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अब पुलिसकर्मियों को बाल कटवाने या क्लीन शेव रखने की जरूरत नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया स्पष्ट

रायपुर  राज्य पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बाल जीरो कट रखने और क्लीन शेव अनिवार्य होने को लेकर फैल रही चर्चाओं पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने आरटीआई के माध्यम से बताया है कि इस संबंध में न तो कोई प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है और न ही प्रशासन शाखा या उप शाखा के किसी अभिलेख में ऐसा कोई उल्लेख मौजूद है। इसका अर्थ है कि पुलिसकर्मियों के लिए लंबे बाल या दाढ़ी रखना अनुशासनहीनता की श्रेणी में नहीं आता। यह जानकारी संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान द्वारा लगाए गए आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दीवान ने 13 अक्टूबर को आवेदन लगाया था, जिस पर 12 नवंबर को एआईजी अंशुमान सिसोदिया ने जवाब दिया। दीवान ने बताया कि वर्ष 1861 से पुलिस व्यवस्था पर अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का प्रभाव रहा है और कई पुराने, अप्रचलित नियम आज भी व्यवहार में लाए जा रहे हैं। दाढ़ी बढ़ाने पर किया जाता था दंडित उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मियों को केवल बाल जीरो कट न कराने या दाढ़ी बढ़ाने पर अनुशासनहीनता बताकर दंडित किया गया, जबकि संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में वास्तविक नियमों की जानकारी नहीं थी। दीवान का कहना है कि वर्तमान में कई स्थानों पर हर मंगलवार और शुक्रवार को बाल जीरो कट रखना अनिवार्य बताया जाता है, जिससे जवानों को अनावश्यक अपमान झेलना पड़ता है।  

डेप्युटी CM ने हिड़मा की मां से की लंच मुलाकात, नक्सलियों के नेता ने सरेंडर पर सोचा

सुकमा  माओवादियों के टॉप लीडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठन में खौफ दिख रहा है। नक्सली संगठनों ने एक बार फिर हथियारबंद युद्ध रोकने के लिए तीन राज्यों के सीएम को लेटर लिखा है। वहीं, दूसरी तरफ एक खूंखार नक्सली के सरेंडर की अटकलें लगाई जा रही है। हिड़मा की मौत के बाद उसका दोस्त माने जाने वाला नक्सली देवा बारसे सरेंडर कर सकता है। देवा के सरेंडर को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह सरेंडर के लिए बातचीत कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि बटालियन कमांडर देवा बारसे अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करना चाहता है लेकिन वह कन्फयूज्ड है कि किस राज्य में सरेंडर करे। पिछले दो तीन दिनों से नक्सली देवा के सरेंडर को लेकर खबरें आ रही हैं। हालांकि इसे लेकर अभी तक सुरक्षाबल के जवानों ने कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है। दावा किया गया है कि हिड़मा की मौत के बाद से देवा काफी परेशान है और वह आने वाले दिनों ने सरेंडर कर सुकमा लौटना चाहता है। सरेंडर को लेकर क्यों कन्फयूज्ड है देवा देवा और उनके साथी को लेकर यह कहा जा रहा है कि वह इस बात को लेकर कन्फयूज्ड हो गया है कि वह छत्तीसगढ़ में सरेंडर करे या फिर किसी दूसरे राज्य में। वह किस तरह से सरेंडर करे कि आत्मसमर्पण करने के बाद वह सुरक्षित रह सके और शासन की योजनाओं का लाभ भी ले सके। देवा की मां से मिले थे डेप्युटी सीएम डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने हाल ही में सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने हिड़मा और देवा के मां से मुलाकात की थी। दोनों की मां से अपील की थी कि नक्सली विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। जिसके बाद देवा और हिड़मा की मां ने अपील की थी कि बेटा जहां भी हो लौट आओ। जंगल में भटकने से कोई फायदा नहीं होगा। इस अपील के 8 दिन बाद ही हिड़मा का एनकाउंटर हो गया था। पूर्वती का रहने वाला है देवा खूंखार नक्सली देवा सुकमा जिले के पूवर्ती का ही रहने वाला है। उसे हिड़मा का खास माना जाता था। कहा जाता है कि हिड़मा से प्रभावित होकर ही वह नक्सली विचारधारा में शामिल हुआ था। लेकिन उसकी मौत के बाद वह टूट गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम रखा है। हिड़मा की तरह देवा भी AK-47 हमेशा अपने साथ रखता है। 

पीएम योजना से बैकुंठपुर की शीतल गुप्ता का घर हुआ रोशन, बिजली बिलों से मिली राहत

रायपुर केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना से कोरिया जिले के बैकुंठपुर निवासी  शीतल गुप्ता का घर रोशन हुआ है। वे इस योजना का लाभ लेकर अपने घर का ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा है।     पीएम सूर्यघर योजना के हितग्राही  गुप्ता बताते हैं कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। योजना के बारे में विस्तार से जानने के बाद वे निकटतम बिजली कार्यालय पहुँचे और वहां आवश्यक प्रक्रिया समझकर आवेदन किया।     उन्होंने अपने घर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ऋण भी सहज रूप से उपलब्ध हो गया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार से मिलने वाली 78 हजार रुपए की सब्सिडी उन्हें समय पर प्राप्त हो गई।      गुप्ता का कहना है कि इस योजना से जुड़कर उन्हें अब महंगे बिजली बिलों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, वे इसे एक ऐसा कदम मानते हैं जो न केवल परिवार पर आर्थिक बोझ कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से शीतल गुप्ता जैसे लाभार्थी अब स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा की ओर बढ़ते नए भारत के प्रतीक बनते जा रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब की सुविधा, छत्तीसगढ़ में नई पहल

रायपुर  प्रदेश के 13 हजार से अधिक माध्यमिक और हाई स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को आने वाले शैक्षणिक सत्र से ही लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए डिजिटल माध्यम, ऑडियो-वीडियो कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षण का लाभ पहले से कहीं अधिक सुगमता से मिलेगा। प्रदेश में फिलहाल 1,388 स्कूलों में कंप्यूटर लैब और 5,857 स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं। स्कूलों की संख्या को देखते हुए यह सुविधा अभी भी सीमित दायरे में थी। अब शिक्षा विभाग ने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के दायरे को बढ़ाकर हर जिले, हर विकासखंड और हर ब्लाक के स्कूलों तक पहुंचाने की योजना बनाई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों को स्कूलों की भौगोलिक स्थिति और छात्र संख्या के आधार पर प्राथमिकता तय करने के निर्देश भी भेज दिए गए हैं। दो मॉडल पर काम केंद्र प्रायोजित आइसीटी (इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलाजी) योजना के तहत दो मॉडल पर काम चल रहा है। पहला मॉडल आइसीटी लैब का है, जिसमें कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किए जाते हैं। यह लैब शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के उपयोग के लिए होती है। इसका उद्देश्य छात्रों को टेक्नोलाजी के माध्यम से पढ़ाई, ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य शिक्षण गतिविधियों से जोड़ना है। एआई आधारित लर्निंग, भाषा सुधारक टूल, वीडियो लेक्चर और वर्चुअल कान्सेप्ट क्लास जैसे साधनों का भी उपयोग किया जाएगा। योजना का दूसरा हिस्सा स्मार्ट क्लासरूम है। इसमें बड़ी स्क्रीन, प्रोजेक्टर, ऑडियो सिस्टम और डिजिटल माड्यूल के माध्यम से स्कूलों में पढ़ाई कराई जाएगी। एक-एक स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर एक से चार तक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे पढ़ाई अधिक रोचक होने के साथ-साथ कठिन विषयों को भी बच्चों को सरलता से समझाया जा सकेगा, जिससे सीखने की गति और परिणाम दोनों में सुधार आएगा। ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच कम होगा अंतर प्रदेश में वर्तमान में कुल 56,895 स्कूल हैं। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट क्लास प्रणाली से ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच शिक्षा के स्तर का अंतर कम होगा। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की वही सुविधाएं मिलेंगी जो बड़े शहरों में उपलब्ध हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जल्द ही शिक्षकों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि वे डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकें। इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा और हर जिले में मानिटरिंग सेल भी बनाई जाएगी।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात पूनापारा से लबनीपारा तक 5 किलोमीटर सड़क निर्माण को मिली मंजूरी ग्रामीण संपर्क मार्ग हेतु 5 करोड़ 41 लाख रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री के पहल से ग्राम पंचायत लुडेग के पूनापारा से लबनीपारा मुख्य बस्ती तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल इस कार्य के लिए  पाँच करोड़ इकतालीस लाख तेरह हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। वित्त विभाग ने इस पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।            जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लुड़ेग क्षेत्रवासियों को सौगात दी है।  ग्रामीणों को कई स्तरों पर मिलेगा लाभ        लुडेग क्षेत्र की यह सड़क लंबे समय से कच्ची होने के कारण ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई बाधाएँ पैदा करती थी। वर्षा ऋतु में रास्ता खराब होने से आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। कृषि उपज को बाजार या मंडी तक पहुँचाने में अतिरिक्त समय और श्रम लगता था, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। विद्यालय और महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाती थीं और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में भी विलंब होता था। सड़क निर्माण पूर्ण होने पर इन सभी समस्याओं का समाधान होगा तथा ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सुधार आएगा। क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जबकि सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल          ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता लगातार सामने आ रही है। राज्य सरकार द्वारा सुदूर अंचलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। लुडेग क्षेत्र के लिए स्वीकृत यह सड़क राज्य शासन की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास को दिए जा रहे महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। ग्रामीणों में उत्साह, मुख्यमंत्री के प्रति आभार-         पूनापारा, लबनीपारा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर खुशी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से उनके लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात

छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों रेल सुविधाओं के विस्तार, नए रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तथा प्रगतिरत परियोजनाओं की पूर्णता के संबंध में  विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने आग्रह किया कि   स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिल सकें। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी

छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी रायपुर समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण वितरण योजना के तहत जनपद पंचायत गौरेला के गांगपुर निवासी श्री हेमलाल भानु को उनके आवेदन पर तत्काल ट्रायसायकल और बैसाखी प्राप्त होने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हेमलाल ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि केवल ट्रायसायकल मिलेगा, लेकिन साथ में बैसाखी भी मिलने से वे बहुत खुश हैं।     उन्होंने कहा कि कई बार वे अन्य विभागों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जाते थे, पर उन्हें केवल आवेदन लेने की जानकारी ही मिलती थी और कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन 21 नवंबर 2025 को दिए गए आवेदन का समाज कल्याण विभाग ने तत्परता से जवाब देते हुए उन्हें तुरंत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए। हेमलाल ने समाज कल्याण विभाग और सरकार को इसके लिए धन्यवाद दिया।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकलांगजन सहायता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाया है। इस योजना से हेमलाल जैसे कई विकलांग जनों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, जो समाज में उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाने में सहायक है।

डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान

डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान बेचने में हो रही सुविधा रायपुर प्रदेश में धान खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है धान विक्रय होने के बाद त्वरित रूप से किसानों के खाते में भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसान काफी खुश हैं। बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र सेंदरी पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन को धान बेचने के बाद त्वरित रूप से 1 लाख 91 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने से लेकर भुगतान प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई। इस त्वरित व्यवस्था से वे काफी खुश है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का जीवन अब संवर रहा है।   5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण      बिल्हा विकासखंड के सेंदरी धान उपार्जन केंद्र पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान श्री धनीराम देवांगन ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष उन्होंने 140 क्विंटल धान बेचा। धान बेचने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान बेचने के बाद 5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। बोनस राशि का भुगतान भी कुछ समय बाद मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में लाई गई अनेक योजनों से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है, खेती करना अब लाभदायक बन चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की यह मदद छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। खेती किसानी के बहुत से खर्च इस राशि से पूरे हो जाते है।

छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।  इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव –    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। –    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन  –    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।          पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव –    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।   

राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज: सरकार ने 15 अधिकारियों की नई पोस्टिंग की

रायपुर  छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जी हां, सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के 16 अधिकारियों की तबादला किया गया है। सचिवालय सेवा के 16 अनुभाग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक अलग पदों पर पदस्थ किया गया है। इस सूची के अनुसार, जेल विभाग में पोस्टेड अनुभाग अधिकारी अभिलाषा दास को सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) में भेजा गया है। आइए देखते है पूरी सूची… अनुभाग अधिकारी का नाम : वर्तमान पदस्थापना : नवीन पदस्थापना अभिलाषा दास : जेल विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) मुकेश तांडी : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-3) : कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग अंजू शर्मा : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6) : ऊर्जा विभाग आशीष कुमार अग्रवाल : महिला एवं बाल विकास : आदिम जाति विकास विभाग शबीहा परवीन खान : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग : उच्च शिक्षा विभाग ज्याति पटेल : वित्त विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग स्नेहा यादव : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग : गृह विभाग मुकेश शाकार : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) : यथावत। सुनील गिरड़कर : ऊर्जा विभाग : वित्त विभाग सीमा साहू : आदिम जाति विकास विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (लेखा शाखा) महेन्द्र कुमार माण्डले : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राधेश्याम भोई : जनसंपर्क विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग प्रफुल्ल टोप्पो : विमानन विभाग : वित्त विभाग प्रवीण रिछारिया : जेल विभाग : वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार विजय लाल जाटवर : महिला एवं बाल विकास विभाग : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सतीश सिंह राजपूत : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग : सामान्य