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5 वर्षीय शानवी वस्त्रकार ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई प्रतिभा

5 वर्षीय शानवी वस्त्रकार ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाई प्रतिभा कत्थक नृत्य में प्रथम स्थान से बढ़ाया मान बिलासपुर/ जबलपुर मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है।इस प्रेरणादायक कथन को बिलासपुर के मोपका क्षेत्र की नन्हीं प्रतिभा शानवी वस्त्रकार ने साकार कर दिखाया है। महज 5 वर्ष की आयु में शानवी ने अपनी लगन, मेहनत और कला के प्रति समर्पण के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।         जबलपुर में आयोजित रेवा महोत्सव के अंतर्गत आदिदेव कला संस्थान द्वारा अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्तर संगीत, नृत्य एवं वाद्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित मंच पर देशभर से आये प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया जहां प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊँचा रहा।         इसी प्रतियोगिता के कत्थक नृत्य की शिशु वर्ग श्रेणी में शानवी वस्त्रकार ने एकल प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति में भाव-भंगिमा, तालमेल, लय और मंच पर आत्मविश्वास का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इतनी कम उम्र में उनके नृत्य की शुद्धता और अभिव्यक्ति ने ना केवल दर्शकों का मन मोह लिया बल्कि निर्णायक मंडल को भी प्रभावित कर दिया। परिणामस्वरूप शानवी को प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया।       कार्यक्रम के आयोजक एवं निदेशक अखिलेश पटेल ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य देशभर की उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और भारतीय शास्त्रीय कला को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने शानवी की प्रस्तुति को अत्यंत प्रभावशाली बताते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में इस स्तर की प्रस्तुति दुर्लभ है। प्राचार्या वर्षा चौहान ने भी शानवी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और अनुशासन भविष्य में उन्हें और ऊँचाइयों तक ले जायेगा वहीं निर्णायक मंडल में शामिल पियूष मोटघरे और अंकिता गिनारा झा ने शानवी की नृत्य शैली, भाव-प्रदर्शन और मंच पर पकड़ को उत्कृष्ट बताते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।             इस उपलब्धि पर आदिदेव कला संस्थान परिवार ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए शानवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है वहीं शानवी की इस सफलता से उनके परिजनों और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस नन्हीं प्रतिभा की उपलब्धि को गौरव का विषय बताया है। कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर शानवी वस्त्रकार ने यह साबित कर दिया है कि यदि लगन सच्ची हो और मेहनत निरंतर, तो सफलता जरूर कदम चूमती है। उनकी यह सफलता आने वाले समय में अन्य बच्चों के लिये भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

बिलासपुर में खेलों को बढ़ावा: सीएम साय करेंगे महिला हॉकी टूर्नामेंट का शुभारंभ

बिलासपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार 2 मई को बिलासपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जानकारी के अनुसार सीएम साय दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे. वे हेलीकाप्टर द्वारा दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड पहुंचेंगे. सीएम साय यहां बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई में आयोजित आल इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री ऑल इंडिया वुमेन हॉकी टूर्नामेंट में शामिल होंगे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे। जिले में आयोजित इस महिला हॉकी प्रतियोगिता को लेकर खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री मैच का अवलोकन करेंगे और खिलाड़ियों से मुलाकात भी कर सकते हैं। यहां से वे 4 बजे स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई जाएंगे. यहां से वे शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे. यहां से 4 बजकर 55 मिनट पर वे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।  

भारतमाला घोटाले पर सख्ती: हर खसरा नंबर की होगी जांच, प्रशासन ने बनाई अफसरों की स्पेशल टीमें

रायपुर. भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा फर्जीवाड़ा की जांच एक बार फिर अफसरों की टीम करेगी। इसके लिए संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने आला अफसरों को दो नई टीम बनाई है। इस बार यह टीम सभी खसरा नंबरों की बारीकी से जांच करेगी। भारतमाला प्रोजेक्ट में जितने खसरा नंबरों पर मुआवजा दिया गया है उन सभी की जांच होगी। चाहे उन खसरा नंबरों की शिकायत भी न मिली हो। सभी तरह की जांच को हर हाल में एक महीने में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संभाग कमिश्नर महादेव कांवरे की ओर से जारी आदेश के अनुसार रायपुर में भारतमाला प्रोजेक्ट के खसरा नंबरों की जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में बनी टीम करेगी। इसी तरह धमतरी जिले के खसरा नंबरों की जांच अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभी हाल में ईडी की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतमाला प्रोजेक्ट में आईएएस, एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदारों की भी गंभीर भूमिका है। अभी तक इस मामले में केवल डिप्टी कलेक्टर निर्भय कुमार साहू और शशिकांत कुर्रे को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में दावा किया गया है कि इस मामले में और अभी डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम दोषी हैं। इसके बाद ही तय किया गया कि अब एक-एक खसरा नंबर की जांच की जाएगी कि उसमें मुआवजा सही मिला है या नहीं। इस जांच टीम के पहले अफसरों की तीन टीम भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच कर चुकी है, लेकिन इस टीम ने केवल उन्हीं खसरा नंबरों की जांच की थी जिसकी शिकायत लोगों ने की थी। 

रायपुर में IPL का डबल धमाका: 10 और 13 मई को मुकाबले, टिकट बिक्री कल से होगी शुरू

रायपुर. राजधानी रायपुर में 10 और 13 मई को आईपीएल मैच होने जा रहा है। इसकी टिकट की बुकिंग कल यानि 3 मई से शुरू हो रही है। मैच के टिकट केवल आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट shop.royalchallengr s.com/ticket और ऐप पर ही उपलब्ध होंगे। किसी अन्य वेबसाइट/ऐप से नकली टिकट न खरीदें। बता दें कि 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) vs मुंबई इंडियंस और 13 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु vs कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होंगे। अब तक अपडेट के मुताबिक आरसीबी की टीम 8 मई को रायपुर पहुंचेगी और यहां 6 दिन तक रहेगी। टीम मैदान पर प्रैक्टिस भी करेगी। मुंबई इंडियंस की टीम भी 8 मई के बाद राजधानी पहुंचने की संभावना है। 2 हजार का हो सकता सबसे सस्ता टिकट टिकट आरसीबी की आधिकारिक वेबसाइट से ही ऑनलाइन बुक किए जाएंगे। सबसे सस्ती टिकट ₹2000 की होगी। इसके अलावा ₹2500, ₹3500, ₹5000 और ₹8000 तक की कैटेगरी में होगी। इसके अलावा प्लैटिनम सीटों के सामने लगे कांच के पैनल हटा दिए गए हैं। अब दर्शक खिलाड़ियों को बिना किसी रुकावट के और करीब से देख सकेंगे। 

आधार लिंकिंग से हुआ बड़ा खुलासा: छत्तीसगढ़ में स्कूलों में फर्जी नामांकन पकड़ा, 10 लाख छात्रों की संख्या में कमी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में यू डाइस सिस्टम (स्कूली शिक्षा प्रबंधन सूचना प्रणाली) में नाम और आधार एंट्री अनिवार्य होने के बाद विद्यार्थियों की संख्या लगभग 10 लाख घट गई है। वर्ष 2024 से 2026 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के आधार लिक करने से फर्जी नामांकन उजागर हुए हैं। डिजिटल सत्यापन के बाद इनकी वास्तविक संख्या सामने आई है । वर्ष 2024 में जहां 53.69 लाख विद्यार्थियों को किताबें बांटी गई थीं, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 43 लाख रह गई है। इससे अब लगभग 50 लाख किताबें कम छापनी होंगी। वर्षों तक स्थिर रहे आंकड़ों में अचानक आई इस कमी ने नि:शुल्क किताब वितरण और शिक्षा विभाग के खर्च पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ इसे घोस्ट स्टूडेंट्स और फर्जी नामांकन पर नकेल का परिणाम मान रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ टूर्नामेंट की शुरुआत, दुनियाभर के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

रायपुर  छत्तीसगढ़ को वैश्विक गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने के लिए जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट का आयोजन करने की तैयारी चल रही है। यह आयोजन नवा रायपुर में किया जाएगा। इसके लिए  वल्र्ड प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के सीईओ अमन दीप जोहल ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुबोध कुमार ङ्क्षसह से मुलाकात की और आयोजन के लेकर विस्तृत चर्चा की। इसके अलावा बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अंकित आनंद और छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य सचिव रजत कुमार भी मौजूद थे। गोल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर छत्तीसगढ़ में गोल्फ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास करने पर जोर दिया गया। अमन दीप जोहल ने अधिकारियों को प्रोपीजीटीआई कैलेंडर के विस्तार और गोल्फ से पर्यटनए आतिथ्य और रोजगार के क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले अवसरों की जानकारी दी। राज्य को गोल्फ और इससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने, स्पोट््र्स टूरिज्म को बढ़ावा देने और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। राज्य में नए गोल्फ कोर्स अधोसंरचना के विकास से रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन का सफल आयोजन नवा रायपुर के भारतीय पेशेवर गोल्फ सर्किट पर एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरने को रेखांकित करता है, और यह खेल के अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़ते प्रसार को भी दर्शाता है। बैठक में राज्य में नए गोल्फ कोर्स और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई, जिससे खेल पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है, रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं, आतिथ्य और संबंधित क्षेत्रों को समर्थन मिल सकता है, और छत्तीसगढ़ को पेशेवर गोल्फ के लिए भविष्य के गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सकता है। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन का सफल आयोजन नवा रायपुर के भारतीय पेशेवर गोल्फ सर्किट पर एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरने को रेखांकित करता है, और यह खेल के अपने पारंपरिक केंद्रों से आगे बढ़ते प्रसार को भी दर्शाता है। नवा रायपुर में ओपन गोल्फ चैंपियनशिप  रायपुर के फेयरवे गोल्फ एंड लैक रिज़ॉर्ट में छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ चैंपियनशिप के दूसरे एडिशन का आयोजन रायपुर में होने जा रहा है, जिसमें देश विदेश के 126 खिलाड़ी शामिल होंगे। यह टूर्नामेंट PGTI का 2026 सीजन का पहला टूर्नामेंट होगा, जो 3 से 6 फरवरी तक नया रायपुर के शानदार फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में खेला जाएगा।इस इवेंट के लिए प्राइज मनी जो पिछले साल पहले एडिशन में 1 करोड़ रुपये थी, इस साल दूसरे एडिशन के लिए बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। नवा रायपुर मेें वैश्विक गोल्फ टूर्नामेंट नवा रायपुर में आने वाले दिनों में गोल्फ का वैश्विक स्तर का टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा। इसके लिए यहां विश्वस्तरीय अधोसंरचना विकसित की जाएगी। गुरुवार को प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (पीजीटीआई) के अध्यक्ष व पद्म भूषण कपिल देव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ चर्चा की और नवा रायपुर में विश्वस्तरीय गोल्फ सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। कविल देव ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में गोल्फ को आगे बढ़ाने के लिए एक अहम साझेदारी के तहत नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गोल्फ सुविधाएं विकसित करने का अनुरोध किया, जिससे आने वाले समय में यहां वैश्विक स्तर के टूर्नामेंट आयोजित किए जा सके। बैठक में नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप स्तर का गोल्फ कोर्स विकसित करने के प्रस्ताव पर विशेष रूप से विचार किया गया। 

धमतरी का डंका: पंचायत विकास सूचकांक में मंदरौद ग्राम पंचायत प्रदेश में अव्वल

रायपुर       ​ छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के क्षेत्र में धमतरी जिले ने एक नया इतिहास रचा है। राज्य सरकार द्वारा जारी पंचायत विकास सूचकांक (PDI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, धमतरी जिले की ग्राम पंचायतों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि कुरूद विकासखंड की मंदरौद ग्राम पंचायत के नाम रही है, जिसने 'गरीबी मुक्त एवं आजीविका संवर्धन' (थीम-1) में 94.4 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ​सतत विकास के मॉडर्न मॉडल के रूप में उभरा धमतरी ​PDI रैंकिंग में केवल मंदरौद ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य पंचायतों ने भी अपनी छाप छोड़ी है। 'स्वस्थ पंचायत', 'जल संपन्न पंचायत' और 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' जैसी श्रेणियों में जिले की कई पंचायतों ने A+ और A ग्रेड प्राप्त कर यह साबित किया है कि यहाँ शासन की योजनाएं केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूती से उतर रही हैं। ​"पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा"     ​ इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के नेतृत्व और स्थानीय प्रशासन ने हर्ष व्यक्त किया है।उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री ​ विजय शर्मा  मंत्री ने मंदरौद पंचायत को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है। मंदरौद की सफलता प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत और नवाचार का मॉडल बनेगी।विधायक ​ अजय चंद्राकर ने इस जीत का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए कहा कि बयह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और जागरूक ग्रामीणों की मेहनत का फल है। धमतरी विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को पारदर्शी प्रशासन की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और यह रैंकिंग उसी दिशा में एक मील का पत्थर है। ​सफलता के पीछे के मुख्य कारक ​मंदरौद और धमतरी की अन्य पंचायतों की इस सफलता के पीछे तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं। सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाना। विकास कार्यों में ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी सुनिश्चित करना और ​आजीविका पर फोकस करते हुए गरीबी उन्मूलन के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के साधनों का संवर्धन करना रहा।​धमतरी जिले की यह गौरवपूर्ण उपलब्धि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण सशक्तिकरण और समग्र विकास की एक नई इबारत लिख रही है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में जन-जन तक पहुंच रहा सुशासन

रायपुर  छत्तीसगढ़ में सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में आज एक मई से सुशासन तिहार 2026 का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 01 मई से 10 जून तक संचालित होने वाला यह अभियान शासन और आमजन के बीच की दूरी को समाप्त कर पारदर्शी, त्वरित एवं संवेदनशील प्रशासन सुनिश्चित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया गया, जहां मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनते नजर आए। यह पहल वास्तव में राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाने की छत्तीसगढ़ सरकार की  प्रतिबद्धता को पूरा करने का प्रभावी माध्यम है।  बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रिसदा में आयोजित शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। यहां प्राप्त 573 आवेदनों में से लगभग 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण किया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया गया और आवेदकों से संतुष्टि फीडबैक भी लिया जाए। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित शिविर में 332 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 103 का तत्काल समाधान किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम कठिया में आयोजित शिविर में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब की उपस्थिति में कई हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। महिलाओं को मनरेगा जॉब कार्ड प्रदान किए गए। दिव्यांग हितग्राही  योगेश यादव को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। शिविर में हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी देखते ही बनती थी। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में स्टॉल लगाए गए, जहां आमजन को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, केसीसी ऋण, उज्ज्वला योजना, कृषि उपकरण, मत्स्य पालन सामग्री सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ने ग्रामीणों को त्वरित राहत दी। सुशासन तिहार के माध्यम से न केवल शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है, बल्कि आम नागरिकों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे।

जशपुर को मिलेगा आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का राष्ट्रीय मॉडल बनने का अवसर

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के गृह ग्राम बगिया में समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना के अंतर्गत बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई प्रणाली के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन साहू एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना केवल एक सिंचाई परियोजना नहीं, बल्कि “हर बूंद से अधिक उत्पादन” की सोच का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन से जशपुर जिला देश के लिए आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली का मॉडल बनेगा और किसानों को समृद्धि की नई दिशा मिलेगी।  उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। भूमिगत पाइपलाइन व्यवस्था से जल का अपव्यय रुकेगा, जल उपयोग दक्षता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण की समस्या भी नहीं आएगी। अब तक वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों को इस योजना से वर्षभर सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बगिया समृद्धि एम-कैड योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि कृषि को तकनीक आधारित, टिकाऊ और लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाएगी। यह परियोजना जशपुर को राष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल एग्री-इरीगेशन डिस्ट्रिक्ट के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे अन्नदाताओं को समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।  उल्लेखनीय है कि यह परियोजना कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में मैनी नदी पर बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के माध्यम से लागू की जा रही है। इसके तहत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4933 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के 23 राज्यों में स्वीकृत 34 एम-कैड परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर एकमात्र चयनित परियोजना है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जबकि परियोजना की कुल लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि यह योजना क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और किसानों को स्थायी आय का आधार प्रदान करेगी। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने इसे किसानों के लिए “आने वाले समय का वरदान” बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर  आलोक अग्रवाल ने बताया कि एम-कैड कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में किया गया था। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अगले 6 माह में पूर्ण की जाएगी और इसके संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी प्रारंभिक 5 वर्षों तक ठेकेदार द्वारा तथा उसके बाद जल उपभोक्ता समिति द्वारा संभाली जाएगी। इस समिति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। परियोजना में सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, SCADA (Supervisory Control and Data Acquisition) और IoT (Internet of Things) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे जल का नियंत्रित और वैज्ञानिक उपयोग संभव होगा। डेटा आधारित प्रबंधन के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कब और कितनी मात्रा में पानी देना है। इस योजना का उद्देश्य जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना, प्रत्येक बूंद का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, कृषि उत्पादन में वृद्धि करना तथा किसानों की आय में स्थायी सुधार लाना है। साथ ही उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को जलवायु परिवर्तन से जुड़े जोखिमों से निपटने में सक्षम बनाया जाएगा।

कांकेर एकलव्य की छात्रा कृतिका टेकाम ने देशभर के एकलव्य विद्यालयों में की टॉप

रायपुर छत्तीसगढ़ के कांकेर निवासी कृतिका टेकामने सीबीएसई 10 वीं बोर्ड की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर बड़ी उपलब्धि हासिल कीहै। होनहार छात्रा कृतिका ने संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।इस बड़ी उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कृतिका को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कांकेर की होनहार छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य विद्यालयों मेंप्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल कृतिका के परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम है, बल्कि छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षाऔर जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों कीसफलता का भी प्रमाण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यमसे राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे वेराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।          मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियोंको शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी।आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कांकेर की छात्रा कृतिका टेकाम को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में देशभर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीयअंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और अनुकूल वातावरण मिल रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप वे राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शनकर रहे हैं। मंत्री  नेताम ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय विद्यार्थियों के शैक्षणिक, बौद्धिक और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि सीबीएसई द्वारा हाल ही में शैक्षणिक सत्र2025-26 हेतु 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ की छात्रा कु. कृतिका टेकाम देशभर के एकलव्य विद्यालयों में प्रथम स्थान हासिल की है।  आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा नेबताया कि कृतिका टेकाम कांकेर जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय मेंरहकर शिक्षा ग्रहण कर रही थी। संपूर्ण देश में संचालित लगभग 750 एकलव्य आदर्शआवासीय विद्यालयों में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेशके साथ-साथ आदिम जाति विभाग को भी गौरवान्वित किया है। इसके साथ ही अन्यविद्यार्थियों द्वारा भी अच्छा परीक्षा परिणाम प्राप्त किया गया है। प्रदेश में संचालित75 एकलव्य विद्यालयों में से हाई स्कूल स्तर पर 71 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। इनमें 11 एकलव्य विद्यालयों द्वारा शत्-प्रतिशत परीक्षा परिणाम अर्जित किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संचालित कुल 75 एकलव्य आदर्श आवासीयविद्यालयों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षाके साथ-साथ उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाताहै। इसी का परिणाम है कि शिक्षण सत्र 2025-26 में चौथी एकलव्य विद्यालयों कीराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रदेश के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के दल द्वाराउत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया गया। आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बताया कि इसी प्रकार भारत सरकार,पंचायती राज, मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता मेंएकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा जिला-गरियाबंद को देश में संचालित800 विद्यालयों में से राष्ट्रीय विजेता चुना गया। गरियाबंद के चयनित इनविद्यार्थियों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 28 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय स्तरपर सम्मानित किया गया, साथ ही इस विद्यालय को एक करोड़ रूपए की उपहार राशि प्रदान कीगई है।