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जनजातीय उद्यमिता और निवेश संवर्धन में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य

नई दिल्ली में ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव-2025 में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने बढ़ाया राज्य का गौरव रायपुर ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया, जिसमें देशभर से आए उद्यमियों,नीति-निर्माताओं एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने भी हिस्सा लेकर उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया। ये स्टार्टअप्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान भी दे रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्टार्टअप्स के स्टॉलों का अवलोकन किया, उद्यमियों से संवाद किया तथा उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने छत्तीसगढ़ एग्रोफैब कंपनी के प्रतिनिधि श्री करण चंद्राकर से विशेष चर्चा करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित उत्पादों को जनजातीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला उत्कृष्ट उदाहरण बताया। कार्यक्रम में निवेश आयुक्त, छत्तीसगढ़ श्रीमती ऋतु सेन ने राज्य में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, परामर्श तथा विपणन सहयोग जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर जनजातीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना। उन्होंने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्यमियों को उनके उत्पादों के विस्तार एवं बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।  छत्तीसगढ़ के अनेक स्टार्टअप्स – सिद्धार्थ एग्रोमार्केटिंग प्रा. लि., अंकुरण सीड्स, कोशल, शांति आनंद वेलनेस, बस्तर से बाज़ार तक, कोईतूर फिश कंपनी, कोया बाज़ार, एग्रोफैब तथा हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप्स ने कृषि विपणन, बीज उत्पादन, जनजातीय हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस उत्पादों तथा वनोपज आधारित व्यापार से जुड़ी अभिनव पहलें प्रस्तुत कीं। यह सम्मेलन जनजातीय उद्यमियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि समावेशी एवं समुदाय-केन्द्रित उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक श्री संजय गजघाटे तथा निवेश आयुक्त कार्यालय की महाप्रबंधक सुश्री अंजली पटेल भी उपस्थित थीं।

6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में देश के ईस्ट जोन के बेस्ट डिस्ट्रिक्ट के रूप में सम्मानित होने जा रहा राजनांदगांव

रायपुर  जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के विजेताओं की घोषणा की गई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव जिले को देश के ईस्ट जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार हेतु चयनित किया गया। यह सम्मान जिले में जल संरक्षण, संवर्धन तथा जनभागीदारी आधारित सतत कार्यों के लिए 18 नवम्बर 2025 को देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस पुरस्कार में देशभर के विभिन्न जिलों के नामांकन के बाद सेन्ट्रल ग्राउण्ड वॉटर बोर्ड, सेन्ट्रल वॉटर कमिशन एवं विभिन्न दलों के निरीक्षण व विस्तृत अवलोकन के उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के ईस्ट जोन के पांच राज्यों के समस्त जिलों में से बेस्ट डिस्ट्रिक्ट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार के रूप में यह खिताब राजनांदगांव जिले को प्रदान किया जा रहा है। विगत वर्ष केंद्रीय भू-जल मंत्री द्वारा राजनांदगांव जिले का दौरा कर जिले में चल रहे इस अभियान के प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए देश विभिन्न मंचों में राजनांदगांव जिले की प्रशंसा भी की गई थी। जनभागीदारी आधारित यह अभियान जल संरक्षण की दिशा में सफल पहल राजनांदगांव जिले में जल संरक्षण एवं प्रबंधन के कार्यों को शासन-प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, महिला स्वसहायता समूहों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से मिशन के रूप में सघन अभियान चलाया गया। गांवों से लेकर शहरों तक नागरिकों ने जल ही जीवन है और जल है तो कल है के संदेश को आत्मसात करते हुए मिशन जल रक्षा को एक जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान किया है। किसानों द्वारा फसल चक्र परिवर्तन, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्यों से जिले में जल स्तर में सुधार हेतु निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। केंद्रीय भू-जल बोर्ड की 2021-22 की रिपोर्ट में जिले के तीन ब्लॉकों को सेमी-क्रिटिकल जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। सेमीक्रिटिकल जोन का अर्थ पानी के विषय में 70 प्रतिशत से अधिक पानी का उपयोग करने वाले क्षेत्र इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए मिशन जल रक्षा के व्यापक प्रयासों के साथ जिले ने यह अभियान प्रारंभ किया था, अब यह पूरे देश में मॉडल के रूप में जाना जाने लगा है। इस योजना में जिले की प्राथमिकता है कि पहले तो हम पानी के तेजी से घटते जल स्तर की गति को धीमा कर सके फिर उसे एक स्तर पर स्थिर कर सके तत्पश्चात् अत्यधिक जल दोहन को रोककर इस प्राकृतिक बहुमूल्य धरोहर को संधारित कर सके। इसके लिए अनिवार्य है कि प्रत्येक नागरिक आज से ही अपने आसपास के क्षेत्र में होने वाले जल दोहन को ध्यान में रख कर कम से कम भू-जल का उपयोग करें एवं कम से कम पानी उपयोग वाली फसलों को बढ़ावा दें।      महिला समूहों ने नीर और नारी जल यात्रा जैसे अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता के लिए कार्य किया गया। जिसमें जिले की पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने जिले के गांव-गांव में जाकर महिलाओं को एकजुट कर जल यात्राओं के माध्यम से मुहिम को बल प्रदान किया। जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने रैलियों, पौधारोपण विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जल संरक्षण हेतु प्रेरित किया।  मिशन जल रक्षा – सतत विकास की दिशा में अभिनव पहल के रूप में उभर कर आने लगा पानी के तेजी से घटते जल स्तर की इस चुनौती को प्रयासों में बदलते हुए जिले में जीआईएस आधारित तकनीकी योजनाओं, रिचार्ज संरचनाओं, रिचार्ज सॉफ्ट, बोरवेल सह इंजक्शनवेल, परकोलेशन टैंक, फार्म पॉन्ड और तालाबों के पुर्नजीवन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। मिशन के अंतर्गत भू- जल दोहन नियंत्रण, वर्षा जल संग्रहण तथा सामुदायिक प्रयासों को जल संरक्षण की प्रमुख रणनीति के रूप में अपनाया गया। सामुदायिक प्रयासों से मिली राष्ट्रीय पहचान राजनांदगांव जिले को प्राप्त होने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान, जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। साझा प्रयासों से जल बचाओ, भविष्य बनाओ की भावना को व्यवहार में उतारते हुए जिले ने यह साबित किया है कि जनभागीदारी से किसी भी संसाधन का संरक्षण संभव है। साथ ही साथ 18 नवंबर 2025 को ही नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले को एक अन्य जल संचय से जनभागीदारी के क्षेत्र में भी सम्मानित किया जाना है। राजनांदगांव की यह उपलब्धियां अब पूरे देश के सामने आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो रही है। यह सम्मान न केवल जिले की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए सतत जल प्रबंधन और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।

मुख्यमंत्री निवास में 13 नवंबर गुरुवार को होगा जनदर्शन

रायपुर मुख्यमंत्री निवास रायपुर में 13 नवंबर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके। राज्य सरकार के जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री साय की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके।

कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन सख्त, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी तेज़

देर रात हुई कार्रवाई, अवैध धान परिवहन और भंडारण पर कसी लगाम महासमुंद धान खरीदी के पूर्व जिला प्रशासन अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय पर सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीमों ने देर रात तक कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में अवैध धान जप्त किया है। तहसील सराईपाली के ग्राम बालसी में देर रात अनिल ट्रेडर्स के गोदाम से 375 कट्टा और रोशन ट्रेडर्स के गोदाम से 50 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया। यह कार्रवाई राजस्व विभाग, खाद्य निरीक्षक और मंडी सचिव की संयुक्त टीम द्वारा मंडी अधिनियम के तहत की गई। इसी प्रकार ओड़िशा सीमा से अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 80 कट्टा धान को नायब तहसीलदार प्रकृति एवं मंडी टीम द्वारा जब्त किया गया। एक अन्य कार्रवाई में तहसील पिथौरा अंतर्गत ग्राम छोटे लोरम में साहेब लाल पटेल के गोदाम से 600 बोरी, ग्राम लालमाटी में बीसीकेशन पिता रूपसाय के घर से 200 बोरी, तथा गोमती पति गंगाराम के घर से 100 बोरी अवैध धान प्रशासनिक टीम ने जब्त किया। यह कार्रवाई एसडीएम पिथौरा श्री बजरंग वर्मा के मार्गदर्शन में की गई तथा मंडी सचिव को मंडी अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि धान खरीदी प्रारंभ होने से पूर्व कोई भी व्यक्ति या व्यापारी अवैध रूप से धान का भंडारण या परिवहन न करे। नियम विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले की सीमाओं पर निगरानी और सघन जांच अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध परिवहन, भंडारण न हो सके।

मनेंद्रगढ़ को नई सौगात: बरदर जलाशय नहर जीर्णोद्धार के लिए 3.52 करोड़ की मंजूरी

स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्रीश्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार रायपुर, मनेंद्रगढ़ के स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर क्षेत्र को एक और सौगात मिली है। एमसीबी जिले के विकासखंड खड़गंवा की बरदर जलाशय योजना के नहर का जीर्णोद्धार कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति जल संसाधन विभाग की तरफ से दी गयी है। यह स्वीकृति 3 करोड़ 52 लाख रुपये की  है। इस परियोजना के पूर्ण हो जाने से क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़कर 586 हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंच जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। वहीं मनेंद्रगढ़ की स्थानीय जनता ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए विधायक तथा कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद कहा है कि नहर जीर्णोद्धार के कार्य से सिंचाई की क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्र के किसानों को बेहतर फसलों के लिए एक नई दिशा मिलेगी।

हाथियों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से शपथ पत्र में मांगा जवाब

 बिलासपुर  पानी भरे गड्‌ढे में गिरने के बाद कीचड़ में फंसकर हाथियों की मौत के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट सुनवाई हुई। शासन ने अपने प्रस्तुत जवाब में बताया कि प्रदेश के वन क्षेत्र में 20 हजार खुले गड्‌ढे और कुएं हैं। कोर्ट ने इनसे वन्य प्राणियों को बचाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी शपथपत्र में देने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने डिवीजन बेंच को बताया कि हाल ही में बलौदाबाजार जिले के बार नवापारा अभयारण्य के ग्राम हरदी में भी तीन हाथी और उनका शावक सूखे कुएं में गिर गए थे, जिन्हें जेसीबी के मदद से निकाला गया था। हाईकोर्ट ने पूछा कि ऐसे सूखे कुओं और गड्ढों की कवरिंग के लिए क्या कर रहे हैं? 15 दिसम्बर की सुनवाई में शासन को नए शपथपत्र में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। रायगढ़ वन क्षेत्र के पानी भरे गड्‌ढे में हाथी शावक की डूबकर मौत हो गई थी। हाईकोर्ट ने पिछले माह संज्ञान लेकर कहा कि सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए। इसके लिए निरीक्षण, निगरानी और त्वरित उपचारात्मक कदम उठाने होंगे। कोर्ट के नोटिस के बाद राज्य सरकार की ओर से पिछली सुनवाई में कहा गया था कि भविष्य में ऐसी किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई कि वन विभाग के पास ऐसे जल निकायों की व्यवस्थित निगरानी और जोखिम-मानचित्रण तंत्र का अभाव है। क्षेत्रीय कर्मचारी, विशेष रूप से बीट और रेंज स्तर पर, अक्सर अपर्याप्त संसाधनों के साथ ऐसी आपात स्थितियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में असमर्थ होते हैं। हाथियों के बच्चों की बार-बार होने वाली मौतें वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में एक दुखद कमी को उजागर करती है।

सरकारी दफ्तर बना पार्टी स्पॉट, प्रमोशन पर अधिकारी ने उड़ाई नियमों की धज्जियां

बालोद जिले में फिर एक बार नौकशाही का नमूना देखने मिला है। यहां एक नौकरशाह का ठाठ देखने मिला है, जहां साहब सिविल सेवा आचरण नियम को ताक पर रखकर मुर्गा पार्टी की दावत दे रहे हैं, वो भी कार्यालय प्रांगण में और कार्यालयीन समय पर। ये साहेब हैं बालोद जिले के मंडी सचिव संजीव वाहिले, जिन्होंने प्रमोशन मिलने पर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को मुर्गा पार्टी की दावत दे डाली। दरअसल बुधवार को जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित कृषि उपज मंडी के प्रांगण कार्यालय में मंडी के ही कर्मचारियों द्वारा भोजन बनाया जा रहा था और भोजन में मुर्गा की भी दावत रही। बताया गया है कि मंडी सचिव संजीव वाहिले ने सचिव बनने के उपलक्ष्य पर अपने कर्मचारियों को मुर्गा दावत की पार्टी दी थी। लेकिन बड़ी बात यह है कि मुर्गा पार्टी की दावत कार्यालय प्रांगण में रखी गई और मुर्गा सहित अन्य भोजन भी कार्यालय परिसर प्रांगण में ही बनाया गया, वो भी कार्यालयीन समय पर।   बता दें कि गुरेज इस बात का नहीं है कि मंडी सचिव ने प्रमोशन मिलने पर दावत दी। गुरेज इस बात से है कि कार्यालयीन समय पर कर्मचारियों से कार्यालय प्रांगण में ही मुर्गा सहित अन्य भोजन को बनवाया गया और फिर दावत उड़ाई गई। अगर उन्हें प्रमोशन मिलने पर पार्टी देनी ही थी, तो कार्यालयीन समय के पश्चात कही बाहर दे देते। उनका यह कृत्य सिविल सेवा आचरण अधिनियम का उल्लंघन दर्शाता है। मामले में जब मंडी सचिव संजीव वाहिले से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनका प्रमोशन हुआ है तो स्टाफ वाले बोले कि खाना खाएंगे, इसलिए पार्टी रखी गई थी।

कड़ाके की सर्दी की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में शीतलहर का असर

रायपुर प्रदेश में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है. अम्बिकापुर समेत उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर चल रही है. अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. इधर, राजधानी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस और माना में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है. मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 29.5 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 28.2 डिग्री, पेंड्रारोड में 26.8 डिग्री, अम्बिकापुर में 26.2 डिग्री, जगदलपुर में 30.7 डिग्री और दुर्ग में 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रायपुर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस, माना एयरपोर्ट में 12.6 डिग्री सेल्सियस, बिलासपुर में 12.6 डिग्री, पेंड्रारोड में 9 डिग्री, अम्बिकापुर में 7.6 डिग्री, जगदलपुर में 16.4 डिग्री, दुर्ग में 10.2 डिग्री और राजनांदगांव में 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? रायपुर में बुधवार को आकाश साफ रहने और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है.

शिक्षा गुणवत्ता पर फोकस: 22 अधिकारी स्कूलों में करेंगे निगरानी

रायपुर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार और बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट लाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन का कितना पालन जिलों और स्कूलों में हो रहा है, इसकी मॉनिटरिंग करने के लिए 22 राज्य स्तरीय अफसरों को जवाबदारी सौंपी गई है. ये अफसर आबंटित जिलों में जाकर अधिकारियों की न केवल बैठक लेंगे बल्कि स्कूलों का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से रूबरू होंगे. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के गत वर्ष के रिजल्ट को देखते हुए इस बार कार्ययोजना तैयार की गई है ताकि रिजल्ट में सुधार किया जा सके. हर माह यूनिट टेस्ट लिया जाएगा. इसके अलावा बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को ब्लू प्रिंट से अवगत कराया जा सकेगा. कमजोर बच्चों के लिए स्कूल के शिक्षकों को मेंटर नियुक्त करते हुए बच्चों का समूह बनाकर जिम्मेदारी दी जाएगी. शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई कार्ययोजना का फील्ड में क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग राज्य स्तर के अफसर करेंगे. लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इसके लिए संयुक्त संचालक से लेकर सहायक संचालक स्तर के 22 अफसरों को जिले आबंटित कर जवाबदारी सौंपी गई है. ये अफसर आबंटित जिलों में जाकर अधिकारियों की बैठक लेकर प्रोत्साहित करेंगे तथा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति से अवगत होंगे. संचालनालय ने कहा है कि सभी अफसर 20 नवंबर तक निरीक्षण प्रतिवेदन लोक शिक्षण संचालनालय में प्रस्तुत करेंगे. कार्ययोजना के अनुसार बच्चों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया गया है. छमाही परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन एक-दूसरे स्कूलों तथा वार्षिक परीक्षा का मूल्यांकन दूसरे विकासखंडों में कराया जाएगा. इसके अलावा बच्चों की हैंडराइटिंग, होमवर्क पर विशेष ध्यान देने कहा गया है. किस अधिकारी को कौन से जिले की जिम्मेदारी संयुक्त संचालक किशोर कुमार को जगदलपुर और बीजापुर, उप संचालक आशुतोष चावरे बालोद और गरियाबंद, राकेश पांडेय बलरामपुर व जशपुर, हेमन्त उपाध्याय सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, आर. एल. ठाकुर कवर्धा, दुर्ग, अशोक नाराण बंजारा बिलासपुर, रायगढ़, बनवारी देवांगन कोरिया, एमसीबी, आनंद सारस्वत कांकेर, राजेश सिंह सुकमा, नारायणपुर, डी.के. कौशिक दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, सहायक संचालक महेश नायक महासमुंद और रायपुर, हरिश्चंद्र दिलावर मुंगेली, अमरदास कुर्रे धमतरी, लवकुमार साहू बेमेतरा, आदित्य पाटनवार गौरेला-पेंड्रा मरवाही, रामजी पाल कोरबा, सतीश नायर, जांजगीर-चांपा, इंदिरा गांधी बलौदाबाजार, बजरंग प्रजापति केसीजी, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, ओमप्रकाश देवांगन कोण्डागांव, प्रकाशचंद्र मिश्र सूरजपुर और अखिलेश तिवारी को अंबिकापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

सुरक्षा और सम्मान साथ-साथ—महासमुंद में जरूरतमंदों को मिल रहा नियमित पेंशन लाभ

रायपुर, छत्तीसगढ़ सरकार की सामाजिक सुरक्षा पहलों ने महासमुंद जिले में बुजुर्गों, विधवाओं, निराश्रितों और दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता और जीवनयापन में सम्मान प्रदान किया जा रहा है। सितम्बर 2025 तक जिले में कुल 99,381 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया है। इनमें—इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना से 34,310,राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 9,997,राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना अंतर्गत 973 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 24,686,सुखद सहारा पेंशन योजना से 9,272 और मुख्यमंत्री पेंशन योजना अंतर्गत 20,143 पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।इन योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिली है, जिससे वे गरिमा के साथ जीवनयापन कर सकें। इसके अलावा, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत अब तक 54 जरूरतमंद परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह अल्पकालिक सहायता परिवारों को मुश्किल समय में राहत पहुंचाने में कारगर सिद्ध हुई है।जिले में निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण और आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन पहलों ने दिव्यांगजनों की गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को नई दिशा प्रदान की है। सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशील प्रशासनिक प्रयासों ने महासमुंद जिले में जरूरतमंदों के जीवन में राहत और आत्मसम्मान का माहौल बनाया है। सरकार की ये योजनाएँ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्तियों को सशक्त बनाकर खुशहाली की दिशा में सार्थक कदम सिद्ध हो रही हैं।