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3 साल से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने लगाई फटकार

मनेन्द्रगढ़. जिले में तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को लेकर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की वर्चुअल बैठक में उन्होंने राज्य स्तर से लंबित महिला एवं बाल विकास, नगरीय प्रशासन, सूचना का अधिकार, पीएम स्वनिधि, ई-श्रम पोर्टल, कौशल विकास, निर्वाचन, वन, कृषि, शिक्षा, श्रम, पर्यटन, विद्युत, बैंकिंग, नगर निकाय और राजस्व विभागों से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। तीन साल से अधिक समय से लंबित प्रकरणों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित शाखाओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में आधार और मोबाइल बैंकिंग यूनिट से जुड़े लंबित प्रकरणों पर विशेष फोकस किया गया। आधार पेंडेंसी की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने विशेष आधार शिविर लगाने के निर्देश दिए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो और नागरिकों को समय पर सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मोबाइल बैंकिंग यूनिट के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आधार अपडेट, आधार सीडिंग, डीबीटी लिंकिंग और बैंक खाता सत्यापन जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, लेकिन कमजोर मॉनिटरिंग के कारण कई प्रकरण लंबित हैं। इसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा और मॉनिटरिंग व्यवस्था को सख्त किया जाएगा।

106830 किसानों को आज होगा 407 करोड़ का भुगतान

दुर्ग. जिले के समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को अंतर की राशि 407 करोड़ 89 लाख 82 हजार का आज भुगतान होगा. इससे कुल 106830 किसान लाभान्वित होंगे. इसमें कामन धान 15351 व ग्रेड ए पर 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि दी जाएगी. योजनांतर्गत जिले में वर्ष 2025-26 के कृषक उन्नति योजनांतर्गत विकासखण्ड- दुर्ग के 25057 कृषकों को 8703.03, पाटन 44122 कृषकों को 16995.87 लाख एवं धमधा के 37651 कृषकों को राशि 15090.54 लाख रुपए भुगतान की जा रही है. खरीफ 2025 में प्रदेश के किसानों से उपार्जित धान की मात्रा पर धान (कॉमन) पर राशि 731 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम राशि रू. 15351 प्रति एकड़ तथा धान (ग्रेड-ए) का राशि 711 रुपए प्रति क्वि. की दर से अधिकतम 14931 रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान किया जायेगा.

भिलाई स्टील प्लांट के एचएसएलटी ठेका श्रमिकों की पेंशन शुरु

भिलाई नगर. बीएसपी में एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. स्टील ठेका श्रमिक यूनियन इंटक के प्रयास से 110 श्रमिकों को पेंशन मिलना शुरु हो गया है. उन्हें 2700 रु. प्रतिमाह पेंशन मिल रहा है तथा लगभग 170000 रु. मिलना प्रारंभ हो गया है. सेवानिवृत्त एचएसएलटी श्रमिकों ने इंटक के प्रयास के लिए इंटक आफिस जाकर आभार जताया. भिलाई इस्पात संयंत्र में साफ-सफाई एवं उत्पादन कार्य में विगत 40 वर्षों से कार्य करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए एचएसएलटी ठेका श्रमिकों का पेंशन लंबे समय से लंबित था. ईपीएफ के केवाईसी लंबित रहने के कारण लगभग 10 वर्षों से प्रयासों के बावजूद उनका पेंशन प्रारंभ नहीं हो पा रहा था. इस संबंध में ठेका श्रमिकों से ने स्टील ठेका श्रमिक यूनियन (इंटक) कार्यालय में अध्यक्ष संजय कुमार साहू संपर्क किया. विगत दो वर्षों के सतत प्रयासों तथा भिलाई इस्पात संयंत्र के उच्च प्रबंधन, सीएलसी ठेका प्रकोष्ठ, वित्त विभाग एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन रायपुर के सहयोग से 250 ठेका श्रमिकों में से 110 श्रमिकों का पेंशन प्रारंभ हो गया है. शेष श्रमिकों की प्रक्रिया प्रगति पर है.

कृषक उन्नति योजना से कांकेर के 92 हजार से ज्यादा किसानों को लाभ, 372 करोड़ 67 लाख रुपये का भुगतान

 उत्तर बस्तर कांकेर : कृषक उन्नति योजना : जिले के 92493 किसानों के खाते में आएंगे 372 करोड़ 67 लाख रूपए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 28 फरवरी को करेंगे किसानों के खातों में राशि का अंतरण  उत्तर बस्तर कांकेर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के किसानों के खातों में अंतर की राशि को अंतरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय शनिवार 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम रहंगी के खेल मैदान में आयोजित समारोह में दोपहर 12 बजे प्रदेश भर के किसानों के खातों में योजनांतर्गत राशि अंतरित करेंगे। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के 92 हजार 493 किसानों के बैंक खातों में कुल 372 करोड़ 67 लाख 20 हजार रूपए की राशि अंतरित की जाएगी। इन किसानां के द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में 50 लाख 98 हजार 696 क्विंटल धान बेचा गया है, जिनकी अंतर राशि 70 बैंक शाखाओं में शनिवार 28 फरवरी को अंतरित की जाएगी।

CG हाई कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता की याचिका खारिज की, स्कूल में घुसने को घुसपैठ माना

रायपुर  स्कूल परिसर को केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि ‘प्रापर्टी की कस्टडी’ यानी संपत्ति की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली जगह भी माना जाएगा। ऐसे में बिना अनुमति स्कूल में घुसना भारतीय दंड संहिता के तहत ‘हाउस ट्रेसपास’ (घर में घुसपैठ) का अपराध बन सकता है। यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए हाई कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी की याचिका खारिज कर दी। हाई कोर्ट के जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल ने धारा 452 (चोट, हमला या गलत तरीके से रोकने की तैयारी के बाद घर में घुसना), धारा 442 (घर में घुसने की परिभाषा) और धारा 441 (आपराधिक अतिक्रमण) की विस्तृत व्याख्या की। कोर्ट ने कहा कि इन धाराओं को साथ पढ़ने पर स्पष्ट होता है कि यदि कोई व्यक्ति किसी भवन, टेंट या पोत (वेसल) में आपराधिक अतिक्रमण करता है और वह स्थान या तो मानव निवास के रूप में, या पूजा स्थल के रूप में, या संपत्ति की कस्टडी के रूप में उपयोग में लिया जा रहा हो, तो उसे ‘हाउस ट्रेसपास’ माना जाएगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि हाउस ट्रेसपास की परिभाषा में तीन स्थितियां आती हैं पहला- मानव निवास के रूप में उपयोग होने वाला भवन, दूसरा – पूजा के लिए उपयोग होने वाला भवन, तीसरा- संपत्ति की कस्टडी के लिए उपयोग होने वाला भवन। कोर्ट ने कहा कि स्कूल भवन को भले ही निवास या पूजा स्थल नहीं माना जा सकता, लेकिन वहां स्कूल का फर्नीचर और अन्य शैक्षणिक संपत्ति सुरक्षित रखी जाती है। इसलिए इसे ‘प्रापर्टी की कस्टडी’ की श्रेणी में रखा जा सकता है। कोर्ट की टिप्पणी हाई कोर्ट ने कहा कि आरोप तय करते समय केवल प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाता है। ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर आरोप तय किए हैं, जिनमें कोई त्रुटि नहीं है। न्यायालय ने कहा कि स्कूल भवन पर शिकायतकर्ता का वैध कब्जा था और याचिकाकर्ता को बिना अनुमति वहां जबरन प्रवेश करने का कोई अधिकार नहीं था। इसलिए धारा 452 के तहत आरोप तय करने में कोई कमी नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट और रिविजनल कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता और राज्य के तर्क याचिकाकर्ता का कहना था कि वह सरकारी सर्कुलर और गाइडलाइन के खिलाफ स्कूल के कथित अवैध संचालन का विरोध कर रहा था। उसने तर्क दिया कि स्कूल ‘रहने की जगह’ की परिभाषा में नहीं आता, इसलिए धारा 452 के तहत आरोप तय नहीं किए जा सकते। वहीं, राज्य की ओर से दलील दी गई कि कर्मचारियों के बयान से स्पष्ट है कि आरोपी बिना अनुमति परिसर में घुसा और अभद्र व्यवहार किया। यह है पूरा मामला आरोप है कि जून 2024 को विकास तिवारी साथियों के साथ सरोना स्थित कृष्णा किड्स एकेडमी के परिसर में घुसे, वहां गाली-गलौज की और महिला स्टाफ से बदसलूकी की। स्कूल के प्रशासक ने इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 452, धारा 294 (अश्लील कृत्य) और धारा 34 (समान आशय) के तहत आरोप तय किए। आरोपित ने इस आदेश को रिविजनल कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

मध्य प्रदेश भेजी जाने वाली गांजे की खेप का भंडाफोड़, छत्तीसगढ़ में दो आरोपी गिरफ्तार

महासमुंद छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कार में ओडिशा से अवैध गांजा भरकर मध्यप्रदेश लेकर जा रहे तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली. कार्रवाई में 35 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत 17 लाख से अधिक रुपए बताई जा रही है. थाना सिंघोडा क्षेत्र का मामला है. नेशनल हाइवे 53 पर रेहटीखोल से कार में अवैध गांजा की तस्करी की सूचना पर नाकेबंदी की गई. एंटी नारकोटिक्स फोर्स और सिंघोड़ा पुलिस की टीम ने कार को रुकवाकर पूछताछ की तो युवकों ने अपना नाम पंकज राठौर और हेमंत सिंह तोमर बताया, दोनों मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी बताया. इस दौरान पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पीछे सीट में बने चेंबर में गांजा रखना पाया गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 17,50,000 रुपए का गांजा और कार जब्त कर लिया गया. दोनों युवकों के खिलाफ अपराध धारा (20बी (दो)(सी), 29 -1) एनडीपीएस एक्ट की तहत कार्रवाई करते गिरफ्तार कर लिया गया. कोर्ट में पेशी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. बता दें कि इससे पहले ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया था. 68 लाख के गांजे के साथ 8 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली, इस गिरफ्तारी में एक आरोपी महिला भी शामिल थी.

आग का तांडव: राइस मिल में लगी भीषण आग, भारी नुकसान का अनुमान

राजिम गरियाबंद जिले के बोरिद गांव के पास स्थित तिरुपति सम्पत्ति राइस मिल में शुक्रवार को भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही धान से भरी बोरियां और खाली बारदाने आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते लाखों रुपए का धान जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास के हिस्से को सुरक्षित बचा लिया गया। प्राथमिक अनुमान के अनुसार आग में करीब 10 लाख रुपये का धान जलकर नष्ट हो गया है। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए फिंगेश्वर पुलिस जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद राइस मिल प्रबंधन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

लोकभवन पहुंचे गोद ग्राम बिजली के ग्रामीण, राज्यपाल की पहल से जागी नई उम्मीद

रायपुर राज्यपाल के गोद ग्राम पंचायत बिजली के ग्रामीणों ने किया लोकभवन का भ्रमण राज्यपाल  रमेन डेका ने आज अपने गोद ग्राम बिजली, जिला गरियाबंद से आए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गांव में चल रहे विकास कार्यो की प्रगति के बारे में ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उनके कार्यालय को अवगत कराएं। राज्यपाल के गोद ग्राम बिजली के ग्रामीण बहुत खुश नजर आए। उनकी आत्मीयता को देखकर ग्रामीण भावुक हो उठे और कहा कि राज्यपाल जी से उन्हें बहुत अपनत्व मिलता है। उनके गांव के विकास के लिए सभी ग्रामीणों ने राज्यपाल का आभार व्यक्त किया। सरपंच मती पदमा निषाद ने बताया कि राज्यपाल जी के द्वारा उनके ग्राम पंचायत में टिन शैड, वॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पीट, नाडेप इत्यादि का काम करवाया जा रहा है। उनके गांव में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भी है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G-RAM-G) के तहत भी उनके गांव में काम हो रहा है। इसके अलावा स्कूल में स्मार्ट बोर्ड भी प्रदान किया गया है। जिससे बच्चों की शिक्षा में मदद मिल रही है। उप सरपंच  रोशन राम पटेल ने बताया कि राज्यपाल जी ने जब से उनके गांव को गोद लिया है उनके गांव को विकास की गति मिली है। जिसके लिए पूरे ग्रामीणों की ओर से राज्यपाल का धन्यवाद किया।        बिजली ग्राम पंचायत से आए ग्रामीणों ने इस दौरान लोकभवन का भ्रमण किया और यहां के इतिहास के बारे में जानकारी ली। साथ ही लोकभवन के द्वारा उन्हें महंत घासीदास म्यूजियम का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सु निधि साहू उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ‘गुलाल’ होली विशेषांक का विमोचन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय  में  ‘गुलाल’ होली विशेषांक का विमोचन किया। वरिष्ठ पत्रकार  जगजीत सिंह द्वारा प्रकाशित इस विशेषांक में होली पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक और साहित्यिक पक्षों को समाहित किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे और भारतीय परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति का पर्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकाशन हमारी लोकसंस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस रचनात्मक पहल के लिए प्रकाशक और उनकी टीम को बधाई दी।  इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल,  दीपक विश्वकर्मा,  नदीम मेमन तथा श्रमजीवी गिल्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष  आर.के. गांधी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय के फैसले से खुश अन्नदाता, धान अंतर राशि पर जताया आभार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री साय को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है. उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा. इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है. उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी. 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे.