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साइबर ठगी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल, भिलाई में म्यूल अकाउंट्स नेटवर्क का खुलासा

भिलाई नगर. सुपेला, खुर्सीपार पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराने वाले 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन म्यूल खातों के जरिए लाखों रुपये के संदेहास्पद लेन-देन का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी मात्र 5 से 15 हजार रुपए के कमीशन के लिए अपने बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और उससे जुड़े सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को सौंप देते थे। साइबर ठग इन खातों का इस्तेमाल आम जनता से ठगे गए पैसों को ट्रांसफर करने और पहचान छुपाने के लिए करते थे। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर दुर्ग पुलिस ने 14 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की। सुपेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत फेडरल और उत्कर्ष बैंक से संबंधित मामलों में 02 आरोपियों शुभम चौधरी (22 वर्ष) और गुरमीत कौर को पकड़ा गया। वहीं खुर्सीपार थाना क्षेत्र में इंडियन बैंक खातों से जुड़े मामले में 5 आरोपियों तरुण नायक (40 वर्ष), निखिल नेताम (22 वर्ष), यसमीत सिंह (22 वर्ष), गौरव साहू (23 वर्ष) और नरगिस को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (2), 318 (3) और 317 (4) के तहत सुपेला और खुर्सीपार में मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए हैं।

रायगढ़ के रामभांठा में ₹75 लाख से बनेगा नया हाई स्कूल भवन, मंत्री ओपी चौधरी ने किया भूमिपूजन

रायगढ़ के रामभांठा में 75 लाख रुपये की लागत से बनेगा नया हाई स्कूल भवन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन शाला नायक सुमन के हाथों कराया भूमिपूजन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित शिक्षा की ताकत से ही मेरे जीवन में आया बदलाव, छोटे से गांव से निकलकर आईएएस और वित्त मंत्री बनने तक का सफर शिक्षा से ही हुआ संभव  : ओ.पी. चौधरी रामभांठा स्कूल को 10वीं से 12वीं तक उन्नयन की मिली सुविधा, क्षेत्र के बच्चों को उच्चतर माध्यमिक शिक्षा में मिलेगी सहूलियत रायपुर,  छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामभांठा में 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन हाई स्कूल भवन का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में उन्होंने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि हर बच्चे को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है। नया स्कूल भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सपनों को साकार करने की मजबूत नींव बनेगा। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि वित्त मंत्री चौधरी ने विद्यालय के शाला नायक सुमन के हाथों नवीन भवन का भूमिपूजन कराया। उन्होंने सुमन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में इतनी ऊंचाई हासिल करें कि भविष्य में आप हमसे भी बड़े विकास कार्यों का भूमिपूजन करें। वित्त मंत्री के इस आत्मीय व्यवहार से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा। शिक्षा ने बदली मेरी जिंदगी, यही हर बच्चे की सफलता का आधार : वित्त मंत्री चौधरी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने जीवन के संघर्षों और शिक्षा के महत्व को साझा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति, समाज, प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। किसी भी देश के भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मंत्री चौधरी ने कहा कि मेरा जन्म रायगढ़ से लगभग 17 किलोमीटर दूर एक छोटे से गांव बायंग में हुआ था। जब मैं आठ वर्ष का था, तब मेरे पिता का निधन हो गया। मेरी माताजी केवल चौथी कक्षा तक पढ़ी हैं। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा ने मेरे जीवन को नई दिशा दी। शिक्षा की बदौलत मैं भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहुंचा और आज रायगढ़ के विधायक तथा छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। रामभांठा विद्यालय का 12वीं तक उन्नयन, अब बच्चों को मिलेगी बेहतर शैक्षणिक सुविधा वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2025 में रामभांठा विद्यालय को हाई स्कूल से उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के रूप में उन्नत किया गया। पहले यहां केवल दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की सुविधा थी, लेकिन अब बारहवीं कक्षा तक शिक्षा की व्यवस्था होने से रामभांठा और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़ी सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाला नया भवन विद्यालय की अधोसंरचना को मजबूत करेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भी बच्चों को बेहतर शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षक ही गढ़ते हैं समाज और राष्ट्र का भविष्य वित्त मंत्री चौधरी ने विद्यालय के शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को संवारने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों के हाथों में होती है। शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को ज्ञान देते हैं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य का निर्माण भी करते हैं।  इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी ने प्रतिभा सम्मान समारोह के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, बड़े सपने देखने तथा जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रायगढ़ नगर निगम के महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, नगर निगम सभापति डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य नरेंद्र पटेल, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट रायपुर,  छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष तोमन साहू ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्य के 13 जिलों में जिला रेड क्रॉस समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी दी और इसका प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा।         साहू ने राज्यपाल को जिलों में रेड क्रॉस की गतिविधियों और संचालित कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल को आमंत्रित किया।         राज्यपाल डेका ने शेष जिलों में भी जिला रेड क्रॉस समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेड क्रॉस की गतिविधियों का विस्तार करने पर जोर दिया, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य युगल सिन्हा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर एक कॉल से दूर हुआ गांव का अंधेरा

सेवा की कहानी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर एक कॉल से दूर हुआ गांव का अंधेरा सुकमा के पुसपाल-चितलनार मार्ग पर सात दिनों में लगीं स्ट्रीट लाइटें, ग्रामीणों को मिली राहत रायपुर,   सुकमा जिले के कोकावाड़ा (जांगड़पाल) गांव के लोगों को वर्षों से अंधेरे में आवाजाही की परेशानी से महज एक फोन कॉल ग्रामवासियों के लिए राहत की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर समस्या दर्ज कराने के बाद तत्काल मामले को संज्ञान में लाकर कार्यवाही प्रारंभ की गयी और सात दिनों के भीतर पुसपाल-चितलनार मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गईं। इससे करीब 450 की आबादी वाले इस गांव के लोगों की रात में आवाजाही आसान हो गई है।  छिंदगढ़ विकासखंड के पुसपाल-चितलनार मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से ग्रामीणों को रात में टॉर्च और वाहनों की हेडलाइट के सहारे आना-जाना पड़ता था। घने जंगलों से घिरे इस रास्ते पर सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता था। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और आपात स्थिति में मरीजों को लाने-ले जाने में परेशानी होती थी। गांव के युवा श्री रितेश यादव ने इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अपनी यह समस्या दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर श्री अमित कुमार की निगरानी में सात दिनों के भीतर मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गईं। अब सड़क पर रोशनी होने से ग्रामीणों को रात में आने-जाने में राहत मिली है।

पटवारियों की हड़ताल से राजनांदगांव में कामकाज प्रभावित, राजस्व सेवाओं पर असर

राजनांदगांव. पटवारियों की हड़ताल के चलते राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दो दिनों से यही स्थिति देखने को मिल रही है। तहसील कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हड़ताल के कारण फसलों का भौतिक सत्यापन का काम भी नहीं हो पा रहा है, जिससे किसनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर किसान पंजीयन तथा जमीन संबंधी कार्यों तक पर इसका असर देखने को मिल रहा है। इसके साथ-साथ अन्य कार्यों पर भी असर पड़ने लगा है। राजनांदगांव जिले में भी छत्तीसगढ़ राजस्व संघ के आह्वान पर पटवारी हड़ताल पर चले गए हैं। पटवारी राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जमीन के रिकॉर्ड, सीमांकन से जुड़ी प्रक्रिया, भूमि संबंधी रिपोर्ट और विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवश्यक सत्यापन में उनकी भूमिका रहती है। ऐसे में उनके हड़ताल पर रहने से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी हो रही है। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों और जमीन संबंधी काम कराने वाले नागरिकों पर पड़ रहा है। दो दिनों से शहर तथा जिले में यही स्थिति देखने को मिल रही है। पीवी ऐप की समस्याओं को लेकर आंदोलन छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 13 अक्टूबर से शुरू हुई है। पटवारी संघ का कहना है कि फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। हड़ताल का असर आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर भी पड़ने की आशंका है। किसान पंजीयन और फसल सत्यापन में देरी होने से किसानों को परेशानी हो सकती है। वहीं आय और जाति प्रमाण पत्र की जरूरत वाले विद्यार्थियों तथा अन्य आवेदकों को भी इंतजार करना पड़ सकता है। 

डॉ. रमन सिंह की राजनीतिक यात्रा: 15 अक्टूबर को जन्मदिन, जानें डॉक्टर से मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी

डॉ. रमन सिंह – सादगी से सत्ता तक, 15 साल के विकास पुरुष की कहानी जन्मदिन विशेष: 15 अक्टूबर 1952 – आज 74वां जन्मदिन रायपुर  छत्तीसगढ़ की राजनीति में अगर किसी एक नाम ने सबसे लंबी और स्थायी छाप छोड़ी है, तो वो हैं डॉ. रमन सिंह। आयुर्वेद के डॉक्टर से लेकर लगातार 15 साल तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता तक का उनका सफर, भारतीय राजनीति में दुर्लभ है। 1. प्रारंभिक जीवन – ठाठापुर से रायपुर तक डॉ. रमन सिंह का जन्म 15 अक्टूबर 1952 को अविभाजित मध्यप्रदेश के कवर्धा जिले के ठाठापुर गांव में हुआ था। पिता विघ्नहरण सिंह ठाकुर एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता थे।  1975 में उन्होंने रायपुर के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज से BAMS की डिग्री ली। इसी कारण उन्हें आज भी कार्यकर्ता प्यार से "चाउर वाले बाबा" नहीं, बल्कि "डॉक्टर साहब" कहते हैं। राजनीति में उनकी सक्रियता 1976 से शुरू हुई।  2. राजनीतिक यात्रा •  1990 और 1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे।  •  1999 में राजनांदगांव से लोकसभा सांसद चुने गए। •  अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री बने। •  7 दिसंबर 2003 को जब छत्तीसगढ़ में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, तो 51 साल के रमन सिंह को राज्य का दूसरा मुख्यमंत्री बनाया गया। •  उसके बाद 2008 और 2013 में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने 2003 से 2018 तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री का पद संभाला।  •  वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष हैं। 3. क्यों कहलाए 'चाउर वाले बाबा'? रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल को दो योजनाओं के लिए हमेशा याद किया जाएगा: 1. खाद्य सुरक्षा का छत्तीसगढ़ मॉडल: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में उनका सुधार देशभर में मिसाल बना। 1 रुपये किलो चावल योजना ने उन्हें घर-घर में "चाउर वाले बाबा" के नाम से लोकप्रिय कर दिया। इसी मॉडल को बाद में केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून का आधार माना गया। 2. स्वास्थ्य और विकास: खुद आयुर्वेदिक डॉक्टर होने के नाते उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और स्कूलों का जाल बिछाने का काम उनके कार्यकाल में तेज गति से हुआ। 4. व्यक्तित्व की खासियत विरोधी भी मानते हैं कि रमन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और शांत स्वभाव है। लंबी सत्ता के बावजूद उन पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप कभी नहीं लगा। कम बोलना, मुस्कुराकर जवाब देना और संगठन को साथ लेकर चलना – यही उनकी शैली रही। छत्तीसगढ़ जैसे नए और चुनौतियों से भरे राज्य को एक स्थिर प्रशासन देना, यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। आज उनके 74वें जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं। एक डॉक्टर जिसने नब्ज़ देखना सीखा था, उसने बाद में एक पूरे प्रदेश की नब्ज़ को समझा और उसे विकास की राह पर चलाया।

छत्तीसगढ़ के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद का राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयन, बढ़ाया प्रदेश का मान

कोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बन्नूराम बैद का शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चयन देशभर से चयनित छह शिल्प गुरुओं में शामिल रायपुर, बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी शिल्पकार बन्नू राम बैद का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड के लिए किया गया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी अंतिम चयन सूची में बैद का नाम शामिल है, जिसमें देशभर से कुल छह शिल्प गुरुओं का चयन किया गया है।                  बानू राम बैद का चयन केंद्रीय स्तरीय चयन समिति की 18 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में अंतिम रूप से किया गया। उन्होंने बस्तर की प्राचीन लॉस्ट-वैक्स (मधुच्छिष्ट) तकनीक पर आधारित ढोकरा शिल्पकला को संरक्षित रखने, उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला का प्रशिक्षण देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।                   बैद की कलाकृतियों में बस्तर के आदिवासी जनजीवन, लोक-संस्कृति, देवी-देवताओं और प्रकृति का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। पारंपरिक तकनीक और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सहेजने के उनके प्रयासों ने बस्तर की विशिष्ट शिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।              बन्नू राम बैद को शिल्प गुरु अवार्ड के लिए चयनित सहित जाना कोण्डागांव जिला और समूचे छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंचल के लिए गौरव का विषय है। उनकी यह उपलब्धि पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित करेगी।

धर्मनगरी राजनांदगांव में खाद्य विभाग की कार्रवाई, दुकानों पर मारे छापे

राजनांदगांव. क्वांर नवरात्रि पर्व 2026 के अवसर पर धर्मनगरी डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन हेतु आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा मेला क्षेत्र में सतत एवं सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कुल 21 प्रतिष्ठानों पर दबिश दी गई है। मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य व पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल द्वारा मेला प्रांगण में संचालित कुल 21 खाद्य प्रतिष्ठानों / दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, मिष्ठान्न भंडार, चाट – समोसा ठेला, प्रसाद विक्रय केंद्रों एवं पेय पदार्थ स्टॉलों की जांच की गई तथा खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कड़े निर्देश जारी किए गए। खाद्य सामग्री का ढंका होना अनिवार्यः चाट, समोसा, जलेबी, मिठाई एवं अन्य खुले खाद्य पदार्थों को पूरी तरह ढंककर अथवा जालीदार शोकेस में ही रखने के निर्देश दिए गए, ताकि धूल, मक्खी एवं कीटों से बचाव हो सके। स्वच्छ पेयजल एवं खाद्य- ग्रेड बर्फ का उपयोग पेय पदार्थों (जूस, लस्सी, शरबत आदि) के निर्माण में केवल पीने योग्य स्वच्छ पानी और खाद्य-ग्रेड बर्फ का ही उपयोग करने की सख्त हिदायत दी गई। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि मेला अवधि के दौरान खाद्य सुरक्षा दल द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदेहास्पद खाद्य सामग्रियों के नमूने भी लिए जा रहे हैं। यदि किसी भी प्रतिष्ठान में दूषित, बासी अथवा अमानक खाद्य सामग्री का विक्रय पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

दुर्ग में सरकारी स्कूलों के खराब प्रदर्शन पर शिक्षा विभाग सख्त, प्राचार्यों से मांगा जवाब

दुर्ग. सरकारी स्कूलों के तिमाही परीक्षा का रिजल्ट अपेक्षाकृत कमजोर है। बच्चों के निराशाजनक प्रदर्शन से शिक्षा विभाग की चिंताएं बढ़ गई है। दुर्ग ब्लॉक के स्कूलों की तिमाही परीक्षा परिणाम की समीक्षा बुधवार को जेआरडी स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह द्वारा की गई। कमजोर रिजल्ट का जवाब संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों से लिया गया। कई प्राचार्यों ने कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति नहीं होने से परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं आया। वहीं, कुछ प्राचार्य ने उत्तर पुस्तिकाओं की कड़ाई से जांच जाने का हवाला दिया। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दो टूक कहा कि उत्तर पुस्तिकाएं सामान्य रूप से जांची जाए, न कि किसी पूर्वाग्रह से। समीक्षा के दौरान पता चला कि दुर्ग ब्लॉक की स्कूलों में तिमाही परीक्षा बारहवीं का औसत रिजल्ट 63% तथा दसवीं का 58% रहा है। दुर्ग ब्लॉक के 20 स्कूलों में दसवीं कक्षा का रिजल्ट 60% से कम आया है। वहीं 12वीं में 28 स्कूलों का रिजल्ट 60% से कम है। इस बार 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह में होगी। इस वजह से तिमाही परीक्षा के बाद पूरे सिलेबस से अर्धवार्षिक परीक्षा ली जाएगी। कमजोर परीक्षा परिणाम के बारे में दबे स्वर में ये बातें भी सामने उभर कर आई कि स्कूलों में शैक्षणिक कार्यों के अलावा अनावश्यक रूप से कई गतिविधियां की संचालित की जाती है, जिसका पढ़ाई से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं होता। इससे बच्चों का ज्यादा समय भी बर्बाद होता है। बहरहाल डीईओ ने कमजोर बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें सीमित पाठ्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा लिखने की प्रैक्टिस करने कहा। माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर अपलोड स्टडी मैटेरियल की तैयारी करने जोर दिए गए। समीक्षा के दौरान सहायक संचालक अमित घोष एवं दुर्ग ब्लॉक के प्राचार्य मौजूद थे।

बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए बनाया अनूठा इलेक्ट्रिक प्रेस, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया सम्मानित

रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को 12वें राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में मिला सम्मान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया सम्मानित, बच्चों की सुरक्षा के लिए विकसित किया अनूठा इलेक्ट्रिक प्रेस मॉडल छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाएं नवाचार और विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ा रही हैं प्रदेश का गौरव – शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव रायपुर,   छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचार से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। रायगढ़ जिले के जिंदल पब्लिक स्कूल के छात्र कृष्ण अग्रवाल को नई दिल्ली में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC-2026) में उनके अभिनव प्रोजेक्ट फ्लिप इलेक्ट्रिक आयरन फॉर चाइल्ड सेफ्टी (Flip Electric Iron For Child Safety) के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल की इस उपलब्धि के लिए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बधाई दी। विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं             स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छात्र कृष्ण अग्रवाल की इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की अपार संभावनाएं हैं। कृष्ण अग्रवाल ने अपने उपयोगी नवाचार के माध्यम से यह साबित किया है कि हमारे विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कृष्ण के साथ उनके अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कृष्ण अग्रवाल की सफलता छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है             शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से जलने से बचाएगा नवाचार            छात्र कृष्ण अग्रवाल ने ‘Flip Electric Iron For Child Safety’ नामक अभिनव मॉडल विकसित किया है। इसका उद्देश्य घरों में उपयोग होने वाली गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से छोटे बच्चों को जलने की दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखना है। इस मॉडल में ऑटो-फ्लिप तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे प्रेस को छोड़ने पर उसका गर्म हिस्सा ऊपर की ओर हो जाता है। इसके साथ ही 30 सेकंड में स्वचालित रूप से बंद होने की सुविधा और चाइल्ड लॉक जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल की गई हैं। कम लागत में तैयार यह मॉडल घरेलू सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी साबित हो सकता है। 80 हजार नवाचार विचारों में से शीर्ष 62 में बनाई जगह            छत्तीसगढ़ से प्रस्तुत लगभग 80 हजार नवाचार विचारों में कृष्ण अग्रवाल के मॉडल का चयन शीर्ष 62 नवाचारों में हुआ। उनके प्रोजेक्ट को इंस्पायर मानक -2026 के संकलन में भी स्थान मिला है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत से जुड़ी इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जाता है।