगे बढ़ाने में सफल हुआ है। आज इसके 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। यह गीत 150 वर्ष से भारत को प्रतिनिधित्व देते हुए नई राष्ट्रीयता का भाव पैदा करने में सफल हुआ है। कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है वन्दे मातरम् सीएम योगी ने कहा कि हम सब वन्दे मातरम् का हिस्सा हो सकते हैं। वन्दे मातरम् किसी उपासना विधि, किसी जाति-व्यक्ति का महिमा मंडन करने के प्रति नहीं, बल्कि हमारे कर्तव्यों के प्रति आग्रही बनाता है। सीएम ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान की ड्राफ्टिंग प्रति सौंपने का भी जिक्र किया। सीएम ने पीएम मोदी के उस कथन की चर्चा की औऱ कहा कि हम देश में रहते हैं, अधिकारों की बात करते हैं पर क्या कभी कर्तव्य के बारे में स्मरण किया है। कर्तव्य ऐसा हो, जो वर्तमान व भावी पीढ़ी के भविष्य को भी उज्ज्वल बना सके। वन्दे … Read more

सोमनाथ भारती यूपी पुलिस की नजर में फरार, जानिए इसके पीछे की कहानी

रायबरेली  दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती के लिए यूपी से झटका देने वाली खबर है. यहां सोमनाथ भारती फरार घोषित कर दिए गए हैं. रायबरेली की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहे एक पुराने मामले में पेश न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद वे अदालत में हाजिर नहीं हुए. इसके बाद न्यायालय ने उन्हें फरार घोषित कर दिया है. क्‍या है मामला? दरअसल, यह मामला 11 जनवरी 2021 का है, जब रायबरेली शहर कोतवाली में सोमनाथ भारती के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने उस समय के कोतवाल अतुल सिंह को धमकाया था और अमर्यादित बयानबाजी की थी. भारती पर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. मामले की सुनवाई रायबरेली के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में चल रही है. अदालत के जज विवेक कुमार ने मामले में कई बार समन जारी किया, लेकिन सोमनाथ भारती की ओर से अदालत में कोई पेशी नहीं हुई. इसके बाद कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया. फिर भी उनकी हाजिरी न होने पर कोर्ट ने अब उन्हें फरार घोषित कर दिया है. रायबरेली पुलिस को अब अदालत के आदेश के अनुसार सोमनाथ भारती को जल्‍द से जल्‍द कोर्ट के सामने पेश करना होगा.  

वाराणसी से दौड़ेगी 4 नई Vande Bharat! 8 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

वाराणसी  भारत की आधुनिक रेल अवसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर को सुबह लगभग 8:15 बजे वाराणसी का दौरा करेंगे और चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को झंडी दिखाएंगे। नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बेंगलुरु मार्गों पर चलेंगी। प्रमुख गंतव्यों के बीच यात्रा के समय को उल्लेखनीय रूप से कम करने के जरिए, ये ट्रेनें क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि करेंगी, पर्यटन को बढ़ाएंगी और देश भर में आर्थिक कार्यकलापों को बढ़ावा देंगी। बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस इस रूट पर सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में लगभग 2 घंटे 40 मिनट की बचत करेगी। बनारस-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो को जोड़ेगी। यह संपर्क न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि तीर्थयात्रियों और यात्रियों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक त्वरित, आधुनिक और आरामदायक यात्रा भी प्रदान करेगा। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 7 घंटे 45 मिनट में यात्रा पूरी करेगी, जिससे यात्रा समय में लगभग 1 घंटे की बचत होगी। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस से लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर और सहारनपुर के यात्रियों को बहुत लाभ होगा, साथ ही रुड़की होते हुए हरिद्वार तक उनकी पहुंच भी बेहतर होगी। मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुगम तथा त्वरित अंतर-शहर यात्रा सुनिश्चित करने के ज़रिए, यह सेवा कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत इस रूट पर सबसे तेज चलने वाली ट्रेन होगी, जो अपनी यात्रा मात्र 6 घंटे 40 मिनट में पूरी कर लेगी। फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के प्रमुख शहरों, जैसे फिरोजपुर, बठिंडा और पटियाला के बीच संपर्क को सुदृढ़ करेगी। इस ट्रेन से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने, सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने और राष्ट्रीय बाजारों के साथ बेहतर एकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दक्षिण भारत में, एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रा समय में 2 घंटे से अधिक की कमी ला देगी, जिससे यह यात्रा 8 घंटे 40 मिनट में पूरी हो जाएगी। एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे प्रोफेशनलों, छात्रों और पर्यटकों को तेज और अधिक आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। यह रूट केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच आर्थिक कार्यकलापों और पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और सहयोग में सहायता मिलेगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह विश्वस्तरीय रेल सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को सुगम, त्वरित और अधिक आरामदायक यात्रा प्रदान करने के प्रधानमंत्री के विजन को साकार करने में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

रेलवे का ऐतिहासिक कदम: 40 साल बाद समय पालन और ट्रैक रोकथाम सुनिश्चित

झांसी  उत्‍तर मध्‍य रेलवे के झांसी डिवीजन 40 साल में पहली बार ऐसा काम किया है, जिससे पंच्‍यू‍अलिटी रेट बढ़ेगा यानी आपकी ट्रेन समय पर चलेंगी. इतना ही नहीं सफर के दौरान ट्रैक के बीचोंबीच ट्रेन खड़ी भी नहीं होगी. यहां पर 40 साल पुराने 40 साल पुराने ओएचई वायर को बदलने का काम किया जा रहा है. झांसी रेल डिवीजन द्वारा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. पुरानी हो चुकी चीजों को बदलने और नए को लगाने काम किया जा रहा है. डिवीजन द्वारा अक्टूबर माह में 33 किलोमीटर ट्रैक पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर लगाए गए हैं. इस वित्तीय साल में अभी तक 94.2 किलोमीटर ट्रैक पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर बदले जा चुके हैं. डिवीजन के विद्युत विभाग द्वारा एनआईसीसीओ मेक ज्वाइंट कॉन्टैक्ट वायर के स्थान पर ज्वाइंटलेस कॉन्टैक्ट वायर लगाए जा रहे हैं. वर्ष 1985-86 में जब रेलट्रैक पर विद्युतीकरण का कार्य शुरु किया गया था, तब पुरानी टेक्नोलॉजी के कारण 1500 मीटर OHE वायर (एक ड्रम) की लंबाई में कई जगहों पर ब्रेज़िंग ज्वाइंट लगाए जाते थे. इस वजह से कई बार OHE वायर टूटने की शिकायत आती थी. इस समस्या को दूर करने के लिए विद्युत विभाग द्वारा बिना किसी ज्वॉइंट वाले(ज्वाइंट लेस) कॉन्टैक्ट वायर लगाए जा रहे हैं. मंडल द्वारा अभी तक 153.6 किलोमीटर ज्वाइंटलेस वायर लगाए जा चुका है. डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि रेलवे आधुनिक हो रहा है. जरूरत के अनुसार आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं. बगैर जॉइंट वाले कॉन्टैक्टवायर ओएचई फेल होने से होने वाले ब्रेक डाउन में कमी आई है. बल्कि उनकी संख्या अब जीरों के बराबर है. ट्रेनों की पंच्‍यूअलिटी में भी बेहतर होगा. इस काम में तेजी लाने के लिए दो टावर वैगन अतिरिक्त लगाए गए हैं, जिससे यह कार्य जल्‍द पूरा किया जा सके.

अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की सुनवाई टली, अगली तारीख 17 नवंबर तय

सुल्तानपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में रायबरेली सांसद राहुल गांधी के मानहानि मामले की सुनवाई गुरुवार को स्थगित हो गई। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के निधन के कारण आज कोर्ट में कंडोलेंस था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी। यह मामला वर्ष 2018 का है। कोतवाली देहात के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। विजय मिश्रा का आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। पांच साल तक चली अदालती कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। इसके बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है जबकि दूसरे गवाह से जिरह शुरू हुई है। अक्सर हड़ताल और गवाहों के अनुपस्थित रहने के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है।

SC ने नहीं दी राहत! अब्दुल्ला आज़म पर फर्जी दस्तावेज़ केस में होगी आगे जांच

रामपुर  समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से करारा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज फर्जी दस्तावेज मामले में एफआईआर रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है। FIR रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं: SC जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा कि अब्दुल्ला आजम की याचिका में एफआईआर रद्द करने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी को अपना काम करने दिया जाना चाहिए और इस स्तर पर अदालत का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। फर्जी दस्तावेज मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त बता दें कि अब्दुल्ला आजम पर आरोप है कि उन्होंने पासपोर्ट बनवाने के लिए गलत जन्मतिथि और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, उनके पास दो पैन कार्ड होने के आरोप भी हैं। इसी मामले को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद्द करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता और इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम पहले से ही कई मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें कुछ में जांच जारी है।  

स्टेशन के पास इंटरसिटी ट्रेन में तकनीकी खराबी, धुएं से घबराए यात्री

बाराबंकी गोंडा से लखनऊ की ओर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ बुढ़वल रेलवे स्टेशन के समीप रामनगर-फतेहपुर मार्ग के ओवरब्रिज के पास ट्रेन के एक बोगी से अचानक धुआं निकलने लगा जिससे पूरी ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के समय जब ट्रेन ओवरब्रिज के करीब पहुंची तो एक बोगी के पहिये के आसपास से धुआं उठता देख यात्रियों में दहशत फैल गई। सतर्क यात्रियों ने फौरन लोको पायलट को इसकी जानकारी दी। लोको पायलट ने समझदारी दिखाते हुए आनन-फानन में ट्रेन को रोक लिया। ट्रेन के रुकते ही डर से सहमे यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोगियों से उतरकर पटरी के किनारे इकट्ठा हो गए। मामले की सूचना पाते ही रेलवे के तकनीकी स्टाफ और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। जांच-पड़ताल में सामने आया कि पहिये में ब्रेक शू फंस जाने की वजह से धुआं निकल रहा था। तकनीकी टीम ने तुरंत ब्रेक शू की मरम्मत की और खराबी दूर करने के बाद ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। जीआरपी चौकी के प्रभारी जयंत दुबे ने बताया कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चेन पुलिंग की गई थी। उन्होंने राहत की बात बताते हुए कहा कि इस घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं आई है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।  

योगी ने चेताया- माफिया व अपराधियों को जब भी सत्ता का स्वाद चखाओगे तो कीमत चुकाओगे

राजद के समय सड़क और पुल का भी हो जाता था अपहरणः योगी बिहार विधानसभा चुनाव यूपी के मुख्यमंत्री ने बिहार की पूर्व उप मुख्यमंत्री व बेतिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रेणु देवी के लिए की कमल खिलाने की अपील योगी ने चेताया- माफिया व अपराधियों को जब भी सत्ता का स्वाद चखाओगे तो कीमत चुकाओगे पीएम ने कांग्रेस व राजद की दलाली रोक दी, इसलिए वे मोदी जी को गाली देते हैंः योगी यूपी में माफिया को बुलडोजर से रौंद दिया गया हैः मुख्यमंत्री विपक्षी दलों पर किया प्रहार, बोले- बिजली एनडीए देगी, लालटेन की लाइट में मोबाइल-लैपटॉप नहीं चार्ज कर पाएंगे योगी ने राजद को घेरा- यह लोग लालटेन दिखाकर बंद कर देते थे, फिर रात में डकैती डालते थे बोले योगी- रूझान बता रहे कि 14 नवंबर को फिर एनडीए सरकार का नारा होगा बुलंद पश्चिमी चंपारण उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि आज बिहार में विकास की सारी योजनाएं हैं। बिहार बदलकर समृद्धि की तरफ बढ़ा है। राजद काल में 1990 से 2005 के मध्य 60 से अधिक जातीय नरसंहार व अपहरण की 30 हजार घटनाएं हुईं। उस समय इंजीनियर, डॉक्टर, बच्चे, व्यापारी के साथ ही सड़क, पुल का भी अपहरण हो जाता था। पेशेवर माफिया व अपराधी इनके शागिर्द बनते थे। यूपी में माफिया को अब बुलडोजर से रौंद दिया गया है। सीएम ने मतदाताओं को चेताया कि माफिया व अपराधियों को सत्ता का स्वाद नहीं चखने देना चाहिए। जब भी इन्हें सत्ता का स्वाद चखाओ तो कीमत चुकाओगे। दंगाइयों को सत्ता का स्वाद चखने नहीं देना है। रूझान बता रहे कि 14 नवंबर को फिर एनडीए सरकार का नारा होगा बुलंद सीएम योगी की बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में ताबड़तोड़ रैली निरंतर जारी है। गुरुवार को दूसरी रैली में उन्होंने पूर्व उप मुख्यमंत्री व बेतिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रेणु देवी के लिए कमल खिलाने की अपील की। यहां जनसभा में योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया तो कांग्रेस व राजद गठबंधन पर करारा प्रहार किया। सीएम ने विपक्षी प्रत्याशियों की जमानत जब्त कराने की अपील की। सीएम ने कहा कि आज पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। नौजवान, किसान, श्रमिक, माताएं, बहनें, युवा सभी एनडीए को वोट दे रहे हैं। रुझान बता रहा कि 14 नवंबर को परिणाम आने पर एनडीए सरकार का नारा फिर बुलंद होगा। यूपी में माफिया को बुलडोजर से रौंद दिया गया मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में इनके पार्टनर सपा व कांग्रेस माफिया को गले लगाकर चलती थी और जनता का शोषण करती थी। हमने कहा कि यह नहीं चलेगा। आज यूपी में नौजवान को नौकरी, रोजगार, शिक्षा, बहन-बेटियों को सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। वहां युवा मस्त व माफिया पस्त है। यूपी में माफिया को बुलडोजर से रौंद दिया गया है। सीएम ने कहा कि लखनऊ में डीजीपी आवास के सामने दुर्दांत माफिया ने गरीबों की जमीनों पर कब्जा करके हवेली बनाई थी। एक दिन मैंने कहा कि इसे कब्जे में ले लो। मैं बताऊंगा कि क्या करना है। फिर कब्जे में लेकर उस हवेली पर बुलडोजर चलवाया गया। वहां हमने गरीबों के लिए 72 आवास बनाकर उन्हें चाबी सौंपी। यही काम प्रयागराज में भी किया। माफिया व अपराधियों को सत्ता का स्वाद नहीं चखने देना चाहिए। जब भी इन्हें सत्ता का स्वाद चखाओ तो इसकी कीमत चुकाओगे। पीएम ने कांग्रेस व राजद की दलाली रोक दी, इसलिए वे मोदी जी को गाली देते हैं योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत को बदला है। जो काम कांग्रेस 65-70 वर्ष में नहीं कर पाई, मोदी जी ने 11 वर्ष में कर दिया। 46 करोड़ बैंक अकाउंट खोल दिए गए, जिससे गरीबों, महिलाओं व लाभार्थियों का पैसा सीधे अकाउंट में जाता है। पीएम ने कांग्रेस व राजद की दलाली को रोक दिया है, इसलिए यह लोग मोदी जी को गाली देते हैं। राजद के समय बिजली नहीं आती थी, जबकि अब तीन करोड़ लोगों के घर में बिजली कनेक्शन दिए गए। लालटेन की लाइट में मोबाइल-लैपटॉप नहीं चार्ज कर पाएंगे, क्योंकि बिजली तो एनडीए ही देगी। यह लोग लालटेन दिखाकर बंद कर देते थे, फिर रात में डकैती डालते थे। कांग्रेस, राजद व सपा वाले जाति के नाम पर बांटने का कार्य कर रहे हैं। सीएम ने मतदाताओं को आगाह किया कि बंटे थे तो कटे थे। बंटना नहीं है, एकजुट होकर कांग्रेस-राजद के माफियाराज व जंगलराज का मुंहतोड़ जवाब देना है। कांग्रेस ने किसानों को भूखमरी की ओर ढकेला तो राजद ने उनका शोषण किया सीएम ने बिहार की गौरवशाली धरा पर महापुरुषों का स्मरण किया। बोले कि मां जानकी ने इस धरा पर जन्म लेकर साक्षात लक्ष्मी का अवतार बनकर लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। यूपी व बिहार सांझी विरासत के प्रतीक हैं। हमारा संबंध राम व मां सीता जैसा है। एक-दूसरे के साथ पवित्र संबंध के साथ जुड़े हैं। इसे कोई अलग नहीं कर सकता। शास्त्रीय संगीत की ध्रुपद शैली का जन्म बेतियाराज घराने में हुआ था। बिहार में जो संभावनाएं थीं, उसे पहले कांग्रेस, फिर राजद ने धूल-धूसरित किया। अंग्रेजों की विरासत के अनुसार कांग्रेस ने किसानों को भूखमरी की ओर ढकेला तो राजद ने उनका शोषण किया। इन लोगों ने समृद्ध बिहार बनने के सपनों को जंगलराज में बदलकर नौजवानों, नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, लेकिन 20 वर्ष पहले नौजवानों ने अंगड़ाई ली। नीतीश बाबू के नेतृत्व में एनडीए सरकार बनी तो इसके साथ ही सुशासन की आधारशिला खड़ी की गई, जिस पर मजबूत इमारत का निर्माण करना है और विकसित बिहार की पीएम मोदी की संकल्पना को आगे बढ़ाना है। कांग्रेस व राजद नहीं सिखा सकती कृतज्ञता ज्ञापित करना सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि राम हुए ही नहीं। कांग्रेस ने मां सीता और महर्षि वाल्मीकि को भी झुठलाने का बड़ा पाप किया। कांग्रेस आस्था व विरासत का अपमान करती है। राजद ने राम मंदिर के रथ को रोक दिया। यूपी में इनके पार्टनर सपा ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान कर दिया, लेकिन हमने जो कहा-वह करके दिखाया। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो गया। इससे पहले अयोध्या में बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नामकरण महर्षि वाल्मीकि … Read more

सीतामढ़ी के परिहार व सुरसंड में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, बोले सीएम योगी— बिहार में माफिया की उलटी गिनती शुरू

बिहार विधानसभा चुनाव सीतामढ़ी में सीएम योगी की हुंकार, बोले- जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं   सीतामढ़ी के परिहार व सुरसंड में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, बोले सीएम योगी— बिहार में माफिया की उलटी गिनती शुरू  सीएम योगी ने कहा— अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के बाद अब सीतामढ़ी में मां जानकी धाम पर भी बनेगा भव्य मंदिर – बोले सीएम योगी— कांग्रेस-राजद ने बिहार की पहचान को किया धूमिल, मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बदली देश की तस्वीर – सीतामढ़ी की जनसभा में सीएम योगी की जनता से किया आह्वान- कमल और तीर पर बटन दबाकर बिहार को माफिया मुक्त बनाइए  – परिहार और गोरखपुर के बीच आस्था और संस्कार का गहरा रिश्ता है, यह हजारों वर्षों की एक साझा विरासत है – सीएम योगी – बिहार को RJD और कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और अराजकता में झोंक दिया था- योगी आदित्यनाथ – पहचान का संकट पैदा करने वालों को बिहार की जनता ने नकारा, बिहार अब विकास चुन रही है – राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”, आज सपना साकार हुआ – मोदी-नीतीश की जोड़ी ने बदला भारत और बिहार का चेहरा, अब बिना भेदभाव हर गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही सरकार – अब बिहार में भी यूपी की तरह माफिया राज समाप्त होगा, जो खानदानी माफिया हैं, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है सीतामढ़ी बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को सीतामढ़ी जिले के परिहार और सुरसंड विधानसभाओं में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। परिहार से भाजपा प्रत्याशी गायत्री देवी और सुरसंड से जदयू प्रत्याशी नागेंद्र राउत के पक्ष में विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिहार की जनता अब पहचान का संकट से निकलकर, विकास का विकल्प चुन रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भगवान श्रीराम और जानकी पर सवाल उठाए उनको सबक सिखाना है, क्योंकि जो राम का नहीं है, वह हमारे किसी काम का नहीं है। माता जानकी की जन्मभूमि की धरती को नमन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह वही क्षेत्र है जिसे भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण के वंशजों ने संरक्षित किया था। यह माता सीता की भूमि है, जिसे नमन करना हर भारतीय का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि परिहार और गोरखपुर के बीच आस्था और संस्कार का गहरा रिश्ता है। यहाँ के लोग गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं, गोरखपुर के बाजारों में यहीं के लोगों की पहचान है। यह हजारों वर्षों की एक साझा विरासत है, राम और जानकी की विरासत। पहचान का संकट पैदा करने वालों को बिहार की जनता ने नकारा सीएम योगी ने जनता से सवाल किया कि कौन थे वे लोग जिन्होंने बिहार के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया?” उन्होंने कहा कि जिस बिहार ने देश को बुद्ध, महावीर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर दिए, उस बिहार को RJD और कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और अराजकता में झोंक दिया था। सीएम योगी ने कहा कि बिहार के नौजवानों ने अपनी मेधा से दुनिया में नाम कमाया, लेकिन कांग्रेस-राजद ने उसी बिहार की पहचान धूमिल की। अब बिहार की जनता ठगी के मायाजाल में नहीं फँसेगी। राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे”, आज सपना साकार हुआ सीएम योगी ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि वे कहते थे राम हुए ही नहीं, उन्होंने रथयात्रा रोकी, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। लेकिन हमने कहा था ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि  अब माता जानकी के धाम सीतामढ़ी में भी भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है। यह काम केवल एनडीए ही कर सकता है। मोदी-नीतीश की जोड़ी ने बदला भारत और बिहार का चेहरा मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली है। उन्होंने कहा कि आज बिहार में सड़क, बिजली, पानी, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी सब बेहतर हुई है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खुले हैं। गरीब कल्याणकारी योजनाओं से हर परिवार तक राहत पहुंची है। उन्होंने कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को स्वास्थ्य बीमा, 12 करोड़ को उज्ज्वला योजना, 4 करोड़ को आवास और 3 करोड़ को मुफ्त बिजली कनेक्शन मिले हैं। यह एनडीए की सरकार ही है जो बिना भेदभाव हर गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। अब बिहार में माफिया पस्त, नौजवान मस्त होगा सीएम योगी ने जनता से आह्वान करते हुए कहा कि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। अब बिहार में भी यूपी की तरह माफिया राज समाप्त होगा। जो खानदानी माफिया हैं, उनकी उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जैसे उत्तर प्रदेश में माफिया पस्त हुआ, वैसे ही बिहार में भी एनडीए की सरकार बनते ही माफिया का अंत निश्चित है। योगी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि भाजपा की गायत्री देवी और जदयू के नागेंद्र राउत को भारी मतों से विजयी बनाइए। कमल और तीर के निशान पर बटन दबाकर बिहार को विकास के पथ पर अग्रसर करिए।