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स्वस्थ नारी अभियान के तहत पेण्ड्रा में 203 महिलाओं-बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण

स्वस्थ नारी अभियान के तहत पेण्ड्रा में 203 महिलाओं-बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण ‘सशक्त परिवार’ की ओर कदम: पेण्ड्रा में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन में हुई 203 जांचें रायपुर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार‘ अभियान के अंतर्गत बहुद्देशीय हायर सेकेण्डरी स्कूल, पेण्ड्रा के सभा कक्ष में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर मती लीना कमलेश मण्डावी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। उन्होंने संबोधन में कहा कि जिले के 169 गांवों को आदि कर्मयोगी अभियान में शामिल किया गया है, जिसमें प्रत्येक गांवों से न्यूनतम 20 आदि सहयोगी वालिंटियर के रूप में चयन किया जाना था।  गौरतलब है कि इस अभियान का उद्देश्य 2030 में अपने गांवों को कैसा दिखना चाहिए, इसके लिए ट्रायबल विलेज विजन तैयार करना है, जिसमें गांवों की संस्कृति, ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व और समस्याओं के बारे में भी ट्रायबल विलेज विजन में उल्लेख कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों को आदि सेवा केंद्र के रूप में स्थापित की गई है, जिसमें शिकायत संबंधी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला को स्वस्थ रहना चाहिए, क्योंकि जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। महिला दोहरे कार्यों में शामिल होती हैं, और वे घर के कामों के अलावा अन्य गतिविधियों में भी अपना योगदान देती हैं। ऐसी सभी महिलओं को स्वस्थ रहने की जरूरत है। उन्होंने सभी महिलाओं को स्वस्थ रहने की सुखद कामना की और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, बाल विवाह और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के संबंध में शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा महिलाओं को एनीमिया, सिकल सेल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मानसिक स्वास्थ्य, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, माहवारी स्वच्छता एवं देखभाल की जानकारी दी गई। सम्मेलन में आदि कर्मयोगी महिलाओं को कर्मयोगी किट प्रदान किया गया। सम्मेलन में स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार शिविर में 203 महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया। इस सम्मेलन में 169 ग्रामों की आदि कर्मयोगी महिलाओं और महिला जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य मती बुंद कुंवर मास्को, मती राधा रैदास, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय का बयान – महतारी सदन होंगे राज्य की प्रगति के केंद्र

रायपुर : छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार  रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा और सांसद मती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक  अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की। कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री  अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर: पीएम सूर्यघर योजना से सपन मंडावी बने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर, बिजली बिल हुआ शून्य

रायपुर के सपन मंडावी की सफलता कहानी, सोलर पैनल से बने आत्मनिर्भर, अब बिजली बिल नहीं आता पीएम सूर्यघर योजना से बिजली बिल हुआ जीरो रायपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से मध्यम एवं गरीब वर्ग के परिवारों को महंगे बिजली के बिल से निजात दिलाया जा रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना  से ग्रीन एनर्जी मिशन को बढावा देकर पर्यावरण को संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना का लाभ आज जिले के दूरस्थ वनांचल तक भी पहुंच रही है। यह योजना अब जिले के सुदूर ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखंड के ग्राम शामपुर निवासी सपन राम मंडावी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर को न सिर्फ रोशन किया, बल्कि बिजली मामले में आत्मनिर्भर हो गया है।   बिजली बिल से मिली मुक्ति            सपन मंडावी ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी सबसे पहले अखबार के माध्यम से मिली। जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्थानीय बिजली विभाग से संपर्क किया और अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। इस पहल के बाद अब उनके घर की सभी बिजली की आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं और अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी हो रहा है। श्री मंडावी ने बताया कि पूर्व में हर महीने 400 से 500 रुपये तक बिजली बिल आता था, लेकिन अब उनका पूरा बिल शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, उनके द्वारा उत्पन्न अतिरिक्त ऊर्जा सीधे विद्युत ग्रिड में भेजी जा रही है, जिससे भविष्य में उन्हें अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा।           सपन ने इस योजना को शासन की अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे घरेलू बिजली उपभोक्ता न केवल ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो सकते हैं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकते हैं।  मंडावी को इस योजना के अंतर्गत कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये की सहायता शामिल है। इस मदद से सौर संयंत्र लगाने की कुल लागत में बहुत राहत मिली है। दूर दराज के क्षेत्र व ऐसे क्षेत्र जहां बिजली बहुत ज्;ादा आ रहा है, ऐसे लोगों को इस योजना का भरपूर फायदा मिल रहा है। शासन से मिल रहा है डबल अनुदान      इस योजना के तहत विभिन्न क्षमता वाले संयंत्रों के लिए सब्सिडी की राशि तय की गई है। 1 किलोवाट के संयंत्र, जिसकी लागत लगभग 65 हजार रुपये होती है, जिस पर केंद्र सरकार 30 हजार और राज्य सरकार 15 हजार रुपये की सब्सिडी देती है। इसी प्रकार 2 किलोवाट क्षमता वाले संयंत्र पर 60 हजार रुपये की सहायता एवं 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना पर केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार रुपये की अनुदान राशि मिलती है। इसके साथ ही किसानों और ग्रामीणों के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे और अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।            जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाने कई हितग्राही आगे आ रहे हैं और पंजीयन करा रहे हैं। इच्छुक उपभोक्ता इस योजना का लाभ विद्युत विभाग की मदद से या फिर वेब पोर्टल https://pmsuryaghar.gov.in और मोबाइल एप के माध्यम से पंजीकरण कर आसानी से उठा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ की तरक्की का आधार बनेंगे महतारी सदन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले को दी 83 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा, करेली बड़ी में कॉलेज, करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत  और जी. जामगांव में नवीन आईटीआई सहित कई घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धमतरी जिले के  कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने करेली बड़ी में मंच से राज्य के विभिन्न जिलों में नव निर्मित 51 महतारी सदनों का रिमोट से बटन दबाकर वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप तथा मनरेगा की समग्र जानकारी आधारित नागरिक सूचना पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसके अलावा ’लखपति दीदी/महतारी सदन’ और ’’माँ अभियान’’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद किया और उन्हें महतारी सदन तथा नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपने 19 महीने के संक्षिप्त कार्यकाल में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। अब समूह की महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्य महतारी सदन में कर पाएँगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्री रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। नई औद्योगिक नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ की बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के माध्यम से राशि निकालने से लेकर अन्य सेवा सुविधाए गांवों में सुलभ हुई हैं। कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा और सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने भी संबोधित किया। कुरूद विधायक श्री अजय चन्द्राकर ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणा की। साथ ही कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति दी। ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में नगर पंचायत कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार 30 करोड़ रुपये की लागत से करने, भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण हेतु 45 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, नगर पंचायत कुरूद को नगरपालिका परिषद का दर्जा प्रदान करने और कुरूद नगर पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये, नगर पंचायत भखारा के लिए डेढ़ करोड़ रुपये तथा खट्टी एनीकट मरम्मत हेतु 5 करोड़ रुपये की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भेण्डरी में गौरव पथ निर्माण की भी घोषणा की। कार्यक्रम में मुंगेली से उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित अन्य जिलों के सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से जुड़े। प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इससे पहले मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शित विकास कार्यों की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत में प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने महतारी सदन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और  बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण: शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, इससे अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है। इसी कड़ी में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत एकल शिक्षकीय स्कूल प्राथमिक शाला फुलवारी संकुल केन्द्र पदमपुर को दो अतिरिक्त शिक्षक मिल गए हैं, इससे विद्यार्थियों को शिक्षा की नई रोशनी मिली है।      प्राथमिक शाला फुलवारी की शिक्षिका मती चेतना साहू ने बताया कि पहले यहां कुल 95 बच्चों के लिए एक ही शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद तीन शिक्षक हो जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सार्थक कदम है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नवाचारों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। विद्यार्थियों के पालकों ने बताया कि पहले के मुकाबले बच्चे ज्यादा रूचि के साथ विद्यालय जा रहे हैं और पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो रही है। पालकों ने युक्तियुक्तरण योजना से स्कूलों में हुए शैक्षणिक बदलाव एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

मुख्यमंत्री साय ने 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर : धमतरी के कुरूद विधानसभा क्षेत्र को मिला विकास का महा-उपहार मुख्यमंत्री  साय ने 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात 74 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 244 करोड़ 43 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।  साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया। उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 74 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष  अरूण सार्वा, धमतरी नगर निगम के महापौर  रामू रोहरा पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक  अजय चन्द्राकर सहित सचिव मती निहारिका बारीक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री  साय ने 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात महिला सशक्तिकरण – नए भवनों का शिलान्यास   साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया। लगभग 2 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे। यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे। मुख्यमंत्री  साय ने 245 करोड़ 80 लाख रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात औद्योगिक विकास ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रूपए की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया। इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रूपए की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी। शिक्षा एवं कौशल विकास मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया।  साय ने 7 करोड़ 53 लाख रूपए से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया। ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे। सड़क और अधोसंरचना मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रूपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रूपए से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया। यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।  स्वास्थ्य सुविधाएँ मुख्यमंत्री  साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रूपए की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया। इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी। पेयजल एवं सिंचाई  साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रूपए की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया। जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी। उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रूपए से निर्मित योजना का लोकार्पण किया। और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रूपए से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया। इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। विज्ञान एवं पर्यटन मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया। इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा। सामाजिक विकास आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी। यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा। इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

पीएम-जनमन क्षेत्रों में विशेष शिविरों के माध्यम से हजारों जनजातीय हितग्राही हुए लाभान्वित

महिलाओं के लिए बड़ी पहल: रायपुर में दूरदराज अंचलों तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं रायपुर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत आज प्रदेशभर के प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय मिशन (PM JANMAN) क्षेत्रों में विशेष जनजातीय स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय समूहों (PVTGs) सहित हजारों लोगों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जो प्रदेश सरकार की जनजातीय स्वास्थ्य सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ राज्य में ‘‘स्वस्थ्य नारी, सशक्त परिवार‘‘ अभियान के आज के थीम के अनुरूप विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह) क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) के माध्यम से व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रदान की गई, जिसमें राज्य के 24 ज़िलों में कुल 85 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया गया। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में 51 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की सक्रिय भागीदारी से पिछड़ी जनजातीय समूह के 1,815 सहित कुल 7,825 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।  दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय समुदायों को ध्यान में रखते हुए इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समग्र स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान की गईं। सेवाओं के अंतर्गत सामान्य ओपीडी उपचार के अंतर्गत 2,118 लोगों का इलाज किया गया, वहीं 1,020 लोगों की हाईपरटेंशन (बीपी) जांच और 1108 लोगों की मधुमेह स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एनीमिया की जांच 878 महिलाओं में की गई, जबकि मातृत्व सेवाओं के तहत 260 महिलाओं की एएनसी/पीएनसी जांच की गई। साथ ही, 210 मलेरिया, 340 सिकल सेल, और 112 टीबी जांचें की गईं। कैंसर स्क्रीनिंग (मुख, स्तन व ग्रीवा) के माध्यम से 150 महिलाओं की जांच की गई। बच्चों को टीकाकरण सेवाएं भी दी गईं, जिससे 185 बच्चों को लाभ मिला, जबकि परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ 145 महिलाओं ने उठाया। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के तहत 80 लोगों को परामर्श दिया गया और आयुष एवं वेलनेस सेवाओं से 60 लोगों को लाभ मिला। इसके साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर भी विशेष रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिसमें किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता प्रबंधन, सैनिटरी नैपकिन के उपयोग, संक्रमण से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर, महिलाओं के स्वस्थ जीवन की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रहा है। स्वास्थ्य सेवा वितरण के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता और विश्वास का संचार भी इन शिविरों की एक विशेष उपलब्धि रही। शिविरों में आए हितग्राहियों को न केवल जांच और उपचार प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें पोषण, जीवनशैली में सुधार, नियमित जांच की महत्ता आदि विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। यह अभियान राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रह रहे समुदायों तक मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर चलाया गया यह कार्यक्रम सम्पूर्ण परिवार की सशक्तता और समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।

रायपुर: महतारी सदन योजना से होगा महिला-प्रधान विकास, छत्तीसगढ़ बनेगा उदाहरण – मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड के करेली बड़ी गांव से प्रदेश के 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान शुरू की गई महतारी सदन योजना को  साय ने प्रदेश की माताओं और बहनों की तरक्की के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों, के लिए गाँवों में ही केंद्र बनाने महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा सरकार ने की थी ताकि आप वहां एकत्रित होकर एक बड़ी सुविधापूर्ण जगह में मिल-जुलकर अपना काम कर सकें। आज यह बड़ा काम पूरा हुआ है। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, लोकसभा सांसद मती रूप कुमारी चौधरी, पूर्व मंत्री एवं कुरूद के विधायक  अजय चन्द्राकर सहित सचिव मती निहारिका बारिक और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण जन एवं गणमान्य नौगरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने आस्था महिला संकुल संगठन करेली बड़ी की महिला समूह सदस्यों को महतारी सदन का हस्तांतरण प्रमाण पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने परिसर मौल का पौधा भी रोपा।  51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण  मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने धमतरी के करेली बड़ी से 51 महतारी सदनों का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन योजना छत्तीसगढ़ को महिला-केंद्रित विकास का मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महतारी सदन केवल महिलाओं की तरक्की का आधार ही नहीं बनेगा, बल्कि यह पूरे प्रदेश की तरक्की का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महतारी सदन माताओं-बहनों की शक्ति, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया केंद्र होगा। महतारी सदन शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के द्वार खोलेंगे। उन्होंने कहा कि इन सदनों में महिला स्व-सहायता समूहों को जोड़कर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। माताएँ-बहनों के लिए महतारी सदन में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, कृषि-आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसे अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

कार्डियोलॉजी विभाग ने हृदय के 100% ब्लॉकेज पर दर्ज की जीत, एसीआई में मरीज की सफल एंजियोप्लास्टी

  रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) अब न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए भी जीवनदाता बनता जा रहा है। हाल ही में एसीआई के कार्डियोलॉजी विभाग में मध्यप्रदेश निवासी 60 वर्षीय मरीज के हृदय की 100% ब्लॉक हो चुकी चार नसों की सफल एंजियोप्लास्टी की गई। मरीज के परिजनों के अनुसार, मरीज लंबे समय से दवाओं के सहारे जीवन जी रहे थे। मध्यप्रदेश के कई बड़े अस्पतालों ने एंजियोप्लास्टी करने से मना कर दिया था। इस बीच उनके एक करीबी रिश्तेदार से पता चला कि एसीआई में कुछ वर्ष पूर्व एक मरीज के जटिल हृदय रोग का सफल उपचार किया गया है। इसी भरोसे के साथ वे रायपुर पहुँचे। स्वयं मरीज अपना अनुभव बताते हुए कहते हैं कि जब कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों ने कह दिया था कि उनके यहाँ इलाज संभव नहीं है तो एसीआई बड़ी उम्मीद लेकर आया था। डॉक्टर से हमने कह भी दिया था कि जितना भी रिस्क हो, आप इलाज़ की तैयारी कीजिये, मैं उसके लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हूँ। अंततः यहाँ के डॉक्टरों ने मुझे नया जीवनदान दिया।  कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित वास्तव के नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया में राइट फीमोरल एंजियोप्लास्टी के जरिए मरीज की ब्लॉक नसों को खोला गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डॉ. वास्तव ने बताया कि पाँच वर्ष पूर्व भी मध्यप्रदेश से आए एक मरीज की सफल लेजर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस बार भी कठोर ब्लॉकेज को देखते हुए लेजर की तैयारी की गई थी, किंतु सौभाग्य से सामान्य एंजियोप्लास्टी से ही सफल परिणाम मिल गये। डीन डॉ. विवेक चौधरी ने मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग को अतिशीघ्र एंजियोप्लास्टी करने के निर्देश दिये।

रायगढ़ में उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक – बचत भी, कमाई भी

रायपुर : प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी रायगढ़ में उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक – बचत भी, कमाई भी बिजली का बिल हुआ अतीत, सूरज की रोशनी बनी आत्मनिर्भरता का जरिया रायपुर सूरज की किरणें अब केवल जीवनदायिनी शक्ति ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक मजबूती का नया स्रोत भी बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बना दिया है। रायगढ़ जिले में यह योजना सैकड़ों परिवारों के जीवन को नई रोशनी दे रही है। अब तक जिले में 300 से अधिक घरों की छत पर सौर पैनल लगाए जा चुके हैं। इस योजना का लाभ उठाने वाले परिवारों के अनुभव ही इसकी असली सफलता की कहानी बयां कर रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से बदल रही जिंदगी लोहरसिंह गांव के ईश्वर प्रसाद नायक ने बताया कि 3 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने के बाद अप्रैल में 267 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 577 रुपए की छूट मिली। मई में उनका पूरा उपभोग सौर ऊर्जा से पूरा हुआ और बिल शून्य हो गया। रायगढ़ के प्रदीप मिश्रा और प्रदीप पटेल ने बताया गया कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक राहत के साथ मानसिक शांति और आत्मनिर्भरता का अहसास भी कराया। हीरापुर कोतरा रोड के राजेंद्र चौरसिया ने बताया कि जुलाई में उनके 3 किलोवॉट प्लांट से 507 यूनिट बिजली उत्पन्न हुई। उन्हें 4,178 रुपए की छूट मिली। वे अब अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर हर महीने हजारों रुपये की बचत कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उपभोक्ता न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं। विभागीय टीमें गांव-गांव जाकर नागरिकों को योजना का लाभ समझा रही हैं। यह योजना केवल सस्ती बिजली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उपभोक्ताओं को बचत और अतिरिक्त कमाई का अवसर देती है। परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करती है। पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देती है।   आकर्षक सब्सिडी और आसान प्रक्रिया विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 30 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 15 हजार रुपए सब्सिडी प्रदान करती है। 2 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 240 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 60 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। 3 किलोवाट प्लांट से प्रतिमाह लगभग 360 यूनिट बिजली उत्पादन होता है। इसमें केंद्र सरकार 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार 30 हजार रुपए सब्सिडी देती है। शेष राशि उपभोक्ता स्वयं वहन करेंगे, जिसे बैंक ऋण सुविधा के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। योजना का लाभ पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से दिया जा रहा है। उपभोक्ता चउेनतलंहींत.हवअ.पद पोर्टल, पीएम सूर्यघर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल वेबसाइट, मोर बिजली ऐप अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उपभोक्ता स्वयं ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से वेंडर का चयन कर सकते हैं।