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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव, योगी सरकार का बड़ा कदम

योगी सरकार का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर, ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव पानी उतरते ही लखनऊ में सफाई अभियान तेज, नौ सेक्टर और 31 सब-सेक्टर में निगरानी सफाई, पेयजल और जलनिकासी संबंधी शिकायतों के लिए नगर निगम ने जारी किए विभागवार हेल्पलाइन नंबर नगर आयुक्त ने किया निरीक्षण, गाद हटाने, कूड़ा उठान और जलनिकासी दुरुस्त करने के निर्देश लखनऊ  योगी सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और नागरिकों को संक्रमण एवं मच्छरजनित बीमारियों से बचाने के लिए राहत, स्वच्छता और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम ने बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही जोन-3 और जोन-6 में सफाई अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में जमा गाद, मिट्टी और कूड़ा हटाने के साथ एंटी लार्वा छिड़काव तथा संक्रमण से बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। वहीं नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने सफाई, पेयजल और जलनिकासी संबंधी शिकायतों के लिए विभागवार हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।  नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं सफाई कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी उतरने वाले क्षेत्रों में तत्काल सफाई, गाद हटाने और कूड़ा उठान कराया जाए। साथ ही जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और नागरिकों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त और डॉ. अरविंद कुमार राव भी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की निगरानी कर रहे हैं। नौ सेक्टर और 31 सब-सेक्टर में बांटे प्रभावित क्षेत्र नगर निगम ने सफाई और राहत कार्यों की निगरानी के लिए दोनों जोन के प्रभावित क्षेत्रों को कुल नौ सेक्टर और 31 सब-सेक्टर में विभाजित किया है। जोन-3 में पांच सेक्टर और 21 सब-सेक्टर बनाए गए हैं, जहां 39 बीट कर्मियों सहित करीब 350 कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं, जोन-6 में चार सेक्टर और 10 सब-सेक्टर के अंतर्गत 60 बीट में कार्यों की निगरानी की जा रही है। इस जोन में करीब 550 कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जबकि बुधवार को 300 से अधिक कर्मचारी विभिन्न कार्यों में लगाए गए। ड्रोन से छिड़काव, गाद हटाने का कार्य जारी जोन-3 के नंदा फॉर्म, संत कबीर नगर, मिल्लत नगर, पुराना दाउद नगर, कैलाश विहार, पवन विहार और लौहरामऊ सहित कई इलाकों में तीन ड्रोन से एंटी लार्वा छिड़काव कराया गया। छह टैंकरों से सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव भी किया गया। गणेश विहार, नंदा फॉर्म और दाउद नगर में गाद हटाने के साथ झाड़ियों की कटाई और कूड़ा उठान जारी है। जोन-6 के सैंथा, हयातनगर, गुलमी खेड़ा, दौलत खेड़ा और टांड खेड़ा सहित अन्य मोहल्लों में भी छिड़काव और डी-सिल्टिंग कराई जा रही है। शिकायतों के लिए जारी किए कंट्रोल रूम नंबर प्रभावित नागरिक सफाई के लिए 8808837500, 6389923234, 9219902911 और 9219902912 पर संपर्क कर सकते है। पेयजल एवं सेप्टिक टैंक संबंधी शिकायतों के लिए 9451831593, 9889806396, 9454508087 और 7991332892 तथा जलनिकासी के लिए 8810721631, 6389923231, 9219902913 और 9219902914 नंबर जारी किए गए हैं।  नगर निगम ने प्रभावित नागरिकों से समस्याओं की सूचना संबंधित कंट्रोल रूम पर देने की अपील की है, ताकि समयबद्ध कार्रवाई कर प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और सामान्य जनजीवन बहाल किया जा सके।

योगी सरकार ने ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए ₹1,242 करोड़ किए मंजूर

योगी सरकार का बड़ा फैसला, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए 1,242 करोड़ रुपये की दी स्वीकृति स्वीकृत धनराशि के इस्तेमाल के लिए निर्धारित शर्तों और वित्तीय नियमों का पालन करने की भी शर्तें जल जीवन मिशन के तहत यूपी में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवारों को पेयजल की सुविधा लगातार मिलती रहे, इसके लिए योगी सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्रामीण क्षेत्रों की पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रख-रखाव के लिए 1,242 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस संबंध में राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक को शासनादेश जारी किया गया है। योगी सरकार के इस फैसले से गांवों में पानी की आपूर्ति करने वाली योजनाओं को सुचारु बनाए रखने और उनकी नियमित देखरेख में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल सुविधा का लाभ लगातार उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत हो सकेगी। पेयजल योजनाओं के रखरखाव के लिए बड़ी धनराशि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पाइप पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,242 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य पेयजल योजनाओं को बेहतर ढंग से संचालित करना और गांवों में पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है। वित्तीय नियमों का पालन जरूरी राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक को जारी शासनादेश में स्वीकृत धनराशि के इस्तेमाल के लिए निर्धारित शर्तों और वित्तीय नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया है। राशि का उपयोग तय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। इससे सरकारी धन के निर्धारित मद में खर्च और योजनाओं के संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। ग्रामीण परिवारों को मिलेगा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का नियमित संचालन बेहद जरूरी है। इनकी देखरेख और रख-रखाव बेहतर होने से पानी की आपूर्ति में आने वाली समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार का यह कदम जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को बनाए रखने और आम लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में मददगार साबित होगा।

योगी सरकार की यूपी राइज पहल से युवाओं को मिलेगा नया अवसर, इनोवेशन पर जोर

यूपी राइज से उड़ान भरेंगे युवा, नवाचार से बनाएंगे रोजगार योगी सरकार की पहल युवाओं को दिखा रही है नई राह  -एचआरआईटी में युवाओं ने पेश किए एआई आधारित समाधान -विजेता टीम को प्रदान किया गया 25 हजार का पुरस्कार गाजियाबाद  युवाओं के आइडिया को नवाचार और नवाचार को रोजगार व उद्यमिता में बदलने की दिशा में योगी सरकार की पहल युवाओं को नई राह दिखा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को गाजियाबाद स्थित एचआरआईटी यूनिवर्सिटी में आयोजित यूपी राइज कार्यक्रम में युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी सोच और उद्यमशीलता का अनूठा संगम देखने को मिला। खचाखच भरे ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों ने खेती, स्वास्थ्य, पशुपालन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एआई, कंप्यूटर विजन और रिमोट सेंसिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। कार्यक्रम ने युवाओं को अपनी सोच को मंच देने, नए प्रयोग करने और भविष्य में अपने आइडिया को स्टार्टअप व रोजगार के अवसरों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आइडिया से स्टार्टअप तक, युवाओं को मिला मंच यूपी राइज में विद्यार्थियों ने दिखाया कि तकनीक का इस्तेमाल केवल नए उत्पाद बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज की जमीनी समस्याओं को हल करने के लिए भी किया जा सकता है। फसलों की बीमारियों की पहचान, प्याज की गुणवत्ता की जांच, बुजुर्गों की देखभाल और इलेक्ट्रॉनिक चिप में संभावित खराबी का पता लगाने जैसे नवाचार इसी सोच का उदाहरण बने। विभिन्न चरणों में सफल होने के बाद बुधवार को अंतिम चरण में पहुंची 12 टीमों ने अपने नवाचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के लिए विभिन्न गेम्स और फन एक्टिविटी भी आयोजित की गईं। इनके माध्यम से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (सीएम युवा उद्यमी योजना), स्टार्टअप योजना सहित युवाओं के कल्याण, स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं को उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना और उन्हें नौकरी तलाशने के साथ अपना उद्यम शुरू करने के लिए भी प्रेरित करना रहा। प्याज की गुणवत्ता जांचने वाले आइडिया को पहला पुरस्कार प्रतियोगिता में टीम विजन-एक्स ने प्रथम स्थान हासिल किया। बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्राओं विदिशा गुप्ता, दीपा, अंजली, वंशिका, तनिष्का और सोनिया ने 'ऑनियन ग्रेड' नामक एआई आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। यह प्रणाली प्याज की तस्वीर का विश्लेषण कर उसके आकार, रंग, आकृति, सड़न और क्षति के आधार पर उसे ग्रेड ए, बी, सी या रिजेक्ट श्रेणी में वर्गीकृत करती है। इससे प्याज की गुणवत्ता जांचने में एकरूपता लाने और किसानों व खरीदारों के बीच विवाद कम करने में मदद मिल सकती है। बुजुर्गों की देखभाल से चिप की निगरानी तक फर्स्ट रनर अप रही रक्षक टीम ने 'साथ केयर' (कर्तव्य) ऐप पेश किया। बीटेक तृतीय वर्ष के गगन दीप सिंह, आकर्ष श्रीवास्तव, दिवाकर सहाय निम, इशिता बलौदी और रुद्र कुमार के इस प्रोजेक्ट में दवाओं की स्कैनिंग, एक्सपायरी जांच, रिमाइंडर, आपातकालीन अलर्ट और मेडिकल रिपोर्ट समझने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सेकेंड रनर अप रही एल्गोरिथम आर्किटेक्ट टीम ने ड्रिफ्टगार्ड एआई सॉफ्टवेयर प्रस्तुत किया। जैना सचदेवा, कुशाग्र राणा, मोहम्मद अरसलान खान और मरियम फातिमा की टीम का यह सॉफ्टवेयर इलेक्ट्रॉनिक चिप और कंपोनेंट्स में असामान्य बदलावों की पहचान कर संभावित खराबी के संकेत देता है। खेती और आपदा प्रबंधन में भी तकनीक का इस्तेमाल विद्यार्थियों ने फसलों की बीमारियों की पहचान, ड्रोन तकनीक से खेती में सुधार, पशुओं की समस्याओं के समाधान और एआई आधारित शिक्षा से जुड़े नवाचार भी पेश किए। रिमोट सेंसिंग के जरिए प्राकृतिक आपदाओं की आशंका की पूर्व सूचना देने वाली वेबसाइट और बचाव के उपायों से संबंधित विचार भी सामने आए। दुर्जोय दत्ता ने साझा किया सफलता का सफर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेस्टसेलिंग पुस्तकों के लेखक दुर्जोय दत्ता ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ लेखन शुरू किया और आगे चलकर इसे व्यवसाय में बदल दिया। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि पहचानने और उसे करियर के अवसर में बदलने के लिए प्रेरित किया। युनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. नवीन राठी ने योगी सरकार की उपलब्धियों और नवाचार को प्रोत्साहन देने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जेन-जी के युवाओं में समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान तलाशने की क्षमता है। कुलपति प्रो. डीके शर्मा भी मौजूद रहे। निर्णायक मंडल में हर्षित देसाई, ज्योति तिवारी और पूनम बंसल शामिल रहीं।

सीएम योगी ने क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोरके दिए निर्देश

एयर शो की तैयारियों को लेकर सीएम योगी ने की समीक्षा,नमो घाट पर व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण  क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर पार्किंग, रूट डायवर्जन, लाइफ जैकेट और ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है,एयर शो 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने का कार्यक्रम वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित वाराणसी दौरे और एयर शो के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि आयोजन के दौरान आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो। बैठक में वायुसेना के अधिकारी भी मौजूद थे। समीक्षा बैठक से पहले मुख्यमंत्री  नमो घाट पहुंचकर प्रस्तावित एयर शो की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने नमो घाट पर स्थलीय निरीक्षण कर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली, निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने परियोजना के मानचित्र के माध्यम से प्रस्तावित व्यवस्थाओं और आयोजन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी ,सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान नमो घाट के साथ गंगा के अन्य प्रमुख घाटों पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को एयर शो आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। कार्यक्रम के अंतिम दिन, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों का  शामिल होना प्रस्तावित है।     यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और रूट डायवर्जन की प्रभावी योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था करने के साथ वहां स्पष्ट साइनेज भी लगाए जाएं, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा हो। आयोजन स्थल और घाटों पर समुचित बैरिकेडिंग के साथ पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार रखा जाए। घाटों पर पर्याप्त मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में आयोजित होने वाले विभिन्न त्योहारों और कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की समुचित योजना बनाई जाए। एयर-शो जैसे बड़े आयोजन में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों, युवक मंगल दल और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार रखने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थलों पर पुलिस, यातायात पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाए। घाटों की सफाई और शहर के सौंदर्यीकरण पर जोर मुख्यमंत्री ने नगर निगम को घाटों की विशेष सफाई कराने के साथ शहर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नमो घाट से अस्सी घाट तक घाटों की पेंटिंग कराने को कहा। इसके साथ ही एयरपोर्ट से शहर तक आने वाले प्रमुख मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर लगे विद्युत खंभों पर स्पाइरल लाइट लगाने तथा प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। प्रशासन और पुलिस ने प्रस्तुतीकरण के जरिए बताईं तैयारियां बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की तैयारियों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुतीकरण की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि घाटों पर सिल्ट की सफाई कराई जा रही है। इसके अलावा 300 मोबाइल टॉयलेट और 400 वाटर टैंकर की व्यवस्था के साथ ही तीन हजार सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बैठक में जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद बैठक में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, स्टाम्प राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, त्रिभुवन राम, सौरभ श्रीवास्तव और डॉ. सुनील पटेल, विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह और जगदीश पटेल, जिलाध्यक्ष रामशकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, एडीजी जोन नवीन अरोड़ा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, डीआईजी वैभव कृष्ण, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, सीडीओ प्रखर कुमार, वायुसेना के अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा के शिक्षक एवं स्नातक मतदाता प्रमुख सम्मेलन में डिप्टी सीएम ने रखे विचार

लखनऊ लखनऊ खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में बुधवार को लखनऊ में आयोजित ‘शिक्षक/स्नातक मतदाता प्रमुख सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने आगामी चुनाव की रणनीति, संगठनात्मक तैयारियों एवं जनसंपर्क अभियान पर चर्चा की। उन्होंने शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं से संवाद करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास में शिक्षित वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश का योगदान निर्णायक रहेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चुनाव में शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं ने भाजपा प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजय दिलाकर अपना विश्वास व्यक्त किया था। इस बार भी पार्टी उसी विश्वास और समर्थन की अपेक्षा लेकर मतदाताओं के बीच पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज न केवल शिक्षा एवं बौद्धिक विकास की आधारशिला है, बल्कि सामाजिक चेतना और राष्ट्र निर्माण में भी उसकी अहम भूमिका है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रदेश में विकास, सुशासन और जनकल्याण के विभिन्न प्रयासों के साथ एक नए उत्तर प्रदेश का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस विकास यात्रा में शिक्षकों, स्नातकों और प्रबुद्ध वर्ग की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपमुख्यमंत्री ने लखनऊ में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के नेतृत्व में राजधानी में अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को गति मिली है। इन प्रयासों से लखनऊ के बुनियादी ढांचे और विकास को नई दिशा मिली है। निरंतर स्थापित करें संवाद उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से आगामी निर्वाचन की तैयारियों को गंभीरता से आगे बढ़ाने, मतदाताओं से निरंतर संवाद स्थापित करने तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उपमुख्यमंत्री ने दोनों भाजपा प्रत्याशियों की विजय सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं का समर्पण और मतदाताओं के साथ निरंतर संवाद चुनावी तैयारियों के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनकी रही उपस्थिति इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, महामंत्री संजय राय, प्रदेश मंत्री अवधेश श्रीवास्तव, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नितिन मित्तल, महानगर अध्यक्ष, आनंद द्विवेदी, महापौर, लखनऊ सुषमा खर्कवाल, क्षेत्रीय महामंत्री एवं संयोजक राजीव मिश्रा, सदस्य, विधान परिषद रामचंद्र प्रधान, प्रत्याशी, लखनऊ खंड शिक्षक एवं सदस्य, विधान परिषद उमेश द्विवेदी, प्रत्याशी, लखनऊ खंड स्नातक एवं  सदस्य, विधान परिषद इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

नगर निकायों की आर्थिक मजबूती पर मंथन

छठे राज्य वित्त आयोग के सम्मेलन में 17 नगर निगमों के महापौरों ने बताईं प्राथमिकताएं लखनऊ के विस्तारित क्षेत्रों के विकास के लिए 7,603 करोड़ रुपये की वित्तीय जरूरत, महापौर सुषमा खर्कवाल ने रखीं मांगें नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता आधुनिक शहरों के विकास का आधार- सुरेश खन्ना, वित्त मंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को गति देने और नगर निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निकायों की आय बढ़ाने, नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने और शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता ही सशक्त और आधुनिक शहरों के विकास का आधार है। बढ़ते शहरीकरण के बीच नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निकायों को अपनी आय बढ़ाने, वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ करने और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना होगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को गोमती नगर स्थित होटल ताज महल में छठे राज्य वित्त आयोग, यूनिसेफ और डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'शहरों की बात सुनना, शहरी चुनौतियों का समाधान' विषयक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। सम्मेलन में प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों ने शहरी विकास की चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया। नगर निकायों की आय बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन पर जोर वित्त मंत्री ने स्वच्छता, सीवरेज व्यवस्था, सेप्टेज प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को शहरी विकास की प्रमुख प्राथमिकताएं बताया। सम्मेलन में संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने, कर संग्रह में सुधार, उपयोगकर्ता शुल्क और नगर निकायों की परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग से आय बढ़ाने के उपायों पर मंथन हुआ। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए म्युनिसिपल बॉण्ड जैसे वित्तीय विकल्पों की उपयोगिता पर भी चर्चा की गई। धार्मिक एवं पर्यटन नगरों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के कारण नागरिक सुविधाओं पर बढ़ने वाले दबाव को देखते हुए कानूनी प्रावधानों के तहत पर्यटन शुल्क अथवा नगर पर्यटन कर की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। महापौरों ने पेयजल, जल निकासी, कचरा प्रबंधन, नगर नियोजन और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। बच्चों, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित, स्वच्छ और समावेशी शहर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। लखनऊ के विस्तारित क्षेत्रों के विकास के लिए 7,603 करोड़ रुपये की जरूरत सम्मेलन में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने गोमती नदी से सटे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और आधारभूत संरचनाओं को पहुंची क्षति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण, जल निकासी और नागरिक सुविधाओं की बहाली के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता है। नगर निगम में शामिल विस्तारित क्षेत्रों के विकास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तुत प्रतिवेदन में लगभग 7,603 करोड़ रुपये की वित्तीय जरूरत का आकलन किया गया है। लखनऊ महापौर ने आयोग के सामने रखीं पांच प्रमुख मांगें लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने छठे राज्य वित्त आयोग से नगर निगम का निर्धारित वित्तीय अंश दोगुना करने का आग्रह किया। उन्होंने विस्तारित क्षेत्रों में विकास, मार्ग प्रकाश और प्रशासनिक व्यय के लिए 2,184 करोड़ रुपये तथा पेयजल और सीवर व्यवस्था के लिए 5,825.85 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके अलावा स्टाम्प ड्यूटी की निर्धारित दो प्रतिशत धनराशि नगर निगम को देने का अनुरोध किया। महापौर ने यूपीसीडा की संपत्तियों और कुछ श्रेणियों को कर छूट से होने वाली राजस्व हानि की भरपाई की मांग भी उठाई। पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने पर भी मंथन सम्मेलन में 16वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग की संवैधानिक भूमिकाओं के संदर्भ में नगर निकायों की वित्तीय स्थिति, संस्थागत क्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करने पर चर्चा हुई। छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव, वित्त दीपक कुमार ने उद्घाटन संबोधन किया। आयोग के सचिव सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। नील रतन, आलोक दीक्षित तथा यूनिसेफ के डॉ. सौमेन बागची और पियूष एंटनी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

28.86 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन, 4,481 महिला अभ्यर्थी भी सफल

चयनित अभ्यर्थियों की सूची बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर नवंबर के तीसरे सप्ताह में वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे लखनऊ ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है। इस भर्ती के तहत विभिन्न पदों पर कुल 32,679 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों की सूची बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट [uppbpb.gov.in](https://uppbpb.gov.in/) पर उपलब्ध है। भर्ती के लिए कुल 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इस भर्ती में आरक्षी नागरिक पुलिस के 10,469, आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस के 15,131, आरक्षी विशेष सुरक्षा बल के 1,341, महिला बटालियन के लिए महिला आरक्षी के 2,282, आरक्षी घुड़सवार पुलिस के 71, जेल वार्डर (पुरुष) के 3,279 और जेल वार्डर (महिला) के 106 पद शामिल हैं। कुल चयनित अभ्यर्थियों में 4,481 महिलाएं भी शामिल हैं। 75 जिलों में हुई लिखित परीक्षा, तीन चरणों में पूरी हुई प्रक्रिया भर्ती बोर्ड ने 8, 9 और 10 जून 2026 को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में छह पालियों में लिखित परीक्षा आयोजित की थी। लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर 76,184 अभ्यर्थियों को डॉक्युमेंट्स की जांच एवं शारीरिक मानक परीक्षा (डीवी/पीएसटी) के लिए चयनित किया गया। यह प्रक्रिया 17 से 31 अगस्त तक चली। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) 1 से 11 अक्टूबर तक आयोजित की गई। पारदर्शी भर्ती के लिए तकनीक का सहारा भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी निगरानी की व्यवस्था की गई। शारीरिक दक्षता परीक्षा में अभ्यर्थियों की दौड़ का समय सटीक रूप से दर्ज करने के लिए आरएफआईडी तकनीक का इस्तेमाल किया गया। वहीं, लिखित परीक्षा केंद्रों, डीवी/पीएसटी केंद्रों और पीईटी स्थलों पर व्यापक सीसीटीवी कवरेज के साथ जनपद एवं बोर्ड स्तर के कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई। मेरिट और वरीयता के आधार पर अंतिम चयन अंतिम परिणाम लिखित परीक्षा के नॉर्मलाइज्ड स्कोर की रैंकिंग और अभ्यर्थियों की ओर से आवेदन पत्र में दी गई पदों की वरीयता के आधार पर तैयार किया गया। चयन में उत्तर प्रदेश शासन की ओर से समय-समय पर जारी आरक्षण नीति के प्रासंगिक प्रावधानों का पालन किया गया। भर्ती बोर्ड के अनुसार, लिखित परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के नॉर्मलाइज्ड स्कोर नवंबर के तीसरे सप्ताह में वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। स्कोर देखने की प्रक्रिया के संबंध में अलग से सूचना प्रकाशित की जाएगी। बोर्ड ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए भर्ती परीक्षा के संचालन में सहयोग करने वाले सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री ने की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें उपभोक्ता, त्योहारों पर भी पर्याप्त व्यवस्था

गोदामों में 70.64 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध, इसमें सहकारी मिलों में 13.40 लाख कुंतल, निगम के पास 2.93 लाख कुंतल व निजी चीनी मिलों के पास 54.3 लाख कुंतल से अधिक चीनी उपलब्ध गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ की बैठक, चीनी स्टॉक सत्यापन एवं मूल्य नियंत्रण के दिए आवश्यक निर्देश सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख चीनी उपलब्धता, मूल्यों की निगरानी व विभागीय टीमों का गठन कर सत्यापन-प्रवर्तन का अनुरोध लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर बुधवार को विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके उपरांत चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसकी कहीं कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रदेशवासी किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। त्योहारों पर भी पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहेगी। राज्य के गोदामों में वर्तमान में 70.64 लाख कुंतल चीनी का स्टॉक है। इसमें सहकारी चीनी के मिलों के पास 13.40 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों के पास 2.93 लाख कुंतल तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के पास 54.3 लाख कुंतल से अधिक चीनी है। इसके अतिरिक्त चीनी मिलों का संचालन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से प्रारंभ हो जाएगा, जिससे नवंबर में नए सत्र 2026-27 के अंतर्गत नई उत्पादित चीनी भी बहुत जल्द उपभोक्ताओं के लिए सुलभ हो जाएगी। इससे पहले केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव ने भी मंगलवार को उच्च स्तरीय समीक्षा कर चीनी मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखने और देश भर में इसकी सुचारु उपलब्धता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके उपरांत बुधवार को गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया चीनी के स्टॉक के भौतिक सत्यापन, मूल्य नियंत्रण सतत निगरानी, सत्यापन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर जिलों में चीनी मिलों से चीनी निकासी, बाजार में उपलब्धता, उसके एक्स-मिल खुदरा एवं थोक मूल्यों की सतत निगरानी करने का अनुरोध किया है। साथ ही, इसके लिए विशेष विभागीय टीमों का गठन कर भौतिक सत्यापन और प्रवर्तन की कार्रवाई सख्ती से सुनिश्चित करने को कहा गया है। शासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि केंद्र सरकार के सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन हो और त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में चीनी की उपलब्धता सुचारु रूप से बनी रहे, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

कसारी-मसारी स्थित इस जमीन पर बनेगा 602 फ्लैट का अपार्टमेंट, गरीबों को आवंटित किए जाएंगे

प्रयागराज में पीएम आवास के 556 लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी, मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (15 अक्टूबर) को एक दिवसीय दौरे पर प्रयागराज आएंगे। इस दौरान वह शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर प्रस्तावित बहुमंजिला आवासीय परियोजना पद्म लोक अपार्टमेंट का भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 556 लाभार्थियों को आवासों की चाबी सौंपेंगे। मुख्यमंत्री स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य महाशय मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ गवर्नमेंट प्रेस मैदान में इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र के मतदाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। कसारी-मसारी में 602 फ्लैट वाले पद्म लोक अपार्टमेंट का करेंगे भूमिपूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कसारी-मसारी क्षेत्र में माफिया अतीक अहमद और उसके गुर्गों के कब्जे से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर प्रस्तावित पद्म लोक अपार्टमेंट का भूमिपूजन करेंगे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) इस आवासीय परियोजना का निर्माण कर रहा है। पीडीए के सचिव विनीत कुमार सिंह के अनुसार, लगभग 9,811.35 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में प्रस्तावित इस परियोजना में 14 मंजिला इमारत बनाई जाएगी। इसमें कुल 602 फ्लैट होंगे। प्रत्येक फ्लैट में दो बेडरूम, हॉल और किचन (2BHK) की सुविधा होगी तथा इसका क्षेत्रफल 56.45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है। परियोजना में आवासीय सुविधाओं के साथ पार्किंग, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और सोलर सिस्टम की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसके अलावा स्विमिंग पूल, कम्युनिटी हॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पीपलगांव में 556 पीएम आवासों के लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के पीपलगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाए गए 556 फ्लैटों के आवंटियों को चाबी सौंपेंगे। पीडीए ने अप्रैल 2025 में लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया था। पद्म लोक अपार्टमेंट के भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को चाबी वितरित करेंगे। महाशय मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण मुख्यमंत्री भूमिपूजन के बाद तेलियरगंज चौराहे पर महाशय मसुरिया दीन पासी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस दौरान वह उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात भी करेंगे। महाशय मसुरिया दीन पासी स्वतंत्रता सेनानी, संविधान सभा के सदस्य, राजनेता और दलित समाज के प्रमुख सामाजिक चिंतक थे। उन्होंने दलित समाज, विशेष रूप से पासी समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक कार्य किया। गवर्नमेंट प्रेस मैदान में मतदाता सम्मेलन को करेंगे संबोधित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज के गवर्नमेंट प्रेस मैदान में आयोजित होने वाले इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र के मतदाता सम्मेलन में भी शामिल होंगे। इस सम्मेलन में संबंधित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दस जिलों के शिक्षक एवं स्नातक मतदाता शामिल होंगे।यह सम्मेलन शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है।

डिजिटल पहचान से जुड़े लखनऊ विश्वविद्यालय के 21,268 विद्यार्थी

  डिजीलॉकर पर सीधे डिजिटल पहचान पत्र (vCard) उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना एलयू योगी सरकार उच्च शिक्षा को डिजिटल व पेपरलेस व्यवस्था से कर रही सशक्त, लखनऊ विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण कदम लखनऊ उच्च शिक्षण संस्थानों में 'डिजिलॉकर' के अधिकतम व प्रभावी उपयोग की योगी सरकार की परिकल्पना को साकार करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्र-सुविधाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले कुल 21,268 छात्र-छात्राओं के आधिकारिक पहचान पत्र भारत सरकार के डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक अपलोड कर दिए हैं। इस स्तर पर व्यापक डिजिटल पहचान पत्र व्यवस्था लागू करने वाला लखनऊ विश्वविद्यालय देश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बन गया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ विश्वविद्यालय की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और छात्र-केंद्रित डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। योगी सरकार की मंशा है कि विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पेपरलेस बनाया जाए, जिससे विद्यार्थियों का कीमती समय बचे और उन्हें पारदर्शी सेवाएं मिलें। लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा देश में सबसे पहले अपने 21 हजार से अधिक नए विद्यार्थियों के पहचान पत्र डिजिलॉकर पर क्यूआर कोड के साथ उपलब्ध कराना डिजिटल उत्तर प्रदेश की दिशा में एक युगांतकारी पहल है। यह व्यवस्था न केवल छात्रों को दफ्तरों के चक्कर और कागजी झंझटों से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि फर्जीवाड़े पर भी पूरी तरह अंकुश लगाएगी। राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों को भी इस मॉडल का अनुसरण करना चाहिए। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी के नेतृत्व में लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्र-हितैषी और पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस डिजिटल पहल के अंतर्गत सत्र 2026-27 में स्नातक, परास्नातक, पीएचडी शोधार्थियों के साथ-साथ डिप्लोमा एवं शास्त्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है। यह पहचान पत्र पूरी तरह 'क्यूआर कोड आधारित' है। पंजीकृत विद्यार्थी अब डिजिलॉकर में लॉग-इन कर अपनी प्रोफाइल फोटो के ठीक नीचे दिए गए 'Generate vCard' विकल्प पर क्लिक कर अपना डिजिटल पहचान पत्र आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। डिजिलॉकर पहचान पत्र (वीकार्ड) की प्रमुख विशेषताएं व लाभ इस प्रकार हैं। यह 24×7 स्मार्टफोन में उपलब्ध रहता है, जिससे विद्यार्थियों को भौतिक प्लास्टिक कार्ड साथ रखने की बाध्यता नहीं होगी और कार्ड के खोने, फटने या चोरी होने का जोखिम समाप्त हो जाएगा। यह कतारों व जटिल प्रक्रियाओं से मुक्ति दिलाता है, क्योंकि नए सत्र में कार्ड छपाई व वितरण में लगने वाले हफ्तों के समय की बचत हुई है और कार्ड खोने पर डुप्लीकेट कार्ड बनवाने की लंबी प्रक्रिया से भी छात्रों को राहत मिली है। डिजिलॉकर में उपलब्ध यह डिजिटल पहचान पत्र सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भौतिक कार्ड के समान 100 प्रतिशत कानूनी रूप से वैध है, जिससे त्वरित सत्यापन व कानूनी मान्यता मिलती है। क्यूआर कोड स्कैन कर प्रतियोगी परीक्षाओं, बस/ट्रेन/मेट्रो रियायत, बैंक व अन्य संस्थानों में त्वरित सत्यापन संभव होगा। यह फर्जीवाड़े पर रोक लगाता है और स्वतः निष्क्रिय हो जाता है, क्योंकि यह प्रणाली सीधे विश्वविद्यालय के डेटाबेस और छात्र की एपीएएआर आईडी से जुड़ी है, जिससे जाली आईडी कार्ड बनने की संभावना शून्य हो गई है और पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर यह कार्ड स्वतः निष्क्रिय हो जाएगा। इसके माध्यम से कैंपस सुविधाओं का सुगम उपयोग किया जा सकता है, जैसे केंद्रीय टैगोर लाइब्रेरी, रीडिंग हॉल, कंप्यूटर लैब, छात्रावासों व खेल परिसरों में छात्र मोबाइल से ही क्यूआर कोड स्कैन कराकर त्वरित प्रवेश ले सकेंगे। यह पर्यावरण संरक्षण (हरित परिसर) में भी सहायक है, क्योंकि 21 हजार से अधिक प्लास्टिक (पीवीसी) कार्ड और लेमिनेशन शीट का उपयोग न होने से प्लास्टिक कचरे में कमी आएगी, जो विश्वविद्यालय की ग्रीन कैंपस नीति के अनुकूल है। डिजिटल आईडी कार्ड (vCard) प्राप्त करने की सरल प्रक्रिया यह है कि छात्र अपने स्मार्टफोन में डिजिलॉकर ऐप या पोर्टल पर पंजीकृत विवरण से लॉग-इन करें, प्रोफाइल फोटो के ठीक नीचे दिए गए विकल्प 'Generate vCard' पर क्लिक करें, और क्लिक करते ही क्यूआर कोड आधारित आधिकारिक डिजिटल आईडी कार्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा, जिसे कभी भी डाउनलोड किया जा सकता है।