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अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर प्राप्त हुई, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी सूचना मिलते ही सरगुजा एसपी, एएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ जिला न्यायालय परिसर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीमों द्वारा पूरे न्यायालय परिसर की गहन तलाशी ली गई। इस दौरान न्यायालय में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। साथ ही, आने-जाने वाले वाहनों की भी सघन तलाशी ली गई। जांच जारी, एहतियात बरता जा रहा पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति सामने नहीं आया है। इसके बावजूद, एहतियातन न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय को लेकर एक सिक्योरिटी थ्रेट से संबंधित ई-मेल प्राप्त हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि धमकी भरा ई-मेल आउटलुक प्लेटफॉर्म से भेजा गया है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका उद्देश्य है। फिलहाल, जिला न्यायालय परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। सभी की जांच कर ही न्यायालय के अंदर जाने दिया जा रहा है।

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नियुक्त रोल ऑब्जर्वर   अभिनव गुप्ता, अतिरिक्त महानिदेशक, विदेश व्यापार महानिदेशालय, नई दिल्ली ने  27 जनवरी  को बेमेतरा एवं कबीरधाम जिलों का दौरा कर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान  गुप्ता ने बेमेतरा जिले के तहसील कार्यालय में तार्किक त्रुटियों (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) वाले प्रकरणों की क्लस्टर स्तर पर सुनवाई, दस्तावेज परीक्षण तथा फॉर्म-6 एवं फॉर्म-7 के ऑनलाइन निराकरण की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 68–साजा के मतदान केंद्र क्रमांक 01, ग्राम अगरी में आयोजित सुनवाई का निरीक्षण कर आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।   गुप्ता ने बेमेतरा नगरपालिका क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की बैठक लेकर उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा बीएलओ एप के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी ली। इसी क्रम में रोल ऑब्जर्वर  गुप्ता द्वारा कबीरधाम जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का निरीक्षण किया गया। जिले के ग्राम पंचायत छिरहा में आयोजित शिविर में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी   विकास जैन द्वारा की जा रही सुनवाई प्रक्रिया का अवलोकन किया । उन्होंने शिविर में उपस्थित विभिन्न मतदान केन्द्रों के बीएलओ एवं मतदाताओं से चर्चा कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने तहसील कार्यालय कवर्धा में नो मैपिंग एवं तार्किक त्रुटियों से संबंधित मतदाताओं की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत दस्तावेजों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  मनोज केसरिया एवं  जयशंकर उरांव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी बेमेतरा डॉ. दीप्ति वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी कवर्धा, संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सुपरवाइजर एवं बूथ लेवल अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के 255 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों का किया वर्चुअली लोकार्पण

रायपुर. मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी।               मुख्यमंत्री   साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।   साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।           उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री   विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री   शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।             इस अवसर पर मुख्य सचिव   विकास शील, अपर मुख्य सचिव   मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक   अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव   हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन   पवन देव, एडीजी   एसआरपी कल्लूरी, एडीजी   प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी   दीपांशु काबरा, एडीजी   अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री   केदार कश्यप, उद्योग मंत्री   लखन लाल देवांगन, विधायक   योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक   भईया लाल रजवाड़े,   ललित चंद्राकर, विधायक  मती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।        उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।

अजित पवार के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने व्यक्त किया गहरा शोक

रायपुर महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री  अजित पवार  सहित अन्य लोगों के आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री  साय ने इस घटना को अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अजित पवार जी का सम्पूर्ण जीवन कृषक कल्याण, जनसेवा और देश के विकास के लिए समर्पित रहा। उनका असमय देहावसान न केवल उनके परिजनों और समर्थकों के लिए, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने सभी दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु श्री राम से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा की ढाल बनी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

रायपुर. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना केन्द्र शासन द्वारा असंगठित श्रमिकों को बुढ़ापे में संबल देने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, खेतिहर मजदूर सहित असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करते हुए 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद प्रति माह 03 हजार रूपए की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। यह एक स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है, जिसमें श्रमिक द्वारा किए गए अंशदान के बराबर राशि केंद्र सरकार द्वारा भी जमा की जाती है।       श्रम पदाधिकारी मुंगेली   अभिषेक सिंह ने बताया कि योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक उठा सकते हैं, जिनकी मासिक आय 15 हजार रूपए या उससे कम हो। लाभार्थी का ईपीएफओ, ईएसआईसी या एनपीएस का सदस्य नहीं होना चाहिए और वह आयकर दाता भी न हो। अंशदान आयु के अनुसार तय है। 18 वर्ष की आयु में जुड़ने पर मात्र 55 रूपए प्रतिमाह, जबकि 40 वर्ष की आयु में जुड़ने पर 200 रूपए प्रतिमाह अंशदान निर्धारित है। इच्छुक श्रमिक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और नामिनी का विवरण आवश्यक है। इसके अलावा लाभार्थी स्वयं 

सड़क और राजमार्ग विकास को लेकर अरुण साव–नितिन गडकरी के बीच सार्थक चर्चा

रायपुर.  केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री   नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य शासन द्वारा प्रस्तावित विभिन्न सड़क परियोजनाओं को मंजूर करने का आग्रह किया। उन्होंने   गडकरी से बिलासपुर शहर में यातायात का दबाव कम करने बायपास निर्माण, रायपुर और बिलासपुर के बीच भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) तक 6-लेन मार्ग की मंजूरी तथा मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग का विस्तार रायपुर तक करने का अनुरोध किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में 13 राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के साथ ही 8 सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी आग्रह किया। उप मुख्यमंत्री   साव ने मुलाकात के दौरान केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी को अवगत कराया कि बिलासपुर शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों के कारण यातायात का काफी दबाव है, जिससे निरंतर जाम की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने इसके समाधान के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से शहर के बाहर से होकर उच्च न्यायालय बोदरी से सेंदरी तक करीब 32 किमी लंबा फोरलेन बायपास स्वीकृत करने का अनुरोध किया। यह बायपास बिलासपुर शहर के प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और लॉजिस्टिक पार्क को रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही शहर के भीतर यातायात के दबाव को प्रभावी तरीके से कम करते हुए औद्योगिक विकास संचार तंत्र एवं नियोजित शहरी विस्तार को बढ़ावा देगा।   साव ने राज्य के उत्तरी हिस्से में कोल माइन्स एवं दक्षिणी हिस्से में आयरन माइन्स को देखते हुए औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने, कोयला एवं लौह अयस्क के परिवहन, स्टील व सीमेंट उत्पाद को बाहर भेजने तथा प्रदेशवासियों के सुचारू आवागमन के लिए मुंबई-नागपुर समृद्धि मार्ग को ग्रीन फील्ड सड़क के रूप में रायपुर तक विस्तारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रायपुर-नागपुर-मुंबई एक्सेस कंट्रोल 8-लेन कनेक्टीविटी से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री  साव ने  गडकरी से भारतमाला परियोजना के अंतर्गत रायपुर के आरंग से बिलासपुर के दर्री तक लगभग 95 किमी 6-लेन मार्ग के निर्माण की मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने   गडकरी को बताया कि वर्तमान में रायपुर से बिलासपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ा हुआ है, किंतु एक्सेस कंट्रोल नहीं होने के कारण राज्य की तीनों भारतमाला परियोजनाओं के बीच सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है। आरंग-दर्री मार्ग के निर्माण से रायपुर से बिलासपुर की दूरी एक घंटे में तय होगी तथा तीनों भारतमाला सड़कों के आपस में जुड़ जाने से सीधा संपर्क होगा, जिससे सभी तरह के परिवहन में समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी।    साव ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से राज्य के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों के 13 खंडों के उन्नयन के लिए राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए विद्यमान मार्गों को उन्नत किए जाने पर जोर देते हुए आठ सड़कों को नवीन राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने का भी अनुरोध किया।

पेयजल योजनाओं के सफल संचालन पर केंद्र और राज्यों के बीच रणनीतिक संवाद

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री   अरुण साव केंद्र सरकार और राज्यों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर मंथन उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री   अरुण साव भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) के लिए आयोजित मिनिस्टर्स लेवल पॉलिसी डायलॉग ऑन सस्टेनेबल ओएंडएम ऑफ रुरल ड्रिंकिंग वाटर सर्विसेस (Ministers Level Policy Dialogue on Sustainable O&M of Rural Drinking Water Services) में शामिल हुए। नई दिल्ली में आयोजित इस नीति संवाद की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री   सी.आर. पाटिल एवं केंद्रीय पंचायती राज मंत्री   राजीव रंजन सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री   वी. सोमन्ना, भारत सरकार के सचिव एवं अतिरिक्त सचिव सहित देश के विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री भी शामिल हुए। इस संवाद कार्यक्रम में भारत सरकार और विभिन्न राज्यों के बीच ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने गहन विचार-विमर्श किया गया। केंद्र सरकार और राज्यों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर मंथन उप मुख्यमंत्री   अरुण साव ने नीति संवाद में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों, जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों तथा राज्य की उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद उनका प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बनी रहे।   साव ने पंचायतों की भूमिका, स्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग को जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार बताया। बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों एवं सुझावों पर भी गहन चर्चा हुई, जिससे जमीनी स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त, टिकाऊ तथा जनहितकारी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। राज्य की ओर से जल जीवन मिशन के मिशन संचालक   जितेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता   ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता   ए.के. मालवे तथा कार्यपालन अभियंता   संजय राठौर ने भी बैठक में भागीदारी की।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 को जगदलपुर में संभागीय बस्तर पंडुम में आएंगी

जगदलपुर. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 7 फरवरी को बस्तर पंडुम संभाग स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जगदलपुर आएंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई है। मुख्य सचिव विकास शील ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास के मद्देनजर आज यहां मंत्रालय में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। मुख्य सचिव विकास शील ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर बस्तर पंडुम के संभागीय कार्यक्रम के आयोजन और इससे संबंधित अन्य तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्य सचिव विकासशील ने राष्ट्रपति महोदया के प्रवास अवसर पर सुरक्षा, चिकित्सा, आवागमन सहित तमाम जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बस्तर कलेक्टर से वहां की सभी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने रायपुर कलेक्टर को भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में जनसम्पर्क एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, गृह विभाग की सचिव नेहा चंपावत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

राजनांदगांव में तेज रफ्तार ट्रक के दुकान में घुसने से 2 लोगों की मौत

राजनांदगांव. चिचोला चौकी क्षेत्र के लाल बहादुर नगर में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को रौंद दिया। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, वहीं एक गंभीर रूप से घायल है। बाइक को चपेट में लेने के बाद ट्र​क सड़क किनारे मौजूद किराने की दुकान में जा घुसा। हादसे में दुकान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। घटना रात करीब 9.30 बजे की है। पुलिस ने बताया कि 22 वर्षीय खिलेश्वर यादव अपने साथी रमन यादव (22) और सौरभ देवांगन (24) के साथ अपनी बाइक में सौरभ देवांगन को छोड़ने उसके घर जा रहे थे। तीनों एलबी नगर के पूनम राइस मिल के पास पहुंचे थे, तभी उन्हें विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक चालक ने जोरदार ठोकर मार दी। ठोकर मारते हुए ट्रक का नियंत्रण बिगड़ा और वह पास की मौजूद किराने के दुकान में घुस गया। हादसे में बाइक सवार खिलेश्वर यादव और रमन यादव की मौके पर मौत हो गई। वहीं सौरभ देवांगन को गंभीर स्थिति में मे​डिकल कॉलेज हास्पिटल में दाखिल किया गया है। हादसे में गांव के दो युवकों की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ​ले लिया है।

पूर्व CM बघेल पर सेक्स सीडी विवाद में नया मोड़, CBI की अपील के बाद हाईकोर्ट में कांग्रेस की याचिका

रायपुर   छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी प्रकरण में रायपुर सत्र अदालत द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के निर्णय को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीतिक रंग दे दिया गया। चंद्राकर ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद अब इस पर अनावश्यक बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक सीख बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखे जाने पर चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल पत्राचार तक सीमित रह गई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पत्र लिखकर चर्चा में बने रहना ही उनका मुख्य कार्य रह गया है। चंद्राकर ने सवाल उठाया कि विपक्ष यह स्पष्ट करे कि कहां और किसके दबाव में किसी का नाम हटाया गया है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण केवल आरोप लगाना राजनीति का स्तर गिराता है। कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर दिल्ली में चल रही बैठकों पर भी भाजपा विधायक ने निशाना साधते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल किसी भी स्थिति में कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष दीपक बैज को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने नहीं देंगे। चंद्राकर के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बघेल ही सर्वाधिक प्रभावशाली नेता हैं और उनके बाद देवेंद्र यादव का स्थान आता है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि बैठकें तो रोज होती हैं लेकिन पहले भी ढाई-ढाई साल के प्रयोग का नाटक चलता रहा है। कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे पर खुद कांग्रेस नेताओं में एकराय नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के फैसले भी अब कांग्रेस कमेटी तय करती है और राज्य सरकार उनके इशारों पर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नीतिगत निर्णय ले रही है। क्या है पूरा मामला मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास से एक कथित सेक्स सीडी जब्त हुई थी। दावा है कि सीडी में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत आपत्तिजनक स्थिति में थे। वीडियो के वायरल होते ही प्रदेश के साथ साथ देशभर में सियासत गरमा गई थी। बाद में जांच CBI को सौंपी गई और लंबे समय तक चले कानूनी व राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 2025 में विशेष अदालत ने बघेल को बरी कर दिया। इसके CBI ने सेशन कोर्ट नई अपील लगाई है। जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पूर्व सीएम हाईकोर्ट की ओर रुख करने के मूड़ में दिखाई दे रहे हैं।