samacharsecretary.com

जहाँ बंदूकें खामोश हुईं, वहाँ भविष्य की नींव रखी जा रही है, पुनर्वास केंद्र में 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से सुकमा में पुनर्वास नीति बनी मिसाल रायपुर, कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें। यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी। कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण  आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार  और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा। पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा। पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है। सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि  संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को  नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।

बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती पर भव्य आयोजन, मंत्री लखन लाल देवांगन ने की शिरकत

रायपुर, संत शिरोमणि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269 जयंती गुरु पर्व के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के  वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने  कल बालको नगर और टीपी नगर स्थित सतनाम प्रांगण में जैतखाम में पूजा-अर्चना कर राज्य एवं नगरवासियों की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। सतनाम कल्याण समिति बालको नगर द्वारा आयोजित परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास की जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मंत्री श्री देवांगन सम्मिलित हुए। इस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी एक महान संत थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है। इसी तरह टीपी नगर में सतनाम प्रांगण में मंत्री श्री देवांगन ने जैतखाम की पूजा अर्चना कर सभी समाज जनों को  गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने तेजी से जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य कराए जा रहे हैं। गुरू घासीदास बाबा जी का संदेश एकता और शांति का मूलमंत्र है। जिस तरह गुरू घासीदास जी ने समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति के उत्थान को अपना लक्ष्य बनाया, उसी तरह सरकार भी अंत्योदय को अपना लक्ष्य बनाकर कार्य कर रही है। इस दौरान कार्यक्रम में महापौर संजू देवी राजपूत, समिति के अध्यक्ष  नारायण लाल कुर्रे, सुनीता पाटले, सत्येंद्र डहरिया, आर डी भारद्वाज, योगेश मिश्रा, पार्षद लक्ष्मण श्रीवास, प्रेमलता बंजारे, धनकुमारी गर्ग और बालको नगर में समिति के अध्यक्ष  रमेश जाटवर ,उपाध्यक्ष मंगल घृत लहरे, संतोष बंजारे, डायमंड बंजारे,  सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। बाबा घासीदास के आशीर्वाद से विभिन्न सतनाम प्रांगण में 1.69 करोड़ के विकास कार्य     इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कहा की बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद और आप सभी के सहयोग से कोरबा विधानसभा अंतर्गत विभिन्न सतनाम प्रांगण के विकास हेतु बीते दो वर्षों में 1 करोड़ 69 लाख की लागत से कार्य स्वीकृत कर कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 16 टीपी नगर स्थित सतनाम प्रांगण डोम शेड का निर्माण 64 लाख, वार्ड क्रमांक 55 सुमेधा सतनामी पारा में अहाता युक्त भवन निर्माण 15 लागत, वार्ड पांच इंदिरा नगर दुरपा में सामुदायिक भवन निर्माण 15 लाख, वार्ड क्रमांक 39 बालकों में  सतनाम भवन का जीर्णोद्धार एवं अन्य विकास कार्य 15 लाख, वार्ड 4 राताखार में सतनाम भवन विस्तार कार्य एवं किचन सेट का निर्माण15 लाख, वार्ड क्रमांक 65 बलगी स्थित गुरु घासीदास परिसर में सतनामी समाज के मांग अनुरूप  अहाता निर्माण 5 लाख, वार्ड क्रमांक 58 श्याम नगर साडा कॉलोनी में सतनामी समाज के मांग अनुरूप सामुदायिक भवन एवं अहाता निर्माण कार्य 25 लाख, वार्ड क्रमांक 28 एमड़ी कॉलोनी स्थित सतनाम प्रांगण में सामुदायिक भवन एवं मंच निर्माण कार्य 15 लाख के कार्य विभिन्न मद से कार्य तेजी से जल्द पूर्ण होंगे।

पूरी मानवजाति के लिए सामाजिक समरसता का संदेश है बाबा गुरु घासीदास : मुख्यमंत्री साय

पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़कर होगी 300 सीटर रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास परिसर में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर बाबा गुरु घासीदास जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश देकर पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनका विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव रहित व्यवस्था की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 300 सीटर किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें हर वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलता रहा है, लेकिन विद्यार्थियों के बीच यह आयोजन मनाना उनके लिए विशेष आनंद और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि जब समाज ऊँच-नीच और असमानता से जूझ रहा था, तब छत्तीसगढ़ की धरती पर बाबा गुरु घासीदास जी का अवतरण हुआ—यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। बाबा जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विगत 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश के विद्यार्थी आईआईटी, एम्स और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं में शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएससी में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई की गई है और अब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने युवाओं से सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की स्किलिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। समारोह में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में राजमहंत बंशी लाल कुर्रे, संदीप सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता: बीजापुर मुठभेड़ में 5 लाख का इनामी ACM फगनू माड़वी मारा गया

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ जारी है. भैरमगढ़ एरिया के अडवारा के जंगलों में हो रही मुठभेड़ को लेकर बड़ी अपडेट निकलकर सामने आया है. डीआरजी जवानों ने एक नक्सली को ढेर कर दिया है. मारे गए नक्सली की शिनाख्ती ACM फगनू माड़वी उम्र 35 वर्ष निवासी गोरना के रूप में हुई है. उसपर 5 लाख रुपए का ईनाम घोषित था. दरअसल, भैरमगढ़ अन्तर्गत इन्द्रावती क्षेत्र में आदवाड़ा- कोटमेटा के जंगलों में माओवादियों के मौजूदगी की जानकारी मिली थी. इस इनपुट पर बीजापुर से DRG जवानों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. अभियान के दौरान जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई. शुक्रवार की सुबह से दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है. कैसे हुई जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ ? पुलिस अधीक्षक, बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इस अभियान के दौरान 19 दिसंबर की सुबह 06 बजे से DRG बीजापुर और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है. अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 1 माओवादी का शव, 303 रायफल, 9MM पिस्टल सहित विस्फोटक सामग्री एवं माओवादी सामग्री मौके से बरामद हुई है. बरामद हथियार :-     303 रायफल, 01 मैग्जीन 03 राउण्ड.     9mm पिस्टल, 01 मैग्जीन, 09 राउण्ड.     स्कैनर सेट 02 नग.     रेडियो, मेडिकल किट, कार्डेक्स वायर, माओवादी पिटठू, पिस्टल पोच, माओवादी पर्चा आदि सामग्री बरामद. अंतिम सांसे गिन रहा माओवाद बस्तर रेंज के आईजीपी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों की प्रभावी और  समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप बस्तर में माओवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है. उन्होंने कहा कि माओवादी संगठन की पूरी संरचना बिखर चुकी है और हिंसा या दहशत फैलाने के उनके किसी भी प्रयास का अब कोई असर नहीं रह गया है. आईजीपी ने सभी सक्रिय माओवादियों से हिंसा का मार्ग त्यागकर सरकार की आत्मसमर्पण और  पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की. बता दें कि गोलापल्ली के जंगलों में गुरुवार को डीआरडी जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. जिसमें जवानों ने 3 नक्सलियों को ढेर किया था. एनकाउंटर में माड़वी जोगा उर्फ मुन्ना उर्फ जगत, एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम), किस्टाराम एरिया कमेटी, सोधी बंदी, एसीएम, किस्टाराम एरिया कमेटी और नुप्पो बाजनी, एसीएम (महिला), किस्टाराम एरिया कमेटी मार गिराए गए थे.

देशभर में ED का सर्च ऑपरेशन, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 30 ठिकानों पर छापेमारी

रायपुर  प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर, मुंबई, नागपुर समेत देशभर में शुक्रवार को दबिश दी है. 30 से अधिक ठिकानों पर छापा पड़ा है. यह कार्रवाई सीबीआई में दर्ज निवेशकों से रियल एस्टेट निवेश फंड के जरिए धोखाधड़ी कर 2,434 करोड़ों रुपये की हेराफेरी मामले से जुड़ी हुई है. जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी कार्रवाई का दायरा कई राज्यों तक फैलाया है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर, महाराष्ट्र के नासिक, कर्नाटक के बेंगलुरु और मुंबई के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की iR है. मुंबई में ईडी की टीम करीब 20 ठिकानों पर जांच कर रही है, जबकि रायपुर, नासिक और बेंगलुरु में लगभग 10 ठिकानों पर दबिश दी है. बताया जा रहा है कि जांच का मुख्य फोकस जय कॉर्प लिमिटेड के निदेशक और उद्योगपति आनंद जयकुमार जैन, उनकी सहयोगी कंपनियों और उनके व्यापारिक साझेदारों पर है.

छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों का आकलन करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने NSE का किया दौरा

रायपुर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का भ्रमण कर उपस्थित जनों को संबोधित किया. इसके साथ एनएसई द्वारा छत्तीसगढ़ में करवाये जा रहे निवेशक जागरूकता कार्यक्रम की समीक्षा की. भ्रमण के दौरान एनएसई के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ में आगामी वर्ष में इस कार्यक्रम को और आगे बढ़ाने के लिए चर्चा की. इस अवसर पर एनएसई के सीनियर एडवाइजर श्रीराम और सीनियर एडवाइजर (पॉलिसी) एवं पूर्व आईएएस अधिकारी शैलेश पाठक उपस्थित रहे.

SDOP पर चाकू से हमला, पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों को किया काबू

दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में शुक्रवार को सुकमा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (SDOP) तोमेश वर्मा पर चाकू से घातक वार हुआ है. बताया जा रहा है कि पुराने मामले को लेकर विवाद के कारण आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया. यह घटना जिला न्यायलय, दंतेवाड़ा से कुछ दूर पर स्थित टीवीएस शो रूम के पास हुई है. मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, सुकमा पदस्थ एसडीओपी तोमेश वर्मा यूएपीए मामले (UAPA CASE) से जुड़ी सुनवाई के संबंध में शुक्रवार को दंतेवाड़ा पहुंचे थे. इस दौरान दुर्ग जिले में चल रहे मामले के आरोपी रविशंकर साहू और रंजिता वर्मा उनसे बात करने के लिए दुर्ग से दंतेवाड़ा आए थे. उन्होंने एसडीओपी को कोर्ट के पास टीवीएस शो रूम के सामने मिलने के लिए बुलाया. बातचीत के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि मिलने पहुंचे शख्स ने अपने पास रखे चाकू से एसडीओपी पर घातक वार कर दिया. हमले में घायल एसडीओपी को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. मामले में पुलिस ने आरोपी युवक और युवती को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों आमने-सामने, इलाके में मुठभेड़ जारी

बीजापुर नक्सलवाद पर प्रहार जारी है. लगातार दूसरे दिन डीआरजी जवानों ने कार्रवाई की है. सुकमा के बाद बीजापुर के भैरामगढ़-इंद्रावती के जंगलों में नक्सलियों को जवानों ने घेर लिया है. शुक्रवार की सुबह से नक्सलियों और जवानों के बीच रुक-रुककर फायरिंग हो रही है. जानकारी के अनुसार, भैरमगढ़ – इन्द्रावती क्षेत्र के जंगल पहाड़ों में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी. इस इनपुट पर बीजापुर से DRG जवानों की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. अभियान के दौरान जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई. शुक्रवार की सुबह से दोनों ओर से रुक-रुककर गोलीबारी हो रही है. बता दें कि गोलापल्ली के जंगलों में गुरुवार को डीआरडी जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. जिसमें जवानों ने 3 नक्सलियों को ढेर किया था. एनकाउंटर में माड़वी जोगा उर्फ मुन्ना उर्फ जगत, एरिया कमेटी मेंबर (एसीएम), किस्टाराम एरिया कमेटी, सोधी बंदी, एसीएम, किस्टाराम एरिया कमेटी और नुप्पो बाजनी, एसीएम (महिला), किस्टाराम एरिया कमेटी मार गिराए गए थे.

डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में पत्रकार कॉलोनी के लिए पेयजल प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, लागत 48.88 लाख

राजनांदगांव  नए वर्ष की शुरुआत में राजनांदगांव के पत्रकार साथियों को बड़ी सौगात मिली है। वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से पत्रकार कॉलोनी में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डीएमएफ फंड से 48 लाख 88 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। प्रेस क्लब अध्यक्ष द्वारा पत्रकार कॉलोनी में पानी टंकी, सम्पवेल निर्माण एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए वित्तीय स्वीकृति का आग्रह किया गया था, जिसे डॉ. रमन सिंह ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित पहल की। उनके हस्तक्षेप के बाद इस महत्वपूर्ण जनहित कार्य को स्वीकृति मिल सकी। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि दस एकड़ में विकसित हो रही पत्रकार कॉलोनी में पत्रकार साथियों और उनके परिवारों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि कॉलोनी का कार्य लगभग पूर्णता की ओर है और वर्तमान में दस से अधिक आवासों का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। पत्रकार कालोनी में सड़क, नाली, बिजली समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं जुटा ली गई है। विकास कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। शीघ्र ही कालोनी का उदघाटन कराने की भी तैयारी है। ऐसे में पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि व प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति के अध्यक्ष मिथलेश देवांगन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन से भेंट की थी। इस पर गंभीरता दिखाते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने त्वरित पहल की और महापौर व कलेक्टर को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। काफी कम समय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) ने कार्ययोजना बनाई और प्रशासन ने तत्काल स्वीकृति दे दी। स्वीकृत कार्यों में 19.18 लाख की लागत से पाइप लाइन विस्तार किया जाएगा। 14.32 लाख रुपये से ओवरहेड टैंक बनेगा। आरसीसी ग्राउंड सर्विस रिजर्व टैंक के लिए 4.31 लाख रुपये की स्वीकृति के अतिरिक्त बस-मर्सिबल पंप, स्वीच रूम, घरों तक टैप कनेक्शन आदि कार्य शामिल हैं।  विधानसभा अध्यक्ष ने इसे पत्रकारों के सम्मान और उनके सामाजिक योगदान को स्वीकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उनके जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति राज्य की प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर विस अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी पत्रकार साथियों को नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि यह कॉलोनी भविष्य में पत्रकारों के लिए एक आदर्श आवासीय परिसर के रूप में विकसित होगी। उल्लेखनीय है कि पत्रकारों की कालोनी के लिए मुख्यमंत्रित्वकाल में डा. रमन सिंह ने ही राजगामी की 10 एकड़ जमीन का आवंटन किया था। फिर राज्य शासन से विकास कार्यों के लिए 1.80 करोड़ रुपये मिले। डा. रमन की पहल पर पिछले वर्ष साय सरकार ने 1.99 करोड़ रुपये फिर जारी किया। साथ ही उद्यान के लिए विधायक मद से डा. रमन ने आठ लाख रुपये अलग से जारी किए। अगले 30 वर्ष के आधार पर बनी है कार्ययोजना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पत्रकार कालोनी में पेयजल आपूर्ति के लिए जो कार्ययोजना तैयार की गई है, उसका आधार आगामी 30 वर्ष की आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है। वर्तमान में कालोनी में 852 की जनसंख्या अनुमानित रखी है जो 2055 में 1125 आंकी गई है। इसके हिसाब से ही 40 हजार लीटर की क्षमता वाली ओवरहेड टैंक और 25 हजार लीटर वाली संपवेल बनाया जाना है। कालोनी के चारों तरफ 2700 मीटर की पाइप लाइन बिछाई जाएगी। नगर निगम मकी पाइप लाइन से पहले संपवेल में पानी जमा होगा जिसे पंप के माध्यम से ओवरहेड टैंक तक पहुंचाया जाएगा। वहां से घरों तक पानी आपूर्ति की जाएगी। बताया गया कि शीघ्र ही निविदा की प्रक्रिया पूरी करने के बाद काम भी शुरू करा दिया जाएगा। नए वर्ष में मिलेगी पत्रकारों को बड़ी सौगात गुरुवार को प्रवास पर राजनांदगांव पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान बताया कि पत्रकार कालोनी में पेयजल व्यवस्था के लिए 48.88 लाख रुपये की स्वीकृति डीएमएफ से दी गई है। इस तरह राज्य सरकार ने अब तक 4.36 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पत्रकारों की कालोनी में मूलभूत सुविधाओं के लिए जारी की है। नए वर्ष में शहर के पत्रकारों को उदघाटन के साथ ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। राजनांदगांव की यह कालोनी पूरे छत्तीसगढ़ में पत्रकार साथियों के लिए आदर्श साबित होगी। डा. रमन ने यह भी कहा कि समाज के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों के लिए राज्य सरकार हर संभव सुविधा व व्यवस्था देगी। इस पर प्रेस क्लब व प्रेस क्लब गृह निर्माण समिति ने डा. रमन, महापौर यादव व कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया है।

SBI के खजाने से शेयर ट्रेडिंग में पैसे उड़ाने के आरोप में रायपुर में चीफ मैनेजर गिरफ्तार, ACB जांच में जुटा

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। मैनेजर पर आरोप है कि उसने ट्रेडिंग के नाम पर 2.78 करोड़ रुपए की हेराफेरी की है। यह हेराफेरी बैंक के इंटरनल अकाउंट से हुई है। बैंक की तरफ से की गई शिकायत के बाद चीफ मैनेजर विजय कुमार आहके की गिरफ्तारी हुई है। आगे की जांच चल रही है। एसबीआई में धांधली का आरोप यह मामला रायपुर से सामने आया है, जहां एसबीआई के चीफ मैनेजर ने स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट ब्रांच का प्रमुख रहते हुए इस धांधली को अंजाम दिया। उन्होंने एक ऐसे इंटरनल अकाउंट का इस्तेमाल किया, जिसकी कोई तय सीमा नहीं होती। पिछले 8 महीनों में, उन्होंने फर्जी एंट्री करके करीब 2.78 करोड़ रुपए अपने और अपनी पत्नी के खातों में ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद, इन पैसों को धन ऐप और डेल्टा एक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके ट्रेडिंग में लगा दिया गया। रेड फ्लैग इंडिकेटर को चकमा दिया एसीबी की जांच में पता चला है कि आरोपी ने बैंक के रेड फ्लैग इंडिकेटर (RFI) सिस्टम को भी चकमा दिया। यह सिस्टम किसी भी गड़बड़ी का पता लगाने में मदद करता है। आरोपी ने इस सिस्टम से बचने के लिए, तय 30 दिन की अवधि से पहले ही अलग-अलग फर्जी एंट्री करके रकम का रोलओवर कर दिया। इस चालाकी के कारण सिस्टम अलर्ट जनरेट नहीं कर पाया और यह बड़ा घोटाला लंबे समय तक छिपा रहा। एसबीआई के कई अहम दस्तावेज मिले रायपुर स्थित आरोपी के घर पर तलाशी के दौरान, एसीबी को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर, 18 दिसंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। ब्यूरो के अधिकारी इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका, सुपरवाइजरी चूक और ड्यू डेलिजेंस (कर्तव्यनिष्ठता) की कमी की भी जांच कर रहे हैं। इसका मतलब है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या बैंक के अन्य कर्मचारी भी इस गड़बड़ी में शामिल थे या उन्होंने इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।