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रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली ज़िंदगी, मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला सुरक्षित आशियाना रायपुर मुंगेली जिले के ग्राम लालाकापा निवासी तिलक प्रसाद के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मजदूरी करने जीवन-यापन करने वाले तिलक प्रसाद को योजना के अंतर्गत सुरक्षित और स्थायी आवास प्राप्त हुआ है। पक्का घर मिलने पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। पूर्व में तिलक प्रसाद अपने परिवार के साथ एक छोटे कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात के दिनों में परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। जीवन व्यतीत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने पर पुराने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण किया गया। निर्माण पूर्ण होने के बाद अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें न केवल पक्का घर दिया है, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आत्मसम्मान के साथ जीने का अवसर भी प्रदान किया है।

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव को ₹10,500 करोड़ की औद्योगिक सौगात, गेल लगाएगा यूरिया प्लांट राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत विस अध्यक्ष एवं क्षेत्र विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया राजनांदगांव  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

रेलवे भर्ती अपडेट: RRB सेक्शन कंट्रोलर परीक्षा की तारीख तय, CBT में हटाया गया इंग्लिश व सामान्य ज्ञान

नई दिल्ली रेलवे भर्ती बोर्ड ने सेक्शन कंट्रोलर भर्ती परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। आरआरबी ने नोटिस जारी कर कहा है कि सेक्शन कंट्रोलर ( सीईएन 04/2025 ) के 368 पदों पर भर्ती के लिए सीबीटी एग्जाम 11 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 तक होगा। परीक्षा तिथि से 10 दिन पहले एग्जाम सिटी जारी होगी। 4 दिन पहले एडमिट कार्ड जारी होंगे। इस भर्ती के आवेदन अक्टूबर 2025 में लिए गए थे। यह पे लेवल -6 का पद है। शुरुआती वेतन 35400 तय किया गया है। इस भर्ती के लिए एल2 का मेडिकल स्टैंडर्ड मांगा गया है। चयन – चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों को एक चरण की लिखित परीक्षा (सीबीटी), सीबैट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा। सिंगल स्टेज सीबीटी में अभ्यर्थियों से केवल मैथ्स व रीजनिंग के प्रश्न पूछे जाएंगे। इंग्लिश व जीएस नहीं आएगा। सीबीटी में वैकेंसी से 8 गुना सीबैट के लिए पास किए जाएंगे। सीबीटी में 120 मिनट में 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। 60 अंक का एनालिटिकल एंड मैथ्स, 20 अंक का लॉजिकल कैपाबिलिटी, 20 अंक का मेंटल रीजनिंग आएगा। रेलवे में ग्रुप डी के 22000 पदों पर भर्ती के आवेदन 21 जनवरी से, नोटिफिकेशन जारी रेलवे भर्ती बोर्ड ने ग्रुप डी के 22000 पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आरआरबी ग्रुप डी भर्ती के लिए 21 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी www.rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। आपको बता दें कि वर्ष 2025 की एनटीपीसी 12वीं लेवल और ग्रेजुएट लेवल की भर्ती निकल चुकी है। एएलपी और टेक्निशियन एवं आइसोलेटेड पोस्ट की भर्तियां भी निकल चुकी है। अब ग्रुप डी की भर्तियों का इंतजार था। लेकिन रेलवे की इस नई 22000 भर्ती से अभ्यर्थी निराश हैं। उनका कहना है कि रेलवे में लेवल-1 के 1.40 लाख से ज्यादा पद खाली हैं तो इतनी कम वैकेंसी क्यों निकाली जा रही है। वैकेंसी बढ़ाने के लिए अभ्यर्थी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार ट्वीट कर अभियान भी चला रहे हैं। उन्होंने वैकेंसी 1 लाख करने की मांग की है। अपडेट कर लें आधार व उनकी डिटेल्स आरआरबी ने शॉर्ट नोटिस में कहा, 'उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे ऑनलाइन आवेदन भरते समय आधार का उपयोग करके अपने प्राइमरी डिटेल्स सत्यापित करें, ताकि नॉन आधार सत्यापित आवेदनों के लिए भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में विशेष विस्तृत जांच के कारण होने वाली असुविधा और अतिरिक्त देरी से बचा जा सके। आधार का उपयोग करके सफल वेरिफिकेशन के लिए, आधार में नाम और जन्मतिथि को दसवीं कक्षा के प्रमाण पत्र में उपलब्ध पूरा नाम और जन्मतिथि के साथ 100% मिलान करने के लिए अपडेट किया जाएगा। इसी तरह ऑनलाइन आवेदन भरने से पहले आधार को नवीनतम फोटो और नवीनतम बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और आईरिस) के साथ अपडेट करना होगा।  

फिल्ममेकर्स की बल्ले-बल्ले! राजस्थान में शूटिंग पर सरकार का 3 करोड़ तक का ऑफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने राज्य को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय फिल्मांकन का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रस्तावित राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी की है। नीति में सब्सिडी / प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के व्यापक प्रावधान शामिल किए गए हैं जिससे यह नीति अन्य राज्यों की तुलना में फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षक होगी। राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति 2025 जारी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर, मरुस्थलीय भू-भाग, ऐतिहासिक किले, महल और विविध प्राकृतिक लोकेशन्स विश्वस्तरीय हैं। नई फिल्म पर्यटन नीति राज्य को फिल्मिंग हब के रूप में स्थापित करेगी और युवाओं के लिए रोजगार तथा कौशल विकास के नए अवसर खोलेगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया की फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए न केवल सब्सिडी दी जाएगी, अपितु प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर नीति का सुगम क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायेगा। फिल्म व्यय पर 30% तक सब्सिडीः- राजस्थान में फीचर फिल्म, वेब सीरीज, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर किए व्यय का अधिकतम 30% तक सब्सिडी देने का प्रावधान है। अधिकतम सब्सिडी सीमा फीचर फिल्म ₹३ करोड़, वेब सीरीज ₹2 करोड़, टीवी सीरियल ₹1.5 करोड़ और डॉक्यूमेंट्री ₹2 करोड़ निर्धारित की गई है। न्यूनतम व्यय सीमाः- सब्सिडी प्राप्त करने के लिए राज्य में न्यूनतम व्यय फीचर फिल्म हेतु ₹2 करोड़, जबकि वेब सीरीज, टीवी सीरियल और राजस्थानी भाषा की फिल्मों हेतु ₹1 करोड़ अनिवार्य होगा। सब्सिडी प्राप्त करने हेतु निम्न प्रावधान हैं: लोकेशन स्क्रीन-टाइम आधारित प्रोत्साहन राजस्थान की लोकेशन्स को 5-15%, 16-30% और 30% से अधिक स्क्रीन-टाइम देने पर क्रमशः 10%, 20% और 30% सब्सिडी मिलेगी। 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने पर फीचर फिल्म के 50% शूटिंग-दिवस राजस्थान में करने और न्यूनतम व्यय सीमा पूरी करने पर अधिकतम 30% तक सब्सिडी उपलब्ध होगी। 100% शूटिंग राजस्थान में करने पर यदि पूरी फिल्म राजस्थान में शूट की जाती है तो अधिकतम सब्सिडी सीमा के अन्दर 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। राजकीय लोकेशन्स पर शुल्क की 100% प्रतिपूर्तिः राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले शूटिंग स्थानों की अनुमति शुल्क / फीस (अधिकतम पाँच दिन) की 100% प्रतिपूर्ति दी जाएगी। अंतरराष्ट्रीय / राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को विशेष प्रोत्साहनः राजस्थान में फिल्माई गई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फीचर फिल्मों को अधिकतम ₹1 करोड़ तथा भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को अधिकतम ₹50 लाख प्रोत्साहन राशि मिलेगी। छात्रवृत्ति योजना-राजस्थान के छात्र होंगे लाभान्वित फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एन्ड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली (एनएसडी) में अध्ययन / प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले राजस्थान निवासी छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रत्येक वर्ष 10 छात्रों को चयनित कर अधिकतम ₹50,000 की 100% ट्यूशन फीस सहायता एवं ₹5,000 प्रतिमाह तक 100% स्टाईपेंड प्रदान किया जाएगा। राजस्थान फिल्म डायरेक्टरी व नया ऑनलाइन पोर्टलः पर्यटन विभाग राज्य की सभी शूटिंग लोकेशन्स की विस्तृत डायरेक्टरी तैयार करेगा। साथ ही एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माता निर्देशक से लेकर कलाकार, तकनीशियन, संगीतकार, कोरियोग्राफर और लाइन प्रोड्यूसर तक सभी की सूची उपलब्ध रहेगी। यह पोर्टल फिल्म निर्माताओं के लिए वन-स्टॉप समाधान बनेगा। थियेटर में रिलीज की अनिवार्यताः थिएटर में रिलीज होने वाली हिंदी फिल्मों को न्यूनतम 200 स्क्रीन, राजस्थानी फिल्मों को 25 स्क्रीन और अन्य भाषाओं की फिल्मों को 100 स्क्रीन पर रिलीज करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार व पर्यटन विभाग को अनिवार्य श्रेयः सभी सब्सिडी प्राप्त फिल्मों हेतु राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को श्रेय देना अनिवार्य होगा।  

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का नया युग, महिला विकास की नई इबारत लिख रही है साय सरकार

आगामी वर्ष ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार नित-नये फैसले ले रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के लिए छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 तैयार किया गया है। विकसित छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सशक्त भागीदारी को देखते हुए राज्य में आगामी वर्ष को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का सशक्त संकल्प सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह वर्ष छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखेगा, जो विकसित, समरस और सशक्त छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार को सबसे बड़ा आशीर्वाद माताओं और बहनों से प्राप्त होता है। उनके विश्वास, समर्थन और आशीष से ही जनसेवा के कार्यों को नई ऊर्जा और दिशा मिलती है। इसी भावनात्मक और सामाजिक दायित्वबोध से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित रहा, जिसमें शासन और जनता के बीच भरोसे की पुनर्स्थापना हुई। दूसरा वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया, जिसके दौरान आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। अब सेवा का आगामी वर्ष मातृशक्ति को समर्पित ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर किए गए कार्यों ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है। महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूती देने वाली महतारी वंदन योजना के अंतर्गत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 22 किश्तों में 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिला कल्याण के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य की विकास यात्रा के केंद्र में महिलाएँ हैं। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार दिलाने के उद्देश्य से रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट, 368 महतारी सदनों का निर्माण, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का ऑनलाइन भुगतान जैसे निर्णयों ने सुशासन और पारदर्शिता को और सुदृढ़ किया है। स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए 42,878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान किया गया है। वहीं, बस्तर सहित छह जिलों में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया है। महिला आजीविका के नए अवसर सृजित करने के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नवाबिहान योजना, डिजिटल सखी, दीदी ई-रिक्शा योजना, सिलाई मशीन सहायता, तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना जैसी पहलें लागू की गई हैं। कन्याओं के विवाह में सहयोग हेतु मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सहायता राशि का बड़ा हिस्सा सीधे कन्या के बैंक खाते में जमा किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और आत्मनिर्भरता दोनों को बल मिला है। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक पहल की है। वन-स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की घड़ी में त्वरित और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की है। सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शुचिता योजना, साइकिल वितरण योजना, तथा नवा रायपुर में यूनिटी मॉल का निर्माण महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित ‘जशप्योर’ ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण तैयार करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण, सुरक्षा और सशक्तिकरण उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।

भोरमदेव को मिलेगी नई पहचान, 146 करोड़ में बनेगा काशी मॉडल कॉरिडोर

रायपुर, केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा। 1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है। परियोजना के अंतर्गत मुख्य मंदिर परिसर समेत मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर तक कॉरिडोर का समग्र विकास होगा। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारों का संवर्धन, बाउंड्री वॉल साज-सज्जा, बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी। ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सफाई, जल गुणवत्ता सुधार, किनारों पर हरित क्षेत्र, बैठने की जगह और पैदल पथ विकसित किए जाएंगे। भोरमदेव मंदिर आने वाले हजारों कांवड़ यात्रियों के लिए आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा। शेडों में पेयजल, स्वच्छता, विश्राम की समुचित व्यवस्था होगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सकेगा। स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना के पूर्ण होने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित होंगे तथा क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगी।

बिहान योजना से बदली शांति दुग्गा की तक़दीर, किराना दुकान से ट्रैक्टर तक का सफर, 5 लाख तक पहुँची सालाना आय

रायपुर,  जिला नारायणपुर के विकासखण्ड ओरछा अंतर्गत ग्राम कुरूषनार की निवासी शांति दुग्गा आज ग्रामीण आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान बन चुकी हैं। रोशनी स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य और प्रतीज्ञा ग्राम संगठन से जुड़ी शांति दुग्गा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की बिहान योजना के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।       शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को स्व सहायता समूह से जुड़ीं। इससे पहले उनके परिवार की आजीविका कृषि कार्य और वनोपज संग्रहण पर निर्भर थी, जिससे आय सीमित रहती थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत की शुरुआत की। शासन द्वारा समूह को 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि एवं 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश कोष राशि प्राप्त हुई, जिससे वित्तीय अनुशासन और आपसी लेन-देन की समझ विकसित हुई।      बैंक लिंकेज के माध्यम से शांति दुग्गा ने पहली बार 1 लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की। व्यवसाय में सफलता मिलने पर उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ा व्यवसाय प्रारंभ किया।  बाजार-हाट के कार्य को विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने एक पिकअप वाहन भी खरीदा। नियमित आय के चलते वे समय पर ऋण की किश्तें और ब्याज का भुगतान करती रहीं।      लगातार बढ़ते व्यवसाय और आत्मविश्वास के साथ शांति दुग्गा ने तीसरे चरण में 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा। आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है, जिससे परिवार का जीवन स्तर उल्लेखनीय रूप से सुधरा है। शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। आज वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हैं। उनकी सफलता कहानी यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।

नक्सल मोर्चे पर झटका: सुकमा में सुरक्षाबलों ने हथियार, IED और विस्फोटक सामग्री पकड़ी

सुकमा सुकमा जिले के मेटागुड़ा क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में नक्सलियों द्वारा जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक एवं अन्य नक्सली उपयोग में आने वाला सामान बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक, मेटागुड़ा से डी/203 कोबरा, 131 बटालियन सीआरपीएफ एवं जिला बल सुकमा की संयुक्त पार्टी ग्राम पीनाचांदा, बोटेतोंग एवं आसपास के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी। अभियान के दौरान ग्राम बोटेतोंग के जंगलों में नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छिपाकर रखी गई डंप सामग्री को बरामद किया गया। सुरक्षा बलों की सतर्कता से माओवादियों के मंसूबे विफल हो गए। जिले में लगातार संचालित एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को निरंतर नुकसान पहुंच रहा है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।

नए साल से पहले साय कैबिनेट का बड़ा फैसला संभव, आज होगी महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में साल के आखिरी दिन मंत्रिपरिषद की बैठक होने वाली है. मंत्रालय, महानदी भवन में 31 दिसंबर को सुबह 11 बजे यह बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी. साथ ही कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे. कैबिनेट को लेकर मुख्यसचिव विकास शील ने सभी विभाग प्रमुखों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिए हैं. 10 दिसंबर की कैबिनेट बैठक के फैसले इससे पहले 10 दिसंबर को साय कैबिनेट की बैठक हुई थी. इसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी थी.     मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण और वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है.     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.     मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया.