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म्यूजियम में दिखेगी त्रेता युग की जीवंत झलक, योगी करेंगे दीपोत्सव में उद्घाटन

-एक बार 100 लोग एक साथ कर सकेंगे प्रवेश, बना है पूरी तरह वातानुकूलित -काशीराम कालोनी के सामने बना यह म्यूजियम भक्तों के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगा अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम जन्मभूमि के प्रांगण में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद अब अयोध्या धाम एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। यहां त्रेता युग की पुनर्रचना करते हुए दुनिया का पहला रामायण वैक्स म्यूजियम बनकर तैयार हो चुका है। चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित काशीराम कालोनी के सामने बना यह म्यूजियम न केवल भक्तों के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी वैश्विक स्तर का आकर्षण साबित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नौवें दीपोत्सव समारोह में इसका लोकार्पण होने की प्रबल संभावना है। दीपोत्सव की भव्यता के बीच सीएम योगी जनता को यह अनमोल उपहार समर्पित करेंगे। 9850 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस पूर्णतः एयर कंडीशंड म्यूजियम को बनाने में 6 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां श्री राम समेत 50 प्रमुख पात्रों की जीवंत वैक्स प्रतिमाएं प्रदर्शित होंगी, जो रामायण की पूरी कथा को जीवंत कर देंगी। म्यूजियम में एक साथ 100 लोगों को प्रवेश की अनुमति होगी। जैसे ही दर्शक अंदर कदम रखेंगे, त्रेता युग की महक और राम धुन की मधुर ध्वनि से भर जाएगा पूरा वातावरण। हर कोने में लगी स्पीकर से निरंतर 'राम तारक मंत्र' और भक्ति भजनों की धुन बजेगी, जो मन को शांति और भक्ति से भर देगी। साउथ इंडियन वास्तु शैली पर हुआ है निर्माण, दोनों तल करेंगे आकर्षक म्यूजियम का निर्माण साउथ इंडियन वास्तु शैली में किया गया है, जो दक्षिण भारत की पारंपरिक स्थापत्य कला का सुंदर संगम दर्शाता है। दो मंजिला इस भवन में ग्राउंड फ्लोर पर रामलला के बाल रूप से लेकर सीता स्वयंवर तक की घटनाएं चित्रित हैं, जबकि फर्स्ट फ्लोर पर वनवास, लंका दहन और राम-रावण युद्ध की भव्य झलक मिलेगी। हर वैक्स मॉडल की अलग-अलग लाइटिंग की गई है, जो पात्रों को जीवंत बना देती है। दर्शक भगवान राम की मूर्ति के कपड़े, बाल और मुस्कान को छूकर हकीकत महसूस करेंगे। प्रवेश द्वार पर सबसे पहले भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा के दर्शन होंगे, जो विघ्नहर्ता के रूप में यात्रा की शुरुआत का संकेत देगी। इसके बाद रामलला के बाल रूप की वैक्स मूर्ति के साथ सेल्फी लेने की विशेष व्यवस्था है। बच्चे-बूढ़े सभी यहां आकर बालक राम के साथ फोटो खिंचवाकर यादगार पल संजो सकेंगे।  आय का 12 फीसदी नगर निगम को जाएगा म्यूजियम में सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम हैं। चार इमरजेंसी गेट्स से जुड़ा फायर सिस्टम लगा है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। यह प्रोजेक्ट नगर निगम के सहयोग से चलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि म्यूजियम की आय का 12 प्रतिशत सीधे नगर निगम को जाएगा, जो अयोध्या के विकास में योगदान देगा। जानिए म्यूजियम में और क्या हैं इंतजाम इस वैश्विक स्तर के म्यूजियम का निर्माण केरल की प्रसिद्ध सुनील वैक्स म्यूजियम कंपनी ने किया है। कंपनी के प्रमुख सुनील ने बताया, "हमने पहले महाराष्ट्र के लोनावाला में और केरल के तिरुवनंतपुरम में सेलिब्रिटी वैक्स म्यूजियम बनाए हैं। लेकिन अयोध्या का यह रामायण म्यूजियम अनोखा है। यहां हमने रामायण के 50 पात्रों को इतनी बारीकी से गढ़ा है कि दर्शक खुद को त्रेता युग में महसूस करेंगे। सुनील ने खुलासा किया कि म्यूजियम के बाहर पार्किंग की व्यवस्था के अलावा स्टूडियो कॉफी हाउस, स्नैक्स जोन और इंटरटेनमेंट एरिया भी तैयार हो रहा है। पर्यटक न केवल वैक्स म्यूजियम का लुत्फ उठाएंगे, बल्कि स्नैक्स में साउथ इंडियन और उत्तर भारतीय व्यंजनों का मिश्रण होगा, जो अयोध्या की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाएगा। अयोध्या के विकास में मील का पत्थर अयोध्या के विकास में यह म्यूजियम मील का पत्थर साबित होगा। राम मंदिर के बाद पर्यटन में आई बूम को देखते हुए यह केंद्र सालाना करोड़ श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को 'विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी' बनाने का संकल्प लिया है। दीपोत्सव के दीयों से जगमगाती अयोध्या में यह म्यूजियम आस्था का केंद्र बनेगा। कुल पचास पात्रों की बनी हैं मूर्तियां फर्स्ट फ्लोर पर वनवास के दौरान सुंदरवन, सीता हरण और रावण वध की 3डी लाइटिंग प्रभाव से सजी मूर्तियां हैं। हनुमान जी की लंका दहन वाली मूर्ति में आग के प्रभाव जैसी लाइटिंग है, जो रोमांच पैदा करेगी। कुल 50 पात्रों में राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, रावण, विभीषण समेत सभी प्रमुख चरित्र शामिल हैं। सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में म्यूजियम अत्याधुनिक है। एयर कंडीशंड हॉल में तापमान 22 डिग्री पर नियंत्रित रहेगा। सीसीटीवी और सिक्योरिटी गार्ड 24×7 निगरानी करेंगे। इसमें प्रवेश करने के लिए ₹100 का शुल्क निर्धारित किया जाएगा।

चुनावी मोर्चे पर उत्तर प्रदेश के अफसर तैनात, बिहार में संभालेंगे जिम्मेदारी

लखनऊ  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav) के लिए एनडीए का सीट बंटवारा हो गया है। एक साथ एनडीए दलों के नेता ने ट्वीट करके बताया है कि बीजेपी और जेडीयू 101-101 यानी बराबर सीट लड़ेगी। चिराग पासवान की लोजपा 29, उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो 6 और जीतनराम मांझी की हम 6 सीट लड़ेगी। यह पहली बार होगा कि बिहार में जेडीयू और भाजपा विधानसभा में बराबर सीट लड़ेगी। जेडीयू हमेशा बीजेपी से ज्यादा सीट लड़कर और बड़े भाई के दर्जा में रही है। दिल्ली में बीजेपी कैंडिडेट के चयन के लिए पार्टी दफ्तर में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई है। आज देर रात या कल सुबह भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करना शुरू कर देगी। महागठबंधन में सीट बंटवारा फंसा हुआ है। लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं क्योंकि सोमवार को लैंड फॉर जॉब केस में सुनवाई के दौरान उनकी पेशी है। तेजस्वी की राहुल गांधी से मुलाकात की अभी कोई खबर नहीं है। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी दिल्ली के लिए निकल गए हैं और कहा है कि महागठबंधन बीमार है, दिल्ली में इसका इलाज होगा तो स्वस्थ हो जाएगा। पटना में आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा है कि महागठबंधन में सीट बंटवारे का ऐलान कल हो जाएगा। बाकी दलों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की दूसरी लिस्ट कल आएगी। पशुपति पारस की पार्टी ने कहा है कि वो परसों तक फैसला करेगी। बताया जा रहा है कि महागठबंधन से 4 सीट का ऑफर मिला था जो पारस को मंजूर नहीं है। अब वो असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद के साथ गठबंधन की सोच रहे हैं।

योगी सरकार लगाएगी सभी मंडलों में प्रदर्शनी, दिव्यांगजन के हुनर को मिलेगा मंच

वोकल फॉर लोकल के साथ दिव्यांगजन की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार लखनऊ इस दीपावली, उत्तर प्रदेश के घर-घर में न केवल मिट्टी के दीये जलेंगे, बल्कि दिव्यांगजन के हुनर और आत्मनिर्भरता की चमक भी समाज को रोशन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंडलों में 16-17 अक्टूबर को 'दिव्य दीपावली मेला-2025' का आयोजन होगा, जिसमें दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।  योगी सरकार की यह पहल न केवल 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के मंत्र को साकार करने से साथ-साथ दिव्यांगजन को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान का नया मंच भी प्रदान करेगी। मिट्टी के दीपकों से लेकर कृत्रिम आभूषण और खाद्य सामग्री तक, इन प्रदर्शनियों में दिव्यांगजन का कौशल दीपोत्सव की रौनक को दोगुना करेगा। योगी सरकार दिव्यांगजनों के न केवल आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी प्राथमिकता देती है। इस दीपावली, जब घर-घर दीये जलेंगे, तो दिव्यांगजन के हुनर की रोशनी पूरे प्रदेश को नई दिशा देगी।  इन उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में हस्तनिर्मित मिट्टी के दीपक, आकर्षक मोमबत्तियां, कृत्रिम आभूषण, हथकरघा उत्पाद, घरेलू सजावटी सामान, पूजा सामग्री, आचार, मुरब्बा, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री प्रदर्शित होंगी। ये उत्पाद विभिन्न दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से तैयार किए गए हैं।  प्रदेश सरकार ने सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शनियों के लिए उचित स्थान चिह्नित करने और व्यापक प्रचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, दिव्यांगजन के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें। यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' के साथ दीपोत्सव को स्वदेशी रंग देने का प्रयास है। गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ जैसे मंडलों में मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बस्ती, अलीगढ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली आदि में भी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोग इन प्रदर्शनियों में शामिल हों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं। यह आयोजन दीपावली की रौनक को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता का संदेश देगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। 'दिव्य दीपावली मेला-2025' न केवल उनके हुनर को मंच देगा, बल्कि समाज को यह संदेश देगा कि हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से समाज को रोशन कर सकता है।

अयोध्या दीपोत्सव में लखीमपुर की मिट्टी बिखेरेगी पवित्र रोशनी

जनसहभागिता और स्वावलंबन का पर्व बना दीपोत्सव अयोध्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार अयोध्या का दीपोत्सव न सिर्फ भव्यता का बल्कि आत्मनिर्भरता और जनसहभागिता का प्रतीक बन रहा है। लखीमपुर खीरी की ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार 25 हजार इकोफ्रेंडली दीए अब अयोध्याधाम की पवित्र भूमि पर रोशनी बिखेरेंगे। यह दीए वहां की मिट्टी और गोबर से बनाए गए हैं, जिनमें जड़ी-बूटियों की प्राकृतिक खुशबू भी समाहित है। लखीमपुर से पहुंचे 25 हजार दीए नगर निगम कार्यालय में धौरहरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार तिवारी ने महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी को ये दीपक सौंपे। इस अवसर पर महापौर ने लखीमपुर की जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार का आभार जताया। जनसहभागिता और स्वावलंबन का उत्सव बना दीपोत्सव महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या का दीपोत्सव अब जनसहभागिता, स्वावलंबन और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि लखीमपुर की महिलाओं का यह योगदान पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी मेहनत और सृजनशीलता से बने दीए अयोध्या की धरती पर आत्मनिर्भर भारत की ज्योति जलाएंगे। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने दीयों को हस्तगत करते हुए लखीमपुर की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। इकोफ्रेंडली दीपोत्सव की दिशा में बड़ा कदम बीडीओ संदीप तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इकोफ्रेंडली दीपोत्सव मनाने के संकल्प को साकार करने में लखीमपुर की महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। दो माह की मेहनत से आकांक्षी ब्लॉक धौरहरा की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 25 हजार दीए तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि सीडीओ अभिषेक कुमार ने विकास भवन परिसर से इन दीयों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या के लिए रवाना किया। महिलाओं की मेहनत से आत्मनिर्भरता की लौ संदीप कुमार ने बताया कि महिलाओं ने कम समय में गोबर और मिट्टी से सुंदर, टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी दीए बनाए हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण की यह मिसाल पूरे प्रदेश के लिए अनुकरणीय है।

8 से 17 अक्टूबर तक जारी विशेष अभियान में अब तक 2993 क्विंटल मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, 1155 क्विंटल नष्ट

उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत दर्ज कराई गईं तीन एफआईआर  टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चलाया गया अभियान, बड़ी मात्रा में मिलावटी सामग्री की गई जब्त  आम जनता से की गई अपील, संदिग्ध खाद्य सामग्री का इस्तेमाल न करें और सूचना तुरंत विभाग को दें लखनऊ उत्तर प्रदेश में दीपावली के त्योहार को सुरक्षित और स्वास्थ्य के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 08 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक दीपावली विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश भर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने 4621 निरीक्षण, 2085 छापे और 2853 नमूनों की जांच की। अब तक कुल 2993 क्विंटल मिलावटी और अस्वास्थ्यकर खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य ₹3.88 करोड़ है। मानव उपभोग के योग्य नहीं होने पर 1155 क्विंटल सामग्री नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.75 करोड़ है। उन्नाव, मथुरा और लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत तीन प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।  आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि त्योहारों को सुरक्षित, स्वच्छ और आनंददायक बनाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में मिलावटखोरी और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। त्योहारों के अवसर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शीघ्र नष्ट होने वाली सामग्री मौके पर ही जब्त और विनष्ट की जाती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। विभिन्न जनपदों में हो रही कार्रवाई अभियान में प्रमुख कार्यवाहियों में उन्नाव में 215 किलो खोया जब्त कर नष्ट किया गया और नमूने संग्रहीत कर एक एफआईआर दर्ज की गई। मथुरा में 400 किलो मिलावटी पनीर नष्ट किया गया। लखनऊ में 802 किलो खोया नष्ट किया गया। झांसी में 1200 किलो खोया, हाथरस में 790 किलो मिलावटी आचार जब्त कर 3000 किलो खराब आचार नष्ट किया गया। बुलंदशहर में 3000 किलो मिलावटी रसगुल्ला व गुलाबजामुन, मीरजापुर में 1478 किलो मिलावटी खोया, सहारनपुर में 1100 किलो खोया नष्ट किया गया। इसी प्रकार, हापुड़ में 6000 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया।  दूध, खोया, पनीर और मिठाई जब्त  कानपुर देहात में 500 लीटर दूध, 400 किलो खोया, 2200 किलो बर्फी, 250 किलो पेड़ा और 358 किलो स्वीट केक नष्ट किए गए। गोरखपुर में 1400 किलो पनीर और खोया जब्त और 1000 लीटर खराब सरसों तेल नष्ट किया गया। मेरठ में 71 लीटर पामोलीन तेल, 20 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त और 35 किलो रसगुल्ला, 180 किलो पनीर, 2500 किलो खोया नष्ट किया गया। एटा में 340 लीटर सरसों तेल और 900 किलो घी नष्ट किए गए। खीरी में 871 किलो खाद्य सामग्री जब्त और 50 किलो नष्ट की गई। आगरा, अलीगढ़, गाज़ियाबाद, मुजफ्फरनगर में भी लाखों मूल्य की मिलावटी सामग्री नष्ट की गई। टोल प्लाजा और हाईवे पर भी चला अभियान टोल प्लाजा और हाईवे पर भी अभियान की कार्रवाई में बड़ी जब्तियां शामिल हैं। साहिबाबाद टोल पर 750 किलो पनीर, हापुड़ टोल छिजारसी पर 1500 किलो पनीर, एनएच 34, जीटी रोड कानपुर से 4040 किलो खोया, बाराबंकी टोल से 910 कार्टन मिलावटी मिठाई, और कानपुर पनकी रोड से 2450 किलो खोया नष्ट किया गया। आम नागरिक भी कर सकते हैं शिकायत  प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी खाद्य पदार्थों में मिलावट, नकली उत्पादों का निर्माण या विक्रय अथवा संगठित रूप से मिलावट का कारोबार संचालित होने की जानकारी मिले, तो उसकी गोपनीय सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को दें। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर जारी किए गए हैं। गोपनीय शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर कॉल की जा सकती है। मिलावटी या नकली खाद्य पदार्थ से संबंधित सूचना व्हाट्सएप नंबर 9793429747 पर भेजी जा सकती है। वहीं अगर किसी को नकली या घटिया दवाइयों के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले, तो उसकी सूचना व्हाट्सएप नंबर 8756128434 पर भेजी जा सकती है। सरकार ने कहा है कि ऐसी शिकायतों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अरविंद राजभर का बड़ा बयान: आज़म खान को सुभासपा में शामिल होने का ऑफर, कहा– उनका सम्मान नहीं हुआ

लखनऊ  आजम खान उत्तर प्रदेश की सियासी सुर्खियों में लगातार बने हुए हैं। भविष्य में उनकी राजनीति किस दिशा में जाएगी इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने उन्हें अपनी पार्टी जॉइन करने का ऑफर देकर एक नई हलचल मचा दी है। अरविंद राजभर ने कहा है कि आजम खान जन नेता हैं और उनके जैसे जन नेता की उत्तर प्रदेश को जरूरत है। हम चाहते हैं कि बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) के पूरी तरह स्वस्थ होते ही रामपुर जाकर उनसे (आजम खान) से मुलाकात करेंगे। अरविंद राजभर ने यह भी जोड़ा कि यदि आजम खान सुभासपा में आना चाहेंगे तो उन्हें बहुत बड़ा सम्मान दिया जाएगा। अरविंद राजभर ने कहा कि बाबूजी (ओमप्रकाश राजभर) ठीक हो जाएं तो हम खुद ही उन्हें लेकर रामपुर जाएंगे और आजम खान साहब से भेंट करेंगे। ऐसे नेताओं का बायकॉट नहीं करना चाहिए। ऐसे नेताओं से संवाद जारी रहना चाहिए। अरविंद ने कहा कि आजम खान जेल के अंदर थे तब तक अखिलेश यादव को चिंता नहीं थी। वह जब सीतापुर जेल में थे तो अखिलेश यादव उन्हें सिरदर्द मानते थे। वह उन्हें साइड करना चाहते थे। सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक की चिंता में अखिलेश यादव आजम खान के घर गए थे। सुभासपा नेता और पार्टी प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर ने कहा कि आजम खान का समाजवादी पार्टी से मन भर गया है। समाजवादी पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं है। आजम खान स्वतंत्र हैं। निर्णय उन्हें ही लेना है। अरविंद राजभर ने बिहार चुनाव पर कहा कि हम लोग यूपी में एनडीए के सहयोगी हैं। बिहार में भी सहयोग करना चाहते हैं लेकिन यदि वहां सीट नहीं मिलेगी तो सुभासपा वहां अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। जिन लोगों को सुभासपा के बारे में भ्रम है उन्हें जवाब दिया जाएगा।  

अवधी और भोजपुरी भजनों की धुनों पर झूमेगी अयोध्या नगरी

अयोध्या के 300 स्थानीय प्रतिभागी होंगे शामिल सीएम योगी के निर्देश पर महोत्सव में इस बार स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा बढ़चढ़कर प्रतिभाग करने का अवसर अयोध्या में इस बार दीपोत्सव 2025 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह एक वृहद मंच, तीन मध्यम मंच के अलावा सात छोटे मंचों पर आने वाले श्रद्धालुओं को मंत्र मुक्त करेंगे कलाकार इसके अलावा 22 झांकियों पर और उनके आगे पीछे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे अयोध्या अयोध्या में दीपोत्सव 2025 को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार दीपोत्सव में 2000 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों के करीब 500 कलाकार भी प्रतिभाग करेंगे। स्थानीय स्तर पर अयोध्या के लगभग 300 स्थानीय कलाकार भी इस भव्य आयोजन में शामिल होंगे। वृहद और मध्यम मंचों के साथ 07 छोटे मंचों पर होगा सांस्कृतिक प्रदर्शन अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या में इस बार एक वृहद मंच, तीन मध्यम मंच और सात छोटे मंच बनाए जा रहे हैं। इन मंचों पर देशभर से आए कलाकार अवधी और भोजपुरी भजन व लोक संगीत की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए रहेंगे तीन प्रकार के मंच अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार और विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि राम कथा पार्क में वृहद मंच और मध्यम मंच तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन मंचों पर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित भव्य नाट्य मंचन होंगे। सात छोटे मंचों पर दिखेगा कलाकारों का हुनर दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को रामकथा सुनने और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सात छोटे मंच भी बनाए जा रहे हैं। यहां अयोध्या और आसपास के जिलों के कलाकार पारंपरिक लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रदर्शन करेंगे। इससे स्थानीय कलाकारों को अपने हुनर को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। झांकियों के साथ चलते कलाकार दिखाएंगे सांस्कृतिक झलक दीपोत्सव की शोभायात्रा में 22 भव्य झांकियां शामिल होंगी। इन झांकियों पर और उनके आगे-पीछे कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे। रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित इन झांकियों से श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति होगी। अयोध्या की संस्कृति का होगा विराट संगम दीपोत्सव 2025 में अयोध्या न सिर्फ भक्ति और आस्था की नगरी बनेगी, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का केंद्र भी होगी। अवधी, भोजपुरी, ब्रज और फगुआ की लहरियों से गूंजती अयोध्या अपनी सनातन संस्कृति की झलक पूरे विश्व को दिखाएगी।

कन्या सुमंगला, घरौनी, सामूहिक विवाह और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं से आधी आबादी को मिला नया आत्मविश्वास

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.86 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान करने के अलावा योगी सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है।  उत्तर प्रदेश में नारी सम्मान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए बीते वर्षों में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। लगातार चल रहे इन प्रयासों ने न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा किया है, बल्कि समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और समानता की भावना को भी मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश आज नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। * कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत अब तक 26 लाख 34 हजार बेटियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह योजना बालिकाओं की शिक्षा, पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार साबित हुई है। * महिलाओं को संपत्ति का स्वामित्व दिलाने के लिए घरौनी योजना चलाई गई है, जिसके तहत 1 करोड़ 10 लाख महिलाओं को गृहस्वामित्व प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को अधिकार और आत्मसम्मान दोनों प्रदान किए हैं। * आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश में 10 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठित किए गए हैं, जिनसे 1 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों को समय-समय पर रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे महिलाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रही हैं। * मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से 4 लाख 67 हजार से अधिक महिलाओं का विवाह संपन्न कराया गया है। प्रत्येक विवाह पर ₹1 लाख की आर्थिक सहायता ने गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम किया है। * महिलाओं की दैनिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 2 करोड़ 41 लाख घरों में नल से जल उपलब्ध कराया गया है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। * महिला स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 करोड़ तक की संपत्ति खरीद पर महिलाओं को 1% स्टाम्प शुल्क की छूट दी गई है। * सरकारी सेवाओं में 20% आरक्षण के प्रावधान से अब तक 1 लाख 75 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है, जिनमें से 44,177 महिलाओं की भर्ती पुलिस विभाग में हुई है। * नारी सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अपराधियों को सजा दिलाने में प्रदेश देश में अग्रणी है। कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर सजा तक का समय सिर्फ 40 दिन रहा है। * निराश्रित महिलाओं को ₹1,000 मासिक भत्ता देने की व्यवस्था से 36 लाख 75 हजार महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। * इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 2 लाख महिलाएं और बीसी सखी योजना के तहत 39 हजार महिलाएं ग्रामीण वित्तीय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनी हैं। लाभार्थी महिलाओं ने सीएम योगी का जताया आभार  निशुल्क सिलेंडर प्राप्त करने वाली लाभार्थी महिलाओं ने लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दीपावली के इस उपहार के लिए धन्यवाद दिया और महिलाओं की समृद्धि और उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करने को लेकर आभार जताया। लाभार्थी लीलावती ने कहा कि इस निशुल्क सिलेंडर के लिए मुख्यमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद करते हैं। यह दीपावली के पावन अवसर पर हमारे लिए अमूल्य उपहार है। वहीं, लखनऊ की निशा चौहान ने कहा कि इस सब्सिडी का लाभ प्रदान करने के लिए हम मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट करते हैं। पहले हम चूल्हे में खाना बनाते थे, जिसके चलते हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए इस उपहार से हमें बहुत लाभ मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस उपहार के लिए धन्यवाद करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर साजिश रचने वालों दी चेतावनी

कहाः पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए  यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती हैः सीएम  मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के 1.86 करोड़ लाभार्थियों को दी दीपावली की सौगात पात्र गरीब एवं वंचित परिवार की महिलाओं को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का किया वितरण  सीएम योगी ने कहा- गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार का संकल्प उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया, घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलायाः सीएम योगी  मुख्यमंत्री की अपील, दीपावली पर स्वदेशी उत्पाद ही अपनाएं, गरीबों की मदद करें   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दीपावली के पहले यह प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा उपहार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों का उद्देश्य यही है कि हम अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से इस उत्साह का हिस्सा बनें। 2021 में राज्य सरकार ने तय किया था कि वर्ष में दो बार होली और दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इसी क्रम में आज प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को यह सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार, होली, दीपावली, ईद, क्रिसमस, गुरु पर्व, जन्माष्टमी या रामनवमी  पूरी शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए हैं। अब वह सरकार नहीं है जो दंगाइयों के सामने घुटने टेक दे। यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती है। उत्साह और उमंग के त्योहार में यदि किसी ने व्यवधान डाला तो जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं।  पहली बार बिना भेदभाव के गरीबों तक पहुंची योजनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोककल्याणकारी सरकार का दायित्व होता है कि वह शासन की योजनाओं का लाभ ईमानदारी से उन गरीबों, वंचितों और दलितों तक पहुंचाए, जो इसके पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों को बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ तब मिलना शुरू हुआ जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने। 2014 के पहले गैस कनेक्शन लेना भी एक संघर्ष था, लेकिन मोदी जी ने 11 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाए। अकेले उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब लकड़ी, कोयले या उपलों में खाना पकाते थे जिससे परिवार बीमार पड़ते थे। आज उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया है और घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलाया है। 2017 से पहले सैफई परिवार के बाहर किसी की सोच नहीं थी मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में परिवार से ऊपर कोई सोच नहीं थी। सैफई परिवार के अलावा किसी और की चिंता नहीं होती थी। चाचा-भतीजा और महाभारत के किरदारों की राजनीति में गरीबों की योजनाएं लूट ली जाती थीं। नौकरियों में डकैती, विकास के पैसे में छीना-झपटी होती थी और त्योहार भी दंगों की भेंट चढ़ जाते थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब प्रदेश को परिवार मानकर काम हो रहा है। किसी की जाति नहीं पूछी जाती, किसी से भेदभाव नहीं होता। सबका साथ, सबका विकास, यही हमारा मंत्र है। बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया तो यमराज टिकट काटेंगे मुख्यमंत्री योगी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। अगर किसी ने बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, तो अगले चौराहे पर यमराज टिकट काटने के लिए खड़ा होगा। यदि किसी को यमराज से टिकट कटवाना हो तो वह किसी राह चलती बेटी के साथ छेड़खानी करके देख ले। यह हमारी वचनबद्धता है कि हर बेटी, हर व्यापारी, हर राहगीर को सुरक्षा देंगे। जो भी रंग में भंग डालने की कोशिश करेगा, जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं। स्वदेशी अपनाएं, स्थानीय कारीगरों की समृद्धि में ही देश का विकास है मुख्यमंत्री ने दीपावली पर ‘स्वदेशी’ को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि दीपावली पर हर परिवार कुछ न कुछ खरीदता है। जो भी खरीदे, वह स्वदेशी हो। हमारे कारीगर, हस्तशिल्पी, स्थानीय उद्यमी जो भी बनाएं, वही खरीदें। हमारे घर में जो दीपक जले, वह हमारे ही कुम्हार द्वारा बना हो। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां हमारे कारीगरों की बनाई हों, विदेश से नहीं। उन्होंने कहा कि जब यह पैसा स्थानीय कारीगरों, श्रमिकों और हस्तशिल्पियों तक पहुंचेगा, तभी समृद्धि देश तक पहुंचेगी और भारत विकसित बनेगा। गरीबों की सहायता करें, तभी पर्व का आनंद सार्थक होगा मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आचार्य शंकराचार्य के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस घर में गरीबों के प्रति संवेदना नहीं होती, वहां ईश्वर का वास नहीं होता। हमें हर त्योहार पर किसी एक गरीब, बेसहारा या जरूरतमंद बच्चे की मदद करनी चाहिए। तभी त्योहारों की खुशी और भी अर्थपूर्ण हो जाएगी। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, सांसद संजय सेठ, बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ नीरज बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।  इन महिलाओं के खाते में सीएम ने मंच से अंतरित की सब्सिडी  सोनी रीता निशा चौहान सबीना सईदा बानो सारिका यादव पार्वती बीना कुमारी रेशमा खान

यूपी सीएम योगी का कड़ा संदेश: बेटी को छेड़ने से पहले सोचें यमराज का सामना

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में उज्जवला योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त सिलिंडर रिफिल का उपहार दिया। इस मौके पर उन्होंने रिफिल की धनराशि महिलाओं के खाते में भेजी। सीएम ने 10 महिलाओं को प्रतीकात्मक रूप से रिफिल की धनराशि मंच पर प्रदान की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी ने उज्ज्वला योजना की लाभार्थी एक करोड़ 86 लाख महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपये की सब्सिडी भेजी। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से पहले गरीब महिलाओं को लकड़ी और कोयले में खाना पकाना पड़ता था जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था। उन्हें जिंदगी भर इलाज करवाना पड़ता था। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गये जिससे महिलाओं का जीवन आसान हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी में सैफई परिवार ही सबकुछ था। हमारे लिए पूरा प्रदेश परिवार है। सपा सरकार दंगाइयों के सामने नाक रगड़ती थी और अपराधियों के साथ खड़ी होती थी पर हमने तय किया कि अब अगर किसी बेटी के साथ छेड़छाड़ की तो अगले चौराहे पर यमराज के दर्शन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर यमराज से टिकट करवाना हो तो किसी बेटी से छेड़छाड़ कर दे। अगले चौराहे पर यमराज मिल जाएंगे। हमने कहा है कि हर बेटी को सुरक्षा देंगे। हर व्यापारी को सुरक्षा देंगे। हर गरीब के साथ सरकार खड़ी होगी। हर दलित के साथ सरकार खड़ी होगी। उत्साह और उमंग में किसी ने व्यवधान डालने का काम किया तो उसे जेल में ठूंसने में देर नहीं करेंगे। इसलिए आज हर त्योहार खुशी के साथ मनाया जा रहा है। सीएम योगी की अपील दिवाली पर स्वदेशी अपनाएं सीएम योगी ने कहा कि दिवाली आ रही है। ऐसे में ध्यान रखें और स्वदेशी अपनाएं। दिया जलाएं तो अपने ही कुम्हार से बनाया हुआ हो। मूर्ति वहीं प्रयोग करें जो स्वदेशी मूर्तिकार की बनी हुई हो। दिवाली के मौके पर किसी गरीब की मदद जरूर करें। बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई, 2016 में हुई थी। इस योजना से खासकर ग्रामीण भारत की रसोई को धुएं से मुक्त करने में सफलता मिली। साथ ही, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव भी कम करने की दिशा में प्रभावी साबित हुई। प्रदेश में अब तक 1.86 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी रिफिल देने का निर्णय लिया है। यह वितरण वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण अक्तूबर 2025 से दिसंबर 2025 तक और दूसरा चरण जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक होगा। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने 1500 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया है। पहले चरण में आधार प्रमाणित लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस मौके पर यूपी सरकार के वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब से केंद्र की सत्ता में आए हैं वो आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री योगी भी लगातार काम कर रहे हैं। प्रदेश में कन्या सुमंगला योजना से 26 लाख 24 हजार लोगों को लाभ मिला है। इसी तरह सामूहिक विवाह योजना से गरीब कन्याओं का विवाह करवाया गया है। वित्तमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के लिए चल रही अन्य योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं की सबसे ज्यादा चिंता की है। उन्होंने कहा कि मुद्दई हरगिज न कर पाएगा बांका बाल तक, मोदी योगी गूंजेगा भारत में सौ साल तक।