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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली-जेवर RRTS से सफर होगा सुपरफास्ट

नोएडा  उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली को जेवर में बनने वाले आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है. इस हाई-स्पीड ट्रांजिट रूट से दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने और यात्रा का समय घटकर लगभग 21 मिनट रह जाने की उम्मीद है।  राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद, अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) को भेज दिया गया है. यदि इसे मंजूरी मिल जाती है, तो यह कॉरिडोर NCR के तेजी से विकसित हो रहे ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।  प्रस्तावित दिल्ली-जेवर एयरपोर्ट RRTS कॉरिडोर के वर्तमान में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर चल रही 'नमो भारत' रैपिड रेल प्रणाली की तर्ज पर ही काम करने की उम्मीद है. इन ट्रेनों को अधिकतम 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिज़ाइन किया गया है और ये 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से चल सकती हैं।  वर्तमान में, दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर भारत की एकमात्र चालू RRTS लाइन है. यह 82.15 किलोमीटर लंबा मार्ग दिल्ली के सराय काले खां को उत्तर प्रदेश के मोदीपुरम से जोड़ता है और देश में क्षेत्रीय हाई-स्पीड शहरी परिवहन  का पहला उदाहरण है।  उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता के अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में एयरपोर्ट टर्मिनल पर एक समर्पित स्टेशन के माध्यम से दिल्ली-जेवर RRTS को आगामी दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल परियोजना से जोड़ने का भी प्रस्ताव दिया गया है. इस कदम से एक एकीकृत परिवहन नेटवर्क  तैयार हो सकता है, जो हवाई यात्रा को हाई-स्पीड रेल बुनियादी ढांचे से जोड़ेगा।  एयरपोर्ट कनेक्टिविटी यह विकास ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान संचालन की तैयारी कर रहा है, जिसके 15 जून से शुरू होने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल की शुरुआत में 28 मार्च को इस एयरपोर्ट परियोजना का उद्घाटन किया था।  अधिकारियों को उम्मीद है कि नया हवाई अड्डा उत्तर भारत में एक बड़े विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगा, जिससे यात्रियों और व्यवसायों के लिए कुशल कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगी. एक्स (X) पर एक पोस्ट में, गुप्ता ने कहा कि एक उच्च स्तरीय बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के "समग्र और नियोजित विकास" की समीक्षा की गई, जिसमें जेवर एयरपोर्ट से जुड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।  मंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों को प्रभावित करने वाली कानूनी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों को पारदर्शिता में सुधार करने और स्थानीय निवासियों व किसानों के लिए मुआवजा तंत्र NOC की प्रक्रियाओं को सरल बनाने के निर्देश दिए गए।  जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विस्तार होने की भी उम्मीद है. अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र को प्रमुख परिवहन गलियारों से जोड़ा जा रहा है, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं. बैठक के दौरान इस क्षेत्र के लिए नियोजित कई औद्योगिक और विनिर्माण परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई, जो इस पूरे इलाके को एक लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास हब में बदलने के सरकार के व्यापक विजन को रेखांकित करती है। 

यूपी में महिला सशक्तिकरण का नया मॉडल: सोलर दीदी अभियान तेज

वाराणसी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की आधी आबादी अब न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार है। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी (वाराणसी) में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'सोलर दीदी' नामक एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की गई है। इस अभियान के जरिए स्थानीय महिलाओं को अत्याधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देकर 'सोलर लीडर' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो राज्य में ऊर्जा स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा मॉडल बनकर उभरा है। यूपी नेडा (UPNEDA) के अनुसार, चयनित महिलाओं को उनके गृह जनपद वाराणसी में ही रोजगार के बेहतरीन अवसर दिए जा रहे हैं। आकर्षक वेतन के साथ मिलेंगे कई मुफ्त लाभ यूपी नेडा के डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि विभाग से जुड़ी प्रमुख वेंडर कंपनियों द्वारा इन 'सोलर दीदियों' को ₹14,196 प्रति माह का फिक्स वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनियों द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी के घर पर ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट क्षमता वाला सोलर प्लांट बिल्कुल मुफ्त लगाया जाएगा, जिससे उनका अपना घर भी सौर ऊर्जा से रोशन हो सके। आधुनिक रसोई को बढ़ावा देने के लिए उन्हें एक इंडक्शन स्टोव (चूल्हा) भी मुफ्त मिलेगा। यही नहीं, भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा हर सफल सोलर इंस्टॉलेशन पर ₹1000 की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। 7 दिन का विशेष प्रशिक्षण और टेस्ट अनिवार्य इस महाअभियान का हिस्सा बनने के लिए विभाग ने महिलाओं से एक विशेष अपील की है। सभी इच्छुक प्रशिक्षुओं को तय समय पर प्रशिक्षण केंद्र पहुंचकर सात दिवसीय व्यावहारिक ट्रेनिंग को गंभीरता से पूरा करना होगा। इस ट्रेनिंग के बाद होने वाले टेस्ट को उत्तीर्ण करने वाली महिलाओं को ही 'सोलर दीदी' के रूप में फील्ड में काम करने और इन सभी सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। यह कदम ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को तकनीकी रूप से कुशल बनाने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की रिकॉर्ड रफ्तार वाराणसी की इस पहल के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर का नेटवर्क तेजी से फैला है। प्रदेश में अब तक कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस बड़े बदलाव के कारण राज्य में 1,844.87 मेगावाट की स्थापित क्षमता तैयार हुई है। इस पूरी योजना को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹3,539.06 करोड़ और राज्य सरकार द्वारा ₹1200 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम सब्सिडी जारी की जा चुकी है। रोजाना बन रही 5 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली योगी सरकार के इन प्रयासों का सबसे बड़ा फायदा सीधे जनता और पर्यावरण को मिल रहा है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के घरों की छतों पर लगे इन सोलर प्लांटों के माध्यम से प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली पैदा की जा रही है। अगर बाजार भाव से इसकी तुलना करें, तो प्रदेश के नागरिक रोजाना लगभग 5 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली पूरी तरह मुफ्त और सीधे सूरज की रोशनी से बना रहे हैं। वाराणसी का यह 'सोलर दीदी' मॉडल जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा।  

यूपी में रोजगार और कौशल विकास पर फोकस, मुख्यमंत्री ने श्रम योजनाओं की व्यापक समीक्षा की

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है।  

लखनऊ से जारी आदेश: यूपी में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक ट्रांसफर

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के तबादलों का दौर जारी है। शनिवार को शासन ने दो आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर किया। इससे पहले शुक्रवार को एक आईएएस और 19 पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया था। गृह विभाग ने शनिवार को कौशांबी के एडिशनल एसपी राजेश कुमार सिंह तृतीय को उनके पद से हटाकर मेरठ में एडीजी ऑफिस भेज दिया गया। राजेश कुमार के स्थान पर अमिता सिंह को कौशांबी का नया एडिशनल एसपी बनाया गया है। अमिता सिंह लखनऊ में यूपी-112 में एएसपी के पद पर तैनात थीं। राम मोहन मीना बने प्रतापगढ़ के सीडीओ प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात राम मोहन मीना को प्रतापगढ़ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया है। नियुक्ति विभाग ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए। 19 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों का तबादला प्रदेश सरकार ने शुक्रवार की देर शाम 19 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। छह अधिकारियों का पहले किया गया तबादला रद कर उन्हें नई तैनाती दी गई है। सुलतानपुर के मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा को अपर आयुक्त वाराणसी मंडल बनाया गया है। भातखंडे संस्कृति विवि की कुलसचिव व अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय सृष्टि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी के पद पर सुलतानपुर भेजा गया है, जबकि एडीएम (वित्त राजस्व) गौतमबुद्धनगर के लिए स्थानांतरणाधीन सुशील प्रताप सिंह को अब भातखंडे संस्कृति विवि का कुलसचिव, संस्कृति निदेशालय के अपर निदेशक और लखनऊ विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव का तिहरा चार्ज दिया गया है। दुर्गेश मिश्र को अपर नगर आयुक्त वाराणसी से अपर नगर आयुक्त गोरखपुर भेजा गया है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर के लिए स्थानांतरित बृजेश कुमार का तबादला रद कर उन्हें मेरठ में एडीएम सिटी बना रहने दिया गया है। अनिरुद्ध प्रताप सिंह एडीएम मेरठ से स्थानांतरणाधीन थे, अब इन्हें एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मुजफ्फरनगर भेजा गया है। राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव को अब एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जालौन बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह, एसडीएम जालौन को अब उन्नाव का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। लोक सेवा आयोग प्रयागराज के उपसचिव गौरव रंजन श्रीवास्तव को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर के पद पर भेजा गया है। अनुपम मिश्र एसडीएम चंदौली को लोक सेवा आयोग प्रयागराज का उपसचिव बनाया गया है। सीमा पांडेय का पुराना तबादला रद कर उन्हें अपर नगर आयुक्त वाराणसी बनाया गया है। नितीश कुमार सिंह स्थानांतरणाधीन को अब एडीएम (प्रशासन) बुलंदशहर बनाया गया है। प्रमोद कुमार पांडेय एडीएम (प्रशासन) बुलंदशहर को अपर आयुक्त आजमगढ़ मंडल के पद पर भेजा गया है। आयुष चौधरी मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर को एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर बनाया गया है। हरदोई के नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर के पद पर भेजा गया है। संजय कुमार एसडीएम हाथरस को अब हरदोई का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। अजीत कुमार सिंह स्थानांतरणाधीन थे, उन्हें अब (एडीएम वित्त एवं राजस्व) गौतमबुद्धनगर बनाया गया है। त्रिभुवन, मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया से एडीएम (वित्त एवं राजस्व) बदायूं बनाए गए हैं। सुरेश कुमार पाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व बदायूं से मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया के पद पर भेजा गया है।

रामपुर कोर्ट सख्त, आजम खान की सजा 3 साल बढ़ी; अब्दुल्ला आजम पर जुर्माना भी बढ़ाया

रामपुर सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अब फर्जी पैन कार्ड केस में 10-10 साल की सजा काटनी होगी। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को दोनों की सजा को तीन-तीन साल के लिए बढ़ा दिया। पहले इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को 7-7 साल की सजा मिली थी। मामले में दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सजा बढ़ाने के लिए अपील की गई थी। अपने फैसले में अदालत ने दोनों के ऊपर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम पहले 50-50 हजार रुपये थी। आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान फिलहाल रामपुर की ही जेल में बंद हैं। दो पैन मामले में आजम की सजा 7 से 10 साल हुई, अब्दुल्ला पर जुर्माना बढ़ाया सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से सात साल की सजा हुई थी। जिससे असंतुष्ट अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई हुई और शनिवार को सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए सजा में बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सपा नेता आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। विवादित बयान मामले में आजम को 2 साल की सजा आपको बता दें इससे पहले ये तनखइया हैं…इनसे मत डरियो…इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा…लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान के इस विवादित बयान पर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा से दंडित किया था। अदालत ने 20 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। मालूम हो कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खान समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी थे। इस दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित रोड शो के दौरान आजम का एक विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था। तत्कालीन रामपुर के डीएम को लेकर विवादित बयान दिया था जिसमें आजम खान तत्कालीन जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहते सुनाई दे रहे थे कि ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा….। आजम के इस वीडियो पर दिल्ली में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में केस दर्ज कराया था। 12 जून को झूठे शपथ पत्र मामले में सुनवाई आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े झूठे शपथ पत्र मामले की सुनवाई 12 जून को होगी। रामपुर की अदालत ने इस मामले में प्रशासन से अब्दुल्ला आजम की उम्र से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। अभियोजन पक्ष की दलील अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता सीमा राणा ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया. उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि फर्जीवाड़ा और संवैधानिक दस्तावेजों में हेरफेर एक गंभीर मामला है. इसमें कड़ी सजा की जरूरत है. कोर्ट ने सीमा राणा की दलील को स्वीकार करते हुए, आजम खान की सजा को तीन साल बढ़ा दिया और दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया।  क्या है मामला? बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की तरफ से शिकायत की गई थी की. आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दो अलग-अलग जन्म तिथि का पैन कार्ड बनवाया. इस फर्जीवाड़े के तहत आजम खान ने अब्दुल्ला का पासपोर्ट भी बनवाया और यूपी की स्वार सीट से चुनाव भी लड़वाया. इस मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया था। 

देवरिया में विकास की सौगात: 172 करोड़ की सड़क परियोजना पर जल्द काम शुरू होने के संकेत

देवरिया  जिले में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनूघाट-बरहज मार्ग का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिया गया है। यह सुनकर उमड़ी जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम के आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि अब जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा। दरअसल, सोनूघाट-बरहज फोरलेन निर्माण की स्वीकृति शासन से कई माह पहले ही मिल चुकी थी। शासन ने इसके निर्माण के लिए 172 करोड़ 25 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। साथ ही पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए थे। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए मिली 10 करोड़ की पहली किस्त को बिजली विभाग को देकर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराई गई, जिससे सड़क का काम लटक गया। बरहज से सोनूघाट के बीच की दूरी 21.750 किलोमीटर है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई सात मीटर है। अब इसे फोरलेन बनाया जाएगा। प्रत्येक लेन की चौड़ाई सात मीटर होगी और दोनों लेन के बीच दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है। लोगों को भरोसा है कि जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा और आवागमन सुगम हो जाएगा जब-जब योगी आए देवरिया को मिली अरबों रुपये की सौगात मुख्यमंत्री ने पिछली बार 29 अप्रैल को देसही ब्लाक के पड़ियापार में आयोजित लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में 501 परियोजनाओं पर करीब सात अरब रुपये की सौगात दी थी। इसके एक साथ बाद ही शुक्रवार को पथरदेवा, रामपुर कारखाना व सदर ब्लाक में 19 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिस पर 655.45 करोड़ रुपये लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सात विधानसभा में केवल तीन विधानसभा से जुड़े कार्य होने पर उन्होंने लोगों को जरूरत के हिसाब से आवश्यक कार्यों को पूरा करने का विश्वास दिलाया। जिसमें सोनूघाट-बरहज की सड़क का भी जल्द निर्माण कार्य कराए जाने की बात दोहराई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देवरिया से काफी अधिक लगाव होने की बात कही। मुख्यमंत्री के भाषण के पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी जी इसके पहले 29 अप्रैल को देवरिया आए तो सात अरब का सौगात दे गए। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्ति का इस धरती पर बारंबार स्वागत है। वे ऐसे ही सौगात लेकर बार-बार आए ताकि क्षेत्र व जनपद का विकास हो सके।

UPSC परीक्षा 24 मई: कड़ी सुरक्षा, जैमर और हीट वेव के बीच प्रशासन अलर्ट

 अलीगढ़  संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को जिले में दो पालियों में कराई जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक व दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। शहर में कुल 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां कुल 4467 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। हीट वेव को देखते हुए डीएम ने पेयजल, पंखे व बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के दिए निर्देश डीएम ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को आयोग की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हीट वेव को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, पंखे, बिजली व अन्य मूलभूत सुविधाएं समय से दुरुस्त रखने को कहा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी केंद्रों पर जैमर लगाए जाएंगे और मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सभी केंद्रों पर लगाए जाएंगे जैमर व अन्य व्यवस्था होंगी उपलब्ध अधिकारियों को पॉवर प्वाइंट व विद्युत व्यवस्थाओं की पहले से जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिले में नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज, श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय, चंपा अग्रवाल गर्ल्स इंटर कॉलेज, धर्म समाज महाविद्यालय, डीएवी इंटर कॉलेज, रतन प्रेम डीएवी गर्ल्स इंटर कॉलेज, राजकीय गर्ल्स इंटर कॉलेज, बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज, एसएमबी इंटर कॉलेज, श्री टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज व श्री टीकाराम कन्या महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।  

योगी सरकार का एक्शन मोड जारी, IAS और PCS अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर

 लखनऊ योगी आदित्यनाथ सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। यूपी की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए हैं। मुरादाबाद के संयुक्त मजिस्ट्रेट रहे आईएएस राम मोहन मीणा को सीडीओ प्रतापगढ़ बनाया गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग दायित्व संभाल रहे 19 पीसीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। सुल्तानपुर के मुख्य राजस्व अधिकारी के पद पर सृष्टि धवन को तैनाती दी गई है। सुशील प्रताप सिंह कुलसचिव भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, अपर निदेशक सस्कृति निदेशालय, संयक्त सचिव एलडीए, दुर्गेश मिश्रा को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर नगर निगम, ब्रजेश कुमार सिंह को अपर जिलाधिकारी (नगर) मेरठ, अनिरूद्ध प्रताप सिंह को एडीएम एफआर मुजफ्फरनगर बनाया गया है। पीसीएस अधिकारी आलोक कुमार वर्मा अपर आयुक्त वाराणसी, सृष्टि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी सुल्तानपुर के पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। मनोज कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव, राजीव राज को एडीएम एफआर जालौन, गौरव रंजन श्रीवास्तव को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर नगर निगम, अनुपम मिश्रा को उपसचिव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, सीमा पांडे को अपर नगर आयुक्त, वाराणसी नगर निगम, नितीश कुमार सिंह को एडीएम प्रशासन बुलंदशहर बनाये गए हैं प्रमोद कुमार पांडे को अपर आयुक्त आजमगढ़ मंडल, आयुष चौधरी को एडीएम एफआर सीतापुर, सुनील कुमार त्रिवेदी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर, संजय कुमार को नगर मजिस्ट्रेट हरदोई, अजीत कुमार सिंह को एडीएम एफआर गौतमबुद्धनगर, सुरेश कुमार पाल को मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया और त्रिभुवन को एडीएम एफआर बदायूं के पद पर तैनाती दी गई है। इसके पहले हुए थे दो एडीजी समेत 9 आईपीएस के ट्रांसफर इसके पहले गुरुवार को शासन ने कानपुर और आगरा जोन के एडीजी समेत नौ आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया था। एडीजी कानपुर जोन के पद पर तैनात रहे आलोक सिंह को डीजी पीएसी मुख्यालय के साथ डीजी विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ को एडीजी कानपुर जोन बनाया गया है। वहीं एडीजी अपराध रहे एसके भगत आगरा जोन के नए एडीजी नियुक्त किए गए हैं। शासन ने डीजी नागरिक सुरक्षा के साथ डीजी विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डीके ठाकुर को डीजी होमगार्ड के पद पर तैनाती दी है। उन्हें डीजी नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। डीजी सीआईडी के साथ डीजी साइबर क्राइम का भी पदभार संभाल रहे बिनोद कुमार सिंह को इन पदों के साथ-साथ डीजी यूपी-112 को भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह अब तिहरी जिम्मेदारी संभालेंगे।

UP कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, डीए में बढ़ोतरी के आदेश जारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पांचवें और छठवें वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार ने इन कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इजाफे के आदेश जारी कर दिए हैं। पांचवें वेतमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत और छठवें वेतनमान में कार्यरत कार्मिकों का डीए पांच प्रतिशत बढ़ाया गया है। वित्त विभाग के मुताबिक इन सभी कर्मचारियों को मई के वेतन में बढ़े डीए का लाभ मिलेगा। आदेश के मुताबिक छठे केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत और राज्य सरकार द्वारा लागू की गई वेतन संरचना में कार्यरत कर्मचारियों का डीए पांच प्रतिशत वृद्धि के साथ 257 से बढ़कर 262 प्रतिशत और पांचवें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा संस्तुत वेतन संरचना में काम कर रहे कार्मिकों का डीए नौ प्रतिशत वृद्धि के साथ 474 से बढ़कर 483 प्रतिशत हो गया है। डीए का लाभ एक जनवरी से दिया जाएगा। एक जनवरी से 30 अप्रैल तक की देय अवशेष राशि (एरियर) अधिकारियों और कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में जमा की जाएगी। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते के सदस्य नहीं हैं उनकी अवशेष धनराशि उनके पीपीएफ में जमा कराई जाएगी या एनएससी के रूप में दी जाएगी। राज्य सरकार भी पेंशन में देगी 14 फीसदी धनराशि राष्ट्रीय पेंशन योजना वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को देय अवशेष राशि में से 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि उनके टियर-एक पेंशन खाते में जमा कराई जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से भी पेंशन खाते में अवशेष धनराशि की 14 प्रतिशत के बराबर धनराशि जमा की जाएगी। बची हुई 90 प्रतिशत राशि कार्मिकों के पीपीएफ में जमा कराई जाएगी अथवा एनएससी के माध्यम से दी जाएगी। इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ बढ़े हुए डीए का लाभ राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण और प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित और पूर्णकालिक कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमानों में कार्यरत उन पदधारकों को मिलेगा जिनके वेतनमान जनवरी 2016 से पुनरीक्षित नहीं हुए हैं। और वे पांचवें और छठवें वेतनमान में कार्यरत हैं। जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवाएं इस शासनादेश के जारी होने की तारीख से पहले समाप्त हो गई हैं या फिर जो छह महीने के अंदर रिटायर होने वाले हैं, उन्हें महंगाई भत्ते (डीए) की पूरी धनराशि का भुगतान नगद किया जाएगा। बता दें कि अखिल भारतीय सेवाओं के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को बढ़ी दर से महंगाई राहत का लाभ देने के लिए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आदेशों के मुताबिक भुगतान किए जाने का आदेश भी वित्त विभाग ने जारी किया है।

कच्चे तेल की कीमतों का असर, यूपी में पेट्रोल 99 रुपये के पार

लखनऊ पश्चिम एशिया संकट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने फिर पेट्रोल, डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। मंगलवार के बाद अब एक बार फिर आज पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दामों में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। एक सप्ताह में कीमतों में लगातार दूसरी वृद्धि के बाद राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 92.70 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 87 पैसे और 91 पैसे प्रति लीटर का ही इजाफा किया गया था। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा था कि तेल कंपनियों को रोज 750 करोड़ रुपये नुकसान हो रहा है। यूपी के शहरों में पेट्रोल-डीजल के रेट एचपीसीएल (HPCL) की साइट पर दिख रहे दामों के मुताबिक, लखनऊ में शनिवार को पेट्रोल 99.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर है। वाराणसी में पेट्रोल 99.62 और डीजल 93 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो आगरा में पेट्रोल 99.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.40 रुपये प्रति लीटर है। इसके अलावा, मेरठ में पेट्रोल 99.15 रुपये और डीजल 92.53 रुपये प्रति लीटर है। कानपुर में सोमवार को पेट्रोल 99.33 रुपये और डीजल 92.70 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं, गोरखपुर में पेट्रोल प्रति लीटर 99.49 रुपये और डीजल प्रति लीटर 92.86 रुपये है। इनके अलावा बरेली में पेट्रोल 98.95 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है। प्रयागराज में पेट्रोल 99.22 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.62 रुपये प्रति लीटर है। दोपहिया वाहन चालकों पर सालाना बोझ तेल एवं गैस विपणन कंपनियों ने एक सप्ताह में दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। शनिवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसका आम आदमी की जेब पर तगड़ा असर पड़ेगा। हाल ही में आज से पहले भी दो बार बढ़ी दरों को जोड़ें तो कुल पांच रुपये के करीब कीमत बढ़ गई है। ऐसे में सालाना अतिरिक्त खर्च का बोझ दो पहिया सवार पर बढ़ेगा। ऑटो एक्सपर्ट बता रहे हैं औसत रूप से एक बाइक या स्कूटर में एक माह के दौरान 30 लीटर पेट्रोल की खपत रहती है। इसी तरह चार पहिया वाहनों में एक माह में 80 से 100 लीटर तक की खपत होती है। चार पहिया वाहन चालकों की जेब पर तीन बार हुई बढ़ोतरी से सालाना बोझ बढ़ जाएगा।