samacharsecretary.com

लौह अयस्क माफिया पर शिकंजा, दंतेवाड़ा में अवैध खनन नेटवर्क बेनकाब

दंतेवाड़ा. पंडेवार में दो ट्रक और एक जेसीबी की जब्ती के बाद अब लौह अयस्क के बड़े खेल की परतें खुलने लगी हैं। पंडेवार से बैलाडीला तक कई जगह खुले में अयस्क के बड़े-बड़े ढेर मिले हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि पहाड़ियों से ट्रैक्टरों के जरिए अयस्क नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रकों से बाहर भेजने की तैयारी चल रही थी। कई जगह अस्थायी रास्ते भी बनाए गए हैं, जिससे साफ है कि यह काम लंबे समय से चल रहा था। जानकारों के मुताबिक एक ट्रक में 40 से 50 टन तक लौह अयस्क लोड होता है। एक खेप की कीमत डेढ़ से दो लाख रुपये तक बताई जा रही है। यानी यह सिर्फ छोटे स्तर की चोरी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का संकेत माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खुले में हो रहा इतना बड़ा भंडारण विभागीय निगरानी से कैसे बच गया। पहाड़ियों के नीचे दर्जनों ट्रक लम्प्स जमा होने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौका देखकर माल बाहर भेजने की तैयारी थी। डीएफओ ने जांच टीम भेजने और अवैध भंडारण मिलने पर जब्ती की बात कही है। अब नजर इस बात पर है कि कार्रवाई सिर्फ वाहनों तक सीमित रहती है या पूरे नेटवर्क तक पहुंचती है।

राजा लालबहादुर की प्रतिमा हटाकर बसाई कॉलोनी, चिल्ड्रन पार्क जमीन घोटाले का खुलासा

खैरागढ़. शहर में नजूल और मेंटेनेंस खसरा की जमीन पर कथित अवैध प्लाटिंग का मामला अब बड़े खुलासे में बदलता जा रहा है। सरकारी दस्तावेज, जांच प्रतिवेदन और पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि जिस जमीन पर कभी बच्चों का पार्क हुआ करता था, उसी जमीन को धीरे-धीरे टुकड़ों में बांटकर बेच दिया गया और वहां पूरी कॉलोनी और बड़े कॉम्प्लेक्स खड़े हो गए। मामला राजनांदगांव-कवर्धा मेन रोड पर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के सामने स्थित प्लॉट नंबर 114 और 115 का है। पुराने सरकारी रिकॉर्ड में प्लॉट नंबर 114 को “एडवर्ड चिल्ड्रन पार्क” और प्लॉट नंबर 115 को पार्क की बाड़ी के रूप में दर्ज बताया गया है। आजादी से पहले इस क्षेत्र को “अल्फ्रेड पार्क” कहा जाता था। स्वतंत्रता के बाद यह स्थान राजा लालबहादुर सिंह के नाम से पहचाना जाने लगा और वहां उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार बाद में राजा लालबहादुर सिंह की प्रतिमा को वहां से हटाकर डोंगरगढ़ स्थित “लाल निवास” में स्थापित कर दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे पूरी जमीन निजी हाथों में जाती चली गई और छोटे-छोटे हिस्सों में बिकने लगी। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि पहले यह जमीन राजा बहादुर वीरेंद्र बहादुर सिंह के नाम दर्ज थी। वर्ष 1974 में यह जमीन उनकी अवयस्क नातिन स्मृति देवी सिंह के नाम चढ़ गई। इसके बाद वर्षों तक जमीन के हिस्से अलग-अलग लोगों को बेचे जाते रहे। जांच प्रतिवेदन के अनुसार करीब एक लाख वर्गफीट से अधिक भूमि को लगभग 22 टुकड़ों में बांटा गया और 17 लोगों के नाम पर दर्ज कर दिया गया। बाद में इनमें से कई हिस्सों की दोबारा बिक्री भी हुई। नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से स्वीकृत नहीं सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में नजूल और मेंटेनेंस खसरा की भूमि बताया गया है, उसे आखिर निजी प्लॉटिंग में कैसे बदल दिया गया। जांच रिपोर्ट में साफ उल्लेख है कि जमीन का वैधानिक उपविभाजन नहीं कराया गया था और नगर एवं ग्राम निवेश विभाग से किसी प्रकार का ले-आउट भी स्वीकृत नहीं हुआ था। यानी कॉलोनी काटने की कानूनी अनुमति ही नहीं ली गई थी। इसके बावजूद जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण और निर्माण कार्य लगातार चलते रहे। जांच दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि करीब 85 हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन बिक चुकी है और वहां बड़े मकान, कॉम्प्लेक्स और अन्य निर्माण खड़े हो चुके हैं। कुछ हिस्सों में अब भी निर्माण कार्य जारी है। सार्वजनिक जमीन की अनुमति किसने दी? मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर अवैध प्लाटिंग की जानकारी पहले से मौजूद थी। जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि संबंधित विभागों को इस जमीन के संबंध में जानकारी दी गई थी, फिर भी पंजीयन और नामांतरण की प्रक्रिया नहीं रुकी। अब खैरागढ़ में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बच्चों के पार्क और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को निजी कॉलोनी में बदलने की अनुमति किसने दी? और जब जमीन मेंटेनेंस खसरा में दर्ज थी, तब वर्षों तक उसकी खरीदी-बिक्री और निर्माण कैसे चलता रहा? यह मामला अब सिर्फ जमीन विवाद नहीं रह गया है, बल्कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और संगठित भू-कारोबार की बड़ी जांच का विषय बन चुका है।

रेलवे सुरक्षा अलर्ट! जगदलपुर स्टेशन पर ‘शेरा’ संग ट्रेनों की सघन जांच

जगदलपुर. जगदलपुर रेलवे स्टेशन पर इस बार सिर्फ चेकिंग नहीं हुई, बल्कि सुरक्षा का ऐसा लाइव ट्रायल दिखा जिसने यात्रियों को भी चौकन्ना कर दिया। आरपीएफ ने स्टेशन और ट्रेनों में सघन एंटी-सैबोटॉज व नारकोटिक्स अभियान चलाया, जिसकी कमान निरीक्षक प्रवीण कुमार ने संभाली। ऑपरेशन का सबसे बड़ा चेहरा बना स्नीफर डॉग ‘शेरा’, जिसने स्टेशन के हर संवेदनशील हिस्से को सूंघकर खंगाला। ट्रेन नंबर 58502, 18107 और 18447 में डिब्बों के भीतर तक तलाशी ली गई। वेटिंग हॉल, पार्सल एरिया और सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध सामानों की जांच की गई। यात्रियों के बैग और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी गई। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि पहले भी ऐसे अभियानों में गांजा और अवैध सामान पकड़े जा चुके हैं। इसी वजह से स्टेशन को लगातार हाई अलर्ट मोड में रखा गया है। हालांकि, इस बार कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन अभियान ने असामाजिक तत्वों में डर जरूर पैदा किया। रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि अचानक होने वाले ऐसे ऑपरेशन आगे भी जारी रहेंगे। ‘शेरा’ जैसे प्रशिक्षित श्वान अब रेलवे सुरक्षा की मजबूत कड़ी बन चुके हैं। उद्देश्य साफ है… सफर सुरक्षित रहे और स्टेशन अपराधियों के लिए असुरक्षित बने।

योग जगत को बड़ा झटका, रूप नारायण सिन्हा का इलाज के दौरान निधन

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का निधन होने की खबर सामने आई है. छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था. उनके निधन की खबर लगते ही बीजेपी में शोक की लहर है. समर्थकों का रूपनारायण सिन्हा के घर पर जुटना शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि बीजेपी के प्रशिक्षण शिविर के दौरान उन्हें अचानक से हार्ट अटैक आया है. बिलासपुर सिम्स में कराया था भर्ती रूपनारायण सिन्हा बीजेपी के सीनियर नेता थे. वह तिफरा में चल रहे बीजेपी के 2 दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान कार्यक्रम में शामिल थे. इस प्रशिक्षण अभियान के प्रभारी की जिम्मेदारी रूपनारायण सिन्हा के पास ही थी. लेकिन अचानक उनकी तबियत खराब हुई, जिसके बाद बिलासपुर सिम्स में लाया गया. लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. जिससे भाजपा में शौक की लहर दौड़ गई. रूपनारायण सिन्हा बीजेपी संगठन में सीनियर नेता माने जाते थे. वह भाजपा के सक्रिए नेताओं में शामिल थे. 

स्कूलों में नया नियम लागू, 75% अटेंडेंस नहीं तो रिजल्ट पर असर

सुकमा. सुकमा में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर अमित कुमार ने जिले के स्कूलों की मैराथन समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि कमजोर प्रदर्शन अब बर्दाश्त नहीं होगा। बैठक में हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक और छात्रावास अधीक्षक शामिल हुए। हर स्कूल के परीक्षा परिणाम की वन-टू-वन समीक्षा की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया गया। वहीं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों को चेतावनी और सुधार के निर्देश दिए गए। अब बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। कम उपस्थिति वाले छात्रों को रेगुलर की जगह प्राइवेट या ओपन स्कूल से परीक्षा दिलाने की तैयारी है। कक्षा 9वीं और 11वीं के कमजोर छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं भी लगेंगी। छात्रावासों और आश्रमों में बायोमेट्रिक मशीनें लगाने का फैसला लिया गया है। छात्रों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होगी। हर महीने टेस्ट और समीक्षा बैठकें भी होंगी। कलेक्टर ने साफ कहा है कि अगले सत्र में खराब परिणाम पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।

CM विष्णुदेव साय की पहल, नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें। आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

शक के चलते सनसनीखेज वारदात, पत्नी ने पति पर किया जानलेवा हमला

 बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया. चकरभाठा थाना क्षेत्र में पत्नी ने अपने पति पर हंसिए से हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट दिया. गंभीर हालत में पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो इस खतरनाक वारदात में बदल गया।  शराब के नशे में घर लौटा था पति प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक राजेश कौशिक राजमिस्त्री का काम करता है, उसका अपनी पत्नी द्रौपती बाई के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था,पत्नी को शक था कि उसके पति का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है, जिसे लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे,बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात भी पति शराब के नशे में घर पहुंचा,खाना खाने के बाद वह सो गया,लेकिन देर रात करीब 1 बजे पति-पत्नी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया।  गुस्से में पत्नी ने किया हमला विवाद बढ़ने पर पत्नी द्रौपती बाई ने गुस्से में हंसिया उठा लिया और नशे में सोए पति पर हमला कर दिया, इस दौरान उसने पति का प्राइवेट पार्ट काट दिया,हमला होते ही राजेश खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर भागा और चीखने लगा,घटना देखकर घर में मौजूद नाबालिग बेटे ने अपनी बुआ को इसकी जानकारी दी,इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।  कटे अंग को लेकर पहुंचे अस्पताल परिजन घायल राजेश और उसके कटे हुए अंग को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया,डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।  घरेलू हिंसा से परेशान थी पत्नी पुलिस पूछताछ में आरोपी पत्नी ने बताया कि उसका पति शराब पीने का आदी था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करता था,लंबे समय से घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।  पुलिस कर रही मामले की जांच सिटी ASP पंकज पटेल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है,शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद और पति के अफेयर के शक को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है,पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 

सरकार ने बदली बकरीद अवकाश की तारीख, 28 मई को मिलेगी छुट्टी

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने ईद-उल-जुहा (बकरीद) के अवसर पर घोषित सार्वजनिक अवकाश की तारीख में संशोधन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पहले बकरीद के लिए 27 मई बुधवार को अवकाश घोषित किया गया था, जिसे बदलकर अब 28 मई गुरुवार कर दिया गया है। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विभाग की पूर्व अधिसूचना क्रमांक GENS-1001/86/2025-GAD-5 06 नवंबर 2025 में वर्ष 2026 के लिए घोषित सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाशों की सूची में बकरीद के लिए 27 मई का अवकाश निर्धारित था। अब राज्य शासन ने आंशिक संशोधन करते हुए 28 मई 2026 को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थान 28 मई को बंद रहेंगे।

बस्तर में फुटबॉल का महाकुंभ, देशभर की 35 टीमों ने बढ़ाई खेल की रौनक

जगदलपुर. जगदलपुर इन दिनों सिर्फ संस्कृति नहीं, खेल की ऊर्जा से भी सराबोर नजर आ रहा है। रामकृष्ण मिशन आश्रम और एआईएफए के संयुक्त आयोजन में स्वामी विवेकानंद अंडर-20 मेन्स नेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता चल रही है। देश के 35 राज्यों की टीमें इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं। 27 मई को फाइनल मुकाबला केरल और मिजोरम के बीच खेला जाएगा। मैच का सीधा प्रसारण एआईएफए के अधिकृत यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। लाइव प्रसारण की जिम्मेदारी जगदलपुर की स्थानीय टीम को सौंपी गई है। पूर्व नेशनल रेफरी विश्वजीत भट्टाचार्य और उनकी टीम तकनीकी जिम्मेदारी संभाल रही है। इस आयोजन ने पूरे बस्तर में खेल का नया माहौल बना दिया है। स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को करीब से देखने और सीखने का मौका मिल रहा है। रामकृष्ण मिशन की इस पहल की लोग सराहना कर रहे हैं। खेल मैदान हर दिन रोमांचक मुकाबलों का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय दर्शकों में भी फाइनल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन अब बस्तर की नई खेल पहचान बनता नजर आ रहा है।

दिल्ली में CM साय की बड़ी मुलाकात, BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष संग विकास योजनाओं पर मंथन

रायपुर. दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन से भेंट मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक विषयों और छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट पर मुलाकात के दौरान की तस्वीर भी साझा की है. सीएम साय के सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात  के दौरान प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने, गरीबों के कल्याण, किसानों के हित, युवाओं के रोजगार और मातृशक्ति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया. विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई – नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी से आत्मीय भेंट हुई। इस अवसर पर संगठनात्मक विषयों, छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देने तथा गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। – Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 26, 2026 छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी रहे हैं नितिन नवीन  बता दें कि साल 2021 से 2024 के बीच नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी रहे. पार्टी ने उन्हें साल 2024 में छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव प्रभारी बने. जुलाई 2024 से राष्ट्रीय अध्यक्ष के सफर तक उन्होंने छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी के रूप में संगठन के दायित्व को निभाया था.