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विकास की नई राह: बीजापुर के माओवाद प्रभावित गांवों में पहली बार लगा मेगा हेल्थ कैंप

989 ग्रामीणों को मिला उपचार का लाभ रायपुर, कभी माओवाद की छाया में सिमटे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के इन्द्रावती नदी पार बसे गांवों में अब विकास की नई सुबह दिखने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद अब इन दुर्गम इलाकों में प्रशासन ने पहली बार सात गांवों में एक साथ मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया, जिसने ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा दी। इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। टीम ने उसपरी, बेलनार, सतवा, कोसलनार, ताड़पोट, उतला और इतामपार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए। कुल 989 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कैंप में सामान्य जांच के 777, रक्तचाप 371, मुख कैंसर 344, ब्रेस्ट कैंसर 112, नेत्र जांच 199, दंत जांच 154, टीकाकरण 14, संपूर्ण टीकाकरण 8, मलेरिया 156, क्षय रोग 7 तथा उल्टी-दस्त के 24 प्रकरणों की जांच की गई। इनमें 54 वरिष्ठ नागरिक भी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने एक बालक को हृदय रोग से ग्रस्त पाया, जिसे ‘चिरायु योजना’ के तहत उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। कैंप के दौरान बीमार ग्रामीणों का मौके पर ही उपचार कर मुफ्त दवाइयों का वितरण किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू और डॉ. बी.एस. साहू ने बताया कि अब दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। ग्रामीणों में भी अब भय की जगह विश्वास और आशा का माहौल दिखाई दे रहा है। वे शासन-प्रशासन से जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के प्रति सजग हो रहे हैं। बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा “शासन के निर्देशानुसार प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरुनी क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आई है और प्रशासन की टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।”जिससे बीजापुर में अब सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे है। बीजापुर में यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि अब माओवाद नहीं, मुख्यधारा और विकास ही बीजापुर की नई पहचान बनेगा।

श्रद्धा और सौंदर्य का संगम – सिरौली मेला की गाथा

दक्षिणामुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी शताब्दी पुरानी कथा, कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ता जनसमूह एमसीबी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का सिरौली ग्राम हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और सौंदर्य का अद्भुत संगम बन जाता है। यहां स्थित दक्षिणामुखी संकट मोचन हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि एक ऐसा स्थान भी है जहां इतिहास, किवदंती और लोकविश्वास एक सूत्र में गुंथे हैं। तीन दिवसीय सिरौली मेला का आरंभ होते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण व्याप्त हो जाता है। जंगल की गोद से निकली आस्था की ज्योति इतिहासकार एवं जिला पर्यटन नोडल अधिकारी डॉ. विनोद पांडेय बताते हैं कि सिरौली मंदिर का उद्भव किसी स्थापत्य योजना से नहीं, बल्कि एक अनोखी दैवी प्रेरणा से हुआ। कहा जाता है कि लगभग सन 1924-25 से पूर्व यह इलाका घने जंगलों से घिरा था। स्थानीय गोवाहिकों को एक दिन जंगल के भीतर एक दिव्य प्रतिमा के दर्शन हुए। यह बात तत्कालीन कोरिया नरेश श्री रामानुज प्रताप सिंहदेव तक पहुंची। नरेश स्वयं अपने सेवकों के साथ इस रहस्यमयी स्थल पर आए। उन्होंने वृक्षों की सफाई कर प्रतिमा को खुदवाने का आदेश दिया, किंतु प्रतिमा का दाहिना पैर अनंत गहराई में धंसा हुआ था। रात में नरेश को स्वप्न में आदेश प्राप्त हुआ – “हनुमान जी की प्रतिमा को यहां पूजो, इसे कहीं और न ले जाओ।” इस दैवी संकेत के बाद विक्रम संवत 2016 (1924-25 ई.) में दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की स्थापना की गई। मंदिर के प्रथम महंत स्वर्गीय नीलकंठ शुक्ल महाराज रहे। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर मेले की परंपरा प्रारंभ हुई, जो आज तक निरंतर जारी है। मेले में उमड़ती श्रद्धा और उल्लास की लहर हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन सिरौली का यह पावन स्थल श्रद्धालुओं से भर उठता है। दूर-दराज़ के गांवों से लोग पैदल, वाहन या बैलगाड़ी से यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में हनुमान जी के दर्शन, पूजा-अर्चना और मन्नतें मांगने वालों की भीड़ उमड़ती है। स्थानीय श्रद्धालु परंपरा के अनुसार भंडारे का आयोजन करते हैं। मेला प्रांगण में झूले, खिलौनों की दुकानें, पूजा सामग्री, हस्तशिल्प, और खानपान के ठेले पूरे वातावरण को रंगीन बना देते हैं। बच्चों की हंसी और शंख-घंटियों की ध्वनि के बीच आस्था की यह महक सिरौली को एक जीवंत लोक उत्सव में बदल देती है। प्रकृति की गोद में बसा यह तीर्थ मंदिर से मात्र 50-60 मीटर दूरी पर हसदो नदी कलकल बहती है, जो स्थल को और अधिक पवित्र बनाती है। वहीं लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित उदलकछार जलप्रपात अपनी श्वेतधारा से पर्यटकों को मोह लेता है। श्रद्धा के साथ-साथ प्रकृति की यह सुषमा सिरौली को आध्यात्मिक और पर्यटन – दोनों दृष्टियों से विशिष्ट बनाती है। लोक परंपरा की जीवंत धरोहर सिरौली मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह हमारी लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और ऐतिहासिक चेतना का प्रतीक है। एक सदी से अधिक समय से यह मेला निरंतर लोगों को जोड़ता आया है – पीढ़ी दर पीढ़ी भक्ति और परंपरा की यह ज्योति आज भी समान तेज से प्रज्वलित है। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सिरौली की यह पवित्र भूमि आज भी यही संदेश देती है। “जहां आस्था है, वहीं संस्कृति जीवित है।”

जनशक्ति, संस्कृति और विकास का संगम: रजत जयंती राज्योत्सव का भव्य समापन

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने 2047 तक पूर्ण विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प दोहराया एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 का रजत जयंती समापन अद्भुत उत्साह, सांस्कृतिक भव्यता और जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। पूरे आयोजन स्थल में लोककला, परंपरा, विकास और गौरव का जीवंत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। इनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह, जनपद अध्यक्ष, नगर निकाय प्रमुख एवं जिले के अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। सभी अतिथियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन कर राज्य गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण के रूप में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को विशेष रूप से बढ़ाया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि— “रजत जयंती केवल उत्सव नहीं, यह छत्तीसगढ़ की विकास-गाथा और जनता के परिश्रम का उत्सव है। हमारा लक्ष्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को पूर्ण विकसित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है।” मंत्री श्री जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक तक पहुँचा रही है। उन्होंने जिले में शीघ्र ही स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की भी घोषणा की।                                 इससे पूर्व कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने रखी जिले की विकास गाथा, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने स्वागत भाषण में कहा कि एमसीबी जिला वर्ष 2022 में गठन के बाद से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, पर्यटन और आजीविका मिशन में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव आत्ममंथन का अवसर है कृ यह सोचने का समय है कि अगले 25 वर्षों में “नवा छत्तीसगढ़” को किस ऊँचाई तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव “जनसेवा, जनभागीदारी और जनविश्वास” का प्रतीक बन चुका है।      विभागीय प्रदर्शनी और योजनाओं का लाभ वितरण    राज्योत्सव स्थल पर लगाए गए 20 से अधिक विभागीय स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने। शासन की योजनाओं, नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभ भी वितरण किए गए। श्रमिक पंजीयन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मोटराइज्ड साइकिल, व्हीलचेयर, वनाधिकार पट्टा, स्वच्छता किट, आइस बॉक्स और मछली पकड़ने के जाल जैसी सुविधाएँ लाभार्थियों को प्रदान की गईं। विधायक रेणुका सिंह और मंत्री जायसवाल ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद भी किया।                     समारोह में भरतपुर-सोनहत विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह सहित जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की विकास यात्रा को जनशक्ति, मातृत्व शक्ति और युवाशक्ति की उपलब्धि बताया। सांस्कृतिक मंच पर पंथी, राउत नाचा, करमा नृत्य और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पाद और वनोपज आत्मनिर्भरता के संदेश का केंद्र बने। समापन के अवसर पर पूरे पंडाल में एक स्वर में उद्घोष गूँजा—“जय जोहार, जय छत्तीसगढ़, हमर गौरव हमर पहचान”।

उसे ढूंढ निकालो! — महादेव बेटिंग ऐप मामले में सुप्रीम कोर्ट का ईडी को कड़ा निर्देश

नई दिल्ली महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में फरार चल रहे सह-संस्थापक रवि उप्पल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे आरोपी कानून और जांच एजेंसियों के साथ खेल नहीं सकते। कोर्ट ने उप्पल की याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की, यह चौंकाने वाला मामला है, अदालत को अब कुछ करना ही होगा। उसे ढूंढ निकालो। दुबई से भी फरार हुआ आरोपी रवि उप्पल, जो लंबे समय से दुबई में रह रहा था, भारतीय एजेंसियों के प्रत्यर्पण प्रयासों के बीच वहां से भी फरार हो गया। अब उसकी मौजूदगी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच जस्टिस एम.एम. सुंद्रेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने ईडी को उसकी तलाश की जिम्मेदारी सौंपी है। अदालत ने कहा कि उप्पल की पहुंच काफी लंबी है, तभी वह लगातार जगह बदल रहा है। ईडी का पक्ष और कोर्ट की प्रतिक्रिया अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि रवि उप्पल को 2023 में दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन वह दुबई की जेल से भी फरार हो गया है। इस पर जस्टिस सुंद्रेश ने सख्त लहजे में कहा, वह हर बार भाग नहीं सकता। अंततः उसे इस प्रक्रिया का हिस्सा बनना ही पड़ेगा। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत के सवाल पर हम नरमी बरतने को तैयार हैं, लेकिन सही समय आने पर ही उस पर विचार किया जाएगा। महादेव ऐप घोटाला महादेव बेटिंग ऐप कथित रूप से एक ऑनलाइन सट्टेबाज़ी नेटवर्क है, जिसके जरिए देशभर में हजारों करोड़ रुपए के लेन-देन किए गए। ईडी का आरोप है कि ऐप के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और विदेशी निवेश नियमों का उल्लंघन किया गया। रवि उप्पल और उसका सहयोगी सौरभ चंद्राकर इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड बताए जाते हैं।

उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने देखा एयर शो

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आज नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित एरोबेटिक "सूर्यकिरण" की टीम ने रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन किया। देश के उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ हजारों लोगों ने अद्भूत और रोमांचक एयर शो का आनंद लिया। आज प्रदेशवासियों के लिए वायु सेना का एयर शो कमाल का अनुभव रहा। सेंध जलाशय के ऊपर वायु सेना के फाइटर प्लेन्स ने एक के बाद एक कई हवाई करतब दिखाए। आसमान में पंछियों के झुंड की तरह बिल्कुल क्रम से उड़ने वाले फाइटर प्लेन्स के माध्यम से वायु सेना के जाबांजों ने अपने नियंत्रण और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। विमानों के माध्यम से जब आकाश में तिरंगा लहराया तो सेंध जलाशय भारत माता की जय के नारे से गूंज उठा। एयर शो के दौरान "सूर्यकिरण" टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन श्री अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी। वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे। "सूर्यकिरण" टीम ने अनुशासन, परस्पर विश्वास, सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे। विंग कमांडर श्री ए.व्ही. सिंह के नेतृत्व में वन-एफ-9 और वन-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए। 'आदिदेव' नाम के इन हेलीकॉप्टरों से केवल 15 मीटर ऊंचाई पर स्थिर रहकर 14 गरूड़ कमांडोज रस्सी के सहारे नीचे उतरे। वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे। इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है। एयर शो में "सूर्यकिरण" की टीम के नौ हॉक-मार्क-123 फाइटर विमानों ने आसमान में हार्ट, डायमंड, लूप, ग्रोवर, डान लाइट, कॉम्बैट तेजस जैसे शानदार फार्मेशन बनाकर लोगों को रोमांचित किया। नीले आसमान में उड़ते लाल-सफेद जेट विमानों द्वारा तिरंगे की आकर्षक ट्रेल छोड़ने पर सेंध जलाशय परिसर तालियों और जय-हिंद के नारों से गूंज उठा। हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक, युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे। वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया। उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया। तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर 'वाई' की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए। टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं में देशप्रेम, साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी देता है। एयर शो में छत्तीसगढ़ के स्क्वाड्रन लीडर श्री गौरव पटेल का शामिल होना राज्यवासियों के लिए गर्व और भावनात्मक जुड़ाव का पल था। आसमान में अपने विमान को तेज गति से उड़ाते हुए श्री पटेल ने अपने कॉकपिट से 'जय जोहार' और 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' का जय घोष किया। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सुश्री कंवल संधू ने अपनी लाइव कमेंट्री के दौरान एयर शो के रोमांचक वर्णन के साथ ही पायलटों के अनुशासन, समर्पण, प्रशिक्षण और जोखिम प्रबंधन की बारीकियों की जानकारी दी। 'सूर्यकिरण' एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Surya Kiran Aerobatic Team) एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है। यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाती है। इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता, पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती है, जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते हैं। सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है। देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका मिशन है। सूर्यकिरण टीम की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी। तब से यह टीम एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम होने का गौरव रखती है और दुनिया की कुछ चुनिंदा शीर्ष एरोबैटिक टीमों में शामिल है। यह असाधारण टीम अब तक भारत भर में 700 से अधिक प्रदर्शन कर चुकी है। साथ ही चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय एयर शोज़ में भी किया है। टीम मंं कुल 13 पायलट, 3 इंजीनियरिंग अधिकारी, 1 उद्घोषक (कमेन्टेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना की उस भावना को दर्शाती है जो उत्कृष्टता, अनुशासन और टीमवर्क पर आधारित है। टीम के सभी पायलट अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं, जिसमें जटिल एरोबैटिक मूवमेंट्स का महीनों तक अभ्यास किया जाता है। उनका बेदाग़ तालमेल और नियंत्रण ही क्लोज़ फॉर्मेशन फ्लाइंग की नींव है जहाँ नौ विमान मानो एक ही आत्मा से संचालित प्रतीत होते हैं।

PCC अध्यक्ष बैज ने अस्पताल में घायलों से की मुलाकात, रेल हादसे पर जताया गहरा दुख

बिलासपुर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज आज बिलासपुर के रेलवे अस्पताल पहुंचे, जहां रेल हादसे के घायलों से मुलाकात कर हाल-चाल जाना. इलाज को लेकर डॉक्टरों से बातचीत की. साथ ही अफसरों से घटना के बारे में जानकारी ली. बैज ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, रेल हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. केंद्र और प्रदेश दोनों सरकार फेल है. अगर दोनों सरकारें ठीक से ध्यान देती तो ऐसा हादसा नहीं होता. रेल हादसे में हुई मौतों के लिए केंद्र व राज्य सरकार जिम्मेदार है. मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख देने की मांग दीपक बैज ने डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, हम राजनीति करने नहीं आए हैं. 11 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है. कोयला गाड़ी को प्राथमिकता दी जा रही है, यात्री ट्रेनों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. छत्तीसगढ़ से सबसे ज्यादा आय देने वाला रेलवे जोन है. एक जान की कीमत 10 लाख रुपए दिया जा रहा है. मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए दिया जाना चाहिए.

प्रदेश के गौरव को मिलेगा सम्मान, 41 हस्तियों को उपराष्ट्रपति करेंगे अलंकृत

रायपुर  नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव 2025 के अंतिम दिन राज्य अलंकरण समारोह होगा. इस साल 34 राज्य अलंकरण दिया जाएगा. संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में राज्य अलंकरण से सम्मानित होने वाले लोगों की लिस्ट भी जारी की है. अलग-अलग क्षेत्रों में इन्हें मिलेगा सम्मान इस वर्ष शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान हिरेश सिन्हा को आदिवासी चेतना के लिए प्रदान किया जाएगा, जबकि यति यतनलाल सम्मान भारतीय कुष्ठ निवारक संघ को अहिंसा और गौ रक्षा के लिए दिया जाएगा. खेल के क्षेत्र में, गुंडाधूर सम्मान ज्ञानेश्वरी यादव को मिला है. महिला एवं बाल विकास में महत्वपूर्ण कार्य के लिए, मिनीमाता सम्मान ललेश्वरी साहू को दिया जाएगा. गुरु घासीदास सम्मान भुवनदास जांगड़े और शशि गायकवाड़ को दिया जाएगा. ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित, डोम को सहकारिता के लिए प्रदान किया जाएगा. हबीब तनवीर सम्मान डॉ. कुंज बिहारी शर्मा को समकालीन रंगकर्म के लिए, महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान चांदनी साहू को खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन (तीरंदाजी) के लिए और पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान चित्तरंजन कर को हिंदी साहित्य, चक्रधर सम्मान पं. कीर्ति माघव लाल व्यास को शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के लिए, दाऊ मंदराजी सम्मान रिखी क्षत्रिय को लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के लिए, डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार थनेन्द्र कुमार साहू और वामन कुमार टिकरिहा को कृषि के लिए दिया जाएगा. वहीं महाराजा अग्रसेन सम्मान राजेंद्र अग्रवाल को सामाजिक समरसता के लिए दिया जाएगा. पत्रकारिता (प्रिंट मीडिया हिंदी) में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार डॉ. संदीप कुमार तिवारी को दिया जाएगा. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के लिए यह पुरस्कार डॉ. सोमेश कुमार पटेल और प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) के लिए अभिषेक शुक्ला को मिलेगा. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार भावना पांडेय को प्रिंट मीडिया (अंग्रेजी) के लिए दिया जाएगा. दानवीर भामाशाह सम्मान नीरज कुमार बाजपेयी को दानशीलता, सौहार्द और अनुकरणीय सहायता के लिए, धन्वंतरि सम्मान अजय कृष्ण कुलश्रेष्ठ को आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा और शोध एवं अनुसंधान के लिए, श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार सुखदेव दास को मछली पालन के लिए, डॉ. भंवरसिंह पोर्ट आदिवासी सेवा सम्मान जंगो रायतार विद्या केतुल शिक्षण संस्था को आदिवासियों की सेवा और आर्थिक उत्थान के लिए, रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार मिथलेश कुमार आदिल एवं अग्रसर टीम जिला दुर्ग और एनटीपीसी लिमि. लारा, सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, पुसौर को श्रम के लिए, पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान  योगेश कुमार साहू को अपराध अनुसंधान के लिए, छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान मनीष तिवारी को देश के बाहर अप्रवासी भारतीय द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधान, निकाय और आर्थिक के लिए, देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार रोहित कुमार कोसरिया को पंथी नृत्य के लिए दिया जाएगा. किशोरी मोहन त्रिपाठी पुरस्कार सुनील सोनी को, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान राकेश तिवारी को, लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. विनोद कुमार वर्मा को और किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण अनुराग बसु  को हिंदी/छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के लिए प्रदान किया जाएगा. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान खेम चंद, डॉ. सुरेश मणि त्रिपाठी, डॉ. भूपेंद्र करवन्दे, भरतलाल सोनी को दिया जाएगा। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रेमशीला बघेल को महिलाओं की वीरता, शौर्य, साहस और आत्मबल को सशक्त के लिए, माता बहादुर कलारिन सम्मान शिल्पा पांडेय सृष्टि को महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान के लिए, पं माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मक सम्मान अवधेश कुमार को रचनात्मक लेखन और हिंदी भाषा के लिए और संस्कृति भाषा डॉ. दादू भाई त्रिपाठी को संस्कृत भाषा के लिए दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

रायपुर, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल रमेन डेका एवं  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजभवन में आधुनिक असम के सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना एवं राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने श्री हजारिका के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

रेल दुर्घटना का दर्दनाक मंज़र: 11 की मौत, 20 गंभीर — पहचाने गए 5 मृतकों के नाम व फोटो जारी

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार को हुए भीषण रेल हादसे ने पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। लाल खदान स्टेशन के पास गाड़ी संख्या 68733 गेवरारोड-बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में अब तक 11 यात्रियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे में मृतकों की पहचान का सिलसिला जारी है और अब तक पांच यात्रियों के नाम और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें लोको पायलट, छात्रा और अन्य यात्री शामिल हैं। मृतकों के नाम और पहचान मृतकों में लोको पायलट विद्या सागर, प्रमिला वस्त्रकार, अंकित अग्रवाल, प्रिया चंद्रा और शीला यादव के नाम की पुष्टि हुई है। मृतका शीला यादव देवरी खुर्द के बहनिया मंदिर के पास रहने वाली थीं, जबकि प्रिया चंद्रा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) की बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा थीं। वह सक्ती जिले के बहेराडीह की निवासी थीं। इनकी मौत की खबर सुनते ही परिजनों में मातम छा गया है। हादसे में लोको पायलट विद्या सागर की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं सहायक लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के दौरान मालगाड़ी के ट्रेन मैनेजर शैलेश चंद्रा ने तेज गति से आती मेमू ट्रेन को देखकर गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। लगभग 10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन रेलवे और स्थानीय प्रशासन की टीम ने रेल हादसे के बाद लगभग 10 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया, जो बुधवार तड़के तक चला। मंगलवार देर रात तक हैवी क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बोगी को हटा लिया गया। रात 3 बजे तक शवों को बाहर निकालने का काम चला। जिसके बाद मुंबई-हावड़ा रेल लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया है। साथ ही अप, डाउन और मिडल लाइन को क्लियर कर दिया गया है। अब रेल यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है। घायल यात्रियों के नाम इस रेल हादसे में घायल हुए यात्रियों के नाम सामने आये हैं। इस सूची में 20 लोगों के नाम शामिल हैं।     मथुरा भास्कर, स्त्री, आयु 55 वर्ष     चौरा भास्कर, पुरुष, आयु 50 वर्ष     शत्रुघ्न, पुरुष, आयु 50 वर्ष     गीता देबनाथ, स्त्री, आयु 30 वर्ष     मेहनिश खान, स्त्री, आयु 19 वर्ष     संजू विश्वकर्मा, पुरुष, आयु 35 वर्ष     सोनी यादव, स्त्री, आयु 25 वर्ष     संतोष हंसराज, पुरुष, आयु 60 वर्ष     रश्मि राज, स्त्री, आयु 34     ऋषि यादव, आयु 2 वर्ष     तुलाराम अग्रवाल, पुरुष, आयु 60 वर्ष     अराधना निषाद, स्त्री, आयु 16 वर्ष     मोहन शर्मा, पुरुष, आयु 29 वर्ष     अंजूला सिंह, स्त्री, आयु 49 वर्ष     शांता देवी गौतम, स्त्री, आयु 64 वर्ष     प्रीतम कुमार, पुरुष, आयु 18 वर्ष     शैलेश चंद्र, पुरुष, आयु 49 वर्ष     अशोक कुमार दीक्षित, पुरुष, आयु 54 वर्ष     नीरज देवांगन, पुरुष, आयु 53 वर्ष     राजेंद्र मारुति बिसारे, पुरुष, आयु 60 वर्ष मुआवजे का ऐलान बिलासपुर रेल हादसा में प्रभावित लोगों को मुआवजे का ऐलान किया गया है। रेलवे ने मृतक के परिवार को 10 लाख और गंभीर घायलों को 5 लाख, सामान्य घायलों को एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। सीएम साय ने किया मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि इस हादसे में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। CRS स्तर पर होगी जांच बिलासपुर रेल हादसे की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety – CRS) स्तर पर कराई जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गटौरा और बिलासपुर के बीच सिग्नल या लाइन-स्विचिंग से जुड़ी तकनीकी त्रुटि के चलते हुई बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

रहस्यमयी कुटुमसर गुफा का आगाज — पर्यटन सीजन की धमाकेदार शुरुआत

बस्तर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित विश्व प्रसिद्ध कुटुमसर गुफा शनिवार से पर्यटकों के लिए खोल दी गई है. हर साल की तरह इस बार भी बारिश के मौसम में जलभराव और सुरक्षा कारणों से गुफा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था. अब मानसून समाप्त होने के बाद इसे फिर से पर्यटकों के लिए खोला गया है. शनिवार को खुलने के पहले ही दिन बड़ी संख्या में पर्यटक कुटुमसर गुफा का मनमोहक नजारा देखने पहुंचे. वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर वर्ष लाखों पर्यटक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के घने जंगलों के बीच स्थित इस अद्भुत गुफा को देखने आते हैं. इस साल भी पर्यटकों की भारी आमद की उम्मीद जताई जा रही है. कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित कुटुमसर गुफा अपने अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य, चूना पत्थर की संरचना और रहस्यमय वातावरण के लिए प्रसिद्ध है. यह गुफा छत्तीसगढ़ पर्यटन का एक प्रमुख आकर्षण मानी जाती है. सतीश चंद्रदास, महासमुंद जिला – “कुटुमसर गुफा का प्राकृतिक नज़ारा वाकई अद्भुत है, हर किसी को यहां आना चाहिए.” प्रेमीचंद साहू, रायपुर – “यह जगह बहुत खूबसूरत और अनोखी है, यहां आकर मन को शांति मिलती है.”