samacharsecretary.com

छत्तीसगढ़: शिमला मैनपाट में विकसित होगा नया पर्यटन–आवासीय परिसर, गृह निर्माण मंडल ने की घोषणा

रायपुर : छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल बनाएगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन–आवासीय परिसर मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम रायपुर छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल

रायपुर : प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री साव छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल  जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित रायपुर   छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी।  उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। श्री साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं। जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य : उपमुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार, जल जीवन मिशन से 32 लाख से अधिक घरों तक पहुँचा नल से जल जल जीवन मिशन के तहत लगभग 41.87 लाख घरेलू नल कनेक्शन 5,564 ग्राम ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित रायपुर,  छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों को यह जानकारी दी। उपमुख्यमंत्री  साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे 32 लाख से अधिक घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में केवल 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीते दो वर्षों में इस संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए और छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। साव ने कहा कि वर्तमान में 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें से 4,544 ग्रामों को विधिवत प्रमाणित किया जा चुका है, विगत दो वर्षों में हर घर सर्टिफाइड ग्रामों की संख्या में पूर्व की तुलना में 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण भी किया गया है। प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं और 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं के माध्यम से जुड़े हैं।  जल गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए श्री साव ने बताया कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया, 629 अनुबंध निरस्त किए गए तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी की गई है। उन्होंने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का निर्माण, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करना तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्राथमिकता है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान-वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

बस्तर अंचल का होगा चहुंमुखी विकास: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

कांकेर जिले को 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने सहित कई घोषणाएं रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में तेजी से विकास दृष्टिगोचर होगा। मुख्यमंत्री साय आज कांकेर जिले पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री साय ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में परलकोट क्षेत्रवासियों के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की गई, जिनमें नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने की घोषणा की। उन्होंने संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर के मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट पखांजूर से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा शुरू करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्याेें में स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने की इच्छा शक्ति के साथ लगातार विकास की ओर आगे बढ़ रही है।  साय ने बताया कि प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। दो साल की अल्पावधि में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति दी है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 08 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे विकास कार्याे कों गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। मेहनतकश किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। कार्यक्रम को कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग अंतागढ़ विधायक  विक्रमदेव उसेण्डी ने भी सम्बोधित किया।   मुख्यमंत्री साय ने नर नारायण सेवा आश्रम पहंुचे और वहां पूजा अर्चना कर तथा प्रदेशवासियांे की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण की सेवा है ध्येय से स्थापित किए गए इस आश्रम में आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वहां आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिविधानपूर्वक पूजन किया। इसके पश्चात वे पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया।     इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक  मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के प्रति सरकार प्रतिबद्ध रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया। संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

दिल्ली में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से की मुलाकात

नई दिल्ली/ रायपुर आज दिल्ली प्रवास के दौरान विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी ने भाजपा के नव नियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष (राष्ट्रीय) और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी माननीय श्री  नितिन नबीन जी से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें नव दायित्व के लिए मंगलकामनायें व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने नितिन नबीन जी से विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा कर उनको उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

रायपुर में भारत-न्यूजीलैंड टी-20 मैच के टिकट लेने उमड़ी स्टूडेंट और फैंस की भीड़

रायपुर. छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में 23 जनवरी को होने वाले भारत और न्यूजीलैंड के टी-20 मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मैच की टिकट के लिए इंडोर स्टेडियम में सुबह से ही बड़ी संख्या में दर्शक और छात्र कतार में खड़े रहे। क्रिकेट मैच की ऑनलाइन टिकटों की बिक्री पहले ही शुरू हो चुकी है। स्टूडेंट टिकट की बिक्री आज सुबह 10 बजे से शुरू की गई, जिसमें टिकट की कीमत 800 रुपये रखी गई है। आयोजकों ने बताया कि प्रत्येक छात्र को केवल एक ही टिकट दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को मैच देखने का अवसर मिल सके। विशेष काउंटर और सुविधा रायपुर के इंडोर स्टेडियम में टिकट बिक्री के लिए विशेष काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा, ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले दर्शकों के लिए फिजिकल टिकट प्राप्त करने के लिए अलग काउंटर की भी व्यवस्था की गई है। पहले चरण में बिकी 12 हजार टिकट गुरुवार शाम पहले चरण की टिकट बिक्री में करीब 12 हजार टिकट महज आधे घंटे में बिक गई। इससे मैच को लेकर दर्शकों के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है। क्रिकेट फैंस का यह उत्साह 23 जनवरी के मुकाबले को और रोमांचक बनाएगा और स्टेडियम में उमड़ने वाली भीड़ इस बात का संकेत है कि यह मैच दर्शकों के लिए यादगार रहेगा। वेंडर नहीं, चलता-फिरता मेन्यू कार्ड!: इस बार स्टेडियम और उसके आसपास वेंडर एक जैसी टी-शर्ट पहने नजर आएंगे, जिस पर बेची जाने वाली खाद्य सामग्री के दाम लिखे होंगे. इसका मकसद यह है कि दर्शकों को पहले से ही खाने-पीने की चीजों की सही कीमत पता रहे और कोई भी वेंडर तय रेट से ज्यादा वसूली न कर सके. यह व्यवस्था पिछली बार हुए मैच के दौरान स्टेडियम में खाद्य सामग्री के मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतों के बाद की गई है. आज शाम से शुरू होगी बिक्री:छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (CSCS) ने 23 जनवरी को रायपुर में होने वाले इंडिया बनाम न्यूज़ीलैंड T20 इंटरनेशनल मैच के लिए टिकट की पूरी जानकारी साझा कर दी है. CSCS के डायरेक्टर विजय शाह और बलदेव सिंह भाटिया ने मैच को लेकर जरूरी जानकारियां दीं. विजय शाह ने बताया कि स्टूडेंट्स के लिए खास टिकट का इंतजाम किया गया है. स्टूडेंट टिकट, जिनकी कीमत ₹800 रखी गई है, सिर्फ इनडोर स्टेडियम में ही मिलेंगे और हर स्टूडेंट को सिर्फ एक ही टिकट दिया जाएगा. छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की है कि इस भारत बनाम न्यूज़ीलैंड T20 मैच के लिए टिकटों की बिक्री आज (15 जनवरी) शाम से शुरू होगी, जिसका क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. पिछली बार की तरह इस बार भी ticketgenie वेबसाइट पर टिकट मिलेंगी. स्टैंड टिकट की कीमतें     2000     2500     3000     3,500 प्रीमियम कैटेगरी में     सिल्वर टिकट ₹7,500     गोल्ड टिकट ₹10,000     प्लैटिनम टिकट ₹12,500     कॉर्पोरेट बॉक्स टिकट ₹25,000 पिछली बार हुए मैच में खाद्य सामग्री को लेकर मनमानी वसूली की कई शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद इस बार संघ ने यह अनोखा और सख्त फैसला लिया है. अब दर्शकों को समोसा लेने से पहले “भैया कितना?” पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि रेट सीधे वेंडर की टी-शर्ट पर लिखा होगा.     समोसा (100 ग्राम) – ₹50     सैंडविच (एक पीस) – ₹60     बर्गर – ₹80     आइसक्रीम – MRP अनुसार     वेफर्स – MRP अनुसार     पफ – ₹50     पिज़्ज़ा – ₹250     पॉपकॉर्न (कोन) – ₹60     पॉपकॉर्न (टब) – ₹100     स्टीम मोमो (शाकाहारी) – ₹150     स्टीम मोमो (चिकन) – ₹200     फ्राइड मोमो (शाकाहारी) – ₹200     फ्राइड मोमो (चिकन) – ₹250 बिना टिकट नो एंट्री:संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी. स्टेडियम में सिर्फ टिकट और पासधारी लोगों को ही प्रवेश मिलेगा. बिना टिकट या पास के किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी. दरअसल पिछले मैच के दौरान कुछ लोगों को दीवार फांदते देखा गया था. क्रिकेट का जश्न या रेट-लिस्ट का त्योहार?:रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में इस मैच को लेकर जबरदस्त उत्साह है. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच होने वाले इस रोमांचक मुकाबले के साथ-साथ इस बार दर्शकों की नजरें मैदान से ज्यादा शायद वेंडरों की टी-शर्ट और रेट-लिस्ट पर टिकी रहेंगी. कुल मिलाकर, रायपुर का यह मैच अब सिर्फ भारत बनाम न्यूज़ीलैंड नहीं, बल्कि दर्शक बनाम महंगाई, समोसा बनाम पॉपकॉर्न और वेंडर बनाम रेट-लिस्ट टी-शर्ट सिस्टम का मुकाबला भी बन गया है.

भिलाई में सतनामी समाज के जैतखाम परिसर में लोहे के रॉड से मचाया उत्पात

दुर्ग. भिलाई में जैतखाम को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भिलाई-3 स्थित गुरु घासीदास नगर, वार्ड क्र. 7 के सार्वजनिक जय स्तंभ जैतखाम परिसर में नगर के ही रहने वाले एक शख्स ने घुसकर उत्पात मचाया। सतनामी समाज के अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद कोसले ने कहा कि 10 जनवरी की सुबह करीब 7:30 बजे अजय जंगम अपनी मां के साथ पहुंचा था। रोजाना की तरह सामूहिक आरती हो रही थी, इसी दौरान उसने गेट पर लात मारी और लोहे का रॉड लेकर समाज के लोगों को धमकाने लगा। बताया जा रहा है कि गाली-गलौज करते हुए युवक जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के नियत से आगे बढ़ रहा था, जिसे लोगों ने रोका। मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। चंद्रिका प्रसाद कोसले के मुताबिक, जय स्तंभ जैतखाम की स्थापना लगभग 30 साल पहले नगरवासियों ने मिलकर की थी। हर साल 18 दिसंबर से 31 दिसंबर तक गुरु घासीदास जयंती का आयोजन भी इसी परिसर में होता है। रोजाना सामाजिक आरती में एक छोटा बॉक्स चलाया जाता है, जिसके लिए एसडीएम से विधिवत अनुमति ली गई है। आरती में किसी बड़े लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि छोटे साउंड बॉक्स से सीमित दूरी तक ही आवाज जाती है।

विदेशी फंडिंग से राजनांदगांव में चल रहा था धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क

राजनांदगांव. जिले में धर्मांतरण का एक बड़ा नेटवर्क मिला है। ग्राम धर्मापुर में एक डेविड चाको नामक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा था, जहां नाबालिग बच्चों को रखकर कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थी। जिले के सुदूर अंचल गांवों में जहां बिजली की व्यवस्था नहीं होती थी वहां ग्रामीणों को डिजिटल प्रोजेक्टर लगाकर प्रभावित किया जा रहा था। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। मामला लालबाग थाना क्षेत्र के सुकुलदेहन चौकी का है। आरोपी के पास से कुछ विदेशी उपकरण बरामद किए गए है, जिनकी कीमत हजारों डॉलर में है। पुलिस को शक है कि इनकी फंडिंग विदेशों से होती थी। राज्य के कई जिलों में इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की शुरुआत 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से मिली एक लिखित शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है, जहां नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है और कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। SP अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है। जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं। आरोपी के पास से सोलर-आधारित हाई-टेक प्रोजेक्टर जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है।