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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित अम्बिकापुर आगमन की तैयारियों का लेकर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली बैठक

रायपुर , भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का 20 नवबंर को अम्बिकापुर प्रवास प्रस्तावित है। जिसकी तैयारी को लेकर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज कार्यक्रम स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और कार्यक्रम  से जु़ड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रमुख सचिव बोरा ने सबसे पहले गांधी स्टेडियम पहुंचकर राष्ट्रपति के आगमन हेतु तैयार किए जा रहे हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, आगमन एवं निर्गमन मार्ग, हेलीपैड की मजबूती तथा आसपास की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात् उन्होंने पी.जी. कॉलेज मैदान पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम स्थल की तैयारियों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने पीजी कॉलेज मैदान में बनने वाले डोम पंडाल, बैठक व्यवस्था, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास द्वार, स्टॉल्स की साज-सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, बिजली व्यवस्था एवं सांस्कृतिक मंच का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और सौंदर्यपूर्ण ढंग से पूरी होनी चाहिए। बोरा ने पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाली संगोष्ठी कार्यक्रम की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित, समयबद्ध रहे। निरीक्षण के दौरान सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल सहित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

हवस की भेंट चढ़ी मासूम: चॉकलेट खिलाने के बहाने वारदात, पुलिस ने दादी-पोते को दबोचा

  सूरजपुर  प्रतापपुर थानाक्षेत्र में 5 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने नानी-पोते को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला? जानकारी के मुताबिक, घटना प्रतापपुर थानाक्षेत्र की है. मंगलवार को आरोपी पड़ोसी (उम्र 25 वर्ष लगभग) मासूब बच्ची को चॉकलेट खिलाने के बहाने अपने घर ले गया. अपने घर पर ही उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म की जघन्य वारदात को अंजाम दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस हैवानियत को अंजाम देने के बाद, आरोपी की नानी ने अपने पोते की गलती को छुपाने और साक्ष्य नष्ट करने में पूरी मदद की. मासूम की हालत गंभीर वारदात के बाद बच्ची की हालत बेहद गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल में भर्ती कराया. पुलिस ने पीड़ित बच्ची के परिजनों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी और उसकी नानी दोनों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों हैवानों को जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चालान पेश कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेंगे.

वंदे मातरम् की गूंज से गूंजेगा छत्तीसगढ़ – वर्षभर चलेगा राष्ट्रीय एकता और गौरव का महोत्सव

रायपुर, वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पूरे देश के लिए गर्व और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय अवसर है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के मार्गदर्शन में इस ऐतिहासिक पर्व को वर्षभर चलने वाले महाअभियान के रूप में मनाया जा रहा है। देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी यह आयोजन जनभागीदारी के साथ चार चरणों में ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक भव्य रूप में संपन्न किया जाएगा। पहला चरण 7 नवम्बर से होगा प्रारंभ वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया जाएगा। यह राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रातः 10 से 11 बजे तक दूरदर्शन पर प्रसारित होगा। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के पश्चात पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। गीत के बोल और धुन पोर्टल vandemataram150.in पर उपलब्ध हैं। चार चरणों में होगा वर्षभर आयोजन कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित होगा- प्रथम चरण 7 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026, तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ), और चतुर्थ चरण 1 से 7 नवम्बर 2026 तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों, जनपदों, ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों एवं सामाजिक संगठनों में राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलों में मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता राज्य के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।प्रत्येक जिले में स्थानीय कलाकारों, छात्रों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सके। विद्यालयों में विशेष गतिविधियाँ और रचनात्मक आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में “वंदे मातरम्” विषय पर विशेष सभाएँ, निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ होंगी। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड और स्कूल बैंड के माध्यम से वंदे मातरम से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। राज्य पुलिस बैंड भी सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम और देशभक्ति गीतों पर आधारित कार्यक्रमों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगेगा। ‘वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ’ एक अभिनव पहल राज्यभर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत “वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ” स्थापित किए जाएंगे। इनमें नागरिक अपनी आवाज़ में वंदे मातरम् गाकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर गीत की मूल धुन और बोल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह पहल लोगों को अपने तरीके से राष्ट्रप्रेम व्यक्त करने का अवसर देगी और आंदोलन को अधिक व्यक्तिगत और भावनात्मक बनाएगी। “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ केवल एक स्मरणीय अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, आत्मगौरव और मातृभूमि के प्रति समर्पण का जीवंत संदेश है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए उनमें देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय चेतना की भावना को और गहराई देगा। वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसकी गूंज हर नागरिक के हृदय में नई ऊर्जा और गर्व का संचार करेगी। – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रेत खदान की ई-नीलामी: 7 नवंबर को होगा बिड ओपनिंग

बालोद, खनिज रेत खदान की ई-नीलामी हेतु छत्तीसगढ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 के तहत् इलेक्ट्रॉनिक नीलामी (रिवर्स ऑक्सन) के माध्यम से जिले के 05 रेत खदान नेवारीकला-01, नेवारीकला-02, अरौद, देवीनवागांव एवं पोंड के उत्खननपट्टा आबंटन हेतु निविदा आमंत्रण सूचना जारी किया गया है।   जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि प्राप्त आवेदन की बिड ओपनिंग 07 नवंबर 2025 को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सुबह 10 बजे से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बोलीकर्ता द्वारा नीलामी हेतु ऑनलाईन प्रस्तुत आवेदन पश्चात् ईमेल आईडी में प्राप्त पावती एवं आधार कार्ड की प्रति के साथ निर्धारित तिथि एवं स्थान में उपस्थित होना अनिवार्य है। उक्त दस्तावेजों के अभाव में बोलीकर्ता को बिड ओपनिंग हेतु सभाकक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 520 लीटर ताड़ी के साथ दो गिरफ्तार, FSL जांच जारी

गरियाबंद जिले में देवभोग पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 520 लीटर अवैध ताड़ी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी शिवा कुम्भम (25 वर्ष) और उसके पिता यादईया कुम्भम (50 वर्ष) को आबकारी अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में कथित छिंद रस, जिसे ताड़ी कहा जाता है जब्त किया गया है। थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह ने बताया कि तेलंगाना के नालगुंडा जिले के निवासी पिता-पुत्र इस क्षेत्र में लगातार ठिकाना बदलकर अवैध ताड़ी का कारोबार कर रहे थे। शिवा कुम्भम पहले भी 25 लीटर ताड़ी के साथ पकड़ा जा चुका है। जमानत मिलने के बाद वह कालाहांडी सीमा के खुटगांव के गौठान के पास अवैध बिक्री में जुटा हुआ था। पुलिस ने आरोपी से कुल 27,400 रुपये मूल्य का ताड़ी और नगद जब्त किया। जाँच के लिए एफएसएल भेजी जाएगी जब्त ताड़ी देवभोग क्षेत्र में ताड़ी का रहस्य वर्षों से चर्चा का विषय रहा है। पिछले कई सालों से इस क्षेत्र में सक्रिय ताड़ी कारोबारी रोजाना डेढ़ से 2 हजार लीटर ताड़ी की खपत कराते थे। अब पुलिस ने उच्च अधिकारियों की अनुमति लेकर जब्त ताड़ी का एफएसएल (Forensic Science Laboratory) परीक्षण कराने की तैयारी शुरू कर दी है। फर्जी ताड़ी के सेवन से हो रही मौतें ! पूर्व कारोबारी सूत्रों के अनुसार, आंध्र और तेलंगाना में तैयार मीठी पावडर को बसों के माध्यम से देवभोग लाया जाता है। 1 किलो पावडर से लगभग 170 लीटर नकली ताड़ी तैयार होती है, जिसे 50 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाता है। इसमें नींद लाने वाली दवाओं (बेंजोडाइजिपम ग्रुप) का इस्तेमाल किया जाता है। औसतन 2,500 रुपये की लागत में 10,000 रुपये का ताड़ी उत्पाद तैयार होता है। सूत्रों ने बताया कि गांव में प्रभावशाली लोगों और आबकारी अधिकारियों को भी कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था। पिछले एक साल में देवभोग क्षेत्र में ताड़ी के सेवन से 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है। मृतक फैटी लिवर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे। बीएमओ प्रकाश साहू ने बताया कि मीठी पावडर में सेकरीन और कैल्शियम की अधिकता वाले तत्व पाए जाते हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर अरविंद तिवारी ने चेताया कि नियमित सेवन से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और फैटी लिवर और नेफ्रो जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कैसा बनाया जाता है असली छिंद रस ? जानकार बताते हैं कि असली छिंद रस छिंद और ताड़ पेड़ के तने को छेदकर प्राप्त किया जाता है। एक बड़े पेड़ से दिनभर में केवल 3 से 5 लीटर रस ही एकत्रित होता है। ताजा रस स्वास्थ्यवर्धक होता है और 3-5 घंटे के भीतर उसमें खमीर विकसित होकर प्राकृतिक मादकता लाता है। जबकि नकली ताड़ी में रासायनिक पावडर और दवाओं का प्रयोग तुरंत मादक बनाने के लिए किया जाता है। पिछले डेढ़ साल में की गई 16 बड़ी कार्रवाई पिछले डेढ़ साल में देवभोग थाना क्षेत्र में आबकारी विभाग और पुलिस ने मिलकर 16 बड़ी कार्रवाई की है। हालांकि पहले एफएसएल जांच कराने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण लंबित रही, लेकिन अब पुलिस ने जप्त रस का परीक्षण कराने की पहल शुरू कर दी है। थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अवैध पेय पदार्थ की बिक्री पर रोक और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। थाना प्रभारी फैजुल शाह ने कहा कि जो लोग सीमा-वर्ती इलाकों का फायदा उठाकर अवैध बिक्री में शामिल होने की कोशिश करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर आगे जप्त पेय पदार्थ की जांच और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूर्वी रीजनल नक्सल मोर्चे का पत्र आया सामने, ब्यूरो के तेवर फिर तीखे

जगदलपुर लगातार नक्सलियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के दौर के बीच, अब नक्सल संगठन के पूर्वी रीजनल ब्यूरो का नया बयान सामने आया है. यह ब्यूरो झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय बताया जाता है. ब्यूरो की ओर से जारी बयान में लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया गया है. बताया जा रहा है कि इस बयान के पीछे नक्सल नेता मिशिर बेसरा का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिसे इस रीजन का सबसे बड़ा नक्सली माना जाता है. बेसरा और उसके संगठन ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में लगातार हो रहे नक्सल आत्मसमर्पण की निंदा की है. बयान में कहा गया है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी “संगठन के गद्दार” हैं और राज्य सरकार की नीति में फंस गए हैं. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह बयान नक्सलियों की घटती ताकत और संगठनात्मक हताशा का संकेत है. बस्तर से लेकर सीमाई राज्यों तक नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की बढ़त ने अब संगठन की जमीनी पकड़ कमजोर कर दी है.

भर्ती घोटाला मामला: डबल बेंच का फैसला — 37 चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति पर अब कोई रोक नहीं

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2021-22 भर्ती घोटाले से जुड़ा मामला अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज करते हुए उन 37 चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिनके खिलाफ अब तक सीबीआई (CBI) ने कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्ति (ज्वाइनिंग) दी जाए। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच में हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। सिंगल बेंच ने पहले ही इन 37 अभ्यर्थियों के पक्ष में आदेश दिया था, जिसके अनुसार जिन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है या चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, उन्हें ज्वाइनिंग दी जानी चाहिए। मामला CGPSC द्वारा 2021-22 में आयोजित विभिन्न सरकारी पदों की परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़ा है। चयन प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी थी। जांच में कुछ उम्मीदवारों पर संदेह जताया गया और कुछ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, जबकि बाकी अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग पर रोक लगा दी गई थी। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे 37 अभ्यर्थियों, जिनमें अमित कुमार समेत अन्य चयनित उम्मीदवार शामिल हैं, ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने दलील दी थी कि केवल जांच के नाम पर बिना चार्जशीट के उनकी नियुक्ति रोकना अनुचित है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला देते हुए राज्य सरकार को ज्वाइनिंग देने का निर्देश दिया था। हालांकि, सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए डबल बेंच में अपील की। अब डबल बेंच ने भी सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखते हुए सरकार की याचिका खारिज कर दी है। डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि, “जब तक किसी अभ्यर्थी के खिलाफ आपराधिक चार्जशीट दाखिल नहीं होती, उसे नियुक्ति से वंचित रखना न्यायोचित नहीं है।” इस फैसले के बाद अब उन सभी 37 चयनित उम्मीदवारों के लिए राहत का रास्ता साफ हो गया है, जो लंबे समय से अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। इस निर्णय को न केवल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है, बल्कि यह प्रशासनिक पारदर्शिता और न्यायिक निष्पक्षता का उदाहरण भी पेश करता है। अब राज्य सरकार को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, उन सभी उम्मीदवारों को जल्द ज्वाइनिंग देने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जिनके खिलाफ सीबीआई ने अब तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं की है।

मुख्यधारा में वापसी: 17 लाख की इनामी नक्सली कमला सोरी ने छोड़ी नक्सल राह

खैरागढ़ छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आज पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रही 17 लाख रुपए की इनामी हार्डकोर महिला नक्सली कमला सोरी उर्फ उंगी उर्फ तरूणा (आयु 30 वर्ष) ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. कमला सोरी वर्ष 2011 से प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़ी रही. वह माड़ डिवीजन, बस्तर एमएमसी (मध्य प्रदेश–महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़) जोन की सक्रिय सदस्य थी और एमएमसी जोन प्रभारी रामदर की टीम की प्रमुख सदस्य के रूप में काम करती थी. इस दौरान उसने कई हिंसक वारदातों में भूमिका निभाई और पुलिस बलों पर हमले की योजनाओं में भी शामिल रही.  कमला सोरी मूल रूप से ग्राम अरलमपल्ली, थाना दोरनापाल, जिला सुकमा की निवासी है. वह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र (गोंदिया जिला) और मध्य प्रदेश की सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय रही. तीनों राज्यों की पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर कुल 17 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शासन की विकासोन्मुखी नीतियों, ग्रामीण अंचलों में तेजी से चल रहे निर्माण कार्यों, सड़क और संचार सुविधाओं के विस्तार तथा सिविक एक्शन कार्यक्रमों के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विश्वास का माहौल बन रहा है. सुरक्षा बलों द्वारा निरंतर संवाद और जनसंपर्क से नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी मुहिम से प्रभावित होकर कमला सोरी ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. आत्मसमर्पण के बाद कमला सोड़ी को छत्तीसगढ़ शासन की नीति के तहत ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि तत्काल प्रदान की गई. साथ ही पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह आत्मसमर्पण शासन की नीतियों और सुरक्षा बलों की निरंतर कोशिशों का नतीजा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि कमला सोरी का यह कदम उन अन्य नक्सलियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा जो अभी भी जंगलों में सक्रिय हैं.

विजय शर्मा का पलटवार: राहुल और तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा – SIR मतदाता सूची हो पारदर्शी

रायपुर/पटना बिहार विधानसभा चुनाव के मैदान में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला हैं. पटना की सभा में शर्मा ने कहा, “राहुल बाबा को SIR पर भरोसा रखना चाहिए. मतदाता सूची का शुद्धिकरण ही SIR है. गलती हुई तो सुधार भी हो रहा है.” राहुल के विदेशी दौरे पर तंज कसते हुए शर्मा ने कहा, “सेना के पराक्रम पर भरोसा रखो, विदेश जाकर भारत को बदनाम मत करो.” नक्सल मुद्दे पर सख्त संदेश दिया, “हिंसा छोड़ो, पुनर्वास मिलेगा. नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा.”  तेजस्वी यादव के 2 करोड़ नौकरी वादे पर हंसते हुए बोले, “लालू परिवार को सत्ता चाहिए, जनता को नौकरी नहीं. लोगों ने वादों का भरोसा छोड़ दिया है.” शर्मा ने एनडीए की लहर का दावा किया और कहा कि “बिहार में फिर कमल खिलेगा.”

ओडिशा उपचुनाव में गरजे सीएम विष्णुदेव: बोले, भाजपा लाएगी परिवर्तन की लहर

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पड़ोसी राज्य ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की धुआंधार चुनावी हुंकार भरने जा रहे हैं. संगठन के निर्देश पर सीएम साय, विधायक पुरंदर मिश्रा और सह-प्रभारी लता उसेंडी के साथ पंचमपुर में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. ओडिशा रवाना होने से पहले सीएम साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि “नुआपाड़ा में भाजपा की बहुमत वाली जीत पक्की है. हम विकास की गारंटी दे रहे हैं.” बता दें, नुआपाड़ा सीट दिवंगत बीजेडी नेता राजेंद्र ढोलकिया के निधन से खाली हुई है. 11 नवंबर को मतदान होने हैं और 14 को नतीजे सामने आएंगे. भाजपा ने इस उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की फौज उतारी है, जिसमें ओडिशा सीएम मोहन माझी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव समेत मुख्यमंत्री साय शामिल हैं. इसी बीच, एग्रीस्टेक पोर्टल में रिकॉर्ड पंजीयन के बावजूद कुछ किसानों के खेत का रकबा कम दिखने की शिकायतें सामने आईं. सीएम साय ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए-ई-केवाईसी में गड़बड़ी सुधारो, डुप्लीकेशन हटाओ. इस बार पिछले साल से एक लाख ज्यादा किसानों ने पंजीयन कराया. धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू, पारदर्शिता के लिए कमांड कंट्रोल सेंटर भी गठित. बिहार में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले सीएम साय ने पटना में हुंकार भरी. उन्होंने कहा कि एनडीए स्पष्ट बहुमत से सरकार बना रहा है. राजद-कांग्रेस ने तो पशुओं का चारा भी खा लिया, लेकिन बिहार की जनता पीएम मोदी पर भरोसा जता रही है.