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राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात साधारण परिवारों के सपनों को मिल रही नई उड़ान, ट्राइबल यूथ हॉस्टल बन रहा प्रतिभाओं का सशक्त मंच राजमिस्त्री, किसान और शिक्षक परिवारों के बेटे-बेटियों की सफलता पूरे समाज के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री युवा शक्ति की सफलता विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान – मुख्यमंत्री साय मुख्य परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया सफलता का मंत्र, कहा- अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम ही सबसे बड़ी पूंजी दूरस्थ जनजातीय एवं ग्रामीण अंचलों के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज कराई दमदार मौजूदगी नई दिल्ली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए। उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वोच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, सुदीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं।

आमसभा के दौरान उपसरपंच की पिटाई, सरपंच के बेटे सहित कई लोगों पर लगे गंभीर आरोप

अभनपुर. ग्राम पंचायत जौंदी में आयोजित आमसभा के दौरान उपसरपंच के साथ कथित रूप से मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। उपसरपंच पोखन लाल यदु ने थाना गोबरा नवापारा में शिकायत दर्ज कराते हुए सरपंच पुत्र सहित कई लोगों पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, 24 जून को ग्राम पंचायत जौंदी में आमसभा आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर चर्चा हो रही थी। बताया गया कि सूची में कुल 169 हितग्राहियों के नाम थे, जिनमें से 120 लोगों के नाम शामिल नहीं होने पर कुछ ग्रामीणों द्वारा उपसरपंच पर नाम कटवाने का आरोप लगाया गया। उपसरपंच का आरोप उपसरपंच का आरोप है कि इसी बात को लेकर टोमन लाल साहू ने सभा में लोगों को उनके खिलाफ भड़काया। बैठक समाप्त होने के दौरान कथित रूप से उनका कॉलर पकड़कर पंचायत भवन के बाहर ले जाया गया, जहां चिंतामणि, टोमन साहू, मिथलेश साहू, अलखराम साहू, बैतल साहू, लेखराम साहू, प्रहलाद साहू और एस कुमार सहित अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कहा गया है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनकी मोटरसाइकिल को भी गिरा दिया गया। घटना का वीडियो ग्रामीण चेतन साहू द्वारा बनाए जाने की बात भी कही गई है। उपसरपंच ने बताया कि मारपीट के कारण उनके जबड़े में चोट आई है और दर्द बना हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पोखन लाल यदु ने यह भी आरोप लगाया है कि इससे पहले हुई पंचायत बैठकों में भी उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का प्रयास किया जा चुका है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि पंचायत की आमसभा में हुई इस मारपीट की घटना पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।

‘संविधान की आत्मा को कांग्रेस ने कुचला’ : CM साय का तीखा वार, राजनीति गरमाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संविधान हत्या दिवस पर कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिवस’ करार दिया। CM साय ने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार पर आपातकाल थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचला गया। MISA के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानी और पत्रकार जेल भेजे गए। PM मोदी के फैसले का किया स्वागत उन्होंने कहा कि 25 जून लोकतंत्र का काला दिवस है। आइए, हम सब मिलकर इस दिन संविधान की रक्षा करने का दृढ़ संकल्प लें। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को संविधान हत्या दिवस घोषित किए जाने के फैसले का स्वागत किया। 25 जून 1975 – भारतीय लोकतंत्र का वह काला दिवस, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता के अहंकार ने संविधान की आत्मा को कुचलकर पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया।

जेपी नड्डा से मिले CM विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर /नई दिल्ली  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा

गर्व नहीं मर्म प्राथमिकता:- डॉ वर्णिका शर्मा मजदूरी के अंधेरे से शिक्षा की रोशनी तक, आयोग का संवेदनशील और सफल प्रयास – डॉ वर्णिका शर्मा बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 13 बैगा बच्चों की शिक्षा में हुई वापसी- डॉ वर्णिका शर्मा रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के संवेदनशील प्रयासों और सतत निगरानी के परिणामस्वरूप कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) बैगा समुदाय के 13 बच्चों को न केवल बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया, बल्कि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से भी जोड़ दिया गया है। उल्लेखनीय है कि मई 2026 में कबीरधाम जिले के भोरमदेव क्षेत्र के थुहापानी गांव तथा कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास स्थित पशुपालन फार्मों में मानव तस्करी और बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया था। 8 से 15 वर्ष आयु के 13 बैगा आदिवासी बच्चों को कथित रूप से परिवारों को आर्थिक प्रलोभन देकर ले जाया गया था और उनसे मवेशी चराने सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे थे। बच्चों से सुबह से देर रात तक काम लिया जाता था तथा उन्हें उचित मजदूरी और मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही थीं। मामले की जानकारी मिलने पर कवर्धा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्डलाइन तथा एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के संयुक्त अभियान के माध्यम से सभी 13 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इस प्रकरण में पुलिस ने 2 मानव तस्करों एवं 6 नियोक्ताओं सहित कुल 8 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की। मामला सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता दी। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर संबंधित विभागों से लगातार जानकारी ली गई तथा यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए गए कि कोई भी बच्चा दोबारा शोषण का शिकार न हो। आयोग के निर्देशों के पालन में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बोड़ला द्वारा 10 जून 2026 को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार रेस्क्यू किए गए सभी 13 बैगा बच्चों का विद्यालयों में पुनः प्रवेश करा दिया गया है। साथ ही उन्हें शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि हर बच्चे का बचपन, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उसका संवैधानिक अधिकार है। बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी जैसी अमानवीय घटनाओं के लिए समाज में कोई स्थान नहीं है। इन बच्चों की स्कूल वापसी केवल प्रवेश की औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके सपनों, आत्मसम्मान और उज्ज्वल भविष्य की पुनर्स्थापना है।

राजनांदगांव में 76 करोड़ का GST घोटाला! फर्जी बिल ट्रेडिंग का भंडाफोड़, संचालक गिरफ्तार

राजनांदगांव में 76 करोड़ रुपये की फर्जी बिल ट्रेडिंग का खुलासा, संचालक गिरफ्तार राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध आईटीसी का मामला उजागर रायपुर राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी), छत्तीसगढ़ द्वारा कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया गया है। विभागीय जांच में सामने आया है कि फर्म द्वारा पिछले लगभग छह माह के दौरान करीब 76 करोड़ रुपये के लेन-देन केवल कागजी रूप से दर्शाए गए। उपलब्ध अभिलेखों, जीएसटी रिटर्न तथा अन्य दस्तावेजों के विश्लेषण में 8.22 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) संदिग्ध पाई गई, जिसके माध्यम से शासन को राजस्व हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि फर्म ने पश्चिम बंगाल स्थित संदिग्ध फर्मों से आयरन एवं स्टील की वास्तविक खरीदी किए बिना करोड़ों रुपये के खरीदी बिल प्राप्त किए थे। इन बिलों के आधार पर फर्जी आईटीसी का लाभ लिया गया तथा आगे अन्य करदाताओं को भी इसका लाभ हस्तांतरित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश आपूर्तिकर्ता फर्मों के जीएसटी पंजीयन निरस्त पाए गए तथा उनके द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हुए। विभाग के अनुसार यह पूरा लेन-देन केवल पेपर ट्रेडिंग (कागजी बिलिंग) एवं बोगस आईटीसी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिन फर्मों से खरीदी दर्शाई गई थी, उनमें से कई केवल फर्जी बिल जारी करने एवं अवैध आईटीसी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही थीं। उपलब्ध तथ्यों से संकेत मिलता है कि माल का वास्तविक आवागमन नहीं हुआ और केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी। प्रकरण में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के बाद राज्य कर विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में कई अन्य व्यक्तियों एवं फर्मों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों तथा संबंधित व्यापारिक इकाइयों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है। राज्य कर विभाग का मानना है कि आगे की जांच में इस फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा तथा फर्जी बिलिंग और बोगस आईटीसी जैसे अवैध कृत्यों पर प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

बस्तर में विकास और विश्वास की नई इबारत, अमित शाह से मिले CM विष्णुदेव साय

बस्तर में विकास और जनविश्वास का मजबूत हो रहा है आधार: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर /नई दिल्ली  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सेवा केंद्रों एवं जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से लोगों को शासकीय सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध कराई जा रही हैं। साय ने कहा कि बस्तर आज विकास और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है। चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि विकास एवं जनकल्याण के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है तथा शासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी प्रयासों की सराहना करते हुए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

जशपुर जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था सुचारु

रायपुर राज्य सरकार प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चत करने मॉनिटरिंग कर रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। जशपुर जिले में भी पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य एवं सुचारु रूप से जारी है। जिले में कुल 61 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें इंडियन ऑयल के 28, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 24 तथा भारत पेट्रोलियम के 9 पेट्रोल पंप शामिल हैं। प्री-मानसून वर्षा के उपरांत खरीफ फसल की तैयारियों के कारण कृषि कार्यों में डीजल की मांग बढ़ी है। इसी क्रम में 23 जून 2026 को जशपुर जिले के कोतबा क्षेत्र स्थित दो पेट्रोल पंपों में डीजल स्टॉक समाप्त होने से अस्थायी स्थिति उत्पन्न हुई थी। किसानों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निकटवर्ती पेट्रोल पंपों से वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की गई। वर्तमान में कोतबा क्षेत्र के सभी चार पेट्रोल पंपों में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा ईंधन वितरण नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। जिला एवं राज्य स्तर पर तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ सतत समन्वय स्थापित कर मांग के अनुरूप पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कृषि कार्यों के कारण बढ़ी मांग को देखते हुए जिन पेट्रोल पंपों में स्टॉक समाप्त होने की संभावना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु तेल कंपनियों को निर्देशित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और विशेष ऑडिट के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के अंतर्गत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों एवं फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधा, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए जाएं तथा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पीडब्लूडी सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की बैठक लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की समीक्षा की

रायपुर  लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में ठेकेदारों को निर्माणाधीन सड़कों पर वैकल्पिक या डायवर्टेड मार्ग बनाकर काम करने के दिए निर्देश दिए, ताकि बरसात में लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। उन्होंने केशकाल घाटी बायपास सड़क के काम में तेजी लाते हुए सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले दो बड़े पुलों के काम भी जल्दी शुरू करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी श्री अभिजीत कुमार तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।    भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकारी श्री आलोक कुमार ने बैठक में बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापटनम एक्सप्रेस-वे और दुर्ग-आरंग बायपास मार्ग के काम अगले वर्ष मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। भारतमाला परियोजना के तहत ही निर्माणाधीन रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरीडोर का काम भी तेज गति से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने छत्तीसगढ़ से गुजरने वाले भारतमाला परियोजना की सड़कों का पूरा लाभ उठाने राज्य की सड़कों को इनसे जोड़ने टू-लेन और फोर-लेन सड़कों के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए, जिससे इन इकोनॉमिक कॉरीडोर्स का पूरा लाभ राज्य को मिल सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के इन सड़क खंडों के चालू हो जाने से राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। माल और यात्री परिवहन की दृष्टि से ये सड़कें बहुत महत्वपूर्ण हैं।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में एनएचएआई द्वारा रायपुर के तेलीबांधा चौक, उद्योग भवन चौक और सरोना चौक में प्रस्तावित फ्लाईओवर्स की स्वीकृति की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित भूमि अधिग्रहण और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी यथासमय उच्च कार्यालयों को देने के निर्देश दिए, जिससे कि इनके जल्द निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर की जा सके। उन्होंने विभिन्न जिलों में सड़कों और पुलों के अपने निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन तथा कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के दौरान ब्लैक-स्पॉट्स को खत्म करने के साथ ही सड़क सुरक्षा के मापदंडों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानकों के अनुरूप ही सड़कों पर गति अवरोधकों का निर्माण करने को कहा। उन्होंने सभी अधिकारियों को लगातार फील्ड में जाकर कार्यों के बारिकी से निरीक्षण करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्धारित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री ज्ञानेश्वर कश्यप और अधीक्षण अभियंता श्री एस.एस. माझी सहित पांचों राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के कार्यपालन अभिंयता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से राज्य की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समायवधि में अच्छा काम होना चाहिए।