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बच्चों के नए आइडिया को मिलेगा प्रोत्साहन, इंस्पायर अवार्ड योजना पर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का जोर

इंस्पायर अवार्ड योजना से बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिल रहा प्रोत्साहन – शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव शिक्षा मंत्री ने इंस्पायर मानक में चयनित 40 प्रतिभागियों का किया सम्मान रायपुर शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इंस्पायर अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चयनित लगभग 40 विद्यार्थियों को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर मिला यह बहुत हर्ष की बात है।केंद्र सरकार की पहल से संचालित इंस्पायर अवार्ड योजना बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई मौलिक प्रतिभा होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने और उचित अवसर प्रदान करने की। ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा और दैनिक जीवन में उपयोगी विभिन्न आविष्कारों का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगभग 80 हजार नवाचारी विचार सामने आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार के साथ शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा अपने आविष्कारों को समाज के लिए उपयोगी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने वाले अभिभावकों एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को नवाचार, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। नवाचार का अर्थ केवल नई चीजों का आविष्कार करना नहीं, बल्कि पुराने कार्यों को नए और बेहतर तरीकों से करना भी है। विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने तथा अपनी गलतियों से सीखना चाहिए।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी चाहे ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी अंचल अथवा किसी भी सामाजिक परिवेश से आते हों, उन्हें स्वयं को कभी कम नहीं समझना चाहिए। सफलता का आधार व्यक्ति की पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि उसकी क्षमता, मेहनत और सोच होती है।भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजी, हिंदी, छत्तीसगढ़ी अथवा कोई भी भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है। वास्तविक महत्व विषय की समझ, ज्ञान और कार्य करने की योग्यता का है। रायपुर के बीटीआई ग्राउण्ड परिसर में स्थित एससीआरटी भवन के सभा कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से चयनित चालीस विद्यार्थियों के साथ ही जुलाई माह में इंस्पायर मानक प्रतियोगिता में राज्य के पाँच प्रतिभागियों को जापान देश जाने और सीखने का अवसर मिला उनको भी सम्मानित किया गया । साथ ही जापान से वापस आए प्रतिभागी रमन दास मानिकपुरी, समीक्षा साहू, सुनयना और शैयाद अली ने अपने अनुभव को भी साझा किया । इस अवसर पर  लोक शिक्षण विभाग के संचालक ऋतुराज रघुवंशी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित चयनित छात्र एवं छात्राएँ, शिक्षकगण उपस्थित रहे ।  ज्ञात हो कि इंस्पायर–मानक अवार्ड योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के सहयोग से संचालित की जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को उनके मौलिक एवं नवाचारी विचारों पर आधारित प्रोजेक्ट या मॉडल विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।

सेवा और विश्वास की मिसाल: अतुल लालवानी ने हाउसिंग बोर्ड के नए कॉम्प्लेक्स में शुरू की कारोबार की नई शुरुआत

सेवा संकल्प अभियान सेवा की कहानी: 15 वर्षों का भरोसा फिर बना नई शुरूआत का आधार, हाउसिंग बोर्ड के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में अतुल लालवानी ने चुना कारोबार का नया ठिकाना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आवास के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास को मिल रहा प्रोत्साहन वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में व्यापारियों को बेहतर सुविधाओं के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की पहल एम्स के नजदीक बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और किफायती कीमत बनी आकर्षण का केंद्र रायपुर,  किसी भी संस्था के प्रति विश्वास उसकी सेवाओं और कार्यों से बनता है। जब यही विश्वास वर्षों तक कायम रहता है और व्यक्ति दोबारा उसी संस्था को अपनी नई शुरूआत के लिए चुनता है, तो यह उसकी विश्वसनीयता का उदाहरण बन जाता है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के प्रति ऐसा ही भरोसा राजधानी रायपुर के टाटीबंध निवासी व्यवसायी अतुल लालवानी ने व्यक्त किया है। पिछले 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में दुकान संचालित कर रहे लालवानी ने अब मंडल के नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भी अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आवासीय सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यावसायिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नागरिकों और व्यापारियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं को विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बेहतर लोकेशन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और उचित कीमत पर संपत्तियां उपलब्ध कराकर व्यापार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। 15 वर्षों का अनुभव बना भरोसे की सबसे बड़ी वजह टाटीबंध स्थित हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में पिछले 15 वर्षों से अपनी दुकान संचालित कर रहे अतुल लालवानी बताते हैं कि इतने लंबे समय तक यहां व्यवसाय करने का अनुभव उनके लिए संतोषजनक रहा है। यही कारण है कि जब हाउसिंग बोर्ड ने इसी क्षेत्र में नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की पहल की, तो उन्होंने एक बार फिर मंडल की परियोजना को प्राथमिकता दी। लालवानी कहते हैं, “पिछले 15 वर्षों से मैं हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में अपनी दुकान चला रहा हूं। इतने वर्षों का अनुभव ही मेरे भरोसे की सबसे बड़ी वजह है। आज जब इसी क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स लेकर आया है, तो मैंने एक बार फिर उसी भरोसे के साथ इसे चुना है।” एम्स के नजदीक लोकेशन और किफायती कीमत बनी खासियत लालवानी के अनुसार किसी भी व्यवसाय की सफलता में उसकी लोकेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। टाटीबंध क्षेत्र में एम्स के नजदीक स्थित नया कमर्शियल कॉम्प्लेक्स व्यापारियों के लिए उपयोगी विकल्प बन सकता है। आसपास विकसित व्यावसायिक गतिविधियां, बेहतर आवागमन और स्थापित बाजार की उपलब्धता इस परियोजना की प्रमुख विशेषताएं हैं। उन्होंने बताया कि अच्छी लोकेशन के साथ निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत भी इस परियोजना को आकर्षक बनाती है। नए परिसर में बेहतर व्यावसायिक सुविधाओं और स्थापित बाजार का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापारियों को अपने कारोबार का विस्तार करने के अवसर मिल सकते हैं। “हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है” अतुल लालवानी का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड की व्यावसायिक परियोजनाएं छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। अच्छी लोकेशन पर उचित कीमत में दुकान या व्यावसायिक स्थान मिलने से कारोबार को स्थायित्व और विस्तार की संभावनाएं मिलती हैं। वे कहते हैं, “एम्स के नजदीक लोकेशन, निर्माण की गुणवत्ता और किफायती कीमत इस परिसर की खासियत हैं। हमारे जैसे व्यापारियों के लिए अच्छी जगह पर उचित कीमत में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलना सराहनीय है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड पर मेरा भरोसा आज भी कायम है।” आवास के साथ व्यापार और स्वरोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आवासीय परियोजनाओं के साथ व्यावसायिक परिसरों के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से व्यापारियों को सुव्यवस्थित व्यावसायिक स्थान उपलब्ध कराने तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। व्यावसायिक परिसरों का विकास केवल दुकानों और भवनों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं जुड़ी हैं। सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति जताया आभार अतुल लालवानी ने छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार आवास के साथ व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी बहुत अच्छा काम कर रही है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सरकार और हाउसिंग बोर्ड का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।” लालवानी की कहानी बताती है कि किसी संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल नई परियोजनाओं का निर्माण नहीं, बल्कि हितग्राहियों का लंबे समय तक कायम रहने वाला विश्वास भी है। 15 वर्षों से हाउसिंग बोर्ड के व्यावसायिक परिसर में कारोबार कर रहे लालवानी का नए कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को दोबारा चुनना इसी भरोसे का उदाहरण है। उनके लिए यह नया व्यावसायिक परिसर केवल कारोबार का नया ठिकाना नहीं, बल्कि वर्षों पुराने विश्वास के साथ आगे बढ़ने और व्यवसाय के विस्तार की नई उम्मीद भी है।

सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं से तैयार होंगे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री नवा रायपुर में बैडमिंटन अकादमी शुरू करेंगे पद्म भूषण पुलेला गोपीचंद, प्रदेश की प्रतिभाओं को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण खेल प्रतिभाओं को अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान बस्तर ओलंपिक से सामने आ रही दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाएं, दूसरे वर्ष लगभग 3.91 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा खेल उत्कृष्टता, आधुनिक सुविधाओं और निवेश को प्रोत्साहित करने के राज्य सरकार के प्रयासों की गोपीचंद ने की सराहना रायपुर  छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी दिशा में योजनाबद्ध रूप से आगे बढ़ रही है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के जोरा में आयोजित सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण एवं खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर क्लब के संस्थापकों और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय बैडमिंटन को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनके मार्गदर्शन में अनेक खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। नवा रायपुर में उनकी बैडमिंटन अकादमी की शुरुआत प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का निर्माण भी करते हैं। खेलों में निवेश वास्तव में हमारी युवा पीढ़ी और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में निवेश है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दे रही है। बस्तर ओलंपिक ने बदली तस्वीर, गांवों से निकलकर मैदान तक पहुंच रहे युवा मुख्यमंत्री साय ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने का सशक्त मंच बना है। बस्तर ओलंपिक के पहले वर्ष में लगभग एक लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग तीन लाख 91 हजार हो गई। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी बताती है कि बस्तर के युवाओं में खेलों को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है और क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की नई धारा प्रवाहित हो रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में आज युवा बंदूक और हिंसा से दूर होकर खेल, शिक्षा, कौशल और रोजगार के माध्यम से अपने भविष्य को संवारने के लिए आगे आ रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सुदूर गांव की प्रतिभा को भी वही अवसर और मंच मिले, जो बड़े शहरों के खिलाड़ियों को उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय खेलों का सफल आयोजन किया गया है। प्रदेश के खिलाड़ी भी लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव तथा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अपने परिश्रम और प्रतिभा से प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं। खेल अधोसंरचना के विस्तार के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ सहित विभिन्न योजनाओं के समन्वय से प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित की जा रही है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी, चाहे वह किसी शहर से हो या सुदूर वनांचल से, संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। प्रतिभा को अवसर से जोड़ना और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। नक्सलवाद से मुक्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता उनकी सरकार के लगभग पौने तीन वर्ष के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद ने बस्तर सहित प्रदेश के अनेक क्षेत्रों के विकास को प्रभावित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक दिशा मिली है। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि इस परिवर्तन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की जनता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्थानीय लोगों के विश्वास और सहयोग से आज उन क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, खेल और रोजगार की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘मोदी की गारंटी’ के अंतर्गत प्रदेशवासियों से किए गए वादों को पूरा करने के साथ सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा … Read more

जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही हुआ नामांतरण, मंगल सिंह सांडिया को मिली बड़ी राहत

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी अब नामांतरण के लिए महीनों का इंतजार नहीं, रजिस्ट्री होते ही मंगल सिंह सांडिया का पूरा हुआ काम ऑटोम्यूटेशन से मिली बड़ी राहत, तहसील कार्यालय की दौड़भाग और लंबे इंतजार से मिली मुक्ति मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सुधारों से आम नागरिकों का जीवन हो रहा आसान रायपुर जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करने की परेशानी अब तकनीक आधारित पंजीयन व्यवस्था से दूर हो रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम कोटकखर्रा, पोस्ट लालपुर निवासी श्री मंगल सिंह सांडिया ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें लंबी प्रक्रिया और अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए इस नई व्यवस्था को आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में प्रदेश की पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं। संपत्ति की रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया को जोड़ने वाली ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था इन्हीं सुधारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे नागरिकों को रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करने और लंबे इंतजार की परेशानी से राहत मिल रही है। पहले नामांतरण के लिए महीनों का इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम श्री मंगल सिंह सांडिया ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लगता था। कई बार महीनों तक इंतजार करना पड़ता था। इस दौरान संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी परेशानी होती थी। लेकिन इस बार उनका अनुभव बिल्कुल अलग रहा। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा के कारण रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण हो गया। इससे उन्हें न तो महीनों इंतजार करना पड़ा और न ही नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयों की दौड़भाग करनी पड़ी। श्री सांडिया ने इस बदलाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण का काम पूरा हो जाना उनके लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाओं से आम नागरिकों का समय बचता है और सरकारी कामकाज के प्रति भरोसा भी बढ़ता है। ऑटोम्यूटेशन से आसान हुई रजिस्ट्री के बाद की प्रक्रिया पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के अंतर्गत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है। पहले नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से आवेदन और राजस्व कार्यालयों में प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही कम करने और नामांतरण की प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद मिल रही है। इस सुधार का विशेष महत्व ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भूमि स्वामियों के लिए है, जिन्हें संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए बार-बार तहसील और राजस्व कार्यालय जाना पड़ता था। ऑटोम्यूटेशन से उनका समय बचने के साथ जमीन से जुड़े कार्यों को पूरा करना अधिक सुविधाजनक हो रहा है। मुख्यमंत्री और वित्त एवं पंजीयन मंत्री के प्रति जताया आभार श्री मंगल सिंह सांडिया ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने पर खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि नामांतरण की प्रक्रिया में आई तेजी से उन्हें बड़ी सुविधा मिली है। श्री सांडिया का अनुभव बताता है कि शासन द्वारा पंजीयन सेवाओं में किए जा रहे तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक डिजिटल व्यवस्था नहीं, बल्कि महीनों के इंतजार से मुक्ति और समय पर सरकारी काम पूरा होने की खुशी है। सेवा संकल्प अभियान से सामने आ रही सुशासन की कहानियां ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से पंजीयन विभाग हितग्राहियों से सीधे संवाद कर पंजीयन सुधारों के जमीनी प्रभाव, अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मंगल सिंह सांडिया की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है। जहां पहले नामांतरण के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब तकनीक आधारित व्यवस्था से रजिस्ट्री के साथ ही संबंधित प्रक्रिया पूरी होने की सुविधा मिल रही है। यह पहल नागरिकों के समय की बचत, कार्यालयीन प्रक्रियाओं के सरलीकरण और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

छत्तीसगढ़ के IPS अधिकारी संतोष सिंह की नई पोस्टिंग, दिल्ली मेट्रो में DIG पद की कमान संभाली

रायपुर छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के उप महानिरीक्षक (DIG) का पदभार ग्रहण कर लिया है. केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात संतोष सिंह अब देश की राजधानी की सुरक्षा लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।  सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक कुशलता में संतोष सिंह का अनुभव काफी समृद्ध रहा है. वे छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव जैसे 9 प्रमुख जिलों में एसपी व एसएसपी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अतिरिक्त वे सुकमा में अतिरिक्त एसपी और दुर्ग में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के पद पर भी तैनात रहे हैं।  दिल्ली में इस नई जिम्मेदारी से ठीक पहले वे हैदराबाद में 'साउथ जोन-2' के डीआईजी के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे. वहां उन्होंने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक में फैले पूर्वी तटीय बंदरगाहों तथा सामरिक व औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की कमान संभाली थी।  क्षेत्रीय सुरक्षा और अति-संवेदनशील अवसंरचनाओं की रखवाली के उनके इस विस्तृत अनुभव का लाभ अब दिल्ली मेट्रो को मिलेगा।  उल्लेखनीय है कि दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की लाइफलाइन है, जो 271 स्टेशनों के जरिए दिल्ली को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के पड़ोसी शहरों से जोड़ती है।  इस विशाल नेटवर्क ने बीते 17 सितंबर को ही लगभग 82.45 लाख यात्रियों के दैनिक सफर का नया रिकॉर्ड कायम किया है. इतने बड़े पैमाने पर दैनिक आवाजाही वाले इस नेटवर्क की सुरक्षा में संतोष सिंह का अनुभव बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। 

छत्तीसगढ़ के कांकेर में दो माओवादियों को कठोर कारावास, 10-10 साल जेल में रहेंगे

कांकेर  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले स्थित भानुप्रतापपुर की विशेष एनआईए अदालत ने सुरक्षा बलों को विस्फोटकों से निशाना बनाने की साजिश रचने के मामले में दो लोगों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. विशेष एनआईए न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 2,000-2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता त्रिभुवन शंकर यादव ने की।  यह मामला 28 अक्टूबर 2023 का है, जब कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के चिलपरस-नयापारा पहाड़ी के पास सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी. सर्चिंग के दौरान जंगल के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया. पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान सानू कोमरा और अर्जुन साहू के रूप में हुई।  जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी प्रतिबंधित माओवादी संगठन की जन मिलिशिया शाखा से जुड़े थे और बारूदी सुरंग या विस्फोटक लगाकर सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने की साजिश में शामिल थे. आरोपियों के कब्जे से नौ डेटोनेटर, तार का बंडल, स्विच, प्लास्टिक रस्सी, छर्रों के दो पैकेट, लगभग एक किलोग्राम लोहे के टुकड़े, दो पाइप और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया था।  पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया, जहां सुनवाई के बाद दोनों को दोषी करार दिया गया।  उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में माओवादी मामलों में न्यायिक कार्रवाई तेजी से चल रही है. जिले में लंबित 36 मामलों में से हाल ही में तीन में फैसले आ चुके हैं, जिससे अब लंबित मामलों की संख्या घटकर 33 रह गई है।  इससे पहले सितंबर 2026 में कांकेर अदालत ने स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य प्रभाकर राव और उनकी पत्नी राजे कांगे से जुड़े मामले में निर्णय सुनाया था, जबकि 16 सितंबर 2026 को भानुप्रतापपुर अदालत ने माओवादी आरोपी पोलूराम आंचला को भी 10 साल की सजा सुनाई थी.

‘जो मैं कहूं, वही सही’ की सोच लोकतंत्र के लिए चुनौती, राहुल गांधी पर नरेश चंद्र का निशाना

रायपुर  भाजपा विधि प्रकोष्ठ के पूर्व संयोजक और वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने कांग्रेस का नाम लिए बिना निर्वाचन आयोग के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा और जीवंत लोकतंत्र है। इसकी मजबूती चुनावी जीत-हार से ही नहीं, बल्कि उच्चतम न्यायालय, निर्वाचन आयोग, संसद और जांच एजेंसियों जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर नागरिकों तथा राजनीतिक दलों के भरोसे से तय होती है। गुप्ता के अनुसार, हाल के वर्षों में विरोध के बदलते तौर-तरीकों ने यह चिंता बढ़ाई है कि क्या सत्ता की होड़ में राष्ट्रहित और संस्थागत मर्यादा पीछे छूट रही है। बतादें कि कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है। राज्य से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन किया। मतभेद की गरिमापूर्ण परंपरा गुप्ता ने कहा कि भारतीय राजनीति में मतभेद और विरोध की एक गरिमापूर्ण परंपरा रही है। जनसंघ और भाजपा के दौर से लेकर पूर्ववर्ती सरकारों के समय तक विपक्षी दल धरने-प्रदर्शन करते थे, लेकिन वे आम तौर पर सांकेतिक और अनुशासित होते थे। नेता निर्धारित स्थलों पर बैठकर वैचारिक तथा संसदीय भाषा में अपनी बात रखते और कानून का सम्मान करते हुए सांकेतिक गिरफ्तारियां देते थे। प्रशासनिक व्यवस्था की साख प्रभावित उनके मुताबिक, अब विरोध-प्रदर्शनों के दौरान संसद, अति-सुरक्षित परिसरों या प्रधानमंत्री आवास की ओर उग्र मार्च, सुरक्षा बलों और पुलिस अधिकारियों से धक्का-मुक्की तथा सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की कोशिशें देखने को मिल रही हैं। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद जैसे जनप्रतिनिधि जब कानून-व्यवस्था को चुनौती देते दिखते हैं, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था की साख प्रभावित होती है। विश्वसनीयता कम करने की कोशिश उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों को भी चिंताजनक बताया। गुप्ता के अनुसार, सर्वोच्च अदालत अंतरिम राहत देने से मना करे या साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दे, तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए जाते हैं। इसी तरह निर्वाचन आयोग, सीबीआई, ईडी और सीएजी पर वैधानिक प्रक्रिया के तहत काम करने के बावजूद एकतरफा होने के आरोप लगाकर उनकी विश्वसनीयता कम करने की कोशिश होती है। राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है असर गुप्ता ने भारतीय राजनीति के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं देशहित से ऊपर रखी जाती हैं, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता है। उन्होंने 1946 के सत्ता हस्तांतरण के दौर का हवाला दिया, जब उनके अनुसार प्रांतीय कमेटियों के स्पष्ट बहुमत, जो सरदार पटेल के पक्ष में था, को नकारकर पंडित जवाहरलाल नेहरू की इस जिद को प्राथमिकता दी गई कि वे किसी अन्य के अधीन काम नहीं करेंगे। गुप्ता ने इसे राष्ट्रहित के ऊपर व्यक्तिगत पद को रखने का उदाहरण बताया। राहुल का हठधर्मी व्यवहार उन्होंने कहा कि आठ दशकों बाद वही प्रवृत्ति राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये में दिखाई देती है। उनके अनुसार, नेता प्रतिपक्ष का महत्वपूर्ण संवैधानिक पद मिलने के बावजूद राहुल गांधी का व्यवहार “जो मैं कहूं, वही सही है” वाली हठधर्मिता दर्शाता है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि चुनी हुई सरकार के अस्तित्व को खारिज करना, संसद के काम में लगातार गतिरोध पैदा करना और प्रतिकूल न्यायिक फैसलों के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाना देश में वैचारिक तथा सामाजिक अराजकता को बढ़ावा देता है। उनके मुताबिक, हालिया घटनाक्रम राजनीतिक हताशा और संवैधानिक प्रक्रियाओं की अवहेलना को उजागर करते हैं।  

CG Police Transfer: छत्तीसगढ़ में 18 पुलिस अफसरों का ट्रांसफर, किसे कहां मिली नई जिम्मेदारी?

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को और अधिक कसावट देने के लिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 18 अधिकारियों का स्थानांतरण आदेश जारी किया है. इस फेरबदल में वर्ष 2021 से 2024 बैच के युवा पुलिस अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लेकर पुलिस मुख्यालय (PHQ) स्तर तक अधिकारियों की तैनातियों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।  तबादला सूची के अनुसार, बीजापुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अभियान) के रूप में कार्यरत अमन कुमार रमन कुमार को अब नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्य अन्वेषण एजेंसी (SIA) का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है. वहीं नारायणपुर में पदस्थ अजय कुमार को विशेष शाखा (SIB) में पुलिस अधीक्षक की कमान सौंपी गई है।  पुलिस मुख्यालय स्तर पर आकाश श्रीमाल को एआईजी (PHQ), अक्षय प्रमोद सबद्रा को एआईजी (योजना/प्रबंध) तथा एसटीएफ बघेरा (दुर्ग) में तैनात आकाश कुमार शुक्ला को एआईजी (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की जिम्मेदारी दी गई है।  राज्य के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं. बीजापुर में पदस्थ रवींद्र कुमार मीणा को एसपी (चिटफंड एवं महिला संबंधी अपराध) बनाया गया है, जबकि सुकमा में कार्यरत रोहित कुमार शाह को बीजापुर स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) की 15वीं वाहिनी का कमांडेंट नियुक्त किया गया है।  इसके अतिरिक्त, बस्तर और नक्सल प्रभावित संभागों में फील्ड कमान संभाल रहे नगर पुलिस अधीक्षकों (CSP) को पदोन्नत कर एएसपी (अभियान) की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें जगदलपुर के सीएसपी सुमीतकुमार दत्ताहारी को कांकेर, रायपुर के एसीपी इशू अग्रवाल को नारायणपुर, रायगढ़ के सीएसपी मयंक मिश्रा को सुकमा, और राजनांदगांव की सीएसपी वैशाली जैन को जगदलपुर में एएसपी (अभियान) के पद पर भेजा गया है।  इसी तरह कोरबा के सीएसपी विमल कुमार पाठक को नारायणपुर, दुर्ग के सीएसपी हर्षित मेहर को कोंडागांव तथा अंबिकापुर के सीएसपी राहुल बंसल को बीजापुर में एएसपी (अभियान) की कमान मिली है।  इसके साथ ही, नए एवं प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को भी प्रशासनिक अनुभव के लिए महत्वपूर्ण मैदानी पदस्थापना दी गई है. प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन को जगदलपुर का नया सीएसपी बनाया गया है. वहीं साकोर मानसी नानाभाऊ को रायपुर शहर के आजाद चौक क्षेत्र में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) नियुक्त किया गया है।  इसके अलावा, प्रशिक्षु अधिकारी आदित्य कुमार को राजनांदगांव का सीएसपी और प्रतीक बंसोड़े को अंबिकापुर का सीएसपी पदस्थ किया गया है. राज्य सरकार द्वारा जारी इस नए आदेश से कानून-व्यवस्था के संचालन और विशेष अभियानों की गति में तेजी आने की उम्मीद है।   

सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 25 वर्ष देश के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सशक्त और विकसित भारत का सपना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 25 वर्ष देश के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका नक्सलवाद के अंत के साथ बस्तर में खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल : किसानों की समृद्धि और गरीबों के पक्के आवास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायपुर में समाचार चैनल एशियन न्यूज द्वारा आयोजित ‘सेवा संकल्प कॉन्क्लेव–जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, देश में आए व्यापक बदलाव तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और संकल्पों पर विस्तार से अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना तेजी से साकार हो रहा है। दुनिया में भारत की पहचान एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुई है। आर्थिक क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया है और भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भूकंप की भीषण त्रासदी से जूझ रहे गुजरात को न केवल पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ाया, बल्कि विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी सेवाभाव, संकल्प और दूरदृष्टि के साथ देश को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ से पुराना और आत्मीय जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों और बस्तर के क्षेत्रों में भी लंबा समय बिताया है और यहां की परिस्थितियों तथा जनजीवन को निकट से समझा है। वर्ष 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का उनका मूलमंत्र देश की विकास यात्रा का आधार बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपनी दृढ़ता का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को नए भारत के सामर्थ्य और संकल्प से परिचित कराया है। यह नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना भी जानता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से हमें सेवा की निरंतर प्रेरणा मिलती है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कठिन दौर में भारत ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता और सेवा भावना का परिचय दिया। देश में विकसित वैक्सीन ने करोड़ों भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ दुनिया के अनेक देशों तक मानवता और सहयोग का संदेश पहुंचाया। प्रधानमंत्री के इसी सेवाभाव से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सुख, समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।  बस्तर में पहुंच रही विकास की रोशनी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा। मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक ली। उस समय देश में शेष नक्सल समस्या का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में केंद्रित था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय तथा हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। बस्तर के लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए युग का नेतृत्व करे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हृदय स्थल में स्थित छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से समृद्ध है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, टिन सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार हैं। प्रदेश में हीरा और सोना जैसे बहुमूल्य खनिजों की संभावनाएं भी मौजूद हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते ढाई वर्षों में राज्य के खनिज राजस्व में  वृद्धि हुई है। शासन की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और राजस्व बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करते हुए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती उर्वरा है और यहां के लोग परिश्रमी हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के सरल स्वभाव, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है। इन्हीं विशेषताओं और उपलब्ध संसाधनों के बल पर छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करेगा और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी योगदान देगा। महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों को दिया आर्थिक संबल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि … Read more

अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा, मुख्यमंत्री ने त्वरित पहल कर लिया किसान हितैषी निर्णय रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय से आज भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने किसानों की भावनाओं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर त्वरित पहल की और शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया।पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत को कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। किसानों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा किसान हित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समृद्धि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिले तथा कृषि उनके लिए सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बने। भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।