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सीएम योगी की मंशा के अनुरूप चल रहे महाभियान ने बनाया व्यापक जनसंपर्क व संवाद का रिकॉर्ड

फीडबैक देने में शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047: समृद्धि का शताब्दी पर्व महाभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में जनता से सीधे संवाद और विकास के रोडमैप पर फीडबैक जुटाने का अभियान निरंतर जारी है। 25 अक्टूबर, 2025 तक जनता की राय एवं सुझाव एकत्र करने के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर 53 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 41.50 लाख से अधिक सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और 11.50 लाख से अधिक सुझाव नगरीय क्षेत्रों से आए हैं। इनमें करीब 26 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, करीब 25 लाख सुझाव 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से तथा 2.5 लाख से ज्यादा सुझाव 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। कृषि क्षेत्र से सर्वाधिक फीडबैक विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सुझावों में कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक 13 लाख सुझाव मिले हैं, इसके अलावा शिक्षा क्षेत्र से 12.50 लाख से ज्यादा और अर्बन डेवलेपमेंट से 10.77 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा पशुधन एवं डेयरी,, इंडस्ट्री, आईटी व टेक, पर्यटन, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, समाज कल्याण, नगरीय एवं स्वास्थ्य तथा सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी व्यापक पैमाने पर सुझाव प्राप्त हुए हैं।  सर्वाधिक सुझाव देने में जौनपुर अव्वल जनपदवार फीडबैक के अनुसार शीर्ष पांच जनपदों में जौनपुर, संभल, प्रतापगढ़, बिजनौर और गोरखपुर शामिल हैं। जौनपुर से 3.21 लाख से ज्यादा, संभल से 3 लाख से ज्यादा, प्रतापगढ़ से 1.76 लाख से ज्यादा, बिजनौर से 1.67 लक्ष्य ज्यादा और गोरखपुर से 1.58 लाख से ज्यादा फीडबैक मिले हैं। इसके अलावा बरेली से 1.28 लाख से अधिक,  बाराबंकी से करीब 1.25 लाख, सोनभद्र से 1.20 लाख से ज्यादा, गोंडा से 1.12 लाख से अधिक और हरदोई से करीब 1.15 लाख सुझाव मिले हैं। जनसहभागिता के लिए व्यापक आयोजन महाभियान के तहत जनजागरूकता व संवाद के लिए प्रदेशभर में व्यापक आयोजन भी किए गए हैं। अब तक 15 नगर निगमों, 212 नगर पालिकाओं, 528 नगर पंचायतों, 56 जिला पंचायतों, 713 क्षेत्र पंचायतों तथा 42,666 ग्राम पंचायतों में बैठकों, सम्मेलनों और गोष्ठियों का सफल आयोजन किया जा चुका है। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच संवाद व सहभागिता को और अधिक सशक्त किया गया है।

समय सारिणी अपडेट: रामलला के दर्शन व आरती में बदलाव, जानें कब खुलेंगे कपाट

अयोध्या शरद ऋतु के आगमन के साथ ही अयोध्या में रामलला के दर्शन अवधि में बदलाव कर दिया गया है। 23 अक्तूबर से श्रद्धालुओं को राम मंदिर में सुबह 7 बजे से रामलला के दर्शन हो रहे हैं। रात 9 बजे तक दर्शन का यह क्रम जारी रहता है। आरती के समय में भी बदलाव किया गया है। दोपहर में आरती व भोग के लिए एक घंटे तक मंदिर का पट बंद रहता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रामलला के दर्शन की नई समय सारिणी जारी की गई है। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि शरद ऋतु शुरू हो रही है। ऐसे में रामलला के दर्शन अवधि में कुछ बदलाव किया गया है। दोपहर 12 से 1 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे रामलला की मंगला आरती जो अब तक सुबह 4 बजे होती थी, अब वह 4:30 बजे होती है। साथ ही रामलला की शृंगार आरती सुबह 6 बजे के बजाय 6:30 बजे हो रही है। दर्शन अब सुबह 6:30 बजे के बजाय सुबह 7 बजे से शुरू होता है। दोपहर 12 बजे रामलला को भोग अर्पित किया जाता है। इस दौरान दोपहर 12 से 1 बजे तक दर्शन बंद रहता है। रामलला की संध्या आरती शाम 7 बजे ही होती है। इसके बाद श्रद्धालुओं को रात 9 बजे तक दर्शन प्राप्त होंगे। रात 9:30 बजे शयन आरती के साथ ही मंदिर बंद कर दिया जाता है। शरद ऋतु के चलते रामलला के राग-भोग में भी बदलाव किया गया है। रामलला को ठंड न लगे इसलिए उन्हें सुबह गुनगुने पानी से स्नान कराया जा रहा है। भोग में ड्राई फ्रूट्स की मात्रा बढ़ा दी है। सर्दी और बढ़ने पर रामलला के रजाई ओढ़ाई जाएगी व ऊनी वस्त्र पहनाए जाएंगें। ये है समय सारिणी     सुबह 04:30 बजे- मंगला आरती     सुबह 6:30 बजे- शृंगार आरती- दर्शन मार्ग से प्रवेश प्रारंभ     सुबह 07:00 बजे- दर्शन प्रारंभ     दोपहर 12:00 बजे- भोग आरती- डी-वन से प्रवेश बंद     दोपहर 12:30 से 01 बजे तक पट बंद रहेगा     दोपहर 01:00 बजे- दर्शन प्रारंभ     रात 09:00 बजे- डी-एक से प्रवेश बंद     रात 9:15 बजे- दर्शन समाप्त     रात 9:30 बजे- शयन आरती- फिर कपाट बंद

सत्र 2025-26 में 44127.91 मीट्रिक टन हुई धान खरीद, 2024-25 में इस अवधि तक की गई थी 25329.75 मीट्रिक टन की खरीद

लखनऊ, 'अन्नदाता किसानों' को निरंतर योगी सरकार का साथ मिल रहा है। आंकड़े योगी सरकार की सकारात्मक नीतियों की गवाही दे रहे हैं। गौरतलब है कि विपणन सत्र 2025-26 में धान बिक्री के लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हुआ था। 25 अक्टूबर तक धान बिक्री के लिए 1,54,035 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। वहीं विगत वर्ष (2024-25) में इस अवधि तक 1,51,374 किसानों ने पंजीकरण कराया था। बाजरा के लिए 15248, ज्वार के लिए 2706 तथा मक्का के लिए 1509 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। 44127.91 मीट्रिक टन धान की हुई खरीद, पिछले वर्ष हुई थी 25329.75 मीट्रिक टन की खरीद खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक इस वर्ष 2369 रुपये कॉमन तथा 2389 रुपये (ग्रेड-ए) प्रति कुंतल की दर से खऱीद हो रही है। 7507 किसानों से 44127.91 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक 4517 किसानों से 25329.75 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई थी। वहीं श्रीअन्न बाजरा की खरीद इस वर्ष अब तक 4153.35 मीट्रिक टन हो चुकी है। पिछले वर्ष इस अवधि तक 4021.39 मीट्रिक टन बाजरा खरीद हुई थी। सीएम योगी के निर्देश पर 48 घंटे में किसानों को किया जा रहा भुगतान सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान किया जा रहा है। धान बिक्री करने वाले किसानों को इस वर्ष अब तक 86.68 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। इस अवधि में पिछले वर्ष 43.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। वहीं बाजरा के किसानों को 8.43 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित किए गए हैं, पिछले वर्ष इस अवधि तक यह आंकड़ा 7.63 करोड़ रुपये का था। सीएम योगी की नीतियों के कारण किसानों के हित में प्रतिवर्ष सकारात्मक पहल बढ़ती जा रही है। टोल फ्री नंबर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी। इन जिलों में हो रही मक्का खरीद   मक्का खरीद 25 जनपदों में चल रही है। यह जनपद बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर हैं। बाजरा खरीद वाले जनपद निर्धारित बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली,  शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव समेत 33 जनपदों में बाजरा खरीद हो रही है।   इन जिलों में हो रही ज्वार की खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद चल रही। 2025-26                                                         2025-24 धान- 1,54,035 पंजीकरण                 1,51,374 पंजीकरण बाजरा- 15,248 पंजीकरण                  6075 पंजीकरण ज्वार- 2706 पंजीकरण                      1262 पंजीकरण मक्का- 1509 पंजीकरण                    —————— वर्ष (2025-26) धान खरीद- 44127.91 मीट्रिक टन किसान- 7507 किसानों को भुगतान- 86.68 करोड़ बाजरा खरीद- 4153.35 मीट्रिक टन किसान- 715 भुगतान 8.43 करोड़ पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। 

उत्तर प्रदेश में भीड़ का हंगामा: चोरी के आरोप में दो युवकों की जमकर पिटाई

झांसी/मऊरानीपुर यूपी के झांसी में मॉब लिंचिंग जैसा मामला सामने आया है। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों की बेरहमी से पिटाई कर दी। भीड़ ने दोनों युवकों को घसीट-घसीट कर पीटा। इतना ही नहीं दोनों युवकों के कपड़े भी फाड़ डाले। भीड़ की पिटाई से दोनों युवक बुरी तरह से घायल हो गए। किसी ने उसकी मदद नहीं कि, उल्टे लोग तमाशा बनकर देखते रहे। किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। हालांकि ‘हिन्दुस्तान’ ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। घटना मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन की है। यहां करीब 30 से 35 मिनट तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। चोरी के शक में भीड़ ने दो युवकों को पीट दिया। भीड़ दोनों युवकों को प्लेटफार्म से घसीटकर पार्किंग एरिया तक ले आई। खास बात यह रही कि अन्य मुसाफिर तमाशा देखने रहे। किसी ने बचाने तक का प्रयास नहीं किया। मऊरानीपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात मुसाफिर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रहे तभी हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। चोरी के शक में भीड़ दो युवकों पर टूट पड़ी। उनके कपड़े फाड़ दिए। करीब आधे घंटे से अधिक पूरा मामला चलता रहा। जिससे आसपास अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भीड़ का गुस्सा इतना तीखा था कि कोई उन्हें बचाने के लिए आगे नहीं आया। जबकि कई तो वीडियो बनाते रहे। यहीं नहीं भीड़ प्लेटफार्म से घसीटकर दोनों युवकों को पार्किंग एरिया तक लाई। जहां उनके साथ फिर मारपीट की गई। लोगों को इन दोनों पर चोरी का शक था। हालांकि कोई ऐसा सामान बरामद हुआ। सूचना पर मऊरानीपुर रेलवे पुलिस पहुंची। इस बीच भीड़ गायब हो गई। वहीं दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने प्राइवेट में अपना इलाज कराया। रेलवे पुलिस की मानें तो जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण

उत्तर प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्थलीय निरीक्षण डोमेस्टिक टर्मिनल, सुरक्षा और उद्घाटन समारोह स्थल का लिया जायजा एयरपोर्ट के शुभारंभ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ की विस्तृत समीक्षा सीएम ने दिए गुणवत्ता, समयबद्धता और यात्री सुविधा को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश उच्च मानकों के अनुरूप सभी निर्माण और सुरक्षा कार्य संपन्न कराए जाएंः मुख्यमंत्री उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाएः सीएम योगी गौतमबुद्धनगर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने डॉमेस्टिक टर्मिनल, उद्घाटन समारोह स्थल, सुरक्षा प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के बोर्डरूम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और एयरपोर्ट निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में परियोजना की प्रगति, आगामी कार्ययोजना और उद्घाटन समारोह की तैयारियों पर पावर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी गई। इस दौरान, सीएम योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास का प्रतीक बनेगा, इसलिए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ और उद्घाटन समारोह की तैयारियों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता और यात्री सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए ठोस और समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा। एयरपोर्ट से जुड़ी सड़क और मेट्रो लिंक परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने नागरिक उड्डयन, सुरक्षा, विस्फोटक निरोधक दस्ता, नियंत्रण इकाई, उप स्टेशन और आधारभूत संरचना से संबंधित अद्यतन जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के संचालन से जुड़े सभी तकनीकी, सुरक्षा एवं प्रशासनिक पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीओओ किरण जैन ने एनआईए अनुज्ञा निर्गमन, यात्री सुरक्षा, रनवे, वायुसंचालन परीक्षण और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को पूर्ण रूप से सुदृढ़ और चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए तथा कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता अस्वीकार्य होगी। गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे से सड़क संपर्क, माल परिवहन संपर्क, अग्निशमन केंद्र, जल शोधन संयंत्र, जलभराव निस्तारण एवं वाहन पार्किंग की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। नायल के सीईओ राकेश कुमार सिंह और नोडल अफसर शैलेन्द्र भाटिया ने प्रगति और कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित अनुभव प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। उन्होंने निर्देश दिये कि हवाई अड्डे के सभी कार्यों की प्रगति नियमित रूप से समीक्षा कर गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनसभा स्थल तक सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था हो दुरुस्त मुख्यमंत्री ने आगामी जनसभा एवं रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभा स्थल पर भूमि समतलीकरण, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पुलिस सुरक्षा, पेयजल, शौचालय और अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखा जाए ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनसभा स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा संपूर्ण क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता एवं प्रकाश की व्यवस्था उच्च स्तर की सुनिश्चित की जाए। 150 उड़ानें प्रतिदिन हो सकेंगी संचालित जेवर एयरपोर्ट का लोकार्पण कराए जाने वाले हिस्से का क्षेत्रफल 3,300 एकड़ है, जबकि कुल 6,700 एकड़ भूमि का अब तक अधिग्रहण किया जा चुका है शेष 5,100 एकड़ भूमि अगले तीन माह में ली जाएगी। भूमि क्रय की लागत लगभग ₹5,000 करोड़ और एयरपोर्ट निर्माण की लागत ₹7,000 करोड़ है। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट एक रनवे के साथ क्रियाशील होगा और इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ होगी। साथ ही, औसतन प्रतिदिन 150 उड़ानें यहां से संचालित होंगी। भविष्य में यात्रियों की संख्या 1 करोड़ से अधिक होने पर दूसरे रनवे का निर्माण शुरू हो जाएगा और दोनों रनवे मिलकर 7 करोड़ यात्रियों की सेवा करेंगे। जेवर एयरपोर्ट के पूर्ण स्वरूप में कुल 5 रनवे होंगे, इसका कुल क्षेत्रफल 11,750 एकड़ होगा और यह प्रतिवर्ष 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। उत्तर प्रदेश में 24 एयरपोर्ट्स, 16 संचालित उत्तर प्रदेश में कुल 24 एयरपोर्ट्स हैं, जिनमें से 16 संचालित हो चुके हैं। वहीं जेवर एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है और अब इसका जल्द ही शुभारंभ होने वाला है। वहीं, 7 एयरपोर्ट्स निर्माणाधीन हैं। संचालित एयरपोर्ट्स में घरेलू स्तर पर आगरा, त्रिशूल (बरेली), गोरखपुर, हिंडन (गाजियाबाद), प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती, चित्रकूट और सहारनपुर शामिल हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और अयोध्या एयरपोर्ट क्रियाशील हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का शुभारंभ होते ही उत्तर प्रदेश 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का इकलौता राज्य बन जाएगा। निर्माणाधीन एयरपोर्ट्स की बात करें तो सोनभद्र, ललितपुर, मेरठ, गाजीपुर, झांसी, अमेठी और पलिया में भी इस पर तेजी से कार्य चल रहा है जो भविष्य में प्रदेश के वायु संपर्क और पर्यटन को और मजबूत करेंगे। योगी सरकार में सिविल एविएशन की तीव्र प्रगति उत्तर प्रदेश अब सिविल एविएशन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो रहा है। वर्ष 2024-25 में करीब 1.5 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की, जिसमें 1.3 करोड़ घरेलू यात्री तो वहीं 13 लाख से ज्यादा इंटरनेशनल यात्री शामिल रहे। 2017 से 2025 के बीच यात्री संख्या में 10.1 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) से वृद्धि हुई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत से लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं, बेहतर एयर कनेक्टिविटी से प्रदेश में पर्यटन को भी नया आयाम मिला है, विशेषकर अयोध्या और वाराणसी जैसे धार्मिक स्थलों पर … Read more

दो बार हुई असफल कोशिश, अब FNG एक्सप्रेसवे की सफाई में खर्च होंगे 23 करोड़

फरीदाबाद फरीदाबाद-नोएडा-गुरुग्राम (एफएनजी) एक्सप्रेसवे की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्राधिकरण ने एक बार फिर प्रयास तेज कर दिए हैं. अधूरी पड़ी इस परियोजना के पांच किलोमीटर हिस्से की सफाई के लिए तीसरी बार टेंडर जारी किया गया है. एजेंसियों से आवेदन 3 नवंबर तक मांगे गए हैं. यह टेंडर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया है. पहले दो टेंडर रहे बेअसर इससे पहले दो बार जारी किए गए टेंडर में कोई भी एजेंसी आगे नहीं आई थी. रखरखाव के अभाव में एक्सप्रेसवे की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. टूटी सड़कों और जमा कचरे के कारण आवागमन में दिक्कत बढ़ी हैं. एफएनजी से सेवन एक्स समेत कई सेक्टर जुड़े हुए हैं, जिससे इसकी स्थिति शहर की स्वच्छता और यातायात दोनों को प्रभावित कर रही है. पांच सालों के लिए होगा टेंडर नए टेंडर के तहत चयनित एजेंसी को 5 वर्ष के लिए अनुबंधित किया जाएगा. सफाई कार्य के लिए प्राधिकरण स्वयं मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें उपलब्ध कराएगा. एजेंसी को इसके बदले 23.07 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा. प्राधिकरण का मानना है कि इस बार प्रक्रिया सफल होने पर एक्सप्रेसवे पर साफ सफाई नजर आएगी.

टर्मिनल ट्रायल में कामयाब नोएडा एयरपोर्ट, कर्मचारियों ने किया असली यात्री अनुभव

नोएडा चार वर्षों की अथक मेहनत, दिन-रात जारी निर्माण कार्य और अनगिनत घंटों की तपस्या…..इन सबका परिणाम शनिवार को उस वक्त झलका जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कर्मचारियों ने खुद को पहली बार यात्री के रूप में महसूस किया. एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग में हुए इस विशेष ट्रायल में कर्मचारियों ने टिकट और पहचान पत्र के साथ सभी यात्री प्रक्रियाओं का अनुभव लिया. बिलकुल वैसे ही जैसे वास्तविक उड़ान के समय यात्री करते हैं. एयरपोर्ट बना उत्साह का केंद्र सुबह से ही माहौल उत्साहपूर्ण था. यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) की ओर से चयनित कर्मचारियों को बसों से टर्मिनल बिल्डिंग लाया गया. सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद वे चेक-इन काउंटर पर पहुंचे, जहां टिकट और पहचान पत्र दिखाकर ऑनलाइन चेक-इन किया गया और बोर्डिंग पास सौंपे गए. लगेज कराया जमा कर्मचारियों ने अपने बैग और लगेज को बोर्डिंग प्रक्रिया के अनुसार जमा कराया. सामान का वजन करने के बाद उस पर बारकोड टैग लगाया गया और कन्वेयर बेल्ट के जरिए उसे स्कैन कर उड़ान क्षेत्र में भेजा गया. इस दौरान कर्मचारियों ने हैंड बैगेज और व्यक्तिगत वस्तुओं की सुरक्षा जांच भी पूरी की.   सुविधाओं की बारीकी से हुई जांच इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के हर सिस्टम, सुरक्षा प्रक्रिया और यात्री सुविधा की बारीकी से जांच करना था. यापल की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि संचालन शुरू होने के बाद किसी भी यात्री को असुविधा न हो. ट्रायल के दौरान टर्मिनल की स्वचालित सीढ़ियां, कोर्ट यार्ड एरिया, एयरो ब्रिज कनेक्टिविटी और बैगेज हैंडलिंग सिस्टम की जांच की गई.

राजनीति में हलचल: डंपी की गिरफ्तारी से पूर्वांचल के नेताओं पर मंडराया खतरा, टावर डीजल में नए खुलासे की संभावना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की अपराध और सियासत की दुनिया में एक बार फिर भूचाल आ गया है. माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के विश्वस्त मैनेजर और कुख्यात आईएस 191 गैंग के सक्रिय सदस्य ‘डम्पी’ को बुधवार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से स्पेशल जांच टीम (SIT) ने गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी टावर कंपनियों से जुड़े बहुचर्चित डीजल घोटाले की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है, जिसमें खरबों रुपये की अवैध कमाई का खेल चल रहा था. सूत्रों का दावा है कि डम्पी के बयानों से पूर्वांचल के कई दिग्गज नेताओं और माफिया सरगनाओं की नींद उड़ सकती है. गाजीपुर नगर क्षेत्र का निवासी डम्पी कोई साधारण अपराधी नहीं है. वह दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी का दाहिना हाथ था और आईएस 191 गैंग का कोर मेंबर. मुख्तार की धौंस और ताकत का इस्तेमाल कर डम्पी ने टेलीकॉम टावर कंपनियों के डीजल सप्लाई चेन में जबरन घुसपैठ की. पूर्व सांसद अतुल राय के साथ मिलकर उसने बड़े पैमाने पर डीजल चोरी और कालाबाजारी का नेटवर्क चलाया, जिससे अरबों रुपये की काली कमाई हुई. डम्पी इस घोटाले का ‘बेताज बादशाह’ था. वह टावर कंपनियों को धमकाकर डीजल की सप्लाई पर कब्जा करता था और फिर उसे ब्लैक मार्केट में बेचकर मुनाफा कमाता था. एक जांच सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गिरफ्तारी के समय डम्पी विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन एसआईटी की मुस्तैदी से उसका प्लान फेल हो गया. जांच का दायरा बढ़ेगा या माफिया की कमर टूटेगी? डम्पी के पास घोटाले की पूरी इनसाइड स्टोरी है. उसके खुलासों से गाजीपुर और पूर्वांचल के कई प्रभावशाली चेहरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. खबरों में जिन नामों का जिक्र हो रहा है, उनमें अखंड राय, अंगद राय, पूर्व सांसद अतुल राय, विधायक अभय सिंह और मुख्तार के बेटे विधायक अब्बास अंसारी शामिल हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा- डम्पी अगर पुलिस को पूरी डिटेल देता है, तो यह गैंग की कार्यप्रणाली, फंडिंग और राजनीतिक कनेक्शन का पर्दाफाश कर देगा. मुख्तार अंसारी के सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़ टूट जाएगी. यह गिरफ्तारी योगी सरकार की माफिया विरोधी मुहिम को और मजबूती देगी. प्रवर्तन निदेशालय भी सक्रिय हो सकता है दूसरी ओर, यह गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क के खात्मे की शुरुआत हो सकती है. डम्पी की निशानदेही पर गैंग की छिपी हुई संपत्तियों, जमीन, होटल, फार्महाउस का पता चलेगा. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सक्रिय हो सकता है और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करेगा. गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई से पूर्वांचल में माफिया और उनके सरपरस्तों की हवा निकल जाएगी.  

सीएम योगी नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे, देखी सुरक्षा और संचालन की तैयारियां

नोएडा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज (शनिवार) दोपहर 12 बजे ग्रेटर नोएडा के यीडा सिटी में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे है. वह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चल रही तैयारियों का जायजा ले रहे है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 अक्टूबर को एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते है. मुख्यमंत्री योगी दोपहर में राजकीय विमान से हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे. जहां से वह सड़क मार्ग से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आए. वह अधिकारियों के साथ तैयारियों का निरीक्षण करने के बाद वह एक समीक्षा बैठक भी कर रहे है. एयरपोर्ट पर तैयारियां अंतिम चरण में यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री एयरपोर्ट का निरीक्षण करने आ चुके है. उनका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के आगमन से पहले एयरपोर्ट परिसर में की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लेना है. एयरपोर्ट परिसर में इन दिनों रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग और पार्किंग क्षेत्र में तेजी से काम चल रहा है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों को तैनात किया जा रहा है. सफल ट्रायल के बाद बढ़ा आत्मविश्वास दो दिन पहले ही एयरपोर्ट पर यात्रियों के आगमन और विमान सेवाओं का सफल ट्रायल किया गया था. ट्रायल के दौरान रनवे, ग्राउंड हैंडलिंग और सुरक्षा इंतजामों की जांच की गई. शनिवार को भी एक और ट्रायल ऑपरेशन किया जा रहा है. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह परखी जा रही है.   प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 अक्टूबर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर सकते है. इसको लेकर प्रशासन, प्राधिकरण और एयरपोर्ट प्रबंधन की टीमों में लगातार बैठकें हो रही हैं. एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में भी सड़क मरम्मत, सौंदर्यीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन पर तेजी से काम हो रहा है.

46 वर्षों बाद अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल, सांस्कृतिक धरोहर को मिल रही पहचान

सीएम योगी के प्रयासों से पुनः शुरू हुई संभल की पौराणिक 24 कोसी परिक्रमा 46 वर्षों बाद अपने आध्यात्मिक स्वरूप में लौट रहा संभल,  सांस्कृतिक धरोहर को मिल रही पहचान एक बार फिर संभल अपनी पौराणिक पहचान ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में जगमगा उठा   – 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुकी यह परंपरा अब योगी सरकार के प्रयासों से फिर शुरू – संभल में मजबूत हुआ कानून का इकबाल, अवैध कब्जों से मिली मुक्ति, धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार  – सीएम योगी के प्रयासों से मालामाल हो रहा संभल, ₹2405 करोड़ के निर्यात के साथ हासिल किया प्रदेश में 10वां स्थान  लखनऊ  संभल में इतिहास फिर से करवट ले रहा है। जहां कभी दंगों, पलायन और अवैध कब्जों की छाया थी, वहीं अब आस्था, अध्यात्म और सुरक्षा का सूर्योदय दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभल एक बार फिर अपनी पौराणिक पहचान ‘भगवान कल्कि की नगरी’ के रूप में जगमगा उठा है। शुक्रवार रात्रि 2 बजे संभल के 68 तीर्थ और 19 कूपों की 24 कोसी परिक्रमा का शुभारंभ प्राचीन तीर्थ बेनीपुरचक स्थित श्रीवंशगोपाल से लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ। शंखनाद, भजन और जयघोषों के बीच निकली यह परिक्रमा 46 वर्षों बाद पुनः आरंभ हुई है। 1978 में सांप्रदायिक दंगों के कारण रुकी यह परंपरा 2024 में योगी सरकार के प्रयासों से फिर से जीवित हो उठी। धार्मिक मान्यता है कि इस परिक्रमा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह परिक्रमा श्रीवंशगोपाल तीर्थ से प्रारंभ होकर भुवनेश्वर, क्षेमनाथ और चंदेश्वर तीर्थों से होते हुए पुनः वंशगोपाल तीर्थ पर लौटती है। इन तीन प्रमुख तीर्थों के मध्य 87 देवतीर्थ स्थित हैं, जो सम्भल की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक हैं। 2017 के बाद बदला संभल का परिदृश्य  1978 के दंगों के बाद सम्भल में जो भय, अविश्वास और पलायन का माहौल बना, उसने दशकों तक यहां के सामाजिक ताने-बाने को चोट पहुंचाई। हिंदू परिवारों ने अपने घर, दुकानें और जमीनें छोड़ीं; मंदिरों पर कब्जे हुए और धर्मिक आयोजनों पर रोक लग गई। परंतु 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। सीएम योगी ने संभल की स्थिति को व्यक्तिगत रूप से गंभीरता से लिया। न्यायिक आयोग की रिपोर्ट ने उन सच्चाइयों को उजागर किया जिन्हें वर्षों तक दबाया गया। सत्ता संरक्षण में जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने की कोशिशें हुईं और हिंदुओं को सुनियोजित रूप से पलायन के लिए विवश किया गया। योगी सरकार ने इन सभी मामलों में कठोर कार्रवाई की। दंगों की साजिश में शामिल तत्वों को जेल भेजा गया, अवैध कब्जों को हटाया गया और सांप्रदायिक राजनीति पर अंकुश लगाया गया। अवैध कब्जों से मिली मुक्ति, धार्मिक धरोहरों का हुआ पुनरुद्धार योगी सरकार ने संभल में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की ऐतिहासिक कार्रवाई की। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-67 के तहत 495 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 243 मामलों का निस्तारण कर 1067 अतिक्रमण हटाए गए। इस प्रक्रिया में 68.94 हेक्टेयर भूमि कब्जामुक्त कराई गई। यही नहीं, धार्मिक स्थलों पर हुए अवैध कब्जों पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। विशेष अभियान के तहत 37 अवैध कब्जे हटाए गए, जिसमें 16 मस्जिदें, 12 मजारें, 7 कब्रिस्तान और 2 मदरसे शामिल थे। कुल 2.623 हेक्टेयर भूमि को मुक्त कराया गया। साथ ही 68 पौराणिक तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई है। कल्कि अवतार मंदिर समेत अनेक प्राचीन स्थलों पर पुनरुद्धार कार्य चल रहे हैं। संभल में मजबूत हुआ कानून का इकबाल  संभल में अब कानून का इकबाल मजबूत हुआ है। योगी सरकार ने बीते कुछ वर्षों में 2 नए थाने और 45 नई चौकियां स्थापित की हैं। संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सर्वे की व्यवस्था की गई है। अपराधियों पर कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक विश्वास की नींव रखी गई है। बिजली चोरी रोकने के लिए चलाए गए अभियानों से लाइन लॉस 82% से घटकर 18% पर पहुंच गया है, जिससे 84 करोड़ रुपये की राजकीय धनराशि की बचत हुई। आर्थिक दृष्टि से भी संभल ने छलांग लगाई है।  ₹2405 करोड़ के निर्यात के साथ यह अब प्रदेश में 10वें स्थान पर है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत संभल के मेटैलिक, वुडन और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।