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विदेश में काम दिलाने के नाम पर सौदा! 3500 डॉलर में बेचे जा रहे आगरा के युवा

आगरा  उत्तर प्रदेश की ताजनगरी से बड़ा ही अजब-गजब मामला सामने आया है. आगरा की पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. यहां उन्नाव और इंदौर के रहने वाले दो लड़कों को गिरफ्तार किया है. ये लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देते थे. जब युवा उनकी बातों में आ जाते तो उन्हें कंबोडिया और थाईलैंड में 3500 डॉलर के हिसाब से बेच देते थे. इसके बाद दूसरे देशों में बैठे इनके आका खरीदे गए युवाओं को साइबर ठगी की ट्रेनिंग देकर उनको अपने गैंग में शामिल करते थे. एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि युवाओं के लापता होने की लगातार जानकारी मिल रही थी. इस पर साइबर क्राइम, साइबर सेल और साइबर इंटेलिजेंस की टीम जांच पड़ताल में जुट गई थी. जांच के दौरान टीम ने उन्नाव के रहने वाले आतिफ खान और इंदौर के रहने वाले अजय कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया. जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की तो जो सच पता चला उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई. इन शातिरों ने पुलिस को बताया कि यह लोग देश के अलग अलग हिस्सों से बेरोजगार युवाओं को खोजते थे. फिर विदेश में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनको कंबोडिया और थाईलैंड में बेच देते थे. इसके बदले में इन शातिरों को प्रति युवा के बदले 3500 डॉलर दिए जाते थे. विदेश में बैठे इनके आका खरीदे गए युवाओं को साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट समेत डिजिटल तरीकों की ट्रेनिंग देते थे. फिर ट्रेनिंग के बाद इन युवाओं को साइबर ठगी के गैंग में शामिल किया जाता था. अभी तक यह शातिर लगभग 50 से ज्यादा युवाओं को कंबोडिया और थाईलैंड में बेच चुके है. अब पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है.  

ITOT लखनऊ ने लिखा सफलता का इतिहास, 10 में से 9 ट्रेड्स में प्रशिक्षु रहे प्रथम — CM योगी के विजन को मिला बल

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ मंगलवार को एक अद्भुत दृश्य की गवाह बनी, जब आईटीओटी अलीगंज के प्रशिक्षार्थियों ने पूरे प्रदेश को गौरव का अहसास कराया. राष्ट्रीय स्तर पर अपने कौशल का परचम लहराने वाले इन युवा प्रशिक्षकों का सम्मान समारोह औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में धूमधाम से आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन “स्किल्ड इंडिया” और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिबद्धता “कौशलयुक्त उत्तर प्रदेश” को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि रही. अखिल भारतीय CITS परीक्षा 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पाने वाले 16 प्रशिक्षार्थियों और संस्थान स्तर पर चयनित 15 प्रशिक्षुओं को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया. प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित प्रशिक्षार्थियों की गौरवगाथा आईटीओटी अलीगंज के प्रशिक्षार्थियों ने इस वर्ष फिर इतिहास रचा है. भारत सरकार द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में 10 ट्रेड्स में से 9 ट्रेड्स के प्रशिक्षुओं ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. इनमें कु. साक्षी चौरसिया (C.S.A.) और कु. प्रीति कांडू (इलेक्ट्रीशियन) को गत 4 अक्टूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया गया. जब साक्षी और प्रीति के नाम राष्ट्रीय मंच से पुकारे गए, तो पूरा लखनऊ गर्व से झूम उठा. यह न सिर्फ संस्थान की, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की जीत थी. आईटीओटी लखनऊ ने देश में रचा मानक समारोह के मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को आईटीओटी लखनऊ ने साकार किया है. उन्होंने कहा कि भारत के 151 CITS संस्थानों में उत्तर प्रदेश का आईटीओटी लखनऊ राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर आना केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि यह हमारे युवाओं की प्रतिभा और अनुशासन की पहचान है. प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित हमारे प्रशिक्षार्थी प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं. अब उत्तर प्रदेश के युवा प्रशिक्षक पूरे देश में कौशल विकास का स्तर ऊंचा उठा रहे हैं. मंत्री ने संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी.के. सिंह और उनके प्रशिक्षक दल की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता उनके नेतृत्व, परिश्रम और निरंतर गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का परिणाम है. गुणवत्ता का पर्याय बना आईटीओटी लखनऊ इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि आईटीओटी लखनऊ ने जिस गुणवत्ता के साथ प्रशिक्षकों को तैयार किया है, वह अन्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एक आदर्श है. उन्होंने कहा कि यहां से प्रशिक्षित प्रशिक्षक जब देशभर के आईटीआई में जाएंगे, तो उनकी मेहनत और दक्षता भारत में प्रशिक्षण की नई ऊंचाइयां तय करेगी. संस्थान के निदेशक (प्राविधिक) डी.के. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे प्रशिक्षकों, अधिकारियों और स्टाफ के सामूहिक परिश्रम का नतीजा है. उन्होंने कहा कि आईटीओटी लखनऊ प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य कर रहा है. नए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ जिला स्तर पर भी सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई जा रही है. सम्मान, प्रेरणा और भविष्य की उड़ान कार्यक्रम के अंत में सम्मानित प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किए गए. उनके चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास की चमक थी, मानो कह रहे हों कि उत्तर प्रदेश का कौशल अब किसी से कम नहीं. आईटीओटी अलीगंज की यह उपलब्धि सिर्फ एक संस्थान की नहीं, बल्कि उस नई दिशा की कहानी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के युवा ‘रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले’ बन रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, आईटीओटी लखनऊ आज उस भारत की नींव तैयार कर रहा है, जो कौशल, आत्मनिर्भरता और उत्कृष्टता पर टिका है.

यूपी का ये शहर बना ‘स्मॉग सिटी’ — दिल्ली से ज्यादा प्रदूषित, जानिए क्या है वजह

मुजफ्फरनगर वायु प्रदूषण की स्थिति जिले में नियंत्रण से बाहर हो गई है। सोमवार को मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 313 पर पहुंच गया, जो दिल्ली के 301 से भी अधिक है। हालत यह है कि अब प्रदेश में सबसे प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में सातवें स्थान पर पहुंच गया है। जनपद की हवा में निरंतर जहरीले तत्व घुल रहे हैं, जिस कारण हवा में दबाव बढ़ रहा है। प्रदूषण के बारीक कण सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंच रहे हैं। इससे अस्थमा रोगियों के अलावा बच्चों, वृद्धों को खतरा हो सकता है। दीपावली में पटाखों के शोर-शराबा और धूम-धड़ाका के कारण वायु प्रदूषण की मात्रा निरंतर बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में शामिल मुजफ्फरनगर पर भी वायु प्रदूषण का साया मंडरा रहा है। पिछले एक सप्ताह से स्थिति में उतार-चढ़ाव बना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सोमवार को चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) का बुलेटिन जारी किया। उसके अनुसार उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर गौतमबुद्धनगर का एक्यूआइ 327 रहा, जबकि दूसरे स्थान पर मुजफ्फरनगर का एक्यूआइ 313 रहा, जो खतरनाक श्रेणी है। जिले में पीएम-2.5 की मात्रा 150 माइक्रोघन मीटर से अधिक रही है। ऐसी ही स्थिति पीए-10 की रही है। लगातार खराब हो रही हवा में सुधार के प्रयास कमतर किए जा रहे हैं। ग्रेप-2 की पाबंदियों को लागू कराने में विभाग दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिस कारण निरंतर प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। जहरीली होती हवा के कारण सांस लेना मुश्किल हो सकता है। इसका प्रभाव सबसे अधिक अस्थमा रोगियों पर पड़ता है। कड़ाई से लागू की जाएं पाबंदी तो बने बात : क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप)-2 की पाबंदियां लागू की है। खुले में पड़ी निर्माण सामग्री, सड़कों से उड़ती धूल तथा कोयला भट्ठियों का संचालन के साथ पुराने वाहन भी खूब दौड़ रहे हैं। जिसके चलते स्थिति अधिक घातक सिद्ध हो सकती है। ग्रेप में शामिल सरकारी विभाग पाबंदियों को लागू कराने में हीलाहवाली कर रहे हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेशचंद्रा ने बताया कि ग्रेप में शामिल सभी विभागों को निरंतर उनके हिस्से में आने वाले कार्यों को करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण भी शुरू कराया गया है। सभी इकाइयों को वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के निर्देश दिए हैं। देश में सातवां सबसे प्रदूषित शहर बहादुरगढ़ : 387 धारुहेड़ा : 334 मानेसर : 330 गौतमबुद्धनगर : 327 फतेहाबाद : 323 बल्लभगढ़ : 319 मुजफ्फरनगर : 313 दिल्ली : 301 दस दिन में एक्यूआइ की बढ़त तिथि : एक्यूआइ 18 अक्टूबर : 276 19 अक्टूबर : 237 20 अक्टूबर : 197 21 अक्टूबर : 210 22 अक्टूबर : 273 23 अक्टूबर : 295 24 अक्टूबर : 185 25 अक्टूबर : 205 26 अक्टूबर : 191 27 अक्टूबर : 313

अखिलेश यादव का बिहार मिशन शुरू, तय हुई जनसभाओं की तारीखें — जानिए कहाँ-कहाँ जाएंगे

लखनऊ  लोकसभा उपचुनाव और आगामी सियासी समीकरणों के बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अब बिहार में चुनावी बिगुल फूंकने जा रहे हैं। 3 नवंबर को अखिलेश यादव बिहार के दौरे पर रहेंगे और इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में तीन जनसभाएं करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव की पहली जनसभा पूर्वी चंपारण में होगी, जहां वे गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करेंगे। इसके बाद वे सिवान पहुंचेंगे, जहां दूसरी जनसभा निर्धारित है। तीसरी जनसभा कैमूर जिले में होगी, जहां अखिलेश यादव अजीत सिंह के समर्थन में जनता से वोट की अपील करेंगे। यह दौरा न सिर्फ गठबंधन को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि सपा की बिहार में सियासी उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति का हिस्सा भी बताया जा रहा है। इंडिया गठबंधन के तहत समाजवादी पार्टी, आरजेडी, कांग्रेस और वाम दल मिलकर एक साझा मोर्चे के रूप में मैदान में हैं। अखिलेश यादव की यह जनसभाएं बिहार की सियासत में गठबंधन के लिए एकजुटता का संदेश मानी जा रही हैं।

आसमान में ऊँची उड़ान: यूपी बना नया एविएशन हब, यात्रियों और कार्गो ट्रैफिक दोनों में जबरदस्त ग्रोथ

लखनऊ  यूपी की हवाई कनेक्टिविटी और यात्री संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि में उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 14.6% बढ़कर 60.02 लाख हो गई है। वहीं इस अवधि में भारत के कुल हवाई यातायात में राज्य की हिस्सेदारी 3.52% तक पहुंच गई, जो 2024 की तुलना में 34 बेसिस पॉइंट्स अधिक है। यानि अब देश के हर 30 में से एक हवाई यात्री उत्तर प्रदेश से यात्रा कर रहा है। वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ इस रफ्तार में और भी वृद्धि होगी और सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी कनेक्टिविटी के नए अवसर प्राप्त होंगे। साल 2016-17 में जहां यूपी के हवाई अड्डों से 59.97 लाख यात्री यात्रा करते थे, वहीं FY2024-25 में यह संख्या बढ़कर 142.28 लाख तक पहुंच गई। इनमें 129.29 लाख घरेलू और 12.99 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल रहे। इस दौरान राज्य का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 10.1% रहा, जो एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान FY2020-21 में यात्री संख्या 48.35 लाख तक गिर गई थी। 2023-24 की तुलना में 2024-25 में हवाई यात्रियों की संख्या में 25.9 प्रतिशत का ग्रोथ दर्ज किया गया है, जबकि 2023-24 और 2024-25 में अप्रैल-अगस्त माह के बीच तुलना करें तो यह ग्रोथ 14.6% रही। इस दौरान डॉमेस्टिक एयर पैसेंजर्स में 15.7% और इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या में 4.3% ग्रोथ दर्ज की गई। अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी बने स्टार परफॉर्मर 2023-24 से 2024-25 के बीच वाराणसी में 34.4%, प्रयागराज में 76.4%, गोरखपुर में 27.6% और कानपुर में 13.3% की वृद्धि दर्ज की गई। 2023-24 में जहां 2 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स ने यहां से हवाई उड़ान भरी थी तो वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 लाख से अधिक पहुंच गया। वहीं, प्रयागराज और वाराणसी से भी धार्मिक और व्यावसायिक उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रयागराज में 2023-24 में 6 लाख से अधिक एयर पैसेंजर्स ने यात्रा की तो वहीं 2024-25 में यह संख्या 10.77 लाख से अधिक पहुंच गई। इसी तरह वाराणसी में 2023-24 में करीब 30 लाख एयर पैसेंजर्स यात्रा कर रहे थे तो वहीं 2024-25 यह संख्या 40 लाख का आंकड़ा पार कर गई। गोरखपुर में 2023-24 में 6.8 लाख की तुलना में 2024-25 में 8.67 लाख से अधिक हवाई यात्रियों ने सफर किया। लखनऊ ने भी अपनी रफ्तार में इजाफा किया है, जहां 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 4.1% की वृद्धि हुई है। कार्गो ट्रैफिक में भी जबरदस्त वृद्धि एयर कार्गो की बात करें तो FY2016-17 से FY2024-25 तक राज्य में 19.1% का CAGR दर्ज किया गया है। यह 5.89 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 28.36 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो कि अब तक का सर्वाधिक है। FY2024-25 में लखनऊ एयरपोर्ट ने 22,099 मीट्रिक टन कार्गो हैंडल किया, जबकि वाराणसी में 27.7% और प्रयागराज में 50% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 2023-24 से 2024-25 के बीच टोटल ग्रोथ 9.4% रही और इस दौरान एयर कॉर्गो 25,915 मीट्रिक टन से 28,356 मीट्रिक टन पहुंच गया। अप्रैल-अगस्त 2025 में कानपुर (165%) और आगरा (247%) में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज हुई जो बताता है कि राज्य के इंडस्ट्रियल क्लस्टर अब अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़ रहे हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में राज्य का भारत के कुल एयर कार्गो में हिस्सा 0.79% हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1 बेसिस पॉइंट अधिक है।  

अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य : मुख्यमंत्री

अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने अयोध्या विज़न 2047 के तहत आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी और हरित नगरी के रूप में होगी पहचान वर्ष 2031 तक 24 लाख और 2047 तक 35 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर सुनियोजित टाउनशिप, सड़कों और नागरिक सुविधाओं की योजना तैयार अयोध्या में 8,594 करोड़ रुपये के निवेश से 159 परियोजनाएं क्रियान्वित होने को तैयार मुख्यमंत्री का निर्देश, हर परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से सस्टेनेबल हो, सरयू नदी तट और हरित पट्टियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए मुख्यमंत्री का निर्देश मिश्रित और औद्योगिक भूमि का दायरा बढ़ाएं सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचारों को बढ़ावा देने और यथासंभव देसी मॉडल अपनाने पर जोर, पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित करने के निर्देश यातायात और आतिथ्य क्षेत्र के आधुनिकीकरण से तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी; बस-ट्रक अड्डों और पार्किंग का विकास होगा अनियोजित प्लाटिंग और बसावट पर रोक के निर्देश, बोले मुख्यमंत्री, सभी विकास कार्य योजना और नियमों के अनुरूप हों लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या महायोजना 2031 से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता तीनों का समन्वित रूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महायोजना का लक्ष्य अयोध्या को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सतत (सस्टेनेबल) विकास के साथ विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक गरिमा और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। महायोजना के बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या विज़न 2047 के अंतर्गत अयोध्या को ग्लोबल आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी, तीर्थ अनुकूल अवसंरचना, विविधीकृत पर्यटन, ऐतिहासिक सर्किट व हेरिटेज वॉक, हरित एवं सौर ऊर्जा आधारित नगरी  के रूप में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महायोजना अयोध्या के सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सस्टेनेबल विकास की आधारशिला बनेगी। बैठक में बताया गया कि अयोध्या महायोजना 2031 का उद्देश्य शहर को ग्लोबल स्पिरिचुअल एवं टूरिज़्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करना है। योजना के तहत अयोध्या विकास क्षेत्र को 18 जोनों में विभाजित कर संतुलित भूमि उपयोग सुनिश्चित किया गया है। प्रस्तावित 23.94 लाख की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 52.56 प्रतिशत भूमि आवासीय, 5.11 प्रतिशत वाणिज्यिक, 4.65 प्रतिशत औद्योगिक, 10.28 प्रतिशत सार्वजनिक उपयोग, 12.20 प्रतिशत परिवहन एवं 14.31 प्रतिशत हरित एवं खुले क्षेत्र के लिए नियोजित की गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मिश्रित तथा औद्योगिक भूमि को बढ़ाया जाए, इसी प्रकार, पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में अयोध्या की जनसंख्या लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक लगभग 24 लाख और 2047 तक 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए नए आवासीय टाउनशिप, भव्य प्रवेश द्वार, बहुस्तरीय पार्किंग, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस मार्ग, रिंग रोड, एयरपोर्ट, टेंपल म्यूज़ियम, सौर ऊर्जा संयंत्र, होटल व आधुनिक नागरिक सुविधाएं महायोजना का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सभी परियोजनाएं अयोध्या को स्मार्ट, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएंगी। बैठक में बताया गया कि अयोध्या विकास क्षेत्र में 159 निवेश परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 8 हजार 594 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का सड़क, रेल और वायु मार्ग से उत्कृष्ट संपर्क है। यातायात और आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी सेक्टर) के आधुनिकीकरण से तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी। आवश्यकता है कि लखनऊ, प्रयागराज, गोण्डा और अम्बेडकर नगर मार्ग की ओर बस और ट्रक अड्डों सहित पार्किंग का विकास किया जाए। मुख्यमंत्री ने महायोजना अंतर्गत  सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए भी भूमि आरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए नवाचारों को बढ़ावा दें और यथासंभव देसी मॉडल को अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का विकास न केवल धार्मिक पर्यटन बल्कि आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी प्रेरक उदाहरण बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से सस्टेनेबल हो तथा नदी सरयू के तटों और हरित पट्टियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का प्रतीक है। इसे ऐसे विकसित किया जाए कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, सौंदर्य और समृद्धि का संगम बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के समय में अयोध्या में हो रहे बहुमुखी विकास को देखते हुए अनियोजित प्लाटिंग, बसावट भी देखने को मिल रही हैं। इसे रोका जाना चाहिए। जो कुछ भी हो योजना के अनुरूप और नियमों के अनुकूल होना चाहिए।

UP में IAS अफसरों की बड़ी अदला-बदली, कई जिलों के DM बदले — देखें पूरी लिस्ट

लखनऊ  यूपी में एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चली है। बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। 46 अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। तीन मंडलायुक्त और दस जिलों के डीएम बदले गए हैं। मिर्जापुर (विंध्याचल) सहारनपुर और मेरठ के कमिश्नर बदल दिए गए हैं। हाथरस, सीतापुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, कौशांबी, बलरामपुर, ललितपुर, श्रावस्ती, रामपुर के जिलाधिकारियों को बदल दिया गया है। वाराणसी के तैनात चार आईएएस अफसरों की जिम्मेदारियों को बदला गया है। मुख्य विकास अधिकारी, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और एडीएम फाइनेंस को बदला गया है। 1. अभी तक विंध्याचल के मंडलायुक्त रहे श्री बाल कृष्ण त्रिपाठी को सामान्य प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन में सचिव बनाया गया है। 2. महानिदेशक मत्स्य राजेश प्रकाश अब विन्ध्याचल के मंडलायुक्त होंगे। 3. उ०प्र० राज्य मानवाधिकार आयोग की सचिव श्रीमती धनलक्ष्मी के० को महानिदेशक, मत्स्य, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। 4. महानिदेशक, सार्वजनिक उद्यम, उत्तर प्रदेश संजय कुमार को वर्तमान पद के साथ सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 5.प्रबंध निदेशक, उ०प्र० राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा प्रबंध निदेशक, उ०प्र० पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड डा० रूपेश कुमार को अब मंडलायुक्त, सहारनपुर बनाया गया है। 6. मंडलायुक्त, सहारनपुर अटल कुमार राय को सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 7. सचिव, राजस्व विभाग, उ०प्र० शासन, राहत आयुक्त तथा चकबंदी आयुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी अब मंडलायुक्त, मेरठ होंगे। 8. मंडलायुक्त, मेरठ डा० हृषिकेश भास्कर याशोद को सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। 9. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उ०प्र० राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण मयूर माहेश्वरी को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड बनाया गया है। 10.सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग विजय किरन आनंद को वर्तमान पद के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, प्रभारी एनआरआई सेल एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, लीडा के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 11.जिलाधिकारी, हाथरस राहुल पाण्डेय को विशेष सचिव, राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 12. उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अतुल वत्स को जिलाधिकारी, हाथरस बनाया गया है। 13. जिलाधिकारी, ललितपुर अमनदीप डुली को अपर आयुक्त, मनरेगा, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। 14. मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी हिमांशु नागपाल को नगर आयुक्त, वाराणसी बनाया गया है। 15. मुख्य विकास अधिकारी, अलीगढ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, अलीगढ प्रखर कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी बनाया गया है। 16.उपनिदेशक, मंडी परिषद, लखनऊ योगेन्द्र कुमार को मुख्य विकास अधिकारी, अलीगढ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, अलीगढ बनाया गया है। 17. जिलाधिकारी, सीतापुर अभिषेक आनंद को विशेष सचिव, आबकारी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 18.जिलाधिकारी, सिद्धार्थ नगर राजागणपति आर० को जिलाधिकारी सीतापुर बनाया गया है। 19. विशेष सचिव, राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्रीमती कृत्तिका ज्योत्सना को जिलाधिकारी, बस्ती बनाया गया है। 20.जिलाधिकारी, बस्ती रवीश गुप्ता को प्रबंध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ बनाया गया है। 21.प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ श्रीमती ईशा दुहन को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड बनाया गया है। 22.प्रबंध निदेशक, उ०प्र० सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड कुमार विनीत को विशेष सचिव, युवा कल्याण एवं खेल विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 23.जिलाधिकारी, चित्रकूट शिवशरणप्पा जीएन को जिलाधिकारी, सिद्धार्थ नगर बनाया गया है। 24.उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण पुलकित गर्ग को जिलाधिकारी, चित्रकूट बनाया गया है। 25.मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर पूर्ण वोहरा को उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 26.अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गाजियाबाद रणविजय सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर बनाया गया है। 27.नगर आयुक्त, वाराणसी अक्षत वर्मा को विशेष सचिव, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 28.नगर आयुक्त, फिरोजाबाद एवं उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण ऋषि राज को उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 29.मुख्य विकास अधिकारी, कुशीनगर श्रीमती गुंजन द्विवेदी को नगर आयुक्त, फिरोजाबाद तथा उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 30.अपर जिलाधिकारी (फाइनेंस), वाराणसी सुश्री वंदिता श्रीवास्तव को मुख्य विकास अधिकारी, कुशीनगर बनाया गया है। 31.जिलाधिकारी, कौशाम्बी मधुसूदन हुल्गी को विशेष सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 32.उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण अमित पाल को जिलाधिकारी, कौशाम्बी बनाया गया है। 33.मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर नन्द किशोर कलाल को उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 34.अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अयोध्या महेन्द्र कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर बनाया गया है। 35.जिलाधिकारी, बलरामपुर पवन अग्रवाल को विशेष सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 36.विशेष सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उ०प्र० शासन विपिन कुमार जैन को जिलाधिकारी, बलरामपुर बनाया गया है। 37.विशेष कार्याधिकारी, कुम्भ मेला प्राधिकरण सुश्री आकांक्षा राणा को नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी बनाया गया है। 38.नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी सत्य प्रकाश को जिलाधिकारी, ललितपुर बनाया गया है। 39.विशेष सचिव, आबकारी विभाग देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को विशेष सचिव, रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 40.उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण अश्विनी कुमार पाण्डेय को जिलाधिकारी, श्रावस्ती बनाया गया है। 41.जिलाधिकारी, श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी को जिलाधिकारी, रामपुर बनाया गया है। 42.जिलाधिकारी, रामपुर जोगिंदर सिंह को विशेष सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 43.मुख्य विकास अधिकारी, महाराजगंज अनुराज जैन को उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 44. अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), मुरादाबाद श्री गुलाब चन्द्र को मुख्य विकास अधिकारी, महाराजगंज बनाया गया है। 45.मुख्य विकास अधिकारी, अमेठी सूरज पटेल को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद बनाया गया है। 46.संयुक्त निदेशक, मंडी परिषद, लखनऊ सचिन कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, अमेठी बनाया गया है।

रामलला के भक्त ध्यान दें! इस तारीख को नहीं मिल पाएंगे दर्शन, प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

अयोध्या  राम मंदिर में होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारी तेज हो चुकी है,,, ध्वजारोहण समारोह के दिन आम श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन नहीं मिल पाएंगे। आपको बता दें कि 25 नवंबर को भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन होगा…इसकी तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं,,,इसमें पीएम नरेंद्र मोदी समेत आठ से दस हजार मेहमान शामिल होंगे,,, ऐसे में सुरक्षा कारणों से मंदिर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी,,,,राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बैठक से पहले तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि समारोह के दिन बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद रहेंगे,,,विवाह पंचमी का भी दिन है,,,ऐसे में राम मंदिर में अचानक भीड़ बढ़ सकती है,,,इसलिए हमने निर्णय लिया है कि सुबह सात बजे से ही मंदिर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश रोका जाएगा। दरअसल मेहमानों के ठहरने के लिए तीन हजार से अधिक कमरे आरक्षित किए गए हैं,,,वहीं अतिथियों को आमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है,,,मेहमानों को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव की ओर से मैसेज भेजा जा रहा है। उन्हें कार्यक्रम के समय रूपरेखा की जानकारी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिल रही उड़ान, घरेलू यात्रियों में 15.7% और एयर कार्गो में 19.1% का आया उछाल

आसमान में नई ऊंचाइयां छू रहा उत्तर प्रदेश, हवाई यात्री और कार्गो ट्रैफिक में रिकॉर्ड वृद्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिल रही उड़ान, घरेलू यात्रियों में 15.7% और एयर कार्गो में 19.1% का आया उछाल वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे शहर बने उत्तर प्रदेश की हवाई ग्रोथ के इंजन अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि में उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों से 60 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर इन तीन महीनों में भारत के कुल हवाई यातायात में राज्य की हिस्सेदारी 3.52% तक पहुंची 2016-17 में 59.97 लाख यात्रियों की तुलना में 2024-25 में 142.28 लाख तक पहुंचे एयर पैसेंजर्स नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ से प्रदेश और अन्य राज्यों के पैसेंजर्स को मिलेगी और भी बेहतर कनेक्टिविटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब न केवल सड़क पर, बल्कि आसमान में भी विकास की उड़ान भर रहा है। राज्य की हवाई कनेक्टिविटी और यात्री संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे प्रदेश अब भारत की हवाई ग्रोथ स्टोरी में एक अहम किरदार बन गया है। अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि में उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 14.6% बढ़कर 60.02 लाख हो गई है। वहीं इस अवधि में भारत के कुल हवाई यातायात में राज्य की हिस्सेदारी 3.52% तक पहुंच गई, जो 2024 की तुलना में 34 बेसिस पॉइंट्स अधिक है। इससे साफ है कि अब देश के हर 30 में से एक हवाई यात्री उत्तर प्रदेश से यात्रा कर रहा है। राज्य में हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या केवल आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ‘कनेक्टेड यूपी, समृद्ध यूपी’ विजन के तहत पेश की थी। उनका लक्ष्य रहा है कि हर क्षेत्र, हर जिला आधुनिक परिवहन से जुड़े ताकि पर्यटन, व्यापार और रोजगार में नई गति आए। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ इस रफ्तार में और भी वृद्धि होगी और सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी कनेक्टिविटी के नए अवसर प्राप्त होंगे। 2017 से 2025 तक यूपी की हवाई यात्रा का सफर साल 2016-17 में जहां उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों से 59.97 लाख यात्री यात्रा करते थे, वहीं FY2024-25 में यह संख्या बढ़कर 142.28 लाख तक पहुंच गई। इनमें 129.29 लाख घरेलू और 12.99 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल रहे। इस दौरान राज्य का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 10.1% रहा, जो एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान FY2020-21 में यात्री संख्या 48.35 लाख तक गिर गई थी, लेकिन यूपी ने सबसे तेज रिकवरी दिखाई। महज दो वर्षों में यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई, जो राज्य की मजबूत हवाई नीति और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। 2023-24 की तुलना में 2024-25 में हवाई यात्रियों की संख्या में 25.9 प्रतिशत का ग्रोथ दर्ज किया गया है, जबकि 2023-24 और 2024-25 में अप्रैल-अगस्त माह के बीच कंपैरिजन करें तो यह ग्रोथ 14.6% रही। इस दौरान डॉमेस्टिक एयर पैसेंजर्स में 15.7% और इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या में 4.3% ग्रोथ दर्ज की गई। अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी बने स्टार परफॉर्मर राज्य के कई शहरों ने इस ग्रोथ में अहम योगदान दिया है। 2023-24 से 2024-25 के बीच वाराणसी में 34.4%, प्रयागराज में 76.4%, गोरखपुर में 27.6% और कानपुर में 13.3% की वृद्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी ने यात्री संख्या को तेजी से बढ़ाया है। खासतौर पर अयोध्या एयरपोर्ट, जिसे मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के नाम पर समर्पित किया था, अब उत्तर भारत के सबसे तेजी से बढ़ते टर्मिनल्स में शामिल है। 2023-24 में जहां 2 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स ने यहां से हवाई उड़ान भरी थी तो वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 लाख से अधिक पहुंच गया। वहीं प्रयागराज और वाराणसी से भी धार्मिक और व्यावसायिक उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रयागराज में 2023-24 में 6 लाख से अधिक एयर पैसेंजर्स ने यात्रा की तो वहीं 2024-25 में यह संख्या 10.77 लाख से अधिक पहुंच गई। इसी तरह वाराणसी में 2023-24 में करीब 30 लाख एयर पैसेंजर्स यात्रा कर रहे थे तो वहीं 2024-25 यह संख्या 40 लाख का आंकड़ा पार कर गई। गोरखपुर में 2023-24 में 6.8 लाख की तुलना में 2024-25 में 8.67 लाख से अधिक हवाई यात्रियों ने सफर किया। लखनऊ ने भी अपनी रफ्तार में इजाफा किया है, जहां 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 4.1% की वृद्धि हुई है। कार्गो ट्रैफिक में भी जबरदस्त वृद्धि उत्तर प्रदेश अब व्यापार और निर्यात के लिए भी एयर कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बन रहा है। FY2016-17 से FY2024-25 तक राज्य के एयर कार्गो में 19.1% का CAGR दर्ज किया गया है। यह 5.89 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 28.36 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो कि अब तक का सर्वाधिक है। FY2024-25 में लखनऊ एयरपोर्ट ने 22,099 मीट्रिक टन कार्गो हैंडल किया, जबकि वाराणसी में 27.7% और प्रयागराज में 50% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 2023-24 से 2024-25 के बीच टोटल ग्रोथ 9.4% रही और इस दौरान एयर कॉर्गो 25,915 मीट्रिक टन से 28,356 मीट्रिक टन पहुंच गया। अप्रैल-अगस्त 2025 में कानपुर (165%) और आगरा (247%) में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज हुई जो बताता है कि राज्य के इंडस्ट्रियल क्लस्टर अब अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़ रहे हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में राज्य का भारत के कुल एयर कार्गो में हिस्सा 0.79% हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1 बेसिस पॉइंट अधिक है। साकार हो रहा योगी सरकार का विजन उत्तर प्रदेश सिविल एविएशन के डायरेक्टर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि हवाई कनेक्टिविटी सिर्फ परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यटन और निवेश की नई शक्ति है। जब हर जिले से उड़ान संभव होगी, तो हर नागरिक का जीवन स्तर ऊंचा होगा। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में अयोध्या, कुशीनगर और जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) जैसे नए हवाई अड्डों का तेजी से विकास किया गया है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश उत्तरी भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की ओर अग्रसर होगा। इसी क्रम में प्रदेश सरकार कई नए एयर … Read more

योगी को गाली देने का अंजाम! युवती के घर पहुंची भीड़, पुलिस तैनात

गाजियाबाद  बयानबाजी, बवाल, तमाशा,,,जी हां, एक मुस्लिम लड़की के बयान ने माहौल को ही गरमा दिया,,उसके द्वारा सीएम योगी और सनातन पर दिए गये बयान से हिंदू संगठन का ऐसा गुस्सा फूटा कि सड़कों पर उतरकर तो हंगामा किया ही किया,,बल्कि लड़की के घर पर जाकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर भारी बवाल काटा। दरअसल, गाजियाबाद के तुलसी निकेतन की रहने वाली एक लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर बीती 23 अक्टूबर से तेजी से वायरल हो रहा है,,,जिसमें वह योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह और हिंदू धार्मिक भावनाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करती हुई नजर आ रही है,,वायरल वीडियो की जांच के बाद थाना टीला मोड़ पुलिस ने फरजाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है। लड़की के घर के बाहर पहुंचकर अभद्र भाषा का प्रयोग वहीं इस घटना के बाद माहौल उस वक्त गरमा गया,,, जब हिंदू संगठन से जुड़े कुछ युवकों ने लड़की के घर के बाहर पहुंचकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए प्रदर्शन किया,,,उसके खिलाफ जमकर हंगामा किया,, वहीं मामले पर हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने अपने कार्यकर्ताओं दक्ष चौधरी और साथियों का समर्थन जताते हुए विवादित बयान दिया,, पिंकी चौधरी ने कहा हमने लड़की का दिमाग दुरुस्त करने का काम किया है,, उसकी पिटाई की है,, जो भी योगी या सनातन के विरोध में बोलेगा, उसका यही हाल होगा,, हमें कानूनी प्रक्रिया की कोई चिंता नहीं है। गाय और धर्म के सम्मान में हम मैदान में डटे रहेंगे। बता दें कि, इस मामले में पुलिस ने युवकों की पहचान कर ली है,, एसीपी शालीमार अतुल कुमार सिंह ने बताया दोनों पक्षों के विरुद्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी… पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बयान देने वाली लड़की नाबालिग है,, पिछले छह महीने से घर से बाहर रह रही थी,, वायरल वीडियो में दिए गए बयान उसके द्वारा ही रिकॉर्ड किए गए हैं। बहरहाल, एक बयान की वजह से कैसे लोगों की भावनाएं आहत होती है,,और कैसे सोशल मीडिया पर कुछ भी कहने पर इतना बड़ा इश्यू हो जाता है,, इस मामले से समझा जा सकता है,,,लिहाजा, नाराजगी अपनी जगह है,, लेकिन किसी को भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ बात नहीं कहनी चाहिए,,वर्ना अंजाम बुरे होते है,,भुगतने पड़ते हैं,,