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बस्तर के समग्र विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

नक्सल उन्मूलन के साथ विकास के रोडमैप पर हुई व्यापक चर्चा सचिवों को बस्तर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा के निर्देश कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस रायपुर छत्तीसगढ़ के विकास में लंबे समय से सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद का अंत अब निर्णायक चरण में पहुँच चुका है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सशक्त नेतृत्व तथा सुरक्षाबलों के अदम्य साहस के कारण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल हो रही है। यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है कि नक्सलवाद की हिंसक विचारधारा फिर कभी सिर न उठा सके और इसके लिए बस्तर अंचल से सतत संवाद, विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बस्तर का सर्वांगीण और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आगामी तीन वर्षों के लिए बस्तर के विकास का एक व्यापक एक्शन प्लान तैयार कर मिशन मोड में उसका क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने तथा सचिवों को बस्तर क्षेत्र का दौरा कर योजनाओं की जमीनी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र गति से विस्तार अत्यंत आवश्यक है, ताकि दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुँचे और शासन-प्रशासन पर लोगों का भरोसा सुदृढ़ हो। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में स्वस्फूर्त जनभागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग शांति और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बैठक में पेयजल, विद्युतीकरण और मोबाइल कनेक्टिविटी की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए सतही जल स्रोतों से आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने, शेष गांवों के शीघ्र विद्युतीकरण तथा दूरस्थ इलाकों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार कार्ड निर्माण, बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। पर्यटन विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने होम-स्टे को प्रोत्साहन देने, स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत चिन्हित स्थलों के विकास, बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर के निर्माण तथा युवाओं को पर्यटन आधारित आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित बस्तर के 32 स्थानीय गाइडों को प्रशिक्षण दिए जाने के पहल की विशेष रूप से सराहना की। बैठक में वनधन केंद्रों के माध्यम से लघु वनोपज के संग्रहण एवं प्रसंस्करण, शिक्षा के क्षेत्र में भवन विहीन विद्यालयों के लिए शीघ्र राशि स्वीकृति, नवोदय एवं पीएमश्री स्कूलों का विस्तार, स्वास्थ्य अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, पीएम-अभीम योजना, बाइक एम्बुलेंस सेवा, सिंचाई परियोजनाएँ, आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी संचालन, ग्रामीण बस योजना तथा रोजगार और आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्ययोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को विशेष केंद्रीय सहायता के लिए आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए, ताकि बस्तर के समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास को नई गति मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., समस्त विभागीय सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

धान का 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से हो रहा उपार्जन

दंतेवाड़ा. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के मंशानुरूप किसानों से निर्धारित मापदंडों के तहत धान की खरीदी की जा रही है और व्यवस्था को लेकर किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया गया है कि प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है और उन अफवाहों का खंडन किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि केवल 12 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। किसानों को उनकी पूरी उपज के लिए नियमानुसार टोकन जारी किए जा रहे हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल इस खरीफ सीजन का साफ-सुथरा और सुखाया हुआ धान ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं। पुराने धान को खपाने की कोशिश या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ तत्वों द्वारा धान खरीदी को लेकर संगठित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत अफवाह फैलाकर व्यवस्था को बाधित करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मोखपाल धान खरीदी केंद्र में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों से सीधा संवाद किया है। चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि उन्हें टोकन प्राप्त करने और बारदाना मिलने में कोई समस्या नहीं हो रही है। किसानों ने समिति की कार्यप्रणाली और वहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र सोरी, जनपद पंचायत कटेकल्याण अध्यक्ष हपारांम कोवाड़ी, सहकारी समिति अध्यक्ष भीमाराम, और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर खाद्य अधिकारी, नायब तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त (सहकारिता) ,शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक दंतेवाड़ा और कृषि विस्तार अधिकारी ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर में 15.50 करोड़ के कार्यों का किया शुभारंभ

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले में 15.50 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इन कार्यों के शुभारंभ से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और विकास को नई गति मिलेगी। मंत्री राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर से कसलगिरी सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन में ग्राम कसलगिरी, पंचायत भवन के पास सम्मिलित हुईं। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम केंवटाली से सुन्दरपुर सड़क निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर ग्राम केंवटाली चौक में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं ग्राम गंगौटी से शिवपुर सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में ग्राम शिवपुर, यादव पारा में भी मंत्री राजवाड़े सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुदृढ़ सड़कें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ होगा तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।क्षेत्र वासियों ने सड़क निर्माण कार्यों के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री साय बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित ले रहे उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित योजनाओं की रूपरेखा बनाने में लगे हैं. जानकारी के अनुसार इस बैठक का केंद्र बिंदु बस्तर में शांति और विकास तथा शासन की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुँचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता में रखा जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने मूलभूत सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने पर मंथन किया जा रहा है. बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद हैं.

ईडी ने सौम्या चौरसिया की 2.66 करोड़ की संपत्ति को किया जब्त, कोयला घोटाले में बड़ी कार्रवाई

रायपुर  कोयला लेवी घोटाले केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भूखंडों और आवासीय फ्लैट सहित सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 2.66 करोड़ रुपये की आठ अचल संपत्तियों को जब्त किया है। ईडी के रायपुर के क्षेत्रीय कार्यालय ने बताया कि ये संपत्तियां कोयला उगाही की अवैध वसूली और अन्य जबरन वसूली जैसे अपराधों के जरिये हासिल धनराशि से खरीदी गयी थीं। ईडी ने बेंगलुरु पुलिस और भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो रायपुर द्वारा दर्ज प्राथमिकी तथा छत्तीसगढ़ में कोयला उगाही की अवैध वसूली के संबंध में आयकर विभाग द्वारा दायर चार्जशीट के आधार पर अपनी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि कुछ लोगों के एक समूह ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों की मिलीभगत से कोयले पर 25 रुपये प्रति टन की दर से कोयले की ढुलाई करने वालों से पैसे वसूलने के लिए एक रैकेट बनाया था। इस दौरान इन अपराधियों ने अवैध रूप से लगभग 540 करोड़ रुपये इकट्ठा किए। ये वसूली जुलाई 2020 और जून 2022 के बीच हुई थी। जबरन वसूली की गयी नकदी का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने, चुनाव से संबंधित खर्चे उठाने और चल एवं अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया था। अब तक आरोपियों की 273 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान करके जब्त कर ली गयी है। ईडी ने जांच के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक 35 आरोपियों के खिलाफ पांच शिकायतें माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष दायर की गई हैं। आगे की जांच जारी है।  

रायपुर में चूड़ीवाले चचा ने 9 साल की बच्ची से कर दी हैवानियत

रायपुर. 9 साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। जहां 55 साल के अधेड़ व्यक्ति ने लगातार 5 दिनों तक दुष्कर्म किया है। आरोपी बच्ची को चॉकलेट देकर अपने साथ ले जाता और उससे दुष्कर्म करता था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब नहाते समय बच्ची ने दर्द होने की शिकायत अपनी चाची से की। परिजनों द्वारा पूछताछ करने पर बच्ची ने पूरी आप बीती बताई, जिसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। बच्ची ने परिजनों को बताया कि चुड़ी दुकान वाला बुड्ढा मुझे अपने साथ रोज घर ले जाता था। जहां वो मेरे पूरे कपड़े उतारकर गंदा काम किया, किसी को बताने पर मारने की धमकी दी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। वहीं, बजरंग दल ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है। परिजनों की शिकायत के मुताबिक, 12 जनवरी की सुबह घर में बच्ची दर्द के कारण जमीन पर लेटकर रो रही थी। तभी बच्ची की चाची उसे नहलाने के लिए ले गई और कहां दर्द हो रहा है पूछताछ की। तब बच्ची ने पूरे मामले का खुलासा किया। जानकारी के मुताबिक, आरोपी की शहर के एक मोहल्ले में एक दुकान है जहां वह चूड़ी बेचता है, इसके साथ ही वह दुकान में चॉकलेट, नड्डा मुर्रा भी बेचता था। आरोपी ने बच्ची को यही सब खाने का लालच दिया था। 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच उसने कई बार बच्ची से गंदा काम किया। बच्ची ने अपने बयान में ये भी बताया कि आरोपी घटना के बारे में किसी को बताने पर मारने की धमकी देता था। जिससे बच्ची डरी हुई थी। मामला सामने आने के बाद परिजन बच्ची को लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। विहिप से जुड़े नेता दुष्कर्म केस में गिरफ्तार, बिलासपुर पुलिस ने लिया एक्शन बिलासपुर. जिले से एक बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। पूरा मामला धोखा देकर दुष्कर्म से जुड़ा हुआ है। दरअसल बिलासपुर के विहिप (विश्व हिंदू परिषद) नेता राजीव शर्मा पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। महिला ने आरोप लगाया है कि राजीव शर्मा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं अब खबर आ रही है कि पुलिस ने आरोपी राजीव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और सरकंडा थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राजीव शर्मा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खेत-खार में ठंड से ठिठुर रहे बुजुर्ग की पुलिस ने बचाई जान

बलौदा बाजार. पलारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक 80 वर्षीय लापता बुजुर्ग की जान बचाई। ग्राम गिर्रा निवासी यह बुजुर्ग बीते तीन- चार दिनों से बिना बताए घर से लापता था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी दौरान पुलिस पेट्रोलिंग के दौरान सूचना पर पलारी के वार्ड 15 स्थित नहर की ओर, चार–पांच खेतों के बीच एक बुजुर्ग असहाय अवस्था में बैठा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पलारी के जवान कृष्णा यादव एवं प्रधान आरक्षक युगल साहू तत्काल मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग की हालत बेहद कमजोर थी और वह ठंड से कांप रहा था। जवानों ने करीब आधा किलोमीटर तक उसे अपने हाथों में उठाकर उप स्वास्थ्य केंद्र पलारी पहुंचाया, जहां इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति सामान्य बताई। जांच में बुजुर्ग की पहचान सुमेर सिंग पारधी उम्र 80 वर्ष ग्राम गिर्रा थाना पलारी निवासी के रूप में हुई, जिसके बाद उसे इलाज कराकर सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह चार दिनों से घर से गायब था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वह 8 से 10 डिग्री तापमान की भीषण ठंड में तीन रात तक बिना पर्याप्त कपड़ों के खेतों में पड़ा रहा। इसके बावजूद उसका जीवित और सुरक्षित मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। पुलिस के जवानों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के कारण एक बुजुर्ग की जान बच सकी।

जशपुर पुलिस ने सरहदी राज्यों से अवैध तस्करी कर लाई 149 क्विंटल धान की जब्त

जशपुर. छत्तीसगढ़ में चालू धान खरीदी सीजन के बीच जशपुर पुलिस ने सरहदी राज्यों से अवैध धान लाने की कोशिशों पर लगातार निगरानी रखी है। इसी कड़ी में चौकी आरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड से जशपुर लाए जा रहे 149 क्विंटल अवैध धान को जब्त किया है। इस धान की अनुमानित कीमत 3 लाख 42 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई चौकी आरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम केतार और बोकी में की गई। 10 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम केतार के पास एक संदिग्ध ट्रक में भारी मात्रा में धान लोड कर झारखंड से जशपुर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही चौकी आरा की पेट्रोलिंग टीम ने तुरंत ग्राम केतार स्थित पेट्रोल पंप के पास ट्रक क्रमांक JH-01-GF-0332 को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक में 290 बोरी यानी 90 क्विंटल धान पाया गया। पूछताछ पर ट्रक चालक गणेश यादव (33 वर्ष, ग्राम खुटगांव, थाना कुनकुरी) ने बताया कि ट्रक जशपुर निवासी विशाल गुप्ता का है और धान को झारखंड से लाकर जशपुर में खपाने की तैयारी थी। चालक धान परिवहन के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। ट्रक सहित धान को जब्त कर जिला प्रशासन को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि विशाल गुप्ता का एक मिनी ट्रक इससे पहले भी धान तस्करी के मामले में पकड़ा गया था। इसके बाद 11 जनवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे मुखबिर की सूचना पर आरा पुलिस ने ग्राम बोकी में घेराबंदी कर दो पिकअप वाहन JH-07-H-0224 और JH-01-CV-2140 को रोका। जांच में पहले पिकअप से 66 बोरी यानी 30 क्विंटल और दूसरे पिकअप से 60 बोरी यानी 29 क्विंटल धान बरामद हुई। दोनों पिकअप के चालक शेखर यादव (26 वर्ष, मधुबनटोली, जशपुर) और सजीत कुमार (25 वर्ष, पुरनानगर, जशपुर) पाए गए। चालकों ने बताया कि वे भी झारखंड से धान ले जा रहे थे, लेकिन वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद पुलिस ने दोनों पिकअप और कुल 126 बोरी यानी 59 क्विंटल धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंप दिया। इस तरह जशपुर पुलिस ने केवल दो दिनों में अवैध धान परिवहन करते हुए एक ट्रक और दो पिकअप से कुल 149 क्विंटल धान पकड़कर बड़ी कार्रवाई की। जिले में अब तक 2100 क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त कर संबंधित मामलों में जिला प्रशासन को सौंपा जा चुका है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस अवैध धान परिवहन के खिलाफ लगातार सख्ती कर रही है। आरा क्षेत्र में पकड़े गए ट्रक और पिकअप से जब्त धान जिला प्रशासन को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी अवैध धान तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और कोई भी तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई जिले में धान खरीदी के दौरान काले धंधों पर नियंत्रण और किसानों की उपज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बलरामपुर में 3 एकड़ वन भूमि पर कब्जा

बलरामपुर. जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पण्डरी गांव में वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इसे सीधे तौर पर वन भूमि घोटाला बताते हुए वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि वन विभाग की मिलीभगत से देवचंद साहू और लालचंद साहू ने पैसे देकर तीन एकड़ से अधिक वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया, जबकि विभाग ने कार्रवाई के नाम पर केवल गरीब ठेला लगाने वाले ग्रामीणों को निशाना बनाया है। वन विभाग द्वारा पण्डरी गांव के 43 ठेला लगाने वाले ग्रामीणों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में तीन दिन के भीतर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ये सभी लोग वर्षों से छोटे-मोटे ठेले लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं और इनका बड़े स्तर पर वन भूमि कब्जे से कोई लेना-देना नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि असल अतिक्रमणकारी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे वन विभाग की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार लालचंद साहू और देवचंद साहू द्वारा वन के वन विभाग साथ मिलकर लगातार 48 घंटे से अधिक समय तक जेसीबी मशीन चलाई गई। इस दौरान वन भूमि को पूरी तरह समतल कर तीन एकड़ से अधिक क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया गया। हैरानी की बात यह रही कि इतने लंबे समय तक भारी मशीनों के चलने के बावजूद न तो वन विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही तत्काल कोई कार्रवाई की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विभाग कार्रवाई करता, तो इतने बड़े पैमाने पर वन भूमि का नुकसान नहीं होता। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में वन विभाग के प्रभारी रेंजर शिवनाथ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रेंजर की मिलीभगत और संरक्षण के बिना इस स्तर पर अवैध कब्जा संभव नहीं है। आरोप है कि पैसे लेकर भू-माफियाओं को वन भूमि पर कब्जा करने दिया गया और बाद में अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए गरीब ठेला वालों को नोटिस देकर कार्रवाई का दिखावा किया जा रहा है। इस पूरे मामले में रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर शिवनाथ ठाकुर की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि बिना रेंजर की जानकारी के न तो जेसीबी मशीनें कई दिनों तक चल सकती हैं और न ही तीन एकड़ से अधिक वन भूमि पर कब्जा हो सकता है। इसके बावजूद अब तक किसी भी बड़े भूमाफिया के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज हुई है और न ही कब्जा हटाने की ठोस कार्रवाई की गई है। मामले को लेकर पण्डरी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही अवैध कब्जे को तत्काल हटाया जाए और दोषी अधिकारियों एवं भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च वन अधिकारी इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या वास्तव में वन भूमि को भू-माफियाओं से मुक्त कराया जा सकेगा या नहीं।

अवैध उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रैक्टर किए वन अमले ने जब्त

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक द्वारा वन की अवैध कटाई, अतिक्रमण और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए सभी परियोजना मंडलों में नियमित निरीक्षण और गश्त के निर्देश दिए गए हैं। इसी निर्देश के तहत विभिन्न परियोजना मंडलों में दिन और रात की संयुक्त गश्त लगातार की जा रही है, जिससे वन सुरक्षा में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। इसी क्रम में कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर की टीम ने गश्त के दौरान दो महत्वपूर्ण कार्रवाई की । जिसके तहत अवैध लकड़ी जप्त परिक्षेत्र तेंदुआ के कक्ष क्रमांक P-128 में गश्ती टीम के पहुंचते ही आरोपी सागौन के 4 लठ्ठे (0.149 घन मीटर) छोड़कर मौके से फरार हो गए। लकड़ी को जप्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। इसी तरह कोटा परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक RF-172 में नाले से अवैध रेत और मिट्टी उत्खनन कर ट्रैक्टर से परिवहन किया जा रहा था। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित जब्त किया। जप्त वाहन एवं आरोपी ट्रैक्टर क्र. CG-04DT-8490 (महिंद्रा लाल कलर), चालक/स्वामी – बुधराम सिंह मरकाम, निवासी सरईपाली जॉन डियर हरा ट्रैक्टर, चालक/स्वामी – ओमप्रकाश मरावी, निवासी सरईपाली दोनों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा (1) ख के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। वाहनों को जप्त कर राजसात की कार्रवाई के लिए प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह एवं मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी वैभव साहू द्वारा सफलतापूर्वक संचालित की गई। इसमें अरुण कुमार सिंह (सहायक परियोजना क्षेत्रपाल), चंद्रकांत साय (क्षेत्ररक्षक), बलदाऊ सिंह मरावी (चौकीदार), नैनसिंह (चौकीदार) तथा रोपण सुरक्षा श्रमिक शामिल थे। प्रबंध संचालक द्वारा की गई प्रशंसा वन अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने पर निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया है। साथ ही, उन्होंने प्रदेश के सभी निगम अधिकारी-कर्मचारियों को इसी प्रकार सजग रहकर वन सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आगामी वर्ष की गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में क्षेत्रीय कर्मचारियों के मूल्यांकन में वन सुरक्षा एवं संरक्षण में उनके योगदान को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।