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ग्रामीण विकास को नई रफ्तार: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 7.82 करोड़ की लागत से बनने वाले नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग का किया भूमिपूज

रायपुर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने रविवार को विकासखंड सिमगा के ग्राम सकरी में नवापारा–सकरी–सतभांवा मार्ग निर्माण कार्य का विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। पुल-पुलियों सहित इस मार्ग का निर्माण 7 करोड़ 82 लाख 58 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा।      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए काम कर रही है और इस बार जिले में कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे गांवों का शहरों से संपर्क और मजबूत होगा।   मंत्री  वर्मा ने कहा कि किसानों के हित में सरकार लगातार कार्य कर रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के बाद कृषक उन्नति योजना के तहत शेष राशि का एकमुश्त भुगतान भी होली से पहले किसानों को कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी हो चुकी हैं। विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा    इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल, जिला पंचायत सदस्य डॉ. मोहन वर्मा, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष व पत्रकारों दिया बधाई

दुर्ग इसी तारतम्य में आज दुर्ग से जगन्नाथ पुरी तीर्थ यात्रा के लिए छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला इकाई दुर्ग  के समस्त ब्लाक  पाटन, अमलेश्वर, अंडा उतई, अहिवारा , कुम्हारी,धमधा एवं दुर्ग शहर से 50 पत्रकारों ने जगन्नाथ पुरी , भुवनेश्वर कोणार्क भ्रमण करने हेतु तीन दिवसीय तीर्थ यात्रा पर निकला  इस मौके पर दुर्ग शहर विधायक एवं शिक्षा व कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने समस्त संगठन के पत्रकारों को तीर्थ यात्रा हेतु मंगल शुभकामनाएं प्रेषित किया  इस मौके पर छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पत्रकार साथियों ने दुर्ग लोकसभा के सांसद विजय बघेल को उनके जन्मोत्सव के मौके पर बधाई देने उनके निवास कार्यालय पहुंचे जिसके पश्चात सांसद  विजय बघेल ने बस को हरी झंडी दिखाकर दुर्ग से पुरी के लिए रवाना किया इस यात्रा में विशेष आभार एवं धन्यवाद के साथ दुर्ग विधानसभा के विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट व शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव एवं सांसद विजय बघेल के प्रति छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के समस्त पदाधिकारी ने कृतज्ञता व्यक्त किया है वहीं तीर्थ यात्रा में शामिल होने वाले पत्रकारों में छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ जिला अध्यक्ष ललित साहू, जिला महासचिव ईश्वर साहू, जिला सचिव रोशन सिंह बंभोले, जिला उपाध्यक्ष अनिल साहू, संरक्षक वीरेंद्र पुरी गोस्वामी , जिला कार्यकारी सदस्य अखिलेश साहू, अश्वनी जांगड़े, जिला मीडिया प्रभारी रवि सेन, जिला सह सचिव करण ताम्रकार,शहर अध्यक्ष शैलेंद्र साहू, धमधा ब्लॉक निकेत ताम्रकार, अमलेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष करण साहू, रुपेश साहू,घनश्याम साहू,CP सिन्हा,कैलाश साहू,जीवन नाटक,हरीश वर्मा,रामजी निर्मलकर,अश्वनी जांगड़े,बागों कैमरा मैंन,दुर्गेश कुमार,संजय साहू,उदय साहू,रोशन बमभोले जी,राम साहू,मुकेश देवांगन,आकाश सोनी,तरुण हरिहारनो दिलीप,साकेत वास्तव ,रामकुमार यादव,धूलेस्वर साहू,सुधीर ताम्रकार,खिलेन्द्रा साहू,लक्ष्मण साहू अश्वनी साहू ,गोविंद सुरेश सोनकर,होरी साहू,परसराम साहू,श्रवण साहू महेश,राजू लाल,खिलेश गंजीर एवं सभी ब्लॉक के संगठन के पत्रकार साथी इस यात्रा में शामिल हुए

गढ़फुलझर नानकसागर बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं पवित्र स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहां पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका तथा विशेष कीर्तन समागम और अरदास में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोफा भेंट कर आत्मीय सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि गढ़फुलझर की पावन धरती स्थित नानकसागर अत्यंत श्रद्धा और आस्था का केंद्र है, जहां पूज्य गुरु नानक देव जी के चरण पड़े हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ संतों की तपोभूमि रही है, जहां अनेक महान संतों ने मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश दिया है। इस पवित्र स्थल पर आकर उन्हें अत्यंत गर्व और आत्मिक आनंद की अनुभूति हो रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों के संरक्षण और समुचित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके विकास कार्यों के लिए लगभग 2 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा नानकसागर क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, जिससे यह स्थल प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके। बसना विधायक  संपत अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सिख समाज सदैव संगठन, सेवा और सामाजिक समरसता की भावना के साथ आगे बढ़ने वाला समाज रहा है।  उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सर्वधर्म समभाव और सद्भावना की जीवंत मिसाल भी है।  कार्यक्रम में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, बसना विधायक  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष  भूपेंद्र सिंह सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के अनेक गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

स्तर में स्वच्छता की नई पहल: तीन पंचायतें प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर, महिलाओं की अहम भूमिका

जगदलपुर प्लास्टिक मुक्त बनने की ओर बढ़ीं बस्तर की तीन पंचायतें, महिला शक्ति निभा रही अहम भूमिका जिले के जनपद पंचायत बस्तर के अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरी, टिकनपाल और बालेंगा को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस उद्देश्य से शनिवार को तीनों पंचायतों में विशेष बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और समग्र ग्राम विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक के दौरान सरपंच, उपसरपंच, वार्ड पंच, ग्रामीणों तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और सकारात्मक प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।         इस अभियान में महिला शक्ति की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं घर-परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। महिलाएं ग्रामीणों को एकल उपयोग प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बता रही हैं और कपड़े के थैले तथा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से परिवार स्तर से लेकर पूरे गांव तक प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल हो रही है।        बैठक में ग्रामीणों को बताया गया कि एक आदर्श और स्वस्थ गांव का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी क्रम में घर-घर कचरा पृथक्करण (सेग्रिगेशन) पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को समझाया गया कि यदि सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखा जाए तो कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन अधिक आसान और प्रभावी हो सकता है। साथ ही गांव की गलियों को स्वच्छ रखने के लिए घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी सहमति बनी।            स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए घरेलू शौचालयों के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि खुले में शौच की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त कर ही गांव के स्वास्थ्य स्तर में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।      बैठक के अंत में सभी जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और महिला समूहों ने मिलकर अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त मॉडल ग्राम पंचायत बनाने की शपथ ली। स्वच्छ भारत मिशन टीम जनपद पंचायत बस्तर के मार्गदर्शन में आयोजित इन बैठकों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल की मजबूत नींव रखी है।

नीरा साहू ने आत्मविश्वास के साथ संभाल रहीं अपनी दुकान

रायपुर ग्रामीण अंचल की महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया सवेरा छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने लाया है। सरगुजा जिले के ग्राम गुमराकलां की रहने वाली  नीरा साहू इसका जीवंत उदाहरण हैं। बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) और महतारी वंदन योजना के संगम ने उन्हें एक साधारण गृहिणी से एक सफल उद्यमी बना दिया है। समूह से जुड़ाव और स्वरोजगार की शुरुआत             नीरा साहू बताती हैं कि उनकी सफलता की कहानी सरस्वती स्व-सहायता समूह से जुड़ने के साथ शुरू हुई। समूह के माध्यम से उन्होंने 17,000 का ऋण प्राप्त किया, जिसे उन्होंने अपनी छोटी सी दुकान में निवेश किया। धीरे-धीरे दुकान चल पड़ी और उनकी आय में वृद्धि होने लगी। महतारी वंदन योजना का मिला संबल          नीरा के हौसलों को तब और उड़ान मिली जब उन्हें शासन की महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ। उन्होंने इस सहायता राशि का सदुपयोग अपनी दुकान के विस्तार के लिए किया। आज वे न केवल अपनी दुकान का कुशलतापूर्वक संचालन कर रही हैं, बल्कि खेती-बाड़ी के कार्यों में भी हाथ बंटाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रही हैं। बच्चों की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य     आर्थिक स्वतंत्रता का सबसे बड़ा प्रभाव उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। नीरा अपने तीनों बच्चों को मॉडल स्कूल में पढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि पहले वे केवल घर तक सीमित थीं, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ व्यवसाय और परिवार दोनों की जिम्मेदारी निभा रही हैं। शासन की योजनाओं का जताया आभार        अपनी प्रगति से उत्साहित नीरा साहू कहती हैं कि बिहान योजना महिलाओं में बदलाव ला रही है। आज  ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ रही हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया, उन्होंने कहा कि हम जैसी ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर और संबल प्रदान किया है।

“स्कूटी दीदी” एनु की उड़ान

रायपुर सपनों को उड़ान देने के लिए पंख नहीं, साहस और संकल्प की जरूरत होती है। इसी बात को सत्य साबित किया है छत्तीगसढ के धमतरी की एक साधारण लेकिन जुझारू युवती एनु ने, जो आज “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और सीमित अवसरों के बावजूद एनु ने न केवल आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई।           एनु का जन्म एक सामान्य ग्रामीण परिवार में हुआ, जहाँ आर्थिक स्थिति सशक्त नहीं थी। परिवार में आय के सीमित स्रोत थे, और लड़कियों की शिक्षा को लेकर अब भी संकोच और संकीर्ण सोच (prevalent ) थी। परन्तु एनु की सोच इससे बिल्कुल अलग थी। वे हमेशा कुछ नया करने और अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा रखती थीं। कठिनाइयों और प्रतिकूलताओं के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में परास्नातक(Post Graduation inEconomics) की उपाधि हासिल की। यह उपलब्धि ही अपने आप में उनके संघर्ष और लगन का प्रतीक थी।           एनु का लक्ष्य केवल डिग्री लेनी ही मंज़िल नहीं थी। एनु जानती थीं कि केवल शिक्षा से रोजगार नहीं मिलेगा, जब तक उनके पास कोई कौशल न हो। इसी सोच के साथ उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया। इस प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में पहला मजबूत कदम उठाने का अवसर दिया। लेकिन उनका सपना सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं था।          एनु का अगला कदम था -मोबिलिटी यानी गतिशीलता की। वे चाहती थीं कि खुद स्कूटी चला सकें, ताकि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलें, प्रशिक्षण दें और उनके जीवन को बदलने में योगदान दे सकें, लेकिन एक ग्रामीण युवती के लिए दोपहिया वाहन चलाना समाज के लिए असामान्य बात थी। इसके लिए उन्हें न केवल आत्मसंदेह से लड़ना पड़ा, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच से भी लडना पडा। यही पर ‘प्रथम संस्था’ (PRATHAM Foundation) ने उन्हें स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण दिया। पहले-पहले जब उन्होंने स्कूटी की चाबी हाथ में ली, तो लोगों ने ताने दिए – “लड़की होकर गाड़ी चलाएगी?”, “क्या ज़रूरत है इधर-उधर घूमने की?”, लेकिन एनु अडिग रहीं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास के साथ इन बातों को अनसुना कर, प्रैक्टिस जारी रखी और जल्द ही स्कूटी चलाने में दक्ष हो गईं।           धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास और कौशल दोनों बढ़ने लगे। अब वे गांवों में स्वतंत्र रूप से घूमने लगीं, महिलाओं से जुड़ीं, उन्हें मोटिवेट करने लगीं और अपनी यात्रा की कहानी सुनाकर उनमें भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने लगीं। यही वह मोड़ था जब उन्होंने तय किया कि अब वह खुद एक ड्राइविंग स्कूल शुरू करेंगी, ताकि अन्य महिलाओं को भी गाड़ी चलाना सिखा सकें। यह पहल ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम था।           सन 2023 में एनु अपने सीमित संसाधनों के साथ “महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र” की शुरुआत की। शुरू में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन जल्द ही यह संख्या बढ़ती चली गई। आज उनकी पहचान पूरे ब्लॉक और जिले में “स्कूटी दीदी” के रूप में हो गई है। उन्होंने अब तक 30 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से कई महिलाएं अब स्वयं स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र या बैंक जैसी जगहों पर काम करने के लिए आत्मनिर्भर रूप से आने-जाने लगी हैं।            एनु की यह पहल न केवल महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता लाई है, बल्कि सामाजिक सोच को भी बदला है। अब गांवों में लोग अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास भेजते हैं, यह सीखने कि कैसे वे भी “अपने सपनों की सवारी” कर सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों ने उन्हें सम्मानित भी किया है। हाल ही में उन्हें जिला प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। एनु का सपना है कि वे आने वाले वर्षों में 1000 महिलाओं को ड्राइविंग सिखाएं और इसके लिए वे जल्द ही चारपहिया ड्राइविंग स्कूल भी शुरू करने की योजना बना रही हैं।           एनु का जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो समाज की जंजीरों को तोड़कर आगे बढ़ना चाहती है। स्कूटी दीदी एनु ने दिखा दिया कि सच्ची ताकत बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि भीतर के आत्मबल और दृढ़ निश्चय में होती है।  

मुफ्त बिजली की ओर कदम: प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से निशि हुईं लाभान्वित, लगाया सोलर प्लांट

रायपुर. खैरागढ़, छुईखदान गंडई जिले के ग्राम टेकापार कला की निवासी श्रीमती निशि श्रीवास ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त किया है। सोलर प्लांट लगवाने से पहले उनके घर का बिजली बिल लगभग ₹500 प्रतिमाह आता था, जिससे घरेलू खर्चों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। योजना के अंतर्गत सोलर पैनल स्थापित होने के बाद अब उनकी स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। सोलर सिस्टम से बिजली का उत्पादन होने के कारण उनका बिजली बिल अब शून्य (₹0) हो गया है। हाल ही में उनके सोलर प्लांट से कुल 282 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जिस पर उन्हें ₹474 का सोलर रिबेट भी प्राप्त हुआ। श्रीमती निशि श्रीवास का कहना है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिल में राहत मिली है, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। अब वे अपने गांव तथा आसपास के लोगों को भी इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

मौसम बदलेगा मिजाज: तेज धूप के बाद हल्की बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

रायपुर. अगर आप भी संडे को कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर पूरी पढ़ लें. छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव के आसार है. धूप की तेज तपिश से लोगों को राहत मिल सकती है. प्रदेश में रविवार को बादल छाने के आसार हैं. दक्षिणी और उत्तरी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. मौसम में बदलाव के कारण दिन आगामी दिनों के तापमान में भी गिरावट हो सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहा. सबसे ज्यादा तापमान बिलासपुर में 39.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान में 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.  रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी में आज मौसम का मिजाज घूमने के लिए अनुकूल रहने वाला है. रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है. मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक द्रोणिका उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश के मध्य भाग से दक्षिण अंदरूनी उड़ीसा तक छत्तीसगढ़ होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में मध्य क्षोभमंडल में 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर 60 डिग्री पूर्व और 32 डिग्री उत्तर में स्थित है. प्रदेश में आज एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. इसके अलावा प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और वज्रपात होने की संभावना बनी हुई है. प्रदेश में अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट संभावित है. मुख्य तौर पर दक्षिण छत्तीसगढ़ में वर्षा का क्षेत्र रहने की आसार है. उत्तर में सरगुजा संभाग के जिले संभावित हैं.

हरियाणा में सुरक्षा पर फोकस: CM सैनी ने सड़क किनारे बिजली के खंभों को लेकर लिया बड़ा एक्शन

चंडीगढ़. हरियाणा में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने अब बिजली के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों के बिल्कुल साथ सटे बिजली के खंभे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। चंडीगढ़ में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि नए खंभे लगाते समय सड़क के किनारे से कम से कम 3 फीट की दूरी सुनिश्चित की जाए। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि वाहन चालकों को पर्याप्त जगह मिल सके और अनियंत्रित होने की स्थिति में गाड़ियां सीधे खंभों से न टकराएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने केवल नए नियमों की बात नहीं की, बल्कि सड़कों के किनारे खड़े पुराने और खतरनाक खंभों को लेकर भी सख्त लहजे में बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो खंभे जर्जर हो चुके हैं या जिनका अब कोई उपयोग नहीं रह गया है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। अक्सर देखा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद पुराने खंभे बीच रास्ते या बिल्कुल किनारे रह जाते हैं, जो रात के अंधेरे में जानलेवा साबित होते हैं। अब ऐसे सभी 'ब्लैक स्पॉट्स' को चिन्हित कर सफाई अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक अहम पहलू संसाधनों की बर्बादी को लेकर भी उठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि हटाए गए खंभों का प्रॉपर स्टॉक रिकॉर्ड बनाया जाए। सीएम का विजन साफ है कि जो खंभे हटाए जा रहे हैं, अगर वे ठीक हालत में हैं तो उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय किसी अन्य उपयोगी जगह पर लगाया जाए। लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की मौजूदगी में सीएम ने विभागों के बीच आपसी तालमेल (Inter-departmental coordination) की कमी पर भी चुटकी ली और कहा कि जनहित की योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों का असली मकसद आम आदमी का जीवन सरल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखें, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता के साथ जमीन पर उतारें। सड़कों को बाधा मुक्त बनाने का यह मिशन न केवल प्रदेश के विकास को गति देगा, बल्कि कीमती जानों को बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

राशन घोटाले की आशंका: सरकारी दुकान से चावल की हेराफेरी, ग्रामीणों ने वाहन पकड़कर खोली पोल

बलौदा बाजार. जिले के ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान में राशन की गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों के आरोप के बाद सरपंच की सूचना पर खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए चावल से भरे एक वाहन को जब्त कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार ग्राम रसेड़ी में संचालित उचित मूल्य की दुकान के संचालक पर ग्रामीणों ने राशन में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा था और बचा हुआ चावल इकट्ठा कर बेचा जा रहा था। ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी मिली कि दुकान के सामने एक वाहन में बड़ी मात्रा में चावल लोड किया जा रहा है, तब उन्होंने इसकी सूचना ग्राम सरपंच को दी। सूचना मिलते ही सरपंच मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर वाहन को रोक दिया। वाहन की जांच करने पर उसमें 50 से अधिक बोरियों में चावल भरा हुआ पाया गया। इसके बाद सरपंच द्वारा इसकी सूचना तत्काल खाद्य विभाग को दी गई। मामले की सूचना मिलने पर खाद्य विभाग के खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। सरपंच और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। प्राथमिक जांच के बाद चावल से भरे उक्त वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान संचालक द्वारा लोगों को कम राशन देकर बचा हुआ चावल इकट्ठा किया गया था और उसे वाहन के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा था। ग्रामीणों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं उचित मूल्य दुकान के संचालक झमकलाल साहू ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वाहन में जो चावल लोड किया जा रहा था, वह उन्होंने राशन कार्डधारी उपभोक्ताओं से खरीदा था। इस संबंध में खाद्य निरीक्षक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जब्त किए गए चावल और वाहन से संबंधित पूरी जानकारी एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सेल्समैन ने यह स्वीकार किया है कि एपीएल कार्डधारकों से चावल खरीदकर बिक्री करने ले जा रहा था। सेल्समैन का यह कृत्य शासकीय दृष्टि से उचित नहीं है। मामले की जांच कर उच्चाधिकारियों के निर्देश अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अधिकांश सोसायटियों में इस तरह के काम हो रहे हैं और चावल की अफरातफरी हो रही है, वहीं बाहरी दुकानदार इन चावलों को खरीद रहे हैं। आपको बता दें कि शासन की योजना है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, पर यहां इसका गलत उपयोग हो रहा है। देखना होगा कि शासन अब आगे क्या कार्रवाई करता है।