samacharsecretary.com

लोखंडी ब्रिज से जोंकी मोड़ तक सड़क नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 2.30 करोड़ मंजूर

बिलासपुर राज्य शासन ने मुंगेली जिले में लोखंडी ब्रिज से जोंकी मोड़ तक सड़क के नवीनीकरण और मजबूतीकरण के लिए 2 करोड़ 30 लाख 18 हजार रुपए मंजूर किए हैं। इस राशि से 1.15 किलोमीटर लंबाई में सड़क का मजबूतीकरण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।

सरगुजा जिला वुडबॉल संघ के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय मंच पर जलवा, जीते सिल्वर मेडल

रायपुर भोपाल में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वुडबॉल प्रतियोगिता 2025-26 में सरगुजा जिला वुडबॉल संघ के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले को गौरवान्वित किया। संघ के प्रतिभाशाली खिलाड़ी संदीप सिन्हा एवं साक्षी कुमारी ने संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए मिक्स डबल इवेंट में शानदार प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।  राष्ट्रीय कोच  राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि स्ट्रोक इवेंट मिक्स डबल इवेंट में संदीप सिन्हा और साक्षी कुमारी ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर सरगुजा को गौरवान्वित किया है। विगत कई वर्षों से सरगुजा के खिलाड़ी वुडबॉल प्रतियोगिताओं में निरंतर पदक जीतते आ रहे हैं, जो संघ की नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम है। दोनों खिलाड़ी के.आर. टेक्निकल कॉलेज में अध्ययनरत हैं। प्रतियोगिता में प्रीतम जायसवाल, प्रियांशु कुशवाहा, दीपक, निखिल गुप्ता एवं निशांत भगत तथा महिला वर्ग में अंजिल प्रीति टोप्पो, स्नेहा जायसवाल, जल जायसवाल, मोनालिसा तिग्गा एवं उर्मिला एक्का ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले सरगुजा के राष्ट्रीय रेफरी  रजत सिंह एवं  आकाश दुबे को आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया।  

रायपुर में सिटी गैस सेवा का आगाज, मुख्यमंत्री साय ने शुरू की पहल, घर और कारोबार होंगे सशक्त

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएनजी युक्त वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रायपुर नगर निगम की पहली पाइपलाइन गैस उपभोक्ता श्रीमती पूनम चौबे से संवाद कर घरेलू उपयोग में पाइपलाइन गैस की सुविधा के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रजत जयंती वर्ष मना रहा है और इन वर्षों में प्रदेश ने विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। सिटी गैस अवसंरचना परियोजना इस विकास यात्रा में एक नई उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल नई सुविधा नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना की दिशा में प्रदेश का सशक्त संकल्प है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब मेट्रो शहरों की तर्ज पर डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) के माध्यम से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पाइपलाइन से गैस उपलब्ध होगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को रिफिलिंग की झंझट से मुक्ति मिलेगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सस्ती और सुलभ ऊर्जा मिलने से उद्योग क्षेत्र को भी गति मिलेगी तथा प्रदेश में निवेश की संभावनाएं सशक्त होंगी। मुख्यमंत्री ने एचसीजी समूह को बधाई देते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि वे रायपुर सहित बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले में शीघ्र ही सीएनजी स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क विकसित करेंगे। उन्होंने कहा कि वाहनों में सीएनजी के उपयोग से प्रदूषण में कमी आएगी और आम नागरिकों के ईंधन खर्च में भी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत राज्य बजट में अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रदेशवासियों को मेट्रो शहरों जैसी सुविधाओं का अनुभव हो। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चलें, इस दिशा में सरकार ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वच्छ ईंधन अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनें और हरित, विकसित एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दें… उल्लेखनीय है कि सिटी गैस अवसंरचना परियोजना रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से घरेलू उपयोग तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों हेतु पाइपलाइन द्वारा पीएनजी की आपूर्ति की जाएगी तथा वाहनों के लिए सीएनजी भी उपलब्ध होगा। कार्यक्रम में एचसीजी समूह के प्रबंध निदेशक राहुल चोपड़ा, निदेशक श्री राजीव माथुर, अध्यक्ष दीपक सावंत, राकेश रंजन, गैल इंडिया के प्रतिनिधि एवं उद्योग जगत के लोग उपस्थित रहे।

‘मोर माटी, मोर मान’ थीम पर होगा प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन: मुख्य सचिव

रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई। जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव और आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बताया गया कि रायपुर साहित्य महोत्सव की तरह ही नवा रायपुर में आगामी 27 और 28 मार्च को भव्य प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके लिए पोर्टल भी तैयार किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा व संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ वासियों को यहां के लोगों से जोड़ने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के आयोजन को राज्य और प्रवासियों दोनों के लिए एक बेहतर अवसर बताया। मुख्य सचिव ने समिट में आने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ वासियों को उनकी आवश्यकतानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय कार्य करने वालों का होगा सम्मान मुख्य सचिव ने सम्मेलन के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कार्यक्रम में सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के ऐसे लोग जो अपने कार्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ा रहे हैं उन्हें सम्मानित करने की भी बात कही। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन में आने वाले विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ छत्तीसगढ़ियों से यहां के युवाओं का मार्गदर्शन सत्र भी रखा जाये, जिनसे उन्हें लाभ प्राप्त हो। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए प्रवासियों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इस मौके पर यदि प्रवासी नागरिक किसी भी सेक्टर में निवेश अथवा कार्य करने की सहमति प्रदान करते हैं तो उनसे एमओयू भी किया जाएगा। सम्मेलन में परोसा जाएगा छत्तीसगढ़ी व्यंजन प्रवासी छत्तीसगढ़िया सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ी व्यंजन भी परोसा जाएगा। बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्टेट कैपिटल रीजन के सीईओ अंकित आनंद, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव गृह नेहा चंपावत, ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े, चंदन कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

3 साल से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने लगाई फटकार

मनेन्द्रगढ़. जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को लेकर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की वर्चुअल बैठक में उन्होंने राज्य स्तर से लंबित महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन, सूचना का अधिकार, पीएम स्वनिधि, ई-श्रम पोर्टल, कौशल विकास, निर्वाचन, वन, कृषि, शिक्षा, श्रम, पर्यटन, विद्युत, बैंकिंग, नगर निकाय और राजस्व विभागों से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। तीन साल से अधिक समय से लंबित प्रकरणों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित शाखाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में आधार और मोबाइल बैंकिंग यूनिट से जुड़े लंबित प्रकरणों पर विशेष फोकस किया गया। आधार पेंडेंसी की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विशेष आधार शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो और नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मोबाइल बैंकिंग यूनिट के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आधार अपडेट, आधार सीडिंग, डीबीटी लिंकिंग और बैंक खाता सत्यापन जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, लेकिन कमजोर मॉनिटरिंग के कारण कई प्रकरण लंबित हैं। इसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा और मॉनिटरिंग व्यवस्था को सख्त किया जाएगा।

106830 किसानों को आज होगा 407 करोड़ का भुगतान

दुर्ग. जिले के समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर की राशि 407 करोड़ 89 लाख 82 हजार का आज भुगतान होगा. इससे कुल 106830 किसान लाभान्वित होंगे. इसमें कामन धान 15351 व ग्रेड ए पर 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी. योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2025-26 के कृषक उन्नति योजनांतर्गत विकासखण्ड- दुर्ग के 25057 कृषकों को 8703.03, पाटन 44122 कृषकों को 16995.87 लाख एवं धमधा के 37651 कृषकों को राशि 15090.54 लाख रुपए भुगतान की जा रही है. खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि 731 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) का राशि 711 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जायेगा.

भिलाई स्टील प्लांट के एचएसएलटी ठेका श्रमिकों की पेंशन शुरु

भिलाई नगर. बीएसपी में एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के प्रयास से 110 श्रमिकों को पेंशन मिलना शुरु हो गया है. उन्हें 2700 रु. प्रतिमाह पेंशन मिल रहा है तथा लगभग 170000 रु. मिलना प्रारंभ हो गया है. सेवानिवृत्त एचएसएलटी श्रमिकों ने इंटक के प्रयास के लिए इंटक आफिस जाकर आभार जताया. भिलाई इस्पात संयंत्र में साफ-सफाई एवं उत्पादन कार्य में विगत 40 वर्षों से कार्य करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. ईपीएफ के केवाईसी लंबित रहने के कारण लगभग 10 वर्षों से प्रयासों के बावजूद उनका पेंशन प्रारंभ नहीं हो पा रहा था. इस संबंध में ठेका श्रमिकों से ने स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) कार्यालय में अध्यक्ष संजय कुमार साहू संपर्क किया. विगत दो वर्षों के सतत प्रयासों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उच्च प्रबंधन, सीएलसी ठेका प्रकोष्ठ, वित्त विभाग एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन रायपुर के सहयोग से 250 ठेका श्रमिकों में से 110 श्रमिकों का पेंशन प्रारंभ हो गया है. शेष श्रमिकों की प्रक्रिया प्रगति पर है.

कृषक उन्नति योजना से कांकेर के 92 हजार से ज्यादा किसानों को लाभ, 372 करोड़ 67 लाख रुपये का भुगतान

 उत्तर बस्तर कांकेर : कृषक उन्नति योजना : जिले के 92493 किसानों के खाते में आएंगे 372 करोड़ 67 लाख रूपए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 28 फरवरी को करेंगे किसानों के खातों में राशि का अंतरण  उत्तर बस्तर कांकेर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के किसानों के खातों में अंतर की राशि को अंतरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय शनिवार 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम रहंगी के खेल मैदान में आयोजित समारोह में दोपहर 12 बजे प्रदेश भर के किसानों के खातों में योजनांतर्गत राशि अंतरित करेंगे। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के 92 हजार 493 किसानों के बैंक खातों में कुल 372 करोड़ 67 लाख 20 हजार रूपए की राशि अंतरित की जाएगी। इन किसानां के द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में 50 लाख 98 हजार 696 क्विंटल धान बेचा गया है, जिनकी अंतर राशि 70 बैंक शाखाओं में शनिवार 28 फरवरी को अंतरित की जाएगी।

CG हाई कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता की याचिका खारिज की, स्कूल में घुसने को घुसपैठ माना

रायपुर  स्कूल परिसर को केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि ‘प्रापर्टी की कस्टडी’ यानी संपत्ति की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली जगह भी माना जाएगा। ऐसे में बिना अनुमति स्कूल में घुसना भारतीय दंड संहिता के तहत ‘हाउस ट्रेसपास’ (घर में घुसपैठ) का अपराध बन सकता है। यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी की याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने धारा 452 (चोट, हमला या गलत तरीके से रोकने की तैयारी के बाद घर में घुसना), धारा 442 (घर में घुसने की परिभाषा) और धारा 441 (आपराधिक अतिक्रमण) की विस्तृत व्याख्या की। कोर्ट ने कहा कि इन धाराओं को साथ पढ़ने पर स्पष्ट होता है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भवन, टेंट या पोत (वेसल) में आपराधिक अतिक्रमण करता है और वह स्थान या तो मानव निवास के रूप में, या पूजा स्थल के रूप में, या संपत्ति की कस्टडी के रूप में उपयोग में लिया जा रहा हो, तो उसे ‘हाउस ट्रेसपास’ माना जाएगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि हाउस ट्रेसपास की परिभाषा में तीन स्थितियां आती हैं पहला- मानव निवास के रूप में उपयोग होने वाला भवन, दूसरा – पूजा के लिए उपयोग होने वाला भवन, तीसरा- संपत्ति की कस्टडी के लिए उपयोग होने वाला भवन। कोर्ट ने कहा कि स्कूल भवन को भले ही निवास या पूजा स्थल नहीं माना जा सकता, लेकिन वहां स्कूल का फर्नीचर और अन्य शैक्षणिक संपत्ति सुरक्षित रखी जाती है। इसलिए इसे ‘प्रापर्टी की कस्टडी’ की श्रेणी में रखा जा सकता है। कोर्ट की टिप्पणी हाई कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करते समय केवल प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाता है। ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोप तय किए हैं, जिनमें कोई त्रुटि नहीं है। न्यायालय ने कहा कि स्कूल भवन पर शिकायतकर्ता का वैध कब्जा था और याचिकाकर्ता को बिना अनुमति वहां जबरन प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं था। इसलिए धारा 452 के तहत आरोप तय करने में कोई कमी नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और रिविजनल कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता और राज्य के तर्क याचिकाकर्ता का कहना था कि वह सरकारी सर्कुलर और गाइडलाइन के खिलाफ स्कूल के कथित अवैध संचालन का विरोध कर रहा था। उसने तर्क दिया कि स्कूल ‘रहने की जगह’ की परिभाषा में नहीं आता, इसलिए धारा 452 के तहत आरोप तय नहीं किए जा सकते। वहीं, राज्य की ओर से दलील दी गई कि कर्मचारियों के बयान से स्पष्ट है कि आरोपी बिना अनुमति परिसर में घुसा और अभद्र व्यवहार किया। यह है पूरा मामला आरोप है कि जून 2024 को विकास तिवारी साथियों के साथ सरोना स्थित कृष्णा किड्स एकेडमी के परिसर में घुसे, वहां गाली-गलौज की और महिला स्टाफ से बदसलूकी की। स्कूल के प्रशासक ने इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, धारा 294 (अश्लील कृत्य) और धारा 34 (समान आशय) के तहत आरोप तय किए। आरोपित ने इस आदेश को रिविजनल कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मध्य प्रदेश भेजी जाने वाली गांजे की खेप का भंडाफोड़, छत्तीसगढ़ में दो आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कार में ओडिशा से अवैध गांजा भरकर मध्यप्रदेश लेकर जा रहे तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली. कार्रवाई में 35 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 17 लाख से अधिक रुपए बताई जा रही है. थाना सिंघोडा क्षेत्र का मामला है. नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल से कार में अवैध गांजा की तस्करी की सूचना पर नाकेबंदी की गई. एंटी नारकोटिक्स फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने कार को रुकवाकर पूछताछ की तो युवकों ने अपना नाम पंकज राठौर और हेमंत सिंह तोमर बताया, दोनों मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी बताया. इस दौरान पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पीछे सीट में बने चेंबर में गांजा रखना पाया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 17,50,000 रुपए का गांजा और कार जब्त कर लिया गया. दोनों युवकों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट की तहत कार्रवाई करते गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. बता दें कि इससे पहले ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था. 68 लाख के गांजे के साथ 8 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली, इस गिरफ्तारी में एक आरोपी महिला भी शामिल थी.