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राज्यसभा चुनाव की तैयारी तेज: भाजपा ने बनाए केंद्रीय पर्यवेक्षक, डिप्टी सीएम विजय शर्मा को सौंपी बिहार की कमान

रायपुर राज्यसभा की रिक्त हो रही 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा. भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को बिहार का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. भाजपा ने बिहार सहित हरियाणा और ओडिशा के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए मैदान में छह उम्मीदवार हैं. इनमें एनडीए के प्रत्याशी बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री और जदयू नेता रामनाथ ठाकुर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व विधायक शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा ने पर्चा भरा है. वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने एडी सिंह को प्रत्याशी बनाया है. बिहार में पेंच पांचवी सीट को लेकर फंसा है, जिसकी वजह से चुनाव की स्थिति बनी है. स्थिति को देखते हुए भाजपा ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को बिहार में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इनके अलावा हरियाणा के लिए गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी और ओडिशा के लिए महाराष्ट्र के फडणवीस सरकार में मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

दुर्ग में ट्रैफिक जाम रोकने सूर्या मॉल और नेहरू नगर चौक बनेगा लेफ्ट फ्री

भिलाई नगर. भिलाई में ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने और सुरक्षित यातायात के लिए लेफ्ट टर्न फ्री प्रणाली और ग्रेड सेपरेटर बनाने की दिशा में काम चल रहा है. भिलाई नगर निगम के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सूर्या मॉल चौक नेहरू नगर, सुपेला चौक एवं नेहरू नगर चौक को लेफ्ट फ्री चौक बनाने की तैयारी की जा रही है. ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करने के लिए लेफ्ट टर्न फ्री प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है. सर्वाधिक व्यस्ततम सड़क पर लेफ्ट टर्न फ्री का उपयोग भिलाई निगम क्षेत्र में हो रहा है. नेशनल हाईवे रोड को भी लेफ्ट टर्न फ्री बनाने सुपेला घड़ी चौक को चिन्हाकित किया गया है. भिलाई के ब्लैक स्पॉट दुर्घटना संभावित चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा लेफ्ट टर्न और राइट टर्न की मार्किंग की जा रही है, ताकि वाहन चालकों को टर्न लेने में आसानी हो . भिलाई में लेफ्ट चौक बनाने नेहरू नगर जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त निर्माण जैसे नेहरू नगर चौक से अग्रसेन चौक तक का विस्तार का सुझाव दिया गया है. लेफ्ट फ्री योजना के तहत नियम का उल्लंघन और जुर्माना से बचा जायेगा . यदि आप बाईं ओर मुड़ने के लिए बनी इस खाली लेन में वाहन खड़ा करते हैं, तो यह नियम का उल्लंघन माना जाता है और जुर्माना भरना पड़ सकता है. अब स्पेस ज्यादा मिलने से बाई और रुकने की जरूरत नहीं रहेगी. आप अपनी लेन से बाई और से चले जाएंगे.

टी 20 विश्वकप जीतने पर CM साय भारतीय क्रिकेट टीम को दी बधाई

टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त देते हुए तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया है। भारतीय टीम की इस जीत पर पूरे देश में खुशी का माहौल है और क्रिकेट टीम को जमकर सराहा जा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत अन्य नेताओं ने खुशी जताते हुए भारतीय टीम को बधाई दी है। सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- विश्वविजेता भारत हमारा! शाबाश टीम इंडिया! 140 करोड़ भारतीयों को आप पर गर्व है। टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया के हमारे धुरंधरों ने एक बार फिर विश्व कप का खिताब जीतकर हर भारतवासी को गौरवान्वित किया है। इस जीत के साथ ही भारत यह खिताब 3 बार जीतने वाला पहला देश बन गया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। हमारा तिरंगा यूँ ही विश्व मंच पर शान से लहराता रहे और भारत का गौरव निरंतर बढ़ता रहे। जय हिन्द! वंदे मातरम्!! विश्वविजेता भारत हमारा! 🇮🇳 शाबाश #TeamIndia! 140 करोड़ भारतीयों को आप पर गर्व है। टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए #TeamIndia के हमारे धुरंधरों ने एक बार फिर विश्व कप का खिताब जीतकर हर भारतवासी को गौरवान्वित किया है। इस जीत के साथ ही भारत यह खिताब 3… pic.twitter.com/UBypsGH5TG— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 8, 2026 भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतते हुए पूरे देश को किया गौरवान्वित – विजय शर्मा डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- विश्व विजेता भारत! आईसीसी T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को पराजित कर भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतते हुए पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह ऐतिहासिक जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अटूट संकल्प का प्रतिफल है। भारतीय टीम के सभी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भारत माता की जय! जय हिंद! विश्व विजेता भारत! 🇮🇳🏆 आईसीसी T20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को पराजित कर भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीतते हुए पूरे देश को गौरवान्वित किया है। यह ऐतिहासिक जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अटूट संकल्प का प्रतिफल है। भारतीय टीम के सभी प्रतिभाशाली…— Vijay sharma (@vijaysharmacg) March 8, 2026 T20 विश्व कप तीसरी बार जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने भारत का परचम लहराया – ओपी चौधरी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बढ़ी भारत की आन-बान-शान… आईसीसी T20 विश्व कप तीसरी बार जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने भारत का परचम लहराया। सैमसन, ईशान और अभिषेक की अर्धशतकीय पारियों, बुमराह और अक्षर पटेल की शानदार गेंदबाजी, ईशान का लाजवाब क्षेत्ररक्षण तथा जाबांज खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से सूर्य एंड कंपनी ने खिताब जीता। विश्व विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के समस्त खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन। जय हिंद नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बढ़ी भारत की आन-बान-शान… आईसीसी T20 विश्व कप तीसरी बार जीतकर भारतीय क्रिकेट टीम ने भारत का परचम लहराया। सैमसन, ईशान और अभिषेक की अर्धशतकीय पारियों, बुमराह और अक्षर पटेल की शानदार गेंदबाजी, ईशान का लाजवाब क्षेत्ररक्षण तथा जाबांज खिलाड़ियों के शानदार… pic.twitter.com/cqRMnk6Rya— OP Choudhary (@OPChoudhary_Ind) March 8, 2026 इंडिया-इंडिया….हर तरफ़ एक ही शोर! …एक बार फिर भारत बना विश्व विजेता – पूर्व CM भूपेश बघेल इंडिया-इंडिया….हर तरफ़ एक ही शोर! …एक बार फिर भारत बना विश्व विजेता!! T-20 क्रिकेट पुरुष वर्ल्ड कप में तीसरी बार विश्व विजेता बनने पर सभी देशवासियों को खूब बधाई. भारतीय क्रिकेट टीम के प्रत्येक खिलाड़ी और समस्त स्टाफ को हम सब सलाम करते हैं. आपने हमें फिर से गौरव का यह क्षण दिया है. शानदार बल्लेबाजी, फिर शानदार गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण में नियंत्रण से आपने यह ऐतिहासिक सफलता हाशिल की है. 2007, 2024, 2026 की जीत के बाद यह सिलसिला बरकरार रहे. हाँ! हम हैं विश्व विजेता!! 🏏इंडिया-इंडिया….हर तरफ़ एक ही शोर!🎉🎊 …एक बार फिर भारत बना विश्व विजेता!!🇮🇳 T-20 क्रिकेट पुरुष वर्ल्ड कप में तीसरी बार विश्व विजेता बनने पर सभी देशवासियों को खूब बधाई. भारतीय क्रिकेट टीम के प्रत्येक खिलाड़ी और समस्त स्टाफ को हम सब सलाम करते हैं. आपने हमें फिर से गौरव का यह…— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 8, 2026

छत्तीसगढ़ में व्यापारियों को 31 मार्च तक ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य

कोंडागांव. जिले के फरसगांव नगर पंचायत क्षेत्र में अब बिना ट्रेड लाइसेंस व्यापार करना मुश्किल होने वाला है। प्रशासन ने व्यापारिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ व्यापार अनुपालन नियम 2025 लागू होने के बाद अब छोटे गुमटी संचालकों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक सभी के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। नगर पंचायत प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि 31 मार्च तक लाइसेंस नहीं लेने वाले व्यापारियों पर 25 से 50 प्रतिशत तक आर्थिक दंड लगाया जाएगा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश के तहत नगरीय निकाय क्षेत्र में संचालित हर व्यवसाय को अब नगर पंचायत की अनुज्ञप्ति के दायरे में लाना अनिवार्य है। व्यापारियों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और राजस्व शाखा के माध्यम से दस्तावेज जमा करने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि समय सीमा के बाद नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नवा रायपुर तहसील बनाने अधिसूचना जारी, 39 गांवों के लोगों नहीं लगाएंगे शहर के चक्कर

रायपुर. नवा रायपुर के रहवासियों के लिए सुकून भरी खबर है. अब उन्हें जमीन, मुआवजा या राजस्व संबंधित कामों के लिए बार-बार रायपुर शहर या आसपास की तहसीलों में नहीं जाना पड़ेगा. राज्य सरकार ने नवा रायपुर को तहसील बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है. नवा रायपुर के साथ अब रायपुर जिले में रायपुर, मंदिर हसौद अभनपुर, धरसींवा, तिल्दा-नेवरा भी नई तहसील होगी. अभी तक वहां के गांवों के लोगों को राजस्व और प्रशासन संबंधित कामों के लिए रायपुर समेत आसपास के तहसीलों में जाना पड़ता था. लेकिन अब वहां के लोग वहीं की नई तहसील में अपने काम निपटा सकेंगे. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नई तहसील बनाने की अधिसूचना जारी की है. इससे पहले नई तहसील की सीमाओं को लेकर दावा-आपत्ति मंगाई गई थी. इसमें कुछ ही आपत्तियां मिली थी, जिनका निराकरण कर दिया गया है. नई तहसील में इन गांवों को किया शामिल राजस्व निरीक्षक मंडल के 20 पटवारी हल्के में कुल 39 ग्रामों को शामिल किया गया है. इसमें फ्लौद – परसदा 20, पलौद 21, रीको, सेंध 21, चींचा 23, बरौंदा, 23, रमचंडी 23, कयाबांधा 24, झांझ 24, नवागांव 24, खपरी 24, कुहेरा 25, राखी 25, कोटनी 26, कोटराभाटा 26, तांदुल 26, मंदिर हसौद – छतौना 22, नवागांव 15, केंद्री- केंद्री 13, परसठ्ठी 13, निमोरा 14, उपरवारा 15, तूता 15, केंद्री 16, झांकी 16, खंडवा 18, भेलवाडीह 18, पचेड़ा 19, तोरला चेरिया 1, पाँता 1, बंजारी 1, तेंदुआ 1, कुरूं 2 सेरीखेड़ी में सेरीखेड़ी 16. नकटी 16, टेमरी 39, धरमपुरा 39, बनरसी 40, रायपुर 18, कांदुल माना 51 शामिल हैं. रहवासियों को होंगे फायदे नए तहसील के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लोगों को राजस्व प्रशासनिक कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. इससे समय के साथ पैसे भी बचेंगे. जमीन नामांतरण, खसरा सुधार, बटांकन, डायवर्सन समेत अन्य संबंधित काम में तेजी आएगी. मूल निवासी, जाति, आय समेत कोई भी प्रमाण-पत्र बनाने लोगों को फायदा मिलेगा. सरकारी कामों के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय या बड़ी तहसील नहीं जाना पड़ेगा. इसके साथ प्रशासन की उपस्थिति से इलाकों में सुरक्षा कानून व्यवस्था पहले से और बेहतर होती है.

कैंसर से संघर्ष और तीन नौकरियों का त्याग, दृष्टिबाधित संजय दहरिया ने UPSC को किया क्रैक

महासमुंद जुनून, लगन और हार न मानने की जिद। इन सबका जीता जागता उदाहरण हैं संजय दहरिया। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के संजय दहरिया ने छह साल तक कैंसर से जूझने और तीन नौकरियां छोड़ने के बाद अपने तीसरे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 946वीं रैंक हासिल की है। बेलटुकरी के एक किसान के 38 साल के इस पुत्र ने अपने परिवार और गांव के लोगों को अपार गर्व और खुशी दी है। दहरिया की शैक्षणिक यात्रा एक स्थानीय सरकारी स्कूल से शुरू हुई। कक्षा 5 में जवाहर नवोदय विद्यालय, माना (रायपुर) में चयन होने के बाद इसमें एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। दहरिया के लिए सिविल सेवाओं तक का सफर पेशेवर और व्यक्तिगत दोनों ही दृष्टि से चुनौतियों से भरा था। पश्चिम बंगाल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2009 से 2011 तक काम करने के बाद उन्होंने उच्च लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस्तीफा दे दिया। हालांकि, 2012 में उन्हें लार ग्रंथियों के कैंसर का पता चला, जिसके कारण छह साल तक उनका कठिन इलाज चला। दृष्टिबाधित होने के बावजूद दहरिया ने हार नहीं मानी और सिविल सेवाओं में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा। उन्होंने रायपुर के एक बैंक और महासमुंद डाकघर में काम करते हुए अपने करियर को आगे बढ़ाया। उन्होंने 2022 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में भाग लेना शुरू किया और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित होकर 2025 में तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। दहरिया ने अपनी सफलता का श्रेय बीमारी के दौरान अपने परिवार और मार्गदर्शकों के अटूट समर्थन को दिया। उन्होंने कहा कि मैं सिविल सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने की आशा रखता हूं। चाहे मुझे आईएएस कैडर मिले या कोई अन्य सेवा, लोक सेवा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता दृढ़ रहेगी। महासमुंद के कलेक्टर विनय कुमार लांगेह और जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने दहरिया को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की, जो साहस और दृढ़ता का एक उदाहरण है।

न्यायपालिका को अदृश्य दुश्मनों से खतरा, इंटरपोल से सहयोग की अपील

रायपुर अदालतों को मिल रहे लगातार धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अदालत परिसरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन जांच एजेंसियों के हाथ अब तक खाली होने से उनके साइबर सुरक्षा तंत्र और तकनीकी क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसे देखते हुए अब इन अदृश्य दुश्मनों का सुराग लगाने के लिए ही इंटरपोल से मदद ली जा रही है। राज्य साइबर सेल की ओर से इस संबंध में अब पहल की गई है। जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल देश के विभिन्न राज्यों की अदालतों के साथ ही बिलासपुर हाई कोर्ट, रायपुर, दुर्ग और कोरबा जैसी जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी स्थिति यह है कि जांच एजेंसियों के पास ठोस सुराग के नाम पर कुछ भी नहीं है। अत्याधुनिक डिजिटल हथियारों का उपयोग किया राज्य पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले तो दर्ज किए हैं, लेकिन एनआइए से लेकर साइबर सेल तक की सक्रियता के बावजूद नतीजा सिफर (शून्य) है। जांच में यह बात सामने आई है कि ई-मेल भेजने वाले ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और टोर (ओपन-सोर्स साफ्टवेयर) ब्राउजर जैसे अत्याधुनिक डिजिटल हथियारों का उपयोग किया है। विदेशी सर्वर पर स्थित कंपनियों से डेटा प्राप्त करने में होने वाली महीनों की देरी और इंटरपोल की लंबी कागजी प्रक्रिया ने जांच की रफ्तार को पूरी तरह कुंद कर दिया है। संसाधनों का अभाव बनी चुनौती पुलिस मुख्यालय के अधिकारी यह स्वीकार करते हैं कि हमारे पास फिलहाल ऐसी कोई स्पेशल रिस्पांस टीम नहीं है, जो अंतरराष्ट्रीय सर्वर के पीछे छिपे अपराधियों को 24 घंटे के भीतर बेनकाब कर सके। अदालतों के बाहर सघन चेकिंग, बैग स्कैनिंग और अतिरिक्त सुरक्षा घेरे के कारण लोग और वकील परेशान हैं। सिर्फ शरारत मान लेना बड़ी चूक अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं होने के कारण जांच एजेंसियां इसे सिर्फ डराने वाली शरारत के रूप में देख रही हैं। लेकिन विदेशी धरती से बैठकर देश की संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। मामले की तह तक जाना राज्य की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। विशेषज्ञों की कमी पर हाई कोर्ट जता चुका है नाराजगी बिलासपुर हाई कोर्ट ने पिछले दिनों साइबर एक्सपर्ट्स की नियुक्तियां न होने पर नाराजगी जताई थी। गृह विभाग की ओर से जवाब दिया गया कि भर्ती प्रक्रिया जारी है, लेकिन बम की इन धमकियों ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में हम कितने पीछे हैं। जब तक राज्य में उच्चस्तरीय साइबर विशेषज्ञ और त्वरित डेटा रिकवरी तंत्र नहीं होगा, तब तक अदृश्य अपराधी इसी तरह हमारी व्यवस्था को चुनौती देते रहेंगे। भविष्य में ऐसी धमकियां और गंभीर रूप ले सकती हैं विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं केवल सुरक्षा एजेंसियों की तकनीकी क्षमता ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर सहयोग की आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं। यदि समय रहते अत्याधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित विशेषज्ञ और त्वरित डेटा एक्सेस व्यवस्था विकसित नहीं की गई, तो भविष्य में ऐसी धमकियां और गंभीर रूप ले सकती हैं।

ग्राम बेतबेड़ा में 83.50 लाख के 14 विकास कार्यों का भूमिपूजन, वन मंत्री कश्यप ने दी सौगात

रायपुर वन मंत्री  कश्यप ने ग्राम बेतबेड़ा में 83 लाख 50 हजार रुपये के 14 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन प्रदेश के वन मंत्री  केदार कश्यप ने शनिवार को कोंडागांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम बेतबेड़ा में 83 लाख 50 हजार रुपये की लागत से स्वीकृत 14 विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि सरकार द्वारा क्षेत्र के समग्र विकास एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। वन मंत्री  कश्यप ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या में महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत में प्राचीन समय से महिलाओं को सम्मान देने की समृद्ध परंपरा रही है। सरकार की  जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश की महिलाएं सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत जीरामजी योजना प्रारंभ की गई है, जो ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने योजना के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से गांवों में आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। योजना के अंतर्गत अब 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध होगा तथा मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके अलावा बेरोज़गारी भत्ता का भी प्रावधान किया गया है। वन मंत्री  कश्यप ने परंपरागत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आज हमारे पारंपरिक अनाज एवं वनोपज की मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों एवं ग्रामीणों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। कार्यक्रम को जिला पंचायत सदस्य मती यशोदा कश्यप, जनपद पंचायत अध्यक्ष मती अनीता कोर्राम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया। भूमिपूजन किए गए कार्यों में ग्राम पंचायत मुंगवाल में पंचायत भवन के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण लागत 5 लाख रूपए, ग्राम पंचायत चमई में कोकड़भाटा में जैतराम नेताम के खेत के पास 3 मीटर पुलिया निर्माण लागत 9 लाख रूपए, ग्राम पंचायत मड़ागांव में बावड़ी पटेलपारा में सांस्कृतिक भवन के पास 1.50 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख रूपए, ग्राम पंचायत बेतबेड़ा में मुख्य मार्ग जाने वाले रोड में लखूराम के खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत बोरगांव अंतर्गत खंडम मार्ग में फूलसिंह के खेत के पास 1.5 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख रूपए, ग्राम पंचायत बोटीकनेरा अंतर्गत मांझीपारा फरसू घर के पास 1.50 मीटर पुलिया निर्माण लागत 4.50 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मड़ानार के बड़ेपारा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 5 लाख रुपए, ग्राम पंचायत हथकली के हासेल में मुख्य मार्ग से गोट गोंदी पारा मानू खेत के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत तुमड़ीवाल में आलवाड़पारा के बीच 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कुधूर में मुख्य मार्ग से चंडेला मार्ग में 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मटवाल में जटानाथ घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रूपए, ग्राम पंचायत बड़े कुरूषनार के पुरन बेड़ापारा मार्ग में चिंतु लोहार घर के पास 3 मीटर पुलिया निर्माण लागत 9 लाख रूपए, ग्राम पंचायत मूलनार में इन्द्रू यादव के घर के पीछे 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए तथा ग्राम पंचायत नवागांव के खोड़सानार में पीलू घर के पास 2 मीटर पुलिया निर्माण लागत 6 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख और पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा

रायपुर समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख और पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेता है, तब नई पीढ़ी और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के पारागांव में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।   इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री  साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महतारी वंदन योजना को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं और इस अवसर पर प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में योजना की 25वीं किश्त की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने देश और प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के माध्यम से 2000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि होली पर्व के पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के बजट में राज्य के सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने समाज के युवाओं से आग्रह किया कि जो बेटा-बेटी उद्यम करना चाहते हैं, वे राज्य की नई उद्योग नीति का अध्ययन करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में  दीपक चंद्राकर (सिविल जज में चयनित), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (पीएससी में चयनित, वाणिज्यिक कर अधिकारी), डॉ. प्रीति करण चंद्राकर (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, कंप्यूटर एंड साइंस, एनआईटी रायपुर), डॉ. करण चंद्राकर (आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल एवं फाइबर इंजीनियरिंग में पीएचडी), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (इंडो-नेपाल टेस्ट सीरीज बॉल बैडमिंटन में गोल्ड मेडल), डॉ. दिव्या चंद्राकर एवं डॉ. राहुल चंद्राकर (एमबीबीएस, शासकीय चिकित्सालय महासमुंद) शामिल हैं। कार्यक्रम को केबिनेट मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  ललित चंद्राकर तथा विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी संबोधित किया और समाज के संगठन, शिक्षा और सामाजिक विकास में योगदान की सराहना की। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

रायपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से  रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू तथा सरगुजा की निधि जायसवाल से संवाद किया।  मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं। धमतरी की नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से … Read more