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गो सेवा से समृद्धि: यूपी की डेयरी सेक्टर बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मिनी नंदिनी योजना से गांव-गांव में रोजगार, सालाना 10–12 लाख की आय तक पहुंच रहे युवा सीएम योगी ने बदली तस्वीर, साहिवाल एवं गिर गोवंशों के जरिए बड़े पैमाने पर पैदा हो रहा रोजगार योगी सरकार ने तैयार की उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लाभार्थियों की जुबानी, धरातल पर योजनाओं की सफलता की कहानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया है, उसने न केवल किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं। “मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” और “नंद बाबा दुग्ध मिशन” जैसी पहल ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम के माध्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले कभी पारंपरिक पशुपालन में आसान नहीं माना जाता था। योगी सरकार के सहयोग से देवेंद्र बने आत्मनिर्भर मथुरा जिले के गांव रदोई निवासी देवेन्द्र सिंह का चयन नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में हुआ। उन्होंने आठ साहिवाल एवं दो गिर गोवंश खरीदकर डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार ने उन्हें योजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया। वर्तमान में उनकी डेयरी से औसतन 100 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। देवेन्द्र का कहना है कि योगी सरकार के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है। स्वदेशी नस्लों ने बदली तस्वीर साहिवाल और गिर नस्ल की गायें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। योगी सरकार ने इन नस्लों को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को नई दिशा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय स्तर पर आधुनिक डेयरी इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनसे न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा है बल्कि पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। गांवों में रुक रहा पलायन, बढ़ रही आय प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया है। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि यह वृद्धि योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री के जमीनी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुकी है। आय बढ़ने से युवा गांवों से पलायन नहीं कर रहे हैं। अब गो सेवा से आर्थिक समृद्धि ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पहले पशुपालन सीमित आय का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यही क्षेत्र सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। बड़े पैमाने पर युवा डेयरी यूनिट स्थापित कर खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गांवों में गो सेवा अब आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है।

लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने

हर जरूरतमंद का बनवाएं आयुष्मान कार्ड: मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है सरकार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा और आश्वस्त किया कि सरकार इलाज कराने में भरपूर मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।  महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि वे परेशान न हों, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने अलग-अलग मामलों के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद निस्तारण होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह बुधवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उनसे आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा, साथ ही भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। अस्पताल का एस्टीमेट मिलते ही विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी जाएगी। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की हर पीड़ा का निवारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।   जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्यार किया और उन्हें आशीर्वाद के साथ चॉकलेट दी। इस दौरान उन्होंने एक महिला के साथ आए दो बच्चों से हंसी-ठिठोली भी की और उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन कर उभरती स्वदेशी क्षमताओं की की सराहना

मुख्यमंत्री ने रक्षा प्रदर्शनी का किया अवलोकन, उभरती स्वदेशी क्षमताओं को सराहा प्रदर्शनी में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित तकनीकों और उपकरणों ने दिखाई भारत की शक्ति भारतीय सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता का संगम रहा प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र प्रयागराज  नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए देश की उभरती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया, जिसमें सेना, उद्योग और स्टार्टअप्स की सहभागिता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।  प्रदर्शनी के दौरान मुख्यमंत्री ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, अत्याधुनिक हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए विकसित सैन्य उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों से तकनीकी विशेषताओं की जानकारी ली और उत्पादों की उपयोगिता पर चर्चा की। विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक विषम तापमान में पहने जाने वाले कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन आकर्षण का केंद्र रहे। सिम्पोजियम में प्रदर्शित तकनीकों में ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण और भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए विकसित एआई आधारित समाधान भी शामिल रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम में भी अपनी तैयारी मजबूत कर रहा है।  प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में एमएसएमई, स्टार्टअप्स और रक्षा कंपनियों की भागीदारी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती दी है। समापन अवसर पर समूह फोटो में सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य का युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और साझेदारी से तय होगा और प्रयागराज का यह मंच उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

पूर्वांचल-तराई में तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही, बारिश और तेज हवाएं राहत दे रही हैं। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वहीं 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल लू जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं। लखनऊ में दिनभर बदलता रहा मौसम राजधानी लखनऊ में बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। दिन में तेज धूप के बीच बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार को भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पूर्वांचल और तराई बेल्ट में येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 7 मई के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा आजमगढ़, मऊ, बलिया, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसमी गतिविधियों के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तेज आंधी और संभावित ओलावृष्टि का असर फसलों पर पड़ सकता है। 8 मई के बाद तेजी से बढ़ेगा तापमान वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 8 मई के बाद प्रदेश के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक इजाफा हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने और आसमान साफ होने के बाद गर्मी का असर बढ़ेगा। हालांकि अभी प्रदेश में लू चलने की संभावना नहीं जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलेगी।  

प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति

योगी सरकार में बदली शिक्षामित्रों की तस्वीर प्रदेश में प्रशिक्षण, डिजिटलाइजेशन और स्पष्ट जिम्मेदारी से बदली कार्य-संस्कृति शिक्षा सुधार और गुणवत्ता में शिक्षामित्र बने व्यवस्था की मजबूत कड़ी लखनऊ  योगी सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षामित्रों को तकनीकी और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाया। उन्हें सिर्फ 'सहयोगी' की भूमिका से बाहर निकाला और शिक्षा व्यवस्था का सक्षम एवं जिम्मेदार अंग बनाया। लगातार प्रशिक्षण, डिजिटल साधनों से जोड़ने और जिम्मेदारी तय करने के बाद जब शिक्षामित्रों ने खुद को इस नई भूमिका के अनुरूप साबित किया, तब सरकार ने उन्हें मानदेय बढ़ोतरी का लाभ देकर उनके योगदान को सम्मानित किया। सरकार ने सुधार को जमीन पर उतारते हुए शिक्षामित्रों की स्थिति और भूमिका दोनों को मजबूत किया है। सरकार ने सबसे पहले शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर ध्यान दिया। पहले जहां उन्हें ₹3,500 मानदेय मिलता था, उसे बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब 1 अप्रैल 2026 से यह ₹18,000 प्रतिमाह हो गया है। इससे शिक्षामित्रों के जीवन स्तर में सुधार आया है। यह बढ़ोतरी उनके वर्षों से किए जा रहे कार्य को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों ने दिखाया कि किसी वर्ग को सक्षम बनाकर सम्मान व आर्थिक संबल दिया जाए, तो वह व्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाता है। शिक्षामित्रों की बदली हुई भूमिका इसका स्पष्ट उदाहरण है। प्रशिक्षण और डिजिटल सशक्तिकरण से बढ़ी क्षमता सरकार ने केवल मानदेय बढ़ाने तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि शिक्षामित्रों को बेहतर शिक्षण के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्हें विषय आधारित प्रशिक्षण, बच्चों को समझकर पढ़ाने की तकनीक, बुनियादी साक्षरता और मूल्यांकन की विधियों से जोड़ा गया। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षामित्रों को DIKSHA प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जहां उन्हें ई-कंटेंट, स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन शिक्षण का प्रशिक्षण मिला। इससे वे तकनीक का उपयोग कर बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ाने में सक्षम हुए। जवाबदेही तय, भूमिका हुई स्पष्ट विद्यालयों में शिक्षामित्रों की भूमिका को स्पष्ट किया गया और उनकी नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू की गई। नामांकन अभियान और मिशन प्रेरणा जैसे कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिसका सकारात्मक असर स्कूलों में बच्चों के नामांकन और पढ़ाई के स्तर पर देखने को मिला है। शिक्षा सुधार के केंद्र में शिक्षामित्र योगी सरकार की सुनियोजित नीति से आज शिक्षामित्र केवल सहायक नहीं, बल्कि शिक्षा सुधार की प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उनकी तकनीकी समझ, प्रशिक्षण और जिम्मेदारी ने उन्हें शिक्षा व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी के रूप में स्थापित कर दिया है।

योगी सरकार की नई पहल: 34 सवालों के जवाब देकर बनाएं अपनी Census ID

लखनऊ उत्तर प्रदेश के निवासी गुरुवार से अपनी जनगणना खुद कर सकेंगे। जनगणना का पहला चरण शुरू होने से पहले गुरुवार से स्वगणना शुरू होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम आवास पर अपनी जानकारी पोर्टल पर भरने के साथ स्वगणना का शुभारंभ करेंगे। स्वगणना की यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से प्रगणक खुद जाकर आंकड़ों की तस्दीक करेंगे। इसके अलावा जिन्होंने स्वगणना की प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया होगा, उनका ब्योरा दर्ज करेंगे। 22 मई से शुरू होने वाला यह चरण 20 जून तक चलेगा, जिसमें मकानों की गणना प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे। जनगणना का दूसरा चरण अगले साल होगा। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल मोड में की जा रही है। निदेशक व मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक गुरुवार से शुरू होने वाली स्वगणना में लोग विशेष तौर पर तैयार किए गए पोर्टल, se.census.gov.in पर जाकर जानकारी दर्ज करवा सकेंगे। उन्हें 34 सवालों के जवाब देने होंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष स्वगणना आईडी (एसई आईडी) मिलेगी। जब प्रगणक उनके पास तक पहुंचेंगे तो वे उसकी तस्दीक करके आईडी जनगणना पोर्टल पर दर्ज करेंगे। एक रसोई – एक परिवार जनगणना के नियमों के मुताबिक एक साथ रहने वाले और एक रसोई में भोजन करने वालों को एक ही परिवार के तौर पर दर्ज किया जाएगा। परिवार की गिनती के लिए साझा रसोई को ही निर्णायक कारक माना जाएगा। वहीं, जनगणना की प्रक्रिया में मकान उसे माना जाएगा जिसमें आंगन, सड़क, सीढ़ी के इतर अलग से मुख्य प्रवेश द्वार होगा। स्वगणना के लिए अपनानी होगी ये प्रक्रिया -स्व-गणना पोर्टल se.census.gov.in खोलें -परिवार पंजीकरण करें (नाम व मोबाइल नंबर) -भाषा चुनें और ओटीपी सत्यापन करें -पता दर्ज करें और मानचित्र पर घर चिह्नित करें -जनगणना प्रश्नावली भरें और अंतिम सबमिट कर एसई आईडी प्राप्त करें -प्रगणक द्वारा एसई आईडी की प्रविष्टि व क्षेत्रीय सत्यापन इन 34 सवालों का देना होगा जवाब 1-मकान नंबर (स्थानीय या जनगणना नंबर)। 2-मकान की छत, दीवार और फर्श में इस्तेमाल की गई मुख्य सामग्री। 3-मकान का उपयोग (आवासीय, आवासीय-सह-अन्य, या गैर-आवासीय)। 4-मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य या जर्जर)। 5-परिवार नंबर। 6-परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या। 7-परिवार के मुखिया का नाम। 8-मुखिया का लिंग (पुरुष/महिला/थर्ड जेंडर)। 9-क्या मुखिया अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) से है? 10-मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना, किराये का या अन्य)। बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल 11-परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या। 12-परिवार में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या। 13-पीने के पानी का मुख्य स्रोत। 14-पानी के स्रोत की उपलब्धता (परिसर के भीतर, पास में या दूर)। 15-प्रकाश (बिजली) का मुख्य स्रोत। 16-शौचालय की उपलब्धता (प्रकार और उपयोग)। 17-गंदे पानी की निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था। 18-स्नान सुविधा की उपलब्धता। 19-रसोई घर की उपलब्धता और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन। 20-खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन। संपत्ति और संसाधनों से जुड़े सवाल 21-रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता। 22-टेलीविजन (TV) की उपलब्धता। 23-इंटरनेट सुविधा (हाँ/नहीं)। 24-लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता। 25-टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता। 26-साइकिल की उपलब्धता। 27-स्कूटर/मोटर साइकिल/मोपेड की उपलब्धता। 28-कार/जीप/वैन की उपलब्धता। 29-क्या परिवार के पास मुख्य रूप से खेती की जमीन है? 30-परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज। अन्य महत्वपूर्ण जानकारी 31-मोबाइल नंबर (संपर्क के लिए)। 32-क्या परिवार का कोई सदस्य शारीरिक/मानसिक रूप से अक्षम है? 33-परिवार के पास बैंक खाता/डाकघर खाता है या नहीं? 34-क्या परिवार किसी सरकारी आवास योजना का लाभ ले रहा है? ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को तबादला नीति से राहत नहीं राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी कर दी है, जिसमें जनगणना में लगे कर्मचारियों को इससे अलग नहीं रखा गया है। तबादला सत्र की आखिरी तारीख 31 मई रखी गई है, जबकि तमाम राज्य कर्मचारी भी 22 मई से जनगणना कार्य में लगाए गए हैं। ऐसे में अगर इनका तबादला होता है तौर तत्काल प्रभाव से इन्हें नई तैनाती स्थल में पदभार ग्रहण करने के लिए कहा जाता है तो जनगणना कार्य प्रभावित हो सकता है। जनगणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक चलना है। प्रशिक्षण कार्य में तेजी जनगणना के काम में प्रदेश भर से तकरीबन पांच लाख कर्मचारियों का इस्तेमाल होगा। इस संख्या में अतिरिक्त या रिजर्व में रखे गए कर्मचारी भी शामिल हैं। बड़े स्तर पर प्रशिक्षण हो चुका है। हालांकि अब भी प्रशिक्षण का काम पूरा नहीं हुआ है। स्वगणना प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब बचे हुए कर्मचारियों के प्रशिक्षण में तेजी लाई जा रही है। कर्मचारियों को संदेश भेजा जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

डॉक्टर के पास मिले छिपे रिकॉर्ड, बटला हाउस और शाहीन बाग का लिंक; आगरा धर्मांतरण रैकेट में खुलासा

 आगरा आगरा के कथित धर्मांतरण रैकेट की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं. आरोपियों से पूछताछ में बटला हाउस और शाहीन बाग तक जुड़े कनेक्शन के साथ फंडिंग नेटवर्क का सुराग मिला है, जबकि रिकॉर्ड एक डॉक्टर के यहां छिपाए जाने की बात भी सामने आई है. पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने इस मामले के चार आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए, जबकि रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग खारिज कर दी गई।  इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जाविश उर्फ जतिन और मौलाना हसन शामिल हैं. पुलिस ने रिमांड के दौरान इनसे पूछताछ की, जिसमें कई अहम खुलासे हुए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में फंडिंग और कथित ब्रेनवॉशिंग से जुड़े पहलुओं पर जानकारी मिली है।  पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि कुछ अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड दिल्ली के बटला हाउस इलाके में एक डॉक्टर के यहां छिपाए गए थे. इसके अलावा शाहीन बाग में लेन-देन से जुड़े दस्तावेज होने की बात भी सामने आई है. इन जानकारियों के आधार पर पुलिस अब संबंधित स्थानों और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।  इस मामले में मुख्य सरगना अब्दुल रहमान और आयशा समेत कुल 14 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं. पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क है, जो विभिन्न स्तरों पर काम कर रहा था. जांच एजेंसियां अब इस रैकेट की फंडिंग के सोर्स और उससे जुड़े लोगों की पहचान करने में लगी हैं. साथ ही, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।  पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं. वहीं, सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं। 

गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया सीएम योगी ने

विकास कार्यों का संरक्षण नागरिकों की भी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने टू-लेन ब्रिज का लोकार्पण किया सीएम योगी ने पहले लोग गोरखपुर का नाम सुनकर डरते थे, 2017 के बाद गोरखपुर में तैयार हुई विकास की विस्तृत श्रृंखला: सीएम योगी गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते देश, प्रदेश के साथ ही गोरखपुर भी तीव्र प्रगति कर रहा है। 2017 के बाद गोरखपुर में विकास की विस्तृत श्रृंखला तैयार हुई है। विकास से बढ़ी सुविधाओं का लाभ लंबे समय तक प्राप्त होता रहे, इसके लिए नागरिकों को भी विकास कार्यों के संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होगी। सीएम योगी मंगलवार दोपहर तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने टू-लेन ब्रिज के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने फीता काटकर तथा शिलापट्ट का अनावरण कर 14.33 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को जनता को समर्पित किया। ब्रिज का निरीक्षण करने के बाद मंचीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में विकास से आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 के पहले गोरखपुर की छवि असुरक्षा से जुड़ी थी। लोग माफिया व मच्छर से परेशान थे। गोरखपुर का नाम सुनकर डरते थे। कोई निवेश करने नहीं आता था। यहां नौजवान पहचान का मोहताज था, नौकरी के लिए भटकना पड़ता था, पहचान छिपानी पड़ती थी। पर, अब उसे भटकने या पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में 50 हजार से अधिक नौजवानों को अकेले गीडा में उद्योगों के माध्यम से नौकरी और रोजगार प्राप्त हुआ है। आज गोरखपुर को देखकर अचंभित व प्रफुल्लित होते हैं लोग मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जो भी गोरखपुर आता है, यहां के बदलाव को देखकर अचंभित और प्रफुल्लित होता है। गोरखपुर में चारों ओर फोर-लेन व सिक्स-लेन कनेक्टिविटी है। यहां एम्स बन गया है। खाद कारखाना और पिपराइच में चीनी मिल फिर चल पड़ी है। उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर, बेहतरीन पर्यटन स्थल रामगढ़ताल, कई होटल्स सहित अनेक सुविधाओं का विस्तार हुआ है। गोरखपुर का विकास सामुदायिकता के भाव से किए गए कार्य का परिणाम है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि कोई भी विकास कार्यों और सुविधाओं का नुकसान न करने पाए।  तारामंडल क्षेत्र बना समृद्धि का प्रतीक सीएम योगी ने कहा कि करीब बीस वर्ष पूर्व लोग तारामंडल क्षेत्र में रहने का साहस नहीं कर पाते थे। 1998 की बाढ़ के बाद यहां से लोग भाग रहे थे। यहां एकतरफ रामगढ़ताल की गंदगी थी तो दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव। पर, आज विकास के चलते सबसे महंगी जमीन इस क्षेत्र की है। वाटर बॉडी पर टू-लेन ब्रिज बनने से इस समूचे क्षेत्र में इंटरनल कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। समृद्धि के प्रतीक के रूप में इस क्षेत्र को सबसे पॉश कॉलोनी माना जा रहा है। इस क्षेत्र में रामगढ़ताल पर्यटन का शानदार केंद्र बना है, चिड़ियाघर इसी क्षेत्र में है। यहां कन्वेंशन सेंटर बन रहा है, तारामंडल का पुनरोद्धार हो रहा है, साइंस पार्क बनाया जा रहा है। साथ ही वाटर बॉडी का भी व्यवस्थित रूप से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। सीएम ने जीडीए के अफसरों से कहा कि वे वाटर बॉडी को रामगढ़ताल के समकक्ष जोड़ने का प्रयास करें। इस वाटर बॉडी में पानी बहता हुआ दिखाई देना चाहिए, जहां लोग नौकायन का भी आनंद उठा सकें। वाटर बॉडी के किनारे लोग परिवार सहित आ सकें, बच्चे खेल सकें। उन्होंने स्वच्छता और सुंदरता को लेकर मोहल्ला स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया।   सीएम योगी के नेतृत्व में नजीर पेश कर रहा गोरखपुर: रविकिशन कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में गोरखपुर नजीर पेश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर को विकसित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं दी हैं। सांसद रविकिशन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के लिए मुख्यमंत्री को बधाई दी। स्वागत संबोधन गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने किया।   कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  श्रमिकों के साथ फोटो खिंचवाई सीएम योगी ने तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने ब्रिज का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब इस ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर किनारे खड़े मजदूरों पर पड़ गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास बुलाया और श्रम शक्ति का सम्मान करते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाई। सीएम का सानिध्य पाकर श्रमिक बेहद प्रफुल्लित नजर आए। ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन पर प्यार-दुलार लुटाया।  ब्रिज से जुड़ गया दो हिस्सों में बंटा तारामंडल क्षेत्र तारामंडल क्षेत्र के वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय के मध्य स्थित वाटर बॉडी के ऊपर टू-लेन ब्रिज बन जाने से दो हिस्सों में बंटा तारामंडल क्षेत्र आपस में जुड़ गया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने 112 मीटर लंबे इस ब्रिज पर दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया है। इस पुल के बनने से पहले तक अमरावती निकुंज, वसुंधरा फेज 1, 2 व 3, सिद्धार्थ एंक्लेव, सिद्धार्थ एंक्लेव विस्तार, सिद्धार्थपुरम, सिद्धार्थपुरम विस्तार, सिद्धार्थ विहार, गौतम विहार, बुद्ध विहार, बुद्ध विहार कमर्शियल, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, लेक व्यू, वैशाली, विवेकपुरम, जैमिनी गार्डेनिया तथा आसपास के विस्तृत आवासीय क्षेत्रों के निवासियों को नौका विहार होते हुए दिग्विजयनाथ पार्क, सर्किट हाउस होकर कॉरपोरेट पार्क के सामने से पैडलेगंज और अन्य प्रमुख स्थलों तक पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत अधिक लंबा मार्ग तय करना पड़ता था। अब इस टू-लेन ब्रिज के जरिये उनका मार्ग छोटा हो गया है। इस ब्रिज के क्रियाशील हो जाने से नया सवेरा पर अक्सर लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी।

सपा ने I-PAC से किया अलगाव, ममता-स्टालिन की हार के बाद चुनाव प्रबंधन खुद करेगी पार्टी

  लखनऊ समाजवादी पार्टी ने बंगाल में ममता बनर्जी और तमिलनाडु में एमके स्टालिन की चुनावी हार के बाद चुनाव प्रबंधन कंपनी आई-पैक (I-PAC) से अपना रिश्ता खत्म करने का फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि अब पार्टी खुद चुनाव प्रबंधन  करेगी।  आधिकारिक तौर पर हालांकि, समाजवादी पार्टी की तरफ से I-PAC आईपैक से ना तो रिश्ता जोड़ने का कोई बयान आया था. ना ही अब जबकि 2027 चुनाव के लिए आईपैक से संबंध टूटे हैं तो इसका कोई आधिकारिक बयान पार्टी की तरफ से अभी तक आया है, लेकिन पार्टी के सूत्र ये बता रहे हैं कि चुनाव प्रबंधन करने वाली सबसे चर्चित कंपनी I-PAC से अब समाजवादी पार्टी का कोई संबंध नहीं है, या यूं भी कहें कि बंगाल और तमिलनाडु में ममता बनर्जी और स्टालिन का हश्र देखने के बाद अब अखिलेश यादव ने आईपैक से दूरी बनाना ही बेहतर समझा है।  पार्टी के इंसाइडर्स यह बता रहे हैं कि आईपैक पर पड़े लगातार छापे और अब दो राज्यों में चुनावी हार, जहां आईपैक इस चुनाव को मैनेज कर रही थी उसके बाद पार्टी के थिंक टैंक ने इस संस्था से दूरी बनाना ही बेहतर समझा है और I-PAC को ये बात भी दिया गया है कि की चुनाव में साथ नहीं चल सकते।  बता दें कि जिस दिन कोलकाता में आईपैक ऑफिस में छापे पड़ रहे थे और ममता बनर्जी आईपैके के दफ्तर पहुंच गई थी, उसे दिन समाजवादी पार्टी ऑफिस आईपैक अपना प्रेजेंटेशन दे रही थी।  आईपैक के साथ जाने का सब कुछ तय हो चुका था, लेकिन प्रेजेंटेशन के दिन ही पड़े छापे ने अखिलेश यादव का जायका खराब कर दिया था और तभी यह पार्टी सोचने लगी थी क्या आईपैड को साथ लेना कहीं भारी तो नहीं पड़ जाएगा. अब ममता बनर्जी और स्टालिन की हार के बाद इस पर मोहर लग गई है, लेकिन शायद ही ऐसा हो कि सपा इसे आधिकारिक तौर पर स्वीकार करें। 

पश्चिम बंगाल के नतीजों पर बोले मुख्यमंत्री, गुंडों को प्रश्रय और सनातन का अपमान करने वालों का यही हश्र होगा

जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय: सीएम योगी पश्चिम बंगाल के नतीजों पर बोले मुख्यमंत्री, गुंडों को प्रश्रय और सनातन का अपमान करने वालों का यही हश्र होगा गोरखपुर में कल्याण मंडपम सहित 612.32 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल बनेगा ‘सोनार बांग्ला’: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए वहां की जनता का अभिनंदन करते हुए इसे जन उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों के लिए बड़ा सबक बताया है। उन्होंने कहा कि जो भी जनता की उपेक्षा करेगा, विकास के पैसे पर डकैती डालेगा, गुंडों को प्रश्रय देगा और सनातन का अपमान करेगा, उसका सूपड़ा साफ होना तय है। पश्चिम बंगाल की जनता ने ऐसा करके दिखा भी दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ बनेगा।  सीएम योगी मंगलवार दोपहर बाद जंगल बेनी माधव में नवनिर्मित कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) का उद्घाटन तथा गोरखपुर के विकास से जुड़ी 612.32 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा परिणाम लाती है। अच्छी सरकार न होने पर परिणाम पश्चिम बंगाल जैसा होता है। यूपी व गोरखपुर में वर्ष 2017 के बाद से जारी विकास व जनकल्याण कार्यों का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि जब नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कुछ करने का दृढ़ संकल्प हो तो सार्थक परिणाम भी आते हैं। आज यही परिणाम गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश में दिख रहे हैं। कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक था बंद खाद कारखाना सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का बंद खाद कारखाना कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक बना हुआ था। आज यह खाद कारखाना शानदार तरीके से चल रहा है। नकहा से फर्टिलाइजर फैक्टरी व स्पोर्ट्स कॉलेज जाने के लिए ओवरब्रिज बन गया है। बरगदवा से नकहा होते हुए मोहद्दीपुर तक फोर-लेन सड़क बन गई है। महेश्वर में मुख्य मार्ग फोर-लेन होने से अब जाम नहीं लगता। महेसरा से लखनऊ जाने के लिए जल्द ही माधोपुर, हाबर्ट बंधा होते हुए राजघाट तक के लिए फोर-लेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। तब महेसरा से राजघाट जाने में महज पांच मिनट लगेंगे, फोर-लेन बनने से तटबंध भी सुदृढ़ होगा। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 8-9 घंटे लगते थे, आज यह दूरी तीन-साढ़े तीन घंटे में पूरी हो जाती है। वाराणसी जाने में लगने वाला समय भी घटकर ढाई घंटे हो गया है। जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक बन रहे फोर-लेन बाईपास से महेसरा होकर कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगेगा।  तेज विकास से ही आएगी समृद्धि सीएम योगी ने कहा कि गति जितनी तेज होगी, विकास भी उतना ही तेज होगा। विकास जितना तेज होगा, उतनी ही तेजी से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की समृद्धि होगी। इसी समृद्धि के लिए गोरखपुर का विस्तार किया जा रहा है और जंगल कौड़िया, जगदीशपुर बाईपास रोड इस विस्तार का आधार बनेगी। एम्स, बीआरडी की सुदृढ़ता, आयुष विश्वविद्यालय और अनेक नई सुविधाओं के विकास से लोगों को राहत मिली है। युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कारोबार में वृद्धि हो रही है। जब नए निवेश आएंगे तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि व मजबूत सड़कों से मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने गोरखपुर की छवि को बदला। पहले गोरखपुर की पहचान मच्छर व माफिया से थी। अब माफिया और मच्छर, दोनों गायब हैं। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि और मजबूत सड़कों से है। अब यहां का नौजवान पहचान का मोहताज नहीं, बल्कि सीना तानकर बताता है कि वह गोरखपुर का है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट थी, जो माफिया पालते थे, अराजकता फैलाते थे, उन्होंने प्रदेश की पहचान को शक के दायरे में ला दिया था। उनकी सरकार ने सुरक्षा का माहौल और समृद्धि देकर राज्य को नई मजबूत पहचान दिलाई है।  कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी बताई सीएम ने मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी भी बताई। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम अल्प व मध्यम आयवर्ग के लोगों के सार्वजनिक कार्यक्रमों को भव्य व यादगार बनाने का माध्यम बनेगा। शहर में कुल 9 कल्याण मंडपम या तो बन गए हैं या निर्माणाधीन हैं। इसे बनाने के लिए उन्होंने अपनी विधायक निधि से राशि दी है। आज जिस एकीकृत मंडलीय कार्यालय का शिलान्यास हुआ है, वहां सभी अधिकारी एक ही छत के नीचे जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। हर तबके की आवासीय सुविधा के लिए कुश्मी एंक्लेव का शिलान्यास हुआ है। इन सभी परियोजनाओं से लोगों का जीवन आसान होगा।  बिना भेदभाव विकास व कल्याण ही पीएम-सीएम का लक्ष्य: रविकिशन समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि बिना भेदभाव सबको विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही पीएम मोदी व सीएम योगी का लक्ष्य है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि विकास और जन कल्याण ही सीएम योगी का ध्येय है। उनके नेतृत्व में गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इस अवसर पर एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी, स्थानीय पार्षद संतोष चौहान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण कर इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कल्याण मंडपम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने जीडीए की इन प्रमुख परियोजनाओं का किया शिलान्यास -एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण, लागत 269.63 करोड़ रुपये। -लच्छीपुर में कुश्मी एवेन्यू अपार्टमेंट का निर्माण, 172.86 करोड़ … Read more