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मंत्री जायसवाल ने कहा, व्यावहारिक कौशल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगे चिकित्सक

रायपुर : व्यावहारिक कौशल से समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में चिकित्सक निभाएंगे अग्रणी भूमिका – मंत्री जायसवाल रायपुर में पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन का दीक्षांत समारोह संपन्न स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने डॉक्टरों को दिया प्रमाणपत्र रायपुर राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर द्वारा आयोजित पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन के दीक्षांत समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने समारोह में सफलतापूर्वक डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले सभी डॉक्टरों को प्रमाणपत्र प्रदान किया। रायपुर में पी. जी. डिप्लोमा इन फैमिली मेडिसिन का दीक्षांत समारोह संपन्न स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि यह पाठ्यक्रम चिकित्सा पेशेवरों की उत्कृष्ट शिक्षा, समर्पण एवं सेवा भावना को मान्यता प्रदान करता है। फैमिली मेडिसिन की यह विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था न केवल चिकित्सकों के कौशल को सुदृढ़ करती है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संदेश में कहा कि संस्थान से प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के माध्यम से ये सभी चिकित्सक समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे तथा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में योगदान देंगे। समारोह के दौरान डिप्लोमा प्राप्त करने वाले सभी डॉक्टरों को उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।

सुरक्षाबलों ने नक्सलगढ़ पुरंगेल में पेश की मानवता की मिसाल, आग से झुलसी महिला को बचाने के लिए चारपाई पर किया रेस्क्यू

  दंतेवाड़ा दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्र पुरंगेल गांव में नक्सल सर्चिंग पर निकले एसटीएफ जवानों ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए एक गंभीर रूप से आग से झुलसी ग्रामीण महिला की जान बचाई. सुरक्षा बल जहां एक ओर नक्सल अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों की मदद कर भरोसे की नई तस्वीर भी पेश कर रहे हैं. 10-15 दिन पहले आग में जल गई थी महिला जानकारी के अनुसार एसटीएफ की टीम नक्सल ऑपरेशन के तहत बीजापुर से दंतेवाड़ा के दुर्गम जंगलों में सर्चिंग कर रही थी. इसी दौरान जवान जब नक्सलगढ़ माने जाने वाले पुरंगेल गांव पहुंचे, तब उन्हें एक महिला की गंभीर हालत की सूचना मिली. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि महिला करीब 10-15 दिन पहले आग तापते समय दुर्घटनावश आग में गिर गई थी, जिससे कमर से ऊपर तक उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया था. दूरस्थ इलाके और इलाज की सुविधा नहीं मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी. चारपाई के सहारे पहुंचाया महिला की स्थिति देखकर एसटीएफ कंपनी कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए रेस्क्यू शुरू किया. जवानों ने दुर्गम जंगल और पहाड़ी रास्तों के बीच चारपाई को कावड़ की तरह इस्तेमाल कर महिला को कई किलोमीटर पैदल सुरक्षित बाहर निकाला और हिरोली गांव तक पहुंचाया. वहां पहले से बुलाई गई एंबुलेंस के जरिए घायल महिला को किरंदुल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल दंतेवाड़ा रेफर किया गया. तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की कराई व्यवस्था डॉक्टरों के अनुसार महिला लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी और समय पर इलाज न मिलने से घाव गंभीर हो चुके थे. जवानों ने महिला के तीन माह के मासूम बच्चे की देखभाल की भी व्यवस्था कराई और अस्पताल प्रशासन से समन्वय बनाकर उपचार सुनिश्चित कराया. एसटीएफ अधिकारियों ने जवानों के इस कार्य को मानवता और कर्तव्य का उत्कृष्ट उदाहरण बताया. स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने भी जवानों की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए इसे सुरक्षा बल और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया है.

झीरम हमले का मास्टरमाइंड चैतू और अन्य सरेंडर नक्सली विधानसभा में पहुंचे, देखी कार्यवाही

रायपुर  छत्तीसगढ़ के 120 सरेंडर नक्सली आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे हैं। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश भी शामिल है। वहीं, झीरम हमले का मास्टरमांड, 25 लाख इनामी चैतू भी कार्यवाही देखने आया है। 3 महीने पहले इसने जगदलपुर में सरेंडर किया था। इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे। निवास पर उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था और फूलों से स्वागत किया गया। वहीं, सदन में आज विधायक पुन्नूलाल मोहले ने किसानों से जुड़ा मुद्दा उठाया। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों के सवाल पर वित्त मंत्री के जवाब के बाद हंगामा हुआ। विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी। जवाब पर विपक्ष ने वॉकआउट किया। विजय शर्मा के बंगले पर मेहमान बने पूर्व नक्सली छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार रात एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जो बस्तर के बदलते मिजाज की गवाही दे रही है। सूबे के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा के निवास पर सवा सौ से अधिक उन 'भाई-बहनों' का जमावड़ा लगा, जो कभी लाल आतंक की राह पर थे। यह महज एक डिनर कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन भटके हुए युवाओं को यह अहसास कराने की कोशिश थी कि लोकतंत्र में उनका स्वागत है। डिप्टी सीएम ने प्रोटोकॉल किनारे रखकर इन पुनर्वासित नक्सलियों के साथ बैठकर खाना खाया और उनसे संवाद किया। डेप्युटी सीएम ने पूछा 'रायपुर में कहां-कहां घूमे?' डिनर के दौरान विजय शर्मा ने एक-एक कर सभी से बात की, उनके रायपुर आने के अनुभव पूछे और मजाकिया अंदाज में यह भी पूछा कि उन्हें शहर कैसा लगा। जब एक युवक ने बताया कि वह दो दिन पहले ही आया है, तो डिप्टी सीएम ने उन्हें शहर के दर्शनीय स्थलों का आनंद लेने की सलाह दी। इस दौरान माहौल इतना सहज था कि किसी को अहसास ही नहीं हुआ कि ये वही लोग हैं जो कभी सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बने हुए थे। आज विधानसभा देखेंगे पूर्व नक्सली इस पूरे दौरे का सबसे अहम पड़ाव शुक्रवार को होने वाला है। खबर है कि ये आत्मसमर्पित नक्सली छत्तीसगढ़ विधानसभा जाएंगे। वे न केवल विधानसभा की भव्य इमारत को देखेंगे, बल्कि सदन की कार्यवाही के भी साक्षी बनेंगे। यह कदम उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और व्यवस्था पर भरोसा कायम करने में बड़ी मदद करेगा। गृह मंत्री ने विधानसभा में खुद जानकारी दी कि अब तक 2,937 नक्सली पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। 31 मार्च की डेडलाइन और बदलता बस्तर यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दी गई नक्सलवाद के खात्मे की 31 मार्च 2026 की डेडलाइन में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। हाल ही में बड़े कमांडर देवजी के सरेंडर और रिकॉर्ड तोड़ पुनर्वास के आंकड़ों ने सरकार के हौसले बुलंद कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों पर इनाम की कुल 5.64 करोड़ रुपये की राशि उनके पुनर्वास और बेहतर भविष्य के लिए उपयोग की जा रही है।

भिलाई स्टील प्लांट का ‘फौलाद’ बना हिस्सा, आईएनएस अंजदीप आज भारतीय नौसेना बेड़े में शामिल

भिलाई देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी और महारत्न स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस अंजदीप के लिए आवश्यक विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा उपलब्ध कराई है। आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट है, इससे पहले आईएनएस अरनाला और आईएनएस एंड्रोथ बेड़े में शामिल किए जा चुके हैं। अंजदीप में सेल के भिलाई इस्पात संयंत्र के अलावा बोकारो व राउरकेला संयंत्र में उत्पादित विशेष ग्रेड का स्टील लगा है। बोकारो, भिलाई और राउरकेला का स्टील लगा पुराने अभय-श्रेणी के जहाजों को बदलने के लिए स्वदेशी एएसडब्ल्यू-एसडब्ल्यूसी कार्वेट का निर्माण किया जा रहा है। इस रणनीतिक परियोजना के लिए सेल ने कुल आठ कार्वेट के निर्माण हेतु लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है। यह स्टील सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला के संयंत्रों से प्रदान की गई, जो देश की घरेलु सप्लाई चेन की मजबूती को दर्शाती है। इस उपलब्धि से न केवल रक्षा निर्माण में भारत की आत्मनिर्भरता को बल मिला है, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम हुई है। सेल ने पहले भी आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस सूरत जैसी प्रमुख नौसैनिक परियोजनाओं के लिए विशेष-ग्रेड स्टील उपलब्ध कराकर देश के रक्षा स्वदेशीकरण में योगदान दिया है। आत्मनिर्भर भारत को मजबूती INS अंजदीप में पूरी तरह स्वदेशी स्टील का इस्तेमाल भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करता है। इससे विदेशों पर निर्भरता कम होती है और देश की रणनीतिक ताकत बढ़ती है। SAIL इससे पहले भी INS विक्रांत, INS उदयगिरी, INS नीलगिरी और INS सूरत जैसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स के लिए स्टील दे चुकी है। INS अंजदीप के नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और मजबूत होगी। इसे डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। INS अंजदीप की खूबियां- पनडुब्बी रोधी क्षमता: यह जहाज हल्के वजन वाले टारपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है, जो पानी के अंदर छिपे दुश्मन का सटीक शिकार कर सकते हैं। माइन्स (Mines): इसमें समुद्र में माइन्स बिछाने की भी क्षमता है, जिससे समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाती है। क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS): नजदीकी खतरों और हवाई हमलों से निपटने के लिए इसमें आधुनिक गन सिस्टम लगे हैं। सोनार (Sonar) सिस्टम: यह जहाज उन्नत हल्क-माउंटेड सोनार और 'लो-फ्रीक्वेंसी एक्टिव टोव्ड ऐरे' (LFATA) सोनार से लैस है, जो गहरे और उथले पानी में पनडुब्बियों की आहट को आसानी से पकड़ लेते हैं। उथले पानी का 'किंग': INS अंजदीप को विशेष रूप से शैलो वाटर यानी उथले पानी (तटीय इलाकों) के लिए बनाया गया है, जहाँ बड़े युद्धपोत आसानी से नहीं जा सकते।  

बीजापुर में सुरक्षा बलों ने 2 नक्सलियों को ढेर किया, अन्वेष और उसके 12 साथियों ने किया सरेंडर

जगदलपुर/बीजापुर ओडिशा में माओवादी नेता ने अपने एक साथी को सरेंडर करने से रोकने के लिए उसकी हत्या कर दी और उसके शव को कंधमाल जिले के एक जंगल में दफना दिया। पुलिस ने बताया कि इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित की लाश दारिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन की सीमा के तहत अरबाडू जंगल में मिली। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में एक नक्सली को उसके ही साथियों ने गोली मारकर दफना दिया। अन्वेष 22 लाख का इनामी था। वह अपने 12 साथियों के साथ जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला था। उससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई। जांगला थाना क्षेत्र के इंद्रावती नदी के जैगुर-डोडुम के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम सर्चिंग के लिए निकली थी। जवानों को देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी गोलियां दागी। ढेर हुए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। सरेंडर करना चाहता था रेणु पुलिस ने बताया कि रेणु की हत्या कथित तौर पर 29 जनवरी को सुकरू ने की थी, जो अभी केकेबीएन डिवीजन का हेड है। उन्होंने बताया कि रेणु के सरेंडर करने का इरादा जताने के बाद सुकरू ने उसकी हत्या कर दी थी। रेणु की बॉडी को जंगल में गहरे दफना दिया गया था। यह मामला तब सामने आया जब सरेंडर करने वाले एक माओवादी ने पूछताछ के दौरान कथित हत्या के बारे में बताया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमने दरिंगबाड़ी पुलिस स्टेशन में सुकरू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है और जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि बॉडी को पोस्ट-मॉर्टम के लिए बरहामपुर के एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भेज दिया गया है। जानिए कैसे सरेंडर करने से रोकते थे माओवादी पुलिस ने बताया कि इस हत्या से पता चलता है कि कैसे बड़े माओवादी नेता सिस्टमैटिक तरीके से कैडर को सरेंडर करने से रोकते थे और हथियार डालने की कोशिश करने वालों को मार भी देते थे। उन्होंने बताया कि कई क्राइम सिंडिकेट में ये आम बात है। पुलिस ने रविवार को रायकिया पुलिस स्टेशन के तहत नंदबली रिजर्व फॉरेस्ट में एक ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो माओवादियों को मार गिराया था। इस पूरी कार्रवाई के तीन दिन बाद पुलिस ने शव की बरामदगी की थी। पुलिस को मौके से हथियारों, गोला-बारूद और माओवादी सामान का एक जखीरा भी मिला था। पुलिस ने परिवार को सौंपा शव बुधवार को पुलिस ने कानूनी फॉर्मैलिटी पूरी करने के बाद दोनों माओवादियों की बॉडी उनके परिवारों को सौंप दीं। बॉडी लेने के लिए रिश्तेदार छत्तीसगढ़ से फूलबनी आए थे। एक पुलिस ऑफिसर ने बताया कि हमने परिवारों को बॉडी उनके घर ले जाने में मदद करने के लिए एक एम्बुलेंस और पैसे की मदद दी। पुलिस ने बताया कि केंद्र द्वारा निर्धारित 31 मार्च की डेडलाइन को पूरा करने के लिए वे पूरी लगने से काम कर रहे हैं।  इंसास राइफल, बोर बंदूके जब्त एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। मौके से एक SLR, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग के सामान भी जब्त किए गए हैं। पड़ोसी राज्य में नक्सली की हत्या 26 फरवरी को ओडिशा के कंधमाल जिले में नक्सली को उसके ही साथियों ने मार डाला। पुलिस के मुताबिक, अन्वेष दरिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी रिजर्व फॉरेस्ट में केकेबीएन ग्रुप के एरिया पार्टी कमांडर था। अन्वेष समर्पण की तैयारी में था। इसी शक में उसे मारकर जंगल में दफना दिया गया। मोस्ट वांटेड नक्सली सुकुरु और अन्य साथियों ने वारदात को अंजाम दिया है। हत्या से पहले दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था। कंधमाल एसपी हरीशा बीसी ने घटना को संगठन की अंदरूनी कलह बताया है। उन्होंने कहा कि, जो लोग अभी भी संगठन में हैं, वे सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सामान्य जीवन में लौटें। कांकेर में डीवीसीएम मासे ने डाले हथियार कांकेर के छिंदपदर गांव से माओवादी डीवीसीएम मासे बारसा ने एके 47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। मासे साल 2003 से दण्डकारणय, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर में माओवाद संगठन में सक्रिय थी। 26 फरवरी को उसने जंगल के रास्ते हाथों में AK-47 लेकर कांकेर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। 6 फरवरी को 7 नक्सली मारे गए थे इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था। नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

रायपुर: किसानों की समृद्धि से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना, बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।               मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

होली स्पेशल ट्रेनें: SECR जोन से 70 ट्रेनें चलने से यात्रियों को मिलेगी राहत

रायपुर होली पर्व पर घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने खास तैयारियां की हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत कुल 70 होली स्पेशल ट्रेनों के फेरे संचालित होंगे, जिससे यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा कन्फर्म बर्थ और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। इन 70 फेरों में से 14 फेरे एसईसीआर के दुर्ग, बिलासपुर और गोंदिया स्टेशनों से बनकर चलेंगे, जबकि 56 फेरे एसईसीआर जोन के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेंगे। एसईसीआर से शुरू होने वाली प्रमुख ट्रेनें     दुर्ग-हजरत निजामुद्दीन-दुर्ग: दुर्ग से 1 और 2 मार्च को तथा वापसी में निजामुद्दीन से 2 और 3 मार्च को चलेगी। यह रायपुर, उसलापुर, पेंड्रा रोड होते हुए जाएगी।     गोंदिया-छपरा-गोंदिया: गोंदिया से 1 व 2 मार्च को और वापसी में छपरा से 3 व 4 मार्च को चलेगी।     दुर्ग-मधुबनी-दुर्ग: दुर्ग से 1 मार्च को और मधुबनी से 2 मार्च को झारसुगुड़ा होकर चलेगी। इसका ठहराव रायपुर, बिलासपुर, चाम्पा एवं रायगढ़ में होगा।     गोंदिया-पटना-गोंदिया: गोंदिया से 2 मार्च को और पटना से 3 मार्च को चलेगी।     बिलासपुर-चर्लपल्ली-बिलासपुर : बिलासपुर से 27 फरवरी और चर्लपल्ली से 28 फरवरी को बल्हारशाह होकर चलेगी। जोन से होकर गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों के 56 फेरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर 56 फेरे अन्य राज्यों को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेनों के गुजरेंगे। जारी सूची के अनुसार, इनमें मुख्य रूप से तिरुपति-रक्सौल, चर्लपल्ली-रक्सौल, पटना-चर्लपल्ली, हटिया-दुर्ग और चर्लपल्ली-दानापुर स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं । ये गुजरने वाली ट्रेनें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, गोंदिया, भाटापारा और रायगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेंगी । इस व्यवस्था से दिल्ली, बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को होली के दौरान सफर में राहत मिलेगी।

SBI में महिला कैशियर की बड़ी चोरी, 2.6 करोड़ की हेराफेरी के बाद फरार थी, ACB ने किया गिरफ्तार

बिलासपुर  भारतीय स्टेट बैंक के बिल्हा ब्रांच में 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार 600 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की ओर से इसकी शिकायत एसीबी में की गई थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी की टीम ने बैंक के तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर एसीबी की टीम आगे की पूछताछ करेगी। बिल्हा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर पीयूष बारा ने एसीबी मुख्यालय में आर्थिक अनियमितता की शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि बैंक के कर्मचारियों ने मिलकर 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक खातों और रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर दो करोड़ छै लाख सैंतीस हजार 600 का गबन किया है। बैंक की ओर से किए गए आंतरिक जांच में तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा की भूमिका सामने आई थी। इस पर एसीबी ने 19 जनवरी को बैंक की कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा के खिलाफ धारा 13 (1) A,13(2) पीसी एक्ट व बीएनएस की धारा 316(5), 318(4),61(2), 338, 336(3), 340(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया। इस बीच आरोपित कैशियर अपने ठिकाने से फरार हो गई थीं। इस पर एसीबी की ओर से उनकी तलाश की जा रही थी। इसी बीच गुरुवार को सूचना मिली कि कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा बिल्हा किसी काम से आई हैं। तब एसीबी की टीम ने घेराबंदी कर कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कैशियर को एसीबी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है। उन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। निलंबन के बाद से हैं गायब बैंक में आर्थिक अनियमितता की जानकारी मिलने पर प्रबंधन की ओर से जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कैशियर तेजवथ को जून 2025 में निलंबित कर रिजनल बिजनेस आफिस जगदलपुर में अटैच कर दिया गया। इसके बाद से वे गायब हो गईं। कैशियर मूल रूप से आंध्रप्रदेश के खम्मन जिले की रहने वाली हैं। एसीबी की टीम ने वहां पर भी उनकी जानकारी जुटाई थी। खुद को बचाने बैंक के खर्च में जोड़ दी रकम बैंक की तत्कालीन कैशियर ने गबन की राशि को कई लोगों के खाते में ट्रांसफर किया था। अपनी गलती को छुपाने के लिए उन्होंने रुपयों को बैंक की सेवाओं जैसे पेय पदार्थ, भोजन, किराया और रखरखाव के मद में खर्च करना बताया। जांच में पूरी गड़बड़ी सामने आ गई। इसके बाद एसीबी में शिकायत की गई। एसीबी ने कैशियर का मोबाइल भी जब्त किया है। इसकी जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

बिलासपुर हादसा: ट्रेलर की टक्कर से 4 की मौत, परिवार सालगिरह मनाकर लौट रहा था, शव गैस कटर से निकाले गए

बिलासपुर  बिलासपुर में रायपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे पर ग्राम सम्बलपुरी स्थित यादव ढाबा के सामने तेज रफ्तार ट्रेलर और स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घायल को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. देर रात करीब 2 बजे ट्रेलर (CG 11 BD 9044) सकरी-रतनपुर की ओर से रायपुर जा रहा था। इसी दौरान ट्रेलर अनियंत्रित होकर रॉन्ग साइड में पहुंच गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो (CG 04 MQ 4220) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर पास में खड़े एक अन्य ट्रेलर को भी अपनी चपेट में लेते हुए पलट गया। स्कॉर्पियो बुरी तरह डैमेज हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही सकरी पुलिस मौके पर पहुंची। वाहन में फंसे लोगों को निकालने के लिए गैस कटर का सहारा लिया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला गया, तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी। सालगिरह मनाकर लौट रहा था परिवार बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में पांच लोग सवार थे, जो यादव ढाबा में आयोजित एक पारिवारिक शादी की 25वीं सालगिरह के कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम से लौटते ही कुछ ही दूरी पर यह दर्दनाक हादसा हो गया। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बिलासपुर-रायपुर रोड पर तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने सामने से आ रही स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग बुरी तरह फंस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। घायल युवक को गंभीर हालत में अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी मृतक तखतपुर-मुंगेली क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि तेज रफ्तार और लापरवाही इसकी वजह हो सकती है।

मुंगेली में जल जीवन मिशन का असर: 1135 ग्रामीणों को घर-घर नल कनेक्शन से मिल रहा स्वच्छ पेयजल

मुंगेली : विशेष लेख : जल जीवन मिशन: घर-घर नल कनेक्शन से 1135 ग्रामीणों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल ग्राम करही में पेयजल की समस्या का हुआ स्थायी समाधान मुंगेली   शासन की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार हर घर जल पहुंचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम करही में 254 घरों और लगभग 01 हजार 135 से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इस गांव में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन ने पेयजल व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। जो गांव कभी 05 हैंडपंप और 05 पावर पंप पर निर्भर था, आज वहां प्रत्येक घर में नल से नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। अब ग्राम करही में पानी के लिए न कतार है, न भागदौड़ और न ही चिंता।           पूर्व में जलस्तर कम होने पर गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। महिलाओं को दूरस्थ स्थानों तक पानी लाने जाना पड़ता था और लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे घरेलू कार्यों में देरी होती थी और मजदूरी तथा खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित होता था। गांव की महिलाओं के लिए यह केवल पानी की समस्या नहीं थी, बल्कि समय, श्रम और सम्मान से जुड़ा प्रश्न था, लेकिन जब से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे गांव में पाइपलाइन का विस्तार कर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है, तब से सभी परिवारों को घर बैठे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। पानी के लिए होने वाली रोज़मर्रा की भागदौड़ समाप्त हो गई है और ग्रामीणों की दिनचर्या व्यवस्थित हो गई है। ग्राम की निवासी अंजीरा राजपूत, जानकी नेताम, गणेशिया यादव और सुखमनी यादव ने कहा कि अब उन्हें पानी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। वे अपने घरेलू कार्य समय पर पूरा कर पा रही हैं और खेतों व मजदूरी कार्यों के लिए भी समय पर निकल पाती हैं।    ग्राम की सरपंच मती कमलेश बंजारे के अनुसार योजना के सफल संचालन और संधारण के लिए जल कर संग्रह की व्यवस्था की गई है। नियमित देखरेख और सामुदायिक सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी ग्रामीणों को समय पर और पर्याप्त पानी मिलता रहे। पथरिया के जनपद सदस्य  संजीव नेताम ने कहा कि अब ग्रामीणों के दरवाजे पर ही पानी उपलब्ध है, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने इस योजना को ग्राम करही के लिए वरदान बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।