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नशे के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, लगातार तेज हुई कार्रवाई

लखनऊ  योगी सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर उत्तर प्रदेश में लगातार दिखाई दे रहा है। यूपी पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा है। मादक पदार्थों के तस्करों के विरुद्ध निरुद्धीकरण की कार्रवाई में तेजी आई है। वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक प्रदेश में 71 तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ना और नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करना भी है। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है। अवैध संपत्ति जब्ती में भी बड़ी कार्रवाई नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को जब्त कर तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर भी जोर दिया गया। वर्ष 2025 में 29 मामलों में करीब 19 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई। वहीं वर्ष 2026 में 23 सितंबर तक 69 मामलों में करीब 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की गई।  लगातार कार्रवाई से दिखा योगी सरकार का सख्त रुख योगी सरकार में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2024 में प्रदेश में सात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई, जिसमें एएनटीएफ की पांच कार्रवाई शामिल थीं। वर्ष 2025 में प्रदेश में 19 और वर्ष 2026 में 71 तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण की कार्रवाई की गई। इनमें वर्ष 2026 में एएनटीएफ ने 33 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रदेश में अवैध संपत्ति जब्ती के मामले में भी कार्रवाई लगातार बढ़ी है। वर्ष 2024 में एएनटीएफ ने चार मामलों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की। वर्ष 2025 में 28 मामलों में करीब 17 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 40 मामलों में करीब 13 करोड़ रुपये की कार्रवाई एएनटीएफ ने की। पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के आंकड़ों में वर्ष 2026 में कुल जब्ती करीब 78.5 करोड़ रुपये हुई। कुख्यात तस्करों के नेटवर्क पर सीधा प्रहार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे कुख्यात मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरुद्धीकरण (गिरफ्तारी) की कार्रवाई की गई है। नशे के कारोबार की जड़ पर वार डीजीपी ने कहा कि हमारी कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और जांच व सुनवाई के बाद स्थायी रूप से जब्त किया जा रहा है। इसके जरिए तस्करों को आर्थिक रूप से कमजोर भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलडीए की 10,680 एकड़ में वरुण विहार व नैमिष नगर योजनाओं का किया भूमिपूजन

लखनऊ राजधानी में घर का सपना संजोने वालों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बड़ा उपहार दिया। मुख्यमंत्री ने आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार व नैमिष नगर योजनाओं का भूमिपूजन किया। इस दौरान सीएम योगी ने 4520 भूखंडों के लिए पंजीकरण का शुभारंभ और 2166 करोड़ से प्रस्तावित पांच मल्टीस्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स (लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वॉयर, अनंत नगर योजना स्थित अदिति अपार्टमेंट व शारदा नगर विस्तार स्थित वागेश्वरी अपार्टमेंट) का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की तरह लखनऊ में अब कट्टा-बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है।  वरुण विहार व नैमिष नगर योजनाओं में 10 लाख से अधिक लोगों को मिलेगी आवासीय सुविधा सीएम ने कहा कि किसी भी शहर के पश्चिम के दिग्पाल वरुण देवता होते हैं। वरुण विहार में 6500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में छह लाख लोगों तथा 4100 एकड़ में नैमिष योजना के तहत 4 लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिलेगी। सीएम ने नैमिषारण्य की महत्ता भी बताई, कहा कि आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए लखनऊ व सीतापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में नैमिष नगर के रूप में एलडीए नई योजना लेकर आया है।  सभी के लिए लाभकारी होगी दोनों योजनाएं सीएम ने कहा कि ये दोनों योजनाएं आने वाले समय में लखनऊ के विस्तार, संभावनाओं और सुरक्षित आवास की दृष्टि से लाई गई हैं। अध्ययनरत छात्रों, हेल्थकेयर में संभावनाओं को बढ़ाने वाले युवाओं, रोजगार की दृष्टि से राजधानी आने वालों और लखनऊ को भविष्य मानकर यहां जीवन व्यतीत करने का विचार रखने वाले नागरिकों के लिए ये दोनों आवासीय योजनाएं अत्यंत लाभकारी होंगी। वरुण विहार से मिलेगी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी  सीएम ने कहा कि लखनऊ व सीतापुर में अब दूरी नहीं होगी। यहां फोरलेन कनेक्टिविटी भी होगी। वरुण विहार के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार में एलडीए व किसानों के बीच कोई मध्यस्थ नहीं रहेगा। योजनाओं में जिन भी किसानों को जमीन आएगी, उन्हें सीधे मुआवजा मिलेगा। विकास की नई बुलंदियां छू रहा अटलजी के सपनों का लखनऊ मुख्यमंत्री ने कहा कि अटलजी के सपनों का लखनऊ विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, एयरपोर्ट, मेट्रो का विस्तार हो रहा है। पिछली सरकार की तरह यहां अब कट्टा और बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। जब हमारे जवान इसका इस्तेमाल करते हैं तो दुश्मन थर्रा उठता है। लखनऊ विकास की नई बुलंदियों को छुए, इसके लिए नई योजनाएं लाई जा रही हैं।  अनियोजित कार्य का परिणाम भी गलत सीएम ने कहा कि पिछले साल हमारी सरकार ने 785 एकड़ में अनंत नगर आवासीय परियोजना को आगे बढ़ाया और इस वर्ष 10 हजार एकड़ में वरुण विहार व नैमिष नगर के नाम से दो बड़ी आवासीय योजनाएं आकार ले रही हैं। पहले लोग जहां-तहां जमीन खरीदते थे। वहां सड़क, बिजली, पानी आदि व्यवस्था नहीं होती थी और जलजमाव के कारण नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ता था। जमीन के मालिक ने यदि किसी दबंग या गुंडे को जमीन बेच दी, तो भी समस्या होती थी। अनियोजित कार्य का परिणाम भी गलत होता है। बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास आवश्यक मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण की सराहना करते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के लिए नियोजित शहरी विकास अत्यंत आवश्यक है। अब लखनऊ एजुकेशन, हेल्थकेयर, विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, मॉडर्न टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में स्थापित हुआ है। चौतरफा कनेक्टिविटी, टाटा ऑटोमोबाइल व अशोका लीलैंड के ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लखनऊ को नई पहचान दिला रहे हैं। लखनऊ से आगरा, पूर्वी उप्र समेत चारों ओर की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर तथा एआई सिटी के विकास का कार्य लखनऊ को नई पहचान दिला रहा है।  एससीआर से आसपास के जनपदों का भी विकास सीएम ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में लखनऊ के साथ ही उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली के क्षेत्रीय विकास का भी प्लान बन रहा है। इन सभी जनपदों में पब्लिक मोबिलिटी, विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन व कनेक्टिविटी आदि की बेहतरी का व्यवस्थित कार्य चल रहा है।  हर तबके का जीवन सहज-सरल बना रहे मोदी जी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार ध्यान देते हैं कि हर तबके के लिए आवासीय सुविधा हो, उनका जीवन सहज व सरल हो। 12 वर्ष में 4 करोड़ गरीबों को मिला प्रधानमंत्री आवास इसका उदाहरण है। यहां की योजनाओं में भी हर आय वर्ग के लिए आवासीय सुविधाएं (पीएम आवास, अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रुप हाउसिंग, प्लॉट आदि) दी जा रही हैं। किसानों के खाते में गया मुआवजा सीएम ने कहा कि जमीन देने वाले हर किसान को मुआवजा राशि खाते में भेजी गई। मुनिश्वर सिंह को 3.13 करोड़, रमदेई को 2.05 करोड़, कमलेश कुमार 2.80 करोड़, सुषमा सिंह को 2.90 करोड़, ओमप्रकाश अवस्थी को 1.96 करोड़ का मुआवजा मिला। इन सभी किसानों ने इस पैसे से दूसरी जगह जमीनें खरीद लीं और अपने भविष्य को भी संजो लिया। अवस्थी जी ने 16 बीघा जमीन खरीद ली और शेष पैसा बैंक में एफडी कर दिया है। नमरा फातिमा ने मुआवजे से जमीन खरीदी और अपनी मेडिकल की पढ़ाई के लिए भी धन सुरक्षित कर लिया। मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि जब पैसा मिले तो बोलेरो खरीदने के बजाय उसका सदुपयोग उद्योग या जमीन खऱीदने में कीजिए। इससे पैसा बढ़ेगा। नए उत्तर प्रदेश का नेतृत्व कर रहा लखनऊ  मुख्यमंत्री ने लखनऊ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की विरासत के प्रतीक प्रभु श्रीराम के अनुज की स्मृतियों को संजोए लखनऊ नए भारत के नए उत्तर प्रदेश को नेतृत्व प्रदान कर रहा है। लखनऊ ने 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर में ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। 1925 में काकोरी ट्रेन एक्शन की घटना को अंजाम देकर लखनऊ ने ब्रिटिश हुकूमत के सामने चुनौती खड़ी की थी। पं. रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, सचिंद्र नाथ बख्शी, सचिंद्र नाथ सान्याल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे युवा … Read more

योगी सरकार की पहल से ग्रामीण महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को मिल रहा अंतरराष्ट्रीय बाजार

आगरा ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 में इस बार ब्रज क्षेत्र की महिलाओं के हुनर का डंका विश्व स्तर पर बजेगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के विजन को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीण अंचल की महिलाओं को आत्मनिर्भरता की नई उड़ान दे रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ब्रज क्षेत्र में गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की 'दीदियां' इस ट्रेड शो में हिस्सा लेंगी। यहां उनके द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों का शानदार प्रदर्शन और विपणन किया जाएगा, जिससे उनके व्यवसाय को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सकेगा। ब्रज के शानदार उत्पादों की होगी प्रदर्शनी यूपीआईटीएस में आगरा मंडल से स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की व्यापक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मेले में आने वाले देशी- विदेशी खरीदार और निवेशक फिरोजाबाद जनपद की महिलाओं द्वारा बनाए गए कांच के मनमोहक सजावटी उत्पाद देख सकेंगे। इसके साथ ही मथुरा जनपद की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के खूबसूरत बर्तन, तुलसी गमला और फ्लावर पॉट भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। वहीं मैनपुरी जनपद के समूहों द्वारा निर्मित आकर्षक आर्टिफिशियल ज्वेलरी, टेडीबियर और जूट बैग आदि उत्पादों का स्टॉल भी लगेगा, जहां से इनकी बिक्री कर ग्रामीण महिलाएं सीधे मुनाफा कमा सकेंगी। आजीविका मिशन की योजनाओं का होगा प्रचार- प्रसार इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में केवल उत्पादों की बिक्री ही नहीं होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जाएगी। ट्रेड शो के माध्यम से समूह गठन की प्रक्रिया, टेक होम राशन, बीसी सखी और विद्युत सखी जैसी महिला सशक्तिकरण की योजनाओं के बारे में आगंतुकों को जागरूक किया जाएगा। इस आयोजन में आगरा जनपद से खेरागढ़ तहसील के सैंया ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत ब्रिथला की बीसी सखी ममता भी पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग कर रही हैं, जो ग्रामीण बैंकिंग में महिलाओं की सशक्त भूमिका को प्रदर्शित करेंगी। ग्लोबल मंच मिलने से उत्साहित हैं ब्रज की 'दीदियां' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे इस अवसर को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। मैनपुरी के लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की रीना ने कहा कि हम गांव में बैठकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी, टेडीबियर और जूट बैग बनाते हैं। योगी सरकार की बदौलत आज हमारे हाथ का काम इतने बड़े इंटरनेशनल मंच पर पहुंच रहा है, यह हम ग्रामीण महिलाओं के लिए बहुत गर्व की बात है। वहीं फिरोजाबाद के एकता स्वयं सहायता समूह की शान्ति देवी ने बताया कि हमने अपने हाथों से कांच के जो सजावटी उत्पाद बनाए हैं, उन्हें ग्लोबल पहचान मिलेगी। हमारी मेहनत देश- विदेश के लोग देखेंगे, जिससे हमारी आमदनी तो बढ़ेगी ही, समूह की अन्य महिलाओं का हौसला भी कई गुना बढ़ जाएगा। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की सरकार की बड़ी पहल इस पूरे आयोजन को लेकर आगरा के उपायुक्त (स्वत: रोजगार) प्रेम चंद ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर यूपीआईटीएस महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने का एक बहुत ही सशक्त माध्यम बन रहा है। ब्रज की दीदियों के उत्पादों को ग्लोबल मार्केट मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और इन ग्रामीण महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह ट्रेड शो उनके लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

वरुण विहार और नैमिष नगर योजना के किसानों ने सराहा मुआवजा प्रक्रिया को, बोले- पारदर्शिता से मिली धनराशि

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान योजना के लिए भूमि देने वाले किसानों और लाभार्थी परिवारों ने योगी सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना की। किसानों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें उनकी भूमि का मुआवजा पारदर्शी तरीके से मिला और प्राप्त धनराशि से उन्होंने दूसरी जगह जमीन खरीदने, मकान बनाने तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेश किया है।  रामदेई ने सीएम योगी का जताया आभार ग्राम दोना के मुलेश्वर सिंह ने बताया कि वरुण विहार योजना के अंतर्गत उनकी जमीन ली गई है, जिसे उन्होंने अपनी सर्वसम्मति से दिया है। मुआवजे के रूप में मिली राशि से उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर जमीन खरीदी है। ग्राम रेवरी की रामदेई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनकी जमीन योजना में गई और उन्हें अच्छा मुआवजा मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सरकार के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। एक हेक्टेयर जमीन के बदले कमलेश को मिले 2.80 करोड़ रुपये ग्राम दोना के किसान कमलेश कुमार ने बताया कि उन्होंने वरुण विहार योजना के अंतर्गत अपनी एक हेक्टेयर जमीन सहमति से एलडीए को दी है। इसके बदले 2 करोड़ 80 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। उन्होंने बताया कि इस धनराशि से उन्होंने उन्नाव जिले में जमीन खरीदी और अपना मकान बनवाया। कमलेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस योजना से उनके क्षेत्र और गांव का भी विकास हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसके लिए धन्यवाद दिया। नैमिष नगर के किसानों ने भी मुआवजा प्रक्रिया को बताया पारदर्शी बख्शी का तालाब निवासी सुषमा सिंह ने बताया कि कमलाबाद स्थित उनकी जमीन नैमिष नगर योजना के अंतर्गत एलडीए को दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें 2 करोड़ 90 लाख रुपये का मुआवजा पारदर्शिता के साथ प्राप्त हुआ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।  नमरा फातिमा को बिना कठिनाई के मिला मुआवजा नमरा फातिमा ने हाल ही में 12वीं कक्षा पास की है और नीट की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नैमिष नगर में ग्राम सैदापुर स्थित उनकी जमीन एलडीए को दी गई। उन्हें 70 लाख 58 हजार रुपये एकमुश्त डीडी के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। नमरा फातिमा ने बताया कि बिना किसी कठिनाई के मिली इस राशि से उन्होंने जमीन खरीदी है और भविष्य में यह धनराशि उनकी मेडिकल की पढ़ाई में काम आएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से क्षेत्र में रोजगार और आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।  ओम प्रकाश अवस्थी ने मुआवजे से खरीदी 16 बीघे जमीन बक्शी का तालाब के ओम प्रकाश अवस्थी ने नैमिष नगर योजना के तहत अपनी करीब डेढ़ बीघे से अधिक जमीन दी है, जिसके बदले उन्हें 1 करोड़ 96 लाख रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया में उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। ओम प्रकाश अवस्थी ने कहा कि संकल्प पत्र भरने के करीब 15 दिन बाद उन्हें फोन कर रजिस्ट्री के लिए बुलाया गया और इसके बाद डीडी के माध्यम से राशि प्राप्त हुई। अगले दिन पैसा उनके बैंक खाते में पहुंच गया। उन्होंने बताया कि मुआवजे से उन्होंने सीतापुर के बिसवां रोड पर 16 बीघे जमीन खरीदी है, बाकी पैसे को बैंक में जमा कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की प्रक्रिया से उन्हें अपनी जमीन का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद और आभार जताया।

जमीन कब्जे की शिकायत पर CM योगी सख्त, बोले- कब्जा मुक्त कराकर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह बारिश होने के बावजूद ‘जनता दर्शन’ किया। दूरदराज से आए लोगों से फरियादियों से गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात कर सीएम योगी ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम योगी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए। बारिश की वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की सुविधा के लिए जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और तत्परता से उसका समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराएं। इलाज के लिए मिलेगी पर्याप्त राशि जनता दर्शन में शिकायत लेकर पहुंचीं कुछ महिलाओं ने उनकी जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध याया जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। हर बार की तरह जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। ऐसे मामलों में सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। लखनऊ के विस्तार को मिलेगी गति वहीं दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, लखनऊ के नियोजित विस्तार और नागरिकों के अपने स्थायी घर के सपने को साकार करने की दिशा में गुरुवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। सीएम ने एक्स पर लिखा, 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही इन योजनाओं के तहत भूखंडों के पंजीकरण का शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर 2,166 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित शहर, सुविधाजनक जीवन और सुरक्षित आवास 'नए उत्तर प्रदेश' में 'नए लखनऊ' की पहचान बन रहे हैं। सरकार का उद्देश्य राजधानी के नियोजित विस्तार के साथ नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके अपने स्थायी घर के सपने को साकार करने की दिशा में काम करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वरुण विहार और नैमिष नगर योजनाओं के विकास तथा प्रस्तावित बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं से लखनऊ के विस्तार को नई दिशा मिलेगी। इन पहलों को राजधानी में आवासीय सुविधाओं के विस्तार और नियोजित शहरी विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।

वैश्विक मंच पर चमकेगी बिजनौर की दस्तकारी, 10 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय फलक

यूपीआईटीएस-2026:  वैश्विक मंच पर सजेगी बिजनौर की दस्तकारी, 10 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय फलक नगीना की काष्ठ नक्काशी, विदुर टी, चुकंदर का गुड़ और फैशन विग का दिखेगा जलवा इंडिया एक्सपो मार्ट में जुटेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार;  एमएसएमई के लिए खुलेंगे निर्यात के द्वार बिजनौर,   'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस-2026) के चौथे संस्करण में बिजनौर का विशिष्ट हुनर पूरी भव्यता के साथ अपनी छाप छोड़ेगा। प्रदेश सरकार के इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए बिजनौर जनपद से विभिन्न क्षेत्रों की कुल 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों, निर्यातकों और हस्तशिल्पियों का चयन किया गया है। नगीना के ऐतिहासिक काष्ठ शिल्प से लेकर स्टोन कला, टेक्सटाइल, आध्यात्मिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हर्बल चाय, प्राकृतिक मिठास और आधुनिक हेयर फैशन से जुड़े उत्पाद इस अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में विदेशी व घरेलू खरीदारों के समक्ष प्रदर्शित किए जाएंगे। दुनिया भर के आयातकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी वाले इस आयोजन से जिले की कुटीर इकाइयों को सीधे ग्लोबल सप्लाई चेन और बड़े व्यापारिक घरानों से जुड़ने का सीधा अवसर प्राप्त होगा। नगीना की विश्वविख्यात काष्ठ कला को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार बिजनौर का नगीना क्षेत्र अपनी बारीक काष्ठ नक्काशी और शीशम की लकड़ी पर उकेरी जाने वाली अनुपम कलाकृतियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इस ट्रेड शो में वुडन हैंडीक्राफ्ट सेक्टर का प्रतिनिधित्व तीन प्रमुख इकाइयां करेंगी। इसमें उद्यमी रोहित कुमार की इकाई 'आर०के० हैंडीक्राफ्ट' अपने उत्कृष्ट वुड क्राफ्ट उत्पादों की रेंज पेश करेगी। वहीं, विक्रम सिंह चौहान की 'जी क्राफ्ट' तथा तारिक अब्दुल्ला की फर्म 'हैंडओवर इंटरनेशनल' द्वारा नक्काशीदार वुडन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार इन उत्पादों के प्रदर्शन से स्थानीय काष्ठ कारीगरों को विदेशी बायर्स से सीधे दीर्घकालिक थोक अनुबंध मिलने की उम्मीद है। स्टोन क्राफ्ट, टेक्सटाइल और हेयर फैशन में भी दिखेगा बिजनौर का कौशल शिल्प और परिधान के क्षेत्र में भी जिले की विविधता प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनेगी। स्टोन हैंडीक्राफ्ट वर्ग में अंकिता राजपूत की इकाई 'मलिहार' और शमीम अख्तर के नेतृत्व वाली 'नगीना क्राफ्ट डेवलपमेन्ट सोसाईटी' द्वारा पत्थर पर हस्तनिर्मित उत्कृष्ट उत्पादों की नुमाइश लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, वस्त्र उद्योग के अंतर्गत मो० फैज की फर्म 'ए टू एफ टेक्सटाइल' अपने उच्च गुणवत्ता वाले टेक्सटाइल व हैंडलूम फैब्रिक्स का प्रदर्शन करेगी। वहीं, आधुनिक कॉस्मेटिक व लाइफस्टाइल बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए सलीम अहमद की इकाई 'हेयर फैशन इण्डिया' द्वारा तैयार की गई प्रीमियम हेयर विग की अंतरराष्ट्रीय रेंज पेश की जाएगी। विदुर हर्बल टी, बीटरूट गुड़ और पारंपरिक मिठास का सजेगा संसार कृषि-आधारित नवाचार और पारंपरिक स्वाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के तीन प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को इस मंच पर जगह मिली है। जिले की पौराणिक व ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी 'विदुर हर्बल टी' का प्रदर्शन वासुदेव सिंह की इकाई 'वीएस ग्रुप' द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही, प्राकृतिक व पौष्टिक मिठास के नवाचार को प्रस्तुत करते हुए विजेन्द्र कुमार की कंपनी 'क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कम्पनी लि०' द्वारा व्हाइट बीटरूट जैगरी (चुकंदर से बना गुड़) और साइलेज प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं, स्थानीय मिष्ठान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नवनीत कुमार की फर्म 'चतुर्वेदी फूड प्रा०लि०' द्वारा तैयार बतीसा, सोहनपापड़ी और खस्ता गजक का स्वाद देश-विदेश के आगंतुकों को आकर्षित करेगा। सीधी मार्केट लिंकेज से बिजनौर के ग्रामीण व लघु उद्योगों को मिलेगी रफ्तार यूपीआईटीएस-2026 जिले के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की आर्थिकी को मजबूत करने का एक ठोस जरिया बनेगा। इस आयोजन के जरिए बिजनौर के छोटे शिल्पकारों और उद्यमियों को बिना बिचौलियों के सीधे संस्थागत निवेशकों, कॉर्पोरेट बायर्स और विदेशी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल काष्ठ और स्टोन शिल्प से जुड़े पारंपरिक कारीगरों को नियमित काम मिलेगा, बल्कि कृषि-खाद्य प्रसंस्करण और हथकरघा क्षेत्रों में ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। वैश्विक फलक पर बिजनौर के हुनर को स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर: उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बिजनौर के उपायुक्त उद्योग अमित कुमार ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जनपद के पारंपरिक दस्तकारों, आधुनिक उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए अपनी वैश्विक साख स्थापित करने का एक ऐतिहासिक मंच है। उन्होंने बताया कि नगीना का काष्ठ शिल्प हो या जिले की समृद्ध मिष्ठान व हर्बल उत्पाद, बिजनौर की सभी चयनित 10 इकाइयों में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने की पूरी क्षमता है। विभाग का प्राथमिक लक्ष्य इन सभी इकाइयों को बड़े निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर ठोस व्यापारिक समझौते कराना है।

ग्रीन गैस बिल के नाम पर APK फाइल भेजकर ठगी, एक महीने में 33 से ज्यादा मामले

लखनऊ साइबर जालसाज ग्रीन गैस का नाम लेकर लखनऊ वालों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। 24 घंटों में जालसाजों ने तीन लोगों के खातों से 11.58 लाख रुपये उड़ा लिए। ये मामले पीजीआई, इंदिरानगर और कृष्णानगर थाना क्षेत्र के हैं। पुलिस ने तीनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर जांच साइबर क्राइम सेल को सौंपी है। महज 30 दिनों में पांच करोड़ की ठगी गई है। 24 घंटों में ग्रीन गैस उपभोक्ताओं से ठगी का यह सातवां मामला है। वृंदावन योजना सेक्टर-6 स्थित समीहा मेलरोज एवेन्यू निवासी 70 वर्षीय देशराज सिंह ने बताया कि 20 सितंबर को उनके मोबाइल पर कॉल आई। जालसाज ने खुद को ग्रीन गैस कर्मी बताकर बिल पेंडिंग होने की बात कही। भुगतान के लिए एक एप डाउनलोड कराया। व्हाट्सऐप पर एपीके फाइल भेजकर ठगी इसके बाद उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से छह बार में 6,02,540 रुपये निकाल लिए गए। रुपये कटने का मैसेज देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैंक में शिकायत के बाद पीड़ित ने पीजीआई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं, इंदिरानगर के तकरोही बाजार सूर्या सिटी निवासी सरिता का खाता इंडियन बैंक और यूनियन बैंक में है। उन्होंने बताया कि साइबर जालसाज ने यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से 2.66 लाख रुपये गायब कर दिए। 1930 पर शिकायत के बाद पीड़िता ने इंदिरानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। तीसरी घटना कृष्णानगर के आशुतोष नगर निवासी आस्था जैन के साथ हुई। उनका खाता एचडीएफसी बैंक में है। उन्होंने बताया कि जालसाज ने 10 सितंबर को व्हाट्सऐप पर एपीके फाइल भेजी। ऐप पर क्लिक करते ही खाते से 2.90 लाख रुपये निकल गए। आंकड़े बता रहे हैं कि ग्रीन गैस बिल के नाम पर एक माह में 33 से अधिक ठगी की घटनाएं हो चुकी हैं। व्हाट्सऐप कॉल कर ठगों ने फंसाया ठाकुरगंज निवासी शीला देवी ने बताया कि चार सितंबर को व्हाट्सऐप काल आई। इसके बाद उनके खाते से 12 ट्रांजेक्शन में 9.29 लाख रुपये निकाल लिए। सरस्वतीपुरम निवासी राजेंद्र राम के खाते से जालसाजों ने 7.38 लाख रुपये उड़ा दिए। इंदिरानगर में रहने वाली रंजना को भी जालसाजों ने फोन कर ग्रीन गैस कनेक्शन काटने की धमकी दी। एपीके फाइल भेजककर खाते से 2.69 लाख रुपये पार कर दिए। रंजना ने गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। मीटर अपडेट करने के नाम पर रुपये ऐंठे सआदतगंज के रहने वाले राहुल रत्न का मीटर अपडेट करने के नाम पर जालसाजों ने फोन किया। धमकी देकर 1.64 लाख रुपये खाते से उड़ा दिए। एडीसीपी अपराध किरण यादव ने ग्रीन गैस उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपली की है। उन्होंने बताया कि अंजान नंबरों से आने वाले लिंक को कतई क्लिक न करें। अन्यथा बैंक खाते खाली हो सकते हैं। इसको लेकर सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। एडीसीपी के मुताबिक साइबर थाने और क्राइमब्रांच की चार टीमें गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। जालसाजों के मोबाइल नंबर के आधार पर कई अहम जानकारियां मिली हैं। जल्द ही गिरोह का राजफाश किया जाएगा।

अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां काशी की गंगा बनेगी कलाकारों की प्रेरणा, ‘काशी फ्लो’ में कला के जरिए दिखेगी जीवंत विरासत लखनऊ,  योगी सरकार उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने की विशेष तैयारी कर रही है। इसके लिए अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी व गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ललित कला अकादमी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से होने वाले इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को भी सीखने/संवाद करने का अवसर मिलेगा। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी, जिसमें 25 कलाकारों और 10 विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ नई पीढ़ी भी अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को समझ सके। लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश की लोक और पारंपरिक कला को जीवंत मंच देना है, जहां प्रसिद्ध कलाकार, युवा विद्यार्थी और कला प्रेमी साथ आकर पारंपरिक कलाओं को समझें, उनका अभ्यास करें और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें। शिविर में पद्मसम्मानित कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और पारंपरिक कला के वरिष्ठ कलाकारों के साथ करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों की भागीदारी होगी। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इसमें शामिल होंगे।  ‘लोकधारा’ में लाइव कला निर्माण और प्रदर्शन, वरिष्ठ कलाकारों के साथ सीधा संवाद, तकनीक सीखने, अभ्यास और मार्गदर्शन पर विशेष जोर रहेगा। प्रस्तावित प्रतिभागियों में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पद्मदुर्गाबाई, पद्मभूरीबाई, पद्मशिवम पासवान, पद्मपरेश रावुआ, पद्ममहावीर स्वामी व पद्मश्याम शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों और उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों की भागीदारी होगी। इस शिविर का फोकस परंपरा को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता समझाने पर रहेगा। पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ में 18 नवंबर को उद्घाटन और स्टूडियो की शुरुआत के साथ कलाकारों का परिचय और कला निर्माण शुरू होगा। 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों का लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद, 20 नवंबर को मास्टरक्लास, रचनात्मक अभ्यास और मार्गदर्शन, 21 नवंबर को पारंपरिक तकनीकों पर प्रदर्शन, सवाल-जवाब और व्यावहारिक सीख का आयोजन होगा। 22 नवंबर को अंतिम कला प्रदर्शन, प्रदर्शनी की झलक और समापन होगा। इस आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, टेक्नो इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन समेत कई संस्थानों का सहयोग होगा।  वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी, जिसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त और दस्तावेज तैयार करना है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी होगी, जिनमें वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ और अन्य स्थानों के कलाकार शामिल हैं।  ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, उसके संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है। आयोजन में कला, आध्यात्मिकता, विरासत, लोगों और गंगा के बीच संबंध को केंद्र में रखा जाएगा। इसके जरिए अयोध्या के राम मंदिर और राम परंपरा, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज की कुंभ परंपरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ी विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास होगा। कार्यक्रम को भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद और जीवंत विरासत के संरक्षण का मंच बनाने की परिकल्पना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे कलाकारों, विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कलाओं और वाराणसी में गंगा तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले ये कला शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ और प्रसिद्ध कलाकारों के अनुभव को युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाना, पारंपरिक कला विधाओं को समकालीन संदर्भ में आगे बढ़ाना और उत्तर प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई रचनात्मक भाषा में प्रस्तुत करना है।  अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि इन तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है। ‘लोकधारा’ से जहां पारंपरिक कला में नए कलाकारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, वरिष्ठ कलाकारों से सीधा सीखने और नई कलाकृतियां तैयार करने का अवसर मिलेगा, वहीं कला तकनीकों और प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और समुदाय के बीच मजबूत सहयोग विकसित करने के साथ इसे भविष्य में वार्षिक आयोजन के रूप … Read more

‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह

‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह ‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का पलटवार, लोधी समाज और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा लखनऊ,   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने यूपी की सड़कों, लोधी समाज के प्रति अखिलेश यादव का झुकाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा प्रमुख पर कई सवाल उठाए। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जिन सड़कों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं सड़कों से उनके आलीशान रथ की यात्रा हो रही है और ये सड़कें भाजपा सरकार ने बनवाई हैं। ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वो BJP सरकार ने बनाई है’ संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अक्सर सवाल उठाते रहे कि यूपी की सड़कों की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन जिस सड़क से अखिलेश यादव अपने आलीशान रथ से जाएंगे, वो सड़कें यूपी की भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से गड्ढामुक्त हैं।” बता दें कि अखिलेश यादव अपनी PDA रथ यात्रा रायबरेली से शुरू कर रहे हैं। इस दौरान वो सपा विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाएंगे। इसे सपा द्वारा लोधी समाज को अपने पक्ष में जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। जिसको लेकर मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने आज लोधी समाज के व्यक्ति के यहां जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से बताता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव वोट लेने के लिए पिछड़े वर्ग को, लोधी समाज को खासकर चुनाव के समय साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव के वक्त अखिलेश यादव और उनके लोग लोधी समाज को लुभाने का प्रयास करते हैं।” ‘'बाबू जी'’ के निधन पर अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे’ मंत्री संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आज अखिलेश यादव को लोधी समाज की चिंता है लेकिन हमारे बाबू जी(पूर्व सीएम कल्याण सिंह) का जब देहांत हुआ तो अखिलेश यादव बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । उन्होंने बाबू जी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें कभी याद नहीं किया।” संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए बाबू जी को श्रद्धांजलि तक नहीं देते। ऐसा करते तो शायद उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। लेकिन आज सिर्फ एक कप चाय पीकर वो लोधी समाज को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।” मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में होते हैं तब उन्हें लोधी समाज की चिंता नहीं होती। तब इन्हें लोधी समाज याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि लोधी समाज हमेशा भाजपा से जुड़ा रहा है। सपा के झांसे में नहीं आने वाला। ‘चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आती है’ संदीप सिंह ने कहा, “आज फिर से चुनाव नजदीक है तो विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आ रही है। दशकों तक सपा-कांग्रेस ने यही किया है। पूरे प्रदेश में जाति का जहर घोला है।” उन्होंने आरोप लगाया, “अखिलेश यादव ने अपने बड़बोले नेताओं से महिलाओं को, दलितों को, पिछड़े वर्ग के नेताओं को, महापुरुषों को गाली दिलवाने का काम किया है। उनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे समय-समय पर पीसी के जरिए समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।” संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पिछड़ों को अधिकार दिलाने की बात जब आती है तो अखिलेश यादव उस समय कहीं और नजर आते हैं। सत्ता में रहते अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के साथ नहीं खड़े होते। अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा संदीप सिंह ने कहा, “आज देश की जनता जागरूक है, जातिवाद के जहर से खुद को मुक्त करना चाहती है तो अखिलेश यादव फिर से लोगों को भ्रमित करने निकले हैं।” यूपी में अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर भी संदीप सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सपा प्रमुख के मुताबिक यूपी में अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेकिन 2017 से पहले यूपी के हालात को भूल गए हैं। आज यूपी में सबसे ज्यादा अपराध कौन कर रहा है इसे वे खुद देख लें।” उन्होंने कहा, “आज अपराधी अपने असली ठिकाने पर पहुंचाए जा रहे हैं। आज अपराधियों पर एक्शन होता है तो अखिलेश यादव उसे शहीद बता देते हैं। योगी सरकार में कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं है। उसे उनके ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है।”

यूपी की जेलों में घटा ओवरक्राउडिंग का दबाव, नई जेलों और क्षमता विस्तार का असर

योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक    – 2017 के मुकाबले 2026 में बंदी क्षमता बढ़ी, ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 पर पहुंची  – प्रदेश को मिलेंगी छह और नई जिला जेलें, कानपुर नगर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर समेत छह जिलों में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता होगी विकसित   – निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं को मिली रफ्तार, अमेठी और महोबा की जेलें अंतिम चरण में, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर व हापुड़ में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य  – संभल, शामली और बलिया में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, नई जेलों की स्थापना के लिए कई जिलों में भूमि क्रय और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर  लखनऊ,  योगी सरकार प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बढ़ती बंदी संख्या और जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार ने एक ओर नई जेलों के निर्माण को गति दी है, जिससे जेलों में ओवरक्राउडिंग दर में कमी दर्ज की गई।  पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 हुई वर्तमान में प्रदेश में कुल 77 कारागार संचालित हैं, जिनमें 7 केंद्रीय कारागार, 2 महिला केंद्रीय कारागार, 64 जिला कारागार, 1 विशेष कारागार, 2 उप कारागार तथा 1 किशोर सदन शामिल है। योगी सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल अवसंरचना के विस्तार का ही परिणाम है कि प्रदेश की जेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों की कुल बंदी क्षमता 58,400 थी, जबकि वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 77,673 हो गई है। इस अवधि में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर भी काफी कम हुई है। वर्ष 2017 में जहां ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी, वह वर्ष 2026 में घटकर 1.03 रह गई है। यह कमी योगी सरकार द्वारा जेलों के विस्तार, नई जेलों के निर्माण और अतिरिक्त क्षमता सृजन के लिए किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। योगी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से अब तक सात नई जेलों का संचालन शुरू किया है। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती तथा पुरानी जिला कारागार बरेली शामिल हैं। इन नई जेलों से कुल 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है, जिससे विभिन्न जनपदों की जेलों पर दबाव कम हुआ है। योगी सरकार बनाने जा रही 6 और नई जेल योगी सरकार छह नई जिला जेलों के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इनमें कानपुर नगर (2030 क्षमता), औरैया (1056), शाहजहांपुर (1520), ज्ञानपुर-भदोही (574), मुरादाबाद (2000) तथा ललितपुर (552) शामिल हैं। इन छह नई जेलों के निर्माण से प्रदेश में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता उपलब्ध होगी। इन परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा प्रदेश में नई निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अमेठी जेल का कार्य 98 प्रतिशत से अधिक तथा महोबा जेल का कार्य 93 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इनके अतिरिक्त हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण तेजी से जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेलों की कुल क्षमता 6,156 बंदियों की होगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 तक पूर्ण कर ली जाएं। संभल, बलिया और शामली में जेल के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज जेल अवसंरचना के विस्तार के साथ-साथ सरकार उन जिलों में भी नई जेलों की स्थापना की तैयारी कर रही है, जहां भूमि क्रय एवं पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली में प्रस्तावित जेलों के लिए भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर है। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मालूम हो कि जेलों में अत्यधिक भीड़ सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को प्रभावित करती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने जेलों की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। नई जेलों के निर्माण से न केवल बंदियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जेल प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक कार्यक्रमों के संचालन में सुविधा होगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बंदी को निर्धारित मानकों के अनुरूप रहने की सुविधा मिले तथा जेलों में भीड़भाड़ के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए नई जेलों का निर्माण, पुराने कारागारों का उन्नयन, अतिरिक्त बैरकों का निर्माण और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।