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सोनभद्र प्रशासन का बड़ा फैसला, नदियों-तालाबों में 31 अगस्त तक Fishing Ban लागू

सोनभद्र  मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 अगस्त तक सभी नदियों, तालाबों एवं जलाशयों में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इसके लिए आदेश जारी किया है। इस अवधि में किसी भी व्यक्ति द्वारा मछलियों को पकड़ना, मारना, बेचना अथवा पकड़ने का प्रयास करना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम, 1948 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने रिहंद, धंधरौल, कड़ियाताल, पुरखासताल, जीवारताल समेत सभी संबंधित जलाशयों के ठेकेदारों को निर्देश दिया है कि अपनी नाव एवं जाल जलाशयों से बाहर कराना सुनिश्चित करें। क्षेत्रीय मत्स्य प्रभारियों को प्रतिबंध अवधि में सभी जलाशयों में मत्स्य आखेट पूरी तरह बंद कराने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश दिया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान विस्फोटक पदार्थ, विषैले रसायन अथवा अन्य अवैध साधनों से मछली पकड़ने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर अवैध सामग्री, जाल और पकड़ी गई मछलियां जब्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने मत्स्य ठेकेदारों एवं आमजन से आदेश का पालन करने की अपील की है, ताकि प्रजनन काल में मत्स्य संपदा का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।  

समलैंगिक संबंध का झांसा, फिर ब्लैकमेल! मथुरा पुलिस ने पकड़ा शातिर गैंग, शर्म के कारण चुप रहते थे पीड़ित

मथुरा  ग्राइंडर एप के माध्यम से लोगों को समलैंगिक संबंधों के बहाने सुनसान स्थानों पर बुलाकर उनसे लूट और डकैती करने वाले सात डकैतों को थाना जैंत पुलिस ने धर दबोचा है। धौरेरा के जंगलों में की गई कार्रवाई में पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल और 51,500 रुपये नकद तथा घटना में प्रयोग की जाने वाली दो मोटर साइकिल जब्त की हैं। पिछले कुछ समय से ग्राइंडर नाम के मोबाइल एप के माध्यम से एक गिरोह युवकों से संपर्क कर उन्हें समलैंगिक संबंधों के लिए उकसा रहा था। कई युवक इनकी बातों में आकर फंसकर इनके बताए सुनसान स्थानों पर पहुंच जाते थे। ग्राइंडर मोबाइल एप के माध्यम से युवकों को फंसाते थे गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से धौरेरा के जंगलों में बुलाया जाता था। इस गिरोह ने वहां गिरोह का एक सदस्य उस युवक के साथ संबंध बनाता था, जबकि कोई अन्य सदस्य मोबाइल से इस कृत्य की वीडियो बना लेता था। बस वहीं गिरोह के अन्य सदस्य आकर युवक को घेर लेते थे और उसके मोबाइल और पर्स में रखी नकदी को लूट लेते थे। इतना ही नहीं, मोबाइल में पासवर्ड पूछकर उस युवक के एकाउंट से भी रुपये ट्रांसफर कर लेते थे। धौरेरा के जंगलों में युवकों के साथ मारपीट कर उनको लूटते थे मोबाइल की वीडियो देखकर चुपचाप सामान दे दिया तो ठीक, वरना गिरोह के सदस्य उस युवक के साथ मारपीट करते थे। लुटे-पिटे युवक शर्म के कारण इस बारे में किसी को कुछ बता नहीं पाते थे। लेकिन इस गिरोह का शिकार बने एक युवक ने जैंत पुलिस को इसकी जानकारी दी। फिर पुलिस ने युवक के लूटे हुए मोबाइल की लोकेशन के आधार पर धौरेरा के जंगल में दबिश दी। शर्म के कारण चुप्पी साध जाते थे युवक पुलिस ने वहां से सुनील निवासी ग्राम बैना जमनीपुर, थाना अगयाऊ बाजार, भोजपुर बिहार, सूरज निवासी ग्राम धारुहेड़ा रेवाड़ी, हरियाणा दोनों हाल निवासीगण दावानल कुंड, लाडली धाम गेस्टहाउस, गौरी गोपाल गोशाला वृंदावन, रवि और कृष्णा निवासीगण संत कॉलोनी, सोम आश्रम, वृंदावन, भूपेंद्र निवासी ग्राम नंदा गढ़ी थाना राया, प्रवीण निवासी दत्ता वास, थाना सादाबाद हाथरस और राजेश सिंह निवासी गांव मंगरौन थाना मंगरौन, दमोह मप्र, दोनों हाल निवासी संत कॉलोनी, सोम आश्रम के पास, वृंदावन को गिरफ्तार किया गया। थानाध्यक्ष जैंत सोनू कुमार ने मामले में कार्रवाई की गई है।  

8 जुलाई को वाराणसी से CM योगी करेंगे मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का करेंगे शुभारंभ  – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी घोषणा, देशभर में मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा – 7.89 लाख से अधिक बेसिक शिक्षा विभाग के लाभार्थियों ने कराया पंजीकरण, 3 जुलाई से माध्यमिक शिक्षकों के लिए भी पोर्टल शुरू – डिजिटल पोर्टल के जरिए होगा पंजीकरण, सत्यापन और ई-केवाईसी, शिक्षकों और उनके परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुरूप कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा की थी।  बेसिक विभाग के 7 लाख से अधिक लाभार्थियों ने पोर्टल पर दर्ज कराई डिटेल्स साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए डिजिटल व्यवस्था को अपनाया गया है। इसके लिए विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों का विवरण संकलित करने के लिए ऑनलाइन डेटा संग्रह पोर्टल विकसित किया गया। पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों का पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन डिजिटल प्रक्रिया के जरिये किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग के लिए विकसित पोर्टल पर अब तक 7,89,032 लाभार्थी अपना विवरण दर्ज करा चुके हैं। लाभार्थियों द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) द्वारा किया जाएगा। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अंतिम अनुमोदन प्रदान करेंगे। बीएसए स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के बेनिफिशरी एडेंटिफिकेशन सिस्टम (बीआईएस) पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। इसके पश्चात लाभार्थी आधार आधारित ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर अपना डिजिटल कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 3 जुलाई से पोर्टल शुरू माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों के लिए भी डेटा संग्रह पोर्टल 3 जुलाई से संचालित कर दिया गया है। पोर्टल पर शिक्षक अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। उनके आवेदन का सत्यापन संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अंतिम अनुमोदन देंगे। अनुमोदन के बाद लाभार्थियों का डेटा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाएगा। आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी होने के बाद शिक्षक अपना कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे और कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। साचीज सीईओ ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना के तहत लाभार्थियों को वही सभी सुविधाएं और उपचार संबंधी लाभ प्राप्त होंगे, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उपलब्ध हैं। इसके साथ ही वे देशभर में आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान शिक्षकों और उनके परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी। उच्च शिक्षा विभाग के लिए भी जल्द संचालित होगा पोर्टल योगी सरकार ने योजना का दायरा और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में भी तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों एवं कार्मिकों के लिए भी शीघ्र ही अलग डेटा संग्रह पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी भी अपना विवरण ऑनलाइन दर्ज कर योजना से जुड़ सकेंगे और स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

यूपी में EV चार्जिंग को मिलेगा बढ़ावा, सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू

प्रदेश में ईवी चार्जिंग को बढ़ावा देने के लिए सोलर आवर्स में 20% टैरिफ छूट लागू योगी सरकार सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक देगी छूट     यूपी बना पावर सेक्टर का मॉडल स्टेट, सस्ती बिजली और रिकॉर्ड आपूर्ति से नई पहचान 32,673 मेगावाट बिजली मांग पूरी कर उत्तर प्रदेश ने बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड पुराने तापीय संयंत्रों की दक्षता 65% से बढ़कर 85% पहुंची, उत्पादन में बड़ा सुधार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने बिजली उत्पादन, आपूर्ति और उपभोक्ता राहत के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश में बिजली दरें देश की सबसे न्यूनतम दरों में हैं, जबकि बिजली आपूर्ति देश की सर्वाधिक एवं सबसे बेहतर श्रेणी में है। इसके साथ ही योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) को बढ़ावा देने और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने और दिन के समय उपलब्ध सस्ती सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रातः 9 बजे से सायं 4 बजे तक निर्धारित सोलर आवर्स में 20 प्रतिशत टैरिफ छूट की व्यवस्था लागू की है।  ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि इससे न केवल ईवी चार्जिंग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहन मिलेगा जोकि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।   योगी सरकार का लक्ष्य प्रत्येक उपभोक्ता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। लगातार सातवें वर्ष भी प्रदेश में बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए देय टैरिफ को यथावत रखा गया है। यह निर्णय सरकार की जनकल्याणकारी सोच तथा गरीबों, किसानों, घरेलू एवं अन्य उपभोक्ताओं के हितों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। वहीं उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को सफलतापूर्वक पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया है। पूर्ववर्ती सरकारों के समय तापीय विद्युत उत्पादन मात्र 5,180 मेगावाट तक सीमित था, जबकि आज प्रदेश सौर ऊर्जा से ही इससे अधिक उत्पादन कर रहा है। लगभग 4,000 मेगावाट क्षमता सोलर पार्कों से तथा लगभग 2,500 मेगावाट क्षमता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से विकसित की जा रही है। इसके साथ ही मिर्जापुर एवं मेजा सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापीय विद्युत परियोजनाओं पर कार्य तेजी से चल रहा है। साथ ही पुराने तापीय विद्युत संयंत्रों की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। पहले जहां ये संयंत्र लगभग 65 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर पर संचालित होते थे, वहीं अब उनकी कार्यक्षमता बढ़कर लगभग 85 प्रतिशत तक पहुंच गई है।  ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ये उपलब्धियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व का परिणाम हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में और भी तेजी से आगे बढ़ेगा तथा देश के लिए आदर्श मॉडल के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।

कैंसर और आपात चिकित्सा सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, मुख्यमंत्री ने तैयार कराया व्यापक रोडमैप

प्रदेश में विकसित होगा एकीकृत ट्रॉमा नेटवर्क, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश कैंसर और आपात चिकित्सा सेवाओं को मिलेगा नया स्वरूप, मुख्यमंत्री ने तैयार कराया व्यापक रोडमैप स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े विस्तार की तैयारी, हर जिले में कैंसर केयर और सुदृढ़ होगा ट्रॉमा नेटवर्क कैंसर से ट्रॉमा केयर तक स्वास्थ्य व्यवस्था के व्यापक कायाकल्प की तैयारी, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश 'गोल्डन ऑवर' में मिलेगा बेहतर इलाज, मुख्यमंत्री ने तय की कार्ययोजना हॉस्पिटल की रीढ़ हैं इमरजेंसी सेवाएं, इसके निरंतर बेहतरी पर सीएम का रहा जोर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रत्येक जिले तक कैंसर उपचार सुविधाएं विकसित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं व अन्य आपात स्थितियों में 'गोल्डन ऑवर' के भीतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशव्यापी एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को त्वरित उपचार, समय पर जांच, आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ मानव संसाधन तथा सुदृढ़ रेफरल प्रणाली पर आधारित बनाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को उसके निकट ही गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा विभिन्न विशेषज्ञों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर टास्क फोर्स तथा उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीईएन) द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दोनों प्रस्तावों का विस्तृत परीक्षण कर चरणबद्ध, समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल उपचार केंद्रित न रखकर रोकथाम, शीघ्र पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार, पुनर्वास, अनुसंधान तथा तकनीक आधारित समन्वित स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में चरणबद्ध रूप से कैंसर उपचार सुविधाओं का विकास किया जाए तथा प्रत्येक मंडल में आधुनिक कैंसर केन्द्र स्थापित किए जाएं। कैंसर की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, शीघ्र निदान तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। तंबाकू जनित कैंसर की रोकथाम के लिए प्रभावी जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक नियमित कैंसर स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। मरीजों की स्क्रीनिंग से लेकर उपचार और फॉलोअप तक की पूरी व्यवस्था डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ी जाए। मुख्यमंत्री ने ट्रॉमा एवं आपात चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दुर्घटना अथवा अन्य गंभीर आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में एकीकृत ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क विकसित किया जाए। मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, ट्रॉमा केंद्रों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल रेफरल प्रणाली विकसित कर एम्बुलेंस, चिकित्सकों, बेड उपलब्धता तथा उपचार सुविधाओं की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित की जाए। सड़क दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, राष्ट्रीय राजमार्गों तथा एक्सप्रेसवे पर त्वरित चिकित्सा सहायता की सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा पैरामेडिकल कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। मेडिकल शिक्षा संस्थानों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा दिया जाए। आधुनिक चिकित्सा के साथ पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, योग एवं आयुष आधारित समन्वित सेवाओं को भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि बड़ी जनसंख्या, जागरूकता के अभाव तथा अधिकांश मामलों का देर से पता चलने के कारण कैंसर गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। उपचार पर होने वाला अत्यधिक निजी व्यय तथा कैंसर उपचार संस्थानों का असमान वितरण भी बड़ी चुनौती है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए वर्ष 2026 से 2036 तक का 10 वर्षीय राज्य कैंसर रोडमैप तैयार किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रस्तावित कैंसर मिशन रोकथाम एवं स्क्रीनिंग, निदान एवं रेफरल, उपचार एवं आधारभूत संरचना, पैलिएटिव केयर एवं पुनर्वास, डिजिटल स्वास्थ्य एवं कैंसर रजिस्ट्री, क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण, ऑन्कोलॉजी अनुसंधान तथा समन्वित ऑन्कोलॉजी सेवाओं जैसे आठ प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा। बाल्यावस्था कैंसर के लिए भी सभी प्रमुख केन्द्रों पर समग्र उपचार सुविधा विकसित की जाएगी।  मुख्यमंत्री ने कैंसर की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व आयुष विभाग मिलकर अभियान चलाएं। उन्होंने जागरूकता, खानपान, शुद्ध पेयजल व सुचारू जीवन पद्धति पर विशेष बल दिया।  सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आपात स्थितियों में मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क (यूपीटीईएन) विकसित करने पर चर्चा के दौरान बताया गया कि इसके अंतर्गत प्रदेश में एकीकृत ट्रॉमा एवं आपात चिकित्सा इकाइयों का विकास किया जाएगा, जिनमें लेवल-1 एपेक्स केन्द्र, लेवल-2 क्षेत्रीय केन्द्र तथा लेवल-3 जिला एवं प्राथमिक प्रतिक्रिया इकाइयां शामिल होंगी। इस नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश की लगभग 95 प्रतिशत आबादी को 60 मिनट के भीतर विशेषज्ञ आपात चिकित्सा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाएं हॉस्पिटल की रीढ़ होती हैं। उन्होंने गोल्डन ऑवर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को और बेहतर कर घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाया जाए तो उसे समय पर इलाज मिल सकता है।

यूपी में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा, कोल इंडिया और यूपीआरवीयूएनएल के बीच हुआ बड़ा समझौता

यूपी में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लिए कोल इंडिया और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने किया समझौता  संयुक्त उपक्रम के तहत प्रदेशभर में सौर, पवन, फ्लोटिंग सोलर और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं का होगा विकास ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाने, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और सतत आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में रणनीतिक साझेदारी लखनऊ उत्तर प्रदेश में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (यूपीआरवीयूएनएल) ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए संयुक्त उपक्रम समझौते (Joint Venture Agreement) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता यूपीआरवीयूएनएल के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी तथा कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट) आशीष कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी के पीएसयू प्रमुख सुबोध दीक्षित और कोल इंडिया लिमिटेड व यूपीआरवीयूएनएल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह रणनीतिक साझेदारी स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार को तेज़ करने और प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड और प्रदेश की प्रमुख विद्युत उत्पादन कंपनी यूपीआरवीयूएनएल मिलकर विश्वस्तरीय नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना विकसित करेंगे, जो उत्तर प्रदेश की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं को टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और भविष्य उन्मुख समाधान उपलब्ध कराएगी। समझौते के तहत एक नई संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन किया जाएगा, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड की 51 प्रतिशत तथा यूपीआरवीयूएनएल की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। यह कंपनी ग्राउंड-माउंटेड सोलर, फ्लोटिंग सोलर, रूफटॉप सोलर, पवन ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं सहित पारस्परिक सहमति से तय अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विकास, वित्तपोषण, निर्माण, संचालन और रखरखाव का कार्य करेगी। यह साझेदारी कोल इंडिया लिमिटेड की वित्तीय क्षमता, परियोजना क्रियान्वयन दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा विशेषज्ञता को यूपीआरवीयूएनएल के विद्युत उत्पादन अनुभव एवं उत्तर प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं की गहरी समझ के साथ जोड़ती है। दोनों संस्थाएं मिलकर सौर, पवन, फ्लोटिंग सोलर और पंप्ड स्टोरेज जैसी उच्च गुणवत्ता वाली नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विकास करेंगी, जिससे राज्य में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता और कार्बन उत्सर्जन में कमी सुनिश्चित होगी।  यह संयुक्त उपक्रम उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित कर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा और सतत आर्थिक विकास को गति देगा। कोल इंडिया स्वच्छ ऊर्जा निवेश के माध्यम से एक एकीकृत ऊर्जा कंपनी के रूप में आगे बढ़ रही है, जबकि यूपीआरवीयूएनएल प्रदेश में विश्वसनीय एवं किफायती विद्युत आपूर्ति तथा हरित ऊर्जा अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस संयुक्त उपक्रम समझौते के अवसर पर यूपीआरवीयूएनएल, कोल इंडिया लिमिटेड तथा इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में यूपीआरवीयूएनएल के निदेशक (पी एंड सी) एस.के. दत्ता, निदेशक (वित्त) घनश्याम शर्मा, मुख्य अभियंता अनुराग वाजपेयी, अधीक्षण अभियंता संजय गुप्ता तथा अधिशासी अभियंता अभिषेक श्रीवास्तव उपस्थित रहे। वहीं, कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से अधिशासी निदेशक (नवीकरणीय ऊर्जा) तुषार कुमार, राज्य प्रमुख बिनोद कुमार एवं वरिष्ठ प्रबंधक जितेंद्र सिंह ने सहभागिता की। सभी अधिकारियों ने इस रणनीतिक साझेदारी को उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा निवेश, ऊर्जा सुरक्षा तथा सतत औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल बताया।

अवैध शराब कारोबारियों पर योगी सरकार ने की सख्त कार्रवाई, 1500 से अधिक लोग गिरफ्तार

योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, आबकारी विभाग को जून में मिला 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व अवैध शराब कारोबारियों पर योगी सरकार ने की सख्त कार्रवाई, 1500 से अधिक लोग गिरफ्तार जून 2026 तक 15,809 करोड़ रुपये का राजस्व, पिछले वर्ष से 11.11 प्रतिशत अधिक वसूली: मंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन और सख्त निगरानी व्यवस्था का असर लगातार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर माफियाओं पर शिकंजा कसा है। जून में 16.05 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त जून 2026 में विभाग ने 5,173.56 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जबकि पिछले वर्ष जून माह में यह आंकड़ा 4,458.23 करोड़ रुपये था। इस प्रकार जून माह में 16.05 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी नीतियां, तकनीकी निगरानी, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था का सकारात्मक असर राजस्व संग्रह में देखने को मिल रहा है। इससे प्रदेश के विकास कार्यों को भी मजबूती मिल रही है। अवैध शराब के खिलाफ व्यापक अभियान योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई जारी है। आबकारी विभाग ने जून 2026 तक प्रदेशभर में 2,65,870 छापेमारी अभियान चलाए। इस दौरान 29,267 अभियोग दर्ज किए गए और लगभग 9 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 4,641 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 804 आरोपियों को जेल भेजा गया। इसके अलावा अवैध शराब की तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 31 वाहनों को भी जब्त किया गया। राजस्व में 11.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज आबकारी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आबकारी विभाग को 71,278 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य दिया गया है। विभागीय अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहे हैं। जून 2026 तक विभाग ने 15,809.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 14,228.91 करोड़ रुपये की तुलना में 1,580.34 करोड़ रुपये अधिक है। इस प्रकार विभाग ने 11.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।  1500 से ज्यादा लोग गिरफ्तार  आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि जून माह में ही 87,646 छापे डाले गए। इस दौरान 9,764 अभियोग दर्ज किए गए और 2.56 लाख लीटर अवैध शराब बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान 1,513 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 283 को जेल भेजा गया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 7 वाहनों को जब्त किया गया।

सीएम योगी ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नवीन परिसर का लोकार्पण

यूपी की नौकरशाही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार नहीं: सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नवीन परिसर का लोकार्पण 464 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 22 एकड़ में तैयार अत्याधुनिक परिसर बनेगा भारत का अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप राजनीतिक नेतृत्व विजन देता है, इसे लागू करने की ताकत प्रशासन के पास: मुख्यमंत्री लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली। टीमवर्क व सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार सीएम ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अकादमी का निर्माण कराया गया है। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है। नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा स्वयं बहुत कुछ कहती है। शासन व आमजन के बीच प्रशासनिक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। यदि यह सेतु मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता की धारणा भी सकारात्मक बनेगी। वर्ष 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी। लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती। इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था। अब पहचान का संकट नहीं, टॉप-3 अर्थव्यवस्था में यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। सुरक्षा, सुशासन, क्राउड मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई इसे बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश लगातार छह वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भी यूपी नंबर-1 मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से अब देश में पहले स्थान पर है। यह हमारे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता का प्रमाण है। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक चर्चा हुई। 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और पूर्व अधिकारियों ने विभिन्न वर्गों के बीच जाकर संवाद किया। प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया। तकनीक ने खत्म किया भ्रष्टाचार, गरीब को मिला अधिकार मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। राशन वितरण में ई-पॉस मशीनें लागू होने से शिकायतें समाप्त हो गईं और गरीबों को उनका पूरा अधिकार मिलने लगा। पहले राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और जनता संतुष्ट है। गन्ना किसानों को पहले पर्ची, ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल पर ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है। इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। फोर लेन और सिक्स लेन सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। मेट्रो, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं और यह सब डबल इंजन सरकार की ताकत का परिणाम है। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

UPTET 2026: दूसरे दिन की परीक्षा भी AI निगरानी में शांतिपूर्ण संपन्न, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

तीन दिवसीय यूपीटीईटी-2026 के दूसरे दिन की परीक्षा भी एआई निगरानी में शुचितापूर्वक संपन्न 03 जुलाई को दो पालियों में 955 केंद्रों पर 7.51 लाख अभ्यर्थी शामिल, 11 फर्जी परीक्षार्थी व 01 मोबाइल के साथ अभ्यर्थी पकड़ा गया 04 जुलाई को अंतिम पाली की होगी परीक्षा, कुल 05 पालियों में 60 जनपदों में संपन्न हो रही परीक्षा लखनऊ  शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रथम पाली पूर्वाह्न 09:30 बजे से 12:00 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 02:30 बजे से 05:00 बजे तक प्राथमिक स्तर की परीक्षा प्रदेश के 60 जनपदों के 955 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि  परीक्षा के दौरान आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से उनकी, सदस्यगण, सचिव, परीक्षा नियंत्रक एवं उपसचिव की उपस्थिति में सभी परीक्षा केंद्रों की सघन निगरानी की गई। केंद्रों पर लगे ए.आई. कैमरों के माध्यम से परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर सतत दृष्टि रखी गई व यथाआवश्यक निर्देश भी दिए गए। प्रथम पाली में एआई आधारित सॉफ्टवेयर की मदद से संदिग्धों की जाँच के पश्चात प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 09 फर्जी परीक्षार्थी, जो दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे, तथा 01 अभ्यर्थी जो अपने जूते में मोबाइल छिपाकर परीक्षा कक्ष में उपस्थित हुआ था, पकड़ा गया। द्वितीय पाली में विभिन्न जनपदों में 02 फर्जी परीक्षार्थी दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इन सभी के विरुद्ध अग्रेतर विधिक कार्रवाई हेतु उन्हें स्थानीय पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सुचारु रूप से पारदर्शी, नकल विहीन, शुचितापूर्ण, निर्विघ्न एवं सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को दोनों पालियों में कुल 8,07,709 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 7,51,321 यानी 93.01% अभ्यर्थियों ने परीक्षा में प्रतिभाग किया। इनमें महिला परीक्षार्थियों की उपस्थिति 92.70% तथा पुरुष परीक्षार्थियों की उपस्थिति 93.36% रही। परीक्षा के सफल संचालन में संबंधित जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। डॉ. प्रशांत कुमार ने जानकारी दी कि उ.प्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की विज्ञापन संख्या 01/2026 शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) की तीन दिवसीय लिखित परीक्षा 02 व 03 जुलाई 2026 को दो-दो पाली तथा  04 जुलाई 2026 को एक पाली, इस प्रकार कुल 05 पालियों में प्रदेश के 60 जनपदों में 955 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न हो रही है।  इसी क्रम में  04 जुलाई को अंतिम पाली की परीक्षा भी इसी प्रकार एआई निगरानी, शुचिता व सुरक्षा के उच्च मानकों के साथ संपन्न कराई जाएगी। अभ्यर्थियों से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं को ही प्रामाणिक मानें।

सीएम योगी पहुंचे मेदांता अस्पताल, महंत नृत्य गोपाल दास का जाना हालचाल

सीएम योगी मेदांता अस्पताल पहुंचे, महंत नृत्य गोपाल दास का जाना हालचाल मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से ली महंत जी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी महंत नृत्य गोपाल दास के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मुख्यमंत्री ने की कामना राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा इलाज लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का हाल-चाल जानने के लिए मेदांता अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास के स्वास्थ्य की जानकारी चिकित्सकों से ली और उनके बेहतर उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने महंत जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की। महंत नृत्य गोपाल दास का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा की। मुख्यमंत्री ने लिखा कि मणिरामदास छावनी के पूज्य महंत एवं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास जी महाराज से आज लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल में भेंट कर उनका कुशल-क्षेम जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य के विषय में जानकारी ली। प्रभु राम की कृपा से उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो, यही प्रार्थना है।