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बालोद : मई के पहले सप्ताह से शुरू होगा तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य

बालोद     जिले में वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। जिसके लिए जिला यूनियन वनमंडल बालोद द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। वनमण्डलाधिकारी एवं जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित बालोद के प्रबंध संचालक श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले के लगभग 25 हजार संग्राहकों के द्वारा तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाना है। जिन्हंें 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से ऑनलाइन भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। जिसके लिए 252 फड़ खोले जाएंगे। कलेक्टर द्वारा अन्य विभागों से 151 फड़ एवं वनमंडलाधिकारी द्वारा 101 विभागीय और अभिरक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा निगरानी के लिए जोनल अधिकारी और पोषक अधिकारियों की नियुक्तियां भी पूर्ण हो चुकी हैं।     प्रबंध संचालक ने बताया कि संग्रहण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ’शाखकर्तन कार्यशाला’ का आयोजन पूर्व में किया जा चुका है। फड़मुंशियों का अनुमोदन भी हो गया है। जब तक अच्छी गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त होंगे, तब तक संग्रहण केंद्र खुले रहेंगे ताकि संग्राहकों को अधिकतम लाभ मिल सके। संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा 21 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत की वन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। समिति के सदस्य स्वयं फड़ों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि संग्रहण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए इसी सप्ताह क्रेता, प्रबंधक और पोषक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद है। संग्राहकों को सही समय पर उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और संग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी संपन्न कराना हमारा लक्ष्य है। 

स्वगणना 30 अप्रैल तक जारी, 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण कार्य

रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिलाई जनगणना शपथ नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान स्वगणना 30 अप्रैल तक जारी, 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण कार्य रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी को आग्रह करते हुए कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जो देश की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में आधार प्रदान करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वगणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।       अग्रवाल ने कहा कि जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत जिले में प्रथम चरण के अंतर्गत स्वगणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट अंबिकापुर सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को जनगणना की शपथ दिलाई।       शपथ के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने यह संकल्प लिया कि वे 1 मई तक चलने वाली जनगणना प्रक्रिया को स्वयं पूर्ण करेंगे तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसमें भागीदारी के लिए जागरूक करेंगे। साथ ही यह भी शपथ ली गई कि जनगणना प्रारंभ होने पर प्रगणकों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों के सही एवं पूर्ण उत्तर प्रदान किए जाएंगे।         इस अवसर पर शपथ में यह भी संकल्प व्यक्त किया गया कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सभी जनगणना 2027 के दौरान अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन करेंगे और देश के समग्र विकास, सुदृढ़ीकरण एवं सशक्तिकरण में अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर कलेक्टरेट सभाकक्ष में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जनगणना के इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई और इसे जनभागीदारी से सफल बनाने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव विकासशील का निर्देश: शासन की योजनाओं का लाभ देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करें

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें: मुख्य सचिव विकासशील सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।            मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।              मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।            कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकरी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी।          एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक अभिजीत कौशिक, उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

रायपुर : राज्यपाल डेका से फिल परमार्थ आश्रम के संस्थापक ने की भेंट

 रायपुर रमेन डेका से आज फिल परमार्थ आश्रम, भिलाई के संस्थापक अमित राज ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आश्रम की गतिविधियों एवं समाजसेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी। आश्रम द्वारा सड़कों पर लावारिस अवस्था में घूम रहे बुजुर्गों तथा मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों का रेस्क्यू कर उन्हें आश्रम में आश्रय दिया जाता है। वहां उनके उपचार, देखभाल, भोजन तथा आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि अब तक आश्रम के माध्यम से 208 लोगों को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में आश्रम में 94 लोग निवास कर रहे हैं, जिनकी नियमित देखरेख की जा रही है।उन्होंने राज्यपाल से आश्रम का भ्रमण करने का आग्रह भी किया।   राज्यपाल ने आश्रम द्वारा किए जा रहे मानवीय एवं सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी पहल बताया। उल्लेखनीय की राज्यपाल द्वारा इस संस्था को पूर्व में 2 लाख रुपए का स्वेछानुदान भी प्रदान किया गया है। इस अवसर पर आश्रम के अन्य कार्यकर्ता  भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव रख रही है सरकार

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ – मुख्यमंत्री रायपुर डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट अजा के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। साथ ही प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया अहम बयान

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े   मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित रायपुर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है। निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें। इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई  से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त

सीपत चौक में गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण उजागर, 54 सिलेंडर जब्त कलेक्टर के निर्देश पर ताबड़तोड़ कार्रवाई   गैस रिफिलिंग का गोरखधंधा पकड़ा गया बिलासपुर  कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर शुक्रवार की सुबह सीपत चौक में अवैध गैस सिलेंडर भंडारण और रिफिलिंग के खिलाफ बड़ी छापामार कार्रवाई की गई। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के मार्गदर्शन में एएफओ अजय मौर्य एवं विनीता दास के नेतृत्व में टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक बड़े गोरखधंधे का पर्दाफाश किया।        खाद्य नियंत्रक श्री कुजूर ने बताया कि कार्रवाई के दौरान महामाया गैस चूल्हा सुधारक एवं विक्रेता तथा गर्ल्स हॉस्टल संचालक लव निमेष जायसवाल के कब्जे से 19 नग 14.2 किलोग्राम के भरे एवं आंशिक भरे घरेलू गैस सिलेंडर तथा 35 नग 5 किलोग्राम के घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर, इस प्रकार कुल 54 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। मौके से 7 नग रिफिलिंग बंशी (नोजल), एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन सहित अन्य उपकरण भी बरामद हुए। जांच में सामने आया कि बिना वैध अनुमति के गैस सिलेंडरों का भंडारण एवं रिफिलिंग कर अवैध रूप से विक्रय किया जा रहा था, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने के साथ ही आमजन की जान-माल को खतरा बना हुआ था। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी जब्त सामग्री को सुरक्षित किया और मौके से गुजर रही कोनी इंडेन की डिलीवरी वैन को रुकवाकर संबंधित एजेंसी के सुपुर्द किया। इसी क्रम में विजय स्टील नामक प्रतिष्ठान जिसके मालिक सनटी अग्रवाल है से भी 2 घरेलू गैस सिलेंडर, 3 रिफिलिंग बंशी एवं एक तौल मशीन जब्त की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अधिक धान उत्पादन के लिए कृषि विभाग का अभियान तेज, हरी खाद से खेतों में वृद्धि

हरी खाद से लहलहाएंगे खेत: धान उत्पादन बढ़ाने कृषि विभाग का विशेष अभियान तेज "रासायनिक उर्वरकों का विकल्प बन रही हरी खाद, 176 हेक्टेयर में विस्तार का लक्ष्य तय" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में मृदा की सेहत सुधारने और धान उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में हरी खाद और जैव उर्वरकों को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग का मानना है कि रासायनिक उर्वरकों के लगातार उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। अभियान के तहत किसानों को रोपा पद्धति से धान की खेती से पहले खेतों में ढैंचा, सन जैसी शीघ्र बढ़ने वाली दलहनी फसलों की बुवाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन फसलों को एक निश्चित अवस्था में मिट्टी में पलटने से मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ती है और प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों की पूर्ति होती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ढैंचा एक अत्यंत प्रभावी हरी खाद है, जिससे प्रति हेक्टेयर 30 से 40 किलोग्राम तक नाइट्रोजन प्राप्त हो सकती है। इसकी बुवाई 35 से 45 दिन पहले की जाती है और 2 से 3 फीट ऊंचाई होने पर इसे मिट्टी में मिला दिया जाता है, जो कुछ ही दिनों में सड़-गलकर फसल के लिए पोषक तत्व उपलब्ध कराती है। जिले में इस अभियान के तहत कुल 176 हेक्टेयर क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मनेन्द्रगढ़ के लिए 62 हेक्टेयर, खड़गवां के लिए 52 हेक्टेयर और भरतपुर के लिए 62 हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। कृषि विभाग किसानों को हरी खाद के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस पहल का लाभ उठाकर मृदा स्वास्थ्य सुधारें और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करें।

कैंसर से जूझ रही महिला को जिला अस्पताल में भर्ती, कलेक्टर ने दिए उपचार के निर्देश

कैंसर पीड़ित महिला को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती, कलेक्टर ने बेहतर उपचार के दिए निर्देश मरीज को बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा में करवाया जायेगा एडमिट थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है महिला, बीते नवंबर एम्स में करवाई गई थी कीमोथेरेपी एक साल तक रायपुर में एम्स व मेकाहारा में इलाज के बाद टाटा मेमोरियल मुंबई में भी हुआ है उपचार रायपुर काटाबहरा (नगवाही) निवासी समलू मरकाम जिनकी पत्नी कपूरा मरकाम थायराइड कैंसर के चौथे स्टेज से पीड़ित है और चलने फिरने में असमर्थ है। उन्हें बाइक में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने मामला संज्ञान में आते ही तत्काल एम्बुलेंस बुलवा कर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपचार के लिए निर्देशित किया। महिला को बेहतर उपचार के लिए रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।     मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 11 नवंबर को ग्राम कांटाबहरा (नगवाही) के श्री समलु मरकाम द्वारा थायराइड कैंसर पीड़ित पत्नी श्रीमती कपूरा मरकाम को उपचार के लिए बाइक में लिटा कर उपचार के लिए ले जाने की सूचना संज्ञान में आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम 12 नवंबर को पीड़िता के घर पहुंची और उसे 108 एम्बुलेंस में बेहतर उपचार के लिए मेकाहारा रायपुर भेजा गया। यहां महिला को कैंसर रिसर्च युनिट में भर्ती कराया गया है जहां कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज हुआ।     उन्होंने आगे बताया कि पूर्व में पीड़िता के स्वास्थ्य समस्या की जानकारी मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रेगांखार/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बोड़ला विकासखण्ड बोड़ला स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा पीड़ित कपूरा मरकाम पति समलू मरकाम के ग्राम काटाबहरा (नगवाही) के निवास स्थान पर जाकर निरीक्षण करने पर पाया गया कि श्री समलू मरकाम द्वारा अपनी पत्नी कपूरा मरकाम के गले का गांठ में दर्द होने पर प्राथ. स्वा. रेगांखर जंगल में ईलाज के लिए ले जाया गया। वहां पदस्थ डाक्टर द्वारा जिला स्वासस्थ्य विभाग के अधिकारियों से मरीज के बीमारी के संबंध में चर्चा कर उपचार के लिए रायपुर रिफर किया गया। जहां वर्ष 2024 में एक वर्ष तक एम्स, मेकाहारा तथा डीकेएस अस्पताल सहित कुछ निजी अस्पतालों में ईलाज चला। इसके पश्चात जनवरी 2025 में टाटा मेमोरियल मुंबई में एक माह तक ईलाज चला। वहां से ईलाज उपरांत घर लाया गया। पीड़िता की परेशानी पुनः बढ़ने पर उन्हें 12 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास ईलाज के लिए ले जाया गया। जहां वे 12 और 13 नवंबर को मेकाहारा में भर्ती रही और 14 से 19 नवंबर 2025 तक एम्स में भर्ती कर कीमोथेरेपी दी गई। जिसके पश्चात 20 नवंबर को मरीज को वापस घर लाया गया। जिसके पश्चात घर पर रहकर वह स्वास्थ्य लाभ ले रही थी। जिसके पश्चात महिला को आज फिर स्वास्थ्य खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां से उन्हें रायपुर में एडमिट करवाया जाएगा।

हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन

हरियाली की गोद में न्याय का मंदिर:मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर बना प्रकृति का मनमोहक आंगन लीची, आम और कटहल से लदे वृक्षों ने बढ़ाई रौनक, तपती गर्मी में भी सुकून का एहसास मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिला मुख्यालय स्थित मनेन्द्रगढ़ न्यायालय परिसर इन दिनों केवल न्यायिक गतिविधियों का केंद्र ही नहीं, बल्कि प्रकृति की अनुपम छटा का जीवंत उदाहरण बन गया है। परिसर में लगे लीची, आम और कटहल के घने एवं फलदार वृक्ष इसे एक सजीव बाग-बगीचे का रूप प्रदान कर रहे हैं, जहां हरियाली की ठंडक और फलों की बहार लोगों का मन मोह लेती है। गर्मी के इस तीखे मौसम में, जब चारों ओर तपिश और उमस से लोग बेहाल हैं, वहीं न्यायालय परिसर में प्रवेश करते ही वातावरण बदल जाता है। पेड़ों की घनी छांव, पत्तों से छनकर आती धूप और हवा में घुली ताजगी एक अलग ही सुकून का अनुभव कराती है। ऐसा प्रतीत होता है मानो न्याय के इस मंदिर में प्रकृति ने स्वयं अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी हो। परिसर में लगे लीची के गुच्छेदार फल, आम के कच्चे-पके रंग और कटहल के विशाल फलों की भरमार न केवल आंखों को आनंदित करती है, बल्कि यहां आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और पक्षकारों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। हर ओर फैली हरियाली और फलदार वृक्षों की छटा इस स्थान को किसी उद्यान से कम नहीं रहने देती। अधिवक्ता श्रीमती पूनम गुप्ता का कहना है कि न्यायालय परिसर में इस प्रकार की हरियाली वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्रदान करती है। उनका मानना है कि यह नजारा केवल सुंदरता ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी देता है। यदि न्यायालय प्रशासन और अधिवक्ता संघ द्वारा इस हरियाली को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए, तो आने वाले समय में यह परिसर एक आदर्श उदाहरण बन सकता है—जहां न्यायिक प्रक्रियाओं के साथ प्रकृति का संतुलन भी सहज रूप से दिखाई दे। यहां का हर पेड़, हर फल और हर छांव मानो यही संदेश देता है कि विकास और पर्यावरण एक साथ कदम बढ़ा सकते हैं।